PF में जमा होती रकम

EPF Calculator (Provident Fund Corpus)

Basic salary, उम्र और रिटायरमेंट की उम्र डालें — EPF corpus, नियोक्ता का हिस्सा और ब्याज अलग-अलग देखें।

  • रिटायरमेंट पर EPF corpus
  • वेतन वृद्धि के साथ योगदान
  • नियोक्ता और EPS का बँटवारा
  • VPF जोड़कर देखें
  • मौजूदा बैलेंस के साथ
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहEPF में आपका और कंपनी का हिस्सा, दोनों जुड़ते हैं। नौकरी बदलने पर PF निकालने की जगह ट्रांसफ़र करें।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

EPF में पैसा कैसे जुड़ता है?

कर्मचारी की basic+DA का 12% EPF में जाता है। नियोक्ता भी 12% देता है, पर उसमें से 8.33% (basic की ₹15,000 की सीमा तक) पेंशन योजना EPS में चला जाता है, बाक़ी EPF में जमा होता है। इसीलिए नियोक्ता का EPF हिस्सा आम तौर पर कर्मचारी के हिस्से से कम होता है। EPF का ब्याज दर EPFO हर साल घोषित करता है और हर महीने की बची रकम पर जोड़कर साल के अंत में खाते में डाला जाता है। नीचे का चार्ट दिखाता है कि समय के साथ ब्याज का हिस्सा कितना बड़ा होता जाता है।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Each year your basic salary rises by the yearly increase you enter. Your share = 12% of basic (plus any VPF %); the employer's share going into EPF = 12% of basic − the EPS part (8.33% of basic, on a wage of up to ₹15,000 a month), as the EPS part goes to the pension scheme. Interest for every month = running balance × rate ÷ 12, collected through the year and added to the balance at year end. The interest rate is your own input; EPFO announces the actual rate each year.

हर साल आपकी basic सैलरी आपके डाले सालाना इज़ाफ़े से बढ़ती है। आपका हिस्सा = basic का 12% (और VPF %, अगर हो); employer का EPF में जाने वाला हिस्सा = basic का 12% − EPS वाला हिस्सा (₹15,000 मासिक वेतन तक basic का 8.33%), क्योंकि EPS वाला हिस्सा पेंशन योजना में जाता है। हर महीने का ब्याज = चालू बैलेंस × दर ÷ 12, जो साल भर जमा होकर साल के अंत में बैलेंस में जुड़ता है। ब्याज दर आपका अपना इनपुट है; असली दर EPFO हर साल घोषित करता है।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. The interest rate is declared by EPFO each year and may change; the 8.33% EPS split and the ₹15,000 wage ceiling follow the usual rules but your employer's set-up (higher wages, voluntary contributions) can differ. Interest on your own contributions above ₹2.5 lakh a year may be taxable. Check your passbook for actual balances. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। ब्याज दर EPFO हर साल घोषित करता है और बदल सकती है; 8.33% EPS बँटवारा और ₹15,000 की सीमा सामान्य नियम हैं, पर आपके नियोक्ता की व्यवस्था अलग हो सकती है। साल में ₹2.5 लाख से ज़्यादा के आपके अपने योगदान पर ब्याज कर-योग्य हो सकता है। असली बैलेंस के लिए अपनी पासबुक देखें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।

ये भी देखें

संक्षेप में
  • आपका योगदान basic + DA का 12% (VPF हो तो उससे ऊपर)। नियोक्ता के 12% में से 8.33% (₹15,000 की मासिक सीमा तक के वेतन पर) पेंशन योजना EPS में जाता है, बाक़ी EPF में।
  • हर साल वेतन आपकी डाली वृद्धि से बढ़ता है। हर महीने के बैलेंस पर ब्याज बनता है और साल के अंत में बैलेंस में जुड़ता है।
  • ब्याज दर EPFO हर साल घोषित करता है। पेज की 8.25% उदाहरण की संख्या है, इसे अपनी जानकारी के अनुसार बदलें।
  • पेंशन (EPS) का हिस्सा EPF corpus में शामिल नहीं है। यह पेज निकासी, नौकरी बदलने के अंतराल और कर का हिसाब नहीं करता।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पल्लवी: 28 साल, ₹30,000 basic (पेज की शुरुआती संख्याएँ)

