निवेश

PPF अकाउंट: ब्याज, लिमिट, निकासी और 15 साल का हिसाब

PPF Account: Interest, Limits, Withdrawals and the 15-Year Math

ASHA PaisaGyan Editorial Team 22 Oct 2026 Updated: 29 Oct 2026 6 min read 11 views
Share:

PPF सरकारी गारंटी वाली लंबी अवधि की बचत योजना है। सालाना लिमिट, ब्याज का तरीका, 5 तारीख़ का नियम, निकासी और 15 साल में कितना बन सकता है, सरल उदाहरण के साथ।

Contents

जिन्हें बाज़ार का जोखिम पसंद नहीं और जो लंबी अवधि के लिए सुरक्षित बचत चाहते हैं, उनके लिए PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) एक जानी-पहचानी योजना है। इसे भारत सरकार चलाती है और इसे बैंक या पोस्ट ऑफ़िस में खोला जा सकता है। (PPF बनाम ELSS की तुलना के लिए हमारा तुलना पेज भी देखें।)

मुख्य नियम

  • अवधि: 15 साल; उसके बाद 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ा सकते हैं।
  • जमा: एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1,50,000।
  • ब्याज दर: सरकार हर तिमाही तय करती है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए 7.1% वार्षिक है; आगे यह बदल सकती है।
  • ब्याज की गणना: हर महीने की 5 तारीख़ से महीने के अंत के बीच की न्यूनतम शेष राशि पर, और साल के अंत में खाते में जुड़ता है।
  • खाता: एक व्यक्ति एक ही PPF खाता रख सकता है।

5 तारीख़ का नियम क्यों ज़रूरी है?

अगर आप महीने की 5 तारीख़ के बाद पैसा डालते हैं, तो उस महीने उस रकम पर ब्याज नहीं मिलता। इसलिए जो लोग सालाना रकम एक साथ डालते हैं, वे अप्रैल की 1 से 5 तारीख़ के बीच डालना पसंद करते हैं, ताकि पूरे साल का ब्याज मिले।

15 साल में कितना बन सकता है? (उदाहरण)

मान लीजिए आप हर साल अप्रैल की शुरुआत में ₹1,50,000 जमा करते हैं और दर पूरे समय 7.1% रहती है (जो पक्का नहीं है, क्योंकि दर बदलती रहती है)। 15 साल में आपका कुल निवेश ₹22.5 लाख होगा और परिपक्वता पर रकम लगभग ₹40.7 लाख बन सकती है। यानी लगभग ₹18.2 लाख ब्याज। असली रकम दरों के हिसाब से कम या ज़्यादा हो सकती है।

निकासी और लोन

  • लोन: खाता खुलने के तीसरे से छठे वित्त वर्ष तक मिल सकता है।
  • आंशिक निकासी: सातवें वित्त वर्ष से, शेष राशि के एक सीमित हिस्से तक।
  • समय से पहले बंद करना: सिर्फ़ विशेष परिस्थितियों में (जैसे गंभीर बीमारी या उच्च शिक्षा) और कुछ शर्तों के साथ।

टैक्स

पुरानी कर-व्यवस्था में PPF का जमा 80C की ₹1.5 लाख की सीमा में गिना जाता है। ब्याज और परिपक्वता की रकम कर-मुक्त है। नई कर-व्यवस्था में 80C की छूट नहीं मिलती, पर ब्याज की कर-मुक्ति तब भी लागू रहती है। (अपनी स्थिति के लिए ताज़ा नियम देखें।)

किसके लिए ठीक, किसके लिए नहीं?

PPF गारंटी और टैक्स-मुक्त ब्याज देता है, पर लॉक-इन लंबा है और ब्याज दर महँगाई से बस थोड़ी ऊपर रह सकती है। लंबी अवधि के कर-मुक्त हिस्से के रूप में यह ठीक है; अकेले इसी पर सारा निवेश टिकाना उचित नहीं माना जाता।

आधिकारिक स्रोत

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, वित्तीय, कर या कानूनी सलाह नहीं। नियम और दरें बदल सकती हैं; निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत देखें। अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026।

निष्कर्ष / Conclusion

PPF धैर्य की योजना है। नियम सरल हैं: हर साल जमा करें, 5 तारीख़ याद रखें और 15 साल तक बने रहें।

अच्छा लगा? दूसरों के साथ Share करो
Share:
Quick Summary
PPF में सालाना ₹500 से ₹1.5 लाख जमा होते हैं, अवधि 15 साल है, ब्याज दर सरकार हर तिमाही तय करती है (अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए 7.1%), और परिपक्वता पर रकम कर-मुक्त रहती है।
🧠 Quick Quiz — कितना याद रहा?
00:00
Question 1/1

1. PPF की मूल अवधि कितनी है?

PPF 15 साल की योजना है और 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ाई जा सकती है।
⚠️ Common Mistakes vs Best Practices
❌ महीने की 5 तारीख़ के बाद जमा करना
✅ पूरे ब्याज के लिए 5 तारीख़ तक जमा करें।
❌ सारा निवेश सिर्फ़ PPF पर टिकाना
✅ अन्य निवेश के साथ संतुलन रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख, चाहे किश्तों में डालें या एक साथ।

भारत सरकार हर तिमाही दरें घोषित करती है, इसलिए यह बदल सकती है।

हाँ, अभिभावक के माध्यम से, पर एक व्यक्ति के कुल जमा की सीमा अभिभावक और नाबालिग के खातों को मिलाकर ₹1.5 लाख रहती है।

⚠️ अस्वीकरण: यह वेबसाइट केवल शैक्षणिक और जानकारी के उद्देश्य से बनाई गई है। यहाँ दी गई कोई भी जानकारी निवेश, कर, बीमा या वित्तीय सलाह नहीं है। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी SEBI पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

⚠️ Disclaimer: This website is for educational and informational purposes only. Nothing here constitutes investment, tax, insurance, or financial advice. Please consult a SEBI-registered financial advisor before making any financial decisions.

A
ASHA PaisaGyan Editorial Team

ASHA PaisaGyan की editorial team — finance को आसान Hindi में समझाने के लिए। हमारा content सिर्फ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, investment advice नहीं। Data और नियमों के sources के लिए Disclaimer page देखें।

Contents
Quick Poll

आप अपनी इनकम का बजट किस तरीके से बनाते हैं?

क्विक SIP
पूरा कैलकुलेटर खोलें →

Estimate only, not advice.
सिर्फ़ अनुमान, सलाह नहीं।

Comments (0)

Comment करने के लिए login करें।

सबसे पहले comment करें!

कुछ Suggest करना है? 💡

शुक्रिया! आपका feedback मिल गया। 🙏

Display Settings
थीम चुनो
Font Size
Aa