पुरानी या नई व्यवस्था, कौन सी बेहतर?

Income Tax Calculator (New vs Old Regime)

Old और New Tax Regime — दोनों में आपका टैक्स कितना बनेगा, एक क्लिक में तुलना करें (FY 2026-27 / AY 2027-28)।

  • New बनाम Old regime
  • FY 2026-27 slab
  • Standard deduction
  • 87A rebate
  • HRA, 80C, 80D जोड़ें
  • Break-even कटौती
आशुग्या की सलाहदोनों कर-व्यवस्थाएँ आज़माकर देखें। आपकी कटौतियों के हिसाब से जो कम टैक्स दे, वही चुनें।
सेव करने के लिए लॉगिन करें

Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

What is not included: surcharge (applies above ₹50 lakh income), TDS already deducted, capital-gains tax and special-rate incomes. Slabs and limits are the ones announced for FY 2026-27; always verify with the Income Tax Department or a CA before filing.
क्या शामिल नहीं है: surcharge (₹50 लाख से ऊपर की आय पर), पहले से कटा TDS, capital gains tax और special-rate आय। Slabs और limits FY 2026-27 के हैं; ITR भरने से पहले Income Tax Department या CA से ज़रूर जाँच लें।
New Regime के Slabs (FY 2026-27)
New Regime के Slabs (FY 2026-27)
आयदर
₹4,00,000 तकशून्य
₹4–8 लाख5%
₹8–12 लाख10%
₹12–16 लाख15%
₹16–20 लाख20%
₹20–24 लाख25%
₹24 लाख से ऊपर30%

Standard deduction ₹75,000 (वेतनभोगी)। Rebate धारा 87A: कर-योग्य आय ≤ ₹12 लाख हो तो कोई टैक्स नहीं। + 4% cess।

Old Regime के Slabs (60 साल से कम उम्र)
Old Regime के Slabs (60 साल से कम उम्र)
आयदर
₹2,50,000 तकशून्य
₹2.5–5 लाख5%
₹5–10 लाख20%
₹10 लाख से ऊपर30%

Standard deduction ₹50,000। कर-योग्य आय ≤ ₹5 लाख हो तो धारा 87A का rebate ₹12,500 तक। वरिष्ठ नागरिक: छूट ₹3 लाख (60–79) / ₹5 लाख (80+)। + 4% cess।

कौन सा Regime चुनें?

New Regime में slab rates कम हैं लेकिन 80C, 80D, HRA, home-loan interest जैसी ज़्यादातर छूट नहीं मिलतीं। अगर आपकी कुल deductions काफ़ी बड़ी हैं (आम तौर पर ₹3.75–4 lakh से ऊपर) तो Old Regime सस्ता पड़ सकता है; वरना New Regime अक्सर बेहतर रहता है। ऊपर के calculator में अपने असली आँकड़े डालकर देखें।

Income-tax Act 2025 (1 April 2026 से लागू) में section नंबर बदले हैं (जैसे 80C → 123), पर यहाँ पहचान के लिए पुराने नाम इस्तेमाल किए गए हैं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

For each regime: taxable income = gross income − standard deduction (if salaried or a pensioner) − employer NPS; the old regime also subtracts 80C, 80D, NPS 80CCD(1B), home-loan interest, HRA exemption and other deductions, each capped at the limit set on the page where one applies. Tax is worked out slab by slab, the 87A rebate (with marginal relief in the new regime) is applied, and 4% health and education cess is added. Surcharge and capital-gains tax are not included.

