हर महीने की बँधी बचत

Recurring Deposit (RD) Calculator

Recurring Deposit (RD): हर महीने की बचत पर तिमाही चक्रवृद्धि के साथ परिपक्वता रकम, ब्याज और कर के बाद का सालाना रिटर्न — Bank RD या Post Office RD।

  • Bank RD और Post Office RD
  • तिमाही चक्रवृद्धि
  • वरिष्ठ नागरिक की अतिरिक्त दर
  • कर के बाद का रिटर्न
  • तिमाही-वार बैलेंस तालिका
  • जमा बनाम ब्याज चार्ट
आशुग्या की सलाहRD से मासिक बचत की आदत बनती है। किस्त समय पर न दें तो जुर्माना लग सकता है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

RD (Recurring Deposit) कैसे काम करता है?

  • RD में आप हर महीने तय रकम जमा करते हैं; जमा पर ब्याज तिमाही जुड़ता है, इसलिए पिछला ब्याज भी आगे कमाता है।
  • यहाँ हिसाब महीना-दर-महीना किया गया है: हर महीने की शुरुआत में किस्त जमा, महीने का ब्याज जमा होता रहता है और हर 3 महीने पर बैलेंस में जुड़ता है। नतीजे को सूत्र M = P × [(1+r/4)^n − 1] / [1 − (1+r/4)^(−1/3)] से मिलाकर देखा गया है; फ़र्क बहुत छोटा रहता है, बैंक की अपनी पद्धति से कुछ रुपये अलग हो सकते हैं।
  • Post Office RD: न्यूनतम ₹100 प्रति माह और ₹10 के गुणकों में; मानक अवधि 5 साल। Bank RD की दर और अवधि हर बैंक की अलग होती है।
  • वरिष्ठ नागरिकों को कई बैंक RD पर अतिरिक्त दर देते हैं (यहाँ कॉन्फ़िग में तय, सिर्फ़ Bank RD के लिए)।
  • RD का ब्याज आपकी आय में जुड़कर आपके स्लैब के अनुसार कर-योग्य है; ब्याज एक सीमा से ऊपर जाने पर बैंक / पोस्ट ऑफ़िस TDS काट सकते हैं — मौजूदा सीमा आधिकारिक स्रोत में जाँचें।
The Post Office RD rate shown is as of the Oct–Dec 2026 quarter (from secondary sources); bank RD rates differ by bank and tenure. Please check the latest Ministry of Finance notification / India Post and your bank's rate card.
दिखाई गई Post Office RD दर अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही की है (द्वितीयक स्रोतों से); बैंक RD की दरें बैंक और अवधि के अनुसार अलग होती हैं। कृपया वित्त मंत्रालय की ताज़ा अधिसूचना / India Post और अपने बैंक की दर-सूची जाँच लें।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Instalments are deposited at the start of each month. Interest for each month is (credited balance × rate ÷ 12) and is added to the balance at the end of every quarter (compounding every 3 months); any part-quarter at the end is paid as simple interest. Post-tax interest = interest × (1 − your slab %). Yield is the yearly rate (IRR) at which the monthly instalments grow to the maturity amount. The month-wise result is cross-checked against M = P × [(1+r/4)^n − 1] / [1 − (1+r/4)^(−1/3)], n = quarters.

किस्त हर महीने की शुरुआत में जमा मानी गई है। हर महीने का ब्याज = (जुड़ चुकी बैलेंस × दर ÷ 12) है और हर तिमाही के अंत में बैलेंस में जुड़ता है (हर 3 महीने पर चक्रवृद्धि); अंत में अधूरी तिमाही का ब्याज साधारण ब्याज के रूप में मिलता है। कर के बाद ब्याज = ब्याज × (1 − आपका स्लैब %)। यील्ड वह सालाना दर (IRR) है जिस पर मासिक किस्तें परिपक्वता रकम तक पहुँचती हैं। मासिक नतीजे को M = P × [(1+r/4)^n − 1] / [1 − (1+r/4)^(−1/3)] (n = तिमाहियाँ) से मिलाकर जाँचा गया है।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही

Estimate only, for learning — not advice. Rates change and each bank / post office has its own method of counting days and quarters, so the real maturity can differ by a few rupees. Interest tax is shown as a simple "interest × your slab %" illustration (cess, surcharge, rebate and TDS rules are not modelled). Premature closure and penalties are not included. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। दरें बदलती रहती हैं और हर बैंक / पोस्ट ऑफ़िस दिन और तिमाही गिनने का अपना तरीका अपनाता है, इसलिए असली परिपक्वता रकम कुछ रुपये अलग हो सकती है। ब्याज पर कर सिर्फ़ "ब्याज × आपका स्लैब %" के रूप में उदाहरण है (उपकर, अधिभार, छूट और TDS के नियम शामिल नहीं)। समय से पहले बंद करना और जुर्माना शामिल नहीं हैं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • RD में हर महीने की किस्त के साथ ब्याज तिमाही जुड़ता है, इसलिए शुरुआती किस्तें ज़्यादा देर कमाती हैं।
  • पेज की ब्याज दर (Bank 6.5%, Post Office 6.7%) उदाहरण हैं; अपने बैंक या डाकघर की ताज़ा दर स्लाइडर पर डालें।
  • RD का ब्याज आपके स्लैब के हिसाब से कर-योग्य है। स्लैब चुनकर कर के बाद की परिपक्वता रकम और असली सालाना रिटर्न देखें।
  • हिसाब महीना-दर-महीना है, इसलिए बैंक की पासबुक से कुछ रुपयों का फ़र्क़ आ सकता है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज का डिफ़ॉल्ट: ₹10,000 महीना, 5 साल

अंकित Bank RD में ₹10,000 महीना 5 साल के लिए रखता है। दर उदाहरण के तौर पर 6.5% और कर स्लैब 0% (कर न दिखाएँ)।

कुल जमा
₹6,00,000
परिपक्वता रकम
लगभग ₹7,09,922
कमाया ब्याज
लगभग ₹1,09,922
सालाना असली रिटर्न (yield)
लगभग 6.66%

तिमाही चक्रवृद्धि की वजह से असली सालाना रिटर्न घोषित 6.5% से थोड़ा ऊपर, लगभग 6.66%, दिखता है।

वही RD, पर 30% स्लैब वाली पूजा के लिए

पूजा वही ₹10,000 की 5 साल की RD करती है और उसकी आय पर 30% स्लैब लगता है (सरल अनुमान: ब्याज × स्लैब)।

ब्याज
लगभग ₹1,09,922
कर (30%)
लगभग ₹32,977
कर के बाद ब्याज
लगभग ₹76,945
कर के बाद रकम
लगभग ₹6,76,945
कर के बाद सालाना रिटर्न
लगभग 4.77%

कर के बाद असली रिटर्न 6.66% से गिरकर करीब 4.77% रह गया। अपना स्लैब चुनकर नतीजा ज़रूर देखें।

Post Office RD में ₹5,000 महीना

लक्ष्मी Post Office RD में ₹5,000 महीना 5 साल के लिए जमा करती है। दर उदाहरण के तौर पर 6.7% (पेज का उदाहरण)।

कुल जमा
₹3,00,000
परिपक्वता रकम
लगभग ₹3,56,836
कमाया ब्याज
लगभग ₹56,836
सालाना असली रिटर्न (yield)
लगभग 6.87%

Post Office RD में किस्त ₹10 के गुणकों में होनी चाहिए और अवधि मानक रूप से 5 साल है। दर हर तिमाही बदल सकती है।

मासिक किस्त बदलने पर (5 साल, 6.5% उदाहरण दर)

मासिक किस्त बदलने पर (5 साल, 6.5% उदाहरण दर)
मासिक किस्तकुल जमापरिपक्वता रकम (≈)ब्याज (≈)
₹1,000₹60,000₹70,992₹10,992
₹2,000₹1,20,000₹1,41,984₹21,984
₹5,000₹3,00,000₹3,54,961₹54,961
₹10,000₹6,00,000₹7,09,922₹1,09,922
₹25,000₹15,00,000₹17,74,805₹2,74,805

