CTC में से हाथ में कितना?

CTC to In-hand Salary Calculator

CTC से in-hand salary तक: PF, gratuity, tax और हर लाइन का मतलब — आसान हिंदी में समझें।

  • CTC से in-hand का रास्ता
  • Basic, HRA और special भत्ता
  • PF और ग्रेच्युटी का हिस्सा
  • New बनाम Old regime का टैक्स
  • Variable pay अलग से
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहCTC और हाथ में आने वाली सैलरी अलग होती हैं। PF, टैक्स और भत्तों का फ़र्क़ देखें।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Basic = chosen % of CTC; HRA = 50% of basic (metro) or 40%; employer PF = 12% of basic (optionally limited to the PF wage ceiling) and gratuity = 4.81% of basic when they are inside your CTC. Fixed gross = CTC − employer PF − gratuity − variable pay and special allowance = what is left after basic and HRA. Income tax for the chosen regime (slabs, rebate and 4% cess as set on this site) is worked out on fixed gross plus variable pay. In-hand = fixed gross − employee PF − professional tax − that tax, divided by 12 for the monthly figure.

Basic = CTC का चुना हुआ %; HRA = basic का 50% (metro) या 40%; employer PF = basic का 12% (चाहें तो PF wage ceiling तक सीमित) और gratuity = basic का 4.81%, जब ये आपके CTC के भीतर हों। Fixed gross = CTC − employer PF − gratuity − variable pay, और special allowance = basic व HRA के बाद बचा हिस्सा। चुने regime का आयकर (slab, rebate और 4% cess इस साइट की सेटिंग के अनुसार) fixed gross और variable pay को मिलाकर निकाला जाता है। हाथ में आने वाली रकम = fixed gross − employee PF − professional tax − वह टैक्स, मासिक आँकड़ा इसे 12 से भाग देकर।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: FY 2026-27

An estimate, not your payslip. Companies structure CTC differently (basic %, allowances, variable pay, employer PF and gratuity inside or outside CTC). Tax is estimated under the regime you pick for FY 2026-27 without surcharge; professional tax varies by state. Check your offer letter and Form 16. Not tax advice.
यह अनुमान है, आपकी payslip नहीं। हर कंपनी CTC अलग तरह से बनाती है (basic %, allowance, variable pay, employer PF और gratuity CTC के अंदर या बाहर)। Tax FY 2026-27 के चुने हुए regime से, surcharge के बिना, अनुमानित है; professional tax राज्य के हिसाब से अलग है। अपना offer letter और Form 16 देखें। यह tax सलाह नहीं है।

CTC और in-hand में फ़र्क क्यों?

CTC (Cost to Company) वह कुल रकम है जो कंपनी आप पर खर्च करती है — इसमें employer का PF, gratuity और कभी-कभी बीमा या variable pay भी शामिल होता है, जो हर महीने हाथ में नहीं आते। Gross salary = CTC − employer का हिस्सा। In-hand = gross − आपका PF − professional tax − TDS (income tax)। इसलिए ₹10 लाख CTC का मतलब महीने के ₹83,000 नहीं, बल्कि आम तौर पर ₹65,000–72,000 होता है।

Basic आम तौर पर CTC का 40–50% रखा जाता है; PF (12%) और gratuity (4.81%) basic पर लगते हैं, इसलिए ऊँचा basic = कम in-hand पर ज़्यादा बचत। Variable pay/bonus प्रदर्शन पर मिलता है, तय नहीं।

संक्षेप में
  • CTC आपकी कंपनी का कुल खर्च है, जेब में आने वाली रकम नहीं। इसमें से कंपनी का PF, ग्रेच्युटी और variable pay निकालने पर तय ग्रॉस सैलरी बचती है।
  • In-hand = तय ग्रॉस − आपका PF − प्रोफ़ेशनल टैक्स − आयकर और cess, फिर 12 से भाग देकर मासिक आँकड़ा।
  • Basic जितना ऊँचा, PF और ग्रेच्युटी उतनी बड़ी, पर special भत्ता और हाथ में आने वाली रकम घटती है। यही CTC की मुख्य पहेली है।
  • आयकर के नियम इस साइट की FY 2026-27 सेटिंग के हैं। हर कंपनी का ढाँचा अलग होता है, इसलिए असली payslip से ज़रूर मिलाएँ।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