हर regime के लिए: कर-योग्य आय = कुल आय − standard deduction (नौकरीपेशा या पेंशनर हों तो) − employer NPS; पुराने regime में 80C, 80D, NPS 80CCD(1B), होम-लोन ब्याज, HRA छूट और दूसरी कटौतियाँ भी घटती हैं, हर एक पेज पर तय सीमा तक (जहाँ सीमा लागू हो)। टैक्स slab-दर-slab निकलता है, 87A rebate लगता है (नए regime में marginal relief के साथ) और उस पर 4% health व education cess जुड़ता है। Surcharge और capital-gains टैक्स शामिल नहीं हैं।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: FY 2026-27

Estimate only, for learning — not advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • एक ही आमदनी पर दोनों regime का टैक्स आमने-सामने दिखता है, ताकि आप देख सकें कि कौन-सा कम पड़ रहा है। नतीजा हर व्यक्ति की कटौतियों पर निर्भर है।
  • New regime में दरें कम हैं पर HRA, 80C, 80D और होम-लोन ब्याज जैसी ज़्यादातर छूट नहीं मिलतीं। Old regime में ये छूट मिलती हैं, इसलिए कटौतियाँ बड़ी हों तो वह सस्ता पड़ सकता है।
  • पेज में FY 2026-27 के नियम हैं: New में standard deduction ₹75,000 और कर-योग्य आय ₹12 लाख तक कोई टैक्स नहीं (rebate); Old में standard deduction ₹50,000 और ₹5 लाख तक rebate। सब पर 4% cess।
  • Surcharge, capital gains, पहले से कटा TDS और विशेष दर वाली आय इसमें शामिल नहीं है। ITR भरने से पहले आधिकारिक स्रोत से जाँच ज़रूर करें।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज की शुरुआती संख्याएँ

वेतनभोगी, उम्र 60 से कम, सालाना आय ₹12,00,000। Old regime में 80C ₹1,50,000 और 80D ₹25,000।

New: कर-योग्य आय
₹11,25,000
New: कुल टैक्स
₹0
Old: कर-योग्य आय
₹9,75,000
Old: कुल टैक्स (cess सहित)
₹1,11,800
सस्ता विकल्प
New, सालाना ₹1,11,800 की बचत

इस आय पर New regime में rebate के कारण टैक्स शून्य है। Old में अच्छी-ख़ासी कटौती के बाद भी टैक्स देना पड़ा।

नीरज: ₹15 लाख की आय

वेतनभोगी नीरज की आय ₹15,00,000 है। Old में 80C ₹1,50,000 और 80D ₹25,000।

New: कर-योग्य आय
₹14,25,000
New: कुल टैक्स
₹97,500
Old: कर-योग्य आय
₹12,75,000
Old: कुल टैक्स
₹2,02,800
New से बचत
₹1,05,300

सिर्फ़ 80C और 80D से Old regime इस आय पर महँगा रहा। और बड़ी कटौतियाँ हों तो तस्वीर बदल सकती है, जैसा अगला उदाहरण दिखाता है।

रेखा: बड़ी कटौतियाँ, Old regime भारी

रेखा की आय ₹18,00,000 है। Old में 80C ₹1,50,000, 80D ₹50,000, NPS 80CCD(1B) ₹50,000, होम-लोन ब्याज ₹2,00,000 और HRA (बेसिक ₹7,20,000, मिला HRA ₹2,88,000, किराया ₹30,000/माह, metro)।

HRA की छूट
₹2,88,000
कुल कटौतियाँ (Old)
₹7,38,000
New: कुल टैक्स
₹1,50,800
Old: कर-योग्य आय
₹10,12,000
Old: कुल टैक्स
₹1,20,744
Old से बचत
₹30,056

जब कटौतियाँ बड़ी और असली हों तो Old regime सस्ता पड़ सकता है। इसी कारण पेज का break-even आँकड़ा देखना काम का है।

सिर्फ़ standard deduction के साथ टैक्स (वेतनभोगी, उम्र 60 से कम, कोई और कटौती नहीं, cess सहित)

सिर्फ़ standard deduction के साथ टैक्स (वेतनभोगी, उम्र 60 से कम, कोई और कटौती नहीं, cess सहित)
सालाना आयNew regimeOld regime
₹5,00,000₹0₹0
₹8,00,000₹0₹65,000
₹10,00,000₹0₹1,06,600
₹12,00,000₹0₹1,63,800
₹12,75,000₹0₹1,87,200
₹15,00,000₹97,500₹2,57,400
₹20,00,000₹1,92,400₹4,13,400
₹25,00,000₹3,19,800₹5,69,400
₹30,00,000₹4,75,800₹7,25,400

