बेटी के भविष्य की बचत

Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) Calculator

बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि (SSY): सालाना जमा, ब्याज दर और 21 साल बाद परिपक्वता रकम — कर-मुक्त। स्लाइडर से तुरंत देखें।

  • बेटी की उम्र से शुरुआत
  • सालाना जमा ₹250 से ₹1.5 लाख
  • साल-दर-साल बैलेंस तालिका
  • शुरुआत में एक बार / मासिक जमा
  • 21 साल की परिपक्वता रकम
  • बैलेंस बनाम जमा चार्ट
आशुग्या की सलाहसुकन्या समृद्धि में जमा की सीमा और अवधि सरकार के नियमों के हिसाब से होती है, ताज़ा नियम देखें।
सेव करने के लिए लॉगिन करें

Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ख़ास बातें

  • खाता बेटी की उम्र 10 साल पूरी होने से पहले खुल सकता है; आम तौर पर एक परिवार की 2 बेटियों तक।
  • सालाना जमा ₹250 से ₹1,50,000 तक, ₹50 के गुणकों में; जमा खाता खुलने के 15 साल तक किया जाता है।
  • खाता खुलने के 21 साल बाद परिपक्वता होती है। 15 साल के बाद नया जमा नहीं होता, पर बैलेंस पर ब्याज चलता रहता है (इस कैलकुलेटर में 16वें–21वें साल की दर कॉन्फ़िग से तय होती है)।
  • असली ब्याज हर महीने की 5 तारीख़ से महीने के अंत तक की सबसे कम बैलेंस पर बनता है और साल के अंत में जुड़ता है। यहाँ का हिसाब उसका अनुमान है — "सालाना जमा एक साथ" या "बराबर मासिक जमा" में से चुनकर देख सकते हैं; असली राशि थोड़ी अलग हो सकती है।
  • बेटी के 18 साल की उम्र पर (या 10वीं के बाद) पिछले साल के बैलेंस का 50% तक आंशिक निकासी का नियम है — यह इस कैलकुलेटर में शामिल नहीं है।
  • नियमों के अनुसार जमा (पुरानी कर व्यवस्था में 80C), ब्याज और परिपक्वता रकम — तीनों कर-मुक्त (EEE) बताए जाते हैं; नियम बदल सकते हैं, आधिकारिक स्रोत देखें।
Rates and rules shown are as of the Oct–Dec 2026 quarter (from secondary sources). Please check the latest Ministry of Finance notification / India Post before relying on them.
यहाँ दिए गए ब्याज दर और नियम अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही के हैं (द्वितीयक स्रोतों से)। भरोसा करने से पहले वित्त मंत्रालय की ताज़ा अधिसूचना / India Post ज़रूर जाँच लें।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Each account year the balance earns interest at the chosen rate. "Once at the start of the year" = (balance + yearly deposit) × (1 + rate). "Equal monthly deposits" = interest on the balance after each month's deposit (rate ÷ 12 per month), added at year end. Deposits run for 15 years, then the balance keeps earning interest until year 21 and the total is the maturity amount. This is an approximation of the real monthly-lowest-balance method.

हर खाता-वर्ष में बैलेंस पर चुनी हुई दर से ब्याज जुड़ता है। "साल की शुरुआत में एक बार" = (बैलेंस + सालाना जमा) × (1 + दर)। "बराबर मासिक जमा" = हर महीने के जमा के बाद की बैलेंस पर दर ÷ 12 के हिसाब से ब्याज, जो साल के अंत में जुड़ता है। जमा 15 साल चलता है, फिर 21वें साल तक बैलेंस पर ब्याज चलता रहता है और कुल राशि परिपक्वता रकम है। यह असली "महीने की सबसे कम बैलेंस" पद्धति का अनुमान है।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही

Estimate only, for learning — not advice. Small-savings rates are reset by the Government every quarter and the figures here are illustrative; interest in the real scheme is worked out monthly on the lowest balance, so the actual maturity can differ. Partial withdrawal and premature closure are not modelled. Tax-free status is as per the rules listed here and may change. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। लघु बचत योजनाओं की दरें सरकार हर तिमाही तय करती है और यहाँ के आँकड़े सिर्फ़ उदाहरण हैं; असली योजना में ब्याज हर महीने की सबसे कम बैलेंस पर बनता है, इसलिए असली परिपक्वता रकम अलग हो सकती है। आंशिक निकासी और समय से पहले बंद करना इसमें शामिल नहीं है। कर-मुक्त होना यहाँ बताए नियमों के अनुसार है और बदल सकता है। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • SSY में जमा 15 साल चलता है, खाता 21 साल पर परिपक्व होता है। बीच के 16 से 21 साल में नया जमा नहीं, पर बैलेंस पर ब्याज चलता है।
  • ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है। पेज का 8.2% एक उदाहरण है; अपनी तिमाही की दर India Post या अधिसूचना से देखकर स्लाइडर पर डालें।
  • साल की शुरुआत में एक बार जमा करना, बराबर मासिक जमा से थोड़ा ऊँचा नतीजा देता है, क्योंकि पैसा ज़्यादा महीने ब्याज कमाता है।
  • यह अनुमान है। असली ब्याज हर महीने की सबसे कम बैलेंस पर बनता है, इसलिए पासबुक की रकम थोड़ी अलग हो सकती है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज का डिफ़ॉल्ट: अधिकतम जमा

माधुरी अपनी 5 साल की बेटी के लिए हर साल ₹1,50,000 जमा करती है। दर उदाहरण के तौर पर 8.2%, जमा साल की शुरुआत में।

कुल जमा (15 साल)
₹22,50,000
15वें साल के बाद बैलेंस
लगभग ₹44,75,989
21वें साल परिपक्वता
लगभग ₹71,82,119
कमाया ब्याज
लगभग ₹49,32,119
परिपक्वता पर बेटी की उम्र
26 साल

जमा रुकने के बाद भी 6 साल ब्याज चलने से बैलेंस काफ़ी बढ़ा। दर बदलेगी तो यह संख्या भी बदलेगी, इसलिए इसे वादा न मानें।

सुरेश: साल की शुरुआत बनाम हर महीने जमा

सुरेश 2 साल की बेटी के लिए ₹50,000 सालाना जमा करता है (8.2% उदाहरण दर)। वह तय करना चाहता है कि एक बार में दे या मासिक।

कुल जमा
₹7,50,000
साल की शुरुआत में एक बार
लगभग ₹23,94,040
बराबर मासिक जमा
लगभग ₹23,10,883
फ़र्क़
लगभग ₹83,157
परिपक्वता पर बेटी की उम्र
23 साल

एक बार में जमा करने से पैसा ज़्यादा महीने ब्याज कमाता है। पर हर किसी के पास साल की शुरुआत में एकमुश्त रकम नहीं होती, और यह बराबर की बात भी नहीं है।

रेखा: ₹1,000 महीने की छोटी बचत

रेखा नवजात बेटी के लिए सालाना ₹12,000 (यानी ₹1,000 महीना) जमा करती है। दर उदाहरण के तौर पर 8.2%।

कुल जमा
₹1,80,000
परिपक्वता रकम
लगभग ₹5,74,570
कमाया ब्याज
लगभग ₹3,94,570
परिपक्वता पर बेटी की उम्र
21 साल

छोटी रकम भी लंबी अवधि में ब्याज पर ब्याज से बढ़ती है। ख़ास बात है नियमित रहना।

सालाना जमा बदलने पर परिपक्वता रकम (8.2% उदाहरण दर, साल की शुरुआत में जमा)

सालाना जमा बदलने पर परिपक्वता रकम (8.2% उदाहरण दर, साल की शुरुआत में जमा)
सालाना जमाकुल जमा (15 साल)परिपक्वता रकम (≈)ब्याज (≈)
₹12,000₹1,80,000₹5,74,570₹3,94,570
₹24,000₹3,60,000₹11,49,139₹7,89,139
₹50,000₹7,50,000₹23,94,040₹16,44,040
₹1,00,000₹15,00,000₹47,88,079₹32,88,079
₹1,50,000₹22,50,000₹71,82,119₹49,32,119

सब गणनाएँ पेज के सूत्र पर हैं। असली योजना में ब्याज मासिक सबसे कम बैलेंस पर बनता है, इसलिए पासबुक थोड़ी अलग हो सकती है।

