ब्याज पर TDS और टैक्स

FD & Savings Interest Tax (TDS) Calculator

FD/RD और बचत खाते के ब्याज पर TDS कब और कितना कटेगा, आपके slab पर असली टैक्स कितना बनेगा और रिफ़ंड/बाक़ी कितना रहेगा - देखिए।

  • FD और बचत ब्याज
  • TDS कटेगा या नहीं
  • 80TTA / 80TTB कटौती
  • वरिष्ठ नागरिक की सीमा
  • TDS के बाद बाक़ी या रिफ़ंड
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहTDS कटने का मतलब यह नहीं कि टैक्स पूरा हो गया - ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और ITR में दिखाना होता है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

बैंक के ब्याज पर TDS और टैक्स कैसे लगता है?

  • बैंक एक वित्त वर्ष में एक बैंक (शाखाओं सहित) से मिले कुल ब्याज पर तय सीमा पार होते ही 10% TDS काटता है (PAN न देने पर 20%)। सीमा सामान्य नागरिकों के लिए कम और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ज़्यादा रखी गई है।
  • TDS कटना और टैक्स बनना दो अलग बातें हैं: ब्याज आपकी आय में जुड़ता है और आपके slab के हिसाब से टैक्स बनता है। अगर कुल टैक्स-योग्य आय पर टैक्स शून्य बनता है, तो कटा TDS ITR भरकर रिफ़ंड में वापस ले सकते हैं।
  • अगर आपकी कुल आय पर टैक्स शून्य बनता है, तो बैंक में फ़ॉर्म 15G (60 साल से कम) या 15H (वरिष्ठ नागरिक) जमा करके TDS कटने से पहले ही रोका जा सकता है।
  • पुराने टैक्स regime में बचत खाते के ब्याज पर 80TTA (सामान्य, ₹10,000 तक) और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 80TTB (बैंक/डाकघर के सारे ब्याज पर ₹50,000 तक) की कटौती मिलती है; नए regime में नहीं।
  • यहाँ आपके slab को एक अनुमान की तरह लिया गया है; rebate, surcharge और बाक़ी आय का असर शामिल नहीं है।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Total interest = FD/RD interest + savings interest from one bank. TDS applies when the total exceeds the threshold (general / senior) and no 15G/15H is filed: TDS = total × 10% (20% without PAN). Old regime deduction: 80TTA = min(savings interest, cap) for non-seniors; 80TTB = min(total interest, cap) for seniors; none in the new regime. Tax = (total − deduction) × slab × (1 + cess). Balance = tax − TDS (negative = refund).

कुल ब्याज = एक बैंक से FD/RD ब्याज + बचत खाते का ब्याज। TDS तब लगता है जब कुल ब्याज सीमा (सामान्य / वरिष्ठ) से ऊपर हो और 15G/15H जमा न हो: TDS = कुल × 10% (PAN बिना 20%)। पुराने regime में कटौती: गैर-वरिष्ठ के लिए 80TTA = min(बचत ब्याज, सीमा); वरिष्ठ के लिए 80TTB = min(कुल ब्याज, सीमा); नए regime में नहीं। टैक्स = (कुल − कटौती) × slab × (1 + cess)। बाक़ी = टैक्स − TDS (ऋणात्मक = रिफ़ंड)।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 10 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: FY 2026-27

