किराया या ख़रीद? हिसाब से तय करें

Rent vs Buy Calculator

घर खरीदना बेहतर है या किराये पर रहकर पैसा निवेश करना? अपनी मान्यताओं (assumptions) के साथ दोनों का हिसाब देखें।

  • खरीदना बनाम किराया: Net worth
  • तुलना के साल चुनें
  • किराया और कीमत की बढ़त
  • डाउन पेमेंट का निवेश मॉडल
  • शुरुआती मासिक खर्च की तुलना
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहख़रीदने का फ़ैसला सिर्फ़ EMI से नहीं, डाउन पेमेंट के विकल्प-ख़र्च से भी देखें।
सेव करने के लिए लॉगिन करें

Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Buying: EMI = loan × i × (1+i)^n ÷ ((1+i)^n − 1) on the price minus the down payment, plus yearly maintenance and property tax as a % of the property value; the property value grows at the price-growth rate. Renting: the down payment plus transaction costs are invested, and every month the difference between the buyer's monthly outgo and the rent is added to that portfolio, which grows at your investment return (monthly equivalent of the yearly rate); rent rises every year. After the chosen years, buying net worth = property value − loan balance is compared with the renter's portfolio. Tax benefits are not included.

ख़रीदना: क़ीमत में से डाउन पेमेंट घटाकर लोन पर EMI = लोन × i × (1+i)^n ÷ ((1+i)^n − 1), साथ में प्रॉपर्टी की क़ीमत के % के रूप में सालाना maintenance और प्रॉपर्टी टैक्स; प्रॉपर्टी की क़ीमत क़ीमत-बढ़त दर से बढ़ती है। किराए पर रहना: डाउन पेमेंट और लेन-देन का ख़र्च निवेश हो जाता है, और हर महीने ख़रीदार के मासिक ख़र्च और किराए का अंतर उसी पोर्टफ़ोलियो में जुड़ता है, जो आपके निवेश-रिटर्न की मासिक बराबर दर से बढ़ता है; किराया हर साल बढ़ता है। चुने हुए सालों बाद ख़रीदने का net worth = प्रॉपर्टी का मूल्य − लोन बैलेंस, की तुलना किराएदार के पोर्टफ़ोलियो से होती है। टैक्स लाभ शामिल नहीं हैं।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026

Very assumption-sensitive. The answer changes a lot with property appreciation, rent growth and investment returns, none of which are guaranteed. This model ignores home-loan tax benefits, selling costs and capital-gains tax, and assumes the rented and owned homes are equivalent. It does not tell you what to do — a home is also a place to live and a personal choice.
नतीजा assumptions पर बहुत निर्भर है। जायदाद की कीमत में बढ़त, किराये की बढ़त और निवेश के return — इनमें से किसी की गारंटी नहीं। यह model home-loan के tax फ़ायदे, बेचने का खर्च और capital-gains tax नहीं गिनता और मानता है कि किराये का और अपना घर एक जैसे हैं। यह आपको फ़ैसला नहीं बताता — घर रहने की जगह भी है और निजी पसंद भी।
संक्षेप में
  • खरीदने पर Net worth = घर की कीमत − बचा लोन। किराये पर रहने पर Net worth = डाउन पेमेंट, लेन-देन का खर्च और हर महीने की बचत का निवेश।
  • नतीजा किराये और कीमत की बढ़त, निवेश के रिटर्न और घर की क़ीमत के अनुपात में किराये पर बहुत निर्भर है। थोड़ा बदलाव भी तस्वीर पलट सकता है।
  • इस पेज में घर बिक्री का खर्च, पूँजीगत लाभ पर कर और होम लोन के कर लाभ शामिल नहीं हैं।
  • सारी बढ़त और रिटर्न की संख्याएँ आपकी मान्यताएँ हैं, भविष्यवाणी नहीं। घर रहने की जगह और भावनात्मक सुरक्षा भी है, जो संख्या में नहीं आती।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

नेहा और राजेश: शुरुआती संख्याओं पर (पेज की default)

