असली सालाना बढ़त पता करें

CAGR Calculator

किसी भी निवेश की चक्रवृद्धि सालाना बढ़त दर (Compound Annual Growth Rate) निकालें

  • चक्रवृद्धि सालाना दर
  • कुल रिटर्न
  • शुरुआती और अंतिम मूल्य
  • उल्टा हिसाब (भविष्य का मूल्य)
  • संदर्भ CAGR
  • शेयर करने लायक़ लिंक
आशुग्या की सलाहCAGR साल-दर-साल का औसत चक्रवृद्धि रिटर्न है। इससे दो निवेशों की तुलना आसान होती है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

निवेश की जानकारी
₹
₹
1 साल 10 साल 40 साल
CAGR का नतीजा
आपके निवेश का CAGR
—
शुरुआती
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अंतिम
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कुल रिटर्न
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यह दर आगे भी जारी रहे तो कितना मिलेगा, यह देखना है? Lumpsum Calculator में इसी दर से अनुमान लगाएँ। देखें
उल्टा हिसाब: एक लक्ष्य CAGR पर कितना मिलेगा?
₹
भविष्य का मूल्य
—

CAGR क्या होता है?

CAGR (Compound Annual Growth Rate) किसी निवेश की औसत सालाना बढ़त दर नापता है, साल-दर-साल के उतार-चढ़ाव को बराबर करके। म्यूचुअल फंड, शेयर, रियल एस्टेट — सबके रिटर्न CAGR में बताए जाते हैं।

CAGR = (अंतिम मूल्य / शुरुआती मूल्य)^(1/साल) - 1 उदाहरण: 10 साल में ₹1L → ₹3.5L CAGR = (350000/100000)^(1/10) - 1 = 3.5^0.1 - 1 = 13.38%

संदर्भ CAGR

FD (बैंक): 6-7%
PPF: 7-7.1%
सोना (ऐतिहासिक): 8-10%
Nifty 50 (15 साल): ~12-14%
स्मॉल कैप MF: 14-18%

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

CAGR = (final value ÷ initial value)^(1 ÷ years) − 1, shown in %. Total return = (final − initial) ÷ initial × 100. The reverse box works the other way: future value = initial amount × (1 + CAGR)^years. CAGR smooths the journey into one yearly rate; it does not show the ups and downs in between.

CAGR = (अंतिम मूल्य ÷ शुरुआती मूल्य)^(1 ÷ साल) − 1, % में दिखाया गया है। कुल रिटर्न = (अंतिम − शुरुआती) ÷ शुरुआती × 100। उल्टे वाले बॉक्स में हिसाब पलट जाता है: भविष्य का मूल्य = शुरुआती रकम × (1 + CAGR)^साल। CAGR पूरे सफ़र को एक सालाना दर में समेट देता है; बीच के उतार-चढ़ाव इसमें नहीं दिखते।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • CAGR बताता है कि शुरुआती मूल्य हर साल एक-सी दर से बढ़कर अंतिम मूल्य तक पहुँचे तो वह दर कितनी होती।
  • यह बीच के उतार-चढ़ाव को एक औसत दर में समेट देता है। असली रास्ता ऊबड़-खाबड़ भी रहा हो, CAGR चिकना दिखाता है।
  • कुल रिटर्न और CAGR अलग चीज़ें हैं। 10 साल में 150% कुल रिटर्न का मतलब 150% सालाना नहीं, बल्कि लगभग 9.6% सालाना है।
  • यह एकमुश्त निवेश के लिए है, जिसमें बीच में पैसा नहीं जुड़ा या निकला। हर महीने की SIP के लिए XIRR ज़्यादा सही माप है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

दस साल का उदाहरण

किसी ने ₹1,00,000 लगाए, जो 10 साल में ₹2,50,000 हो गए।

शुरुआती मूल्य
₹1,00,000
अंतिम मूल्य
₹2,50,000
अवधि
10 साल
कुल रिटर्न
150%
CAGR
लगभग 9.60% सालाना

150% सुनने में बहुत बड़ा लगता है, पर दस साल में फैलाने पर यह लगभग 9.6% सालाना है। सालाना दर ही दो निवेशों की सही तुलना कराती है।