Estimate only, for learning — not advice. Illustrative estimate using the TDS thresholds and deduction limits stored for FY 2026-27. Actual TDS depends on your bank, the PAN and form status and the exact interest credited; actual tax depends on your total income, rebate and surcharge. Section numbers differ under the Income-tax Act, 2025. Not tax advice; consult a CA. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह FY 2026-27 के लिए रखी TDS सीमा और कटौती-सीमाओं पर आधारित उदाहरण-स्वरूप अनुमान है। असली TDS आपके बैंक, PAN/फ़ॉर्म की स्थिति और जमा हुए ब्याज पर निर्भर है; असली टैक्स आपकी कुल आय, rebate और surcharge पर। Income-tax Act, 2025 में धाराओं के नंबर अलग हैं। यह टैक्स सलाह नहीं है; CA से पूछें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • एक बैंक से मिला कुल ब्याज (FD/RD + बचत खाता) पेज की सीमा से ऊपर जाए तो बैंक TDS काटता है: सामान्य के लिए ₹50,000, वरिष्ठ नागरिक के लिए ₹1,00,000 की सीमा मानी गई है।
  • TDS 10% है, PAN न देने पर 20%। 15G/15H जमा हो तो TDS रुक सकता है, बशर्ते आपकी कुल आय पर टैक्स सच में शून्य बने।
  • TDS सिर्फ़ अग्रिम कटौती है। असली टैक्स आपके slab से बनता है, इसलिए TDS के बाद कुछ बाक़ी रह सकता है या रिफ़ंड बन सकता है।
  • पुराने regime में 80TTA (बचत ब्याज पर ₹10,000 तक) या 80TTB (वरिष्ठ, ₹50,000 तक) की कटौती मानी गई है; नए regime में नहीं।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज का शुरुआती उदाहरण

एक बैंक में FD का ब्याज ₹1,20,000, बचत खाते का ₹10,000। सामान्य श्रेणी, PAN दिया हुआ, 15G/15H नहीं, 20% slab, पुराना regime।

कुल ब्याज
₹1,30,000
TDS की सीमा
₹50,000
अनुमानित TDS (10%)
₹13,000
कटौती (80TTA)
₹10,000
कर-योग्य ब्याज
₹1,20,000
ब्याज पर टैक्स (cess सहित)
₹24,960
TDS के बाद बाक़ी टैक्स
₹11,960

₹13,000 बैंक पहले ही काट चुका, पर आपका असली टैक्स ₹24,960 बना। बाक़ी ₹11,960 ITR भरते समय या advance tax में देना होगा।

रामलाल जी: वरिष्ठ नागरिक, 5% slab

वरिष्ठ नागरिक, FD ब्याज ₹4,00,000 और बचत ₹30,000, 5% slab, पुराना regime, PAN दिया हुआ।

कुल ब्याज
₹4,30,000
TDS की सीमा
₹1,00,000
अनुमानित TDS (10%)
₹43,000
कटौती (80TTB)
₹50,000
कर-योग्य ब्याज
₹3,80,000
ब्याज पर टैक्स
₹19,760
रिफ़ंड (अनुमान)
₹23,240

TDS उनके असली टैक्स से ज़्यादा कटा। ITR भरने पर ₹23,240 लौट सकता है। 15H तभी दिया जा सकता है जब कुल आय पर टैक्स शून्य बने, यहाँ ऐसा नहीं है।

पंकज: PAN बैंक को नहीं दिया

FD ब्याज ₹60,000 और बचत ₹4,000, सामान्य श्रेणी, 30% slab, पुराना regime, बैंक के पास PAN नहीं।

कुल ब्याज
₹64,000
TDS दर
20% (PAN बिना)
अनुमानित TDS
₹12,800
कटौती (80TTA)
₹4,000
कर-योग्य ब्याज
₹60,000
ब्याज पर टैक्स
₹18,720
TDS के बाद बाक़ी
₹5,920

PAN न देने से TDS की दर दुगुनी लगी। PAN बैंक में दर्ज रहे तो TDS ₹6,400 ही कटता।

FD ब्याज बढ़ने पर TDS (सामान्य, PAN दिया हुआ, बचत ब्याज शून्य, 20% slab)

FD ब्याज बढ़ने पर TDS (सामान्य, PAN दिया हुआ, बचत ब्याज शून्य, 20% slab)
कुल ब्याजTDSब्याज पर टैक्स (cess सहित)TDS के बाद बाक़ी
₹30,000₹0₹6,240₹6,240
₹45,000₹0₹9,360₹9,360
₹50,000₹0₹10,400₹10,400
₹50,001₹5,000≈ ₹10,400≈ ₹5,400
₹60,000₹6,000₹12,480₹6,480
₹1,00,000₹10,000₹20,800₹10,800

ध्यान दें: जैसे ही कुल ब्याज सीमा से ऊपर गया, TDS पूरी रकम पर कटता है, सिर्फ़ ऊपर वाले हिस्से पर नहीं।

Slab बदलने पर बाक़ी टैक्स (वही ₹1,30,000 ब्याज, पुराना regime, TDS ₹13,000)

