डाकघर से हर महीने ब्याज

Post Office MIS (POMIS) Calculator

Post Office Monthly Income Scheme (POMIS): जमा पर हर महीने की तय आय, साल भर की कमाई और परिपक्वता पर मूल रकम की वापसी — कर के बाद की आय भी देखें।

  • हर महीने की तय आय
  • एकल और संयुक्त खाता
  • कर के बाद मासिक आय
  • समय से पहले बंद करने का हिसाब
  • RD में दोबारा निवेश का उदाहरण
  • 5 साल बाद पूरी जमा वापस
आशुग्या की सलाहडाकघर MIS में जमा सीमा और ब्याज की दर सरकार तय करती है; ताज़ा दर देखकर हिसाब लगाएँ।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

POMIS (पोस्ट ऑफ़िस मासिक आय योजना) की ख़ास बातें

  • एकल खाते में अधिकतम ₹9 लाख और संयुक्त खाते में ₹15 लाख; न्यूनतम ₹1,000, ₹1,000 के गुणकों में।
  • अवधि 5 साल। ब्याज साधारण है और हर महीने मिलता है: मासिक आय = जमा × दर ÷ 12। परिपक्वता पर मूल जमा वापस मिलता है।
  • ब्याज पूरी तरह कर-योग्य है और आपके स्लैब पर जुड़ता है; इस योजना में 80C की कटौती नहीं मिलती।
  • समय से पहले बंद करने के नियम नीचे की तालिका में हैं; पहले साल में बंद नहीं किया जा सकता।
  • मासिक आय खर्च में न आए तो आप उसे RD में डालने का उदाहरण "RD में दोबारा निवेश" स्विच से देख सकते हैं — यह सिर्फ़ एक उदाहरण है।
समय से पहले बंद करना — यहाँ इस्तेमाल हुए नियम
समय से पहले बंद करना — यहाँ इस्तेमाल हुए नियम
खाता बंद करने परक्या होता है
0 से 1 साल तक समय से पहले बंद करना मना है
1 से 3 साल तक जमा का 2% काटा जाता है
3 साल के बाद (परिपक्वता से पहले) जमा का 1% काटा जाता है
The rates and limits shown are as of the Oct–Dec 2026 quarter (from secondary sources). Please check the latest Ministry of Finance notification / India Post before relying on them.
यहाँ की दरें और सीमाएँ अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही की हैं (द्वितीयक स्रोतों से)। भरोसा करने से पहले वित्त मंत्रालय की ताज़ा अधिसूचना / India Post ज़रूर जाँच लें।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Monthly income = deposit × rate ÷ 12 (simple interest, no compounding). Yearly = 12 × monthly; total interest = yearly × 5 years; the deposit is returned at maturity. Post-tax income = payout × (1 − your slab %). Premature closure: not allowed in year 1; from 1 to 3 years 2% of the deposit is deducted, after 3 years 1%. The optional reinvest illustration puts each month's payout into a 5-year RD at the RD rate shown (quarterly compounding, instalment rounded down to a multiple of ₹10).

मासिक आय = जमा × दर ÷ 12 (साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि नहीं)। साल की आय = 12 × मासिक; कुल ब्याज = साल की आय × 5 साल; परिपक्वता पर जमा वापस मिलता है। कर के बाद आय = मासिक आय × (1 − आपका स्लैब %)। समय से पहले बंद करना: पहले साल में नहीं; 1 से 3 साल में जमा का 2% और 3 साल के बाद 1% कटता है। वैकल्पिक दोबारा निवेश के उदाहरण में हर महीने की आय को दिखाई गई RD दर पर 5 साल की RD में डाला जाता है (तिमाही चक्रवृद्धि, किस्त ₹10 के गुणक तक घटाई गई)।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही

Estimate only, for learning — not advice. Small-savings rates are reset by the Government every quarter and a deposit earns the rate applicable on the day it is made; the figures here are illustrative. Tax is shown as a simple "interest × your slab %" (cess, surcharge and rebate are not modelled). The "reinvest in RD" view is only an illustration of what the payout could grow to — it is not a recommendation. Closure rules are as listed here and may change — please check the official notification. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। लघु बचत दरें सरकार हर तिमाही तय करती है और जमा पर वही दर मिलती है जो जमा के दिन लागू हो; यहाँ के आँकड़े सिर्फ़ उदाहरण हैं। कर "ब्याज × आपका स्लैब %" के रूप में दिखाया गया है (उपकर, अधिभार, छूट शामिल नहीं)। "RD में दोबारा निवेश" सिर्फ़ यह दिखाने का उदाहरण है कि मासिक आय कितनी बढ़ सकती है — यह कोई सलाह नहीं है। बंद करने के नियम यहाँ बताए अनुसार हैं और बदल सकते हैं — कृपया आधिकारिक अधिसूचना जाँचें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • POMIS में हर महीने जमा का एक तय हिस्सा ब्याज के रूप में मिलता है: मासिक आय = जमा × दर ÷ 12। 5 साल बाद मूल जमा वापस आती है।
  • पेज की दर 7.4% और जमा-सीमाएँ (एकल ₹9 लाख, संयुक्त ₹15 लाख) उदाहरण हैं; ताज़ा दर और सीमा India Post से देखें।
  • ब्याज पूरी तरह कर-योग्य है, इसलिए स्लैब चुनकर कर के बाद की असली मासिक आय देखें।
  • पहले साल में बंद नहीं किया जा सकता (पेज के नियम में)। उसके बाद बंद करने पर जमा का एक हिस्सा कटता है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज का डिफ़ॉल्ट: एकल खाता, ₹9 लाख

कमला रिटायर होकर ₹9,00,000 एकल खाते में जमा करती हैं। दर उदाहरण के तौर पर 7.4%, स्लैब 0%।

हर महीने की आय
₹5,550
एक साल का ब्याज
₹66,600
5 साल का कुल ब्याज
₹3,33,000
परिपक्वता पर जमा वापस
₹9,00,000

मासिक आय एकदम तय है। पर इसमें महँगाई नहीं जुड़ती, इसलिए वही ₹5,550 आगे कम सामान लाएगा।

सुभाष: 20% स्लैब और मासिक आय को RD में डालना

सुभाष वही ₹9,00,000 जमा करते हैं और 20% स्लैब में हैं। ख़र्च की ज़रूरत नहीं, इसलिए कर के बाद की आय RD में डालने का उदाहरण देखते हैं (RD दर पेज के अनुसार उदाहरण 6.7%)।

सालाना कर (20%)
₹13,320
कर के बाद मासिक आय
₹4,440
5 साल की कर के बाद कुल आय
₹2,66,400
RD किस्त
₹4,440
5 साल बाद RD रकम
लगभग ₹3,16,871
RD से कमाया ब्याज
लगभग ₹50,471

आय को खर्च न करके RD में डालने पर 5 साल में बचत की एक अलग पूँजी बनती है। यह सिर्फ़ उदाहरण है, कोई सलाह नहीं।

जोड़ा: संयुक्त खाता और 2 साल में बंद करना

पति-पत्नी ₹15,00,000 संयुक्त खाते में जमा करते हैं (7.4% उदाहरण दर) और 2 साल बाद खाता बंद करना पड़ता है। पेज के नियम में 1 से 3 साल में बंद करने पर जमा का 2% कटता है।

हर महीने की आय
₹9,250
2 साल में मिली आय
₹2,22,000
कटौती (2%)
₹30,000
कटौती के बाद लौटा जमा
₹14,70,000
जमा के ऊपर कुल लाभ
₹1,92,000

समय से पहले बंद करने की क़ीमत ₹30,000 रही। यह पेज के नियम हैं; असली कटौती India Post से पक्की करें।

जमा बनाम मासिक आय (7.4% उदाहरण दर)

जमा बनाम मासिक आय (7.4% उदाहरण दर)
जमाहर महीने की आयसालाना ब्याज5 साल का कुल ब्याज
₹1,00,000≈ ₹617₹7,400₹37,000
₹3,00,000₹1,850₹22,200₹1,11,000
₹5,00,000≈ ₹3,083₹37,000₹1,85,000
₹9,00,000₹5,550₹66,600₹3,33,000
₹15,00,000₹9,250₹1,11,000₹5,55,000

