उदाहरण 1: तीन साल की बेटी, ₹60,000 सालाना
मान लीजिए मीरा और करण की बेटी अभी 3 साल की है। वे हर साल की शुरुआत में ₹60,000 जमा करने की योजना बना रहे हैं। दर 8.2% मान लें (सिर्फ़ मान्यता, वादा नहीं)।
- 15 साल में कुल जमा = 60,000 गुना 15 = ₹9,00,000।
- साल 15 के अंत में बैलेंस लगभग ₹17,90,396।
- साल 16 से 21 में नया जमा नहीं, पर वही बैलेंस 8.2% पर बढ़ता है।
- 21वें साल के अंत में अनुमानित रकम लगभग ₹28,72,848।
- कमाया ब्याज = 28,72,848 घटा 9,00,000 = लगभग ₹19,72,848।
- परिपक्वता पर बेटी की उम्र करीब 24 साल।
ध्यान दें कि अंतिम रकम में कुल जमा का हिस्सा एक तिहाई से भी कम है। बाकी ब्याज का है।
उदाहरण 2: जमा का तरीका बदलने पर
वही ₹60,000 सालाना, पर अगर उसे हर महीने ₹5,000 के हिसाब से जमा करें, तो इस calculator के मासिक विकल्प में परिपक्वता रकम लगभग ₹27,73,059 आती है। शुरुआत में एक बार जमा करने वाली रकम से लगभग ₹99,789 कम। कारण साफ़ है: पैसा साल भर धीरे-धीरे जाता है, इसलिए औसतन कम दिन ब्याज कमाता है। यह भी याद रखें कि असली योजना में नियम और भी बारीक हैं, इसलिए यह फ़र्क अनुमान भर है।
उदाहरण 3: दर के अनुमान का असर
वही ₹60,000 सालाना और एक बार जमा। अगर पूरे 21 साल दर 7.2% रहे, तो परिपक्वता रकम लगभग ₹24,91,081। अगर 9.2% रहे, तो लगभग ₹33,13,684। दर में सिर्फ़ 1 अंक का फ़र्क 21 साल में उदाहरण 1 की रकम से लगभग ₹3.8 लाख कम या ₹4.4 लाख ज़्यादा का अंतर बना देता है। यह ऊँचाई-नीचाई का नमूना है, किसी भविष्य की दर का अनुमान नहीं।
उदाहरण 4: छोटी रकम
अगर कोई परिवार केवल ₹2,000 प्रति माह (₹24,000 सालाना) जमा कर पाए, तो मासिक विकल्प पर लगभग ₹11,09,224 बनते हैं, जिसमें जमा ₹3,60,000 है। यानी छोटी रकम भी लंबे समय में वाजिब आकार लेती है।
उदाहरण: ऊपर के सारे आँकड़े इस calculator की मान्यताओं पर निकले हैं। असली योजना की दर और गणना-विधि के कारण असली रकम अलग हो सकती है।