आरती: ₹10,00,000 CTC (पेज की शुरुआती संख्याएँ)

आरती का CTC ₹10,00,000, basic 40%, कोई variable नहीं, employer PF और ग्रेच्युटी CTC के अंदर, metro शहर, प्रोफ़ेशनल टैक्स ₹2,400, New regime।

Basic
₹4,00,000
HRA (50%)
₹2,00,000
Special भत्ता
₹3,32,760
तय ग्रॉस सैलरी
₹9,32,760
आपका PF + कंपनी का PF
₹48,000 + ₹48,000
ग्रेच्युटी का प्रावधान
₹19,240
आयकर + cess
₹0
मासिक in-hand
₹73,530 (CTC का 88%)

CTC ₹83,333 प्रति माह लगता है, पर हाथ में ₹73,530 आए। फ़र्क़ में से ₹96,000 सालाना PF बचत और ₹19,240 ग्रेच्युटी भविष्य के लिए जुड़ती है, खर्च नहीं हुई।

विवेक: ₹18,00,000 CTC में 10% variable और PF की सीमा

विवेक का CTC ₹18,00,000, basic 40%, variable 10%, PF ₹15,000 प्रति माह के basic की सीमा तक, metro, New regime।

Basic
₹7,20,000
Variable (पूरा मिले तो)
₹1,80,000
तय ग्रॉस सैलरी
₹15,63,768
आपका PF (सीमा के साथ)
₹21,600
आयकर + cess (variable मिलाकर)
₹1,38,605
मासिक in-hand (तय वेतन से)
₹1,16,764

PF की सीमा लगने से आपका PF सिर्फ़ ₹21,600 कटा, यानी हाथ का वेतन बढ़ा पर भविष्य निधि की बचत घटी। Variable का कर भी साल के कर में जुड़ा है।

मोनिका: Old regime में किराये और कटौतियों के साथ

मोनिका का CTC ₹12,00,000, basic 40%, किराया ₹25,000 प्रति माह, अन्य कटौतियाँ ₹50,000 (80C आदि), metro, Old regime बनाम New regime।

तय ग्रॉस सैलरी
₹11,19,312
HRA छूट
₹2,40,000
80C (PF समेत)
₹1,07,600
Old regime में आयकर + cess
₹58,617
Old regime में मासिक in-hand
₹83,391
New regime में आयकर + cess
₹0
New regime में मासिक in-hand
₹88,276

इन संख्याओं में New regime में कर नहीं बना और in-hand ज़्यादा रहा। पर किराया, बीमा या होम लोन अधिक हो तो Old regime का हिसाब बदल सकता है। दोनों चलाकर देखें।

Basic % बदलने का असर (₹10,00,000 CTC, New regime)

Basic % बदलने का असर (₹10,00,000 CTC, New regime)
Basic (CTC का %)Special भत्ताआपका PF (सालाना)मासिक in-hand
30%₹4,99,570₹36,000₹75,931
40%₹3,32,760₹48,000₹73,530
45%₹2,49,355₹54,000₹72,330
50%₹1,65,950₹60,000₹71,129

Basic बढ़ने पर PF और ग्रेच्युटी बढ़ती है और in-hand घटता है, पर आपकी भविष्य की बचत बढ़ती है।

अलग-अलग CTC पर in-hand (basic 40%, New regime, ग्रेच्युटी और PF CTC के अंदर)