ब्याज दर में फ़र्क़ का असर (₹1,00,000 सालाना, उदाहरण दरें)

ब्याज दर में फ़र्क़ का असर (₹1,00,000 सालाना, उदाहरण दरें)
दर (उदाहरण)परिपक्वता रकम (≈)कुल ब्याज (≈)
7.0%₹40,35,172₹25,35,172
7.5%₹43,33,165₹28,33,165
8.2%₹47,88,079₹32,88,079
8.5%₹49,97,513₹34,97,513
9.0%₹53,67,290₹38,67,290

ये सिर्फ़ संवेदनशीलता दिखाने की दरें हैं, किसी तिमाही की घोषित दर नहीं।

त्वरित संदर्भ: SSY कैलकुलेटर

त्वरित संदर्भ: SSY कैलकुलेटर
जमा के साल15 साल (खाता खुलने से)
परिपक्वताखाता खुलने के 21 साल बाद
बेटी की उम्र की सीमाखाता खोलते समय 10 साल से कम (स्लाइडर 0 से 9 साल)
सालाना जमा₹250 से ₹1,50,000, ₹50 के गुणकों में
16 से 21 सालनया जमा नहीं; बैलेंस पर ब्याज चलता है
जमा का तरीक़ासाल की शुरुआत में एक बार, या बराबर मासिक
18 साल की उम्र परआंशिक निकासी का नियम है, पर इस पेज में मॉडल नहीं
इस पेज में क्या नहींआंशिक निकासी, समय से पहले बंद करना, चूक का जुर्माना

Sukanya Samriddhi (SSY) Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

सुकन्या समृद्धि योजना, यानी SSY, बेटियों के भविष्य के लिए बनी एक सरकारी छोटी बचत योजना है। इसमें माता-पिता या कानूनी अभिभावक बेटी के नाम पर खाता खोलकर कई साल तक पैसा जमा करते हैं, और खाता खुलने के 21 साल बाद परिपक्वता रकम मिलती है। यह calculator एक ही सवाल का जवाब देता है: "अगर मैं हर साल इतना जमा करूँ, तो 21 साल बाद अनुमानित रकम क्या होगी?"

आप बेटी की आज की उम्र, हर साल का जमा, ब्याज दर और जमा करने का तरीका चुनते हैं। calculator साल-दर-साल बैलेंस निकालता है, कुल जमा और कमाया हुआ ब्याज अलग-अलग बताता है, और एक चार्ट तथा तालिका में पूरी यात्रा दिखा देता है। इसमें 15 साल जमा चलता है और उसके बाद 16वें से 21वें साल तक नया जमा नहीं होता, पर बैलेंस पर ब्याज चलता रहता है।

ध्यान दें: पेज पर दी गई ब्याज दर और नियम एक खास तिमाही के हैं और द्वितीयक स्रोतों से लिए गए हैं। छोटी बचत योजनाओं की दरें सरकार हर तिमाही तय करती है। भरोसा करने से पहले India Post या वित्त मंत्रालय की ताज़ा अधिसूचना ज़रूर देखें।

किसके काम का है

  • नवजात या छोटी बेटी के माता-पिता, जो पढ़ाई या विवाह जैसे लक्ष्य के लिए एक अनुशासित, लंबी बचत शुरू करना चाहते हैं।
  • दादा-दादी या नाना-नानी, जो पोती या नातिन के नाम पर बचत की योजना बनाने में परिवार की मदद करना चाहते हैं।
  • सीमित मासिक बजट वाले परिवार, जो देखना चाहते हैं कि सालाना ₹12,000 जैसी छोटी रकम भी 21 साल में कहाँ पहुँच सकती है।
  • टैक्स और बचत योजनाओं की तुलना करने वाले लोग, जिन्हें SSY की रकम PPF, FD या SIP से अलग करके देखनी है।
  • वे लोग जिनकी दो बेटियाँ हैं, और जो हर बेटी के लिए अलग-अलग योजना की गणना करना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर चार इनपुट हैं।

