Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice. नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।
SIP (Systematic Investment Plan) एक तरीका है जिसमें आप हर महीने एक तय रकम म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। SIP से आप:
Rupee Cost Averaging का फायदा उठाते हैं — बाज़ार चढ़े या गिरे, आप लगातार निवेश करते रहते हैं
चक्रवृद्धि ब्याज की ताक़त से अपने पैसे को तेज़ी से बढ़ाते हैं
छोटी रकम से शुरू कर सकते हैं — सिर्फ ₹500 प्रति माह
SIP फ़ॉर्मूला
FV = P × {[(1 + r)^n - 1] / r} × (1 + r)
FV = भविष्य की वैल्यू
P = मासिक SIP रकम
r = मासिक रिटर्न दर (सालाना दर / 12)
n = कुल महीनों की संख्या
For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।
How this is calculated / यह कैसे निकाला गया
Future value = P × [((1+i)^n − 1) ÷ i] × (1+i), where P is the monthly SIP, i = annual rate ÷ 12 ÷ 100 and n = years × 12 months; every instalment is assumed to be invested at the start of the month. Amount invested = P × n and gains = future value − amount invested. The chart and the year-wise table apply the same formula for each year. The return rate is your own assumption and is not guaranteed.
भविष्य का मूल्य = P × [((1+i)^n − 1) ÷ i] × (1+i), जहाँ P मासिक SIP है, i = सालाना दर ÷ 12 ÷ 100 और n = साल × 12 महीने; हर किस्त महीने की शुरुआत में लगी मानी गई है। निवेश की गई रकम = P × n और लाभ = भविष्य का मूल्य − निवेश की गई रकम। चार्ट और साल-दर-साल टेबल में यही फ़ॉर्मूला हर साल के लिए लगाया गया है। रिटर्न की दर आपका अपना अनुमान है, इसकी कोई गारंटी नहीं।
Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026
Estimate only, for learning — not advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
SIP में आप हर महीने एक तय रकम लगाते हैं। यहाँ डाली गई सालाना दर का अनुमान लगाकर देखा जाता है कि अंत में कुल कितनी वैल्यू बन सकती है।
नतीजे में तीन चीज़ें दिखती हैं: कुल निवेश (आपकी जेब से गई रकम), लाभ और भविष्य की वैल्यू। लाभ का बड़ा हिस्सा आख़िरी सालों में बनता है।
अवधि बढ़ाने का असर अक्सर रकम बढ़ाने से ज़्यादा दिखता है, क्योंकि कंपाउंडिंग को समय चाहिए।
दर एक उदाहरण है, गारंटी नहीं। म्यूचुअल फंड का असली रिटर्न बाज़ार के साथ ऊपर-नीचे होता रहता है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।
उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात
नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।
नेहा: पेज की शुरुआती संख्याएँ