अलग-अलग CTC पर in-hand (basic 40%, New regime, ग्रेच्युटी और PF CTC के अंदर)
CTCतय ग्रॉसआयकर + cessमासिक in-handCTC का %
₹5,00,000₹4,66,380₹0₹36,66588%
₹8,00,000₹7,46,208₹0₹58,78488%
₹12,00,000₹11,19,312₹0₹88,27688%
₹15,00,000₹13,99,140₹81,391₹1,03,61283%
₹25,00,000₹23,31,900₹2,74,170₹1,61,27877%

मान्यताएँ: प्रोफ़ेशनल टैक्स ₹2,400 सालाना, कोई variable नहीं। आपकी कंपनी का ढाँचा अलग हो सकता है।

त्वरित संदर्भ: CTC से in-hand तक के सूत्र

त्वरित संदर्भ: CTC से in-hand तक के सूत्र
BasicCTC × चुना हुआ %
HRABasic का 50% (metro) या 40%
Employer PFBasic का 12% (चाहें तो ₹15,000 प्रति माह की सीमा तक)
ग्रेच्युटीBasic का 4.81% (CTC के अंदर हो तो)
तय ग्रॉसCTC − employer PF − ग्रेच्युटी − variable
Special भत्तातय ग्रॉस − basic − HRA
मासिक in-hand(तय ग्रॉस − आपका PF − PT − आयकर और cess) ÷ 12
इस पेज में क्या नहींअलग-अलग भत्तों की कर-छूट, बीमा या NPS की कंपनी योगदान की शर्तें, दो नौकरियों का टैक्स और कंपनी की विशेष कटौतियाँ।

CTC to In-hand Salary Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

नौकरी का offer letter आता है तो उसमें लिखा होता है "CTC ₹10 लाख सालाना"। पर पहली salary आने पर बैंक में जो रकम पहुँचती है, वह ₹10 लाख के बारह हिस्सों से काफ़ी कम होती है। यह calculator उसी फ़र्क को समझाता है। आप CTC और उसके ढाँचे के कुछ विकल्प डालते हैं, और calculator बताता है कि हर महीने लगभग कितनी रकम हाथ में आएगी, कितनी PF में जाएगी, कितना टैक्स कटेगा और कितना सिर्फ़ कागज़ पर CTC का हिस्सा है, जैसे gratuity का प्रावधान।

इस पेज का मुख्य नतीजा "मासिक in-hand" है, यानी तय वेतन में से PF, professional tax और आयकर घटाने के बाद हर महीने बचने वाली रकम। साथ में एक सैलरी-ढाँचे की तालिका (सालाना और मासिक), एक pie chart और एक bar chart दिखते हैं, जिनसे साफ़ दिखता है कि आपका CTC किन-किन खानों में बँट रहा है।

ध्यान दें: यह calculator अनुमान देता है, आपकी payslip नहीं। हर कंपनी का सैलरी ढाँचा अलग होता है। असली आँकड़ों के लिए offer letter, salary structure और Form 16 देखें।

किसके काम का है

  • नई नौकरी का offer तुलना करने वाले लोग। दो कंपनियों के ₹12 लाख और ₹13 लाख के CTC में in-hand का फ़र्क उलटा भी निकल सकता है, अगर एक में employer PF या variable बड़ा हिस्सा हो।
  • Fresher और पहली नौकरी वाले युवा, जिन्हें CTC, gross, basic और in-hand जैसे शब्द उलझाते हैं।
  • वेतन-वृद्धि पर बातचीत करने वाले कर्मचारी, जो समझना चाहते हैं कि basic का प्रतिशत बदलने से PF, gratuity और HRA पर क्या असर पड़ेगा।
  • HR या छोटे कारोबारी, जो कर्मचारी को सैलरी ढाँचा समझाने के लिए एक मोटा खाका चाहते हैं।
  • परिवार के सदस्य, जिन्हें घर का मासिक बजट बनाने के लिए सही in-hand का अंदाज़ा चाहिए, न कि CTC का।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज के फ़ील्ड ये हैं।