नेहा और राजेश ₹80,00,000 का घर देख रहे हैं: 20% डाउन पेमेंट, 20 साल का लोन (उदाहरण दर: 8.75%), मिलते-जुलते घर का किराया ₹25,000, किराया 5% सालाना बढ़ता है, घर की कीमत 5% सालाना, निवेश पर 10%, रखरखाव 1%, लेन-देन खर्च 6%, तुलना 15 साल बाद।

होम लोन EMI
₹56,557
शुरुआती मासिक खर्च: खरीदना
₹63,224
शुरुआती मासिक खर्च: किराया
₹25,000
शुरुआती नकद (डाउन पेमेंट + खर्च)
₹20,80,000
15 साल बाद खरीदने पर Net worth
₹1,38,90,870
किराये पर रहकर निवेश पर Net worth
₹2,16,53,492
अंतर
₹77,62,623 (किराया + निवेश आगे)

इन मान्यताओं में किराया घर की क़ीमत का काफ़ी छोटा हिस्सा है और निवेश का रिटर्न ऊँचा माना गया है, इसलिए किराये वाला रास्ता आगे दिखा। यह इन्हीं संख्याओं का नतीजा है।

सीमा: वही घर, पर कीमत 7% सालाना बढ़े

वही परिवार, बाक़ी सब वही। बस घर की कीमत में सालाना बढ़त 7% मान लें।

15 साल बाद घर की कीमत
₹2,20,72,252
बचा लोन
₹27,40,556
खरीदने पर Net worth
₹1,93,31,697
किराये पर रहकर निवेश पर Net worth
₹2,21,41,980
अंतर
₹28,10,283 (किराया आगे, पर फ़ासला घटा)

सिर्फ़ कीमत की बढ़त 5% से 7% करने पर फ़ासला ₹77.6 लाख से घटकर ₹28.1 लाख रह गया। यही मान्यताओं की संवेदनशीलता है।

संजय: ऊँचे किराये और छोटे घर का मामला

संजय ₹50,00,000 का घर लेता है: 30% डाउन पेमेंट, 20 साल का लोन (उदाहरण दर: 8.5%), किराया ₹25,000 (कीमत का ज़्यादा हिस्सा), किराया 6% और कीमत 6% सालाना बढ़ते हैं, निवेश पर 9%, तुलना 20 साल बाद।

होम लोन EMI
₹30,374
शुरुआती मासिक खर्च: खरीदना
₹34,540
शुरुआती नकद (डाउन पेमेंट + खर्च)
₹18,00,000
20 साल बाद खरीदने पर Net worth
₹1,60,35,677
किराये पर रहकर निवेश पर Net worth
₹88,15,125
अंतर
₹72,20,553 (खरीदना आगे)

जब किराया घर की क़ीमत के अनुपात में ज़्यादा हो, निवेश का रिटर्न कम माना जाए और लोन चुक जाए, तो खरीदना आगे निकल सकता है। हर परिवार के लिए संख्याएँ अलग हैं।

तुलना के साल बदलने का असर (नेहा-राजेश वाली default संख्याएँ)

तुलना के साल बदलने का असर (नेहा-राजेश वाली default संख्याएँ)
सालखरीदने पर Net worthकिराये + निवेश पर Net worthअंतर (किराया आगे)
5₹45,51,384₹61,55,598₹16,04,214
10₹85,18,355₹1,22,98,232₹37,79,878
15₹1,38,90,870₹2,16,53,492₹77,62,623
20₹2,12,26,382₹3,60,34,213₹1,48,07,831
25₹2,70,90,840₹5,39,88,843₹2,68,98,004

सभी संख्याएँ इन्हीं मान्यताओं के हिसाब हैं। अंतर तब बढ़ता है जब निवेश का मान्य रिटर्न घर की क़ीमत की बढ़त से ज़्यादा हो।

घर की कीमत की बढ़त बदलने का असर (15 साल, बाक़ी default)