₹9 लाख एकल और ₹15 लाख संयुक्त खाते की पेज-सीमा है। दर तिमाही के अनुसार बदल सकती है।

समय से पहले बंद करना: ₹9 लाख पर पेज के नियमों से (7.4% उदाहरण)

समय से पहले बंद करना: ₹9 लाख पर पेज के नियमों से (7.4% उदाहरण)
बंद करने का समयतब तक मिली आयकटौतीजमा के ऊपर लाभ
पहले 1 साल में—बंद नहीं हो सकता (पेज के नियम में)—
1 साल₹66,600₹18,000 (2%)₹48,600
1.5 साल₹99,900₹18,000 (2%)₹81,900
2 साल₹1,33,200₹18,000 (2%)₹1,15,200
3 साल₹1,99,800₹9,000 (1%)₹1,90,800
4 साल₹2,66,400₹9,000 (1%)₹2,57,400

ये पेज की सेटिंग के नियम हैं। असली नियम और तारीख़ें India Post/अधिसूचना से जाँचें।

त्वरित संदर्भ: POMIS कैलकुलेटर

त्वरित संदर्भ: POMIS कैलकुलेटर
मासिक आयजमा × दर ÷ 12 (साधारण ब्याज, हर महीने)
साल का ब्याजमासिक आय × 12
अवधि5 साल, परिपक्वता पर मूल जमा वापस
जमाकम से कम ₹1,000, ₹1,000 के गुणकों में
सीमा (पेज में)एकल ₹9 लाख, संयुक्त ₹15 लाख
करब्याज पूरी तरह कर-योग्य; इस योजना में 80C की कटौती नहीं
समय से पहले बंदपहले साल नहीं; फिर जमा का 2% या 1% कटता है (पेज के अनुसार)
इस पेज में क्या नहींTDS, cess, surcharge, rebate, खाते के नाम/नामांकन की शर्तें

Post Office MIS (POMIS) Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

Post Office Monthly Income Scheme, यानी POMIS, उन लोगों के बीच जानी-पहचानी योजना है जिन्हें एकमुश्त रकम जमा करके हर महीने एक तय आमदनी चाहिए। इस calculator का काम है यह बताना: अगर मैं इतनी रकम जमा करूँ, तो हर महीने मुझे कितना ब्याज मिलेगा, साल भर में कितना, पाँच साल में कुल कितना, और परिपक्वता पर मेरी मूल रकम कब और कितनी लौटेगी?

इसके साथ तीन और सुविधाएँ हैं। पहली, आप अपना कर स्लैब चुनकर कर के बाद की मासिक आय देख सकते हैं। दूसरी, आप तय कर सकते हैं कि खाता कितने साल बाद बंद करेंगे, और calculator समय से पहले बंद करने की कटौती दिखा देता है। तीसरी, एक स्विच से आप देख सकते हैं कि अगर यह मासिक आय खर्च न करके हर महीने किसी RD में डाली जाए तो पाँच साल बाद वह कितनी हो सकती है। यह तीसरी चीज़ केवल एक उदाहरण है, कोई सिफ़ारिश नहीं।

किसके काम का है

  • रिटायर्ड बुज़ुर्ग दंपति, जिन्हें पेंशन के ऊपर एक पूरक मासिक आमदनी चाहिए।
  • गृहिणियाँ या वे परिवार जो नक़द का महीना बँधा हुआ चाहते हैं, मसलन किराने, बिजली और दवाओं के बिल के लिए।
  • किसी को हाल में मिला एकमुश्त पैसा (बीमा की परिपक्वता, ग्रेच्युटी, ज़मीन की बिक्री) संभालने वाले लोग, जो उसे बाज़ार के उतार-चढ़ाव के बजाय सरकारी बचत योजना में रखना चाहते हैं।
  • जो FD से तुलना करना चाहते हैं, क्योंकि FD में ब्याज आम तौर पर बाद में एक साथ या तिमाही में आता है जबकि यहाँ हर महीने आता है।
  • टैक्स-सजग निवेशक, जो जानना चाहते हैं कि ब्याज पर स्लैब लगने के बाद असल हाथ में कितना बचता है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पन्ने पर छह इनपुट हैं।