  1. सालाना CTC (₹): स्लाइडर ₹2 लाख से ₹1 करोड़ तक चलता है और शुरुआती मान ₹10 लाख है। offer letter में लिखा कुल सालाना पैकेज डालें।
  2. Basic, CTC के % के रूप में: 30% से 60% तक, शुरुआती मान 40%। ज़्यादातर offer में basic CTC का 40 से 50 प्रतिशत होता है। इसे offer letter के annexure से निकालें: basic salary की सालाना रकम को CTC से भाग दें।
  3. Variable pay / bonus, CTC के % के रूप में: 0% से 30% तक। यह प्रदर्शन पर मिलने वाला हिस्सा है। calculator इसे "तय" वेतन से अलग रखता है।
  4. Employer PF (basic का 12%) CTC के अंदर है: हाँ/नहीं का स्विच। कुछ कंपनियों में employer का PF CTC के भीतर गिना जाता है, कुछ में ऊपर से अलग।
  5. PF सिर्फ़ ₹15,000 प्रति माह तक के basic पर: यह स्विच बताता है कि PF की गणना वैधानिक wage ceiling तक सीमित है या पूरे basic पर होती है। कुछ कंपनियाँ केवल ceiling तक काटती हैं।
  6. Gratuity (basic का 4.81%) CTC के अंदर है: gratuity का प्रावधान भी CTC में गिना जा सकता है।
  7. Metro शहर: यह स्विच तय करता है कि HRA basic का 50% माना जाए या 40%।
  8. प्रोफ़ेशनल टैक्स: तीन विकल्प हैं, कोई नहीं, ₹200 प्रति माह (₹2,400 सालाना) या ₹2,500 सालाना। यह राज्य के नियम पर निर्भर है।
  9. टैक्स regime: New regime (डिफ़ॉल्ट) या Old regime।
  10. Old regime: दिया गया मासिक किराया: केवल Old regime में HRA छूट निकालने के लिए इस्तेमाल होता है।
  11. Old regime: अन्य कटौतियाँ: PF के अलावा 80C, 80D, NPS जैसी कटौतियों की कुल रकम।
ध्यान दें: आखिरी दो फ़ील्ड तभी असर डालते हैं जब आप Old regime चुनते हैं। New regime में किराये और 80C की कटौतियाँ इस calculator में नहीं गिनी जातीं।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

मासिक in-hand

सबसे ऊपर बड़ा आँकड़ा है, तय वेतन में से कर्मचारी का PF, professional tax और आयकर घटाने के बाद का मासिक मान। उसके नीचे सालाना in-hand और यह भी लिखा आता है कि वह CTC का कितने प्रतिशत है। यह प्रतिशत एक अच्छा "सेहत जाँच" आँकड़ा है। अगर यह बहुत कम निकले, तो देखें कि CTC में कितना हिस्सा PF, gratuity, variable या टैक्स में जा रहा है।

नतीजे की पंक्तियाँ

  • तय ग्रॉस सैलरी प्रति वर्ष: CTC में से employer PF, gratuity और variable pay निकालने के बाद बची रकम।
  • आपका PF प्रति वर्ष: कर्मचारी के हिस्से का PF, जो आपकी salary से कटता है।
  • आयकर + cess प्रति वर्ष: चुने हुए regime में अनुमानित टैक्स। अगर यह शून्य है तो हरा दिखता है।
  • कुल PF बचत (आप + employer): दोनों हिस्से मिलाकर। यह आपके हाथ में नहीं आता, पर आपका ही पैसा है और आपके PF खाते में जमा होता है।
  • वेरिएबल पे (तय नहीं): प्रदर्शन पर निर्भर रकम, जो पक्की नहीं है।

सैलरी ढाँचे की तालिका

तालिका में बेसिक, HRA, special/अन्य भत्ते, तय ग्रॉस, कर्मचारी का PF, professional tax, आयकर और तय in-hand सालाना और मासिक दिखते हैं। जब variable, employer PF या gratuity चालू हों, तो वे अलग पंक्तियों में जुड़ जाते हैं। बारह से भाग देकर मासिक कॉलम बनता है।

