80C की योजना

Section 80C Planner Calculator

अपनी मदें डालिए: 80C की सीमा कितनी भरी, कितनी बाक़ी है और बाक़ी भरने पर टैक्स कितना और बचेगा।

  • सीमा में भरा और बाक़ी
  • टैक्स की बचत
  • बाक़ी भरने पर और बचत
  • हर महीने की ज़रूरत
  • मदों का हिस्सा
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाह80C सिर्फ़ Old regime में मिलता है; सीमा भरने से पहले देखें कि आपके लिए Old regime ठीक है या नहीं।
सेव करने के लिए लॉगिन करें

Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

80C की योजना कैसे बनाएँ?

  • 80C की कटौती की एक कुल सीमा है, जो इस पेज पर साइट के आँकड़े से भरी है (बदली जा सकती है)। EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की पढ़ाई की फ़ीस, होम-लोन का मूलधन और टैक्स-सेवर FD जैसी मदें इसी सीमा में गिनी जाती हैं।
  • ज़्यादातर लोगों की सीमा EPF और बीमा से आधी भर चुकी होती है। पहले जो भरा है उसे जोड़ें, फिर बाक़ी हिस्से के लिए अपनी ज़रूरत और जोखिम के हिसाब से मद चुनें।
  • टैक्स की बचत आपके slab की दर पर टिकी है। जिनकी कर-योग्य आय अधिक है, उन्हें हर रुपये पर ज़्यादा बचत मिलती है, पर निवेश सिर्फ़ बचत के लिए नहीं, अपने लक्ष्य के लिए चुनें।
  • यह कटौती New regime में नहीं मिलती। पहले Old और New की तुलना करें।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Counted 80C = lower of the total of the items entered and the limit. Remaining room = limit - counted. Tax is worked out on the Old-regime slabs (by age, from the site FY 2026-27 data) with the Old-regime 87A rebate and 4% cess. Saving so far = tax on income before 80C - tax after counted 80C. Extra saving = tax after counted 80C - tax after full limit. Monthly amount = remaining room / months left. 80C is not available in the New regime.

गिना गया 80C = डाली गई मदों के जोड़ और सीमा में से कम। बाक़ी जगह = सीमा - गिना गया। टैक्स Old regime के slab (उम्र के हिसाब से, साइट के FY 2026-27 आँकड़े) पर, Old regime की 87A छूट और 4% cess के साथ निकलता है। अब तक की बचत = 80C से पहले की आय पर टैक्स - गिने 80C के बाद का टैक्स। और बचत = गिने 80C के बाद का टैक्स - पूरी सीमा के बाद का टैक्स। महीने की रकम = बाक़ी जगह / बचे महीने। 80C New regime में नहीं मिलता।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 14 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: FY 2026-27

Estimate only, for learning — not advice. Educational tool. The 80C limit is an editable input (default follows the site data); tax savings are estimates on Old-regime slabs. Returns and lock-ins of instruments are not guaranteed or modelled here. Not investment or tax advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह शैक्षणिक टूल है। 80C की सीमा बदली जा सकने वाला इनपुट है (default साइट के आँकड़े के अनुसार); टैक्स की बचत Old regime slab पर अनुमान है। मदों का रिटर्न और lock-in यहाँ नहीं गिना गया और गारंटी नहीं है। यह निवेश या टैक्स की सलाह नहीं है। आपका डेटा सहेजा नहीं जाता। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • 80C की एक कुल सीमा होती है और सारी मदें उसी में गिनी जाती हैं। सीमा से ऊपर की रकम पर इस धारा से कटौती नहीं मिलती।
  • टैक्स की बचत आपके slab पर निर्भर है: कर-योग्य आय जितनी ऊँचे slab में होगी, उतनी ज़्यादा।
  • पहले यह देखें कि EPF, बीमा और होम-लोन के मूलधन से सीमा कितनी भर चुकी है, फिर बाक़ी जगह की योजना बनाएँ।
  • 80C सिर्फ़ Old regime में है। पहले Old और New की तुलना करें।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पूजा: आधी सीमा भरी, छह महीने बचे

पूजा की Old regime में कर-योग्य आय ₹12,00,000 है। EPF ₹60,000, PPF ₹30,000 और बीमा प्रीमियम ₹25,000।

