पुराने आँकड़ों पर SIP की जाँच

SIP Back-test Calculator

किसी भी mutual fund में अगर आप पिछले सालों में SIP करते, तो आज कितना पैसा होता? असली NAV history से देखें।

आशुग्या की सलाहपुराना रिटर्न आगे की गारंटी नहीं होता। इसे सीखने के लिए इस्तेमाल करें, भविष्यवाणी के लिए नहीं।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

A past-performance replay, not a forecast. The same amount is invested on the first available NAV date of every month in the chosen period; units bought = amount ÷ NAV, value today = total units × latest NAV, gain = value − invested amount. The annualised return is the XIRR of those dated instalments and today's value. Fund NAVs come from AMFI-published data, and a fund with a shorter history is tested over the history it has. Past returns do not predict future returns.

यह बीते प्रदर्शन का दोहराव है, भविष्यवाणी नहीं। चुनी हुई अवधि के हर महीने की पहली उपलब्ध NAV तारीख़ पर वही रकम लगाई जाती है; ख़रीदी यूनिट = रकम ÷ NAV, आज का मूल्य = कुल यूनिट × ताज़ा NAV, लाभ = मूल्य − निवेश की रकम। सालाना रिटर्न इन तारीख़-वार किस्तों और आज के मूल्य का XIRR है। फ़ंड की NAV AMFI की प्रकाशित जानकारी से ली जाती है, और कम इतिहास वाले फ़ंड को उतने ही इतिहास पर जाँचा जाता है जितना उपलब्ध है। बीता रिटर्न भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026

Past performance is not a guarantee of future returns. This replays monthly SIPs on a fund's historical NAV (from mfapi.in, built on AMFI data). It ignores exit loads, taxes, expense changes and missed instalments, and the fund's category, manager or strategy may have changed. Educational use only — not investment advice; consult a SEBI-registered advisor before deciding.
पिछला प्रदर्शन भविष्य के returns की गारंटी नहीं है। यह किसी fund के पुराने NAV पर हर महीने की SIP दोहराकर दिखाता है (mfapi.in से, AMFI के डेटा पर आधारित)। इसमें exit load, tax, खर्च में बदलाव और छूटी हुई किस्तें शामिल नहीं हैं, और fund की category, manager या रणनीति बदली भी हो सकती है। सिर्फ़ शैक्षणिक उपयोग — निवेश सलाह नहीं; फ़ैसले से पहले SEBI-registered सलाहकार से पूछें।

SIP Back-test Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

ज़्यादातर SIP calculator भविष्य का अंदाज़ा लगाते हैं: "अगर 12% रिटर्न मिला तो..." लेकिन 12% एक मान्यता है, सच नहीं। SIP Back-test Calculator उल्टी दिशा में चलता है। यह किसी असली mutual fund की बीती NAV (Net Asset Value) की history उठाता है और पूछता है: "अगर आप पिछले 5, 10 या 15 सालों में हर महीने इसी fund में एक तय रकम की SIP करते रहते, तो आज आपके पास कितना पैसा होता?"

यानी यहाँ रिटर्न की दर आप नहीं डालते। दर fund के असली इतिहास से अपने आप निकलती है। आपको सिर्फ़ तीन बातें बतानी हैं: कौन-सा fund, महीने की कितनी रकम और कितने साल पीछे से शुरू करना है।

यह "रिप्ले" है, भविष्यवाणी नहीं। बीते सालों में जो हुआ, उसे दोबारा चलाकर दिखाया जाता है। इससे आपको एहसास होता है कि SIP में पैसा किस तरह बढ़ता-घटता रहता है, पर यह गारंटी नहीं कि आगे भी वैसा ही होगा।

किसके काम का है

  • नया निवेशक, जो SIP शुरू करने से पहले देखना चाहता है कि किसी fund में बीते सालों में SIP का सफ़र कैसा रहा।
  • जो व्यक्ति कई साल से एक fund में SIP कर रहा है और जानना चाहता है कि बाक़ी अवधियों में वही fund कैसा रहा होता।
  • जिसे "औसत रिटर्न 14%" जैसे विज्ञापन पर संदेह है और जो SIP के असली अनुभव (XIRR) से तुलना करना चाहता है।
  • परिवार का वह सदस्य जो यह समझाना चाहता है कि बाज़ार गिरने के समय भी SIP चलाते रहने से क्या फ़र्क पड़ता है।
  • विद्यार्थी, जिन्हें NAV, यूनिट और XIRR जैसी बातें असली आँकड़ों के साथ सीखनी हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर बाईं तरफ़ "Fund चुनें" वाला कार्ड है। इसमें ये हैं:

  • Fund का नाम खोजें: यहाँ fund का नाम टाइप करें। कम से कम दो अक्षर लिखने के बाद सूची दिखने लगती है। सूची में से अपने fund पर क्लिक करें। चुनने पर नीचे हरे निशान के साथ fund का नाम दिखता है। जब तक fund नहीं चुना जाता, "Back-test चलाएँ" बटन बंद रहता है।
  • मासिक SIP (₹): slider ₹500 से ₹1 लाख तक चलता है और शुरुआती मान ₹5,000 है। इसके नीचे एक संख्या वाला खाना भी है जिसमें आप सीधे रकम लिख सकते हैं।
  • पिछले कितने साल: एक ड्रॉप-डाउन है जिसमें 1, 3, 5, 7, 10 और 15 साल के विकल्प हैं। शुरू में 5 साल चुना रहता है।

सब भरकर "Back-test चलाएँ" दबाइए। कुछ पल में fund की NAV history लाई जाती है और नतीजा दाईं तरफ़ दिखता है।

ध्यान दें: fund का सही नाम चुनना ज़रूरी है। एक ही कंपनी के कई fund और कई plan (जैसे Regular और Direct, Growth और IDCW) होते हैं। नाम की पूरी पंक्ति ध्यान से पढ़कर वही चुनिए जिसकी आप जाँच करना चाहते हैं।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

नतीजे के कार्ड में सबसे ऊपर fund का नाम और उसके नीचे बड़े अक्षरों में आज का मूल्य दिखता है। अगर आपको लाभ हुआ है तो यह हरे रंग में और नुकसान हुआ है तो लाल रंग में आता है। उसके नीचे एक पंक्ति है:

  • XIRR सालाना: आपकी हर किस्त की तारीख़ और आज के मूल्य को ध्यान में रखकर निकला सालाना रिटर्न। यह वही चीज़ है जो SIP के लिए सबसे ईमानदार पैमाना मानी जाती है, क्योंकि हर किस्त अलग-अलग समय की होती है। अगर किसी कारण से XIRR निकाली नहीं जा सकी, तो यहाँ डैश (—) दिखता है।
  • कुल रिटर्न (%): लाभ को कुल निवेश से भाग देकर निकला प्रतिशत। इसमें समय का असर शामिल नहीं होता, इसलिए इसे अकेले देखकर तुलना न करें।

फिर तीन आँकड़े आते हैं:

  • निवेश: अवधि में आपने कुल कितना पैसा डाला। यह किस्तों की संख्या गुणा मासिक रकम होती है।
  • लाभ: आज का मूल्य माइनस कुल निवेश। नुकसान की हालत में यह माइनस चिह्न के साथ दिखता है।
  • किस्तें: कितनी मासिक किस्तें गिनी गईं।

नीचे एक रेखा चार्ट है जिसमें नीली रेखा आपके कुल निवेश को और हरी रेखा आपके निवेश के बदलते मूल्य को दिखाती है। जब हरी रेखा नीली से नीचे जाती है, तो उस दौर में आपके निवेश का मूल्य लगाई गई रकम से कम था। यह चार्ट अच्छी तरह दिखाता है कि कैसे बाज़ार गिरने पर SIP का मूल्य कुछ समय के लिए घटता है और फिर संभलता है।

सबसे नीचे अवधि लिखी होती है, जैसे "2021-xx-xx से 2026-xx-xx तक (5 साल का डेटा)"। अगर fund उतना पुराना नहीं है जितना आपने माँगा, तो वहाँ "fund इतना पुराना नहीं है" का नोट जुड़ जाता है। तब नतीजा उतने ही सालों पर निकलता है जितना fund का इतिहास उपलब्ध है।

नतीजा पढ़ते समय क्या देखें

  • XIRR की तुलना उसी श्रेणी के दूसरे fund से करें, किसी बिल्कुल अलग श्रेणी से नहीं।
  • एक ही fund को 3, 5 और 10 साल पर चलाकर देखें। नतीजे बहुत अलग हों तो समझिए कि अवधि का चुनाव काफ़ी मायने रखता है।
  • सिर्फ़ ऊँचे XIRR पर मत रुकिए, चार्ट की हरी रेखा के गिरावट वाले हिस्से भी देखिए और सोचिए कि क्या आप उस दौर में SIP जारी रख पाते।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

अलग-अलग अवधि पर वही fund चलाएँ

एक ही fund को 1, 3, 5, 7, 10 और 15 साल पर चलाकर XIRR लिख लीजिए। अगर हर अवधि में नतीजा लगभग एक-सा है, तो fund का अनुभव स्थिर रहा। अगर 1 साल का नतीजा बहुत ऊँचा और 7 साल का बहुत कम है, तो हाल की तेज़ी ने तस्वीर बदली है।