  1. बेटी की आज की उम्र (साल): स्लाइडर 0 से 9 साल तक है, शुरुआती मान 5। पेज के नियम के अनुसार खाता बेटी की उम्र 10 साल पूरी होने से पहले खुल सकता है। यहाँ जो उम्र डालते हैं, उसी से परिपक्वता पर उम्र का हिसाब बनता है। अगर आप खाता आज खोलने की सोच रहे हैं, तो आज की उम्र डालें।
  2. हर साल का जमा (₹): स्लाइडर ₹250 से ₹1,50,000 तक, ₹50 के गुणकों में, शुरुआती मान ₹1,50,000। अगर आप ऐसी राशि डालते हैं जो सीमा से बाहर है या ₹50 का गुणक नहीं है, तो calculator त्रुटि संदेश दिखाता है।
  3. SSY ब्याज दर (% सालाना): स्लाइडर 5% से 10% तक, 0.1 के कदम पर। इस calculator में शुरुआती मान 8.2% रखा गया है, जो इसमें लिखी तिमाही का माना हुआ आँकड़ा है। दर बदलती रहती है, इसलिए इसे अपनी मर्ज़ी से ऊपर-नीचे करके भी देखें।
  4. साल में जमा कैसे करते हैं: दो विकल्प हैं, "साल की शुरुआत में एक बार" या "बराबर मासिक जमा (5 तारीख़ तक)"।

पेज की ख़ास बातों में यह भी लिखा है कि एक परिवार की आम तौर पर दो बेटियों तक के लिए खाते खुल सकते हैं। यह जानकारी पेज की नियम-सूची से है, पर पात्रता का अंतिम निर्णय India Post या बैंक की शाखा से पूछकर ही लें।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

अनुमानित परिपक्वता रकम

बड़े अक्षरों में दिखने वाली रकम खाता खुलने के 21वें साल के अंत का अनुमानित बैलेंस है। साथ में लिखा आता है कि उस समय बेटी की उम्र लगभग कितनी होगी। जैसे अगर आज उम्र 5 है, तो परिपक्वता पर वह करीब 26 साल की होगी।

नीचे की पंक्तियाँ

  • कुल जमा (15 साल): आपने अपनी जेब से कुल कितना डाला।
  • कमाया ब्याज (अनुमानित): परिपक्वता रकम में से कुल जमा घटाने पर बचा हिस्सा।
  • साल 15 के बाद बैलेंस: जब आख़िरी जमा हो गया, तब कुल कितनी रकम थी।
  • साल 16 से 21 में इस्तेमाल दर: इन सालों में कौन-सी दर मानी गई, जो नया जमा बंद होने के बाद चलती है।
  • परिपक्वता पर बेटी की उम्र और बेटी लगभग किस खाता-वर्ष में 18 साल की होगी: यह दूसरी बात इसलिए दी गई है कि 18 साल के बाद आंशिक निकासी का नियम बताया गया है, पर यह निकासी calculator में नहीं गिनी जाती।

साल-दर-साल तालिका और चार्ट

तालिका में हर खाता-वर्ष की संख्या, उस साल बेटी की उम्र, उस साल का जमा, कमाया गया ब्याज और साल के अंत का बैलेंस दिखता है। चार्ट में "बैलेंस" और "कुल जमा" दो रेखाएँ हैं। इन दोनों के बीच का फासला कमाए गए ब्याज को दिखाता है। आप देखेंगे कि शुरुआती सालों में फासला छोटा है, और बाद के सालों में तेज़ी से बढ़ता है। यही चक्रवृद्धि का असर है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

बेटी की उम्र बदलकर देखें

उम्र का स्लाइडर 0 से 9 के बीच बदलकर देखें। परिपक्वता रकम इससे नहीं बदलती, क्योंकि वह खाता खुलने के 21 साल बाद आती है। पर यह ज़रूर बदलता है कि पैसा बेटी की किस उम्र में मिलेगा: 0 साल पर खाता खोलें तो 21 साल की उम्र में, और 9 साल पर खोलें तो 30 साल की उम्र में। अपने लक्ष्य, जैसे उच्च शिक्षा, से यह उम्र मिलाकर देखें।

