टैक्स बचत के साथ इक्विटी निवेश

ELSS Calculator

ELSS में SIP या एकमुश्त निवेश की वैल्यू, 80C से टैक्स बचत और निकालते समय LTCG टैक्स — सब एक जगह।

  • SIP या एकमुश्त
  • 3 साल का लॉक-इन
  • 80C से टैक्स बचत
  • LTCG टैक्स का अनुमान
  • टैक्स के बाद वैल्यू
  • साल-दर-साल तालिका
आशुग्या की सलाहELSS का लॉक-इन 3 साल का है, पर बाज़ार का उतार-चढ़ाव झेलने के लिए कम से कम 5 साल का नज़रिया रखें - और 80C की सीमा बाक़ी निवेशों के साथ साझा होती है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

ELSS क्या है और यह कैसे काम करता है?

  • ELSS (Equity Linked Savings Scheme) एक इक्विटी म्यूचुअल फंड है जिसमें हर निवेश पर 3 साल का लॉक-इन होता है — टैक्स बचाने वाले विकल्पों में यह सबसे छोटा लॉक-इन है।
  • Old tax regime में ELSS का निवेश धारा 80C के तहत साल में ₹1.5 लाख तक कटौती देता है (PPF, EPF, जीवन बीमा प्रीमियम आदि के साथ यही सीमा साझा होती है)। New regime में 80C की कटौती नहीं मिलती, पर निवेश का रिटर्न वैसा ही मिलता है।
  • SIP में हर किस्त का अपना 3 साल का लॉक-इन होता है, यानी पहली किस्त 3 साल बाद खुलती है, आख़िरी किस्त सबसे बाद में।
  • निकालने पर 12 महीने से ऊपर रखने पर मिला मुनाफ़ा long-term माना जाता है; साल भर के कुल long-term gain पर ₹1.25 लाख तक छूट है, उसके ऊपर 12.5% (+ cess) टैक्स लगता है। यह कैलकुलेटर सारी रकम एक साथ निकालने मानकर टैक्स का अनुमान देता है।
  • ELSS का रिटर्न बाज़ार पर निर्भर है और तय नहीं — नीचे का रिटर्न सिर्फ़ आपकी मानी हुई दर है, गारंटी नहीं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

SIP value = instalment × [((1 + r)^n − 1) ÷ r] × (1 + r), with r = annual return ÷ 12 and n = months. Lumpsum value = amount × (1 + return)^years. Gain = value − invested. LTCG tax = (gain − yearly exemption) × LTCG rate × (1 + cess), only if the gain is above the exemption. 80C saving per year = min(amount invested in the year, 80C limit) × your tax slab × (1 + cess); it is zero under the new regime.

SIP की वैल्यू = किस्त × [((1 + r)^n − 1) ÷ r] × (1 + r), जहाँ r = सालाना रिटर्न ÷ 12 और n = महीने। एकमुश्त की वैल्यू = रकम × (1 + रिटर्न)^साल। मुनाफ़ा = वैल्यू − निवेश। LTCG टैक्स = (मुनाफ़ा − सालाना छूट) × LTCG दर × (1 + cess), सिर्फ़ तब जब मुनाफ़ा छूट से ऊपर हो। साल की 80C बचत = min(उस साल का निवेश, 80C सीमा) × आपका टैक्स स्लैब × (1 + cess); New regime में यह शून्य है।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 11 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: FY 2026-27