किस्त दोगुनी होने पर नतीजा भी लगभग दोगुना होता है। दर बदलेगी तो संख्याएँ बदलेंगी।

अवधि बदलने पर (₹10,000 महीना, 6.5% उदाहरण दर)

अवधि बदलने पर (₹10,000 महीना, 6.5% उदाहरण दर)
अवधिकुल जमापरिपक्वता रकम (≈)
1 साल₹1,20,000₹1,24,289
2 साल₹2,40,000₹2,56,856
3 साल₹3,60,000₹3,98,251
5 साल₹6,00,000₹7,09,922
7 साल₹8,40,000₹10,64,490
10 साल₹12,00,000₹16,89,912

अवधि जितनी लंबी, ब्याज पर ब्याज का असर उतना बड़ा। Post Office RD की मानक अवधि 5 साल है; अन्य अवधियाँ यहाँ सिर्फ़ उदाहरण हैं।

त्वरित संदर्भ: RD कैलकुलेटर

त्वरित संदर्भ: RD कैलकुलेटर
किस्तहर महीने की शुरुआत में जमा मानी गई
ब्याज की गिनतीहर महीने की बैलेंस पर दर ÷ 12, तिमाही के अंत में जोड़ा जाता है
अवधिपेज में 6 से 120 महीने (0.5 से 10 साल)
Post Office RD किस्तकम से कम ₹100 और ₹10 के गुणकों में
Bank RD किस्तकम से कम ₹100 (पेज की सीमा), गुणक की शर्त नहीं
वरिष्ठ नागरिकBank RD पर पेज में 0.5% अतिरिक्त दर का विकल्प (उदाहरण)
करब्याज × चुना स्लैब का सरल अनुमान
इस पेज में क्या नहींसमय से पहले बंद करने की कटौती, TDS, cess, surcharge, rebate

Recurring Deposit (RD) Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

हर किसी के पास एकमुश्त बड़ी रकम नहीं होती, पर लगभग हर किसी के पास हर महीने कुछ हज़ार रुपये अलग रखने की गुंजाइश होती है। Recurring Deposit, यानी RD, ऐसे ही लोगों के लिए बनी योजना है: आप हर महीने एक तय रकम बैंक या पोस्ट ऑफ़िस में जमा करते हैं, तय अवधि तक, और अवधि पूरी होने पर जमा की गई रकम और उस पर बना ब्याज एक साथ मिलता है।

RD Calculator इस सवाल का जवाब देता है: "अगर मैं हर महीने इतनी किस्त इतने महीनों/सालों तक इस ब्याज दर पर जमा करूँ, तो अंत में मुझे कितनी रकम मिलेगी, उसमें से कितना ब्याज होगा, और ब्याज पर कर के बाद असल में कितना बचेगा?"

पेज पर दो तरह की RD का विकल्प है: Bank RD और Post Office RD। बटन बदलते ही सामान्य ब्याज दर, न्यूनतम किस्त और किस्त के गुणक के नियम उसी प्रकार के हिसाब से बदल जाते हैं। इसके अलावा वरिष्ठ नागरिक के लिए अतिरिक्त दर का एक स्विच है और ब्याज पर कर का उदाहरण दिखाने के लिए स्लैब चुनने का विकल्प।

किसके काम का है

  • दुकानदार और छोटे व्यापारी, जो हर महीने दुकान की कमाई में से तय रकम अलग रखकर साल-दो साल बाद किसी ख़र्च के लिए पूँजी जोड़ना चाहते हैं।
  • नौकरीपेशा माता-पिता, जो बच्चे की फ़ीस, स्कूटर, शादी या यात्रा जैसे निश्चित लक्ष्य के लिए अनुशासित बचत चाहते हैं।
  • पहली बार बचत करने वाले लोग, जिन्हें शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव से डर लगता है और जो तय ब्याज वाली योजना पसंद करते हैं।
  • वरिष्ठ नागरिक, जो अपनी पेंशन का एक हिस्सा हर महीने किसी निश्चित योजना में लगाना चाहते हैं और अतिरिक्त दर का असर देखना चाहते हैं।
  • वे लोग जो Bank RD और Post Office RD में उलझे हैं और दोनों की संख्याएँ आमने-सामने रखना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