  • खाते का प्रकार: एकल या संयुक्त। जमा की ऊपरी सीमा इसी से बदलती है। इस calculator में एकल खाते के लिए ₹9 लाख और संयुक्त खाते के लिए ₹15 लाख माना गया है, न्यूनतम ₹1,000 और ₹1,000 के गुणकों में।
  • जमा (₹): स्लाइडर ₹1,000 के कदम पर चलता है। अगर रकम चुनी हुई सीमा से बाहर हो या ₹1,000 का गुणक न हो तो calculator नतीजे की जगह चेतावनी दिखाता है।
  • POMIS ब्याज दर (% सालाना): 5% से 10% तक बदली जा सकती है। इस calculator में शुरुआती मान 7.4% रखा गया है, जो पन्ने के अनुसार अक्टूबर से दिसंबर 2026 तिमाही का आँकड़ा द्वितीयक स्रोतों से लिया गया है। लघु बचत की दरें सरकार हर तिमाही तय करती है और जमा के दिन जो दर लागू होती है वही मिलती है, इसलिए India Post या वित्त मंत्रालय की अधिसूचना से ताज़ा दर ज़रूर जाँचें।
  • ब्याज पर आपका कर स्लैब: 0%, 5%, 10%, 15%, 20%, 25% या 30%। 0% चुनने पर कर वाली पंक्तियाँ दिखती ही नहीं।
  • खाता कितने साल बाद बंद करें: 0 से 5 साल, आधे साल के कदम में। 5 पर छोड़ने का मतलब है कि खाता परिपक्वता तक चलेगा।
  • उदाहरण: मासिक आय को RD में डालें: एक स्विच। चालू करने पर RD वाला उदाहरण जुड़ता है। इसमें इस्तेमाल की गई RD दर पन्ने पर 6.7% लिखी है (उसी तिमाही के अनुसार)।
ध्यान दें: दरें और सीमाएँ नियम बदलने पर बदल सकती हैं। यहाँ लिखी संख्याएँ केवल उसी तिमाही के लिए इस calculator में मानी गई हैं।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में मासिक आय (कर से पहले) है, और उसके नीचे खाते का प्रकार, दर और अवधि (5 साल)। उसके नीचे पंक्तियों में:

  1. जमा: जितनी रकम आपने डाली।
  2. एक साल की आय: मासिक आय × 12।
  3. 5 साल का कुल ब्याज: एक साल की आय × 5।
  4. परिपक्वता पर वापस (मूल रकम): पूरी जमा रकम।

अगर कर स्लैब 0 से ज़्यादा चुना है, तो तीन पंक्तियाँ और जुड़ती हैं: सालाना ब्याज पर कर का उदाहरण, कर के बाद मासिक आय, और कर के बाद 5 साल का कुल ब्याज। कर की रकम लाल रंग में दिखती है।

अगर आपने खाता 5 साल से पहले बंद करने का विकल्प चुना है, तो एक अलग खंड खुलता है: तब तक मिली मासिक आय, जमा से काटी गई रकम, कटौती के बाद लौटाई गई जमा, और जमा के ऊपर कुल लाभ या हानि। हानि हो तो लाल। अगर आपने पहले साल के भीतर बंद करना चुना, तो पीली चेतावनी आती है कि पहले साल में खाता बंद नहीं हो सकता।

