टैक्स और महँगाई के बाद असली रिटर्न

Real Return After Tax & Inflation

FD पर 7% मिलना और जेब में 7% बचना अलग बातें हैं। टैक्स और महँगाई घटाकर देखें कि आपकी ख़रीदने की ताक़त असल में कितनी बढ़ी।

  • कर के बाद सालाना रिटर्न
  • महँगाई घटाकर असली रिटर्न
  • आज के पैसे में मूल्य
  • हर साल कर / अंत में कर
  • तीन रेखाओं का ग्राफ़
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहटैक्स और महँगाई घटाने के बाद का रिटर्न ही आपकी असली कमाई है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

असली रिटर्न क्या होता है?

  • कर के बाद रिटर्न: जो ब्याज / गेन पर टैक्स देने के बाद बचता है। FD का ब्याज हर साल आपकी स्लैब दर पर कर योग्य है, इसलिए सालाना कर कटता है।
  • असली रिटर्न: कर के बाद रिटर्न में से महँगाई घटाने पर। यह बताता है कि आपके पैसे की ख़रीदने की ताक़त बढ़ी या नहीं।
  • "हर साल कर" वाला विकल्प FD / RD / बॉन्ड जैसे साधनों के लिए है; "अंत में कर" उन साधनों के लिए जिनमें गेन बेचने पर कर योग्य होता है (जैसे इक्विटी, फ़ंड)। लागू दर आपकी स्लैब और मौजूदा नियमों पर निर्भर है; अपनी दर खुद डालें।
  • सूत्र: असली रिटर्न = (1 + कर बाद रिटर्न) ÷ (1 + महँगाई) − 1।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Tax every year: net rate = rate × (1 − tax); value = P × (1 + net)^n. Tax at the end: tax = (gross value − P) × tax rate. Effective rate = (value ÷ P)^(1/n) − 1. Real rate = (1 + effective) ÷ (1 + inflation) − 1. Value in today's money = value ÷ (1 + inflation)^n.

हर साल कर: शुद्ध दर = दर × (1 − कर); मूल्य = P × (1 + शुद्ध)^n। अंत में कर: कर = (कुल मूल्य − P) × कर दर। प्रभावी दर = (मूल्य ÷ P)^(1/n) − 1। असली दर = (1 + प्रभावी) ÷ (1 + महँगाई) − 1। आज के पैसे में मूल्य = मूल्य ÷ (1 + महँगाई)^n।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 8 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Tax rates and holding-period rules change; enter the rate that applies to you. This is an educational estimate, not advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। कर की दरें और होल्डिंग अवधि के नियम बदलते रहते हैं; अपनी लागू दर खुद डालें। यह कैलकुलेटर सीखने और अनुमान के लिए है, सलाह नहीं। असल नतीजे आपके बैंक / कंपनी की शर्तों, शुल्क और कर से अलग हो सकते हैं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • कर के बाद रिटर्न वह है जो कर चुकाकर हाथ में बचता है। असली रिटर्न उसमें से महँगाई घटाने पर बनता है: (1 + कर बाद रिटर्न) ÷ (1 + महँगाई) − 1।
  • असली रिटर्न बताता है कि आपकी ख़रीदने की ताक़त बढ़ी या नहीं। रकम बढ़ती दिखे और असली रिटर्न ऋणात्मक हो, तो ताक़त घट रही है।
  • FD जैसे साधनों में ब्याज पर हर साल कर कटता है। इक्विटी जैसे साधनों में अक्सर बेचने पर गेन पर कर लगता है। इसके लिए "कर कब लगता है" चुनें।
  • कर दर और महँगाई आपके डाले हुए उदाहरण हैं। अपनी लागू दर खुद डालें; सेस, अधिभार और छूट शामिल नहीं हैं।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

कमला: पेज का शुरुआती FD उदाहरण

कमला ₹1,00,000 की FD 10 साल के लिए रखती है। (कर से पहले 7% उदाहरण, हर साल कर, लागू दर 30%, महँगाई 5%)