  • RD का प्रकार: Bank RD या Post Office RD। प्रकार बदलने पर ब्याज दर का डिब्बा उस प्रकार की सामान्य दर से अपने-आप भर जाता है। पहली बार पेज खुलने पर या साझा लिंक से आने पर आपकी डाली हुई दर नहीं बदली जाती।
  • मासिक किस्त (₹): ₹100 से ₹1,00,000 तक। न्यूनतम किस्त दोनों प्रकार में ₹100 है। Post Office RD में किस्त ₹10 के गुणकों में होनी चाहिए (जैसे ₹2,000, ₹2,010), जबकि Bank RD में ₹1 के गुणक पर्याप्त हैं। गलत रकम डालने पर पेज साफ़ संदेश देता है।
  • अवधि और अवधि किसमें: एक संख्या और दूसरा विकल्प साल या महीने का। इस calculator में अवधि 6 महीने से 120 महीने (10 साल) के बीच, पूरे महीनों में होनी चाहिए। मानक Post Office RD 5 साल (60 महीने) की योजना है; दूसरी अवधियाँ पेज पर केवल उदाहरण के लिए हैं।
  • ब्याज दर (% सालाना): 3% से 10% के बीच। इस calculator में Bank RD की सामान्य दर 6.5% और Post Office RD की 6.7% रखी गई है, जो पेज पर बताई गई तिमाही के हिसाब से द्वितीयक स्रोतों से ली गई हैं। बैंक की दरें बैंक और अवधि के अनुसार अलग होती हैं और पोस्ट ऑफ़िस की दर सरकार हर तिमाही घोषित करती है, इसलिए अपने बैंक की दर-सूची या India Post की साइट से ताज़ा दर ज़रूर मिलाएँ।
  • वरिष्ठ नागरिक (स्विच): चालू करने पर सिर्फ़ Bank RD की दर में 0.5% अतिरिक्त जुड़ता है (यह मान पेज की सेटिंग में तय है)। Post Office RD में ऐसा कोई अतिरिक्त नहीं जुड़ता। असल में हर बैंक की अपनी शर्तें हैं, इसलिए अपने बैंक से पूछें।
  • ब्याज पर आपका कर स्लैब: 0% (कर न दिखाएँ), 5%, 10%, 15%, 20%, 25% या 30%। यह केवल एक उदाहरण है कि ब्याज का कितना हिस्सा कर में जा सकता है।
ध्यान दें: ब्याज दर और कर के नियम बदलते रहते हैं। यह पेज जो दरें दिखाता है, वे केवल शुरुआती मान हैं। किस्त शुरू करने से पहले अपने बैंक या India Post की ताज़ा जानकारी जाँचें।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर परिपक्वता रकम (कर से पहले) दिखती है, साथ में अवधि, RD का प्रकार और दर। उसके नीचे पंक्तियाँ:

  • कुल जमा: किस्त × महीनों की संख्या, यानी आपकी अपनी जेब से गई रकम।
  • कमाया ब्याज: परिपक्वता रकम में से कुल जमा घटाने पर बचा हिस्सा।
  • इस्तेमाल की गई दर: अगर वरिष्ठ नागरिक का स्विच चालू है तो अतिरिक्त दर सहित।
  • ब्याज पर कर (उदाहरण): अगर आपने कोई स्लैब चुना है, तो ब्याज × स्लैब %।
  • कर के बाद ब्याज और कर के बाद परिपक्वता रकम (जमा + कर के बाद ब्याज)।
  • प्रभावी सालाना यील्ड (कर से पहले और कर के बाद): यह संख्या सबसे दिलचस्प है। इसे ऐसे समझिए: चूँकि RD में आपका पैसा धीरे-धीरे जाता है, पहली किस्त पूरी अवधि बैंक के पास रहती है, पर आख़िरी किस्त बस एक महीना। इसलिए "6.5% दर" का मतलब यह नहीं कि आपके पूरे पैसे ने 6.5% कमाया। यील्ड वह सालाना दर है जिस पर आपकी मासिक किस्तें अंतिम रकम तक पहुँचती हैं, और वह ज़्यादातर बताई गई दर के क़रीब या थोड़ी ऊपर निकलती है, क्योंकि तिमाही चक्रवृद्धि का असर जुड़ता है।