जमा की राशि और घर के बजट का मेल

पहले अपना मासिक बजट देखें और तय करें कि हर साल कितनी रकम बिना तनाव के 15 साल तक दी जा सकती है। बहुत ऊँची राशि चुनकर बीच में चूक जाना, कम राशि पर टिके रहने से बदतर है। जमा चूकने पर क्या होता है, यह नियम India Post से पूछें।

दो दरें साथ आज़माएँ

एक बार अभी की मानी दर पर, और एक बार उससे कुछ कम दर पर गणना करें। अगर कम दर पर भी आपका लक्ष्य लगभग पूरा होता दिखे, तो योजना ज़्यादा मज़बूत है।

लक्ष्य से मिलाएँ

पढ़ाई जैसे लक्ष्य पर कितना पैसा लगेगा, यह Child Education Planner से देखें। फिर SSY की अनुमानित रकम को उस लक्ष्य के सामने रखें कि कितना हिस्सा यहाँ से आ सकता है।

जमा के तरीके की तुलना

मासिक जमा और साल की शुरुआत में एक बार जमा, दोनों चलाकर देखें। जिन परिवारों के पास साल की शुरुआत में एकमुश्त पैसा नहीं होता, उनके लिए मासिक तरीका व्यावहारिक है, भले अनुमानित रकम थोड़ी कम दिखे।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • भ्रम: "दर हमेशा वही रहेगी जो आज है।" छोटी बचत योजनाओं की दर हर तिमाही सरकार तय करती है, और 21 साल में कई बार बदल सकती है।
  • ग़लती: 21 साल तक जमा करने की उम्मीद। पेज के अनुसार जमा खाता खुलने के 15 साल तक ही होता है। उसके बाद केवल ब्याज चलता है।
  • ग़लती: बेटी की उम्र 10 साल पूरी होने के बाद खाता खोलने की योजना बनाना। पेज के नियम के अनुसार खाता 10 साल पूरे होने से पहले खुलना चाहिए।
  • भ्रम: "18 साल पर पूरी रकम निकल जाएगी।" पेज के नियम में 18 साल की उम्र पर या 10वीं के बाद पिछले साल के बैलेंस के एक सीमित हिस्से तक आंशिक निकासी का ज़िक्र है। परिपक्वता 21 साल पर होती है। यह निकासी calculator में नहीं गिनी गई।
  • ग़लती: ₹50 के गुणक का नियम भूलना। राशि गुणक में न हो तो calculator भी त्रुटि देता है।
  • ग़लती: जमा की तारीख़ को नज़रअंदाज़ करना। असली योजना में ब्याज महीने की 5 तारीख़ से अंत तक की सबसे कम बैलेंस पर बनता है, इसलिए तारीख़ मायने रखती है।
  • भ्रम: "SSY ही बेटी के सारे लक्ष्य पूरे कर देगा।" यह एक हिस्सा हो सकता है, पूरा समाधान नहीं। महँगाई के साथ शिक्षा का खर्च बहुत बढ़ सकता है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

हर खाता-वर्ष में बैलेंस पर चुनी हुई दर से ब्याज जुड़ता है।

  • "साल की शुरुआत में एक बार" चुनने पर: उस साल का ब्याज = (पिछला बैलेंस + सालाना जमा) गुना दर। यानी पूरा जमा साल भर ब्याज कमाता है।
  • "बराबर मासिक जमा" चुनने पर: सालाना जमा को 12 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। हर महीने के बैलेंस पर दर भाग 12 के हिसाब से ब्याज जोड़ा जाता है, और पूरे साल का ब्याज साल के अंत में बैलेंस में जुड़ता है।
  • 15 साल के बाद जमा शून्य हो जाता है। साल 16 से 21 तक सिर्फ़ बैलेंस पर ब्याज चलता है।
  • इस implementation में 16वें से 21वें साल के लिए वही SSY दर माना गया है। कोड में एक विकल्प पोस्ट ऑफ़िस बचत दर माने जाने का भी है, पर पेज पर अभी वही SSY दर इस्तेमाल है।

इस calculator की ख़ास मान्यताएँ:

  • असली योजना में ब्याज हर महीने की 5 तारीख़ से महीने के अंत तक की सबसे कम बैलेंस पर बनता है और साल में एक बार जुड़ता है। यहाँ का हिसाब उसका एक सरल अनुमान है, इसलिए असली परिपक्वता रकम कुछ अलग हो सकती है।
  • दर पूरे 21 साल एक जैसी रहती है। असल में दर हर तिमाही बदल सकती है।
  • आंशिक निकासी, समय से पहले खाता बंद करना और छूटे हुए जमा पर जुर्माने जैसी बातें यहाँ मॉडल नहीं की गईं।
  • पेज के अनुसार जमा, ब्याज और परिपक्वता रकम कर-मुक्त (EEE) बताई जाती है, पर यह नियम बदल सकता है और आधिकारिक स्रोत से जाँचना ज़रूरी है।
एक पूरा उदाहरण

उदाहरण 1: तीन साल की बेटी, ₹60,000 सालाना

मान लीजिए मीरा और करण की बेटी अभी 3 साल की है। वे हर साल की शुरुआत में ₹60,000 जमा करने की योजना बना रहे हैं। दर 8.2% मान लें (सिर्फ़ मान्यता, वादा नहीं)।

  • 15 साल में कुल जमा = 60,000 गुना 15 = ₹9,00,000।
  • साल 15 के अंत में बैलेंस लगभग ₹17,90,396।
  • साल 16 से 21 में नया जमा नहीं, पर वही बैलेंस 8.2% पर बढ़ता है।
  • 21वें साल के अंत में अनुमानित रकम लगभग ₹28,72,848।
  • कमाया ब्याज = 28,72,848 घटा 9,00,000 = लगभग ₹19,72,848।
  • परिपक्वता पर बेटी की उम्र करीब 24 साल।

ध्यान दें कि अंतिम रकम में कुल जमा का हिस्सा एक तिहाई से भी कम है। बाकी ब्याज का है।

उदाहरण 2: जमा का तरीका बदलने पर

वही ₹60,000 सालाना, पर अगर उसे हर महीने ₹5,000 के हिसाब से जमा करें, तो इस calculator के मासिक विकल्प में परिपक्वता रकम लगभग ₹27,73,059 आती है। शुरुआत में एक बार जमा करने वाली रकम से लगभग ₹99,789 कम। कारण साफ़ है: पैसा साल भर धीरे-धीरे जाता है, इसलिए औसतन कम दिन ब्याज कमाता है। यह भी याद रखें कि असली योजना में नियम और भी बारीक हैं, इसलिए यह फ़र्क अनुमान भर है।

उदाहरण 3: दर के अनुमान का असर

वही ₹60,000 सालाना और एक बार जमा। अगर पूरे 21 साल दर 7.2% रहे, तो परिपक्वता रकम लगभग ₹24,91,081। अगर 9.2% रहे, तो लगभग ₹33,13,684। दर में सिर्फ़ 1 अंक का फ़र्क 21 साल में उदाहरण 1 की रकम से लगभग ₹3.8 लाख कम या ₹4.4 लाख ज़्यादा का अंतर बना देता है। यह ऊँचाई-नीचाई का नमूना है, किसी भविष्य की दर का अनुमान नहीं।

उदाहरण 4: छोटी रकम

अगर कोई परिवार केवल ₹2,000 प्रति माह (₹24,000 सालाना) जमा कर पाए, तो मासिक विकल्प पर लगभग ₹11,09,224 बनते हैं, जिसमें जमा ₹3,60,000 है। यानी छोटी रकम भी लंबे समय में वाजिब आकार लेती है।