अब तक का जोड़
₹1,15,000
अब तक की बचत
₹35,880
बाक़ी जगह
₹35,000
बाक़ी भरने पर और बचत
₹10,920
हर महीने (6 माह)
लगभग ₹5,833

बाक़ी ₹35,000 को छह महीने में बाँटने पर महीने का बोझ छोटा रहता है। पर मद अपने लक्ष्य और lock-in देखकर चुनें।

इरफ़ान: सीमा से ज़्यादा जमा

इरफ़ान की कर-योग्य आय ₹8,00,000 है। EPF ₹1,50,000 और PPF ₹50,000, कुल ₹2,00,000।

मदों का जोड़
₹2,00,000
गिना गया
₹1,50,000
सीमा से ऊपर
₹50,000
अब तक की बचत
₹31,200
बाक़ी जगह
₹0

सीमा भरने के बाद ऊपर के ₹50,000 पर इस धारा से कटौती नहीं मिली। उसे पूरी तरह बेकार न समझें, पर टैक्स की बचत के लिए गिनें भी नहीं।

सुधा: ऊँचे slab में, तीन महीने बचे

सुधा की कर-योग्य आय ₹45,00,000 है। अब तक सिर्फ़ EPF ₹1,20,000।

अब तक का जोड़
₹1,20,000
अब तक की बचत
₹37,440
बाक़ी जगह
₹30,000
बाक़ी भरने पर और बचत
₹9,360
हर महीने (3 माह)
₹10,000

हर रुपये पर लगभग 31% बचत है, पर ₹30,000 का निवेश अपनी सुविधा से हो, सिर्फ़ मार्च की भाग-दौड़ में नहीं।

पूरी ₹1,50,000 की सीमा भरने पर Old regime में बचत (cess सहित)

पूरी ₹1,50,000 की सीमा भरने पर Old regime में बचत (cess सहित)
कर-योग्य आय (80C से पहले)80C के बिना टैक्सपूरी सीमा के बाद टैक्सबचत
₹5,00,000₹0₹0₹0
₹7,00,000₹54,600₹23,400₹31,200
₹10,00,000₹1,17,000₹85,800₹31,200
₹12,00,000₹1,79,400₹1,32,600₹46,800
₹15,00,000₹2,73,000₹2,26,200₹46,800
₹20,00,000₹4,29,000₹3,82,200₹46,800

साइट के FY 2026-27 Old regime slab (60 से कम उम्र) पर। surcharge शामिल नहीं।

80C की आम मदें: lock-in और ध्यान की बातें

80C की आम मदें: lock-in और ध्यान की बातें
मदआम lock-inध्यान रखें
EPF / VPFनौकरी की अवधि तकब्याज की दर सरकार हर साल तय करती है
PPF15 सालदर समय-समय पर बदलती है
ELSS3 सालबाज़ार से जुड़ा; रिटर्न गारंटीशुदा नहीं
टैक्स-सेवर FD5 सालब्याज करयोग्य है
NSC5 सालदर सरकार तय करती है
होम-लोन मूलधनआम तौर पर 5 साल की शर्तजल्दी बेचने पर कटौती उलटी हो सकती है
जीवन बीमापॉलिसी की शर्त के अनुसारबीमा की ज़रूरत पहले, टैक्स बाद में

दरें यहाँ जान-बूझकर नहीं दी गई हैं; वे बदलती रहती हैं। अवधि सामान्य जानकारी है, अपनी योजना के दस्तावेज़ देखें।

त्वरित संदर्भ: 80C

त्वरित संदर्भ: 80C
सीमासब मदों की मिलाकर एक कुल सीमा (इस पेज पर बदली जा सकती है)।
किसे मिलती हैव्यक्ति और HUF को, Old regime में।
New regimeयह कटौती नहीं मिलती।
EPFसिर्फ़ कर्मचारी का अपना योगदान गिना जाता है।
होम-लोनचुकाया गया मूलधन गिना जाता है; ब्याज की कटौती अलग है।
बचत कैसे निकलती है(80C से पहले का टैक्स) - (80C के बाद का टैक्स)।
महीने की रकमबाक़ी जगह / बचे हुए महीने।
इस पेज में क्या नहींमदों का रिटर्न, उनकी पात्रता की जाँच, surcharge।