घर की कीमत की बढ़त बदलने का असर (15 साल, बाक़ी default)
कीमत में बढ़त (% सालाना)खरीदने पर Net worthकिराये + निवेश पर Net worthअंतर (किराया आगे)
3₹97,23,184₹2,12,36,985₹1,15,13,801
4₹1,16,66,992₹2,14,36,993₹97,70,001
5₹1,38,90,870₹2,16,53,492₹77,62,623
6₹1,64,31,910₹2,18,87,953₹54,56,044
7₹1,93,31,697₹2,21,41,980₹28,10,283

यह सिर्फ़ गणित है, किसी शहर या इलाक़े की कीमतों का अनुमान नहीं।

त्वरित संदर्भ: खरीदना बनाम किराया

त्वरित संदर्भ: खरीदना बनाम किराया
खरीदने की ओरEMI = लोन × i × (1 + i)^n ÷ ((1 + i)^n − 1), साथ में कीमत का रखरखाव % और घर की कीमत की बढ़त।
किराये की ओरडाउन पेमेंट और लेन-देन खर्च निवेश हो जाते हैं। हर महीने खरीदार के खर्च और किराये का अंतर भी उसी निवेश में जुड़ता है।
किरायाहर साल किराया वृद्धि दर से बढ़ता है।
Net worth: खरीदनाघर की कीमत − बचा हुआ लोन
Net worth: किरायानिवेश का मूल्य (मासिक रूप में बढ़ता)
तुलना की अवधिस्लाइडर में 3 से 30 साल। लोन की अवधि से अलग चुन सकते हैं।
सबसे संवेदनशील संख्याएँघर की कीमत की बढ़त, निवेश का रिटर्न और घर की क़ीमत के मुक़ाबले किराया।
इस पेज में क्या नहींलोन के कर लाभ, घर बेचने का खर्च, पूँजीगत लाभ कर, और दोनों घरों की सुविधाओं में फ़र्क़।

Rent vs Buy Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

"घर ख़रीदना चाहिए या किराये पर रहकर बाक़ी पैसा निवेश करना चाहिए?" यह हर भारतीय परिवार का पुराना सवाल है। Rent vs Buy Calculator इस सवाल का जवाब देने का दावा नहीं करता। वह एक ईमानदार तुलना करता है: मान लीजिए आप आज एक घर ख़रीदते हैं, और दूसरी तरफ़ मान लीजिए आप वैसे ही घर में किराये पर रहते हैं और डाउन पेमेंट व खर्च का पैसा निवेश कर देते हैं। चुने हुए सालों के बाद दोनों रास्तों में आपकी कुल संपत्ति (net worth) कितनी होगी?

यह तुलना "सेब और सेब" की है। खरीदने वाले के पास अंत में घर की क़ीमत होती है, जिसमें से बचा हुआ लोन घटाना होता है। किराये वाले के पास एक निवेश पोर्टफ़ोलियो होता है, जिसमें शुरुआती रकम और हर महीने की बचत जमा होती रहती है। जिसका आँकड़ा बड़ा, वह उस परिदृश्य में आगे। पर यह परिदृश्य आपकी मान्यताओं पर टिका है, इसलिए इस calculator का असली काम आपको अपनी मान्यताएँ साफ़ करने में मदद करना है।

ध्यान दें: पेज के नीचे साफ़ लिखा है कि यह मॉडल बहुत ज़्यादा assumptions पर निर्भर है। किराये की बढ़त, प्रॉपर्टी की क़ीमत की बढ़त और निवेश का रिटर्न, इनमें से किसी की गारंटी नहीं।

किसके काम का है

  • जो पहली बार घर लेने की सोच रहे हैं और EMI बनाम किराये का बोझ तौलना चाहते हैं।
  • किसी बड़े शहर में काम करने वाले, जहाँ किराया कम लगता है पर घर की क़ीमत बहुत ज़्यादा है।
  • वे लोग जिनकी नौकरी बार-बार बदलती है और जो सोच रहे हैं कि एक जगह बँधना ठीक रहेगा या नहीं।
  • वह परिवार जिसे रिश्तेदार कहते हैं कि "किराया तो बर्बादी है", और जो इस बात को संख्याओं में परखना चाहता है।
  • कोई भी जो अपने डाउन पेमेंट के पैसे को "घर" और "निवेश" के बीच बाँटने से पहले दोनों रास्ते देखना चाहता है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर कुल 11 स्लाइडर हैं। हर एक की शुरुआती मान्यता पहले से भरी है, जिसे आप बदल सकते हैं।