उदाहरण: ऊपर के सारे आँकड़े इस calculator की मान्यताओं पर निकले हैं। असली योजना की दर और गणना-विधि के कारण असली रकम अलग हो सकती है।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह असली ब्याज-गणना का सटीक अनुकरण नहीं है। असली गणना महीने की न्यूनतम बैलेंस पर होती है।
  • यह भविष्य की ब्याज दर नहीं बता सकता।
  • यह आंशिक निकासी, समय से पहले बंद करना, खाता स्थानांतरण और डिफ़ॉल्ट खाते के पुनर्जीवन जैसी स्थितियाँ नहीं दिखाता।
  • यह बताता है कि पेज की सूची के अनुसार योजना कर-मुक्त है, पर कर नियम बदल सकते हैं। नवीनतम स्थिति के लिए Income Tax Department और India Post की साइट देखें।
  • यह महँगाई के बाद की "असली" क्रय-शक्ति नहीं दिखाता। 21 साल बाद ₹28 लाख की ताक़त आज के ₹28 लाख से काफ़ी कम होगी। इसे Inflation Calculator से परखें।
  • पात्रता, खाता खोलने के दस्तावेज़ और जमा की प्रक्रिया बैंक या डाकघर पर पूछकर ही तय करें।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • PPF Calculator से एक और लंबी अवधि की सरकारी बचत योजना से तुलना करें।
  • Child Education Planner से बेटी की पढ़ाई के भविष्य के खर्च का अंदाज़ा लें।
  • Inflation Calculator से परिपक्वता रकम की असली ताक़त समझें।
  • SIP Calculator से बाज़ार से जुड़े विकल्प की एक अलग तस्वीर देखें।
  • Recurring Deposit Calculator से मासिक जमा वाली छोटी अवधि की योजना से तुलना करें।
  • Goal SIP Calculator से किसी तय लक्ष्य के लिए मासिक रकम निकालें।

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है। यह निवेश, कर या कानूनी सलाह नहीं है, और ऊपर के सभी आँकड़े केवल उदाहरण हैं। योजना के नियम और दरें बदल सकती हैं, इसलिए निर्णय से पहले India Post, अपने बैंक या किसी योग्य सलाहकार से जानकारी लें।

6 काम की बातें याद रखें

1
तिमाही की दर ख़ुद जाँचकर डालें

पेज की दर एक उदाहरण है। India Post या वित्त मंत्रालय की ताज़ा अधिसूचना से दर लेकर स्लाइडर पर भरें।

2
साल में कम से कम न्यूनतम जमा ज़रूर करें

किसी साल जमा चूकने पर खाता निष्क्रिय हो सकता है और जुर्माना लग सकता है। नियम India Post से पक्का कर लें।

3
अपनी मासिक क्षमता से जमा तय करें

अधिकतम जमा ज़रूरी नहीं है। घर के खर्च और आपातकालीन निधि के बाद जो नियमित बच सके, वही रकम चुनें।

4
5 तारीख़ का ध्यान रखें

असली ब्याज महीने की 5 तारीख़ से महीने के अंत की सबसे कम बैलेंस पर बनता है। मासिक जमा 5 तारीख़ तक करने से उस महीने का ब्याज बेहतर बैठता है।

5
शिक्षा और शादी का खर्च अलग सोचें

परिपक्वता रकम अनुमान है और महँगाई साथ में चलती है। उसे लक्ष्य की रकम से मिलाकर देखें, न कि अकेले।

6
कर के नियम बदलते रहते हैं

कर-छूट की स्थिति नियम और कर व्यवस्था पर निर्भर है। अपने कर सलाहकार या ताज़ा नियम से पुष्टि करें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

खाता खुलने के दिन से 15 साल तक जमा करना होता है और खाता 21 साल बाद maturity पर पहुँचता है। 15 साल के बाद नया जमा नहीं होता, पर बैलेंस पर ब्याज चलता रहता है। नियम बदल सकते हैं, इसलिए India Post या वित्त मंत्रालय की अधिसूचना जाँच लें।

हमारी सूची के अनुसार सालाना जमा कम से कम ₹250 और ज़्यादा से ज़्यादा ₹1,50,000 है, ₹50 के multiples में। बेटी की उम्र खाता खुलते समय 10 साल से कम होनी चाहिए। नियम बदल सकते हैं, आधिकारिक स्रोत में जाँचें।

सरकार हर तिमाही लघु बचत योजनाओं की दरें तय करती है। द्वितीयक स्रोतों के अनुसार अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही के लिए दर 8.2% है — यह calculator में बदलकर देख सकते हैं। असली दर के लिए India Post / वित्त मंत्रालय की अधिसूचना देखें।

बताए गए नियमों के अनुसार जमा (Old Regime में 80C), ब्याज और maturity तीनों tax-free (EEE) माने जाते हैं। यह calculator सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान देता है; ब्याज असल में हर महीने की सबसे कम बैलेंस पर बनता है, इसलिए असली राशि थोड़ी अलग हो सकती है।