नेहा हर महीने ₹5,000 की SIP 15 साल के लिए सोचती है। (उदाहरण दर: 12% सालाना)
मासिक निवेश
₹5,000
अनुमानित सालाना रिटर्न
12%
निवेश अवधि
15 साल
कुल निवेश
₹9,00,000
लाभ
₹16,22,880
भविष्य की वैल्यू
₹25,22,880
नेहा की जेब से 9 लाख गए, पर इस उदाहरण में कुल रकम इससे लगभग पौने तीन गुना बनी। यह सिर्फ़ मानी हुई दर का नतीजा है, पक्का रिटर्न नहीं।
राजू: छोटी रकम, लंबा समय
राजू ₹2,000 महीना 20 साल तक लगाता है। (उदाहरण दर: 10% सालाना)
मासिक निवेश
₹2,000
कुल निवेश
₹4,80,000
लाभ
₹10,51,394
भविष्य की वैल्यू
₹15,31,394
इस उदाहरण में लाभ, लगाई गई रकम के दोगुने से भी ज़्यादा बना। छोटी SIP भी लंबे समय में मायने रखती है।
सिमरन: 5 साल की देरी की क़ीमत
सिमरन ₹10,000 महीना लगाती है। एक योजना 25 साल की है, दूसरी 20 साल की। (उदाहरण दर: 12% सालाना)
25 साल पर कुल निवेश
₹30,00,000
25 साल पर वैल्यू
₹1,89,76,351
20 साल पर कुल निवेश
₹24,00,000
20 साल पर वैल्यू
₹99,91,479
5 साल की देरी का फ़र्क
लगभग ₹89,84,872
सिर्फ़ ₹6 लाख ज़्यादा लगाने पर वैल्यू लगभग दोगुनी हो गई। यह दिखाता है कि जल्दी शुरू करना क्यों मायने रखता है, बशर्ते दर मानी हुई जैसी ही रहे।
₹5,000 महीना, 12% सालाना (उदाहरण): अवधि के साथ वैल्यू
₹5,000 महीना, 12% सालाना (उदाहरण): अवधि के साथ वैल्यू
अवधि
कुल निवेश
लाभ
भविष्य की वैल्यू
5 साल
₹3,00,000
₹1,12,432
₹4,12,432
10 साल
₹6,00,000
₹5,61,695
₹11,61,695
15 साल
₹9,00,000
₹16,22,880
₹25,22,880
20 साल
₹12,00,000
₹37,95,740
₹49,95,740
25 साल
₹15,00,000
₹79,88,175
₹94,88,175
30 साल
₹18,00,000
₹1,58,49,569
₹1,76,49,569
गणना हर महीने की शुरुआत में किस्त मानकर होती है। असली फंड में खर्च, टैक्स और बाज़ार का उतार-चढ़ाव शामिल नहीं हैं।
अलग-अलग मासिक रकम, 15 साल, 12% सालाना (उदाहरण)
अलग-अलग मासिक रकम, 15 साल, 12% सालाना (उदाहरण)
मासिक SIP
कुल निवेश
भविष्य की वैल्यू
₹500
₹90,000
₹2,52,288
₹1,000
₹1,80,000
₹5,04,576
₹2,000
₹3,60,000
₹10,09,152
₹5,000
₹9,00,000
₹25,22,880
₹10,000
₹18,00,000
₹50,45,760
₹25,000
₹45,00,000
₹1,26,14,400
दर और अवधि वही रहें तो रकम दोगुनी करने पर वैल्यू भी दोगुनी होती है।
त्वरित संदर्भ: SIP का हिसाब
त्वरित संदर्भ: SIP का हिसाब
फ़ॉर्मूला
FV = P × [((1 + r)^n − 1) ÷ r] × (1 + r)
P
हर महीने की SIP रकम
r
मासिक दर = सालाना दर ÷ 12 ÷ 100
n
कुल महीने = साल × 12
कुल निवेश
मासिक रकम × कुल महीने
लाभ
भविष्य की वैल्यू − कुल निवेश
दर की जगह
सालाना रिटर्न का अनुमान, जो बाज़ार से बदलता है
इस पेज में क्या नहीं
फंड का खर्च, एग्ज़िट लोड, टैक्स, महँगाई और SIP चूकने का असर।
SIP Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?