  • प्रॉपर्टी की कीमत (₹): ₹10 लाख से ₹10 करोड़ तक। शुरुआती मान ₹80 लाख। असली सौदे की कीमत डालें, पर रजिस्ट्री के खर्च अलग से नीचे जाएँगे।
  • डाउन पेमेंट (कीमत का %): 10% से 90%, शुरुआती 20%। बाक़ी रकम होम लोन होगी।
  • होम-लोन ब्याज दर (% सालाना): 6% से 14%, शुरुआती 8.75%। अपने बैंक की ताज़ा दर वहीं से जाँचें।
  • लोन की अवधि (साल): 5 से 30, शुरुआती 20।
  • मिलते-जुलते घर का किराया (₹ / माह): ₹3,000 से ₹5 लाख, शुरुआती ₹25,000। यहाँ ऐसा ही घर चुनें, उसी इलाक़े में, उसी आकार का। अपने छोटे घर का किराया डालेंगे तो तुलना बिगड़ेगी।
  • सालाना किराया वृद्धि (%): 0% से 12%, शुरुआती 5%। किराया साल में एक बार बढ़ता माना गया है।
  • प्रॉपर्टी की कीमत में वृद्धि (% सालाना): 0% से 12%, शुरुआती 5%। यह सबसे संवेदनशील मान्यता है।
  • आपके निवेश पर रिटर्न (% सालाना): 4% से 16%, शुरुआती 10%। यह वह दर है जिस पर किराये वाला अपनी बचत और डाउन पेमेंट का पैसा बढ़ता मानता है।
  • रखरखाव + प्रॉपर्टी टैक्स (मूल्य का % / साल): 0% से 3%, शुरुआती 1%। मालिक को सोसाइटी का रखरखाव, मरम्मत और संपत्ति कर देना पड़ता है।
  • स्टैंप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, ब्रोकरेज (कीमत का %): 0% से 10%, शुरुआती 6%। ये दरें राज्य और शहर के हिसाब से अलग होती हैं, इसलिए अपने राज्य की सरकारी दर और अपने सौदे के असली खर्च से मिलाकर डालें।
  • तुलना कितने साल बाद (साल): 3 से 30, शुरुआती 15। यानी आप कितने साल का नतीजा देखना चाहते हैं।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर एक बड़ा आँकड़ा दिखता है, जैसे "15 साल बाद, इतने आगे", और उसके नीचे यह लिखा होता है कि इस परिदृश्य में खरीदना आगे है या किराया और निवेश। यह आँकड़ा दोनों net worth का अंतर है।

  • खरीदने पर Net worth: अंतिम साल में घर की मान ली गई क़ीमत में से बचा हुआ लोन घटाने पर।
  • किराये पर रहकर बाकी निवेश करने पर Net worth: पोर्टफ़ोलियो की अंतिम रकम।
  • शुरुआत में मासिक खर्च, खरीदना: पहले महीने की EMI और रखरखाव मिलाकर।
  • शुरुआत में मासिक खर्च, किराया: आपका डाला हुआ किराया।
  • होम लोन EMI: हर महीने की किस्त।
  • खरीदने के लिए शुरुआती नकद: डाउन पेमेंट और ऊपर के खर्च (स्टैंप ड्यूटी आदि) मिलाकर।
  • पाई चार्ट: दोनों net worth का अनुपात।
  • साल-दर-साल चार्ट: समय के साथ दोनों रास्तों की संपत्ति कैसे बदली। कई मामलों में शुरू के कुछ साल किराया वाला आगे होता है और बाद में खरीदने वाला पकड़ लेता है, या उल्टा। जहाँ दोनों रेखाएँ कटती हैं, वह "ब्रेक-ईवन" का मोटा संकेत है।