Estimate only, for learning — not advice. ELSS returns are market-linked and not guaranteed. The 80C benefit applies only under the old tax regime and within the yearly limit shared with your other 80C investments. Tax is an estimate on a one-time exit; rules can change. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। ELSS का रिटर्न बाज़ार से जुड़ा है और तय नहीं है। 80C का फ़ायदा सिर्फ़ old tax regime में और आपके बाक़ी 80C निवेशों के साथ साझा सालाना सीमा के अंदर मिलता है। टैक्स एक बार में निकालने पर अनुमान है; नियम बदल सकते हैं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • ELSS इक्विटी म्यूचुअल फ़ंड है जिसमें हर निवेश पर 3 साल का लॉक-इन होता है; SIP में हर किस्त का अपना लॉक-इन चलता है।
  • Old regime में 80C के तहत साल में ₹1.5 लाख तक की कटौती मिलती है (बाक़ी 80C निवेशों के साथ साझा)। New regime में यह कटौती नहीं है।
  • निकालते समय साल के कुल long-term gain पर ₹1.25 लाख तक छूट है, उसके ऊपर 12.5% (+ 4% cess)। पेज पूरी रकम एक साथ निकालने मानकर अनुमान देता है।
  • रिटर्न बाज़ार से जुड़ा है, तय नहीं। यहाँ की सारी दरें आपकी मानी हुई उदाहरण-दरें हैं, गारंटी नहीं।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

अर्जुन: 80C की पूरी सीमा, 30% स्लैब

अर्जुन old regime में है, 30% स्लैब। वह ₹12,500 की मासिक SIP 10 साल चलाता है। मानी हुई दर 12% सालाना।

कुल निवेश
₹15,00,000
टैक्स से पहले वैल्यू
लगभग ₹29,04,238
कुल मुनाफ़ा
लगभग ₹14,04,238
अनुमानित LTCG टैक्स + cess
लगभग ₹1,66,301
टैक्स के बाद वैल्यू
लगभग ₹27,37,937
80C से कुल टैक्स बचत
₹4,68,000 (₹46,800 × 10 साल)

यह पेज का डिफ़ॉल्ट उदाहरण है। टैक्स बचत जोड़कर कुल फ़ायदा लगभग ₹17.06 लाख दिखता है, पर यह तभी बैठता है जब अर्जुन का 80C किसी और निवेश से पहले ही न भर चुका हो और रिटर्न मानी हुई दर पर रहे।

नेहा: छोटी SIP, 20% स्लैब

नेहा 20% स्लैब में है। वह ₹5,000 महीने की SIP 10 साल चलाती है। मानी हुई दर 12%।

कुल निवेश
₹6,00,000
टैक्स से पहले वैल्यू
लगभग ₹11,61,695
अनुमानित LTCG टैक्स + cess
लगभग ₹56,770
टैक्स के बाद वैल्यू
लगभग ₹11,04,925
80C से कुल टैक्स बचत
₹1,24,800 (₹12,480 × 10 साल)

साल का निवेश ₹60,000 है, 80C की सीमा से काफ़ी कम। इसलिए बचत भी उसी हिसाब से कम है, और LTCG छूट का कुछ हिस्सा इस्तेमाल में आता है।

इक़बाल: एकमुश्त रकम, New regime

इक़बाल new regime में है और ₹1,00,000 एकमुश्त 5 साल के लिए लगाता है। मानी हुई दर 10%।

कुल निवेश
₹1,00,000
टैक्स से पहले वैल्यू
लगभग ₹1,61,051
कुल मुनाफ़ा
लगभग ₹61,051
अनुमानित LTCG टैक्स
कोई नहीं (मुनाफ़ा छूट के अंदर)
80C से कुल टैक्स बचत
कोई नहीं (New regime)

New regime में 80C की कटौती नहीं मिलती, सो ELSS चुनने का आधार सिर्फ़ निवेश की अपनी ज़रूरत और जोखिम पसंद होना चाहिए, टैक्स बचत नहीं।

अवधि बढ़ने पर नतीजा (₹12,500 मासिक SIP, 12% मानी हुई दर, 30% स्लैब)