Section 80C Planner Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

जनवरी-फ़रवरी आते ही दफ़्तरों में एक ही हड़बड़ी दिखती है: "टैक्स बचाने के लिए कुछ लगा दो, वरना पूरा कट जाएगा।" उसी हड़बड़ी में लोग कोई भी बीमा पॉलिसी ले लेते हैं या कहीं भी ₹1.5 लाख डाल देते हैं, और बाद में पछताते हैं। धारा 80C की कटौती की एक कुल सीमा है, और EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फ़ीस, होम-लोन का मूलधन और टैक्स-सेवर FD जैसी कई मदें एक ही सीमा में गिनी जाती हैं। इसलिए सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि सीमा में अब तक कितनी जगह भर चुकी है और कितनी बाक़ी है।

Section 80C Planner Calculator यही देखने के लिए बना है। आप अपनी कर-योग्य आय, उम्र और 80C की सीमा बताते हैं। फिर हर मद में अब तक की रकम भरते हैं: EPF/VPF, PPF/सुकन्या, ELSS, जीवन बीमा, होम-लोन का मूलधन, ट्यूशन फ़ीस, और टैक्स-सेवर FD या अन्य। साथ में वित्त वर्ष के बचे महीने। पेज बताता है कि सीमा में कितनी रकम गिनी गई, कितनी जगह बाक़ी है, अब तक की रकम से कितना टैक्स बचा, बाक़ी भरने पर कितना और बचेगा, और बाक़ी जगह भरने के लिए हर महीने कितनी रकम चाहिए।

पेज का विचार सरल है: निवेश टैक्स के लिए नहीं, अपने लक्ष्य के लिए चुनिए, और टैक्स की बचत को उसका एक बोनस मानिए। इसीलिए पेज किसी मद की सिफ़ारिश नहीं करता, मदों का रिटर्न नहीं बताता और lock-in की शर्तें नहीं गिनता। वह सिर्फ़ सीमा का खाता दिखाता है। निवेश चुनते समय उसका जोखिम और अवधि आप अलग से परखें।

एक महत्वपूर्ण बात: 80C की कटौती New regime में नहीं मिलती। यह पेज Old regime के slab पर चलता है, जो साइट के FY 2026-27 के आँकड़ों से लिए गए हैं। इसलिए इस पेज का नतीजा तभी मायने रखता है जब आप Old regime चुन रहे हों या उसे चुनने पर विचार कर रहे हों। पहले दोनों regime की तुलना देखना बेहतर रहता है। आपकी जानकारी कहीं जमा नहीं होती।

किसके काम का है

  • वेतनभोगी कर्मचारी, जो वित्त वर्ष के आख़िरी महीनों में देखना चाहते हैं कि 80C की सीमा में कितनी जगह बाक़ी है।
  • जिनके पास EPF तो कट रहा है, पर वे नहीं जानते कि वह सीमा का कितना हिस्सा भर चुका है।
  • नए कमाने वाले लोग, जो पहली बार टैक्स-बचत की योजना बना रहे हैं और जानना चाहते हैं कि महीने में कितना लगाने से सीमा पूरी हो जाएगी।
  • होम-लोन वाले परिवार, जिनके मूलधन की किस्त अपने आप 80C में गिनी जा सकती है, और जो देखना चाहते हैं कि इसके बाद कितनी जगह बची।
  • जिन माता-पिता की बच्चों की ट्यूशन फ़ीस मोटी बैठती है और वे जानना चाहते हैं कि वह कितनी सीमा खा रही है।
  • वे लोग जो सीमा से ज़्यादा निवेश कर चुके हैं और जानना चाहते हैं कि अतिरिक्त पर टैक्स का कोई फ़ायदा नहीं मिलेगा।
  • वे सलाहकार या दोस्त-रिश्तेदार जो किसी की टैक्स-योजना में हाथ बँटा रहे हैं और हर मद का सीमा में हिस्सा दिखाना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर ग्यारह इनपुट हैं।