सरल व्याख्या
यह calculator क्या करता है
SIP Calculator एक सीधा-सा सवाल हल करता है: अगर मैं हर महीने एक तय रकम म्यूचुअल फंड जैसे किसी साधन में लगाता रहूँ और मान लूँ कि उस पर सालाना एक निश्चित रिटर्न मिलता रहेगा, तो इतने सालों बाद मेरे पास कुल कितना पैसा हो सकता है? आप तीन चीज़ें चुनते हैं, यानी मासिक रकम, अनुमानित सालाना रिटर्न और कितने साल निवेश करना है। बाक़ी काम calculator करता है और तुरंत तीन आँकड़े दिखाता है: कुल निवेश, अनुमानित लाभ और भविष्य की वैल्यू।
SIP का पूरा नाम Systematic Investment Plan है। इसमें आप एक बार में बड़ी रकम लगाने के बजाय हर महीने छोटी-छोटी किस्तों में निवेश करते हैं। इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि निवेश आदत बन जाता है और बाज़ार के चढ़ने-गिरने की चिंता में सही समय का इंतज़ार नहीं करना पड़ता। यह calculator उसी आदत का भविष्य का एक अंदाज़ा दिखाता है। ध्यान रहे, यह अंदाज़ा है, वादा नहीं।
इस पेज पर एक छोटा "आशुग्या की कहानी" वाला कार्ड भी दिखता है। वह नतीजे को छोटी कहानी की तरह समझाता है और "अगर... तो क्या होगा?" वाले बटन देता है। इन बटनों को दबाने पर ऊपर के इनपुट अपने-आप बदल जाते हैं, ताकि आप देख सकें कि रकम बढ़ाने, अवधि बढ़ाने या रिटर्न बदलने से तस्वीर कैसे बदलती है।
किसके काम का है
पहली नौकरी शुरू करने वाला कोई भी व्यक्ति, जो जानना चाहता है कि वेतन का छोटा हिस्सा हर महीने अलग रखने से 10 या 15 साल में क्या बन सकता है।
गृहिणी या घर चलाने वाले सदस्य, जो घर के बजट में से हर महीने कुछ रकम निकालकर बच्चों की पढ़ाई या अपने लिए जमा करना चाहते हैं।
फ्रीलांसर और दुकानदार, जिनकी आमदनी हर महीने बराबर नहीं होती और जो सोच रहे हैं कि कौन-सी छोटी रकम वे आराम से हर महीने निभा पाएँगे।
वे लोग, जो SIP शुरू करने से पहले अपने परिवार में बात करना चाहते हैं और एक साफ़ आँकड़ा दिखाना चाहते हैं।
वे निवेशक, जो चल रही SIP की रकम बढ़ाने का फ़ैसला लेने से पहले देखना चाहते हैं कि बढ़ी हुई रकम से कितना फ़र्क़ पड़ेगा।
कौन-सी जानकारी डालनी होती है
पेज पर तीन स्लाइडर हैं, और हर स्लाइडर के नीचे एक नंबर वाला डिब्बा भी है। आप चाहें तो स्लाइडर खींचें, चाहें तो सीधे संख्या टाइप करें। दोनों आपस में जुड़े हैं।
1. मासिक निवेश (₹)
यह वह रकम है जो आप हर महीने लगाएँगे। स्लाइडर ₹500 से ₹1,00,000 तक चलता है और ₹500 के कदम से बदलता है। शुरुआती मान ₹5,000 है। यहाँ वही रकम डालिए जो आप अपने मासिक बजट से, EMI और ज़रूरी ख़र्च निकालने के बाद, बिना तनाव के निकाल सकते हैं। बहुत बड़ी रकम डालकर सुंदर नतीजा देखना आसान है, पर अगर तीसरे महीने ही किस्त रोकनी पड़े तो वह नतीजा बेकार है।
2. अनुमानित सालाना रिटर्न (%)