Surcharge शामिल नहीं है (₹50 लाख से ऊपर की आय पर लगता है), और ऊपर कोई कटौती नहीं मानी गई। Old regime की असली राशि आपकी कटौतियों से घटेगी।

New regime में ₹12 लाख के ऊपर marginal relief (कर-योग्य आय पर, cess सहित)

New regime में ₹12 लाख के ऊपर marginal relief (कर-योग्य आय पर, cess सहित)
कर-योग्य आयSlab से टैक्स (बिना relief)Relief के बाद कुल टैक्स
₹12,00,000₹60,000₹0
₹12,10,000₹61,500₹10,400
₹12,25,000₹63,750₹26,000
₹12,50,000₹67,500₹52,000
₹12,70,000₹70,500₹72,800
₹13,00,000₹75,000₹78,000

कर-योग्य आय ₹12 लाख से थोड़ी ऊपर जाए तो टैक्स उतना ही बढ़ता है जितनी आय ₹12 लाख से ऊपर है (उसके बाद cess), जब तक slab वाला टैक्स उससे कम न हो जाए। इसी को marginal relief कहते हैं।

त्वरित संदर्भ: FY 2026-27 (इस साइट के नियम)

त्वरित संदर्भ: FY 2026-27 (इस साइट के नियम)
New regime के slab₹4 लाख तक 0; 4-8 लाख 5%; 8-12 लाख 10%; 12-16 लाख 15%; 16-20 लाख 20%; 20-24 लाख 25%; 24 लाख से ऊपर 30%
New: standard deduction₹75,000 (वेतनभोगी या पेंशनर)
New: rebateकर-योग्य आय ₹12 लाख तक टैक्स शून्य; ऊपर marginal relief
Old regime के slab (60 से कम)₹2.5 लाख तक 0; 2.5-5 लाख 5%; 5-10 लाख 20%; 10 लाख से ऊपर 30%
Old: standard deduction और rebate₹50,000; कर-योग्य आय ₹5 लाख तक rebate ₹12,500 तक
Old: कटौतियों की सीमा (पेज पर)80C ₹1.5 लाख; 80D ₹1 लाख; NPS 80CCD(1B) ₹50,000; होम-लोन ब्याज ₹2 लाख
Cessटैक्स पर 4%
इस पेज में क्या नहींSurcharge, capital gains, विशेष दर वाली आय, कटा हुआ TDS, 80G/80E की गहरी जाँच।

Income Tax Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

हर साल मार्च के आसपास और नई नौकरी या appraisal के बाद एक ही सवाल घूमता है: "मेरे लिए New Tax Regime ठीक रहेगा या Old Regime?" यह Income Tax Calculator इसी एक सवाल का जवाब देता है। आप अपनी सालाना आय और कुछ कटौतियाँ (deductions) डालते हैं, और calculator दोनों regime में आपका अनुमानित टैक्स अलग-अलग निकालकर आमने-सामने रख देता है। साथ ही बताता है कि कौन-सा विकल्प सस्ता पड़ रहा है और साल में कितने रुपये का फ़र्क़ है।

पेज की सबसे काम की बात यह है कि वह सिर्फ़ "कुल टैक्स" नहीं दिखाता। वह यह भी बताता है कि Old regime तभी सस्ता पड़ेगा जब आपकी कुल कटौतियाँ कितनी हों। यानी आपको एक "break-even" आँकड़ा मिलता है, जिसे आप अपनी असली बचत और खर्चों से मिलाकर देख सकते हैं।

ध्यान दें: यह एक अनुमान है, ITR नहीं। असली टैक्स आपकी पूरी आय-स्थिति, TDS, surcharge और दूसरे नियमों पर निर्भर करता है। ITR भरने से पहले Income Tax Department के पोर्टल या किसी CA से जाँच ज़रूर करें।