कर से पहले अंतिम मूल्य
₹1,96,715
कुल कर
₹35,370
कर के बाद अंतिम मूल्य
₹1,61,345
कर के बाद सालाना रिटर्न
4.90%
असली सालाना रिटर्न
−0.10%
आज के पैसे में मूल्य
₹99,052

10 साल में रकम लगभग 1.6 गुना हुई, पर आज के पैसे में वह ₹1,00,000 से भी थोड़ी कम है। ख़रीदने की ताक़त बढ़ी नहीं।

रवि: अंत में कर वाला निवेश

रवि ₹5,00,000 ऐसे साधन में रखता है जिसमें गेन पर कर बेचने पर लगता है। (मान्य रिटर्न 12%, 15 साल, कर 12.5% उदाहरण, महँगाई 5%)

कर से पहले अंतिम मूल्य
₹27,36,783
कुल कर
₹2,79,598
कर के बाद अंतिम मूल्य
₹24,57,185
कर के बाद सालाना रिटर्न
11.20%
असली सालाना रिटर्न
5.90%
आज के पैसे में मूल्य
₹11,81,948

कर अंत में कटा, इसलिए पूरा समय पूरी रकम बढ़ती रही। यह मान्यता है, गारंटी नहीं। उदाहरण में कर-छूट की सीमा नहीं जोड़ी गई।

सावित्री: शून्य कर, फिर भी महँगाई

सावित्री की कर-योग्य आय नहीं है, इसलिए वह कर दर 0% रखती है। FD ₹2,00,000, 5 साल। (7% उदाहरण, महँगाई 5%)

कर से पहले अंतिम मूल्य
₹2,80,510
कुल कर
₹0
कर के बाद सालाना रिटर्न
7.00%
असली सालाना रिटर्न
1.90%
आज के पैसे में मूल्य
₹2,19,787

कर शून्य होने पर भी महँगाई ने 7% को लगभग 1.9% असली रिटर्न में बदल दिया।

कर दर बदलने पर (₹1,00,000 FD, 10 साल, 7% उदाहरण, हर साल कर, महँगाई 5%)

कर दर बदलने पर (₹1,00,000 FD, 10 साल, 7% उदाहरण, हर साल कर, महँगाई 5%)
कर दर (%)कर बाद अंतिम मूल्य (₹)कर बाद सालाना रिटर्नअसली सालाना रिटर्न
01,96,7157.00%1.90%
101,84,2186.30%1.24%
201,72,4405.60%0.57%
301,61,3454.90%−0.10%

हर साल कर वाली गणना में शुद्ध दर = दर × (1 − कर दर) से हर साल बढ़त होती है।

महँगाई बदलने पर (वही FD, कर 30%)

महँगाई बदलने पर (वही FD, कर 30%)
महँगाई (%)असली सालाना रिटर्नआज के पैसे में मूल्य (₹)
31.84%1,20,056
40.87%1,08,999
5−0.10%99,052
6−1.04%90,094
7−1.96%82,019

महँगाई का आँकड़ा आपका अनुमान है; अपने ख़र्च की असली महँगाई अक्सर अलग होती है।

त्वरित संदर्भ: असली रिटर्न का सूत्र

त्वरित संदर्भ: असली रिटर्न का सूत्र
हर साल करशुद्ध दर = दर × (1 − कर दर); मूल्य = रकम × (1 + शुद्ध दर)^साल
अंत में करकर = (कुल मूल्य − रकम) × कर दर
कर बाद सालाना रिटर्न(अंतिम मूल्य ÷ रकम)^(1 ÷ साल) − 1
असली रिटर्न(1 + कर बाद रिटर्न) ÷ (1 + महँगाई) − 1
आज के पैसे में मूल्यअंतिम मूल्य ÷ (1 + महँगाई)^साल
कर दर क्या डालेंआपकी लागू दर, जो आपकी आय और नियमों पर निर्भर है। यह calculator कोई दर तय नहीं करता।
कब ऋणात्मकजब महँगाई कर के बाद रिटर्न से ज़्यादा हो।
इस पेज में क्या नहींसेस, अधिभार, कर-छूट की सीमा, TDS और ब्याज किस साल कर-योग्य होगा।