अच्छा संकेत यह नहीं है कि कोई एक रास्ता हमेशा जीते; असली संकेत यह है कि अंतर कितना छोटा या बड़ा है। अगर दोनों net worth बहुत पास हैं, तो पैसे से बाहर की बातें, जैसे नौकरी की स्थिरता, परिवार की ज़रूरत और मन की शांति, फ़ैसला कर सकती हैं। अगर अंतर बहुत बड़ा है, तब भी देखें कि वह किन मान्यताओं से आ रहा है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

पहले "किराया बनाम खरीद खर्च" का अनुपात देखें

इसे आप ऊपर के दोनों मासिक खर्च से देख सकते हैं। अगर साल का किराया घर की क़ीमत का बहुत छोटा हिस्सा है (जैसे 2-3%), तो किराये का रास्ता आम तौर पर आर्थिक रूप से हल्का दिखेगा। यह अनुपात शहर और इलाक़े के हिसाब से बदलता है।

संवेदनशीलता जाँचें

अपनी पसंदीदा मान्यताओं पर नतीजा देखने के बाद तीनों बड़ी चीज़ें अलग-अलग 2% ऊपर-नीचे करें: प्रॉपर्टी की बढ़त, किराया बढ़त और निवेश रिटर्न। जो आँकड़ा सबसे ज़्यादा हिलता है, उसी पर आपका फ़ैसला सबसे ज़्यादा टिका है।

अलग-अलग अवधि देखें

3 साल, 10 साल और 20 साल बाद का नतीजा अलग-अलग देखें। अगर आप सिर्फ़ 4-5 साल उस शहर में रहने वाले हैं, तो लेन-देन के 6% खर्च अकेले ही खरीदने के पक्ष में बड़ा बोझ बन सकते हैं।

डाउन पेमेंट बदलें

डाउन पेमेंट बढ़ाने से EMI घटती है पर किराये वाले का शुरुआती निवेश भी बढ़ता है। 20%, 30% और 50% पर देखें कि अंतर कैसे बदलता है।

लोन की अवधि और दर

लंबी अवधि से EMI घटती है, पर कुल ब्याज बढ़ता है। इस तुलना को Loan Prepayment Calculator से जोड़कर देखें कि पैसे आने पर लोन जल्दी चुकाने से क्या बदलेगा।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "किराया बर्बादी है" वाला भ्रम। खरीदने वाला भी ब्याज, रखरखाव और टैक्स में पैसा "खर्च" करता है, जो उसे वापस नहीं मिलता। असली तुलना दोनों तरफ़ के कुल खर्च की है।
  • किराये वाले को अनुशासन मान लेना। मॉडल मानता है कि किराये वाला हर महीने की बची रकम सचमुच निवेश करता है। असल में कई लोग वह पैसा खर्च कर देते हैं, और तब खरीदना (जो एक तरह की "जबरन बचत" है) बेहतर साबित हो सकता है।
  • ऊँचा निवेश रिटर्न मान लेना। 14-16% रिटर्न मानने पर किराये की जीत लगभग तय दिखती है, पर वह दर हर साल मिलना कोई नहीं मानता।
  • लेन-देन के खर्च भूल जाना। स्टैंप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, ब्रोकरेज और फ़र्निशिंग का पैसा घर से "वापस" नहीं आता।
  • दोनों घर बराबर समझ लेना। अपना घर आपको सुरक्षा, बदलाव की आज़ादी और भावनात्मक लगाव देता है, जो किसी संख्या में नहीं आता। इसी तरह किराये के घर में आप नौकरी के हिसाब से आसानी से जगह बदल सकते हैं।
  • पुराने भाव से आज की प्रॉपर्टी की बढ़त तय करना। पिछले 10 सालों में आपके मोहल्ले में जो बढ़त हुई, वही अगले 10 साल में होगी, यह मानना ज़रूरी नहीं।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

कोड हर महीने का हिसाब चलाता है:

  1. डाउन पेमेंट = कीमत × डाउन %. लोन = कीमत − डाउन पेमेंट। लेन-देन का खर्च = कीमत × खर्च %.
  2. EMI = लोन × i × (1+i)^n ÷ ((1+i)^n − 1), जहाँ i = सालाना दर ÷ 12 और n = साल × 12 महीने।
  3. प्रॉपर्टी की क़ीमत और निवेश के सालाना प्रतिशत को मासिक दर में बदला जाता है (साल के प्रतिशत का 12वाँ मूल निकालकर)।
  4. हर महीने खरीदने वाले का खर्च = घर की क़ीमत × रखरखाव % ÷ 12, और जब तक लोन चलता है तब तक EMI भी। EMI का ब्याज और मूलधन अलग किया जाता है और बचा लोन घटता है। घर की क़ीमत मासिक दर से बढ़ती है।
  5. किराये वाले का पोर्टफ़ोलियो शुरू में डाउन पेमेंट + लेन-देन के खर्च जितना होता है। हर महीने पोर्टफ़ोलियो पर रिटर्न जुड़ता है, और उसमें "खरीदने वाले का मासिक खर्च − चालू किराया" जोड़ा जाता है। यानी माना गया है कि जो पैसा मालिक घर पर खर्च करता, उसमें से किराया चुकाने के बाद बची रकम किराये वाला निवेश कर देता है।
  6. किराया हर 12 महीने पूरे होने पर बढ़ता है।
  7. अंत में: खरीदने का net worth = घर की क़ीमत − बचा लोन। किराये का net worth = पोर्टफ़ोलियो।

ध्यान रखने की बातें:

  • अगर किराया खरीदने के मासिक खर्च से ज़्यादा हो जाए, तो उस महीने पोर्टफ़ोलियो में से पैसा निकलता माना जाता है।
  • लोन ख़त्म होने के बाद सिर्फ़ रखरखाव बचता है, इसलिए किराया वाले का निवेश योगदान बड़ा हो जाता है।
  • लोन के टैक्स लाभ, घर बेचने का खर्च और कैपिटल गेन्स टैक्स मॉडल में शामिल नहीं हैं। यह भी माना गया है कि किराये का घर और ख़रीदा हुआ घर हर तरह से बराबर हैं।
एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए सुरेश और उनकी पत्नी कानपुर में एक दुकान चलाते हैं। वे ₹45 लाख का फ़्लैट देख रहे हैं, जिसके जैसा फ़्लैट ₹14,000 महीने पर मिल जाता है। उन्होंने ये मान्यताएँ रखीं: डाउन पेमेंट 25%, लोन दर 8.5%, अवधि 20 साल, किराया बढ़त 6%, प्रॉपर्टी की बढ़त 4%, निवेश पर रिटर्न 10%, रखरखाव 1%, ख़र्च 6%, तुलना 12 साल बाद।

  1. डाउन पेमेंट = ₹11,25,000। लोन = ₹33,75,000। लेन-देन के खर्च = ₹2,70,000। शुरुआती नकद = ₹13,95,000।
  2. EMI लगभग ₹29,289। रखरखाव शुरुआत में 45,00,000 × 1% ÷ 12 = ₹3,750। इसलिए खरीदने का शुरुआती मासिक खर्च लगभग ₹33,039, जबकि किराया ₹14,000 है।
  3. किराये वाला शुरू में ₹13,95,000 निवेश करता है और हर महीने लगभग ₹19,000 अलग से निवेश करता है (33,039 − 14,000), जो किराया बढ़ने के साथ धीरे-धीरे घटता है।
  4. 12 साल बाद घर की क़ीमत लगभग ₹72,04,645 और बचा लोन लगभग ₹20,35,073। खरीदने का net worth लगभग ₹51,69,572।
  5. किराये का पोर्टफ़ोलियो लगभग ₹85,15,857।
  6. अंतर लगभग ₹33,46,285, यानी इस परिदृश्य में किराया + निवेश आगे।

अब इसी में एक-एक मान्यता बदलकर देखें, तो कहानी बदलती है:

  • प्रॉपर्टी की बढ़त 4% की जगह 7% करें, तो 12 साल बाद खरीदने का net worth लगभग ₹80,99,789 और किराये का लगभग ₹87,21,814 बनता है। अंतर बहुत घट जाता है। ध्यान दें कि किराये वाले का आँकड़ा इसलिए थोड़ा बदला क्योंकि खरीदने की रखरखाव लागत घर की क़ीमत से जुड़ी है।
  • निवेश का रिटर्न 10% की जगह 8% करें, तो किराये का पोर्टफ़ोलियो घटकर लगभग ₹71,08,294 रह जाता है, फिर भी वह खरीदने वाले से आगे है।
  • तुलना 12 की जगह 20 साल बाद करें, तो लोन चुक चुका होता है। खरीदने का net worth लगभग ₹98,60,054 और किराये का लगभग ₹1,85,89,582 बनता है।

इन संख्याओं का मतलब यह नहीं कि किराया हमेशा जीतता है। यह सिर्फ़ इन मान्यताओं पर जीता है, और खासकर इसलिए कि किराया खरीदने के खर्च से काफ़ी कम था। जहाँ किराया EMI के क़रीब हो और प्रॉपर्टी तेज़ी से बढ़े, वहाँ खरीदने का पलड़ा भारी हो सकता है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • होम लोन के ब्याज और मूलधन पर मिलने वाली टैक्स छूट इसमें शामिल नहीं है। ये नियम बदलते रहते हैं, इसलिए उनके लिए Income Tax Department की ताज़ा जानकारी देखें या Home Loan Tax Benefit Calculator अलग से चलाएँ।
  • घर बेचते समय का दलाली खर्च और कैपिटल गेन्स टैक्स शामिल नहीं हैं।
  • निवेश पर टैक्स भी शामिल नहीं है; रिटर्न को कर-पूर्व माना गया है।
  • किराये की बढ़त हर साल एक जैसी मानी गई है, जबकि असल में किराया झटके से बढ़ सकता है या घर बदलना पड़ सकता है।
  • घर की क़ीमत सीधी रेखा में बढ़ती मानी गई है; असल बाज़ार में दाम सालों तक स्थिर या नीचे भी रह सकते हैं।
  • घर खरीदने से मिलने वाले किराये की संभावित आमदनी (अगर आप घर का कोई हिस्सा किराये पर दें) शामिल नहीं है।
  • यह नहीं बताता कि आप होम लोन के लिए पात्र हैं या नहीं; उसकी जाँच बैंक करता है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Home Loan EMI Calculator — EMI, कुल ब्याज और साल-दर-साल तालिका के लिए।
  • Home Loan Affordability Calculator — देखने के लिए कि कितनी EMI आपकी आमदनी में सहज है।
  • Rental Yield Calculator — किसी प्रॉपर्टी का किराया उसकी क़ीमत के मुक़ाबले कितना है।
  • Stamp Duty Calculator — रजिस्ट्री के खर्च का अंदाज़ा।
  • Home Loan Tax Benefit Calculator — टैक्स पक्ष अलग से देखने के लिए।
  • Prepay vs Invest Calculator — अतिरिक्त पैसे से लोन चुकाएँ या निवेश करें।

यह लेख केवल शिक्षा और जानकारी के लिए है। यह निवेश, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं है, और नतीजे अनुमान हैं। घर ख़रीदने जैसा बड़ा फ़ैसला लेने से पहले अपनी स्थिति देखें और ज़रूरत हो तो योग्य सलाहकार से बात करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
तीन तरह की मान्यताएँ आज़माएँ

कीमत की बढ़त और निवेश के रिटर्न के लिए कम, मध्यम और ज़्यादा संख्याएँ डालें। जो फ़ैसला सब में टिके, वही भरोसेमंद है।

2
किराया उसी जैसे घर का डालें

तुलना तभी ठीक है जब किराये का घर इलाक़े और सुविधा में खरीदे जाने वाले घर जैसा हो।

3
निवेश अनुशासन की सच्चाई देखें

किराये वाले रास्ते में हर महीने की बचत सचमुच निवेश होनी चाहिए। मॉडल यह मान लेता है, असल में यह आदत का सवाल है।