Slab बदलने पर बाक़ी टैक्स (वही ₹1,30,000 ब्याज, पुराना regime, TDS ₹13,000)
Slabब्याज पर टैक्सTDS के बाद
5%₹6,240रिफ़ंड ₹6,760
20%₹24,960बाक़ी ₹11,960
30%₹37,440बाक़ी ₹24,440

नए regime में 80TTA नहीं मिलती, इसलिए 20% slab पर यही ब्याज ₹27,040 टैक्स देगा (बाक़ी ₹14,040)।

त्वरित संदर्भ: ब्याज पर TDS और टैक्स (पेज की मान्यताएँ)

त्वरित संदर्भ: ब्याज पर TDS और टैक्स (पेज की मान्यताएँ)
TDS की सीमासामान्य ₹50,000; वरिष्ठ नागरिक ₹1,00,000 (एक बैंक के कुल ब्याज पर)
TDS दर10%; PAN न देने पर 20%
15G / 15Hजमा हो तो TDS नहीं; आय पर टैक्स सच में शून्य हो तभी वैध
80TTAसामान्य के लिए बचत ब्याज पर अधिकतम ₹10,000 (पुराना regime)
80TTBवरिष्ठ के लिए कुल ब्याज पर अधिकतम ₹50,000 (पुराना regime)
टैक्स(कुल ब्याज − कटौती) × slab × (1 + 4% cess)
TDS के बादटैक्स − TDS; ऋणात्मक आए तो रिफ़ंड
इस पेज में क्या नहींकई बैंकों का मिला ब्याज, 87A rebate, surcharge, बाक़ी आय।

FD & Savings Interest Tax (TDS) Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

FD, RD और बचत खाते का ब्याज देखने में अच्छा लगता है, पर उस पर दो सवाल हमेशा खड़े होते हैं: बैंक TDS कब और कितना काटेगा, और मेरे असली टैक्स के हिसाब से बाद में मुझे और देना होगा या रिफ़ंड मिलेगा? FD & Savings Interest Tax (TDS) Calculator इन दोनों सवालों का सीधा जवाब देता है। आप एक बैंक से मिलने वाला FD या RD का ब्याज और बचत खाते का ब्याज डालते हैं, अपनी श्रेणी (सामान्य या वरिष्ठ नागरिक), PAN की स्थिति, 15G/15H फ़ॉर्म की स्थिति, कर slab और कर-व्यवस्था चुनते हैं। Calculator बताता है कि अनुमानित TDS कितना कटेगा, कितना ब्याज कर-योग्य होगा, ब्याज पर आपका असली टैक्स कितना बनता है, और TDS के बाद कितना टैक्स बाक़ी है या कितना रिफ़ंड बन सकता है।

किसके काम का है

  • FD और बचत खाते से ब्याज कमाने वाले वरिष्ठ नागरिक और रिटायर्ड लोग।
  • वे लोग, जिनकी कुल आय कर-मुक्त सीमा के आसपास है और जो सोच रहे हैं कि 15G या 15H भरना चाहिए या नहीं।
  • गृहिणियाँ और विद्यार्थी, जिनकी अपनी कोई बड़ी आय नहीं पर FD उनके नाम है।
  • नौकरीपेशा लोग, जो देखना चाहते हैं कि बैंक के ब्याज से उनका कुल टैक्स कितना बढ़ेगा।
  • वे लोग, जिन्हें बैंक का TDS का संदेश आया है और जो समझना चाहते हैं कि इसका मतलब क्या है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर सात इनपुट हैं।