आरती: एक ही कुल रिटर्न, अलग समय

आरती के दो निवेश हैं। दोनों ₹3,00,000 से ₹5,00,000 बने (कुल रिटर्न 66.67%), पर एक 4 साल में और दूसरा 6 साल में।

4 साल में
CAGR लगभग 13.62%
6 साल में
CAGR लगभग 8.89%
कुल रिटर्न दोनों में
66.67%

कुल रिटर्न बराबर होने पर भी जो निवेश कम समय में पहुँचा, उसकी सालाना दर काफ़ी ऊँची रही। इसीलिए अवधि के बिना सिर्फ़ कुल रिटर्न अधूरा है।

विकास: नुकसान का मामला

विकास के ₹2,00,000 तीन साल में ₹1,50,000 रह गए।

कुल रिटर्न
−25%
CAGR
लगभग −9.14% सालाना

जब अंतिम मूल्य शुरुआती से कम हो तो CAGR नकारात्मक आता है। इसका मतलब औसतन हर साल लगभग इतनी गिरावट रही।

रकम कितने गुना, कितने साल में: CAGR कितना

रकम कितने गुना, कितने साल में: CAGR कितना
रकम का गुनाअवधिलगभग CAGR
2 गुना5 साल14.87%
2 गुना10 साल7.18%
2 गुना20 साल3.53%
3 गुना10 साल11.61%
3 गुना15 साल7.60%
5 गुना5 साल37.97%

गुना जितना बड़ा और समय जितना कम, CAGR उतना ऊँचा चाहिए। 2 गुना 10 साल में लगभग 7.2% सालाना के बराबर है।

उल्टा हिसाब: ₹1,00,000 पर 10 साल में (उदाहरण दरें)

उल्टा हिसाब: ₹1,00,000 पर 10 साल में (उदाहरण दरें)
मान ली गई CAGRभविष्य का मूल्य
6%₹1,79,085
8%₹2,15,892
10%₹2,59,374
12%₹3,10,585
14%₹3,70,722

ये दरें सिर्फ़ गणित के उदाहरण हैं, किसी निवेश की मिलने वाली दर नहीं।

त्वरित संदर्भ: CAGR

त्वरित संदर्भ: CAGR
फ़ॉर्मूलाCAGR = (अंतिम ÷ शुरुआती)^(1 ÷ साल) − 1
प्रतिशत मेंऊपर के नतीजे को 100 से गुना करें
कुल रिटर्न(अंतिम − शुरुआती) ÷ शुरुआती × 100
उल्टा हिसाबभविष्य का मूल्य = शुरुआती × (1 + CAGR)^साल
शर्तशुरुआती मूल्य शून्य से ज़्यादा और अवधि शून्य से ज़्यादा
नकारात्मक CAGRअंतिम मूल्य शुरुआती से कम होने पर
कब सही नहींबीच में पैसा जुड़ा या निकला हो (SIP, निकासी)
इस पेज में क्या नहींटैक्स, महँगाई, फंड का खर्च और बीच के उतार-चढ़ाव।

CAGR Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

मान लीजिए आपने किसी चीज़ में पैसा लगाया था और कुछ साल बाद उसकी क़ीमत बदल गई। सवाल उठता है: "इस पूरे सफ़र में मुझे हर साल औसतन कितना फ़ायदा हुआ?" CAGR Calculator इसी एक सवाल का जवाब देता है। CAGR यानी Compound Annual Growth Rate, हिंदी में चक्रवृद्धि सालाना बढ़त दर। यह तीन चीज़ें लेता है: शुरुआती मूल्य, अंतिम मूल्य और बीते हुए साल, और आपको एक सालाना प्रतिशत बताता है।

इस दर की ख़ास बात यह है कि यह माना जाता है कि हर साल की बढ़त पिछले साल की बढ़ी हुई रकम पर हुई, यानी ब्याज पर ब्याज जैसा असर। इसलिए यह सीधे-सीधे "कुल फ़ायदा भाग साल" से अलग और ज़्यादा ईमानदार तस्वीर देता है। जब किसी म्यूचुअल फंड, शेयर, सोने, ज़मीन या अपने छोटे कारोबार की क़ीमत का पुराना और नया आँकड़ा हाथ में हो, तो यह calculator उसे एक ऐसे प्रतिशत में बदल देता है जिसकी तुलना दूसरी चीज़ों से की जा सके।