Real Return After Tax Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

बैंक आपको FD पर "7% ब्याज" बताता है। पर यह 7% आपकी जेब में पूरा नहीं पहुँचता, और जो पहुँचता है उसकी ख़रीदने की ताक़त भी हर साल थोड़ी घटती है। इसकी दो वजहें हैं: टैक्स और महँगाई। Real Return After Tax Calculator इन दोनों को एक के बाद एक घटाकर दिखाता है कि आपके पैसे की असली बढ़त कितनी हुई।

इसका सवाल है: "कर और महँगाई के बाद मेरा पैसा सचमुच सालाना कितना बढ़ा, यानी मैं पहले की तुलना में कितनी ज़्यादा चीज़ें ख़रीद पाऊँगा?" इसके जवाब को असली रिटर्न (real return) कहते हैं। अगर असली रिटर्न ऋणात्मक है, तो आपकी रकम बढ़ती दिखने के बावजूद उसकी क्रय-शक्ति घट रही है।

इसमें तीन तरह के आँकड़े साथ-साथ चलते हैं: कर से पहले की रकम, कर के बाद की रकम, और कर तथा महँगाई दोनों के बाद "आज के पैसे" में रकम। नीचे एक रेखा-चार्ट इन तीनों को साल-दर-साल दिखाता है।

किसके काम का है

  • FD और बॉन्ड में पैसा रखने वाले, ख़ासकर वे जिनकी आय ऊँची टैक्स-दर में आती है, और जो जानना चाहते हैं कि ब्याज का कितना हिस्सा असल में बचता है।
  • रिटायर्ड लोग, जो ब्याज की आय पर घर चलाते हैं और देखना चाहते हैं कि महँगाई उनकी बचत को कैसे खा रही है।
  • दो विकल्पों के बीच उलझे निवेशक, जैसे एक ऐसा साधन जिसमें हर साल कर कटता है और दूसरा जिसमें बेचने पर ही कर लगता है।
  • वित्तीय लक्ष्य बनाने वाले, जिन्हें अपने 10-15 साल के निवेश को "आज के पैसे" में समझना है।
  • विद्यार्थी और शुरुआती निवेशक, जो नाममात्र (nominal) और असली (real) रिटर्न के फ़र्क़ को संख्याओं से देखना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

छह इनपुट हैं, जिनमें ज़्यादातर स्लाइडर हैं।

  • निवेश (₹): आप जो रकम एक बार लगा रहे हैं। कम से कम ₹1,000, शुरू में ₹1,00,000। यह एकमुश्त रकम है। हर महीने की किस्त वाला निवेश यहाँ नहीं गिना जाता।
  • अवधि: 1 से 40 साल, शुरू में 10 साल।
  • कर से पहले सालाना रिटर्न: 1% से 25% तक, 0.1 के क़दम से, शुरू में 7%। FD हो तो बैंक की बताई दर डालिए, किसी दूसरे साधन के लिए आपका मान्य अनुमान। यह गारंटी नहीं है।
  • कर कब लगता है? दो विकल्प: "हर साल (FD, RD, बॉन्ड)" या "अंत में, गेन पर (बेचने पर)"। FD का ब्याज हर साल कर-योग्य होता है, इसलिए पहला विकल्प उसके लिए है। इक्विटी या फंड जैसे साधन में लाभ तभी कर-योग्य होता है जब आप बेचते हैं, इसलिए दूसरा विकल्प।
  • लागू कर दर: 0% से 45% तक, 0.5 के क़दम से, शुरू में 30%। यह वही दर है जो आप पर लागू होगी, अपनी स्लैब या संबंधित लाभ पर लागू दर के हिसाब से ख़ुद डालें। इस calculator में सेस, सरचार्ज और छूटें शामिल नहीं हैं।
  • महँगाई (सालाना): 0% से 12% तक, शुरू में 5%। यह आपका अनुमान है, असली महँगाई साल-दर-साल अलग हो सकती है।
ध्यान दें: कर की दरें और होल्डिंग अवधि के नियम बदलते रहते हैं। इसलिए पेज आपसे दर ख़ुद डालने को कहता है। अपने मामले की सही दर के लिए आयकर विभाग की वेबसाइट या अपने कर-सलाहकार से पुष्टि कीजिए।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में असली रिटर्न (सालाना) आता है, और उसके नीचे लिखा होता है कि कर के बाद दर कितनी थी और महँगाई कितनी मानी गई। फिर ये पंक्तियाँ आती हैं:

  1. कर से पहले अंतिम मूल्य: अगर कोई टैक्स न होता तो अवधि के अंत में रकम कितनी होती।
  2. कुल कर: पूरी अवधि में कर में जितनी रकम गई (कर से पहले और कर के बाद वाले अंतिम मूल्य का अंतर)।
  3. कर के बाद अंतिम मूल्य: टैक्स चुकाने के बाद अवधि के अंत में आपके हाथ में आने वाली रकम।
  4. कर के बाद सालाना रिटर्न: टैक्स के बाद की प्रभावी सालाना दर। यह आम तौर पर कर से पहले की दर से कम होती है।
  5. असली सालाना रिटर्न: कर-बाद दर में से महँगाई का असर हटाने के बाद की दर। हरे रंग में हो तो क्रय-शक्ति बढ़ रही है, लाल में हो तो घट रही है।
  6. आज के पैसे में मूल्य: कर-बाद अंतिम रकम को महँगाई से भाग देकर आज के मूल्य में बदलना। यह बताता है कि अवधि के अंत की रकम आज कितनी क़ीमती होगी।

नीचे एक संदेश भी आता है। असली रिटर्न ऋणात्मक हो तो चेतावनी कि क्रय-शक्ति घट रही है, भले ही रकम बढ़ती दिखे। धनात्मक हो तो बताता है कि क्रय-शक्ति हर साल लगभग कितने प्रतिशत बढ़ रही है।

चार्ट में तीन रेखाएँ हैं: कर से पहले, कर के बाद और आज के पैसे में। तीनों के बीच जितना फ़ासला बढ़ता है, उतना ही कर और महँगाई का बोझ बढ़ता है। इसे देखने के लिए अवधि का स्लाइडर 5 से 25 साल करके देखें, फ़ासला कैसे चौड़ा होता है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • दो कर-दरों पर देखें। अपनी मौजूदा दर और एक कम दर (मान लीजिए कर-योग्य आय घटने पर) पर नतीजे की तुलना करें।
  • महँगाई के तीन मान आज़माएँ। जैसे 4%, 6% और 8%। असली रिटर्न कितनी संवेदनशील तरह से बदलता है, यह दिखेगा।
  • "आज के पैसे में" वाली रकम पर नज़र रखें। लक्ष्य की रकम तय करते समय यह आँकड़ा ज़्यादा ईमानदार तस्वीर देता है।
  • कर की टाइमिंग का विकल्प बदलकर देखें। FD जैसे साधन के लिए "हर साल" चुनें, पर यह जानने के लिए "अंत में" वाला विकल्प भी चलाकर देखें कि फ़र्क़ कितना पड़ता है।
  • सरकारी साधनों से तुलना। अगर आप दो अलग साधनों में चुनाव कर रहे हैं, दोनों की कर-बाद दर इसमें डालकर असली रिटर्न की तुलना करें, पर हर साधन के आधिकारिक नियम अलग से देखें।
  • परिणाम को लक्ष्य से जोड़ें। असली रिटर्न बहुत कम निकले तो समझें कि लक्ष्य के लिए ज़्यादा बचत, लंबी अवधि या अलग तरह के साधन पर विचार करना पड़ सकता है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • नाममात्र रिटर्न को ही असली मान लेना। "7% मिल रहा है" और "7% की क्रय-शक्ति बढ़ रही है" में फ़र्क़ है।
  • महँगाई को सीधे घटा देना। 7.5% - 5% = 2.5% मानना सही नहीं। सही तरीक़ा भाग वाला है।
  • टैक्स को भूल जाना। FD का ब्याज आम तौर पर आपकी आय में जुड़कर कर-योग्य होता है, इसलिए पूरा ब्याज खर्च हो सकने वाली आय नहीं है।
  • गलत विकल्प चुनना। FD जैसे साधन के लिए "अंत में" चुनने पर नतीजा ज़रूरत से बेहतर दिखेगा।
  • महँगाई को स्थिर मान लेना। पेज एक ही दर पूरे समय के लिए मानता है, जबकि वह बदलती रहती है।
  • अपनी वास्तविक कर-दर को न जानना। कर-दर सबके लिए एक नहीं है, इसलिए अपनी लागू दर पर ही हिसाब करें।
  • ऋणात्मक असली रिटर्न को "नुकसान" का सीधा मतलब समझना। इसका मतलब है कि क्रय-शक्ति घट रही है। यह पूंजी का डूबना नहीं है, पर लंबे समय में यही असर बड़ा हो सकता है।
  • असली रिटर्न बढ़ाने के लिए ज़्यादा जोखिम उठाना। ऊँची दर के साथ जोखिम भी आता है, और यह calculator जोखिम नहीं नापता।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

