जिन्हें बाज़ार का जोखिम पसंद नहीं और जो लंबी अवधि के लिए सुरक्षित बचत चाहते हैं, उनके लिए PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) एक जानी-पहचानी योजना है। इसे भारत सरकार चलाती है और इसे बैंक या पोस्ट ऑफ़िस में खोला जा सकता है। (PPF बनाम ELSS की तुलना के लिए हमारा तुलना पेज भी देखें।)
मुख्य नियम
- अवधि: 15 साल; उसके बाद 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ा सकते हैं।
- जमा: एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1,50,000।
- ब्याज दर: सरकार हर तिमाही तय करती है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए 7.1% वार्षिक है; आगे यह बदल सकती है।
- ब्याज की गणना: हर महीने की 5 तारीख़ से महीने के अंत के बीच की न्यूनतम शेष राशि पर, और साल के अंत में खाते में जुड़ता है।
- खाता: एक व्यक्ति एक ही PPF खाता रख सकता है।
5 तारीख़ का नियम क्यों ज़रूरी है?
अगर आप महीने की 5 तारीख़ के बाद पैसा डालते हैं, तो उस महीने उस रकम पर ब्याज नहीं मिलता। इसलिए जो लोग सालाना रकम एक साथ डालते हैं, वे अप्रैल की 1 से 5 तारीख़ के बीच डालना पसंद करते हैं, ताकि पूरे साल का ब्याज मिले।
15 साल में कितना बन सकता है? (उदाहरण)
मान लीजिए आप हर साल अप्रैल की शुरुआत में ₹1,50,000 जमा करते हैं और दर पूरे समय 7.1% रहती है (जो पक्का नहीं है, क्योंकि दर बदलती रहती है)। 15 साल में आपका कुल निवेश ₹22.5 लाख होगा और परिपक्वता पर रकम लगभग ₹40.7 लाख बन सकती है। यानी लगभग ₹18.2 लाख ब्याज। असली रकम दरों के हिसाब से कम या ज़्यादा हो सकती है।
निकासी और लोन
- लोन: खाता खुलने के तीसरे से छठे वित्त वर्ष तक मिल सकता है।
- आंशिक निकासी: सातवें वित्त वर्ष से, शेष राशि के एक सीमित हिस्से तक।
- समय से पहले बंद करना: सिर्फ़ विशेष परिस्थितियों में (जैसे गंभीर बीमारी या उच्च शिक्षा) और कुछ शर्तों के साथ।
टैक्स
पुरानी कर-व्यवस्था में PPF का जमा 80C की ₹1.5 लाख की सीमा में गिना जाता है। ब्याज और परिपक्वता की रकम कर-मुक्त है। नई कर-व्यवस्था में 80C की छूट नहीं मिलती, पर ब्याज की कर-मुक्ति तब भी लागू रहती है। (अपनी स्थिति के लिए ताज़ा नियम देखें।)
किसके लिए ठीक, किसके लिए नहीं?
PPF गारंटी और टैक्स-मुक्त ब्याज देता है, पर लॉक-इन लंबा है और ब्याज दर महँगाई से बस थोड़ी ऊपर रह सकती है। लंबी अवधि के कर-मुक्त हिस्से के रूप में यह ठीक है; अकेले इसी पर सारा निवेश टिकाना उचित नहीं माना जाता।
आधिकारिक स्रोत
यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, वित्तीय, कर या कानूनी सलाह नहीं। नियम और दरें बदल सकती हैं; निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत देखें। अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026।
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