इस पेज पर तीन हिस्से हैं। बाईं ओर आप अपना निवेश भरते हैं, दाईं ओर CAGR, कुल रिटर्न और बेंचमार्क से तुलना दिखती है, और नीचे "उल्टा हिसाब" वाला बॉक्स है जिसमें आप कोई लक्ष्य दर मानकर देखते हैं कि पैसा कितना बढ़ेगा।

किसके काम का है

  • पुराना निवेश जाँचने वाले लोग: जिन्होंने कई साल पहले कोई फंड, शेयर या गोल्ड ख़रीदा और अब जानना चाहते हैं कि असल में सालाना कितना मिला।
  • दो विकल्पों की तुलना करने वाले: एक निवेश 3 साल में 50% बढ़ा और दूसरा 5 साल में 60%, तो कौन-सा तेज़ चला? कुल प्रतिशत से यह नहीं दिखता, CAGR से दिखता है।
  • फ्रीलांसर और दुकानदार: अपनी सालाना कमाई, बिक्री या ग्राहकों की संख्या कितनी रफ़्तार से बढ़ी, यह भी CAGR से नापा जा सकता है। कोई भी आँकड़ा जो "शुरू में इतना, अब इतना" हो, चल सकता है।
  • परिवार की प्रॉपर्टी देखने वाले: पुराने घर या प्लॉट की ख़रीद-क़ीमत और आज के अनुमानित भाव से पता चलता है कि ज़मीन ने सालाना कितना साथ दिया।
  • विद्यार्थी और नए निवेशक: जो फंड की फैक्टशीट या अख़बार में लिखे "3 साल का CAGR", "5 साल का CAGR" का मतलब हाथ से जाँचकर समझना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

बाईं ओर "निवेश की जानकारी" कार्ड में तीन फ़ील्ड हैं।

शुरुआती मूल्य / निवेश (₹)

यह वह रकम है जो आपने शुरू में लगाई थी या उस दिन की क़ीमत जिससे आप गिनती शुरू करना चाहते हैं। इसके साथ एक स्लाइडर भी है जो ₹1,000 से ₹1 करोड़ तक जाता है, पर आप बॉक्स में कोई भी रकम सीधे लिख सकते हैं। रकम कम से कम ₹1 होनी चाहिए।

अंतिम मूल्य / मौजूदा मूल्य (₹)

आज की क़ीमत, या जिस दिन आप हिसाब रोकना चाहते हैं उस दिन की क़ीमत। म्यूचुअल फंड में यह आपकी यूनिट गुणा आज का NAV होगा। इसका स्लाइडर ₹5 करोड़ तक जाता है। ध्यान रखें कि अंतिम मूल्य शुरुआती से कम भी हो सकता है, तब नतीजा ऋणात्मक आएगा, यानी नुकसान की सालाना दर।

अवधि (साल)

स्लाइडर 1 से 40 साल तक चलता है और शुरू में 10 साल पर रखा गया है। स्लाइडर के नीचे एक अलग संख्या वाला बॉक्स भी है। अगर आप उसमें कोई संख्या लिखते हैं तो गणना उसी से होती है, इसलिए 4.5 साल जैसी अवधि भी डाली जा सकती है। साल गिनते समय असली तारीखों का फ़ासला देखें: मार्च 2021 से सितंबर 2026 लगभग 5.5 साल है, 5 नहीं।

"उल्टा हिसाब" के तीन फ़ील्ड

नीचे के बॉक्स में शुरुआती निवेश (₹), लक्ष्य CAGR (%) और साल भरे जाते हैं। लक्ष्य CAGR 0.5 के क़दम से बदलता है। यहाँ आप कोई अनुमानित दर मानकर देखते हैं कि रकम आगे कितनी हो सकती है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