नहीं, खाता बेटी के 10 साल पूरे करने से पहले खुल सकता है। इसीलिए पेज का स्लाइडर 0 से 9 साल तक चलता है।

जमा 15 साल के लिए माना गया है। उसके बाद खाता परिपक्वता तक चलता है और बैलेंस पर ब्याज बनता रहता है।

अगर साल की शुरुआत में पूरी रकम आराम से दे सकते हैं तो अनुमान थोड़ा ऊँचा बैठता है। आम परिवार के लिए सुविधा से नियमित मासिक जमा भी ठीक है।

यह न्यूनतम सालाना जमा है। पेज की गणना के लिए जमा ₹50 के गुणकों में होना चाहिए।

यह पेज डिफ़ॉल्ट रूप से वही SSY दर मानता है। असल में उस दौरान की दर के स्रोत अलग हो सकते हैं, इसलिए इसे अनुमान की तरह पढ़ें।

नियमों में तय शर्तों पर पिछले साल के बैलेंस का एक हिस्सा निकालने की सुविधा है। शर्तें India Post से देखें; पेज इसे मॉडल नहीं करता।

कुछ ख़ास स्थितियों में समय से पहले बंद करने का प्रावधान है। यह पेज उसे शामिल नहीं करता, इसलिए शर्तें डाकघर/बैंक से पूछें।

आम तौर पर दो बेटियों के लिए अलग-अलग खाते खुल सकते हैं। हर खाते का हिसाब यहाँ अलग-अलग डालें और नियम India Post से पक्के करें।

आम तौर पर डाकघर और कुछ अधिकृत बैंकों में। किसी बैंक में सुविधा है या नहीं, यह उसकी शाखा से पूछें।

परिपक्वता रकम में से कुल जमा घटाने पर जो बचता है। उसमें पूरे 21 साल का ब्याज शामिल है।

नहीं दिखता। नतीजा नाममात्र रकम है, 21 साल बाद उसकी क्रय-शक्ति कम होगी। इसके लिए महँगाई calculator साथ में देखें।

नहीं। असली ब्याज मासिक सबसे कम बैलेंस पर बनता है, इसलिए रकम में थोड़ा फ़र्क़ संभव है।

नहीं। पेज मानता है कि हर साल का जमा समय पर हुआ। जुर्माना और खाता निष्क्रिय होने की स्थिति शामिल नहीं हैं।

नहीं। परिपक्वता रकम के कर की स्थिति नियमों पर निर्भर है और इस पेज में कोई कर नहीं घटाया गया है।

आपके काम के और कैलकुलेटर

सभी कैलकुलेटर देखें
FD Calculator (Post-Tax & Real Return)FD का टैक्स और महँगाई के बाद असली रिटर्न Recurring Deposit (RD) CalculatorBank या Post Office RD - मासिक किस्त, ब्याज और परिपक्वता रकम PPF CalculatorPPF की टैक्स-फ़्री परिपक्वता रकम देखें SCSS Calculator (Senior Citizens' Savings Scheme)SCSS - तिमाही ब्याज, कुल कमाई, टैक्स और समय से पहले बंद करने का असर Post Office MIS (POMIS) CalculatorPost Office MIS - हर महीने की आय, साल की कमाई और टैक्स के बाद आय NSC & KVP CalculatorNSC या KVP में रकम डालिए: परिपक्वता रकम, ब्याज और कर के बाद का नतीजा, साल-दर-साल तालिका के साथ। SGB Calculatorग्राम, इश्यू प्राइस, होल्डिंग साल और सोने की कीमत में अपनी मानी हुई सालाना बढ़त डालिए। देखिए 2.5% ब्याज, मैच्योरिटी या समय से पहले रिडेम्प्शन की वैल्यू और टैक्स का उदाहरण। SIP Calculatorमासिक SIP से भविष्य में बनने वाली रकम का अनुमान देखें
श्रेणी के अनुसार सभी कैलकुलेटर

घर और प्रॉपर्टी

बीमा और सुरक्षा

अब आगे क्या करें?

कुछ Suggest करना है? 💡

शुक्रिया! आपका feedback मिल गया। 🙏

Display Settings
थीम चुनो
Font Size
Aa