अवधि बढ़ने पर नतीजा (₹12,500 मासिक SIP, 12% मानी हुई दर, 30% स्लैब)
अवधि (वर्ष)कुल निवेशटैक्स से पहले वैल्यूअनुमानित LTCG टैक्सटैक्स के बाद वैल्यू
3₹4,50,000₹5,43,846कोई नहीं₹5,43,846
5₹7,50,000₹10,31,080₹20,290₹10,10,789
7₹10,50,000₹16,49,737₹61,716₹15,88,022
10₹15,00,000₹29,04,238₹1,66,301₹27,37,937
15₹22,50,000₹63,07,200₹5,11,186₹57,96,014
20₹30,00,000₹1,24,89,349₹12,17,365₹1,12,71,984

सारणी उदाहरण-गणित है। असली रिटर्न बाज़ार के साथ घटता-बढ़ता है और घाटा भी हो सकता है।

मानी हुई दर बदलने पर (₹12,500 मासिक SIP, 10 साल, 30% स्लैब)

मानी हुई दर बदलने पर (₹12,500 मासिक SIP, 10 साल, 30% स्लैब)
मानी हुई दरटैक्स से पहले वैल्यूअनुमानित LTCG टैक्सटैक्स के बाद वैल्यू
6%₹20,58,734₹56,385₹20,02,349
8%₹23,02,071₹88,019₹22,14,052
10%₹25,81,900₹1,24,397₹24,57,503
12%₹29,04,238₹1,66,301₹27,37,937
14%₹32,76,142₹2,14,648₹30,61,494

किसी दर की गारंटी नहीं है। यह तालिका सिर्फ़ यह दिखाती है कि मान्यता बदलने से अनुमान कैसे बदलता है।

त्वरित संदर्भ: ELSS के नियम (पेज के डेटा के अनुसार)

त्वरित संदर्भ: ELSS के नियम (पेज के डेटा के अनुसार)
लॉक-इनहर निवेश पर 3 साल; SIP की हर किस्त अलग गिनी जाती है।
80C की सालाना सीमा₹1.5 लाख, PPF, EPF, जीवन बीमा प्रीमियम आदि के साथ साझा। केवल old regime में।
80C बचत का सूत्रmin(साल का निवेश, ₹1.5 लाख) × आपका स्लैब × 1.04
पूरी सीमा के लिए SIP₹12,500 महीना = ₹1.5 लाख साल
LTCG छूटसाल के कुल long-term equity gain पर ₹1.25 लाख तक
LTCG दरछूट से ऊपर के मुनाफ़े पर 12.5% + 4% cess
SIP की गणनाकिस्त × [((1+r)^n − 1) ÷ r] × (1+r), r = सालाना दर ÷ 12
इस पेज में क्या नहींख़र्चे के बाद की असली NAV, किस्तों में निकासी से कर बचत, बाक़ी आय और ब्याज/लाभांश पर कर।

ELSS Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

ELSS यानी Equity Linked Savings Scheme एक इक्विटी म्यूचुअल फंड है, जिसमें हर निवेश पर 3 साल का लॉक-इन होता है। कई लोग इसे टैक्स बचाने के लिए चुनते हैं, पर इसमें तीन अलग हिसाब एक साथ चलते हैं: निवेश की आगे की वैल्यू कितनी बन सकती है, धारा 80C के तहत टैक्स में कितनी बचत हो सकती है, और निकालते समय long-term capital gains (LTCG) का टैक्स कितना लग सकता है। ELSS Calculator इन तीनों को एक ही पेज पर जोड़ता है।

आप तय करते हैं कि निवेश मासिक SIP में करना है या एकमुश्त, रकम कितनी, रिटर्न की मान्यता कितनी, अवधि कितने साल और आपका टैक्स slab क्या है। Calculator बताता है कि टैक्स के बाद आपके हाथ में कितनी रकम आ सकती है, 80C से कुल कितनी टैक्स बचत मानी गई, और दोनों को जोड़कर कुल फ़ायदा कितना बनता है।