दाईं ओर कई चीज़ें एक साथ दिखती हैं।

  1. आपके निवेश का CAGR: सबसे बड़े अक्षरों में, दो दशमलव तक, जैसे 9.34%। यही आपकी औसत सालाना चक्रवृद्धि दर है।
  2. शुरुआती और अंतिम: आपकी दी हुई दोनों रकम भारतीय ढंग से (लाख-करोड़ वाले कॉमा के साथ) दोबारा दिखती हैं, ताकि आप जाँच सकें कि कहीं ज़ीरो ग़लत तो नहीं लिख दिया।
  3. कुल रिटर्न: पूरी अवधि में कुल कितने प्रतिशत की बढ़त हुई, एक दशमलव तक। यह अवधि पर निर्भर नहीं करता, इसलिए 10 साल के 100% और 3 साल के 100% में फ़र्क़ सिर्फ़ CAGR से पता चलता है।
  4. बेंचमार्क से तुलना की तालिका: यह आपके CAGR की तुलना FD (6.5%), PPF (7.1%), सोना (9%) और Nifty 50 (13%) की सामान्य दरों से करती है। हरा "+" अंतर बताता है कि आपका निवेश उस दर से आगे रहा, लाल अंतर बताता है कि पीछे रहा। ये बेंचमार्क इस calculator में तुलना के लिए माने गए मोटे आँकड़े हैं, असली दरें समय के साथ बदलती हैं, इसलिए ताज़ा दर के लिए बैंक, India Post या संबंधित आधिकारिक स्रोत देखें।
  5. बढ़त का रास्ता: एक चार्ट जो इसी CAGR पर साल-दर-साल मूल्य की चढ़ाई दिखाता है।
  6. लिंक कॉपी और शेयर: आपके आँकड़े वेब-पते में जुड़ जाते हैं, इसलिए लिंक किसी को भेजने पर उसे वही भरे हुए आँकड़े दिखेंगे। WhatsApp पर शेयर का बटन भी है।
  7. Lumpsum पर ले जाने वाला बैनर: इसे दबाने पर वही अंतिम मूल्य, यही निकली दर और वही साल Lumpsum Calculator में पहुँच जाते हैं ताकि आप आगे का अनुमान देख सकें।
ध्यान दें: अच्छा या बुरा CAGR अकेले कुछ नहीं होता। 9% का CAGR महँगाई और जोखिम के सामने ही अच्छा या औसत ठहरता है। इसलिए हमेशा सोचें कि उतनी ही अवधि में आपके पास और क्या विकल्प था।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • एक ही अवधि पर तुलना करें। दो निवेशों को परखना हो तो दोनों के लिए शुरू और अंत की तारीख़ें मिलाने की कोशिश करें, वरना CAGR की तुलना सेब और संतरे जैसी हो जाती है।
  • अलग-अलग शुरुआती तारीख़ें आज़माएँ। बाज़ार के किसी ऊँचे या नीचे बिंदु से शुरू करने पर CAGR काफ़ी बदल सकता है। एक ही निवेश को 3, 5 और 10 साल के नज़रिए से देखें।
  • लक्ष्य से पीछे की ओर सोचें। उल्टे बॉक्स में अलग-अलग दरें, जैसे 8%, 10% और 12%, डालकर देखें कि लक्ष्य रकम के लिए कितनी दर चाहिए। जितनी ऊँची दर लगे, उतना जोखिम समझें।
  • नतीजा Lumpsum में ले जाएँ। ऊपर के बैनर से आप निकली हुई दर आगे के अनुमान के लिए भेज सकते हैं, पर याद रखें कि पिछली दर भविष्य का वादा नहीं है।
  • लिंक सहेजें। अलग-अलग निवेशों के लिए बने लिंक अपने नोट्स में रख लीजिए, ताकि साल भर बाद वही हिसाब फिर खोल सकें।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

1. CAGR को सालाना औसत समझ लेना

मान लीजिए एक निवेश पहले साल 50% बढ़ा और दूसरे साल 20% गिरा। सीधा औसत (50 और -20 का) 15% बनता है, पर असल में ₹100 पहले ₹150 हुए और फिर ₹120। CAGR निकालेंगे तो (1.2)^(1/2) - 1 यानी लगभग 9.54%। यही फ़र्क़ है। उतार-चढ़ाव जितना ज़्यादा होगा, सीधा औसत उतना भ्रमित करेगा।