किसके काम का है

  • वेतनभोगी कर्मचारी, जिनके सामने हर साल employer को regime बताने का फ़ॉर्म आता है और जो अंदाज़ा लगाना चाहते हैं कि investment proof जमा करना फ़ायदे का है या नहीं।
  • पेंशनर और वरिष्ठ नागरिक, क्योंकि पेज पर उम्र का विकल्प है और Old regime की छूट-सीमा उम्र के हिसाब से बदलती है।
  • किराये पर रहने वाले लोग, जो HRA की छूट लेते हैं और जानना चाहते हैं कि वह छूट Old regime को पलड़ा भारी बनाती है या नहीं।
  • होम-लोन वाले परिवार, जिनका ब्याज बड़ी कटौती बन सकता है।
  • नई नौकरी देखने वाले, जो अलग-अलग offer की तुलना कर रहे हैं और जानना चाहते हैं कि हाथ में कितना बचेगा। इसके लिए आप CTC Breakdown Calculator भी देख सकते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर ये खाने (fields) हैं। पहले चार सबके लिए हैं, बाक़ी सिर्फ़ Old regime पर असर डालते हैं।

  • सालाना कुल आय (₹): साल भर की gross आय। वेतनभोगी हों तो सैलरी स्लिप या Form 16 का gross आँकड़ा लें, यानी कटौतियों से पहले का। slider 3 लाख से 1 करोड़ तक चलता है और शुरुआती मान ₹12 लाख है।
  • उम्र: तीन विकल्प हैं: 60 साल से कम, 60 से 79 साल (वरिष्ठ नागरिक) और 80 या उससे ऊपर (अति वरिष्ठ नागरिक)। उम्र से Old regime के slab बदलते हैं।
  • वेतनभोगी / पेंशनर (standard deduction): यह स्विच चालू रखें अगर आपको सैलरी या पेंशन मिलती है। बंद करने पर standard deduction नहीं घटेगी, जैसे किसी freelancer के मामले में।
  • Employer का NPS योगदान: अगर कंपनी आपकी तरफ़ से NPS में पैसा डालती है तो उसे यहाँ भरें। इस calculator में यह रकम दोनों regime में कर-योग्य आय से घटाई जाती है।
  • Old regime: 80C: PPF, ELSS, EPF में आपका योगदान, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फ़ीस वग़ैरह का जोड़।
  • Old regime: 80D स्वास्थ्य बीमा: health insurance का प्रीमियम।
  • Old regime: NPS 80CCD(1B): आपका अपना अतिरिक्त NPS योगदान।
  • Old regime: होम-लोन ब्याज: साल भर में चुकाया ब्याज, जो बैंक के interest certificate में मिलता है।
  • HRA के तीन खाने: सालाना basic salary, साल में मिला HRA और हर महीने दिया गया किराया। साथ में एक स्विच है कि किराये का घर metro (दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई) में है या नहीं। पेज का सुझाव है कि ये तीनों तभी भरें जब आप किराया देते हों।
  • अन्य कटौतियाँ: 80E (शिक्षा-ऋण का ब्याज), 80G (दान) जैसी बाक़ी रकमें।

हर कटौती के ऊपर एक सीमा (cap) पेज के कोड में तय है और calculator उसी सीमा तक रकम गिनता है, भले ही आप ज़्यादा भर दें। ये सीमाएँ और slabs बजट या अधिसूचना से बदल सकते हैं, इसलिए इस पेज पर जो आँकड़े दिखते हैं उन्हें "इस calculator में माने गए" आँकड़े समझिए और असली नियम Income Tax Department के पोर्टल पर देखिए।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर एक headline बॉक्स आता है: "आपके लिए सस्ता विकल्प"। उसमें या तो New Regime लिखा होगा या Old Regime, और नीचे "सालाना ... की बचत"। अगर दोनों का फ़र्क़ ₹1 से भी कम है तो "दोनों बराबर हैं" दिखता है।

उसके नीचे की पंक्तियाँ:

  • New / Old Regime की कर-योग्य आय: कटौतियों के बाद वह रकम जिस पर slab लगते हैं।
  • दोनों का कुल टैक्स (cess सहित): असली तुलना यही दो आँकड़े हैं। जो सस्ता है वह हरे रंग में दिखता है।
  • प्रभावी दर (effective rate): कुल टैक्स को कुल आय से भाग देकर निकला प्रतिशत। यह slab दर से हमेशा कम होती है और बताती है कि आपकी पूरी आय पर औसतन कितना टैक्स लगा।
  • टैक्स के बाद अनुमानित मासिक आय: सस्ते regime में साल का टैक्स घटाकर बारह से भाग दिया हुआ आँकड़ा। बजट बनाते समय यह उपयोगी है।
  • HRA छूट का उपयोग: Old regime में HRA की कितनी छूट गिनी गई। अगर आपने HRA नहीं भरा तो "कोई नहीं" दिखता है।
  • Old regime तभी सस्ता पड़ता है जब आपकी कटौतियाँ इससे ज़्यादा हों: यानी break-even। अगर Old regime पहले से ही ₹0 कटौती पर सस्ता है तो पेज यही लिखता है।

इसके नीचे एक आमने-सामने की तालिका आती है जिसमें कुल आय, standard deduction, अन्य कटौतियाँ, कर-योग्य आय, rebate के बाद टैक्स, cess और कुल टैक्स एक-एक करके दोनों कॉलम में दिखते हैं। एक bar chart दोनों कुल टैक्स की तुलना करता है, और नीचे New regime के slab-वार हिस्से बताने वाली छोटी तालिका भी है कि कितनी आय पर कौन-सी दर लगी।

पढ़ने का आसान तरीका: पहले headline देखिए, फिर break-even। अगर आपकी असली कटौतियाँ break-even से काफ़ी कम हैं तो New regime लगभग तय है। अगर बहुत पास हैं तो एक-एक कटौती घटा-बढ़ाकर देखिए।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • पहले सारे खाने भरिए, फिर एक-एक घटाइए। देखिए कि कौन-सी कटौती हटाने पर नतीजा पलटता है। इससे समझ आता है कि कौन-सा खर्च आपके regime-चुनाव को सचमुच प्रभावित करता है।
  • break-even को असली आँकड़े से मिलाइए। अगर पेज कहता है कि Old regime के लिए ₹4.2 लाख की कटौतियाँ चाहिए और आपके पास ₹2.5 लाख हैं, तो बाक़ी ₹1.7 लाख जुटाने के लिए सिर्फ़ टैक्स बचाने की ख़ातिर निवेश करना ठीक नहीं।
  • आय बढ़ने का असर देखिए। appraisal के बाद gross आय बदलकर दोबारा चलाइए। कई बार छोटी आय पर New regime का rebate सब टैक्स खा जाता है, पर आय बढ़ने पर तस्वीर बदलती है।
  • उम्र का विकल्प बदलकर माता-पिता के लिए देखिए। अगर आप परिवार के किसी वरिष्ठ सदस्य की तरफ़ से सोच रहे हैं तो उम्र वाला विकल्प बदलें।
  • साल की शुरुआत में चलाइए, मार्च में नहीं। अप्रैल-मई में अंदाज़ा लगा लेंगे तो investment बिना हड़बड़ी के हो सकता है।
  • होम-लोन की स्थिति के लिए Home Loan Tax Benefit Calculator से अलग से देखें कि ब्याज और मूलधन की छूट कैसे बनती है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "पूरी आय पर ऊँची दर लगेगी" मान लेना। Slab सिर्फ़ ऊपरी हिस्से पर लगते हैं। आय ₹12 लाख से ₹12.1 लाख होने पर टैक्स कई गुना नहीं बढ़ता।
  • Take-home और gross में उलझना। यहाँ "कुल आय" सैलरी स्लिप की कटौतियों से पहले की gross राशि है, हाथ में आई रकम नहीं।
  • कटौती पर सीमा भूल जाना। अगर आपने 80C में ₹3 लाख भरे तो भी calculator सीमा तक ही गिनेगा, ताकि नतीजा झूठा न बने।
  • Employer के NPS को सिर्फ़ Old regime की चीज़ समझना। इस calculator में यह दोनों regime में घटता है।
  • HRA के सिर्फ़ दो खाने भरना। तीनों खाने भरे बिना HRA की छूट शून्य गिनी जाती है।
  • Regime एक बार चुन लेने को अंतिम मानना। वेतनभोगी लोग आम तौर पर हर साल अपनी स्थिति देखकर चुनाव करते हैं, पर अपनी स्थिति के लिए आधिकारिक नियम पोर्टल पर पढ़ें।
  • सिर्फ़ टैक्स देखकर फ़ैसला लेना। PPF या बीमा जैसे निवेश का मक़सद सिर्फ़ टैक्स बचाना नहीं होना चाहिए। लॉक-इन, रिटर्न और ज़रूरत भी देखिए।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