  • Old regime में कर-योग्य आय, 80C घटाने से पहले (₹): standard deduction और दूसरी कटौतियों के बाद की आय। शुरुआती मान ₹12,00,000।
  • उम्र: 60 साल से कम, 60-79 या 80+। इससे Old regime का slab तय होता है।
  • 80C की कुल सीमा (₹): शुरुआती मान ₹1,50,000, जो साइट के आँकड़े से भरा है। नियम बदलें तो आप बदल सकते हैं।
  • EPF / VPF में अपना योगदान (₹): आपके अपने हिस्से का, नियोक्ता का नहीं। शुरुआती मान ₹60,000।
  • PPF / सुकन्या समृद्धि में जमा (₹): शुरुआती मान ₹30,000।
  • ELSS म्यूचुअल फ़ंड (₹): शुरुआती मान 0।
  • जीवन बीमा प्रीमियम (₹): शुरुआती मान ₹25,000।
  • होम-लोन का मूलधन चुकाया (₹): साल भर में चुकाया गया मूलधन। शुरुआती मान 0।
  • बच्चों की ट्यूशन फ़ीस (₹): शुरुआती मान 0।
  • टैक्स-सेवर FD / NSC / अन्य (₹): शुरुआती मान 0।
  • वित्त वर्ष में बचे महीने (1 से 12): शुरुआती मान 6।

एक छोटी सलाह: EPF का आँकड़ा वेतन-पर्ची में देखिए। वर्ष के अंत तक कितना कटेगा, इसका मोटा अंदाज़ा लगाकर ही डालिए, क्योंकि पेज "अब तक की" पक्की रकम माँगता है और हर महीने की कटौती से सालाना जोड़ अलग निकलता है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

  • अब तक 80C से टैक्स की बचत (बड़ी संख्या): नीचे लिखा होता है कि सीमा में कितना गिना गया।
  • अब तक की मदों का जोड़: सब मदों का जोड़, सीमा से पहले।
  • सीमा में बाक़ी जगह: सीमा − जोड़। अगर शून्य न हो तो रकम पीली दिखती है, शून्य हो तो हरी।
  • बाक़ी भरने पर और बचत: अगर आप बाक़ी जगह भर दें, तो टैक्स में और कितना घटेगा।
  • हर महीने ज़रूरी: बाक़ी जगह ÷ बचे महीने।
  • आपका लगभग marginal दर (cess सहित): आपकी आय के आख़िरी ₹10,000 पर टैक्स की प्रभावी दर।
  • 80C के बिना टैक्स / पूरी सीमा के बाद टैक्स: दो किनारे: सबसे ज़्यादा और सबसे कम टैक्स, जिनके बीच आप खड़े हैं।
  • संदेश: तीन तरह का हो सकता है। आय पर टैक्स पहले ही शून्य हो तो बताता है कि 80C से अतिरिक्त बचत नहीं दिखती। सीमा भर चुकी हो तो बताता है कि और रकम से बचत नहीं बढ़ेगी, और सीमा से ऊपर गई रकम पर कटौती नहीं मिलेगी। बाक़ी जगह बची हो तो बताता है कि भरने पर कितना टैक्स और बच सकता है।
  • तालिका "मदें और सीमा में हिस्सा": हर वह मद जिसमें रकम है, उसकी रकम और सीमा का प्रतिशत।
  • चार्ट: गिना गया और बाक़ी जगह, दो डंडे।
ध्यान दें: पेज यह नहीं जाँचता कि कोई मद सचमुच 80C के लिए पात्र है या नहीं। असली पात्रता के नियम निवेश के प्रकार और शर्तों पर निर्भर हैं।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • पहले जो भर चुका है, उसे जोड़िए। EPF और बीमा अक्सर सीमा का आधा भर देते हैं और आपको इसका अंदाज़ा नहीं होता। पहले इन्हें भरिए, फिर बाक़ी पर सोचिए।
  • बाक़ी जगह को महीने में बाँटिए। पेज की "हर महीने ज़रूरी" पंक्ति आख़िरी महीने की हड़बड़ी हटाती है। छोटी-छोटी मासिक रकम का बोझ हल्का और निवेश का जोखिम कम होता है।
  • मद अपने लक्ष्य से चुनिए। लंबी अवधि का लक्ष्य हो तो वह मद देखिए जो उसके मिज़ाज के अनुकूल हो, और आपातकालीन ज़रूरत हो तो छोटी lock-in वाली। कौन-सी मद आपके लिए ठीक है, यह पेज नहीं बताता; निवेश के विकल्पों के अलग calculators देखिए।
  • अपना marginal दर देखिए। अगर वह 20.8% या 31.2% है, तो हर निवेश पर टैक्स की बचत बड़ी है। पर बचत की ख़ातिर कोई भी निवेश चुनना ठीक नहीं।
  • Old और New regime की तुलना पहले कीजिए। अगर New regime में आपका टैक्स वैसे भी कम निकलता है, तो 80C भरने का टैक्स-फ़ायदा आपके लिए नहीं बनता। इसके लिए नीचे का regime calculator चलाइए।
  • बाक़ी मदों के साथ साझा सीमा याद रखिए। होम-लोन का मूलधन और बच्चों की फ़ीस अपने आप इसी सीमा में आती हैं। उन्हें भूल गए तो ग़लत तस्वीर बनेगी।
  • सीमा बदलने पर संख्या बदलिए। सीमा का इनपुट इसीलिए है कि नियम बदल सकते हैं। आधिकारिक स्रोत से ताज़ा सीमा डालकर ही पेज पर भरोसा कीजिए।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "हर मद की अलग सीमा होती है।" नहीं। सब मदों की मिलाकर एक कुल सीमा है। EPF और PPF दोनों अलग से ₹1.5 लाख नहीं गिने जाते।
  • "सीमा पूरी करना ज़रूरी है।" ज़रूरी नहीं। अगर आपके लक्ष्य और जेब को सूट न करे, तो सीमा अधूरी छोड़ना भी ठीक है।
  • "EPF में नियोक्ता का हिस्सा भी गिना जाता है।" पेज की मान्यता में सिर्फ़ आपका अपना योगदान गिना जाता है।
  • सीमा से ऊपर निवेश करके भी बचत की उम्मीद। ऊपर की रकम पर कटौती नहीं मिलती। पेज इसे संदेश में दिखाता है।
  • कर-योग्य आय की जगह कुल आय डालना। पहले खाने में standard deduction और दूसरी कटौतियों के बाद की आय डालिए। कुल आय डालने पर बचत बढ़ी हुई दिखेगी।
  • New regime चुनकर भी 80C की बचत गिनना। New regime में यह कटौती नहीं मिलती। पेज इसी बात की नोट में याद दिलाता है।
  • बीमा को निवेश मान लेना। जीवन बीमा का प्रीमियम 80C में गिना जा सकता है, पर बीमा की ज़रूरत और निवेश की ज़रूरत अलग हैं। टैक्स बचाने के लिए ज़रूरत से बड़ी पॉलिसी न लें।
  • आख़िरी महीने की हड़बड़ी। एक ही महीने में बड़ी रकम डालने से अक्सर ग़लत मद चुनी जाती है। पेज इसी को बाँटने के लिए बनाया गया है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