2. SIP या बार-बार डाली गई रकम पर CAGR लगाना

अगर आपने हर महीने पैसा डाला है तो "शुरुआती रकम" एक नहीं रहती। हर किस्त अलग समय से बढ़ती है। ऐसे में इस calculator का नतीजा भ्रामक होगा। इसके लिए XIRR Calculator या SIP से जुड़े calculator ज़्यादा सही हैं।

3. साल की गिनती में गड़बड़ी

3 साल 11 महीने को 3 साल मान लेने से CAGR ऊँचा दिखता है और 4 साल मान लेने से नीचे। अवधि वाले बॉक्स में दशमलव डाल सकते हैं, इसका फ़ायदा उठाइए।

4. टैक्स, खर्च और महँगाई को भूल जाना

अंतिम मूल्य में से अगर exit load, टैक्स, ब्रोकरेज या दलाली घटी नहीं है, तो CAGR असल हाथ में आई रकम से ज़्यादा दिखेगा। उसी तरह, 8% CAGR और 6% महँगाई का मतलब यह नहीं कि आपकी क्रय-शक्ति 8% बढ़ी।

5. छोटी अवधि के CAGR पर भरोसा

6 महीने में 40% बढ़त को सालाना जैसा दिखाने से 100% से ऊपर की डरावनी दरें निकलती हैं। 1 साल से कम अवधि का सालाना CAGR आम तौर पर समझदारी से ज़्यादा चौंकाने वाला होता है, इसलिए इसे गंभीरता से न लें।

6. बेंचमार्क को असली दर मान लेना

तालिका की दरें रोज़मर्रा की तुलना के लिए मोटे आँकड़े हैं। PPF, FD या सोने की असली दरें समय पर बदलती हैं और Nifty 50 की दर तो हर अवधि में अलग रही है। जहाँ फ़ैसला बड़ा हो, वहाँ बैंक, India Post या फंड कंपनी के दस्तावेज़ों से ताज़ा आँकड़े लें।

विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

सूत्र सीधा है। अंतिम मूल्य को शुरुआती मूल्य से भाग दीजिए, उस भागफल का (1 / साल) घात निकालिए और उसमें से 1 घटा दीजिए। फिर 100 से गुणा कर दीजिए, तो प्रतिशत मिल जाता है। यही calculator भी करता है। कुल रिटर्न अलग से (अंतिम घटा शुरुआती) भाग शुरुआती, गुणा 100 निकलता है।

उल्टे हिसाब में सूत्र पलट जाता है: भविष्य का मूल्य = शुरुआती रकम गुणा (1 + दर)^साल। यहाँ माना गया है कि बीच में कोई नई रकम नहीं डाली गई और न निकाली गई, और दर हर साल एक ही रही।

यही मान्यता मुख्य गणना में भी है: calculator केवल शुरू और अंत के दो बिंदु देखता है। बीच में आपने कितनी बार पैसा डाला या निकाला, इसकी उसे ख़बर नहीं होती।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए मीरा एक फ्रीलांस डिज़ाइनर हैं। उन्होंने 6 साल पहले एक इक्विटी फंड में ₹2,40,000 एक साथ लगाए थे। आज उन यूनिटों की क़ीमत ₹4,10,000 है। अब इसे चरणों में देखते हैं।

  1. भागफल = 4,10,000 / 2,40,000 = 1.7083
  2. 6 साल के लिए घात 1/6 निकालें: 1.7083 का छठा मूल लगभग 1.0934
  3. 1 घटाने पर 0.0934, यानी CAGR लगभग 9.34%
  4. कुल रिटर्न = (4,10,000 - 2,40,000) / 2,40,000 x 100 = 70.8%

जाँच के लिए उलटा चलें: ₹2,40,000 को 9.34% सालाना पर 6 साल बढ़ाएँ तो लगभग ₹4.10 लाख बनते हैं, यानी हिसाब सही बैठता है। बेंचमार्क तालिका में अंतर कुछ ऐसा दिखेगा: FD से +2.84, PPF से +2.24, सोने से +0.34 और Nifty 50 से -3.66। यानी मीरा के फंड ने उस तालिका की दरों से FD, PPF और सोने को पीछे छोड़ा, पर Nifty 50 की मानी हुई दर से पीछे रहा। ध्यान दें कि यह केवल तुलना का एक तरीक़ा है, इसका मतलब यह नहीं कि पिछली दर आगे भी चलेगी।

