उदाहरण 1: ₹10 लाख का CTC, कर नहीं
मान लीजिए नेहा, 24 साल की एक नई software engineer है। उसका CTC ₹10,00,000 है, basic 40%, कोई variable नहीं, employer PF और gratuity दोनों CTC में, metro शहर, professional tax ₹2,400, New regime, PF पूरे basic पर।
- Basic = ₹4,00,000।
- Employer PF = 12% गुणा 4,00,000 = ₹48,000।
- Gratuity = 4.81% गुणा 4,00,000 = ₹19,240।
- HRA = 50% गुणा 4,00,000 = ₹2,00,000।
- तय ग्रॉस = 10,00,000 घटा 48,000 घटा 19,240 = ₹9,32,760।
- Special allowance = 9,32,760 घटा 4,00,000 घटा 2,00,000 = ₹3,32,760।
- कर्मचारी का PF = ₹48,000।
- कर योग्य आय = 9,32,760 घटा 75,000 घटा 2,400 = ₹8,55,360, जो ₹12 लाख की सीमा के नीचे है, इसलिए इस calculator में टैक्स शून्य आता है।
- सालाना in-hand = 9,32,760 घटा 48,000 घटा 2,400 = ₹8,82,360।
- मासिक in-hand लगभग ₹73,530, यानी CTC का लगभग 88%।
यानी ₹10 लाख के CTC में से करीब ₹1.18 लाख PF (दोनों हिस्से), gratuity और professional tax में गया, और बाकी हाथ में आया।
उदाहरण 2: PF की सीमा का असर
अब मान लीजिए ₹6 लाख का CTC है और basic 50%। PF पूरे basic पर काटने पर कर्मचारी का PF ₹36,000 होता है और मासिक in-hand लगभग ₹42,598 आता है। अगर कंपनी PF केवल ₹15,000 प्रति माह की सीमा तक काटे (स्विच चालू), तो PF ₹21,600 होता है और in-hand लगभग ₹44,998। इस मामले में सीमा वाला ढाँचा हाथ में हर महीने करीब ₹2,400 ज़्यादा देता है। पर PF में जमा रकम कम होती है, यानी भविष्य की बचत भी कम। इसलिए "ज़्यादा in-hand" हमेशा "बेहतर" नहीं होता।
उदाहरण 3: Variable वाला ऊँचा CTC
CTC ₹24,00,000, basic 40%, variable 10% (₹2,40,000), बाकी सेटिंग वही। तय ग्रॉस लगभग ₹19,98,624 आता है और कर योग्य आय (variable जोड़कर) लगभग ₹21,61,224। New regime में अनुमानित टैक्स और cess लगभग ₹2,49,918 आता है। सालाना तय in-hand लगभग ₹16,31,106, यानी महीने के लगभग ₹1,35,925 (CTC का लगभग 68%)। यहाँ variable अलग से, पूरा मिलने पर, ₹2.4 लाख होगा, पर उस पर भी टैक्स लगता है और calculator इसे आपकी मासिक in-hand में नहीं जोड़ता।
उदाहरण: ये आँकड़े केवल इस calculator की मान्यताओं पर आधारित हैं। असली payslip में TDS का समय, भत्तों का ढाँचा और कंपनी की नीति से अंतर आ सकता है।