पल्लवी की उम्र 28 है, 58 पर रिटायर होना चाहती है। Basic + DA ₹30,000, वेतन वृद्धि 6% सालाना, मौजूदा EPF बैलेंस शून्य। (उदाहरण दर: 8.25%)

अभी हर महीने EPF में जाता है
लगभग ₹5,950 (आप + नियोक्ता)
अभी हर महीने EPS में जाने वाला हिस्सा
लगभग ₹1,250
30 साल में आपके योगदान
₹34,15,314
नियोक्ता के योगदान
₹29,65,494
कमाया ब्याज
₹1,19,87,472
58 पर अनुमानित EPF corpus
₹1,83,68,280

कुल योगदान लगभग ₹64 लाख है, पर ब्याज उससे बड़ा रहा। इस मान्यता में लगभग 65% corpus ब्याज से आया।

अशोक: 35 साल, मौजूदा बैलेंस के साथ

अशोक की उम्र 35, 60 पर रिटायरमेंट। Basic + DA ₹50,000, वेतन वृद्धि 7%, मौजूदा EPF बैलेंस ₹8,00,000। (उदाहरण दर: 8%)

अभी हर महीने EPF में जाता है
लगभग ₹10,750
25 साल में आपके योगदान
₹45,53,931
नियोक्ता के योगदान
₹41,79,081
कमाया ब्याज (पुराने बैलेंस पर भी)
₹1,61,51,862
60 पर अनुमानित EPF corpus
₹2,56,84,873

पहले से जमा ₹8 लाख 25 साल तक ब्याज कमाता रहा, इसलिए ब्याज का हिस्सा बड़ा हुआ।

रेखा: जल्दी शुरुआत और VPF

रेखा की उम्र 25, 58 पर रिटायरमेंट। Basic + DA ₹20,000, वेतन वृद्धि 5%, कोई पुराना बैलेंस नहीं, basic का 10% VPF। (उदाहरण दर: 8.25%)

अभी हर महीने EPF में जाता है
लगभग ₹5,550
33 साल में आपके योगदान (VPF समेत)
₹42,27,367
नियोक्ता के योगदान
₹18,11,035
कमाया ब्याज
₹1,43,15,756
58 पर अनुमानित EPF corpus
₹2,03,54,158

कम वेतन से शुरू करके भी जल्दी शुरुआत और VPF से रेखा का corpus दो करोड़ के पार गया। VPF में आपका अपना पैसा है और नियोक्ता उस पर कोई योगदान नहीं देता।

ब्याज दर की मान्यता बदलने का असर (28 साल, 58 पर रिटायरमेंट, ₹30,000 basic, 6% वृद्धि)

ब्याज दर की मान्यता बदलने का असर (28 साल, 58 पर रिटायरमेंट, ₹30,000 basic, 6% वृद्धि)
मानी गई दर (%)अनुमानित EPF corpus
7.00₹1,52,88,279
7.50₹1,64,37,361
8.00₹1,76,95,171
8.25₹1,83,68,280
8.50₹1,90,72,830

सभी दरें उदाहरण हैं। असली दर EPFO घोषित करता है और हर साल बदल सकती है।

VPF जोड़ने का असर (वही पल्लवी, 8.25% उदाहरण दर)

VPF जोड़ने का असर (वही पल्लवी, 8.25% उदाहरण दर)
VPF (basic का %)हर महीने EPF में जाता है (लगभग)30 साल में आपके योगदानअनुमानित corpus
0%₹5,950₹34,15,314₹1,83,68,280
5%₹7,450₹48,38,361₹2,25,82,074
10%₹8,950₹62,61,408₹2,67,95,868
20%₹11,950₹91,07,503₹3,52,23,455