नीचे साल-दर-साल आय की तालिका और एक चार्ट है। RD स्विच चालू हो तो तालिका और चार्ट में एक और कॉलम या रेखा जुड़ती है। पन्ने के अंत में समय से पहले बंद करने के नियमों की तालिका भी छपी है, जो वही नियम हैं जो calculator इस्तेमाल करता है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • एकल बनाम संयुक्त: अगर आप और जीवनसाथी दोनों मिलकर रकम रखते हैं तो सीमा बड़ी हो जाती है, पर नतीजे में आय भी उसी हिसाब से बढ़ती है। दोनों विकल्प चलाकर मासिक आय का फ़र्क देखें।
  • कर स्लैब को 0 से 30 तक घुमाएँ: देखें कि स्लैब ऊँचा होने पर हाथ में आने वाली रकम कितनी घटती है। इससे FD, SCSS या दूसरी योजनाओं से तुलना ज़्यादा बराबरी की होती है।
  • ज़रूरत के हिसाब से उलटा काम करें: अगर आपको महीने के ₹10,000 चाहिए तो जमा को ऊपर-नीचे करके देखें कि कितनी रकम पर वह आय बनती है।
  • RD वाले उदाहरण से अनुशासन समझें: जो आय ख़र्च नहीं होती उसे अलग से बढ़ने देने का असर देखें। पर याद रखें, यह एक उदाहरण है।
  • समय से पहले बंद करने की सीमा देखें: आधे-आधे साल पर घुमाकर देखें कि 3 साल की सीमा पर कटौती 2% से 1% कैसे हो जाती है।
  • FD और SCSS की तुलना: FD Calculator, SCSS Calculator और Post Office Time Deposit Calculator पर वही रकम डालकर देखें।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "हर महीने ब्याज मिलता है, इसलिए यह चक्रवृद्धि है": ऐसा नहीं है। ब्याज साधारण है और आपको भेजा जाता है, मूलधन में नहीं जुड़ता।
  • मासिक आय को पूरा "बचत" समझना: कर के बाद की रकम ही असली हाथ की आय है।
  • दर पक्की मान लेना: दर पूरे 5 साल के लिए जमा के दिन वाली मानी जाती है, पर नई जमा पर अगली तिमाही में दर बदल सकती है।
  • महँगाई भूल जाना: ₹7,400 आज की ज़रूरत पूरी कर सकते हैं, पर पाँच साल बाद उतने से कम चीज़ें आएँगी, क्योंकि आय तय रहती है।
  • सीमा से बड़ी रकम डालना: calculator सीमा से बाहर की रकम पर नतीजा नहीं देता। असल में भी सीमा लागू होती है।
  • समय से पहले बंद करने को "सुरक्षित रास्ता" समझना: पहले साल में यह संभव ही नहीं है और बाद में कटौती लगती है।
  • सोचना कि 80C में छूट मिलेगी: पन्ने के अनुसार इस योजना में 80C की कटौती नहीं मिलती।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है
  • मासिक आय = जमा × दर ÷ 12, साधारण ब्याज, कोई चक्रवृद्धि नहीं।
  • सालाना आय = मासिक आय × 12; कुल ब्याज = सालाना आय × 5।
  • कर के बाद मासिक आय = मासिक आय × (1 − स्लैब ÷ 100)।
  • समय से पहले बंद करने पर मिली आय = पूरे हो चुके महीनों की संख्या × मासिक आय। कटौती जमा का एक प्रतिशत है।

इस calculator में माना गया है कि पहले साल में बंद करना मना है, एक से तीन साल के बीच बंद करने पर जमा का 2% कटता है और तीन साल के बाद 1%। ये नियम बदल सकते हैं, इसलिए India Post से पुष्टि करें।

RD वाले उदाहरण में कर के बाद की मासिक आय को 10 के गुणक तक नीचे गोल करके मासिक किस्त बनाई जाती है। न्यूनतम किस्त ₹100 मानी गई है, इससे कम आय पर उदाहरण संभव नहीं दिखता। RD का ब्याज तिमाही में जुड़ता है। RD पर लगने वाला कर इसमें शामिल नहीं है।

कर की गणना भी सरल है: ब्याज × आपका स्लैब। Cess, surcharge और rebate इसमें नहीं हैं। असल में ब्याज आपकी कुल आय में जुड़ता है, इसलिए असली कर इससे अलग हो सकता है।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए एक रिटायर्ड शिक्षक दंपति, जिन्होंने संयुक्त खाते में ₹12,00,000 जमा किए हैं। दर 7.4% मानते हैं (असली दर जमा के दिन की होगी)। उनका कर स्लैब 20% है।

  1. मासिक आय = 12,00,000 × 7.4 ÷ 1200 = ₹7,400।
  2. सालाना आय = 7,400 × 12 = ₹88,800।
  3. 5 साल का कुल ब्याज = ₹4,44,000।
  4. सालाना ब्याज पर 20% कर का उदाहरण = ₹17,760। कर के बाद मासिक आय = 7,400 × 0.8 = ₹5,920। कर के बाद 5 साल का कुल ब्याज = ₹3,55,200।
  5. परिपक्वता पर ₹12,00,000 मूल रकम वापस।