  • एक बैंक में FD / RD का सालाना ब्याज (₹): एक वित्त वर्ष में एक ही बैंक (उसकी सभी शाखाओं को मिलाकर) से मिला FD और RD का ब्याज। शुरुआती मान ₹1,20,000। यह संख्या बैंक के ब्याज प्रमाणपत्र या Form 26AS/AIS में मिल सकती है।
  • उसी बैंक में बचत खाते का सालाना ब्याज (₹): उसी बैंक में बचत खाते पर साल भर में जमा हुआ ब्याज। शुरुआती मान ₹10,000।
  • आपकी श्रेणी: सामान्य (60 साल से कम) या वरिष्ठ नागरिक (60+)। इससे TDS की सीमा और कटौती का नियम बदलता है।
  • क्या बैंक के पास आपका PAN है?: हाँ या नहीं। PAN न होने पर TDS की दर ऊँची होती है।
  • 15G / 15H फ़ॉर्म जमा किया है?: नहीं या हाँ। हाँ चुनने का मतलब है कि आपने बैंक में यह घोषणा-पत्र जमा किया है कि आपकी आय पर टैक्स शून्य बनता है।
  • कुल आय पर आपका टैक्स slab: 0%, 5%, 10%, 15%, 20%, 25% या 30%। शुरुआती चयन 20%। यह वह दर है जिस पर आपकी अगली कमाई पर टैक्स लगता है।
  • टैक्स regime: पुराना (80TTA / 80TTB मिलता है) या नया (ये कटौतियाँ नहीं)। शुरुआती चयन पुराना।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

  • अनुमानित TDS (बड़ी संख्या): बैंक जो रकम काटेगा। नीचे कुल ब्याज और TDS की सीमा लिखी होती है।
  • कुल ब्याज (इस बैंक से): FD/RD और बचत का जोड़।
  • TDS की सीमा: इस calculator में सामान्य नागरिकों के लिए ₹50,000 और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹1,00,000 माना गया है। कुल ब्याज इस सीमा से ऊपर जाए तो ही TDS लगता है। ये संख्याएँ FY 2026-27 के लिए पेज में रखी मान्यताएँ हैं, और नियम बदल सकते हैं।
  • अनुमानित TDS: कुल ब्याज × TDS दर। इस पेज में दर 10% है, और PAN न देने पर 20%। यह पूरा कुल ब्याज पर लगता है, केवल सीमा से ऊपर के हिस्से पर नहीं।
  • कटौती (80TTA / 80TTB): पुराने regime में सामान्य नागरिक को बचत खाते के ब्याज पर ₹10,000 तक की 80TTA, और वरिष्ठ नागरिक को सारे ब्याज पर ₹50,000 तक की 80TTB। नए regime में यह कटौती शून्य है।
  • कर-योग्य ब्याज: कुल ब्याज में से कटौती घटाने के बाद का हिस्सा।
  • ब्याज पर आपका टैक्स (cess सहित): कर-योग्य ब्याज × आपका slab × (1 + 4% cess)।
  • TDS के बाद बाक़ी टैक्स या रिफ़ंड: अगर आपका असली टैक्स कटे हुए TDS से ज़्यादा है, तो "बाक़ी टैक्स" लाल दिखता है। अगर कम है, तो "रिफ़ंड (अनुमान)" हरे में दिखता है।

नतीजे के साथ पेज एक संदेश भी देता है, जो आपकी स्थिति के हिसाब से बदलता है:

  • 15G/15H जमा हो तो बताता है कि TDS नहीं कटेगा, पर फ़ॉर्म तभी वैध है जब आपकी कुल आय पर टैक्स सचमुच शून्य बनता हो।
  • Slab 0% हो और फिर भी TDS कट रहा हो, तो 15G/15H के बारे में सुझाव देता है।
  • कुल ब्याज सीमा के अंदर हो, तो बताता है कि TDS नहीं कटेगा, पर ब्याज आपकी आय में जुड़ेगा और ITR में दिखाना होगा।
  • TDS के बाद भी टैक्स बाक़ी हो, तो उसे ITR भरते समय (या advance tax में) चुकाने की याद दिलाता है।
  • कटा हुआ TDS ज़्यादा हो, तो बताता है कि ITR भरकर रिफ़ंड लिया जा सकता है।
ध्यान दें: TDS कटना और टैक्स देना, दो अलग बातें हैं। TDS बैंक का "अग्रिम" कर है। असली टैक्स आपकी कुल आय और slab से तय होता है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • PAN और फ़ॉर्म बदलकर देखिए। PAN "नहीं" चुनकर देखिए कि TDS 20% पर कितना बढ़ जाता है। इससे साफ़ होता है कि बैंक को PAN देना क्यों ज़रूरी है।
  • Regime की तुलना कीजिए। पुराना और नया regime दोनों चुनकर देखिए कि ब्याज पर टैक्स कितना बदलता है। पर पूरे टैक्स का फ़ैसला सिर्फ़ ब्याज देखकर न कीजिए।
  • FD कितनी और कहाँ रखें। अगर कुल ब्याज TDS की सीमा के आसपास है, तो FD को अलग-अलग बैंकों में रखने पर विचार किया जा सकता है। पर याद रखिए, TDS न कटने से टैक्स की देनदारी ख़त्म नहीं होती; ब्याज फिर भी आपकी आय है।
  • कर के बाद की कमाई देखिए। FD चुनते समय सिर्फ़ ब्याज दर नहीं, कर के बाद का रिटर्न देखिए। इसके लिए FD Calculator और Real Return After Tax Calculator काम आते हैं।
  • ITR से पहले जाँचिए। Form 26AS या AIS में कटा हुआ TDS दिखता है। उसे ITR के आँकड़ों से मिलाइए।
  • Advance tax। अगर "बाक़ी टैक्स" बड़ा दिखे, तो Advance Tax Calculator देखिए।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "TDS नहीं कटा तो टैक्स नहीं लगेगा।" नहीं। ब्याज आपकी आय है और ITR में दिखाना होता है।
  • "TDS कट गया तो टैक्स चुक गया।" हमेशा नहीं। अगर आपका slab ऊँचा है, तो असली टैक्स TDS से ज़्यादा हो सकता है।
  • 15G/15H बिना शर्त भर देना। ये फ़ॉर्म तभी ठीक हैं जब आपकी कुल आय पर टैक्स सचमुच शून्य बनता हो। गलत घोषणा पर समस्या हो सकती है।
  • सीमा को हर बैंक के कुल पर मान लेना। TDS की सीमा आम तौर पर हर बैंक के हिसाब से देखी जाती है, पर कर कुल आय पर बनता है।
  • बचत खाते के ब्याज को भूल जाना। यह भी आय है, और अक्सर लोग इसे छोड़ देते हैं।
  • नया regime लेने पर भी 80TTA मान लेना। इस calculator में नए regime में यह कटौती नहीं है।
  • पूरी साल की FD का ब्याज साल के आख़िर में ही गिनना। कई FD में ब्याज हर साल जमा होता है या जमा हुआ मान लिया जाता है, इसलिए ब्याज प्रमाणपत्र से सही संख्या लीजिए।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है
  1. कुल ब्याज = FD/RD का ब्याज + बचत खाते का ब्याज।
  2. TDS की सीमा चुनी हुई श्रेणी के अनुसार तय होती है।
  3. अगर कुल ब्याज सीमा से ज़्यादा है और 15G/15H जमा नहीं है, तो TDS = कुल ब्याज × 10% (PAN न होने पर 20%)। वरना TDS शून्य।
  4. कटौती: पुराने regime में सामान्य नागरिक के लिए बचत खाते का ब्याज और ₹10,000 में से कम वाली रकम; वरिष्ठ के लिए कुल ब्याज और ₹50,000 में से कम वाली रकम; नए regime में शून्य।
  5. कर-योग्य ब्याज = कुल ब्याज − कटौती।
  6. टैक्स = कर-योग्य ब्याज × slab × 1.04 (4% cess)।
  7. बाक़ी = टैक्स − TDS। नकारात्मक हो तो रिफ़ंड।

मान्यताएँ:

  • एक ही बैंक का ब्याज माना गया है। अगर आपके कई बैंकों में FD हैं, तो हर बैंक की अलग सीमा लगती है, पर टैक्स कुल ब्याज पर बनता है।
  • Rebate, surcharge और बाक़ी आय का असर शामिल नहीं है, इसका पेज के नोट में भी ज़िक्र है।
  • Slab आपको खुद चुनना है। सही slab जानने के लिए Income Tax Calculator देखिए।
  • धाराओं की संख्या नए Income-tax Act, 2025 में बदली है, पर यहाँ पुराने नाम 80TTA और 80TTB चलाए गए हैं।
एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए एक वरिष्ठ नागरिक के पास एक बैंक में FD है, जिस पर साल भर में ₹1,90,000 का ब्याज बना, और बचत खाते में ₹30,000 का। उनकी PAN बैंक में दर्ज है, कोई 15H नहीं भरा है, पुराना regime है और slab 10% है। (संख्याएँ सिर्फ़ उदाहरण हैं।)