किसके काम का है

  • वेतनभोगी लोग, जो हर साल मार्च में टैक्स बचाने की जल्दी में रहते हैं और पहले से योजना बनाना चाहते हैं।
  • नए निवेशक, जो जानना चाहते हैं कि ELSS में SIP और एकमुश्त में क्या फ़र्क़ पड़ता है।
  • वे लोग, जो पुराने regime में हैं और 80C की सीमा के बारे में सोच रहे हैं।
  • वे निवेशक, जो ELSS और PPF या अन्य साधनों की तुलना से पहले ELSS का मोटा आँकड़ा देखना चाहते हैं।
  • वे लोग, जिन्हें 3 साल के लॉक-इन का मतलब समझना है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर पाँच इनपुट हैं।

  • निवेश का तरीक़ा: "मासिक SIP" या "एकमुश्त (Lumpsum)"। शुरुआती चयन SIP।
  • निवेश की रकम (₹): SIP में हर महीने की रकम और एकमुश्त में एक बार की रकम। स्लाइडर ₹500 से ₹5,00,000 तक, ₹500 के कदम से, शुरुआती मान ₹12,500। पेज का संकेत कहता है कि ₹12,500 प्रति माह का मतलब साल में ₹1.5 लाख होता है, जो इस calculator में 80C की पूरी सीमा माना गया है।
  • अनुमानित सालाना रिटर्न (%): 4% से 20%, 0.5% के कदम से, शुरुआती मान 12%। यह आपकी मान्यता है। ELSS इक्विटी फंड है, इसलिए रिटर्न तय नहीं होता और घट भी सकता है।
  • निवेश अवधि (साल): 3 से 30 साल, शुरुआती मान 10। लॉक-इन 3 साल का है, इसलिए इससे कम अवधि चुनने पर पेज संदेश देता है कि अवधि कम से कम 3 साल होनी चाहिए।
  • आपका टैक्स स्लैब (80C बचत के लिए): "New regime / कोई टैक्स नहीं (80C बचत नहीं)", या पुराने regime के 5%, 10%, 20% और 30%। शुरुआती चयन 30%। नया regime चुनने पर 80C की बचत शून्य दिखती है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