एक तिमाही तालिका हर तीसरे महीने के अंत में तीन कॉलम दिखाती है: जमा, ब्याज, बैलेंस। और एक चार्ट महीना-दर-महीना बैलेंस और जमा की रेखाएँ दिखाता है। दोनों के बीच की बढ़ती दूरी ही आपकी कमाई है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • पहले लक्ष्य लिखें, फिर किस्त। अगर आपको 3 साल बाद ₹2 लाख चाहिए, तो किस्त बदलते-बदलते वह बिंदु खोजें जहाँ परिपक्वता रकम लक्ष्य के क़रीब आ जाए। यह उल्टा हिसाब सीधे इस पेज पर नहीं है, पर आप आज़माकर पहुँच सकते हैं।
  • अवधि को साल और महीने दोनों में आज़माएँ। "30 महीने" जैसी अवधि के लिए "महीने" विकल्प चुनें।
  • Bank RD बनाम Post Office RD: दोनों प्रकार पर वही किस्त और अवधि चलाकर देखें। पर याद रखें कि दरें और नियम अलग-अलग हैं और पेज की दरें केवल शुरुआती मान हैं।
  • कर स्लैब आज़माएँ। 0% से 30% तक बदलकर देखें कि कर के बाद की यील्ड कैसे घटती है। इस तुलना से यह भी समझ आता है कि उच्च स्लैब वालों के लिए कर के बाद की कमाई महँगाई से सिर्फ़ मामूली ऊपर रह सकती है।
  • तिमाही तालिका से रुकावट-बिंदु पहचानें। अगर आपको बीच में पैसों की ज़रूरत पड़ने की संभावना है तो तालिका देखकर समझें कि किस महीने तक कितना जमा हो चुका होगा।
  • RD के साथ आपात-निधि अलग रखें। अगर RD बीच में तोड़नी पड़े तो बैंक की शर्तों के अनुसार ब्याज घट सकता है, इसलिए रोज़मर्रा की आपात-ज़रूरतें RD पर निर्भर न करें।
उदाहरण: ₹5,000 महीना और 36 महीने में जमा रकम ₹1.8 लाख है। उस पर 6.5% के मान्य रिटर्न पर ब्याज लगभग ₹19,000 बनता है। इसे ऐसे पढ़ें: आपकी बचत की आदत ने तीन साल में लगभग 10% अतिरिक्त जोड़ा।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  1. RD की दर को पूरे जमा पर मिली दर मानना। पहली किस्त पूरे समय बैंक के पास रहती है, आख़िरी किस्त सिर्फ़ एक महीने। इसलिए कुल ब्याज उतना नहीं होता जितना कोई सोचे कि ₹1.8 लाख पर 3 साल का 6.5%।
  2. किस्त चूकना। असली RD में देर से जमा पर जुर्माना लग सकता है या खाता बंद भी हो सकता है, और यह calculator इन्हें मॉडल नहीं करता। ऑटो-डेबिट लगाना सुरक्षित है।
  3. सिर्फ़ ब्याज दर से तुलना करना। लिक्विडिटी, समय से पहले बंद करने की शर्तें और बैंक या पोस्ट ऑफ़िस की सुविधा भी मायने रखती है।
  4. कर भूल जाना। RD का ब्याज आपकी आय में जुड़ता है। कर के बाद की यील्ड वही संख्या है जो आपकी जेब में मायने रखती है।
  5. वरिष्ठ नागरिक की अतिरिक्त दर को हर जगह लागू मान लेना। यह बैंक की नीति है, इसलिए अपने बैंक की पुष्टि करें।
  6. RD को FD का विकल्प समझना। FD में एकमुश्त रकम लगती है; RD में किस्तों में। जिनके पास अभी एकमुश्त रकम है, उनके लिए FD और RD का हिसाब अलग है।
  7. बताई गई दर को हर शर्त पर लागू मान लेना। बैंक अवधि के हिसाब से अलग दरें देते हैं, इसलिए जिस अवधि की RD खोलनी है, उसी अवधि की दर लें।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

