वरिष्ठ नागरिकों की बचत

SCSS Calculator (Senior Citizens' Savings Scheme)

Senior Citizens' Savings Scheme (SCSS): जमा पर हर तिमाही का ब्याज (पेआउट), साल भर और 5 (या 8) साल की कुल कमाई — कर और समय से पहले बंद करने के साथ।

  • हर तिमाही का ब्याज
  • 5 साल + 3 साल विस्तार
  • कर स्लैब के बाद ब्याज
  • TDS सीमा की चेतावनी
  • समय से पहले बंद करने का हिसाब
  • उम्र की पात्रता जाँच
आशुग्या की सलाहSCSS में जमा की सीमा और अवधि तय होती है। ब्याज हर तिमाही मिलता है, ताज़ा नियम जाँच लें।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

SCSS (वरिष्ठ नागरिक बचत योजना) की ख़ास बातें

  • आम तौर पर 60 साल और उससे ऊपर के लिए; कुछ रिटायरमेंट मामलों में कम उम्र में भी खाता खुल सकता है — पात्रता आधिकारिक नियमों में जाँचें।
  • जमा ₹1,000 के गुणकों में, कुल अधिकतम ₹30 लाख; अवधि 5 साल, चाहें तो 3 साल और बढ़ा सकते हैं।
  • ब्याज हर तिमाही मिलता है (अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर, जनवरी की पहली कार्य-तिथि को) — बिना निकाले ब्याज पर कोई और ब्याज नहीं बनता। परिपक्वता पर मूल जमा वापस मिलता है।
  • ब्याज पूरी तरह कर-योग्य है और आपके स्लैब पर जुड़ता है। एक वित्त वर्ष में ब्याज तय सीमा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,00,000) से ऊपर जाने पर बैंक / पोस्ट ऑफ़िस 10% TDS काट सकते हैं।
  • जमा पर पुरानी कर व्यवस्था में धारा 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती मिल सकती है (नई कर व्यवस्था में नहीं)।
  • समय से पहले बंद करने पर जुर्माना लगता है — नीचे की तालिका और कैलकुलेटर के "कितने साल बाद बंद" बॉक्स से देखें।
समय से पहले बंद करना — यहाँ इस्तेमाल हुए नियम
समय से पहले बंद करना — यहाँ इस्तेमाल हुए नियम
खाता बंद करने परक्या होता है
0 से 1 साल तक कोई ब्याज नहीं — पहले दिया गया ब्याज जमा में से वापस ले लिया जाता है
1 से 2 साल तक जमा का 1.5% काटा जाता है
2 साल के बाद (परिपक्वता से पहले) जमा का 1% काटा जाता है
The rate and rules shown are as of the Oct–Dec 2026 quarter (from secondary sources). Please check the latest Ministry of Finance notification / India Post before relying on them.
यहाँ की दर और नियम अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही के हैं (द्वितीयक स्रोतों से)। भरोसा करने से पहले वित्त मंत्रालय की ताज़ा अधिसूचना / India Post ज़रूर जाँच लें।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Quarterly interest = deposit × rate ÷ 4 (simple interest, paid out; unpaid interest earns nothing). Yearly interest = 4 × quarterly. Total interest = yearly × term (5 years, or 8 with the extension); the deposit comes back at maturity. Tax = interest × your slab %. For premature closure: before 1 year the interest paid is recovered from the deposit; from 1 to 2 years 1.5% of the deposit is deducted; after 2 years 1% is deducted.

तिमाही ब्याज = जमा × दर ÷ 4 (साधारण ब्याज, हर तिमाही निकाल लिया जाता है; न निकाले ब्याज पर कुछ नहीं बनता)। साल का ब्याज = तिमाही × 4। कुल ब्याज = साल का ब्याज × अवधि (5 साल, या विस्तार के साथ 8); परिपक्वता पर जमा वापस मिलता है। कर = ब्याज × आपका स्लैब %। समय से पहले बंद करने पर: 1 साल से पहले दिया गया ब्याज जमा में से वापस लिया जाता है; 1 से 2 साल में जमा का 1.5% कटता है; 2 साल के बाद 1% कटता है।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही

Estimate only, for learning — not advice. Small-savings rates are reset by the Government every quarter and a deposit earns the rate applicable on the day it is made; the figures here are illustrative. Tax is shown as a simple "interest × your slab %" (cess, surcharge, rebate, Form 15G/15H are not modelled). Eligibility, extension and premature-closure rules are as listed here and may change — please check the official notification. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। लघु बचत दरें सरकार हर तिमाही तय करती है और जमा पर वही दर मिलती है जो जमा के दिन लागू हो; यहाँ के आँकड़े सिर्फ़ उदाहरण हैं। कर "ब्याज × आपका स्लैब %" के रूप में दिखाया गया है (उपकर, अधिभार, छूट, Form 15G/15H शामिल नहीं)। पात्रता, अवधि-विस्तार और समय से पहले बंद करने के नियम यहाँ बताए अनुसार हैं और बदल सकते हैं — कृपया आधिकारिक अधिसूचना जाँचें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • SCSS में जमा रकम परिपक्वता पर पूरी वापस आती है; बीच में हर तिमाही सिर्फ़ ब्याज मिलता है, इसलिए यह नियमित आमदनी की योजना जैसी है।
  • तिमाही ब्याज = जमा × दर ÷ 4। न निकाले गए ब्याज पर और ब्याज नहीं बनता। पेज का 8.2% एक उदाहरण दर है।
  • ब्याज पूरी तरह कर-योग्य है। स्लैब चुनकर कर के बाद की असली आमदनी देखें और सालाना ब्याज सीमा से ऊपर हो तो TDS की चेतावनी पर ध्यान दें।
  • समय से पहले बंद करने पर कटौती लगती है। स्लाइडर पर "कितने साल बाद बंद" बदलकर हिसाब देखें।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज का डिफ़ॉल्ट: ₹30 लाख, उम्र 62

रमेश (62 साल) अपनी सेवानिवृत्ति की पूरी रकम से ₹30,00,000 जमा करते हैं। दर उदाहरण के तौर पर 8.2%।

हर तिमाही ब्याज
₹61,500
एक साल का ब्याज
₹2,46,000
5 साल का कुल ब्याज
₹12,30,000
परिपक्वता पर जमा वापस
₹30,00,000
TDS चेतावनी
सालाना ब्याज पेज की ₹1,00,000 सीमा से ऊपर

आमदनी बड़ी है, पर पूरा ब्याज कर-योग्य है और सीमा से ऊपर होने पर TDS कट सकता है। कर की योजना अलग से बनाएँ।

सावित्री: ₹10 लाख, 20% स्लैब, 3 साल का विस्तार

सावित्री ₹10,00,000 जमा करती हैं (8.2% उदाहरण दर), 20% स्लैब में हैं और खाता 3 साल बढ़ाने की सोच रही हैं।

हर तिमाही ब्याज
₹20,500
एक साल का ब्याज
₹82,000
सालाना ब्याज पर कर (20%)
₹16,400
कर के बाद हर तिमाही
₹16,400
5 साल का कुल ब्याज
₹4,10,000
8 साल का कुल ब्याज (विस्तार सहित)
₹6,56,000
8 साल का ब्याज, कर के बाद
₹5,24,800

विस्तार से 3 साल का ब्याज और जुड़ता है, पर यह तभी तक है जब तक दर वही रहे। विस्तार पर लागू दर और शर्तें India Post से पक्की करें।

अशोक: 1.5 साल बाद पैसा निकालना पड़ा

अशोक ने ₹10,00,000 जमा किए थे (8.2% उदाहरण दर) और 1.5 साल बाद खाता बंद करना पड़ा। पेज में इस्तेमाल नियम के अनुसार 1 से 2 साल में बंद करने पर जमा का 1.5% कटता है।

तब तक मिला ब्याज (6 तिमाही)
₹1,23,000
कटौती (जमा का 1.5%)
₹15,000
कटौती के बाद लौटा जमा
₹9,85,000
जमा के ऊपर कुल लाभ
₹1,08,000

जल्दी बंद करने की लागत दिखती है, पर बंद करने से पहले असली नियम India Post से पक्के करें। पेज के नियम उदाहरण हैं।

जमा रकम बनाम ब्याज (8.2% उदाहरण दर, 5 साल)