समय का असर: एक छोटा प्रयोग

मान लीजिए ₹60,000 बढ़कर ₹90,000 हो गए। अगर यह 3 साल में हुआ तो CAGR लगभग 14.47% है। अगर 5 साल लगे तो लगभग 8.45%। कुल रिटर्न दोनों में 50% ही है, पर रफ़्तार लगभग डेढ़ गुना अलग। अवधि वाला स्लाइडर 3 से 5 पर खिसकाकर आप यह ख़ुद देख सकते हैं।

उल्टे हिसाब का उदाहरण

मान लीजिए एक रिटायर्ड शिक्षक ₹50,000 को 8 साल के लिए 11% सालाना की दर मानकर देखना चाहते हैं। उल्टे हिसाब के बॉक्स में ये तीन संख्याएँ भरने पर भविष्य का मूल्य लगभग ₹1,15,227 दिखेगा। यह सिर्फ़ "मान लीजिए" वाला अनुमान है, असली बाज़ार में दर हर साल बदलती है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • बीच का रास्ता नहीं दिखता। CAGR दो बिंदुओं को जोड़ने वाली सीधी चिकनी रेखा है। बीच के साल में निवेश आधा भी हो गया हो तो वह इसमें नहीं झलकता।
  • जोखिम का माप नहीं। दो निवेशों का CAGR बराबर हो सकता है, पर एक ने रातों की नींद उड़ाई हो और दूसरे ने नहीं। यह फ़र्क़ यहाँ नहीं दिखता।
  • नकदी के आने-जाने को नहीं गिनता। बीच में डाली या निकाली गई रकम, लाभांश या किराया इसमें शामिल नहीं है।
  • टैक्स और खर्च नहीं। कैपिटल गेन टैक्स, TDS, एक्सपेंस रेशियो या ब्रोकरेज अलग से देखने होंगे, और उनके नियम बदलते रहते हैं।
  • भविष्य की गारंटी नहीं। निकला हुआ CAGR पिछला है। उल्टे बॉक्स का नतीजा भी तभी सही होगा जब दर हर साल ठीक वही रहे, जो असली बाज़ार में लगभग कभी नहीं होता।
  • अनुमान हैं, सलाह नहीं। नतीजे गणित पर टिके अनुमान हैं और गोलाई के कारण आख़िरी अंक में थोड़ा फ़र्क़ आ सकता है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Lumpsum Calculator: निकली हुई दर पर आगे की रकम का अनुमान देखने के लिए।
  • XIRR Calculator: जब पैसा अलग-अलग तारीख़ों पर डाला या निकाला गया हो।
  • Inflation Calculator: देखने के लिए कि आपका CAGR महँगाई के बाद कितना बचा।
  • Real Return After Tax Calculator: टैक्स और महँगाई के बाद असली रिटर्न का अंदाज़ा।
  • Double Your Money Calculator: किसी दर पर रकम दोगुनी होने का समय।
  • Mutual Fund Returns Calculator: म्यूचुअल फंड निवेश के नतीजे देखने के लिए।

CAGR एक उपयोगी पैमाना है, पर पूरी कहानी नहीं। इसे अपने फ़ैसलों की जाँच-पड़ताल का एक औज़ार समझिए, आख़िरी फ़ैसले का आधार नहीं।

यह सामग्री केवल शैक्षिक जानकारी के लिए है, निवेश, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। निर्णय से पहले अपनी स्थिति के हिसाब से किसी योग्य सलाहकार से बात करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
तुलना हमेशा एक-सी अवधि पर करें

एक फंड का 3 साल का और दूसरे का 10 साल का CAGR सीधे तुलना लायक़ नहीं है। एक-सी अवधि लें।

2
शुरुआत और अंत की तारीख़ पर ध्यान दें

बाज़ार के ऊँचे या नीचे बिंदु से शुरू या ख़त्म होने पर CAGR काफ़ी बदल जाता है।

3
महँगाई घटाकर देखें

अगर CAGR 7% है और महँगाई 5%, तो असली बढ़त लगभग 2% है। Real Return Calculator साथ देखें।