दोनों regime के लिए तरीक़ा लगभग एक जैसा है:

  1. कुल आय से standard deduction घटती है (अगर आपने वेतनभोगी का स्विच चालू रखा है)। दोनों regime में राशि अलग है, जो पेज की तालिका के नोट में लिखी है।
  2. Employer का NPS घटता है।
  3. सिर्फ़ Old regime में 80C, 80D, NPS 80CCD(1B), होम-लोन ब्याज, HRA की छूट और अन्य कटौतियाँ भी घटती हैं, हर एक अपनी सीमा तक।
  4. जो कर-योग्य आय बची, उस पर slab-दर-slab टैक्स लगता है। पहला हिस्सा शून्य दर पर, अगला 5% पर, इसी तरह आगे। यानी ऊँची दर सिर्फ़ उस ऊपरी हिस्से पर लगती है, पूरी आय पर नहीं।
  5. फिर धारा 87A का rebate लगता है। New regime में इस calculator में marginal relief भी लगाया गया है: अगर आपकी कर-योग्य आय rebate-सीमा से थोड़ी ऊपर है तो टैक्स उतना ही रहता है जितनी आय सीमा से ज़्यादा है, उससे ज़्यादा नहीं। Old regime में rebate एक तय अधिकतम रकम तक टैक्स घटाता है, और वह कर-योग्य आय की एक सीमा तक ही मिलता है।
  6. अंत में 4% health and education cess जुड़ता है।

HRA की छूट तीन रकमों में से सबसे छोटी मानी जाती है: (क) साल में असल में मिला HRA, (ख) साल भर का किराया घटा basic salary का एक तय हिस्सा, (ग) basic salary का एक प्रतिशत, जो metro में ज़्यादा और non-metro में कम होता है। तीनों खाने भरे हों तभी यह गिनी जाती है।

Break-even कैसे निकलता है: calculator 0 से कुल आय के बीच बार-बार बीच का मान आज़माता है (60 बार) और ढूँढता है कि कटौतियाँ कितनी हों तो Old regime का टैक्स New के बराबर हो जाए।

इस implementation में ये चीज़ें शामिल नहीं हैं: surcharge, पहले से कटा TDS, capital gains और special-rate आय। ₹50 लाख से ऊपर की आय डालते ही पेज चेतावनी दिखाता है कि surcharge लगेगा और गणना में नहीं है।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए रश्मि पुणे की एक IT कंपनी में काम करती हैं, उनकी सालाना gross आय ₹15,00,000 है। उन्होंने 80C में ₹1,50,000, health insurance में ₹25,000 और अपने NPS में ₹50,000 डाले हैं। होम-लोन या किराया कुछ नहीं। नीचे के आँकड़े इस पेज पर दिखने वाले slab और standard deduction (New में ₹75,000, Old में ₹50,000) पर आधारित हैं।

New Regime

  • कर-योग्य आय: 15,00,000 − 75,000 = ₹14,25,000
  • ₹4 से 8 लाख पर 5%: ₹20,000
  • ₹8 से 12 लाख पर 10%: ₹40,000
  • ₹12 से 14.25 लाख (₹2,25,000) पर 15%: ₹33,750
  • कुल: ₹93,750, उस पर 4% cess ₹3,750, यानी ₹97,500