जमा रकम बनाम ब्याज (8.2% उदाहरण दर, 5 साल)
जमाहर तिमाही ब्याजसालाना ब्याज5 साल का कुल ब्याज
₹1,00,000₹2,050₹8,200₹41,000
₹5,00,000₹10,250₹41,000₹2,05,000
₹10,00,000₹20,500₹82,000₹4,10,000
₹15,00,000₹30,750₹1,23,000₹6,15,000
₹20,00,000₹41,000₹1,64,000₹8,20,000
₹30,00,000₹61,500₹2,46,000₹12,30,000

जमा ₹1,000 के गुणकों में और पेज के हिसाब से अधिकतम ₹30 लाख है। दर तिमाही के अनुसार बदलती है।

समय से पहले बंद करना: ₹10 लाख पर पेज के नियमों से (8.2% उदाहरण)

समय से पहले बंद करना: ₹10 लाख पर पेज के नियमों से (8.2% उदाहरण)
बंद करने का समयतब तक मिला ब्याजकटौतीजमा के ऊपर लाभ
0.5 साल₹41,000₹41,000 (ब्याज वापस)₹0
1 साल₹82,000₹15,000 (1.5%)₹67,000
1.5 साल₹1,23,000₹15,000 (1.5%)₹1,08,000
2 साल₹1,64,000₹10,000 (1%)₹1,54,000
3 साल₹2,46,000₹10,000 (1%)₹2,36,000
4 साल₹3,28,000₹10,000 (1%)₹3,18,000

ये नियम पेज की सेटिंग हैं। असली नियम अधिसूचना और खाता खोलने की तारीख़ पर निर्भर हो सकते हैं, इसलिए India Post/बैंक से पक्का करें।

त्वरित संदर्भ: SCSS कैलकुलेटर

त्वरित संदर्भ: SCSS कैलकुलेटर
ब्याज का सूत्रतिमाही ब्याज = जमा × दर ÷ 4 (साधारण ब्याज)
भुगतान कबअप्रैल, जुलाई, अक्टूबर, जनवरी की पहली कार्य-तिथि को (पेज के अनुसार)
जमा की सीमा₹1,000 के गुणकों में, पेज के अनुसार अधिकतम ₹30 लाख
अवधि5 साल; चाहें तो 3 साल और बढ़ा सकते हैं
सामान्य उम्र60 साल और ऊपर; कुछ रिटायरमेंट मामलों में कम उम्र
करब्याज पूरी तरह कर-योग्य, आपके स्लैब के अनुसार
TDSपेज में सालाना ब्याज ₹1,00,000 से ऊपर होने पर 10% की चेतावनी
इस पेज में क्या नहींForm 15G/15H, cess, surcharge, rebate, विस्तार के बाद की दर

SCSS Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

SCSS यानी Senior Citizens' Savings Scheme, वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनी एक सरकारी बचत योजना है, जिसमें आप एक बार रक़म जमा करते हैं और उस पर हर तिमाही ब्याज मिलता है। यह SCSS Calculator बताता है कि आपकी जमा रक़म पर हर तिमाही कितना ब्याज आएगा, साल भर में कितना होगा, पूरी अवधि में कितना होगा, और अगर आप ब्याज पर टैक्स भरते हैं तो टैक्स के बाद आपके हाथ में कितना बचेगा।

यह calculator दो और सवालों में भी मदद करता है: क्या आपको ब्याज पर TDS कट सकता है, और अगर आप खाता समय से पहले बंद करें तो कितनी कटौती होगी। यानी यह उस बुज़ुर्ग या उनके परिवार के लिए है जो "क्या यह योजना मेरे मासिक खर्च के लिए काफ़ी रहेगी?" जैसा व्यावहारिक सवाल पूछ रहे हैं।

ध्यान दें: इस पेज पर जो ब्याज दर और नियम दिखते हैं, वे इस calculator में माने गए आँकड़े हैं (पेज के हिसाब से अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही)। सरकार छोटी बचत की दरें हर तिमाही तय करती है, इसलिए खाता खोलने से पहले India Post, बैंक या वित्त मंत्रालय की ताज़ा अधिसूचना ज़रूर देखें।