इस calculator में हिसाब महीना-दर-महीना किया जाता है:

  1. हर महीने की शुरुआत में किस्त जमा होती है।
  2. हर महीने उस समय तक जुड़ चुके बैलेंस पर मासिक ब्याज = बैलेंस × दर ÷ 12 ÷ 100 जुड़ता रहता है, पर बैलेंस में तुरंत नहीं मिलता।
  3. हर 3 महीने (तिमाही) के अंत में जमा हुआ ब्याज बैलेंस में जुड़ जाता है। यानी ब्याज पर ब्याज तिमाही आधार पर मिलता है।
  4. अगर अवधि तिमाही की पूरी संख्या में नहीं बँटती, तो आख़िर की अधूरी तिमाही का ब्याज साधारण ब्याज के रूप में जुड़ता है।
  5. कर का उदाहरण = ब्याज × आपका स्लैब %। उपकर, अधिभार, छूट और TDS जैसे नियम शामिल नहीं हैं।
  6. यील्ड bisection विधि (बार-बार आधा करके खोजने की विधि) से निकाली जाती है, यानी वह सालाना दर जिस पर मासिक किस्तें अंतिम रकम तक पहुँचें।

इस हिसाब को एक मानक सूत्र से भी मिलाकर देखा गया है: M = P × [(1+r/4)^n − 1] / [1 − (1+r/4)^(−1/3)], जहाँ n तिमाहियों की संख्या है। दोनों में फ़र्क़ बहुत छोटा रहता है। बैंक या पोस्ट ऑफ़िस दिन और तिमाही गिनने का अपना तरीक़ा अपनाते हैं, इसलिए असली रकम कुछ रुपये अलग हो सकती है।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए रमेश, कानपुर में किराने की दुकान चलाते हैं। वे अपनी बेटी की स्कूटी के लिए तीन साल में पैसा जोड़ना चाहते हैं और हर महीने दुकान की कमाई से ₹5,000 अलग करने का फ़ैसला करते हैं। उन्होंने Bank RD चुना, दर 6.5% (मान लीजिए), अवधि 3 साल, और अपना कर स्लैब 20% रखकर देखा।

कुल जमा: 5,000 × 36 = ₹1,80,000।

परिपक्वता रकम (कर से पहले): लगभग ₹1,99,126।

कमाया ब्याज: 1,99,126 − 1,80,000 = लगभग ₹19,126।

कर का उदाहरण (20%): 19,126 × 20% ≈ ₹3,825।

कर के बाद ब्याज: लगभग ₹15,301, और कर के बाद परिपक्वता रकम ≈ 1,80,000 + 15,301 = ₹1,95,301।

प्रभावी यील्ड: कर से पहले लगभग 6.66% सालाना, कर के बाद लगभग 5.36%।

तालिका की कुछ झलकियाँ: पहली तिमाही के अंत (महीना 3) तक कुल जमा ₹15,000 और बैलेंस लगभग ₹15,163; पहले साल के अंत (महीना 12) में जमा ₹60,000 और बैलेंस लगभग ₹62,144; दूसरे साल के अंत में जमा ₹1,20,000 और बैलेंस लगभग ₹1,28,428। ध्यान दें कि ब्याज की कमाई हर साल थोड़ी तेज़ी से बढ़ती है, क्योंकि बैलेंस बड़ा हो चुका होता है।

अगर रमेश वरिष्ठ नागरिक होते (मान लीजिए बैंक सचमुच 0.5% अतिरिक्त देता है), तो स्विच चालू करने पर दर 7.0% हो जाती और वही किस्त तीन साल में लगभग ₹2,00,691 बनती, यानी करीब ₹1,565 ज़्यादा। जो रकम छोटी लगती है, पर यह दिखाता है कि आधा प्रतिशत भी अवधि के साथ जुड़ता है।