Old Regime

  • कुल कटौतियाँ: 1,50,000 + 25,000 + 50,000 = ₹2,25,000
  • कर-योग्य आय: 15,00,000 − 50,000 − 2,25,000 = ₹12,25,000
  • ₹2.5 से 5 लाख पर 5%: ₹12,500
  • ₹5 से 10 लाख पर 20%: ₹1,00,000
  • ₹10 से 12.25 लाख (₹2,25,000) पर 30%: ₹67,500
  • कुल: ₹1,80,000, cess ₹7,200, यानी ₹1,87,200

इन मान्यताओं में New regime लगभग ₹89,700 सस्ता निकला। अब मान लीजिए रश्मि किराये पर मुंबई में रहती हैं, basic ₹6,00,000, HRA ₹2,40,000 और किराया ₹20,000 महीना। तब HRA की तीनों रकमें होंगी ₹2,40,000, (2,40,000 − 60,000) = ₹1,80,000 और ₹3,00,000 (basic का आधा, metro मानकर)। सबसे छोटी ₹1,80,000 है, तो इतनी अतिरिक्त छूट Old regime में जुड़ेगी और कर-योग्य आय घटकर ₹10,45,000 रह जाएगी। फिर भी इस उदाहरण में फ़र्क़ देखने लायक़ रहता है, और यही calculator से बार-बार आज़माने की बात है।

उदाहरण में सारे आँकड़े काल्पनिक हैं और पेज पर माने गए slab से निकले हैं। आपकी स्थिति अलग होगी।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • Surcharge शामिल नहीं है, इसलिए ₹50 लाख से ऊपर की आय पर नतीजा कम दिखेगा।
  • Capital gains (शेयर, म्यूचुअल फ़ंड, प्रॉपर्टी बेचने का लाभ) और special-rate आय शामिल नहीं हैं। उसके लिए Capital Gains Tax Calculator देखें।
  • पहले से कटा TDS या भरा advance tax घटाकर "अब कितना देना बाक़ी" नहीं बताता।
  • कारोबारी आय, कई स्रोतों की आय, घर की संपत्ति से आय और ब्याज की आय के अलग नियम नहीं जोड़ता।
  • Slabs, standard deduction, rebate और कटौतियों की सीमाएँ सरकार बदल सकती है। कोड में जो मान हैं वे पेज पर बताए गए वर्ष के हैं और समीक्षा की तारीख़ तक के हैं। हमेशा आधिकारिक स्रोत से मिलाइए।
  • नतीजे अनुमान हैं और आपकी वास्तविक देनदारी से अलग हो सकते हैं। पेज पर दिखे आँकड़े गोल किए हुए भी हो सकते हैं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • HRA Exemption Calculator - HRA की छूट अलग से समझने के लिए
  • Tax Saver Planner - कौन-से निवेश टैक्स-बचत में आते हैं, इसका ख़ाका बनाने के लिए
  • Advance Tax Calculator - अगर आपको किस्तों में टैक्स भरना पड़ता है
  • Late ITR Penalty Calculator - ITR देर से भरने की स्थिति समझने के लिए
  • Salary Calculator - सैलरी से हाथ में आने वाली रकम देखने के लिए
  • ITR Checklist - रिटर्न भरने से पहले दस्तावेज़ों की सूची

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, कर-संबंधी या निवेश सलाह नहीं। अपने मामले में फ़ैसला लेने से पहले आधिकारिक स्रोत देखें या योग्य CA से मिलें।

6 काम की बातें याद रखें

1
असली आँकड़े ही डालें

अपनी payslip या Form 16 देखकर कुल आय और कटौतियाँ भरें। अंदाज़े से किया तुलना भटका सकता है।

2
कटौती के लिए निवेश न बिगाड़ें

सिर्फ़ टैक्स बचाने के लिए ऐसा निवेश न करें जो आपकी ज़रूरत या जोखिम से मेल नहीं खाता। पहले ज़रूरत, फिर टैक्स।

3
Break-even वाली पंक्ति देखें

पेज बताता है कि Old regime तभी सस्ता पड़ेगा जब आपकी कटौतियाँ एक तय रकम से ज़्यादा हों। अपनी असली कटौतियों से उसकी तुलना करें।

4
HRA वाले तीन खाने भरना न भूलें

किराया देते हों तो basic, मिला HRA और मासिक किराया तीनों भरें, तभी Old में HRA की छूट जुड़ेगी।