  • निकालने पर टैक्स के बाद वैल्यू (बड़ी संख्या): अवधि के अंत में LTCG टैक्स घटाने के बाद की अनुमानित रकम। नीचे अवधि और कुल निवेश लिखा आता है।
  • कुल निवेश: आपकी जेब से गई रकम।
  • टैक्स से पहले वैल्यू: मान्य रिटर्न पर कुल मूल्य।
  • कुल मुनाफ़ा: वैल्यू में से निवेश घटाने पर बचा हिस्सा।
  • अनुमानित LTCG टैक्स + cess: मुनाफ़े पर लगने वाला कर, अगर मुनाफ़ा साल की छूट-सीमा से ऊपर हो, वरना "कोई नहीं"।
  • टैक्स के बाद वैल्यू: टैक्स से पहले की वैल्यू में से यह कर घटाने के बाद की रकम।
  • 80C से कुल टैक्स बचत: आपके slab के हिसाब से निवेश पर मिली कटौती से बचा टैक्स।
  • टैक्स बचत जोड़कर कुल फ़ायदा: टैक्स के बाद वैल्यू में से निवेश घटाकर, उसमें 80C की बचत जोड़ने पर निकला कुल लाभ।
  • पाई चार्ट: निवेश, टैक्स के बाद का मुनाफ़ा और LTCG टैक्स का अनुपात।
  • साल-दर-साल तालिका: हर साल के अंत में कुल निवेश और वैल्यू।
  • नोट: SIP में बताता है कि हर किस्त का अलग 3 साल का लॉक-इन है और यहाँ मान लिया गया है कि पूरी रकम अंत में एक साथ निकाली जाती है। एकमुश्त में बताता है कि 80C की कटौती सिर्फ़ निवेश वाले साल में मिलती है। नया regime चुनने पर बताता है कि 80C की कटौती नहीं मिलती।
ध्यान दें: "टैक्स बचत जोड़कर कुल फ़ायदा" को रिटर्न की तरह न पढ़िए। उसमें 80C की बचत मिली हुई है, जो इस पर निर्भर है कि आप पुराने regime में हैं और आपकी 80C की सीमा पहले से दूसरे निवेशों में नहीं भर चुकी।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • पहले सोचिए कि पुराने regime में कितनी 80C जगह बची है। अगर EPF, PPF या बीमा से सीमा पहले ही भर चुकी है, तो ELSS से अतिरिक्त कटौती नहीं मिलेगी। पर निवेश के रूप में ELSS फिर भी एक इक्विटी फंड है।
  • Slab बदलकर देखिए। 5% और 30% के slab पर टैक्स बचत में बड़ा अंतर आता है। इससे दिखता है कि ज़्यादा slab वालों के लिए कटौती का मूल्य ज़्यादा है।
  • रिटर्न कम करके देखिए। 12% की जगह 8% या 6% रखिए, फिर देखिए कि कुल फ़ायदे में टैक्स बचत का हिस्सा कितना बड़ा हो जाता है। इससे समझ आता है कि कटौती और बाज़ार रिटर्न का अनुपात क्या है।
  • अवधि बढ़ाइए। 3 साल और 15 साल के नतीजे की तुलना कीजिए। छोटी अवधि में बाज़ार का जोखिम और अनिश्चितता सबसे ज़्यादा होती है।
  • SIP की आदत बनाइए। मार्च में एकमुश्त लगाने की बजाय साल भर SIP करने से बोझ बँटता है। नतीजे में 12,500 रुपये प्रति माह का संकेत 80C की पूरी सीमा के बराबर बैठता है।
  • दूसरे साधनों से तुलना कीजिए। PPF Calculator और Tax Saver Planner देखकर तय कीजिए कि 80C की सीमा किन-किन साधनों में बाँटनी है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "ELSS में टैक्स बचता है, इसलिए रिटर्न पक्का है।" टैक्स बचत और रिटर्न अलग चीज़ें हैं। रिटर्न बाज़ार पर निर्भर है और नुकसान भी हो सकता है।
  • नए regime में भी 80C मान लेना। नए regime में यह कटौती नहीं है, इसलिए पेज उसमें टैक्स बचत शून्य दिखाता है।
  • पूरी रकम पर 80C मान लेना। कटौती की सालाना सीमा है, और वह दूसरे निवेशों के साथ साझा है।
  • 3 साल बाद सब कुछ निकालने की ज़रूरत समझना। लॉक-इन ख़त्म होने के बाद आप रुके रह सकते हैं। बाज़ार नीचे हो तो जल्दबाज़ी में निकालना नुकसानदेह हो सकता है।
  • SIP की सारी किस्तें 3 साल बाद एक साथ खुल जाती हैं, यह मानना। हर किस्त का अपना लॉक-इन है। पहली किस्त 3 साल बाद खुलती है, आख़िरी किस्त सबसे बाद में। यह calculator सरलता के लिए सब अंत में निकालना मानता है।
  • LTCG की छूट हर निवेश पर अलग समझना। छूट साल भर के कुल long-term equity gain पर होती है, और आपके दूसरे इक्विटी लाभ भी उसमें गिने जाते हैं।
  • खर्च और शुल्क को भूल जाना। फंड का सालाना खर्च रिटर्न घटाता है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है
  • SIP की वैल्यू: किस्त × [((1 + r) की घात n − 1) ÷ r] × (1 + r), जहाँ r = सालाना रिटर्न ÷ 12 ÷ 100 और n = साल × 12। किस्त महीने की शुरुआत में मानी गई है।
  • एकमुश्त की वैल्यू: रकम × (1 + सालाना रिटर्न) की घात साल।
  • मुनाफ़ा: वैल्यू − कुल निवेश।
  • LTCG टैक्स: (मुनाफ़ा − सालाना छूट) × LTCG दर × (1 + cess), सिर्फ़ तब जब मुनाफ़ा छूट से ज़्यादा हो। इस calculator में छूट ₹1.25 लाख, दर 12.5% और cess 4% माना गया है।
  • 80C की बचत हर साल: न्यूनतम (उस साल का निवेश, ₹1.5 लाख की सीमा) × आपका slab × (1 + cess)। SIP में यह हर साल जुड़ती है, इसलिए कुल बचत = सालाना बचत × साल। एकमुश्त में बचत सिर्फ़ एक बार गिनी जाती है।