दो या तीन fund की तुलना

एक के बाद एक अपनी शॉर्टलिस्ट के fund चलाइए, मासिक रकम और अवधि एक जैसी रखकर। फिर XIRR, कुल लाभ और चार्ट की गिरावटें साथ रखकर देखिए। यह ध्यान रहे कि तुलना एक ही श्रेणी के fund के बीच हो।

गिरावट के दौर पर नज़र डालें

हरी रेखा जब नीली से नीचे जाती है, तो उसी जगह सोचिए: क्या मैं यहाँ किस्त देता रहता? SIP की असली परीक्षा अंत का आँकड़ा नहीं, बीच का धैर्य है।

रकम बदलकर देखें

SIP की रकम बदलने पर XIRR लगभग वही रहती है, पर लाभ की रकम उसी अनुपात में बदलती है। यह इस बात की पुष्टि है कि रिटर्न की दर रकम पर नहीं, fund की चाल पर निर्भर है।

आगे की योजना से जोड़ें

Back-test से मिली XIRR को कोई पक्का वादा न मानें, पर उसे भविष्य के अनुमान के लिए एक सोच-समझकर चुनी हुई सावधान मान्यता बनाने में इस्तेमाल करें। फिर SIP Calculator में अपनी दर से भविष्य का अनुमान देखें, और बेहतर होगा कि उससे कम दर पर भी देखें।

उदाहरण: अगर 10 साल के back-test में XIRR 13% आई, तो भविष्य की योजना में 13% पर भरोसा करने के बजाय 10% या 9% पर भी योजना को चलाकर देखिए। जो योजना कम दर पर भी चल जाए, वह ज़्यादा मज़बूत है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • बीते रिटर्न को आगे का वादा मान लेना: पेज की चेतावनी में भी लिखा है कि पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है।
  • सिर्फ़ सबसे ऊँची XIRR वाला fund चुनना: हो सकता है वह fund ज़्यादा जोखिम वाला हो या उसकी अवधि किसी तेज़ी वाले दौर में पड़ी हो।
  • अलग श्रेणी की तुलना: large cap, small cap और debt fund की XIRR सीधे आमने-सामने रखना उचित नहीं।
  • कुल रिटर्न और XIRR को एक समझना: कुल रिटर्न में समय नहीं होता। 5 साल में 50% और 10 साल में 50% अलग बातें हैं।
  • बहुत छोटी अवधि से निष्कर्ष: 1 साल का back-test एक झलक है, कसौटी नहीं।
  • Regular और Direct plan को एक मानना: दोनों की NAV अलग होती है, क्योंकि खर्च अलग है। सही plan चुनकर जाँच करें। इसके असर के लिए Direct vs Regular Plan Calculator देखा जा सकता है।
  • Fund के बदलाव को भूलना: पिछले 10 साल में fund का manager, नीति या श्रेणी बदली हो सकती है, तो पुराना रिकॉर्ड आज के fund को पूरी तरह नहीं दिखाता।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

Calculator ऐसे चलता है:

  1. fund की पूरी NAV history ली जाती है। यह जानकारी AMFI के प्रकाशित आँकड़ों पर आधारित एक सार्वजनिक स्रोत से आती है, जिसे साइट का data source चलाता है।
  2. आख़िरी उपलब्ध NAV की तारीख़ से चुने हुए साल पीछे जाकर शुरुआत तय होती है। अगर fund की history उससे छोटी है, तो fund की पहली तारीख़ से शुरुआत होती है।
  3. हर महीने की पहली उपलब्ध NAV तारीख़ पर आपकी मासिक रकम लगाई जाती है। इस दिन की NAV से यूनिट निकलती हैं: यूनिट = रकम ÷ NAV।
  4. अंत में कुल यूनिट को सबसे ताज़ा NAV से गुणा करके आज का मूल्य निकलता है।
  5. लाभ = आज का मूल्य − कुल निवेश, और कुल रिटर्न का प्रतिशत = (मूल्य ÷ निवेश − 1) × 100।
  6. XIRR निकालने के लिए हर किस्त को उसकी तारीख़ पर ऋणात्मक प्रवाह और आज के मूल्य को अंतिम तारीख़ पर धनात्मक प्रवाह माना जाता है। फिर वह सालाना दर खोजी जाती है जिस पर इन सबका वर्तमान मूल्य शून्य हो जाए।
  7. चार्ट के लिए बीच के बिंदुओं को छाँटकर लगभग 36 बिंदु दिखाए जाते हैं, ताकि रेखा साफ़ दिखे।