  1. कुल ब्याज = 1,90,000 + 30,000 = ₹2,20,000।
  2. TDS की सीमा (वरिष्ठ, इस पेज के अनुसार) ₹1,00,000 है। कुल ब्याज उससे ज़्यादा है।
  3. TDS = 2,20,000 × 10% = ₹22,000।
  4. 80TTB की कटौती = कुल ब्याज और ₹50,000 में से कम = ₹50,000।
  5. कर-योग्य ब्याज = 2,20,000 − 50,000 = ₹1,70,000।
  6. टैक्स = 1,70,000 × 10% × 1.04 = ₹17,680।
  7. बाक़ी = 17,680 − 22,000 = −₹4,320, यानी लगभग ₹4,320 का रिफ़ंड बन सकता है।

अब एक दूसरी स्थिति देखिए। एक सामान्य नागरिक का FD ब्याज ₹60,000 और बचत ब्याज ₹8,000 है, कुल ₹68,000। यह सामान्य सीमा ₹50,000 से ऊपर है, इसलिए पेज की मान्यता पर TDS = 68,000 × 10% = ₹6,800। अगर उसकी कुल आय पर टैक्स असल में शून्य बनता हो (slab 0%), तो पेज 15G/15H का सुझाव दिखाएगा, क्योंकि पहले से फ़ॉर्म जमा करने पर TDS रुक सकता है। फ़ॉर्म भरे बिना कटे हुए TDS को ITR से वापस लेना पड़ता है, जिसमें कुछ समय लगता है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • TDS की सीमा, दरें और कटौती की सीमाएँ पेज में रखी मान्यताएँ हैं और बदल सकती हैं। सही और ताज़ा नियम आयकर विभाग की वेबसाइट या अपने बैंक से जाँचिए।
  • यह rebate, surcharge, अन्य आय और बाक़ी कटौतियों का असर नहीं जोड़ता।
  • यह आपका सही slab खुद नहीं निकालता।
  • यह बैंक के असली TDS का हिसाब नहीं है। बैंक की गणना की अपनी विधि हो सकती है।
  • यह अन्य स्रोतों, जैसे डाकघर की योजनाओं, बॉन्ड या म्यूचुअल फंड के कर को नहीं गिनता।
  • यह कर सलाह नहीं है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • FD Calculator: FD की परिपक्वता रकम और ब्याज निकालने के लिए।
  • Recurring Deposit Calculator: RD से मिलने वाली रकम समझने के लिए।
  • TDS Calculator: अलग-अलग मदों पर TDS का हिसाब देखने के लिए।
  • Income Tax Calculator: अपना असली slab और कुल टैक्स जानने के लिए।
  • Real Return After Tax Calculator: कर और महँगाई के बाद असली रिटर्न देखने के लिए।
  • Savings Account Interest Calculator: बचत खाते पर ब्याज का अंदाज़ा लगाने के लिए।

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, कर या कानूनी सलाह नहीं। अपने मामले में सही नियमों के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट देखिए या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछिए।

6 काम की बातें याद रखें

1
ब्याज प्रमाणपत्र और Form 26AS मिलाएँ

हर बैंक का सालाना ब्याज और कटा TDS 26AS/AIS में दिखता है। ITR भरने से पहले दोनों मिला लें।

2
कई बैंकों का ब्याज जोड़ें

यह पेज एक बैंक का हिसाब लगाता है। अलग-अलग बैंक की FD का कुल ब्याज आपकी आय में जुड़ेगा, चाहे हर बैंक अपनी सीमा के अंदर हो।

3
PAN समय पर दें

FD खोलते समय ही PAN दें। न देने पर TDS दुगुना कटता है और रिफ़ंड के लिए इंतज़ार करना पड़ता है।

4
15G/15H साल की शुरुआत में

पात्र हों तो हर वित्त वर्ष के शुरू में बैंक को फ़ॉर्म दे दें। कटा हुआ TDS बाद में रिफ़ंड से लेना झंझट है।