ये संख्याएँ, यानी ₹1.5 लाख की सीमा, ₹1.25 लाख की छूट, 12.5% की दर और 4% cess, इस calculator की FY 2026-27 के लिए रखी मान्यताएँ हैं। कर के नियम बदलते रहते हैं, इसलिए सही और ताज़ा नियम आयकर विभाग और AMFI की आधिकारिक वेबसाइट से जाँचिए।

मान्यताएँ और सरलीकरण:

  • हर साल एक जैसा रिटर्न मिलता है।
  • सारी रकम अवधि के अंत में एक साथ निकाली जाती है और LTCG की छूट पूरी मान ली जाती है, मानो वह साल में आपका एकमात्र long-term gain हो।
  • 80C की सीमा सिर्फ़ ELSS के लिए मानी गई है। अगर आपके EPF, PPF, जीवन बीमा प्रीमियम जैसे निवेश पहले से सीमा भर चुके हैं, तो ELSS की अतिरिक्त कटौती नहीं मिलेगी।
  • फंड का खर्च (expense ratio) और अन्य शुल्क नहीं घटाए गए।
एक पूरा उदाहरण

SIP का उदाहरण

मान लीजिए एक शिक्षिका पुराने regime में है, उसका slab 20% है, और वह हर महीने ₹6,000 की ELSS SIP 10 साल के लिए करती है। रिटर्न की मान्यता 12% है। (यह सिर्फ़ उदाहरण है।)

  1. कुल निवेश = 6,000 × 120 = ₹7,20,000।
  2. टैक्स से पहले वैल्यू लगभग ₹13,94,034।
  3. मुनाफ़ा = 13,94,034 − 7,20,000 = लगभग ₹6,74,034।
  4. LTCG: मुनाफ़े में से ₹1.25 लाख की छूट घटाई, बचा ₹5,49,034। उस पर 12.5% = ₹68,629। उस पर 4% cess जोड़ने पर लगभग ₹71,374।
  5. टैक्स के बाद वैल्यू = 13,94,034 − 71,374 = लगभग ₹13,22,660।
  6. 80C: साल का निवेश 6,000 × 12 = ₹72,000, जो ₹1.5 लाख की सीमा के अंदर है। सालाना बचत = 72,000 × 20% × 1.04 = ₹14,976। 10 साल में लगभग ₹1,49,760।
  7. कुल फ़ायदा = 13,22,660 − 7,20,000 + 1,49,760 = लगभग ₹7,52,420।

एकमुश्त का उदाहरण

अगर कोई एक बार में ₹1,50,000 लगाए और 10 साल रखे (12% की मान्यता, slab 20%):

  1. वैल्यू = 1,50,000 × (1.12 की घात 10) = लगभग ₹4,65,877।
  2. मुनाफ़ा = लगभग ₹3,15,877।
  3. LTCG टैक्स: (3,15,877 − 1,25,000) × 12.5% × 1.04 = लगभग ₹24,814।
  4. 80C की बचत सिर्फ़ निवेश वाले साल में: 1,50,000 × 20% × 1.04 = ₹31,200।