VPF से आपके हाथ का वेतन घटता है। इसके नियम और ब्याज पर कर का असर अलग से देखें।

त्वरित संदर्भ: EPF का हिसाब

त्वरित संदर्भ: EPF का हिसाब
आपका योगदानBasic + DA का 12% (VPF % ऊपर से)
नियोक्ता का EPS हिस्सा8.33% × min(basic, ₹15,000)
नियोक्ता का EPF हिस्साBasic का 12% − EPS हिस्सा
हर साल का basicपिछले साल का basic × (1 + वेतन वृद्धि %)
मासिक ब्याजचालू बैलेंस × दर ÷ 12, साल के अंत में जुड़ता है
अवधिरिटायरमेंट की उम्र − आज की उम्र (कम से कम 1 साल)
पेंशन (EPS) हिस्साEPF corpus में नहीं गिना जाता
इस पेज में क्या नहींनौकरी बदलने के अंतराल, निकासी, ब्याज पर कर, सीमा से ऊपर के योगदान का नियम और पेंशन की रकम।

EPF Calculator (Provident Fund Corpus) क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

नौकरी करने वाले ज़्यादातर लोगों की तनख़्वाह से हर महीने कुछ हिस्सा Provident Fund में जाता है, पर बहुत कम लोग जानते हैं कि यह छोटी-छोटी किस्तें रिटायरमेंट तक कितनी बड़ी रकम बन सकती हैं। यह calculator इसी सवाल का जवाब देता है: "मेरी मौजूदा basic सैलरी, उम्र, वेतन वृद्धि और ब्याज दर के हिसाब से रिटायरमेंट की उम्र तक मेरा EPF corpus कितना बन सकता है?"

पेज पर आप सात चीज़ें चुनते हैं और नतीजे में सिर्फ़ एक कुल रकम नहीं, बल्कि उसके टुकड़े दिखते हैं: आपका अपना योगदान, नियोक्ता (employer) का EPF योगदान और कमाया हुआ ब्याज। साथ में यह भी दिखता है कि अभी हर महीने कितना पैसा EPF में जा रहा है और कितना पेंशन योजना (EPS) में।

किसके काम का है

  • नई नौकरी शुरू करने वाला कोई युवा, जो समझना चाहता है कि वेतन का एक हिस्सा कटकर कहाँ जाता है।
  • मध्यम आयु का कर्मचारी, जो रिटायरमेंट की योजना बना रहा है और जानना चाहता है कि EPF उसके लक्ष्य का कितना हिस्सा पूरा करेगा।
  • जो लोग VPF (स्वैच्छिक योगदान) बढ़ाने की सोच रहे हैं और उसका असर देखना चाहते हैं।
  • नौकरी बदलने वाले लोग, जिनका पुराना EPF बैलेंस पहले से जमा है और वे उसे आगे की योजना में जोड़ना चाहते हैं।
  • पति-पत्नी, जो दोनों कमाते हैं और अलग-अलग EPF की तुलना करना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