अब RD वाला स्विच चालू करें। मासिक किस्त = ₹5,920 (10 का गुणक है)। 6.7% दर पर 60 महीने के बाद RD की कीमत लगभग ₹4,22,494 आती है। जमा की गई कुल किस्तें 5,920 × 60 = ₹3,55,200, इसलिए RD पर कमाया ब्याज लगभग ₹67,294। मूल रकम + RD की कीमत = 12,00,000 + 4,22,494 = लगभग ₹16,22,494। यह मान लिया गया उदाहरण है, RD का कर इसमें नहीं है और दरें बदल सकती हैं।

दूसरा उदाहरण समय से पहले बंद करने का। एकल खाते में ₹3,00,000 जमा, दर 7.4%, मासिक आय ₹1,850। मान लीजिए 2.5 साल बाद खाता बंद किया। तब तक 30 महीने की आय = ₹55,500। 2% कटौती = ₹6,000। लौटाई गई जमा = ₹2,94,000। जमा के ऊपर कुल लाभ = 55,500 − 6,000 = ₹49,500। अगर चार साल पर बंद करते तो 48 महीने की आय ₹88,800 और 1% की कटौती ₹3,000, यानी लाभ ₹85,800।

उदाहरण: इन संख्याओं में दर, कटौती और स्लैब सब मान लिए गए हैं। अपनी असली स्थिति के लिए ऊपर के इनपुट बदलकर देखें।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता

यह केवल अनुमान देता है। यह मानता है कि दर पूरी अवधि में वही रहेगी और ब्याज हर महीने समय पर मिलेगा। यह नॉमिनेशन, खाते के नियमों में बदलाव, पोस्ट ऑफ़िस की अपनी प्रक्रिया या खाता खोलने के कागज़ात को नहीं देखता। कर की गणना सरल है, यानी ब्याज × स्लैब, और इसमें cess, surcharge, rebate या TDS का हिसाब नहीं है। पाँच साल के बाद खाते का क्या होगा, यह भी यहाँ नहीं दिखता। RD का उदाहरण RD के ब्याज पर कर शामिल नहीं करता और RD की दर भी बदल सकती है। वर्तमान नियमों और दरों के लिए India Post या वित्त मंत्रालय की साइट देखें।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, निवेश या कर सलाह नहीं। निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत और योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
मासिक आय को खर्च से मिलाएँ

पहले देखें कि हर महीने की तय आय घर के नियमित खर्च का कितना हिस्सा चलाती है, फिर जमा रकम तय करें।

2
कर के बाद की आय पर योजना बनाएँ

ऊँचे स्लैब में असली आय काफ़ी घट सकती है। स्लैब चुनकर कर के बाद की मासिक आय से बजट बनाएँ।

3
महँगाई का असर सोचें

तय आय की क्रय-शक्ति साल दर साल घट सकती है। अपनी बचत का कुछ हिस्सा बढ़ने वाले विकल्पों के लिए भी रखें।

4
आय हर महीने निकालना ज़रूरी नहीं

अगर खर्च में न चाहिए तो आय को RD जैसे किसी विकल्प में डालने का उदाहरण देखें, पर नियम और दर पहले जाँच लें।

5
ज़रूरत का पैसा अलग रखें

पहले साल में बंद नहीं हो सकता और बाद में कटौती लगती है, इसलिए आपातकालीन निधि इसमें न डालें।

6
संयुक्त खाते के नियम पढ़ें

संयुक्त खाते में किसका हक़ कितना है और ब्याज कैसे बँटता है, India Post से पक्का कर लें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

मासिक आय = जमा × ब्याज दर ÷ 12। उदाहरण: ₹9,00,000 पर 7.4% की दर से ₹5,550 प्रति माह। यह साधारण ब्याज है, compounding नहीं होती, और maturity पर मूल जमा वापस मिलता है। दर द्वितीयक स्रोतों के अनुसार अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही की है; India Post से जाँचें।

हमारी सूची के अनुसार single खाते में अधिकतम ₹9 लाख और joint खाते में ₹15 लाख जमा हो सकते हैं, न्यूनतम ₹1,000 और ₹1,000 के multiples में। अवधि 5 साल है। नियम बदल सकते हैं, आधिकारिक स्रोत जाँचें।