चार्ट

Pie chart चार हिस्से दिखाता है: in-hand, PF + gratuity, टैक्स + PT और variable। Bar chart उसी बँटवारे को और बारीकी से दिखाता है: in-hand, आपका PF, कंपनी का PF, gratuity, आयकर, professional tax और variable।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

दो offer की तुलना

दोनों offer के लिए अलग-अलग बार calculator चलाएँ। केवल CTC नहीं, इन चीज़ों को ज़रूर दर्ज करें: basic का प्रतिशत, employer PF CTC के अंदर है या नहीं, variable कितना है। अंत में "CTC का कितना प्रतिशत in-hand" की तुलना करें।

Basic का प्रतिशत बदलकर देखें

Basic 40% से 50% करने पर PF, gratuity और HRA तीनों बढ़ते हैं, और special allowance घटता है। इससे मासिक in-hand घट सकता है, पर लंबे समय की बचत (PF और gratuity) बढ़ती है। अपनी ज़रूरत के हिसाब से संतुलन देखें।

दोनों regime आज़माएँ

New और Old regime दोनों चलाएँ। Old regime में किराये और 80C जैसी कटौतियाँ डालकर देखें कि क्या सचमुच फ़ायदा है। आम तौर पर जिनके पास बड़ी कटौतियाँ नहीं होतीं, उनके लिए नतीजा New regime की तरफ़ झुक सकता है, पर यह हर किसी का अलग है।

Variable को "बोनस" की तरह देखें

घर का मासिक बजट केवल तय in-hand पर बनाएँ। Variable मिल जाए तो उसे बचत, कर्ज़ चुकाने या आपातकालीन निधि में लगाएँ। उसी पर EMI पक्की न करें।

पहले दिन से बचत का हिस्सा तय करें

तय in-hand आने पर देखें कि उसमें से कितना SIP, बीमा और आपातकालीन निधि के लिए अलग रखना है। इसके बाद बचा हुआ खर्च के लिए रखें।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • भ्रम: "CTC ही मेरी salary है।" CTC में कंपनी की तरफ़ से जाने वाले PF, gratuity और बीमा भी शामिल हो सकते हैं।
  • ग़लती: Variable को मासिक आय में जोड़ना। यह तय नहीं होता और अक्सर साल में एक बार मिलता है।
  • ग़लती: Old regime में PF को दोबारा गिनना। इस calculator में कर्मचारी का PF अपने-आप 80C की सीमा के भीतर गिना जाता है। "अन्य कटौतियाँ" वाले बॉक्स में PF फिर से न जोड़ें।
  • भ्रम: "ज़्यादा basic यानी ज़्यादा घाटा।" ज़्यादा basic से in-hand घट सकता है, पर PF और gratuity बढ़ते हैं, जो आपकी ही बचत है।
  • ग़लती: Gratuity को हर महीने की आय समझना। यह तब मिलती है जब आप नियमों के अनुसार पात्र हों, और यह एकमुश्त है।
  • ग़लती: Professional tax भूल जाना। यह राज्य के अनुसार अलग है। अपने राज्य का नियम देखकर सही विकल्प चुनें।
  • भ्रम: "टैक्स वही कटेगा जो calculator बताए।" कंपनी साल की शुरुआत में अनुमानित आय पर TDS काटती है, जो अंत में बदल सकता है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

क्रम ऐसा है:

  1. Basic = CTC गुणा चुना हुआ प्रतिशत।
  2. Variable = CTC गुणा चुना हुआ variable प्रतिशत।
  3. Employer PF = 12% गुणा PF का आधार, अगर स्विच चालू हो। आधार या तो पूरा basic होता है या वैधानिक सीमा तक का basic (calculator में सालाना ₹1,80,000, यानी ₹15,000 प्रति माह माना गया है)।
  4. Gratuity = basic का 4.81%, अगर स्विच चालू हो।
  5. HRA = basic का 50% (metro) या 40%।
  6. तय ग्रॉस = CTC घटा employer PF घटा gratuity घटा variable।
  7. Special allowance = तय ग्रॉस घटा basic घटा HRA। अगर यह ऋणात्मक हो जाए, यानी basic इतना बड़ा चुना गया कि बाकी कुछ बचे नहीं, तो पेज एक त्रुटि संदेश देता है।
  8. कर्मचारी का PF = 12% गुणा वही PF आधार।
  9. कर योग्य आय = तय ग्रॉस जमा variable, उसमें से standard deduction और professional tax घटाकर। Old regime में HRA की छूट और 80C व अन्य कटौतियाँ भी घटती हैं। Variable को टैक्स वाली आय में इसलिए जोड़ा गया है कि वह जब मिलती है तब उस पर टैक्स लगता है।
  10. टैक्स चुने हुए regime की slab से निकलता है। उसमें rebate लगाकर 4% cess जोड़ा जाता है। Surcharge नहीं गिना जाता।
  11. सालाना in-hand = तय ग्रॉस घटा कर्मचारी का PF घटा professional tax घटा आयकर।
  12. मासिक in-hand = सालाना in-hand भाग 12।

इस calculator में आज के लिए FY 2026-27 के नियम माने गए हैं: New regime में standard deduction ₹75,000 और ₹12 लाख तक की कर-योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं, तथा Old regime में standard deduction ₹50,000। ये नियम बजट और अधिसूचनाओं से बदल सकते हैं, इसलिए अंतिम जानकारी के लिए Income Tax Department की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

एक पूरा उदाहरण

उदाहरण 1: ₹10 लाख का CTC, कर नहीं

मान लीजिए नेहा, 24 साल की एक नई software engineer है। उसका CTC ₹10,00,000 है, basic 40%, कोई variable नहीं, employer PF और gratuity दोनों CTC में, metro शहर, professional tax ₹2,400, New regime, PF पूरे basic पर।

  • Basic = ₹4,00,000।
  • Employer PF = 12% गुणा 4,00,000 = ₹48,000।
  • Gratuity = 4.81% गुणा 4,00,000 = ₹19,240।
  • HRA = 50% गुणा 4,00,000 = ₹2,00,000।
  • तय ग्रॉस = 10,00,000 घटा 48,000 घटा 19,240 = ₹9,32,760।
  • Special allowance = 9,32,760 घटा 4,00,000 घटा 2,00,000 = ₹3,32,760।
  • कर्मचारी का PF = ₹48,000।
  • कर योग्य आय = 9,32,760 घटा 75,000 घटा 2,400 = ₹8,55,360, जो ₹12 लाख की सीमा के नीचे है, इसलिए इस calculator में टैक्स शून्य आता है।
  • सालाना in-hand = 9,32,760 घटा 48,000 घटा 2,400 = ₹8,82,360।
  • मासिक in-hand लगभग ₹73,530, यानी CTC का लगभग 88%।

यानी ₹10 लाख के CTC में से करीब ₹1.18 लाख PF (दोनों हिस्से), gratuity और professional tax में गया, और बाकी हाथ में आया।

उदाहरण 2: PF की सीमा का असर

अब मान लीजिए ₹6 लाख का CTC है और basic 50%। PF पूरे basic पर काटने पर कर्मचारी का PF ₹36,000 होता है और मासिक in-hand लगभग ₹42,598 आता है। अगर कंपनी PF केवल ₹15,000 प्रति माह की सीमा तक काटे (स्विच चालू), तो PF ₹21,600 होता है और in-hand लगभग ₹44,998। इस मामले में सीमा वाला ढाँचा हाथ में हर महीने करीब ₹2,400 ज़्यादा देता है। पर PF में जमा रकम कम होती है, यानी भविष्य की बचत भी कम। इसलिए "ज़्यादा in-hand" हमेशा "बेहतर" नहीं होता।