सारे इनपुट स्लाइडर हैं, और आप उन्हें खींचकर नतीजा बदलते देख सकते हैं।

  • मासिक basic + DA (₹): ₹5,000 से ₹3,00,000 तक। यह आपकी CTC नहीं है, बल्कि वेतन पर्ची में basic और महँगाई भत्ते (DA) का जोड़ है। शुरुआती मान ₹30,000 है।
  • आपकी उम्र अभी: 18 से 57 साल।
  • रिटायरमेंट की उम्र: 45 से 65 साल। शुरुआती मान 58 है।
  • सालाना वेतन वृद्धि का अनुमान (%): 0% से 15%, 0.5% के कदम में। शुरुआती मान 6%।
  • माना गया EPF ब्याज दर (% सालाना): 6% से 10%, 0.05% के कदम में। शुरुआती मान 8.25% है। ध्यान दें कि यह आपका माना हुआ आँकड़ा है। असली दर EPFO हर साल घोषित करता है और वह बदलती रहती है।
  • मौजूदा EPF बैलेंस (₹): आपके पासबुक में अब तक का जमा पैसा। शुरुआती मान 0 है, जो नई नौकरी के लिए ठीक है। अगर आप पहले से काम कर रहे हैं, तो यह EPFO पोर्टल या UMANG ऐप के पासबुक से देखकर डालें।
  • अतिरिक्त स्वैच्छिक योगदान (VPF, basic का %): 0% से 50% तक। यह वह अतिरिक्त प्रतिशत है जो आप कर्मचारी के 12% के ऊपर से जमा करना चाहते हैं।
ध्यान दें: पेज पर रिटायरमेंट की उम्र और मौजूदा उम्र का फ़र्क़ ही काम करने के सालों की गिनती बनता है। अगर फ़र्क़ एक साल से कम हो तो भी कम से कम एक साल का योगदान गिना जाता है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर बड़ी संख्या है: "उम्र (आपकी रिटायरमेंट उम्र) पर अनुमानित EPF corpus"। उसके नीचे लिखा आता है कि यह कितनी ब्याज दर पर और कितने साल बाद की रकम है।

नीचे की पाँच पंक्तियाँ ये हैं।

  1. आपके योगदान: अवधि भर में आपकी तरफ़ से जमा हुई कुल रकम (VPF समेत)। इसमें मौजूदा बैलेंस शामिल नहीं है।
  2. नियोक्ता का EPF योगदान: नियोक्ता की तरफ़ से EPF खाते में जमा होने वाला कुल हिस्सा।
  3. कमाया हुआ ब्याज: पूरी अवधि का जमा हुआ ब्याज।
  4. अभी हर महीने EPF में जाता है (आप + नियोक्ता): पहले साल का मासिक योगदान।
  5. अभी हर महीने पेंशन (EPS) में जाने वाला नियोक्ता का हिस्सा: यह रकम EPF corpus में नहीं गिनी जाती।

पाई चार्ट में तीन हिस्से दिखते हैं: "आप + शुरुआती" (आपका योगदान और मौजूदा बैलेंस), नियोक्ता और ब्याज। नीचे का स्टैक्ड चार्ट हर साल के हिसाब से ये हिस्से जोड़ता जाता है, और ब्याज की परत समय के साथ मोटी होती दिखती है।

नतीजे में क्या देखें

  • अगर ब्याज वाला हिस्सा आपके और नियोक्ता के योगदान के जोड़ से भी बड़ा हो जाए, तो समझिए लंबी अवधि ने काम किया है।
  • पहली किस्त और आख़िरी साल की किस्त में बहुत बड़ा फ़र्क़ होगा, क्योंकि वेतन हर साल बढ़ता है और उसी के साथ योगदान भी।
  • EPS का हिस्सा अलग रखा गया है। वह पेंशन के लिए जाता है, एकमुश्त रकम के लिए नहीं।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

ब्याज दर के कई परिदृश्य

EPFO की दर हर साल बदल सकती है, इसलिए 7.5%, 8% और 8.5% के तीन परिदृश्य चलाकर देखें। अगर कम दर पर भी आपका लक्ष्य लगभग पूरा हो जाता है, तो योजना सुरक्षित है।

VPF का असर परखें

VPF स्लाइडर को 0%, 5%, 10% पर ले जाकर कुल corpus का अंतर देखें। साथ में सोचें कि इससे आपकी हाथ में आने वाली तनख़्वाह कितनी घटेगी। इस calculator में हाथ की सैलरी नहीं दिखती, इसलिए इसे Salary Calculator से मिलाकर देख सकते हैं।