मान लें निवेश P, अवधि n साल, कर से पहले दर r, कर दर t और महँगाई i है।

हर साल कर वाला विकल्प

  • शुद्ध दर = r x (1 - t)
  • कर के बाद मूल्य = P x (1 + शुद्ध दर)^n

यानी हर साल का ब्याज कर कटकर ही अगले साल की रकम में जुड़ता है।

अंत में कर वाला विकल्प

  • कर से पहले मूल्य = P x (1 + r)^n
  • कर = (कर से पहले मूल्य - P) x t
  • कर के बाद मूल्य = कर से पहले मूल्य - कर

यानी रकम पूरे समय कर के बिना बढ़ती है और अंत में केवल लाभ पर एक बार कर कटता है। इस calculator में यह एक सीधी, सपाट दर पर मान लिया गया है। असली नियमों में छूट की सीमाएँ, इंडेक्सेशन या अलग-अलग होल्डिंग अवधि के नियम हो सकते हैं, जो यहाँ नहीं हैं।

आगे के क़दम

  • प्रभावी सालाना दर = (कर-बाद मूल्य / P)^(1/n) - 1
  • असली दर = (1 + प्रभावी दर) / (1 + महँगाई) - 1
  • आज के पैसे में मूल्य = कर-बाद मूल्य / (1 + महँगाई)^n

ध्यान दें कि असली दर में महँगाई सीधे घटाई नहीं गई, बल्कि भाग दी गई है। इसलिए 7.5% और 5% का असली अंतर 2.5% नहीं, थोड़ा कम होता है।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए श्रीमती वर्मा एक रिटायर्ड शिक्षिका हैं और ₹5,00,000 का FD 5 साल के लिए रखना चाहती हैं, जिसकी कर से पहले दर 7.5% है। (यह केवल एक उदाहरण दर है, असली FD दर बैंक और समय के हिसाब से बदलती है।)

स्थिति 1: ऊँची कर-दर, ऊँची महँगाई

कर दर 30% और महँगाई 6% मानें, कर हर साल।

  1. कर से पहले अंतिम मूल्य = 5,00,000 x 1.075^5 = लगभग ₹7,17,815
  2. शुद्ध दर = 7.5% x (1 - 0.30) = 5.25%
  3. कर के बाद मूल्य = 5,00,000 x 1.0525^5 = लगभग ₹6,45,774
  4. कुल कर = 7,17,815 - 6,45,774 = लगभग ₹72,041
  5. कर-बाद सालाना रिटर्न = 5.25%
  6. असली दर = 1.0525 / 1.06 - 1 = लगभग -0.71%
  7. आज के पैसे में मूल्य = 6,45,774 / 1.06^5 = लगभग ₹4,82,560