किसके काम का है

  • रिटायर हो चुके लोग, जिन्हें पेंशन के अलावा नियमित आय का एक और ज़रिया चाहिए।
  • उनके बच्चे, जो माता-पिता की बचत के लिए अलग-अलग विकल्प तुलना कर रहे हैं।
  • जो लोग अचानक एकमुश्त रक़म पाने वाले हैं, जैसे रिटायरमेंट पर PF, gratuity या ज़मीन की बिक्री, और सोच रहे हैं कि उसे कहाँ रखें।
  • पति-पत्नी, जो अलग-अलग खाते खोलकर कुल जमा की सीमा का इस्तेमाल करना चाहते हैं। (सीमा हर व्यक्ति के लिए है, पर नियम की पुष्टि आधिकारिक स्रोत से करें।)
  • टैक्स की योजना बनाने वाले वरिष्ठ नागरिक, जो जानना चाहते हैं कि ब्याज पर उनके slab के हिसाब से कितना टैक्स बनेगा।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर पाँच खाने हैं:

  • जमा (₹): आप कितनी रक़म जमा करना चाहते हैं। slider ₹1,000 के गुणकों में चलता है और अधिकतम ₹30 लाख तक जाता है। शुरुआती मान ₹30 लाख है। अगर गुणक या सीमा से बाहर की रक़म हो तो पेज त्रुटि दिखाता है।
  • SCSS ब्याज दर (% सालाना): 5% से 10% के बीच। शुरुआती मान 8.2% है, जो पेज पर लिखी तिमाही के लिए माना गया है। यह खाना आप बदल सकते हैं, क्योंकि जमा के दिन जो दर लागू हो वही आपको मिलती है।
  • 5 साल के बाद खाता 3 साल और बढ़ाएँ: यह स्विच चालू करने पर कुल अवधि 5 की जगह 8 साल मानी जाती है।
  • ब्याज पर आपका कर स्लैब: 0%, 5%, 10%, 15%, 20%, 25% या 30%। 0% चुनने पर कर वाली पंक्तियाँ नहीं दिखतीं।
  • खाता कितने साल बाद बंद करें: 0 से 5 साल, आधे-आधे साल के क़दम में। 5 पर छोड़ने का मतलब है कि आप खाता परिपक्वता तक रखेंगे और समय से पहले बंद नहीं करेंगे।

साथ में एक उम्र का खाना भी है जिसमें आपकी उम्र (साल) डाली जाती है। यह सिर्फ़ संदेश के लिए है। गणना इससे रुकती नहीं। 60 या उससे ऊपर हों तो हरा संदेश दिखता है, 55 से 60 के बीच हों तो पीला संदेश कि कुछ रिटायरमेंट मामलों में ही खाता खुल सकता है, और उससे कम पर लाल संदेश।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

Headline में हर तिमाही का ब्याज (पेआउट) दिखता है, साथ में यह कि ब्याज किन महीनों में मिलता है: अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी।

नीचे की पंक्तियाँ:

  • जमा: जो रक़म आपने डाली।
  • साल भर का ब्याज: तिमाही ब्याज का चार गुना। हरे रंग में।
  • अवधि: 5 या 8 साल।
  • कुल ब्याज: साल भर का ब्याज × अवधि। मूल जमा इसमें शामिल नहीं है, वह परिपक्वता पर पूरा वापस मिलता है।
  • कर वाली पंक्तियाँ (अगर slab चुना हो): साल भर के ब्याज पर बनने वाला टैक्स, टैक्स के बाद का तिमाही ब्याज, और टैक्स के बाद कुल ब्याज।
  • TDS की पंक्ति: बताती है कि साल का ब्याज तय सीमा (पेज में ₹1,00,000 माना गया) से ऊपर है या नहीं। ऊपर हो तो 10% TDS कटने की संभावना बताई जाती है।
  • धारा 80C की पंक्ति: जमा का वह हिस्सा जो पुरानी कर व्यवस्था में ₹1.5 लाख की सीमा तक कटौती के लिए गिना जा सकता है।
  • समय से पहले बंद करने की पंक्तियाँ: अगर आपने "कितने साल बाद बंद करें" को 5 से कम रखा तो अब तक मिला ब्याज, कटौती, वापस मिलने वाली जमा और सब मिलाकर शुद्ध लाभ या हानि दिखती है।

साथ में एक साल-दर-साल तालिका है (कितना ब्याज हर साल मिला और कुल कितना जुड़ा) और एक stacked chart है जिसमें जमा और ब्याज की ऊँचाई साथ दिखती है। पेज के नीचे समय से पहले बंद करने के नियमों की तालिका भी छपी है।