गिनी गई रकम: सब मदों का जोड़ और सीमा, दोनों में से कम। यानी जोड़ सीमा से ऊपर गया हो तो ऊपर की रकम गिनी नहीं जाती।

बाक़ी जगह = सीमा − जोड़ (शून्य से नीचे नहीं)।

टैक्स (Old regime): आय पर उम्र के हिसाब से slab लगता है। अगर कर-योग्य आय ₹5,00,000 या उससे कम हो तो अधिकतम ₹12,500 की 87A छूट घटती है। फिर 4% cess। साइट के FY 2026-27 के आँकड़े इस्तेमाल होते हैं।

  • अब तक की बचत = (80C से पहले की आय पर टैक्स) − (गिनी गई 80C घटाने के बाद की आय पर टैक्स)।
  • और बचत = (गिनी गई 80C के बाद का टैक्स) − (पूरी सीमा घटाने के बाद का टैक्स)।
  • हर महीने की रकम = बाक़ी जगह ÷ बचे महीने।
  • Marginal दर = ₹10,000 और कम आय पर टैक्स का अंतर ÷ 10,000 × 100।
आम ग़लतियाँ और भ्रम
चीज़सूत्र
गिनी गई 80Cmin(मदों का जोड़, सीमा)
बाक़ी जगहसीमा − जोड़
अब तक की बचतटैक्स(आय) − टैक्स(आय − गिनी गई)
और बचतटैक्स(आय − गिनी गई) − टैक्स(आय − सीमा)

मान्यताएँ: टैक्स सिर्फ़ Old regime के slab पर है, आपकी आय केवल slab वाली है, और surcharge, विशेष दर की आय तथा अन्य कटौतियाँ अलग से इसमें नहीं गिनी गईं।