यह आपकी अपनी मानी हुई दर है। स्लाइडर 1% से 30% तक है और 0.5% के कदम से चलता है, शुरुआती मान 12% है। यह वह संख्या है जिस पर सबसे ज़्यादा सावधानी चाहिए। कोई भी इक्विटी फंड हर साल 12% नहीं देता। किसी साल रिटर्न ज़्यादा होता है, किसी साल कम, और कई बार लगातार कुछ साल नकारात्मक भी रह सकते हैं। इसलिए इसे "गारंटी" नहीं, बल्कि एक मान्यता की तरह रखिए। समझदारी इसी में है कि आप कम, बीच की और ज़्यादा, तीन अलग दरें डालकर देखें।
3. निवेश अवधि (साल)
स्लाइडर 1 से 40 साल तक चलता है, शुरुआती मान 15 साल है। SIP का असली असर लंबी अवधि में दिखता है, क्योंकि कमाई पर भी कमाई जुड़ने लगती है। अगर आपका लक्ष्य 3 साल में कोई ख़र्च है, तो यह calculator बता देगा कि लाभ कितना छोटा रहेगा, और तब शायद आपको दूसरे, कम जोखिम वाले साधनों के बारे में सोचना पड़े।
नीचे वाले तीन डिब्बे
पेज पर "मासिक रकम", "दर (%)" और "साल" के तीन नंबर डिब्बे हैं। स्लाइडर में न आने वाली कोई बीच की संख्या, जैसे ₹7,250 या 11.25%, आप यहाँ सीधे लिख सकते हैं।
नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें
कुल निवेश: आपकी अपनी जेब से गई कुल रकम, यानी मासिक रकम गुणा कुल महीने। इसमें कोई अंदाज़ा नहीं, यह पक्का आँकड़ा है।
लाभ: भविष्य की वैल्यू में से कुल निवेश घटाने पर जो बचता है। यह पूरी तरह आपकी मानी हुई दर पर टिका है।
भविष्य की वैल्यू: आख़िर में कुल कितनी रकम बनती दिखती है। यह आँकड़ा कर, एक्ज़िट लोड या महँगाई घटाने से पहले का है।
गोल चार्ट (पाई): निवेश और लाभ का अनुपात रंगों में दिखाता है। नीला हिस्सा आपका निवेश है और हरा हिस्सा लाभ।
साल-दर-साल का चार्ट और तालिका: हर साल के अंत की स्थिति दिखाती है। तालिका में अधिकतम 30 साल की पंक्तियाँ आती हैं। आप देख सकते हैं कि शुरुआती सालों में लाभ का हिस्सा छोटा होता है और बाद के सालों में तेज़ी से बढ़ता है।
±2% वाली पंक्ति: चार्ट के नीचे एक छोटा वाक्य आता है कि अगर रिटर्न आपकी चुनी दर से 2% कम या 2% ज़्यादा रहे तो भविष्य की वैल्यू कितनी होगी। यह बहुत काम की चीज़ है, क्योंकि यह बताती है कि नतीजा रिटर्न की मान्यता पर कितना निर्भर है।
लिंक कॉपी करें और शेयर करें: आपकी चुनी हुई रकम, दर और साल URL में जुड़ जाते हैं। लिंक भेजने पर सामने वाले को वही गणना खुली मिलती है। WhatsApp बटन से एक तैयार संदेश भी भेजा जा सकता है।
Goal SIP का बैनर: नतीजे के नीचे एक बैनर आपको Goal SIP Calculator तक ले जाता है। वहाँ यह सवाल उलटकर पूछा जाता है कि फलाँ रकम चाहिए तो हर महीने कितनी SIP चाहिए। आपकी निकली भविष्य की वैल्यू वहाँ लक्ष्य के रूप में अपने-आप चली जाती है।
ध्यान दें: "लाभ" को "कमाई पक्की" न समझें। यह वही संख्या है जो आपकी मानी हुई दर से निकलती है। दर बदलते ही लाभ भी बदल जाता है।
इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके
तीन परिदृश्य बनाइए
एक ही रकम और अवधि पर तीन दरें आज़माइए: सावधान दर (जैसे 8%), बीच की (जैसे 10%) और उत्साही (जैसे 12%)। अपनी योजना उस नतीजे के आधार पर बनाइए जो सावधान दर पर बनता है। अगर रिटर्न बेहतर निकला तो वह बोनस होगा।