वेतन वृद्धि का अनुमान सावधानी से

7-8% की वृद्धि हर साल लगातार मिलना ज़रूरी नहीं। 4%, 6% और 8% तीन बार आज़माइए। वेतन वृद्धि कम होगी तो corpus भी काफ़ी कम बनेगा।

नौकरी बदलते समय

मौजूदा बैलेंस वाला स्लाइडर तब काम आता है जब आप नई कंपनी में जाने के बाद योजना दोबारा बना रहे हों। पुराने खाते का पैसा नए खाते में ट्रांसफ़र हुआ है या नहीं, यह EPFO पोर्टल पर देखें।

रिटायरमेंट की ज़रूरत से तुलना

नतीजे की रकम को अपने रिटायरमेंट के खर्चे से जोड़कर देखें। यह देखने के लिए कि कुल कितना चाहिए, रिटायरमेंट कॉर्पस वाला calculator काम आएगा।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • CTC को basic समझ लेना: CTC में कई भत्ते शामिल होते हैं। यहाँ केवल basic + DA डालना है।
  • नियोक्ता का पूरा 12% EPF में मान लेना: उसका एक हिस्सा पेंशन (EPS) में जाता है, जो एकमुश्त corpus में नहीं गिना जाता।
  • ब्याज दर को पक्की मान लेना: दर हर साल घोषित होती है, पूरी अवधि के लिए तय नहीं।
  • पासबुक की जाँच न करना: नियोक्ता का योगदान समय पर जमा हो रहा है या नहीं, यह खुद देखें।
  • समय से पहले निकासी: नौकरी बदलने पर EPF निकाल लेने से कंपाउंडिंग टूट जाती है और कुछ मामलों में टैक्स भी लग सकता है। नियम बदलते रहते हैं, इसलिए पहले EPFO से जाँच लें।
  • टैक्स-मुक्त मान लेना: ऊँचे योगदान पर ब्याज कर-योग्य हो सकता है। यह calculator कर नहीं जोड़ता।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

यह calculator साल दर साल चलता है और हर साल के लिए महीने-महीने जोड़ता है।

  1. काम के साल = रिटायरमेंट की उम्र − मौजूदा उम्र (कम से कम 1)।
  2. हर साल की basic = शुरुआती basic × (1 + वेतन वृद्धि)^(साल − 1)। यानी वेतन वृद्धि दूसरे साल से लगती है।
  3. कर्मचारी का हिस्सा = basic का (12 + VPF)%।
  4. EPS वाला हिस्सा = 8.33% × min(basic, ₹15,000)। यह वह हिस्सा है जो नियोक्ता के 12% में से पेंशन योजना में जाता है।
  5. नियोक्ता का EPF हिस्सा = basic का 12% − EPS का हिस्सा।
  6. हर महीने बैलेंस में आपका और नियोक्ता का हिस्सा जुड़ता है, फिर उस बैलेंस पर (दर ÷ 12) के हिसाब से उस महीने का ब्याज बनता है।
  7. पूरे साल का ब्याज जमा होता रहता है और साल के अंत में बैलेंस में जोड़ दिया जाता है। यानी ब्याज पर ब्याज अगले साल से लगता है।

इस calculator में ₹15,000 की मासिक वेतन-सीमा और 8.33%, 12% की दरें मानी गई हैं, जो EPFO की आम व्यवस्था के हिसाब से हैं। पर आपके नियोक्ता की व्यवस्था अलग हो सकती है, जैसे ऊँची वेतन-सीमा पर योगदान या कंपनी की अपनी नीति। ऐसे में अपनी वेतन पर्ची और EPFO की वेबसाइट से पुष्टि ज़रूर करें। नियम और ब्याज दर बदल सकते हैं।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए विकास 32 साल का एक सेल्स मैनेजर है। उसकी basic + DA ₹45,000 है, वह 58 की उम्र में रिटायर होना चाहता है, सालाना वेतन वृद्धि 7% मानता है, उसके पास अभी EPF बैलेंस ₹3,00,000 है और वह 5% VPF जोड़ना चाहता है। ब्याज दर 8.25% मानी गई है। ये सब सिर्फ़ उदाहरण के आँकड़े हैं।

