टैक्स प्लानिंग

ग्रेच्युटी क्या है? कौन पात्र है और कितनी मिलती है

What Is Gratuity? Who Is Eligible and How Much Do You Get

ASHA PaisaGyan Editorial Team 03 Nov 2026 Updated: 04 Nov 2026 6 min read 8 views
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ग्रेच्युटी नौकरी के लंबे साथ के बदले मिलने वाली रकम है। पात्रता, 15/26 का फ़ॉर्मूला, टैक्स-मुक्त सीमा, निश्चित अवधि वाले कर्मचारियों के लिए बदलाव और क्लेम की प्रक्रिया।

Contents

कई कर्मचारी ग्रेच्युटी के बारे में बस इतना जानते हैं कि "पाँच साल बाद कुछ मिलता है"। पर कितना मिलता है, कैसे निकलता है और इसमें हाल में क्या बदला है, यह जानना नौकरी बदलने के फ़ैसले में काम आता है। (सैलरी स्लिप और CTC पर हमारा लेख भी देखें।)

ग्रेच्युटी क्या है?

यह नियोक्ता की तरफ़ से लंबी सेवा के बदले दिया जाने वाला एकमुश्त भुगतान है। यह आपके वेतन में कटकर नहीं आता; नियोक्ता इसका प्रावधान करता है। CTC में अक्सर इसका हिस्सा जुड़ा रहता है, पर रकम नौकरी छोड़ने/रिटायरमेंट पर मिलती है।

पात्रता

  • आम तौर पर एक ही संस्था में लगातार 5 साल की सेवा।
  • मृत्यु या विकलांगता की स्थिति में 5 साल की शर्त लागू नहीं होती।
  • नए श्रम कोड में निश्चित अवधि (fixed-term) के कर्मचारियों को आनुपातिक ग्रेच्युटी एक साल की सेवा के बाद देने का प्रावधान बताया गया है। अपने अनुबंध के लिए HR या श्रम विभाग से पुष्टि करें।
  • संस्था पर Payment of Gratuity के नियम लागू होने चाहिए (दस या अधिक कर्मचारी आदि)।

फ़ॉर्मूला और उदाहरण

ग्रेच्युटी = (अंतिम मूल वेतन + महँगाई भत्ता) × 15/26 × पूरे किए गए सेवा-वर्ष। यहाँ 26 महीने के कार्य-दिवस माने जाते हैं और 15 दिन का वेतन प्रति वर्ष गिना जाता है। सेवा के आख़िरी वर्ष में छह महीने से अधिक का समय हो तो उसे पूरा वर्ष मान लिया जाता है।

उदाहरण (काल्पनिक): अंतिम मूल वेतन ₹50,000, सेवा 10 साल 7 महीने → 11 वर्ष गिने जाएँगे। ग्रेच्युटी = 50,000 × 15/26 × 11 ≈ ₹3,17,308।

टैक्स

  • निजी क्षेत्र के कर्मचारी को Payment of Gratuity Act के अंतर्गत मिलने वाली ग्रेच्युटी ₹20 लाख तक कर-मुक्त है।
  • सरकारी कर्मचारियों की ग्रेच्युटी आम तौर पर पूरी तरह कर-मुक्त है।
  • सीमा से ऊपर की रकम वेतन की तरह कर-योग्य हो सकती है।

क्लेम कैसे करें?

  1. नौकरी छोड़ने/रिटायरमेंट पर नियोक्ता को लिखित आवेदन (फॉर्म I) दें।
  2. नियोक्ता को नियमों के अनुसार तय समय में भुगतान करना होता है; देरी पर ब्याज का प्रावधान है।
  3. विवाद की स्थिति में नियंत्रक प्राधिकारी (श्रम विभाग) से संपर्क करें।

नौकरी बदलने से पहले क्या सोचें?

अगर आप चार साल दस महीने पर नौकरी छोड़ रहे हैं, तो कुछ हफ़्तों की देरी आपको लाखों की ग्रेच्युटी दिला सकती है। पर नए श्रम कोड और अपने अनुबंध की शर्तें पहले पक्की कर लें।

आधिकारिक स्रोत

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, वित्तीय, कर या कानूनी सलाह नहीं। नियम और दरें बदल सकती हैं; निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत देखें। अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026।

निष्कर्ष / Conclusion

ग्रेच्युटी लंबी सेवा का इनाम है। फ़ॉर्मूला जान लें, सेवा के वर्ष गिनें और नौकरी बदलने की तारीख़ सोच-समझकर तय करें।

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Quick Summary
ग्रेच्युटी = अंतिम मूल वेतन (+DA) × 15/26 × सेवा के वर्ष। सामान्यतः 5 साल की लगातार सेवा चाहिए, पर नए श्रम कोड में निश्चित अवधि वाले कर्मचारियों के लिए यह एक साल बताई गई है। निजी क्षेत्र में ₹20 लाख तक कर-मुक्त।
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Question 1/1

1. ग्रेच्युटी के फ़ॉर्मूले में हर वर्ष के लिए कितने दिन का वेतन गिना जाता है?

15/26 के सूत्र में हर सेवा-वर्ष के लिए 15 दिन का वेतन गिना जाता है।
⚠️ Common Mistakes vs Best Practices
❌ नौकरी छोड़ने की तारीख़ सेवा-वर्ष गिने बिना तय करना
✅ पहले सेवा की अवधि और पात्रता जाँचें।
❌ ग्रेच्युटी को CTC में मिला हुआ "हर महीने मिलने वाला पैसा" समझना
✅ वह अलग से अंत में मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

आम तौर पर नहीं; पर मृत्यु/विकलांगता में और नए श्रम कोड में निश्चित अवधि वाले कर्मचारियों के लिए अलग प्रावधान हैं।

अंतिम मूल वेतन और महँगाई भत्ता; HRA, बोनस आदि शामिल नहीं होते।

कर-मुक्त सीमा तक नहीं; उससे ऊपर की रकम पर नियोक्ता TDS काट सकता है।

⚠️ अस्वीकरण: यह वेबसाइट केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य से बनाई गई है। यहाँ दी गई कोई भी जानकारी निवेश, कर, बीमा या वित्तीय सलाह नहीं है। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी SEBI पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

⚠️ Disclaimer: This website is for educational and informational purposes only. Nothing here constitutes investment, tax, insurance, or financial advice. Please consult a SEBI-registered financial advisor before making any financial decisions.

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ASHA PaisaGyan Editorial Team

ASHA PaisaGyan की editorial team — finance को आसान Hindi में समझाने के लिए। हमारा content सिर्फ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, investment advice नहीं। Data और नियमों के sources के लिए Disclaimer page देखें।

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