एक पूरा उदाहरण

यह पेज की शुरुआती संख्याओं का उदाहरण है। अंजलि की Old regime में कर-योग्य आय (80C से पहले) ₹12,00,000 है, उम्र 60 से कम। उसके EPF में अब तक ₹60,000, PPF में ₹30,000 और जीवन बीमा प्रीमियम में ₹25,000 गए हैं। सीमा ₹1,50,000 और वित्त वर्ष के 6 महीने बचे हैं।

  1. मदों का जोड़ = 60,000 + 30,000 + 25,000 = ₹1,15,000। यह सीमा के भीतर है, इसलिए गिना गया ₹1,15,000।
  2. बाक़ी जगह = 1,50,000 − 1,15,000 = ₹35,000।
  3. 80C से पहले का टैक्स: ₹12,00,000 पर: ₹2.5-5 लाख पर 5% = ₹12,500; ₹5-10 लाख पर 20% = ₹1,00,000; ₹10-12 लाख पर 30% = ₹60,000। जोड़ = ₹1,72,500। cess के साथ = ₹1,72,500 × 1.04 = ₹1,79,400।
  4. गिनी गई 80C के बाद आय = 12,00,000 − 1,15,000 = ₹10,85,000। टैक्स = 12,500 + 1,00,000 + 85,000 × 30% = 25,500 → ₹1,38,000। cess के साथ = ₹1,43,520।
  5. अब तक की बचत = 1,79,400 − 1,43,520 = ₹35,880।
  6. पूरी सीमा के बाद आय = 12,00,000 − 1,50,000 = ₹10,50,000। टैक्स = 12,500 + 1,00,000 + 50,000 × 30% = 15,000 → ₹1,27,500, cess के साथ ₹1,32,600।
  7. और बचत = 1,43,520 − 1,32,600 = ₹10,920।
  8. हर महीने ज़रूरी = 35,000 ÷ 6 = लगभग ₹5,833।
  9. Marginal दर = 30% × 1.04 = 31.2%। यानी ऊपर के हर ₹100 के निवेश पर इस स्तर पर लगभग ₹31.2 का टैक्स बचता है।

इसका मतलब: बाक़ी ₹35,000 भरने का "टैक्स का इनाम" ₹10,920 है। पर वह रकम किस मद में जाए, यह अंजलि का अपना फ़ैसला है।

तीन और स्थितियाँ:

  • सीमा से ऊपर: अगर EPF ₹1,00,000 और PPF ₹1,00,000 हो (जोड़ ₹2,00,000), तो गिना ₹1,50,000, बचत ₹46,800 और ₹50,000 पर कोई कटौती नहीं। पेज बताता है कि अब इस मद में और रकम से बचत नहीं बढ़ेगी।
  • आय ₹6,00,000, कोई निवेश नहीं: टैक्स ₹33,800 है। पूरी सीमा ₹1,50,000 भरते ही आय ₹4,50,000 हो जाती है और 87A छूट से टैक्स शून्य। इसलिए "और बचत" ₹33,800 दिखती है।
  • आय ₹4,00,000: टैक्स पहले ही शून्य है, इसलिए पेज कहता है कि 80C से अतिरिक्त बचत नहीं दिखती।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह किसी मद का रिटर्न, lock-in या जोखिम नहीं बताता और न ही गारंटी देता है।
  • यह नहीं जाँचता कि कोई निवेश सचमुच 80C के योग्य है या नहीं। पात्रता की शर्तें अलग से देखिए।
  • यह केवल Old regime का अनुमान है। New regime की गणना इसमें नहीं है।
  • surcharge, विशेष दर की आय और 80C के बाहर की अन्य कटौतियाँ (जैसे 80D, HRA, NPS का अतिरिक्त हिस्सा) शामिल नहीं हैं।
  • यह नहीं बताता कि आपको कौन-सी मद में निवेश करना चाहिए।
  • वित्त वर्ष के बचे महीनों की रकम बराबर बँटी मानी गई है। असली भुगतान की तारीख़ें अलग हो सकती हैं।
  • यह कर-सलाह नहीं है; अंतिम निर्णय से पहले आयकर विभाग के पोर्टल या CA से पुष्टि कीजिए।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Old vs New Tax Regime Calculator: पहले यह तय करने के लिए कि Old regime आपके लिए सस्ता है या नहीं।
  • PPF Calculator: PPF में जमा से लंबी अवधि में बनने वाली राशि का अनुमान देखने के लिए।
  • ELSS Calculator: ELSS में निवेश की अवधि और संभावित वृद्धि को समझने के लिए (रिटर्न की गारंटी नहीं)।
  • EPF Calculator: अपने EPF योगदान और जमा राशि का हिसाब देखने के लिए।
  • NPS Calculator: NPS के अतिरिक्त योगदान का असर समझने के लिए।
  • Income Tax Calculator: पूरी आय पर कुल टैक्स का विस्तृत हिसाब देखने के लिए।