उदाहरण 3: Variable वाला ऊँचा CTC

CTC ₹24,00,000, basic 40%, variable 10% (₹2,40,000), बाकी सेटिंग वही। तय ग्रॉस लगभग ₹19,98,624 आता है और कर योग्य आय (variable जोड़कर) लगभग ₹21,61,224। New regime में अनुमानित टैक्स और cess लगभग ₹2,49,918 आता है। सालाना तय in-hand लगभग ₹16,31,106, यानी महीने के लगभग ₹1,35,925 (CTC का लगभग 68%)। यहाँ variable अलग से, पूरा मिलने पर, ₹2.4 लाख होगा, पर उस पर भी टैक्स लगता है और calculator इसे आपकी मासिक in-hand में नहीं जोड़ता।

उदाहरण: ये आँकड़े केवल इस calculator की मान्यताओं पर आधारित हैं। असली payslip में TDS का समय, भत्तों का ढाँचा और कंपनी की नीति से अंतर आ सकता है।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह आपकी payslip नहीं है। कंपनी के अपने भत्ते, कैफ़ेटेरिया, फ़ोन या यात्रा के reimbursement, बीमा प्रीमियम और NPS का कंपनी वाला हिस्सा यहाँ अलग से नहीं गिने जाते।
  • Surcharge नहीं जोड़ा जाता। बहुत ऊँची आय पर असली टैक्स इससे ज़्यादा हो सकता है।
  • कर नियम बदलते हैं। बजट के बाद slab, rebate और standard deduction बदल सकते हैं। आधिकारिक जानकारी Income Tax Department की वेबसाइट पर देखें।
  • PF की ब्याज दर, VPF, EPS का बँटवारा और PF का अपना टैक्स नियम यहाँ नहीं हैं।
  • यह एक ही नौकरी का हिसाब है। अन्य आय, जैसे किराया, ब्याज या शेयर के लाभ, यहाँ शामिल नहीं हैं।
  • सभी रकमें पूर्णांकित हैं, इसलिए रुपये-दो-रुपये का अंतर normal है।
  • साल के बीच नौकरी बदलना या वेतन-वृद्धि लागू होना यह नहीं मानता। उसके लिए पूरे साल की अलग गणना चाहिए।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Income Tax Calculator से अपनी कुल कर देयता का और बारीक अनुमान लें।
  • HRA Exemption Calculator से किराये की छूट अलग से जाँचें।
  • EPF Calculator से जानें कि आपका PF समय के साथ कितना बढ़ सकता है।
  • Gratuity Calculator से अनुमान लगाएँ कि सेवा के सालों के बाद gratuity कितनी बन सकती है।
  • Salary Calculator से वेतन के और पहलू देखें।
  • Budget Calculator से अपने in-hand वेतन को खर्च और बचत में बाँटें।

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है। यह कर, निवेश या कानूनी सलाह नहीं है, और सभी आँकड़े उदाहरण भर हैं। अपने वेतन और टैक्स से जुड़े निर्णय के लिए offer letter, Form 16 और योग्य सलाहकार की मदद लें।

6 काम की बातें याद रखें

1
Offer letter की पंक्तियाँ पढ़ें

देखें कि PF और ग्रेच्युटी CTC के अंदर हैं या ऊपर से। इन दोनों टॉगल को वैसा ही रखें जैसा आपके offer में लिखा है।

2
Variable को पक्का न मानें

Variable का बड़ा हिस्सा प्रदर्शन पर निर्भर होता है। पेज इसे अलग दिखाता है ताकि तय वेतन का सही अंदाज़ा रहे।

3
दोनों regime चलाकर देखें

कर बचत की निवेश योजनाएँ हों तो Old regime में भी हिसाब देखें, वरना New regime का नतीजा काफ़ी होता है।

4
Basic बढ़वाने का दोतरफ़ा असर

ज़्यादा basic का मतलब ज़्यादा PF और ग्रेच्युटी, पर कम मासिक हाथ का वेतन। अपनी ज़रूरत देखकर तय करें।