5
TDS न कटे तब भी ब्याज दिखाएँ

सीमा के अंदर ब्याज पर बैंक TDS नहीं काटता, पर वह आपकी आय में जुड़ता है और ITR में दिखाना होता है।

6
Regime चुनने से पहले जोड़ें

ब्याज पर टैक्स regime के हिसाब से बदलता है। पूरी आय के साथ Old vs New regime calculator में तुलना करें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

जब एक वित्त वर्ष में एक बैंक से मिला कुल ब्याज तय सीमा (सामान्य के लिए कम, वरिष्ठ नागरिकों के लिए ज़्यादा) पार कर जाए, तब आम तौर पर 10% TDS कटता है; PAN न देने पर 20%।

अगर आपकी कुल आय पर टैक्स शून्य बनता है तो 60 साल से कम उम्र वाले 15G और वरिष्ठ नागरिक 15H बैंक में जमा कर सकते हैं ताकि TDS न कटे। ग़लत जानकारी पर दंड हो सकता है, इसलिए सही शर्तें जाँचकर भरें।

अगर आपका असली टैक्स कटे TDS से कम है, तो ITR भरकर रिफ़ंड का दावा करें। TDS आपके Form 26AS / AIS में दिखता है।

पुराने regime में सामान्य नागरिकों को 80TTA में ₹10,000 तक और वरिष्ठ नागरिकों को 80TTB में बैंक/डाकघर के सारे ब्याज पर ₹50,000 तक की कटौती मिलती है। नए regime में ये कटौतियाँ नहीं हैं।

आम तौर पर एक बैंक की सभी शाखाओं और खातों के कुल ब्याज पर देखी जाती है। इसीलिए पेज में FD/RD और बचत ब्याज जोड़कर सीमा से तुलना होती है।

क्योंकि नियम में सीमा पार करते ही पूरे ब्याज की कटौती होती है, ऊपर वाले हिस्से की नहीं। तालिका में ₹50,001 वाली पंक्ति इसे दिखाती है।

पेज में वरिष्ठ नागरिक (60+) के लिए अलग, ऊँची सीमा और 80TTB कटौती मानी गई है। श्रेणी चुनने से दोनों बदलते हैं।

80TTA बचत खाते के ब्याज पर सीमित कटौती है और सामान्य के लिए है। 80TTB वरिष्ठ नागरिकों के लिए है और बचत व FD दोनों के ब्याज पर लगती है।

पेज के नियम में नए regime में ये कटौतियाँ उपलब्ध नहीं मानी गईं, इसलिए पूरा ब्याज कर-योग्य रहता है।

उन लोगों के लिए जिनकी कुल आय पर टैक्स शून्य बनता है। 15G 60 साल से कम के लिए और 15H वरिष्ठ नागरिकों के लिए माना गया है।

तब फ़ॉर्म वैध नहीं माना जाएगा और टैक्स बनेगा। ग़लत फ़ॉर्म देने पर परेशानी हो सकती है, इसलिए पहले अपनी कुल आय देख लें।

नहीं, सिर्फ़ एक बैंक का। कई बैंक हों तो हर बैंक की TDS की सीमा अलग देखी जाती है, पर टैक्स कुल ब्याज पर बनता है।

नहीं। इसमें rebate या surcharge नहीं गिना गया। अगर आपकी कुल आय बहुत कम है तो असली टैक्स इस अनुमान से कम हो सकता है।

कटा TDS आपके असली टैक्स से ज़्यादा है। ITR भरने पर यह अंतर लौट सकता है, प्रक्रिया पूरी होने के बाद।

अगर TDS के बाद भी टैक्स बाक़ी है तो वह ITR भरते समय या अग्रिम कर (advance tax) में जमा होता है।

पेज में FD/RD का ब्याज एक साथ डाला जाता है। नियम के हिसाब से दोनों ब्याज की तरह कर-योग्य हैं।

नहीं, उनके TDS नियम अलग हो सकते हैं। यह पेज बैंक की FD और बचत खाते के लिए बनाया गया है।

नहीं, यह शैक्षणिक अनुमान है। अपने असली कागज़ात देखकर या CA की मदद से ही रिटर्न भरें।

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