हाँ, ब्याज पूरी तरह taxable है और आपके slab पर जुड़ता है; इस जमा पर 80C की कटौती नहीं मिलती। calculator में slab चुनकर कर के बाद की मासिक आय का सरल उदाहरण देख सकते हैं (cess और rebate शामिल नहीं)।

हमारी सूची के अनुसार पहले साल में खाता बंद नहीं हो सकता; 1 से 3 साल के बीच जमा का 2% और 3 साल के बाद 1% कटता है। नियम बदल सकते हैं, इसलिए आधिकारिक अधिसूचना देखें।

क्योंकि ब्याज साधारण है और जमा व दर वही रहती है। इसलिए हर महीने जमा × दर ÷ 12 की एक ही रकम आती है।

पेज के हिसाब से इस पर और ब्याज नहीं बनता। इसीलिए पेज में उसे RD में डालने का एक अलग उदाहरण दिया गया है।

पेज में संयुक्त खाते की सीमा ₹15 लाख है और नियम के अनुसार अधिकतम तीन वयस्क बताए गए हैं। पात्रता और बँटवारे के नियम India Post से देखें।

यह योजना का नियम है जो पेज में लिया गया है। दूसरी रकम डालने पर पेज संदेश दिखाएगा।

पेज कर के बाद की मासिक आय को ₹10 के गुणक में घटाकर 5 साल की RD किस्त मानता है और RD की उदाहरण दर पर परिपक्वता रकम दिखाता है।

तब पेज एक छोटा संदेश दिखाता है कि RD की न्यूनतम किस्त से कम है, और RD वाला हिस्सा नहीं जोड़ता।

तब खाता परिपक्वता तक चलता है और समय से पहले बंद करने की गणना नहीं दिखती।

पेज के नियम में पहले साल बंद करने की अनुमति नहीं है, इसलिए वहाँ चेतावनी दिखती है, गणना नहीं।

यह योजना आम तौर पर एकमुश्त जमा की है। जमा की सीमा और नियम India Post से पक्के करें।

नहीं, यह 5 साल की अवधि तक का हिसाब है। परिपक्वता के बाद का फ़ैसला (नया खाता आदि) अलग से देखना होगा।

नहीं। कर यहाँ ब्याज × चुना स्लैब का सरल अनुमान है। TDS और कर के बाक़ी नियम शामिल नहीं हैं।

नहीं। नतीजा नाममात्र रकम है। असली क्रय-शक्ति के लिए महँगाई का calculator साथ में देखें।

नहीं। यह मानकर चलता है कि जमा के दिन की दर पूरी अवधि में वही रहेगी। नए खाते की दर तिमाही में बदल सकती है।

दर तय होने के बावजूद यह पेज अनुमान है और नियम बदल सकते हैं। असली रकम पासबुक और अधिसूचना से मिलाएँ।

आपके काम के और कैलकुलेटर

सभी कैलकुलेटर देखें
FD Calculator (Post-Tax & Real Return)FD का टैक्स और महँगाई के बाद असली रिटर्न Recurring Deposit (RD) CalculatorBank या Post Office RD - मासिक किस्त, ब्याज और परिपक्वता रकम PPF CalculatorPPF की टैक्स-फ़्री परिपक्वता रकम देखें Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) Calculatorबेटी के लिए SSY - सालाना जमा, ब्याज और 21 साल बाद की रकम SCSS Calculator (Senior Citizens' Savings Scheme)SCSS - तिमाही ब्याज, कुल कमाई, टैक्स और समय से पहले बंद करने का असर NSC & KVP CalculatorNSC या KVP में रकम डालिए: परिपक्वता रकम, ब्याज और कर के बाद का नतीजा, साल-दर-साल तालिका के साथ। SGB Calculatorग्राम, इश्यू प्राइस, होल्डिंग साल और सोने की कीमत में अपनी मानी हुई सालाना बढ़त डालिए। देखिए 2.5% ब्याज, मैच्योरिटी या समय से पहले रिडेम्प्शन की वैल्यू और टैक्स का उदाहरण। SIP Calculatorमासिक SIP से भविष्य में बनने वाली रकम का अनुमान देखें
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