एक और परिदृश्य: अगर कोई Post Office RD में ₹2,000 महीना 5 साल, 6.7% पर जमा करे (दर पेज की मान्यता, ताज़ा दर India Post से जाँचें), तो कुल जमा ₹1,20,000 पर परिपक्वता लगभग ₹1,42,735 और ब्याज लगभग ₹22,735 बनता है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • दरें बदलती रहती हैं। पेज की दरें केवल उदाहरण मान हैं और द्वितीयक स्रोतों से हैं। अंतिम दर बैंक या India Post से ही लें।
  • कर का हिसाब सरल है। यह केवल "ब्याज × आपका स्लैब %" है। उपकर, अधिभार, कर की छूट, 87A जैसी राहत और TDS शामिल नहीं हैं। ताज़ा नियम के लिए Income Tax Department की साइट देखें।
  • समय से पहले बंद करना या जुर्माना शामिल नहीं। अगर खाता बीच में बंद होता है तो ब्याज घटेगा।
  • ऋण सुविधा, नॉमिनेशन और नियम शामिल नहीं हैं।
  • दिन और तिमाही की गिनती हर संस्था की अपनी होती है, इसलिए बैंक की रसीद की रकम इस पेज से कुछ रुपये अलग हो सकती है।
  • महँगाई नहीं घटाई गई। भविष्य की रकम की क्रय-शक्ति आज से कम होगी।
  • अवधि सीमा: पेज 6 से 120 महीने ही स्वीकार करता है; असल योजनाओं की अवधियाँ अलग हो सकती हैं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Post Office RD Calculator — पोस्ट ऑफ़िस RD के नियमों के साथ विशेष हिसाब।
  • FD Calculator — जब आपके पास एकमुश्त रकम हो।
  • SIP Calculator — जब आप बाज़ार से जुड़े नियमित निवेश से तुलना करना चाहें।
  • Interest Income Tax Calculator — ब्याज की आय पर कर का विस्तृत अंदाज़ा।
  • Goal SIP Calculator — लक्ष्य से उल्टा चलकर मासिक रकम निकालने के लिए।
  • Real Return After Tax Calculator — कर और महँगाई के बाद असली कमाई देखने के लिए।

RD उन लोगों की योजना है जो छोटे कदम नियमितता से उठाते हैं। इस calculator से अंदाज़ा लगाइए, फिर अपने बैंक या पोस्ट ऑफ़िस से शर्तें पढ़कर ही खाता खोलिए।

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है; नतीजे अनुमान हैं और यह निवेश, कर या क़ानूनी सलाह नहीं है।

6 काम की बातें याद रखें

1
अपने बैंक की दर और अवधि डालें

Bank RD की दर बैंक और अवधि पर निर्भर है। पेज का 6.5% सिर्फ़ संकेत है, अपने बैंक के rate card की दर भरें।

2
किस्त ऐसी रखें जो हर महीने सहज रहे

किस्त चूकने पर बैंक या डाकघर के नियम से शुल्क लग सकता है। उतनी ही रकम चुनें जिसे आप बिना दबाव के भर सकें।

3
कर के बाद का रिटर्न देखें

ऊँचे स्लैब में कर के बाद का रिटर्न काफ़ी घट सकता है। तुलना हमेशा कर के बाद करें।

4
अलग-अलग विकल्पों से तुलना करें

RD की तुलना FD, PPF और SIP जैसे विकल्पों से अपने लक्ष्य और अवधि के हिसाब से करें, सिर्फ़ दर देखकर नहीं।

5
लक्ष्य की तारीख़ से अवधि चुनें

पैसा जिस तारीख़ पर चाहिए उससे थोड़ा पहले परिपक्वता रखें, ताकि ज़रूरत पर इंतज़ार न करना पड़े।

6
परिपक्वता पर पैसे का अगला क़दम पहले सोचें

परिपक्वता रकम को नई RD, FD या किसी लक्ष्य में लगाने की योजना पहले से बनाएँ, ताकि रकम बेकार न पड़ी रहे।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