तुलना से दिखता है कि SIP में 80C की बचत हर साल जुड़ती है, इसलिए कुल टैक्स बचत बड़ी दिखती है, जबकि एकमुश्त में वह एक बार आती है। पर याद रखिए, यह तुलना सिर्फ़ गणित है। असली रिटर्न इन मान्यताओं से अलग होगा, और एकमुश्त बनाम SIP का चुनाव आपकी आमदनी के पैटर्न पर भी निर्भर करता है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह किसी ELSS फंड का नाम या प्रदर्शन नहीं बताता।
  • यह हर साल एक जैसा रिटर्न मानता है। असली रिटर्न हर साल बदलता है।
  • यह सब रकम अंत में एक साथ निकालना मानता है। अलग-अलग किस्त खुलने पर क्रमिक निकासी का कर अलग बन सकता है।
  • यह आपकी बाक़ी 80C निवेशों की स्थिति नहीं जानता।
  • कर के नियम, छूट की सीमा, दरें और 80C की सीमा पेज की मान्यताएँ हैं और बदल सकती हैं। नए Income-tax Act में धाराओं की संख्या भी बदली है।
  • यह dividend, फंड के खर्च या बाज़ार के जोखिम का असर नहीं दिखाता।
  • सभी आँकड़े अनुमान हैं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Tax Saver Planner: 80C और अन्य कटौतियाँ मिलाकर टैक्स बचत की योजना बनाने के लिए।
  • SIP Calculator: बिना कर के सादी SIP की वैल्यू देखने के लिए।
  • PPF Calculator: 80C के एक और साधन की तुलना के लिए।
  • Capital Gains Tax Calculator: निकासी पर पूँजीगत लाभ कर को विस्तार से समझने के लिए।
  • Income Tax Calculator: पुराने और नए regime की तुलना और अपना slab जानने के लिए।
  • NPS vs EPF vs Mutual Fund Calculator: लंबी अवधि के विकल्पों की तुलना के लिए।

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, निवेश या कर की सलाह नहीं। निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है; फ़ैसला लेने से पहले योजना के दस्तावेज़ पढ़िए और ज़रूरत हो तो योग्य सलाहकार या CA से पूछिए।

6 काम की बातें याद रखें

1
पहले देखें 80C पहले से कितना भरा है

EPF, PPF, बीमा प्रीमियम और बच्चों की फ़ीस पहले से सीमा खा सकते हैं। नए ELSS निवेश की असली बचत बची हुई गुंजाइश तक ही है।

2
Regime पहले चुनें

अगर new regime बेहतर बैठ रहा है तो ELSS से कटौती नहीं मिलेगी। Old vs New Regime Calculator से पहले तय करें।

3
लॉक-इन को याद रखें

SIP की आख़िरी किस्त तीन साल और बंद रहेगी, इसलिए आपातकालीन निधि के पैसे ELSS में न रखें।

4
जोखिम समझकर चलें

ELSS इक्विटी फ़ंड है; कुछ सालों में रिटर्न नकारात्मक भी हो सकता है। लंबी अवधि और झटके सहने की तैयारी चाहिए।

5
निकासी की योजना बनाएँ

पेज पूरी रकम एक साथ निकालने मानता है। अलग-अलग वित्त वर्षों में बाँटकर निकालने पर LTCG छूट कई बार इस्तेमाल हो सकती है, पर इसके लिए अपना कर-स्तर अलग से देखें।

6
कम रिटर्न पर भी जाँचें

दर 8% या 6% मानकर देखें कि योजना तब भी ठीक बैठती है या नहीं।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

ELSS में हर निवेश पर 3 साल का लॉक-इन होता है। SIP में हर किस्त 3 साल बाद अलग-अलग खुलती है। यह 80C के बाक़ी विकल्पों (PPF 15 साल, NSC 5 साल, टैक्स-सेविंग FD 5 साल) में सबसे छोटा है।

Old regime में 80C की सीमा साल में ₹1.5 लाख है, जो PPF, EPF, जीवन बीमा आदि के साथ साझा है। बचत = निवेश (सीमा तक) × आपका स्लैब × 1.04 (cess)। 30% स्लैब में ₹1.5 लाख के निवेश पर करीब ₹46,800 तक। New regime में 80C नहीं मिलता।