रकम बनाम समय
कभी रकम बढ़ाना मुश्किल होता है और समय बढ़ाना आसान। स्लाइडर से देखिए कि ₹1,000 और बढ़ाने पर क्या होता है, और फिर देखिए कि अवधि दो साल बढ़ाने पर क्या होता है। कई बार आप पाएँगे कि दो साल जल्दी शुरू करना कुछ सौ रुपये ज़्यादा लगाने से ज़्यादा असर देता है।
सालाना तालिका से अपनी योजना जाँचिए
अगर आप किसी लक्ष्य, जैसे 8 साल बाद गाड़ी या बच्चे की फ़ीस, के लिए सोच रहे हैं, तो तालिका में उसी साल की पंक्ति देखिए। इससे लक्ष्य की तारीख़ तक की संभावित वैल्यू पता चलती है।
लक्ष्य से उलटा चलना
अगर आपके पास पहले से कोई लक्ष्य रकम है, तो नतीजे के नीचे वाले बैनर से Goal SIP Calculator पर जाइए। वहाँ वही रकम लक्ष्य के रूप में भरी मिलेगी और आपको ज़रूरी मासिक SIP दिखेगी।
परिवार के साथ बैठकर तय करें
लिंक कॉपी करके परिवार के किसी सदस्य या अपने वित्तीय सलाहकार को भेजें, ताकि सब एक ही आँकड़े पर बात करें।
उदाहरण: अगर आपकी मासिक बचत ₹10,000 है, तो पूरी रकम एक ही जगह न डालें। पहले आपातकालीन निधि और बीमा की जाँच कीजिए, फिर बाक़ी में से SIP तय कीजिए।
आम ग़लतियाँ और भ्रम
"12% तो पक्का है।" नहीं। 12% एक उदाहरण दर है। इक्विटी फंड का रिटर्न हर साल बदलता है और कभी-कभी घाटा भी होता है।
रकम बहुत बड़ी चुन लेना। जो रकम महीने के बजट पर भारी पड़े, उसे बीच में रोकना पड़ता है, और तब पूरा हिसाब गड़बड़ा जाता है।
शुरू के सालों में निराश होकर रुक जाना। पहले कुछ सालों में लाभ का हिस्सा छोटा दिखता है। असली बढ़त बाद में आती है, इसलिए जल्दी रुकने से सबसे ज़्यादा नुक़सान होता है।
महँगाई को भूल जाना। 20 साल बाद के ₹50 लाख की ख़रीदने की ताक़त आज के ₹50 लाख जैसी नहीं होगी। इसके लिए Inflation Calculator देखिए।
कर और शुल्क को अनदेखा करना। भविष्य की वैल्यू में से बाद में लगने वाला कर और फंड का खर्च नहीं घटा है। वास्तविक हाथ में आने वाली रकम इससे कम हो सकती है।
SIP को गारंटी वाली स्कीम समझना। SIP एक तरीक़ा है, उत्पाद नहीं। जोखिम इस पर निर्भर है कि आप किस फंड में SIP कर रहे हैं।
एक ही गणना देखकर फ़ैसला लेना। हमेशा कई मान्यताएँ आज़माइए।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है
Calculator सालाना दर को 12 से भाग देकर मासिक दर बनाता है। फिर माना जाता है कि हर किस्त महीने की शुरुआत में लगती है और हर महीने उस पर मासिक दर से बढ़त जुड़ती है। सूत्र शब्दों में यह है:
मासिक दर r = सालाना दर ÷ 12 ÷ 100
कुल महीने n = साल × 12
भविष्य की वैल्यू = मासिक रकम × [((1 + r) की घात n) − 1] ÷ r × (1 + r)
कुल निवेश = मासिक रकम × n
लाभ = भविष्य की वैल्यू − कुल निवेश
अगर दर शून्य रखी जाए तो वैल्यू सीधे मासिक रकम गुणा महीने के बराबर मानी जाती है। सभी आँकड़े पास के पूरे रुपये में गोल किए जाते हैं। इस गणना में ये बातें मानी गई हैं:
हर महीने रिटर्न एक जैसा और लगातार मिलता है, जबकि असल में बाज़ार ऊपर-नीचे होता है।
किस्त हर महीने समय पर और बिना चूके जाती है।
कोई कर, एक्ज़िट लोड, खर्च-अनुपात (expense ratio) या महँगाई नहीं घटाई गई।
सालाना दर को 12 से भाग देकर मासिक दर बनाई गई है, यानी यह मासिक चक्रवृद्धि वाली सीधी विधि है।
एक पूरा उदाहरण
मान लीजिए प्रिया की पहली नौकरी लगी है और वह हर महीने ₹7,500 की SIP 10 साल के लिए शुरू करना चाहती है। ये आँकड़े सिर्फ़ उदाहरण हैं, असली रिटर्न इनसे अलग होंगे।
कुल निवेश = ₹7,500 × 120 महीने = ₹9,00,000।
मान लीजिए रिटर्न 12% सालाना रहा। तब भविष्य की वैल्यू लगभग ₹17.43 लाख (₹17,42,543) बनती है, यानी लाभ लगभग ₹8.43 लाख।
अगर रिटर्न 10% रहे, तो वैल्यू लगभग ₹15.49 लाख और लाभ लगभग ₹6.49 लाख।
अगर रिटर्न 14% रहे, तो वैल्यू लगभग ₹19.66 लाख और लाभ लगभग ₹10.66 लाख।
इस तरह एक ही निवेश के नतीजे में दो-दो प्रतिशत के फ़र्क़ से लगभग ₹2 लाख का अंतर आ जाता है। यही बात ±2% वाली पंक्ति में भी अपने-आप दिखती है। उसी उदाहरण में अगर प्रिया पाँचवें साल पर रुक जाए तो 12% पर वैल्यू लगभग ₹6.19 लाख बनती है, जबकि निवेश ₹4.5 लाख गया था। यानी पहले पाँच साल में लाभ सिर्फ़ लगभग ₹1.69 लाख रहा, पर अगले पाँच सालों में वही रकम तेज़ी से बढ़ी। इसे ही कंपाउंडिंग का असर कहते हैं, और इसीलिए बीच में रुक जाना महँगा पड़ सकता है।
एक और तुलना देखिए। अगर कोई सिर्फ़ ₹3,000 महीना 25 साल तक 12% की मान्यता पर लगाए, तो कुल निवेश ₹9 लाख होता है, पर वैल्यू लगभग ₹56.9 लाख दिखती है। यह उदाहरण बताता है कि रकम छोटी हो तब भी समय का बड़ा हाथ होता है। फिर भी याद रखिए कि 25 साल में 12% लगातार मिलने की कोई गारंटी नहीं है।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
यह किसी फंड का नाम, श्रेणी या उसका पिछला प्रदर्शन नहीं बताता, और न यह बताता है कि आपके लिए कौन-सा फंड सही है।
यह बाज़ार के उतार-चढ़ाव को नहीं दिखाता। असली निवेश में बीच के सालों में वैल्यू गिर भी सकती है।
यह कर, एक्ज़िट लोड और फंड के सालाना खर्च को शामिल नहीं करता।
यह महँगाई के बाद की "असली" वैल्यू नहीं निकालता।
इसमें मान लिया गया है कि किस्त हर महीने की शुरुआत में जाती है। अगर आपकी SIP की तारीख़ या फंड का नियम अलग है, तो आँकड़ा थोड़ा अलग आ सकता है।
यह मासिक रकम को पूरे समय एक जैसी रखता है। अगर आप हर साल रकम बढ़ाने वाले हैं, तो Step-up SIP Calculator ज़्यादा सटीक तस्वीर देगा।
ऊपर के सभी आँकड़े अनुमान हैं और असली नतीजे अलग हो सकते हैं।
यह लेख और calculator सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए हैं, किसी निवेश की सलाह नहीं। निवेश का फ़ैसला लेने से पहले अपनी स्थिति देखें और ज़रूरत हो तो SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात करें।
6 काम की बातें याद रखें
1
जल्दी शुरू करें, छोटे से भी