पहला साल:

  • कर्मचारी का हिस्सा = 45,000 × 17% = ₹7,650 (12% + 5% VPF)।
  • EPS वाला हिस्सा = 8.33% × 15,000 = ₹1,249.50।
  • नियोक्ता का EPF हिस्सा = 45,000 × 12% − 1,249.50 = 5,400 − 1,249.50 = ₹4,150.50।
  • हर महीने EPF में कुल = 7,650 + 4,150.50 = ₹11,800.50।

26 साल (58 − 32) बाद, इन मान्यताओं के साथ calculator का नतीजा लगभग ऐसा बनता है:

  • आपका कुल योगदान: लगभग ₹63.04 लाख।
  • नियोक्ता का कुल EPF योगदान: लगभग ₹40.60 लाख।
  • कमाया हुआ ब्याज: लगभग ₹1.72 करोड़।
  • मौजूदा बैलेंस ₹3 लाख समेत कुल corpus: लगभग ₹2.78 करोड़।

अब कुछ बदलाव देखें:

  • अगर विकास VPF न जोड़े (0%), तो कुल corpus लगभग ₹2.32 करोड़ रह जाता है। यानी 5% VPF से लगभग ₹46 लाख का फ़र्क़ आया।
  • अगर ब्याज दर 7.25% माने (VPF 5% के साथ), तो corpus लगभग ₹2.44 करोड़ बनता है। एक प्रतिशत-अंक की कमी से लगभग ₹34 लाख का अंतर।
  • अगर वह 58 की जगह 60 की उम्र तक काम करे, तो दो साल और योगदान व ब्याज जुड़कर corpus लगभग ₹3.46 करोड़ हो जाता है।
उदाहरण का सबक: योगदान से ज़्यादा बड़ा हिस्सा आख़िर में ब्याज का बनता है, और रिटायरमेंट की उम्र के कुछ साल का फ़र्क़ बहुत भारी पड़ता है। पर ये आँकड़े किसी की गारंटी नहीं हैं, वेतन और दरें बदलती रहती हैं।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह मानता है कि हर महीने योगदान पूरे साल बिना रुके जाता है। नौकरी में अंतराल, बिना वेतन की छुट्टी या कंपनी बदलने के बीच का समय शामिल नहीं है।
  • पेंशन योजना (EPS) से मिलने वाली मासिक पेंशन की गणना नहीं करता।
  • ब्याज दर पूरी अवधि में एक जैसी मानी गई है।
  • ब्याज को महीने-दर-महीने गिना गया है और साल के अंत में जोड़ा गया है। EPFO की असली गणना की बारीकियाँ अलग हो सकती हैं।
  • महँगाई, कर, निकासी और मृत्यु या विकलांगता से जुड़े लाभ इसमें शामिल नहीं हैं।
  • नतीजा अनुमान है, पासबुक की असली रकम से मेल खाना ज़रूरी नहीं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • NPS Calculator: रिटायरमेंट के लिए एक और योजना की गणना।
  • PPF Calculator: लंबी अवधि की एक और सरकारी बचत योजना के लिए।
  • NPS vs EPF vs Mutual Fund Calculator: तीनों की तुलना।
  • Retirement Corpus Calculator: रिटायरमेंट में कितनी रकम चाहिए।
  • Salary Calculator: PF कटने के बाद हाथ में वेतन।
  • Gratuity Calculator: नौकरी के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी का अनुमान।

यह लेख केवल शैक्षिक जानकारी है, निवेश, कर या क़ानूनी सलाह नहीं है। EPF के नियम और दरें बदल सकती हैं, इसलिए EPFO की वेबसाइट और अपने नियोक्ता से पुष्टि करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
वेतन वृद्धि सावधानी से डालें

