पर्सनल फाइनेंस

नौकरी छूट जाए तो पैसों का 90 दिन का प्लान

If You Lose Your Job: A 90-Day Money Plan

ASHA PaisaGyan Editorial Team 20 Oct 2026 Updated: 03 Nov 2026 6 min read 16 views
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अचानक नौकरी चली जाए तो घबराहट में गलत फ़ैसले आसानी से हो जाते हैं। पहले 90 दिन में खर्च, PF, बीमा, EMI और निवेश को कैसे सँभालें, इसका सीधा चरण-दर-चरण प्लान।

Contents

नौकरी जाना किसी के लिए भी झटका होता है, पर पैसों के मामले में सबसे बड़ा नुकसान अक्सर घबराहट में लिए गए फ़ैसलों से होता है: निवेश बेच देना, क्रेडिट कार्ड पर खर्च चलाना या EMI रोक देना। एक सोचा-समझा 90 दिन का प्लान आपको समय देता है। (हमारा "इमरजेंसी फंड कितना होना चाहिए" लेख भी साथ पढ़ें।)

पहला हफ़्ता: तस्वीर साफ़ करें

  1. मासिक ज़रूरी खर्च लिखें: किराया, राशन, बिजली-इंटरनेट, बच्चों की फीस, EMI, बीमा प्रीमियम और आने-जाने का खर्च। शौक वाले खर्च अलग रखें।
  2. नकदी जोड़ें: बचत खाता, FD, लिक्विड फंड और बचा हुआ अंतिम वेतन।
  3. रनवे निकालें: कुल नकदी ÷ ज़रूरी मासिक खर्च = आप कितने महीने चल सकते हैं।

उदाहरण (काल्पनिक): ज़रूरी खर्च ₹35,000 प्रति माह और कुल नकदी ₹1,75,000 है, तो रनवे 5 महीने का है। इससे आप जान जाते हैं कि नई नौकरी ढूँढने के लिए कितना समय है।

कंपनी से क्या-क्या लेना है

  • अंतिम हिसाब (फुल एंड फाइनल): बकाया वेतन, छुट्टियों का भुगतान और लागू हो तो ग्रेच्युटी। समय-सीमा के नियम हाल में बदले हैं, इसलिए श्रम विभाग या कंपनी की लिखित नीति देखें।
  • एक्सपीरियंस/रिलीविंग लेटर, Form 16 और सैलरी स्लिप।
  • PF का UAN सक्रिय रखें और नई नौकरी में ट्रांसफ़र का विकल्प चुनें।

EMI, बीमा और क़र्ज़

  • होम/कार लोन की EMI सबसे पहले सुरक्षित रखें, क्योंकि चूक से क्रेडिट स्कोर बिगड़ता है। मुश्किल हो तो बैंक से पहले ही बात कर लें; वे कभी-कभी अस्थायी राहत या पुनर्गठन पर विचार करते हैं।
  • कंपनी का ग्रुप हेल्थ कवर नौकरी के साथ ख़त्म हो सकता है। जल्द से जल्द अपना व्यक्तिगत हेल्थ बीमा लें या चालू रखें।
  • टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम चालू रखें।
  • क्रेडिट कार्ड से घर का खर्च चलाने से बचें; वहाँ ब्याज बहुत ऊँचा होता है।

निवेश और PF: क्या पहले तोड़ें?

आम तौर पर क्रम यह रहता है: बचत खाता और लिक्विड निवेश, फिर FD, फिर बाज़ार से जुड़े निवेश (गिरावट में बेचने से बचें), और सबसे आख़िर में PF। PF में लंबी अवधि का ब्याज और टैक्स-लाभ होता है, और पाँच साल की सेवा से पहले निकासी पर टैक्स लग सकता है। EPFO ने बेरोज़गारी की स्थिति में निकासी के नियम हाल में बदले हैं, इसलिए ताज़ा शर्तें EPFO पोर्टल पर जाँचें। SIP पूरी तरह बंद करने के बजाय कुछ समय के लिए रोकना या घटाना बेहतर विकल्प हो सकता है।

आमदनी के नए रास्ते

  • फ्रीलांस या कंसल्टिंग का छोटा काम, जिससे कुछ आमदनी चालू रहे।
  • पुराने सहकर्मियों और LinkedIn के ज़रिए नौकरी की तलाश।
  • नई स्किल का छोटा कोर्स, पर बिना सोचे बड़ी फीस वाले कोर्स में पैसा न लगाएँ।

आधिकारिक स्रोत

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, वित्तीय, कर या कानूनी सलाह नहीं। नियम और दरें बदल सकती हैं; निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत देखें। अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026।

निष्कर्ष / Conclusion

अपना रनवे जानना घबराहट का सबसे अच्छा इलाज है। ज़रूरी खर्च पहले, निवेश और PF आख़िरी विकल्प। और अगली नौकरी का इंतज़ार करते हुए भी बीमा चालू रखें।

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Quick Summary
पहले ज़रूरी खर्चों की सूची बनाएँ, इमरजेंसी फंड कितने महीने चलेगा यह निकालें, EMI और बीमा बनाए रखें, और PF या निवेश तभी तोड़ें जब और कोई रास्ता न हो।
🧠 Quick Quiz — कितना याद रहा?
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Question 1/1

1. रनवे निकालने का सही तरीका कौन सा है?

कुल उपलब्ध नकदी को ज़रूरी मासिक खर्च से भाग देने पर पता चलता है कि कितने महीने चल सकते हैं।
⚠️ Common Mistakes vs Best Practices
❌ घबराहट में सारे निवेश बेच देना
✅ रनवे निकालकर क्रम से रकम इस्तेमाल करें।
❌ हेल्थ बीमा बंद हो जाने देना
✅ अपना व्यक्तिगत कवर पहले से चालू रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

आख़िरी विकल्प रखें। PF का ब्याज और टैक्स-लाभ लंबी अवधि में काम आता है; पाँच साल की सेवा से पहले निकासी पर टैक्स भी लग सकता है।

चूक से पहले बैंक/लेंडर से बात करें और अपनी स्थिति बताएँ। चुपचाप चूकने से क्रेडिट स्कोर बिगड़ता है।

ग्रुप कवर बंद होने से पहले व्यक्तिगत पॉलिसी लें; कुछ ग्रुप पॉलिसी में पोर्टेबिलिटी का विकल्प मिलता है, बीमा कंपनी से पूछें।

⚠️ अस्वीकरण: यह वेबसाइट केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य से बनाई गई है। यहाँ दी गई कोई भी जानकारी निवेश, कर, बीमा या वित्तीय सलाह नहीं है। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी SEBI पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

⚠️ Disclaimer: This website is for educational and informational purposes only. Nothing here constitutes investment, tax, insurance, or financial advice. Please consult a SEBI-registered financial advisor before making any financial decisions.

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ASHA PaisaGyan Editorial Team

ASHA PaisaGyan की editorial team — finance को आसान Hindi में समझाने के लिए। हमारा content सिर्फ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, investment advice नहीं। Data और नियमों के sources के लिए Disclaimer page देखें।

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