साल भर के कुल long-term equity gain पर ₹1.25 लाख तक की छूट है; उससे ऊपर के मुनाफ़े पर 12.5% (+ 4% cess) टैक्स लगता है। यह कैलकुलेटर पूरी रकम एक साथ निकालने मानकर अनुमान देता है; किस्तों में निकालकर टैक्स घटाया जा सकता है।

नहीं। ELSS इक्विटी फंड है, इसलिए रिटर्न बाज़ार पर निर्भर है और घट भी सकता है। कैलकुलेटर में दिया रिटर्न सिर्फ़ आपकी मानी हुई दर है, गारंटी नहीं।

₹12,500 × 12 = ₹1.5 लाख, यानी 80C की पूरी सालाना सीमा। इससे ज़्यादा ELSS में लगाने पर भी कटौती उसी सीमा तक मिलती है।

सिर्फ़ निवेश वाले वित्त वर्ष में। SIP में हर साल की किस्तों पर उस साल की कटौती मिलती है, इसलिए पेज SIP में साल का बचत × अवधि दिखाता है।

ELSS इक्विटी फ़ंड है, जिसमें रिटर्न बाज़ार पर निर्भर है और लॉक-इन 3 साल का है। टैक्स-सेविंग FD में ब्याज पहले से पता होता है और लॉक-इन 5 साल का है। जोखिम और कर के नियम अलग हैं।

यह पेज सिर्फ़ growth की तरह वृद्धि मानता है। IDCW में मिले लाभांश पर कर अलग नियम से लगता है और वह इस हिसाब में नहीं है।

नहीं। लॉक-इन ख़त्म होने के बाद यूनिट खुल जाती हैं और आप चाहें तो रखे रह सकते हैं या निकाल सकते हैं। निकासी का फ़ैसला आपका है।

LTCG छूट सारे long-term equity gain पर साझा है। इस पेज में सिर्फ़ ELSS का मुनाफ़ा गिना गया है, इसलिए दूसरे लाभ होने पर असली कर ज़्यादा आ सकता है।

80C बचत की रकम आपके स्लैब पर निर्भर है: कटौती × स्लैब × 1.04। 0 चुनने पर बचत शून्य दिखेगी।

नहीं। बचत का हिसाब सिर्फ़ स्लैब और 4% cess से है। बहुत ऊँची आय पर surcharge अलग से लग सकता है, जो यहाँ नहीं है।

पेज संदेश देगा कि अवधि कम से कम 3 साल होनी चाहिए, क्योंकि लॉक-इन उतना है।

हिसाब में किस्त को महीने के आरंभ में माना गया है (annuity-due), जिससे नतीजा थोड़ा ऊँचा आता है। असली तारीख़ और NAV से थोड़ा फ़र्क़ आएगा।

नहीं। जो दर आप डालते हैं उसे ही सीधे लागू माना जाता है। इसलिए बेहतर है कि शुद्ध दर (खर्चे घटाने के बाद) डालें।

न पक्का, न औसत। यह एक स्थिर मानी हुई दर पर सरल गणित है। बाज़ार में असली रिटर्न हर साल बदलता है।

नहीं। पेज एक बार में पूरी निकासी मानता है। किस्तों में निकासी के लिए SWP Tax Calculator देखें।

लॉक-इन 3 साल का है, इसलिए निकासी के समय सारी यूनिट 12 महीने से ऊपर की होती हैं। इस पेज के हिसाब में short-term की स्थिति नहीं आती।

यह पेज निवेशक अपने ही कर-स्तर पर मानकर चलता है। दूसरे के नाम पर निवेश के कर-नियम उसकी स्थिति पर निर्भर हैं, इसके लिए कर विशेषज्ञ से पूछें।

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