पढ़ने का आसान तरीका: तिमाही पेआउट को अपने मासिक खर्च का तीन गुना मानकर देखिए। अगर तीन महीने के खर्च के लिए यह काफ़ी है तो योजना आपकी ज़रूरत से मेल खाती है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • पेआउट को खर्च से मिलाइए। तिमाही ब्याज को मासिक खर्च, दवाइयों और बीमा के प्रीमियम से मिलाकर देखिए कि कितना हिस्सा इससे चलेगा।
  • जमा की रक़म बदलकर TDS की सीमा देखिए। slider धीरे-धीरे घटाएँ और देखें कि कब TDS की पंक्ति बदलती है।
  • दर बदलकर देखिए। दर अगली तिमाही में बदल सकती है। 7.5% और 8.5% पर नतीजा देखिए ताकि अनिश्चितता का अंदाज़ा रहे।
  • 5 बनाम 8 साल। विस्तार का स्विच चालू करके देखिए कि कुल ब्याज कितना बढ़ता है। पर याद रखें कि विस्तार के समय दर नए नियमों के अनुसार हो सकती है।
  • अपने slab के साथ टैक्स के बाद की तुलना कीजिए। अगर आपका slab ऊँचा है तो टैक्स के बाद का ब्याज बैंक FD या दूसरे विकल्पों से मिलाइए। इसके लिए FD Calculator और Interest Income Tax Calculator काम आएँगे।
  • समय से पहले बंद करने का परिदृश्य एक बार ज़रूर देखिए। भले ही आप न करें, कटौती का अंदाज़ा होना ज़रूरी है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "ब्याज अपने आप बढ़ता रहेगा" मान लेना। इस योजना में ब्याज निकाल लिया जाता है। उस पर आगे ब्याज इस calculator में नहीं गिना जाता।
  • पूरे ब्याज को टैक्स-फ़्री समझना। पेज के अनुसार ब्याज पूरी तरह कर-योग्य है और आपके slab में जुड़ता है।
  • TDS न कटने का मतलब टैक्स नहीं देना। TDS कटे या न कटे, ब्याज आय में जुड़ता है और ITR में दिखाना होता है।
  • 80C का लाभ हर किसी के लिए मानना। पेज के अनुसार यह पुरानी कर व्यवस्था में ही मिलता है, नई में नहीं। नियम बदल भी सकते हैं।
  • दर को स्थायी समझना। दर हर तिमाही बदलती है। किसी पुराने समाचार की दर पर भरोसा न करें।
  • जमा की सीमा में बाक़ी योजनाएँ गिनना। सीमा इसी योजना की है, लेकिन अपने हिस्से की पुष्टि डाकघर या बैंक से कर लें।
  • आपातकालीन निधि न रखना। पूरा पैसा लॉक कर देने से बाद में समय से पहले खाता बंद करना पड़े तो कटौती सहनी पड़ती है। इसके लिए Emergency Fund Calculator देखें।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

गणना बिलकुल सीधी है, क्योंकि इस योजना में ब्याज साधारण (simple) माना गया है और हर तिमाही निकाल लिया जाता है:

  1. तिमाही ब्याज = जमा × दर ÷ 100 ÷ 4
  2. साल का ब्याज = तिमाही ब्याज × 4
  3. कुल ब्याज = साल का ब्याज × अवधि (5 या 8 साल)
  4. कर = साल का ब्याज × आपके slab का प्रतिशत। इसमें उपकर (cess), अधिभार (surcharge), rebate और Form 15G/15H शामिल नहीं हैं।

अगर ब्याज निकाला नहीं गया तो उस पर और ब्याज नहीं बनता। इसलिए यहाँ चक्रवृद्धि का कोई असर नहीं है, और इसी वजह से कुल ब्याज का हिसाब सीधा गुणा है।

समय से पहले बंद करने की गणना पेज की तालिका के हिसाब से होती है:

  • एक साल से पहले बंद करने पर कोई ब्याज नहीं मिलता और जो ब्याज पहले दे दिया गया था, वह जमा में से वापस ले लिया जाता है।
  • एक से दो साल के बीच जमा का 1.5% काटा जाता है।
  • दो साल के बाद, परिपक्वता से पहले, जमा का 1% काटा जाता है।