4
EMI से ज़्यादा का खर्च सोचें

रखरखाव, मरम्मत और प्रॉपर्टी टैक्स अलग से लगते हैं। इन्हें अनुमान में ज़रूर जोड़ें।

5
घर के बिना क्या मोल है, यह भी सोचें

स्थिरता, बच्चों का स्कूल और मनचाहा बदलाव, ये सब संख्या के बाहर हैं। कुछ लोग इन्हें ज़्यादा अहमियत देते हैं।

6
लोन की क्षमता पहले जाँचें

कोई भी घर लेने से पहले EMI आपकी आय पर कितना बोझ है, Affordability और Home Loan Eligibility calculator से देखें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

नहीं। नतीजा price growth, किराये की बढ़त और return के assumptions पर बहुत निर्भर है; यह सिर्फ़ तुलना का एक तरीका है।

नहीं। यह दो रास्तों की तुलना दिखाता है जो आपकी मान्यताओं पर निर्भर है। वास्तविक फ़ैसला आपकी ज़रूरत, नौकरी की स्थिरता और पसंद पर भी निर्भर है।

मॉडल मानता है कि डाउन पेमेंट और लेन-देन का खर्च निवेश कर दिए जाते हैं, और हर महीने खरीदार के खर्च और किराये का अंतर भी उसी निवेश में जाता है।

जब किराया खरीदने के मासिक खर्च से कम होता है तो अंतर निवेश में जुड़ता है। उलटा हो तो पोर्टफ़ोलियो से रकम घटती है।

दोनों अलग तरह की चीज़ें हैं। किराया हर साल एक दर से बढ़ता है, जबकि घर की क़ीमत का रुझान इलाक़े पर निर्भर करता है।

हाँ। तब बचा हुआ लोन Net worth में से घटाया जाता है। लोन पूरा चुके तो बचा लोन शून्य रहता है।

यह स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन और ब्रोकरेज के लिए एक उदाहरण संख्या है। आपके राज्य और सौदे के अनुसार यह अलग हो सकती है।

यह घर की क़ीमत का सालाना प्रतिशत है। अपनी सोसायटी और नगर निगम के असली खर्च से अनुमान बना लें।

नहीं। ब्याज और मूलधन पर कर छूट व्यक्ति और कर व्यवस्था पर निर्भर है, इसलिए पेज में नहीं जोड़ी गई।

नहीं। बिक्री पर ब्रोकरेज और पूँजीगत लाभ पर कर शामिल नहीं हैं। असली बिक्री में Net worth इससे कम हो सकता है।

नहीं। निवेश का रिटर्न कर के बाद का मानकर डालें, ताकि तुलना ईमानदार रहे।

ताकि तुलना सीधी रहे। असल में खरीदा हुआ घर आपकी पसंद का और बदलने के लिए महँगा होता है, जबकि किराये का घर बदलना आसान है।

वृद्धि शून्य डालकर देख सकते हैं। पर लंबी अवधि में स्थिर किराये की मान्यता कम यथार्थवादी हो सकती है।

पेज की 10% सिर्फ़ उदाहरण है। अपने निवेश के जोखिम के हिसाब से सावधानी वाली संख्या डालें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं।

डाउन पेमेंट बढ़ने पर EMI घटती है और उधार कम होता है, पर निवेश के लिए शुरुआती रकम भी घटती है। दोनों तरह से आज़माकर देखें।

नहीं। यह सिर्फ़ शैक्षणिक गणना है। बड़ी ख़रीद से पहले अपनी पूरी वित्तीय स्थिति देखें।

आपके काम के और कैलकुलेटर

सभी कैलकुलेटर देखें
श्रेणी के अनुसार सभी कैलकुलेटर

घर और प्रॉपर्टी

बीमा और सुरक्षा

अब आगे क्या करें?

कुछ Suggest करना है? 💡

शुक्रिया! आपका feedback मिल गया। 🙏

Display Settings
थीम चुनो
Font Size
Aa