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी है। 80C की सीमा और slab साइट के FY 2026-27 आँकड़ों पर आधारित हैं और बदल सकते हैं। मदों का रिटर्न और lock-in यहाँ नहीं गिना गया और कोई गारंटी नहीं है।

6 काम की बातें याद रखें

1
साल की शुरुआत में योजना बनाएँ

मार्च में एक साथ निवेश करने की जगह हर महीने थोड़ा-थोड़ा करना सहज रहता है।

2
पहले जो भर चुका है गिनें

EPF, बीमा, बच्चों की फ़ीस और होम-लोन का मूलधन अक्सर आधी सीमा भर देते हैं।

3
लक्ष्य और जोखिम देखकर मद चुनें

कुछ मदें सुरक्षित हैं, कुछ बाज़ार से जुड़ी। अपनी ज़रूरत और समय-सीमा से मेल बिठाएँ।

4
lock-in पर ध्यान दें

पैसा कितने साल फँसेगा, यह जानकर ही डालें। जल्दी निकालना आसान नहीं होता।

5
बीमा को सिर्फ़ टैक्स के लिए न लें

बीमा की ज़रूरत पहले तय करें। टैक्स की बचत उसका सहायक फ़ायदा है।

6
Old और New की तुलना करें

अगर कुल कटौतियाँ कम हैं तो New regime सस्ता पड़ सकता है और 80C बेकार हो सकता है।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सब मदों की मिलाकर एक कुल सीमा है। हर मद की अलग सीमा नहीं जुड़ती।

हाँ, कर्मचारी का अपना योगदान गिना जाता है, नियोक्ता का नहीं।

हाँ, चुकाया गया मूलधन इस सीमा में गिना जा सकता है। ब्याज की कटौती अलग धारा से है।

व्यक्तियों और HUF को, और Old regime में। कंपनी या New regime में नहीं।

ऊपर की रकम पर इस धारा से कटौती नहीं मिलती। फिर भी वह निवेश अपनी जगह रहता है।

नहीं। कुछ की दर सरकार तय करती है, कुछ बाज़ार से जुड़ी हैं। रिटर्न यहाँ नहीं गिना गया।

हाँ, तय शर्तों पर पूर्णकालिक शिक्षा की ट्यूशन फ़ीस गिनी जा सकती है। डोनेशन या विकास शुल्क नहीं।

नहीं, सिर्फ़ आपका अपना योगदान 80C में गिना जाता है।

हाँ, पर सीमा वही रहती है। जोड़ सीमा से अधिक न जाए, यह यहाँ देखते रहें।

नहीं। उम्र सिर्फ़ टैक्स के slab बदलती है, 80C की सीमा नहीं।

तब 80C से अतिरिक्त बचत नहीं दिखती। फिर भी निवेश अपने लक्ष्य के लिए अच्छा हो सकता है।

सीधे शेयर या सोना नहीं। ELSS जैसे विशेष फ़ंड गिने जाते हैं।

नहीं, यह सिर्फ़ सीमा और टैक्स की गणना दिखाता है। किसी भी मद को चुनने से पहले उसकी शर्तें पढ़ें।

नहीं। यह ₹50 लाख से ऊपर की आय में अलग से लगता है।

आपकी आख़िरी कमाई पर लगने वाला असली टैक्स-प्रतिशत, cess सहित। इसी से हर अतिरिक्त कटौती की बचत तय होती है।

नहीं, कुछ भी सहेजा नहीं जाता।

हाँ, बजट में। इसीलिए पेज पर सीमा बदली जा सकने वाला इनपुट है।

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