पूरी हो चुकी तिमाहियों की गिनती नीचे की ओर पूर्णांक में होती है, यानी आधी तिमाही का ब्याज नहीं गिना जाता।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए रिटायर्ड शिक्षक रामनारायण जी, उम्र 63, ने ₹15,00,000 SCSS में जमा करने की सोची है। मान लीजिए दर 8.2% है। उनका कर slab 20% है।

  • तिमाही ब्याज = 15,00,000 × 8.2 ÷ 100 ÷ 4 = ₹30,750
  • साल भर का ब्याज = 30,750 × 4 = ₹1,23,000
  • 5 साल का कुल ब्याज = ₹6,15,000
  • 8 साल (विस्तार के साथ) = ₹9,84,000
  • साल का ब्याज ₹1 लाख की सीमा से ऊपर है, इसलिए पेज TDS की चेतावनी दिखाएगा।
  • 20% slab पर साल भर का कर = ₹24,600; टैक्स के बाद तिमाही ब्याज ≈ ₹24,600; टैक्स के बाद पाँच साल का कुल ब्याज = ₹4,92,000

अब मान लीजिए वे ढाई साल बाद खाता बंद करते हैं (अचानक ज़रूरत पड़ने पर):

  • पूरी हो चुकी तिमाहियाँ = 10, तो अब तक का ब्याज = 10 × 30,750 = ₹3,07,500
  • दो साल से ऊपर है, इसलिए कटौती = जमा का 1% = ₹15,000
  • वापस मिलने वाली जमा = ₹14,85,000
  • ब्याज में से कटौती घटाकर शुद्ध लाभ = ₹2,92,500

अगर वे डेढ़ साल बाद बंद करें: 6 तिमाहियाँ, ब्याज ₹1,84,500, कटौती 1.5% = ₹22,500, शुद्ध लाभ ₹1,62,000।

ये आँकड़े सिर्फ़ उदाहरण हैं, पेज की मान्यताओं पर आधारित। असली दर और नियम खाता खोलने के दिन के अनुसार होंगे।

दूसरा छोटा उदाहरण: अगर कोई ₹12 लाख जमा करे तो उसी दर पर साल का ब्याज ₹98,400 बनता है, यानी पेज की TDS-सीमा से नीचे। यहाँ आकर देखा जा सकता है कि जमा की रक़म थोड़ी घटाने से TDS की चेतावनी हट जाती है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह किसी भी बैंक या डाकघर की असली पेआउट तारीख़ के हिसाब से दिन गिनकर ब्याज नहीं निकालता।
  • कर की गणना बस "ब्याज × slab" है। उपकर, अधिभार, कटौतियाँ और कर छूट शामिल नहीं हैं।
  • दर पेज पर अनुमानित है, और खाता खोलने के दिन की असली दर अलग हो सकती है।
  • पात्रता (उम्र, रिटायरमेंट की शर्तें), जमा की सीमा, विस्तार और समय से पहले बंद करने के नियम बदल सकते हैं।
  • महँगाई का असर नहीं दिखाता। 8 साल बाद ₹30,000 मासिक पेआउट की क़ीमत आज जैसी नहीं रहेगी।
  • नॉमिनी, संयुक्त खाते और खाता किसके नाम पर हो, इन कानूनी बातों को शामिल नहीं करता।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, निवेश, कर या क़ानूनी सलाह नहीं। निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
तिमाही आमदनी को खर्च से मिलाएँ

हर तिमाही मिलने वाला ब्याज घर के नियमित खर्च के कितने हिस्से को ढकता है, यह देखकर तय करें कि कितना जमा करना है।

2
कर के बाद की आमदनी देखें

ऊँचे स्लैब में कर के बाद का ब्याज काफ़ी घट सकता है। स्लैब चुनकर कर के बाद की रकम से योजना बनाएँ।

3
सारी बचत एक ही जगह न रखें

आपातकालीन निधि, स्वास्थ्य खर्च और तरलता के लिए कुछ रकम अलग रखें, क्योंकि जल्दी बंद करने पर कटौती लगती है।

4
महँगाई का ध्यान रखें

तय आमदनी की क्रय-शक्ति समय के साथ घट सकती है। पैसे का कुछ हिस्सा बढ़ने वाले विकल्पों में रखने पर विचार करें।