ज़्यादातर बैंक और पोस्ट ऑफ़िस RD में ब्याज तिमाही (हर 3 महीने) जुड़ता है, यानी पिछला ब्याज भी आगे कमाता है। यह calculator हर महीने की किस्त पर महीना-दर-महीना हिसाब करके हर तिमाही के अंत में ब्याज बैलेंस में जोड़ता है। बैंक की अपनी पद्धति से कुछ रुपये का फ़र्क हो सकता है।

Post Office RD में न्यूनतम ₹100 प्रति माह और ₹10 के multiples में किस्त होती है, मानक अवधि 5 साल है। द्वितीयक स्रोतों के अनुसार अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही में दर 6.7% है; सही दर के लिए India Post देखें।

RD का ब्याज आपकी आय में जुड़कर आपके slab के अनुसार taxable होता है। ब्याज तय सीमा से ऊपर होने पर बैंक TDS भी काट सकता है। यहाँ दिखाया गया "कर के बाद ब्याज" सिर्फ़ एक सरल उदाहरण है (ब्याज × आपका slab %), cess और rebate शामिल नहीं हैं।

कई बैंक senior citizens को RD पर लगभग 0.5% अतिरिक्त दर देते हैं, पर यह हर बैंक पर निर्भर है। यहाँ इस अतिरिक्त दर को config में बदला जा सकता है और यह सिर्फ़ Bank RD पर जुड़ती है। अपने बैंक की दर-सूची ज़रूर जाँचें।

FD में एक बार में बड़ी रकम जमा होती है, RD में हर महीने छोटी किस्त। इसलिए RD नियमित बचत की आदत बनाने के लिए सुविधाजनक है।

हिसाब सरल रखने के लिए। असल में बैंक या डाकघर का तरीक़ा (तारीख़ों की गिनती) थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए रकम में कुछ रुपये का फ़र्क़ संभव है।

हर तीन महीने के अंत में तब तक बना ब्याज बैलेंस में जुड़ जाता है और अगली तिमाही में उस पर भी ब्याज बनता है।

यह वह सालाना दर है जिस पर आपकी मासिक किस्तें परिपक्वता रकम तक पहुँचती हैं। चक्रवृद्धि के कारण यह घोषित दर से कुछ ऊपर दिख सकती है।

"अवधि किसमें" में महीने चुनें और 6 से 120 के बीच की संख्या डालें, जैसे 18 महीने।

पेज में अतिरिक्त दर सिर्फ़ Bank RD पर जुड़ती है, Post Office RD पर नहीं। बैंक की असली अतिरिक्त दर उसकी अपनी नीति पर निर्भर है।

आम तौर पर बैंक या डाकघर के नियम से जुर्माना लग सकता है, और बहुत देर होने पर खाता बंद भी हो सकता है। अपने बैंक/डाकघर से शर्तें पक्की करें।

कई बैंक और डाकघर RD पर तय शर्तों के साथ लोन देते हैं। शर्तें और ब्याज वहीं से पूछें; यह पेज उसे नहीं गिनता।

तब पेज कर नहीं दिखाता और कर से पहले की परिपक्वता रकम और रिटर्न ही दिखता है।

पेज में हर 3 महीने पर यानी साल में चार बार। असल में बैंक का तरीक़ा अलग हो सकता है।

नहीं। कर यहाँ ब्याज × आपके स्लैब का सरल अनुमान है। TDS, cess, surcharge और rebate के नियम शामिल नहीं हैं।

नहीं। समय से पहले बंद करने पर दर कम होने या शुल्क लगने जैसे नियम बैंक/डाकघर के अनुसार अलग हैं और यहाँ मॉडल नहीं हैं।

नहीं। नतीजा नाममात्र रकम है। उसकी क्रय-शक्ति जानने के लिए महँगाई calculator साथ में देखें।

दर तय करने का मतलब है कि बैंक/डाकघर तय दर देगा, पर यह पेज सिर्फ़ अनुमान है। असली रकम पासबुक और नियम से मिलाएँ।

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