यानी रकम ₹5 लाख से ₹6.46 लाख हो गई, पर आज के पैसे में वह ₹5 लाख से भी कम की क़ीमत रखती है। calculator इसे ऋणात्मक असली रिटर्न बताकर चेतावनी दिखाएगा।

स्थिति 2: कम कर-दर, कम महँगाई

अब वही FD, पर मान लें श्रीमती वर्मा की कर-दर 20% है और महँगाई 5%।

  1. शुद्ध दर = 7.5% x 0.80 = 6%
  2. कर के बाद मूल्य = 5,00,000 x 1.06^5 = लगभग ₹6,69,113 (कुल कर लगभग ₹48,702)
  3. असली दर = 1.06 / 1.05 - 1 = लगभग 0.95%
  4. आज के पैसे में मूल्य = लगभग ₹5,24,267

अब क्रय-शक्ति बहुत थोड़ी बढ़ी है। तुलना के लिए, अगर कोई कर न होता (0%) और महँगाई 5% होती, तो असली दर लगभग 2.38% होती। इस तरह आप देख सकते हैं कि कर कितना हिस्सा खा जाता है।

स्थिति 3: कर कब लगता है

अब एक युवा साधन के उदाहरण में ₹3,00,000, 10 साल, 12% रिटर्न, कर-दर 12.5% और महँगाई 6%। अगर कर हर साल लगे: कर-बाद मूल्य लगभग ₹8,14,224 और असली दर लगभग 4.25%। अगर कर सिर्फ़ अंत में गेन पर लगे: कर-बाद मूल्य लगभग ₹8,52,785, कर-बाद सालाना दर लगभग 11.01% और असली दर लगभग 4.73%। यानी कर की टाइमिंग से भी नतीजा बदलता है, क्योंकि जब कर बाद में कटता है तो पैसा पूरे समय पूरा बढ़ता रहता है। यह एक "मान लीजिए" वाली तुलना है, असली साधनों के नियम इससे अलग हो सकते हैं।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • कर से पहले की दर हर साल एक-सी मानी गई है। असली रिटर्न बदलते रहते हैं।
  • यह एकमुश्त निवेश पर चलता है। हर महीने की SIP या RD जैसी किस्तों के लिए अलग calculator चाहिए।
  • सेस, सरचार्ज, छूट, कटौती, इंडेक्सेशन, TDS और अलग-अलग होल्डिंग अवधि के नियम शामिल नहीं हैं। पेज ख़ुद यही लिखता है।
  • महँगाई एक औसत है। आपकी निजी महँगाई (जैसे शिक्षा या इलाज का खर्च) अलग हो सकती है।
  • फंड का खर्च, ब्रोकरेज या निकासी का शुल्क शामिल नहीं हैं।
  • नतीजे अनुमान हैं, गारंटी या सलाह नहीं। असल नतीजे बैंक या कंपनी की शर्तों, शुल्क और कर से अलग हो सकते हैं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

बचत का असली मक़सद संख्या बढ़ाना नहीं, ज़रूरत की चीज़ें आराम से ख़रीदने की क्षमता बचाना है। यह calculator उसी क्षमता की नाप-जोख में मदद करता है।

यह सामग्री केवल शैक्षिक जानकारी के लिए है, निवेश, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं। कर की दरें और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए आयकर विभाग जैसे आधिकारिक स्रोत या योग्य सलाहकार से पुष्टि करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
सिर्फ़ ब्याज दर देखकर न चुनें