कुछ तकनीकी सीमाएँ भी हैं। मासिक रकम कम से कम ₹100 और ज़्यादा से ज़्यादा ₹1 करोड़ तक मान्य है (पेज का slider ₹500 से ₹1 लाख तक है)। साल की गिनती 1 से 30 के बीच ही ली जाती है। अगर fund की history बहुत छोटी है (लगभग 30 NAV से कम), तो back-test नहीं चलता और संदेश आता है।

एक पूरा उदाहरण

यह उदाहरण समझाने के लिए बनाया गया है। इसमें NAV काल्पनिक हैं, किसी असली fund की नहीं हैं।

मान लीजिए प्रिया एक फ़्रीलांस डिज़ाइनर है और हर महीने ₹5,000 की SIP एक काल्पनिक fund में कर रही है। 12 महीनों में उसे हर महीने की पहली तारीख़ को ये NAV मिले: 20, 22, 19, 21, 24, 25, 23, 26, 28, 27, 30, 31। अंत में ताज़ा NAV 32 है।

चरण 1: हर महीने की यूनिट। पहले महीने ₹5,000 ÷ 20 = 250 यूनिट। तीसरे महीने NAV गिरकर 19 था, इसलिए ₹5,000 ÷ 19 लगभग 263.16 यूनिट मिलीं। छठे महीने NAV 25 था, तो 200 यूनिट मिलीं। देखिए, NAV कम होने पर वही रकम ज़्यादा यूनिट देती है।

चरण 2: कुल यूनिट। सभी 12 महीनों की यूनिट जोड़ने पर लगभग 2,488.27 यूनिट बनती हैं।

चरण 3: आज का मूल्य। 2,488.27 × 32 = लगभग ₹79,625।

चरण 4: निवेश और लाभ। कुल निवेश 12 × 5,000 = ₹60,000। लाभ = 79,625 − 60,000 = लगभग ₹19,625। कुल रिटर्न लगभग 32.7%।

चरण 5: XIRR। इन तारीख़ों पर XIRR निकालने पर सालाना दर लगभग 65% आती है। यह इसलिए इतनी ऊँची दिखती है कि NAV सिर्फ़ एक साल में 20 से 32 पहुँच गई और पैसा औसतन आधे साल ही लगा रहा।

यहाँ दो सबक हैं। पहला: 32.7% कुल रिटर्न और 65% XIRR एक ही कहानी के दो अलग-अलग पैमाने हैं। दूसरा: बहुत छोटी अवधि का XIRR भ्रम पैदा कर सकता है, इसलिए असली fund को कम से कम 5 साल या उससे ज़्यादा पर परखना बेहतर है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता

पेज की चेतावनी साफ़ कहती है कि इसमें कई चीज़ें शामिल नहीं हैं:

  • Exit load: किसी तय अवधि से पहले निकालने पर लगने वाला शुल्क गिना नहीं जाता।
  • कर: निकासी पर लगने वाला पूँजीगत लाभ कर शामिल नहीं है। नियम बदलते रहते हैं, इसलिए आयकर विभाग की वेबसाइट देखें।
  • खर्च में बदलाव: NAV में fund का खर्च पहले से घटा होता है, पर बाद में खर्च बदलने का अलग से कोई हिसाब नहीं है।
  • छूटी हुई किस्तें: असल ज़िंदगी में कभी किस्त छूट जाती है, यहाँ हर महीने किस्त मानी गई है।
  • किस्त की तारीख़: हर महीने की पहली उपलब्ध NAV तारीख़ मानी गई है, जबकि आपकी असली SIP की तारीख़ अलग हो सकती है।
  • Dividend (IDCW) और बाक़ी पेआउट: केवल NAV के आधार पर हिसाब है।
  • Fund का जोखिम: XIRR एक आँकड़ा है, जोखिम का माप नहीं।

साथ ही यह पेज उस data source पर निर्भर है जिससे NAV आती है। साइट का व्यवस्थापक इस सुविधा को बंद कर सकता है, और अगर स्रोत उपलब्ध न हो तो पेज पर tool छिपा भी रह सकता है। ऐसे में थोड़ी देर बाद दोबारा आइए। इस लेख में हम किसी ताज़ा NAV या रिटर्न की संख्या नहीं बताते, क्योंकि वे रोज़ बदलते हैं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं। निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन है, इसलिए फ़ैसले से पहले अपनी स्थिति देखें और ज़रूरत हो तो SEBI-पंजीकृत सलाहकार से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

नहीं। पिछला प्रदर्शन भविष्य के returns की गारंटी नहीं है।

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