5
Employer का NPS दोनों में काम आता है

पेज में employer NPS योगदान दोनों regime में घटाया गया है। अपनी payroll से यह रकम पक्की करें।

6
नियोक्ता को regime बताने की समय-सीमा देखें

नियोक्ता TDS के लिए आपका चुना regime पूछ सकता है। ITR में बाद में बदलाव की शर्तें आधिकारिक पोर्टल पर देखें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

FY 2026-27 में New regime में section 87A rebate के बाद ₹12 लाख तक की taxable income पर tax शून्य है (salaried के लिए ₹75,000 standard deduction के साथ लगभग ₹12.75 लाख तक)।

अगर आपकी कुल deductions (80C, 80D, HRA, home loan ब्याज आदि) काफ़ी ज़्यादा हैं तो Old regime सस्ता पड़ सकता है; वरना New regime आम तौर पर बेहतर रहता है। Calculator दोनों साथ दिखाता है।

नहीं। marginal relief के कारण टैक्स उतना ही बढ़ता है जितनी आय ₹12 लाख से ऊपर है, जब तक slab वाला टैक्स उससे कम न हो जाए। ऊपर की तालिका में उदाहरण देखें।

क्योंकि वेतनभोगी को ₹75,000 की standard deduction मिलती है, इसलिए कर-योग्य आय ₹11.25 लाख बनती है, जो rebate की सीमा ₹12 लाख के अंदर है।

वह कुल आय जो सभी कटौतियों से पहले हो, जैसे वेतन, किराया, ब्याज वगैरह का जोड़। सिर्फ़ वेतन नहीं, पूरी आय डालें।

तब standard deduction नहीं घटेगी। यह कारोबारी या बिना वेतन-पेंशन की आय वाले लोगों के लिए है।

Old regime में बुनियादी छूट की सीमा बढ़ती है: 60-79 साल के लिए ₹3 लाख और 80+ के लिए ₹5 लाख। New regime के slab उम्र से नहीं बदलते।

पेज पर सीमा ₹1.5 लाख रखी गई है। PPF, ELSS, EPF, जीवन बीमा की किस्त जैसे योग्य निवेश इसमें गिने जाते हैं। पात्रता खुद जाँचें।

नहीं। ₹50 लाख से ऊपर की आय पर surcharge लगता है और पेज इसकी चेतावनी देता है, पर रकम नहीं जोड़ता।

नहीं। उसके लिए Capital Gains Tax Calculator इस्तेमाल करें, क्योंकि उसकी दरें और नियम अलग होते हैं।

पेज कुल टैक्स बताता है, TDS घटाकर बाक़ी देनदारी या रिफंड नहीं। ITR भरते समय TDS को टैक्स में से घटाया जाता है।

हाँ, कुल आय में जोड़ें। पर इन पर विशेष नियम हो सकते हैं, जो यहाँ अलग से नहीं मॉडल किए गए हैं।

पेज के हिसाब से standard deduction और employer NPS योगदान। HRA, 80C, 80D और होम-लोन ब्याज की छूट इसमें नहीं है।

पेज के अनुसार सिर्फ़ धाराओं के नंबर और नाम बदले हैं, पहचान के लिए पुराने नाम चलाए गए हैं। यहाँ की गणना इस साइट के FY 2026-27 नियमों पर है।

नहीं। यह एक अनुमान है। ITR भरने के लिए आयकर विभाग के पोर्टल का उपयोग करें, और ज़रूरत हो तो CA की मदद लें।

नहीं। कुल सालाना आय का जोड़ आपको खुद डालना है, फिर पेज उस पर टैक्स निकालता है।

आपके काम के और कैलकुलेटर

सभी कैलकुलेटर देखें
श्रेणी के अनुसार सभी कैलकुलेटर

घर और प्रॉपर्टी

बीमा और सुरक्षा

अब आगे क्या करें?

कुछ Suggest करना है? 💡

शुक्रिया! आपका feedback मिल गया। 🙏

Display Settings
थीम चुनो
Font Size
Aa