5
विस्तार का फ़ैसला परिपक्वता से पहले करें

विस्तार पर लागू दर और शर्तें India Post या बैंक से पूछें। इस पेज का विस्तार वाला हिसाब उसी दर पर है जो आपने भरी।

6
पति-पत्नी अलग-अलग खाते देखें

पात्रता नियमों के अनुसार अलग व्यक्तियों के खाते की सीमा अलग गिनी जाती है। नियम India Post से पक्के करें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

ब्याज हर तिमाही मिलता है — अप्रैल, जुलाई, अक्टूबर और जनवरी की पहली कार्य-तिथि को। तिमाही ब्याज = जमा × दर ÷ 4। निकाले न गए ब्याज पर अलग से ब्याज नहीं बनता। Maturity पर मूल जमा वापस मिलता है।

हमारी सूची के अनुसार जमा ₹1,000 के multiples में और कुल अधिकतम ₹30 लाख तक हो सकता है। अवधि 5 साल है, जिसे 3 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। द्वितीयक स्रोतों के अनुसार अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही की दर 8.2% है; India Post / वित्त मंत्रालय की अधिसूचना जाँचें।

SCSS का ब्याज पूरी तरह taxable है और आपके slab पर जुड़ता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक साल में ₹1,00,000 से ज़्यादा ब्याज होने पर 10% TDS कट सकता है (Form 15H से बचने का विकल्प हो सकता है)। जमा पर Old Regime में 80C के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती मिल सकती है।

हमारी सूची के अनुसार 1 साल से पहले बंद करने पर दिया गया ब्याज जमा से वापस लिया जाता है; 1 से 2 साल के बीच जमा का 1.5% और 2 साल के बाद 1% कटता है। नियम बदल सकते हैं, इसलिए आधिकारिक अधिसूचना देखें।

सिर्फ़ ब्याज। जमा की मूल रकम परिपक्वता पर एक साथ वापस मिलती है।

पेज के हिसाब से नहीं, न निकाले ब्याज पर और ब्याज नहीं बनता। इसलिए तिमाही निकाल लेना या अपने किसी अन्य खाते में लगाना आपकी योजना पर निर्भर है।

क्योंकि ब्याज साधारण है और जमा व दर वही रहती है। इसलिए तिमाही रकम बराबर बनती है।

हिसाब फिर भी होता है, पर उम्र वाला संदेश बदल जाता है। कुछ रिटायरमेंट मामलों में कम उम्र में खाता खुल सकता है, उसके लिए आधिकारिक नियम देखें।

यह योजना का नियम है जो पेज में लिया गया है। दूसरी रकम डालने पर पेज संदेश दिखाएगा।

तब आप खाता परिपक्वता तक रखते हैं और समय से पहले बंद करने का हिसाब नहीं दिखता।

तिमाही ब्याज में से आपके चुने स्लैब का प्रतिशत घटाकर। यह सरल अनुमान है, असली कर आपकी कुल आय पर निर्भर है।

जमा और ₹1,50,000 में से जो कम हो, वह पुरानी कर व्यवस्था में संभावित कटौती के रूप में दिखती है। नई व्यवस्था में यह नहीं मिलती।

पेज मानता है कि जमा के दिन की दर आगे भी वही रहेगी। विस्तार के दौरान की दर के बारे में अधिसूचना देखें।

हर व्यक्ति अपनी जमा सीमा के भीतर खाता खोल सकता है। संयुक्त खाते के नियम India Post से देखें।

नहीं। TDS से बचने या कम करने के लिए ये फ़ॉर्म किसके लिए हैं, यह आपकी कुल आय पर निर्भर है और इस पेज में नहीं गिना गया।

नहीं। यह वही दर मानकर जोड़ा गया अनुमान है जो आपने स्लाइडर पर रखी है। असली दर और शर्तें अलग हो सकती हैं।

नहीं। यह सिर्फ़ तय आमदनी का हिसाब है। दूसरे विकल्पों से तुलना आपको अलग से करनी होगी।

दर तय होने के बावजूद यह पेज अनुमान है। योजना के नियम बदल सकते हैं, इसलिए अंतिम रकम पासबुक या अधिसूचना से जाँचें।

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