देर से बड़ी रकम लगाने से अक्सर बेहतर है कि आज छोटी रकम शुरू हो जाए और समय के साथ बढ़ती जाए।
2
दो-तीन दरें आज़माएँ
सिर्फ़ 12% पर भरोसा न करें। 8%, 10% और 12% तीनों डालकर देखें कि योजना कम रिटर्न में भी चलेगी या नहीं।
3
महँगाई को याद रखें
दो दशक बाद की ₹50 लाख की वैल्यू आज के ₹50 लाख जितनी नहीं होगी। लक्ष्य तय करते समय यह जोड़ें।
4
SIP चूकने न दें
गणना मानती है कि हर महीने किस्त गई है। बीच में रुकने पर नतीजा कम होगा।
5
आमदनी बढ़े तो SIP बढ़ाएँ
हर साल थोड़ा बढ़ाना भी लक्ष्य को काफ़ी पास ला सकता है। इसके लिए Step-up SIP देखें।
6
लक्ष्य पहले, फंड बाद में
पहले तय करें कि पैसा कब चाहिए, फिर उसी हिसाब से अवधि और जोखिम वाला विकल्प चुनें।
SIP Calculator एक tool है जो आपको monthly SIP investment की future value calculate करने में help करता है।
आप ₹500 per month से SIP शुरू कर सकते हैं।
नहीं, mutual fund returns market linked होती हैं। Past performance future returns की guarantee नहीं है।
FD में दर पहले से तय होती है, जबकि म्यूचुअल फंड SIP का रिटर्न बाज़ार पर निर्भर है। इसलिए यहाँ दिखा नतीजा सिर्फ़ मानी हुई दर पर आधारित अनुमान है।
कोई एक सही दर नहीं है। सावधानी से चलने के लिए कम, मध्यम और ऊँची तीनों दरें डालकर देखें, और 12% को सिर्फ़ एक उदाहरण मानें।
क्योंकि पुराने सालों का लाभ भी आगे बढ़ता रहता है। जैसे-जैसे रकम बड़ी होती है, उस पर उतनी ही दर से मिलने वाला लाभ भी बड़ा होता जाता है।
दोनों का असर अलग है। रकम दोगुनी करने पर वैल्यू दोगुनी होती है, जबकि अवधि बढ़ाने पर वैल्यू उससे ज़्यादा तेज़ी से बढ़ सकती है। अपने लक्ष्य के हिसाब से दोनों आज़माएँ।
नहीं। यह भविष्य की सीधी रकम है, महँगाई घटाए बिना। असली ख़रीदने की ताक़त इससे कम होगी।
यह calculator मानता है कि हर महीने किस्त गई है। चूकी किस्तों का असर जानने के लिए उतने महीने कम करके दोबारा हिसाब लगाएँ।
नहीं। फंड का खर्च रिटर्न में से कटता है। इसे मोटे तौर पर समझने के लिए दर थोड़ी कम डालकर देखें।
नहीं। निकासी पर लगने वाला कैपिटल गेन्स टैक्स शामिल नहीं है। उसके लिए Capital Gains Tax Calculator देखें।
नहीं। यह सिर्फ़ आपकी डाली दर पर गणित करता है। असली रिटर्न नापने के लिए XIRR जैसे साधन चाहिए।
हाँ, थोड़ा पड़ता है। यहाँ फ़ॉर्मूले में किस्त हर महीने की शुरुआत में मानी गई है।
हाँ, और यही बेहतर तरीक़ा है। लक्ष्य की रकम से उल्टा हिसाब लगाने के लिए Goal SIP Calculator देखें।
तब नतीजा इस हिसाब से अलग होगा, क्योंकि पूरी अवधि का लाभ नहीं मिलेगा और निकासी पर शुल्क या टैक्स लग सकता है।
गणित में हाँ, वैल्यू रकम के अनुपात में बनती है। पर लक्ष्य बड़ा हो तो समय के साथ रकम बढ़ाने की योजना भी रखें।
नहीं। यह सिर्फ़ शैक्षणिक गणना है। निवेश का फ़ैसला अपनी ज़रूरत, जोखिम सहने की क्षमता और पंजीकृत सलाहकार की राय से करें।