4
बीते CAGR को वादा न समझें

पिछला प्रदर्शन आगे का रिटर्न तय नहीं करता। उसे सिर्फ़ संदर्भ मानें।

5
SIP के लिए XIRR चुनें

अलग-अलग तारीख़ों पर लगे पैसे का सही रिटर्न XIRR से निकलता है, CAGR से नहीं।

6
उल्टा हिसाब योजना बनाने में लें

लक्ष्य CAGR डालकर देखें कि रकम कहाँ पहुँचेगी, फिर पूछें कि क्या वह दर वाजिब है।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

CAGR यानी चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर। यह बताता है कि शुरुआती कीमत से अंतिम कीमत तक पहुँचने के लिए हर साल औसतन कितनी बढ़त मानी जाए। असल में कीमत हर साल अलग-अलग बढ़ी या घटी होती है, CAGR उसे एक बराबर दर में बदलकर दिखाता है।

कुल रिटर्न सिर्फ़ यह बताता है कि पूरी अवधि में कुल कितने प्रतिशत बढ़त हुई, अवधि का असर उसमें नहीं दिखता। CAGR उसी बढ़त को सालाना दर में बदलता है, इसलिए अलग-अलग अवधि वाले निवेशों की तुलना आसान हो जाती है।

नहीं। CAGR बीते आँकड़ों का औसत है। बाज़ार में आगे का रिटर्न इससे कम या ज़्यादा हो सकता है, इसलिए इसे सिर्फ़ तुलना और समझने के लिए इस्तेमाल करें।

नहीं। SIP में पैसा अलग-अलग तारीख़ों पर लगता है, जबकि CAGR एक शुरुआती और एक अंतिम रकम मानता है। SIP या बीच-बीच में पैसा डालने-निकालने वाले निवेश के लिए XIRR ज़्यादा सही तस्वीर देता है।

नहीं। इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि पूरी अवधि का औसत हिसाब 10% सालाना के बराबर बैठता है। बीच में कुछ साल बहुत ऊपर या नीचे हो सकते हैं।

यह निवेश के प्रकार, जोखिम और अवधि पर निर्भर है। सही तरीक़ा है उसी तरह के दूसरे विकल्पों से तुलना, और महँगाई से भी।

साल में बदलकर डालें, जैसे 18 महीने = 1.5 साल। पेज का अवधि वाला स्लाइडर पूरे सालों में चलता है, इसलिए आधे साल जैसी अवधि के लिए नतीजे को हाथ से भी जाँच लें।

तब CAGR सही तस्वीर नहीं देगा, क्योंकि यह मानता है कि बीच में कुछ नहीं बदला। ऐसे में XIRR का उपयोग करें।

आप अंतिम मूल्य में जो रकम डालेंगे, उसी में जो गिना हो वही शामिल होगा। लाभांश अलग मिला हो तो उसे अंतिम मूल्य में जोड़ना होगा।

नहीं। यह टैक्स से पहले की दर है। अंतिम मूल्य टैक्स के बाद का डालें तो नतीजा टैक्स के बाद का होगा।

नहीं। यह मौद्रिक दर है। महँगाई घटाकर असली दर अलग से निकालनी होगी।

नहीं। सीधे औसत में गिरावट के बाद की चाल सही नहीं पकड़ी जाती। 100 से 200 और फिर 100 होने पर औसत +25% जैसा दिखता है, पर असल बढ़त शून्य है।

हाँ, किसी भी चीज़ की सालाना औसत बढ़त के लिए यही गणित काम करता है।

क्योंकि छोटी अवधि का थोड़ा सा उछाल सालाना दर में बहुत बड़ा दिख जाता है। 3-6 महीने का CAGR आमतौर पर भरोसे लायक़ नहीं माना जाता।

यह अवधि पर निर्भर है: 5 साल में लगभग 14.87%, 10 साल में लगभग 7.18%।

कि हर साल एक-सी CAGR मिली, कोई निकासी या नया निवेश नहीं हुआ। असली निवेश में यह सीधा नहीं चलता।

हाँ, तब CAGR नकारात्मक आता है। यह नुकसान की सालाना औसत दर दिखाता है।

नहीं। यह बीते आँकड़ों का गणित है, भविष्य का वादा नहीं। निवेश से पहले अपनी स्थिति देखें।

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