अपनी असली औसत वृद्धि से कम या बराबर की संख्या रखें। बहुत ऊँची मान्यता नतीजे को फुला देती है।

2
ब्याज दर कई तरह से आज़माएँ

दर हर साल बदल सकती है। 7%, 8% और 8.5% पर नतीजे देखकर एक दायरा बनाएँ।

3
पुराने खाते जोड़ना न भूलें

नौकरी बदली हो तो पुराने PF खाते मर्ज करें और कुल बैलेंस "मौजूदा EPF बैलेंस" में डालें।

4
VPF का फ़ैसला सोच-समझकर

VPF से corpus बढ़ता है, पर हाथ का वेतन घटता है और ब्याज पर कर के नियम लागू हो सकते हैं। नियम आधिकारिक स्रोत से देखें।

5
EPS और EPF का फ़र्क़ समझें

नियोक्ता के हिस्से का एक अंश पेंशन में जाता है, जिसका लाभ पेंशन के नियमों से मिलता है। इसलिए EPF corpus उससे कम दिखता है।

6
रिटायरमेंट की पूरी तस्वीर देखें

EPF अकेला काफ़ी नहीं हो सकता। Retirement corpus calculator में NPS, बचत और खर्च जोड़कर देखें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

कर्मचारी की basic+DA का 12%। नियोक्ता भी 12% देता है, जिसमें से 8.33% (₹15,000 की सीमा तक) EPS पेंशन में जाता है और बाक़ी EPF में।

EPFO हर साल दर घोषित करता है। यह बदल सकती है, इसलिए calculator में दर बदलकर देख सकते हैं।

अपनी मासिक basic सैलरी और DA जोड़कर। भत्ते (HRA, special) इसमें नहीं गिने जाते।

उसमें से 8.33% (₹15,000 की मासिक सीमा तक के वेतन पर) पेंशन योजना EPS में जाता है। बाक़ी हिस्सा आपके EPF खाते में आता है।

पेज उसे एक अलग पंक्ति में दिखाता है और EPF corpus में नहीं जोड़ता। EPS का लाभ नियमों के अनुसार पेंशन के रूप में मिलता है।

यह स्वैच्छिक अतिरिक्त योगदान है, जो आप अपने basic के % के रूप में जोड़ सकते हैं। पेज में उसे ऊपर से जोड़ा जाता है।

नहीं, VPF सिर्फ़ आपका अपना योगदान है। नियोक्ता का हिस्सा वही 12% वाला रहता है।

हाँ। पेज मानता है कि हर नए साल की शुरुआत में basic उसी वृद्धि दर से बढ़ता है।

हर महीने के बैलेंस पर ब्याज गिना जाता है और साल के अंत में कुल जुड़ा ब्याज बैलेंस में जोड़ा जाता है।

पेज में आज की उम्र 18 से 57 और रिटायरमेंट की उम्र 45 से 65 तक चुन सकते हैं।

पेज में 6% से 10% तक की दर चुनी जा सकती है। असली दर EPFO घोषित करता है।

नहीं। कुछ सीमाओं से ऊपर के योगदान के ब्याज पर कर लग सकता है। नियम आधिकारिक स्रोत से देखें।

नहीं। पेज मानता है कि आप रिटायरमेंट तक कोई रकम नहीं निकालते। निकासी से corpus काफ़ी घट सकता है।

पेज लगातार नौकरी मानता है। अंतराल होने पर असली corpus कम रहेगा।

नहीं। यह भविष्य की रकम है। उसकी आज की क़ीमत समझने के लिए Inflation calculator में वही रकम और अवधि डालें।

नहीं। ब्याज दर, वेतन और नियम बदल सकते हैं। यह केवल मान्यताओं पर आधारित अनुमान है।

नहीं। यह शैक्षणिक गणना है। अपने EPF की असली स्थिति के लिए EPFO पोर्टल या अपने नियोक्ता से जाँच करें।

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