5
Payslip से मिलान करें

नौकरी के पहले महीने में payslip की संख्याएँ इस पेज से मिलाएँ। फ़र्क़ आए तो HR से कारण पूछें।

6
ग्रेच्युटी और PF लंबी बचत हैं

इन्हें खर्च की कटौती न समझें। ये आपकी भविष्य की बचत में जाती हैं, पर ग्रेच्युटी के नियम सेवा के सालों पर निर्भर हैं।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

CTC में employer का PF, gratuity और variable pay जैसी रकमें शामिल होती हैं जो हर महीने हाथ में नहीं आतीं। In-hand = gross salary − आपका PF − professional tax − income tax (TDS)।

ऊँचा basic = ज़्यादा PF और gratuity (बचत) पर कम in-hand; HRA exemption भी basic पर निर्भर है। कम basic = ज़्यादा in-hand पर कम बचत। कोई एक सही जवाब नहीं — यह आपकी ज़रूरत पर है।

Basic, HRA, special भत्ता, कंपनी का PF, ग्रेच्युटी का प्रावधान और variable pay। इनमें से कुछ हिस्से हर महीने हाथ में नहीं आते, जैसे कंपनी का PF और ग्रेच्युटी।

Basic और HRA के बाद का बाक़ी तय वेतन। यहाँ यह तय ग्रॉस − basic − HRA के रूप में निकाला जाता है।

कुछ कंपनियाँ PF को CTC में गिनती हैं, कुछ उसके ऊपर देती हैं। टॉगल आपके offer के अनुसार रखें।

कुछ कंपनियाँ PF केवल ₹15,000 प्रति माह के basic तक काटती हैं। यह पेज वही विकल्प टॉगल से देता है, पर आपका नियोक्ता क्या करता है यह उसकी नीति पर निर्भर है।

पेज variable को तय ग्रॉस के साथ जोड़कर साल की कर-योग्य आय निकालता है। असल में यह जब मिलता है तब कटता है।

कई राज्यों में लगने वाला एक छोटा राज्य-स्तरीय कर। पेज में कुछ आम विकल्प चुनने को दिए हैं। अपने राज्य का सही विकल्प चुनें।

पेज की सेटिंग में कर-योग्य आय एक तय सीमा तक हो तो कर नहीं लगता, और उससे थोड़ा ऊपर राहत मिलती है। असली नियम बजट के अनुसार बदल सकते हैं।

स्टैंडर्ड डिडक्शन, प्रोफ़ेशनल टैक्स, HRA छूट, आपका PF समेत 80C, और आपके डाले अन्य अंश। असली दावा साबित करने के कागज़ पर निर्भर है।

पेज तीन में से सबसे छोटी रकम लेता है: मिला हुआ HRA, दिया किराया − basic का 10%, और basic का 50% (metro) या 40%।

तब Old regime में HRA छूट शून्य मानी जाएगी। New regime पर किराये का असर नहीं पड़ता।

नहीं। पेज में NPS, बीमा या कैफ़ेटेरिया जैसे कंपनी के अलग लाभ जोड़ने की सुविधा नहीं है।

पेज साल का टैक्स 12 से बाँटकर मासिक दिखाता है। कंपनी का TDS का तरीक़ा और बोनस का समय अलग हो सकता है।

ग्रेच्युटी आम तौर पर एक न्यूनतम सेवा अवधि के बाद मिलती है। इसलिए पेज उसे प्रावधान के रूप में दिखाता है, मासिक वेतन में नहीं।

नहीं। असली payslip में कंपनी की अपनी कटौतियाँ और भत्ते हो सकते हैं। पेज सिर्फ़ मोटा अंदाज़ा देता है।

नहीं। यह शैक्षणिक गणना है। कर निर्णय से पहले आधिकारिक नियम या योग्य सलाहकार देखें।

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