दो साधनों में तुलना हमेशा कर और महँगाई के बाद के रिटर्न पर करें।

2
अपनी असली कर दर डालें

कर दर आपके कुल आय पर निर्भर है। किसी और की दर से अपना हिसाब न करें; अगर पक्का नहीं तो कर सलाहकार से पूछें।

3
महँगाई दो तरह से परखें

कम और ज़्यादा, दोनों महँगाई पर चलाएँ। इससे दिखता है कि आपका निवेश किस हद तक सुरक्षित है।

4
"आज के पैसे में" वाली पंक्ति पढ़ें

भविष्य की रकम को आज की क़ीमत में बदलकर ही लक्ष्य से मिलाएँ, वरना रकम बड़ी दिखकर भ्रम पैदा करती है।

5
कर वाला विकल्प सही चुनें

FD जैसे साधनों में "हर साल" चुनें, और गेन बेचने पर कर वाले साधनों में "अंत में"। आपके साधन पर नियम अलग हो तो उसे देखें।

6
असली रिटर्न बढ़ाने के तरीक़े खोजें

कर-कुशल साधन और लंबी अवधि पर विचार करने के लिए संबंधित calculator देखें। कोई साधन बिना जोखिम के बेहतर रिटर्न नहीं देता।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

FD ब्याज पर आपकी स्लैब दर से कर लगता है। अगर 7% ब्याज, 30% कर और 5% महँगाई हो तो कर के बाद लगभग 4.9% और असली रिटर्न लगभग −0.1% बचता है, यानी ख़रीदने की ताक़त लगभग वहीं की वहीं।

नाममात्र रिटर्न वह है जो बैंक या फ़ंड बताता है। असली रिटर्न में कर और महँगाई का असर घटाकर ख़रीदने की ताक़त की बढ़त दिखती है।

क्योंकि दोनों चक्रवृद्धि में चलती हैं। इसलिए (1 + रिटर्न) ÷ (1 + महँगाई) − 1 ज़्यादा सटीक है, जो सीधे घटाव से थोड़ा अलग आता है।

इसका मतलब सिर्फ़ यह है कि महँगाई कमाई से आगे निकल गई। सुरक्षा या तरलता के लिए कभी यह चुनाव समझदारी का भी हो सकता है।

हर साल कर से बढ़त पर ही कर कटने से चक्रवृद्धि धीमी रहती है। अंत में कर से पूरी रकम बढ़ती रहती है और कर आख़िर में एक बार कटता है।

यह सिर्फ़ शुरुआती उदाहरण है। अपनी लागू दर बदलकर डालें, और 0% भी डाल सकते हैं।

नहीं। इन्हें शामिल करने के लिए कर दर थोड़ी ऊँची डाल सकते हैं, पर सही गणना के लिए कर सलाहकार से मिलें।

नहीं। TDS कर का अग्रिम भुगतान है। अंतिम कर आपकी पूरी आय पर तय होता है।

नहीं। जैसे कुछ गेन पर सालाना छूट सीमा, वह यहाँ नहीं जोड़ी गई है। इसलिए अंत में कर वाले साधनों में कर थोड़ा बढ़ा हुआ दिख सकता है।

अपने परिवार के वास्तविक ख़र्चों की महँगाई का अंदाज़ा सबसे उपयोगी रहता है। आम बाज़ार दर से वह अलग हो सकती है।

नहीं। यह सिर्फ़ ख़रीदने की ताक़त पर असर दिखाता है। FD सुरक्षा और तरलता भी देती है, जिसका मूल्य अलग से सोचें।

क्योंकि सालाना रिटर्न की गणना कम से कम एक साल पर चलती है। छोटी अवधि के लिए अलग तरीक़े से देखें।

नहीं। यहाँ स्थिर माना गया है। असली रिटर्न और महँगाई हर साल बदलते रहते हैं।

एक बार में एक साधन। अलग-अलग दर और कर के साथ दो-तीन बार चलाकर नतीजे मिलाएँ।

नहीं। यह सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान है। निर्णय अपने लक्ष्य, जोखिम और कर की स्थिति देखकर लें।

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