सरकारी गारंटी वाली FD

Post Office Time Deposit (TD) Calculator

पोस्ट ऑफ़िस टाइम डिपॉज़िट (TD): 1, 2, 3 या 5 साल की FD पर मैच्योरिटी की रकम और ब्याज, तिमाही चक्रवृद्धि के साथ।

  • 1, 2, 3, 5 साल की अवधि
  • तिमाही चक्रवृद्धि
  • अपनी दर डालने का विकल्प
  • असली सालाना रिटर्न
  • साल-दर-साल रकम
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहपोस्ट ऑफ़िस TD की दर हर तिमाही बदल सकती है, पर जमा के समय की दर पूरी अवधि चलती है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

पोस्ट ऑफ़िस टाइम डिपॉज़िट की ख़ास बातें

पोस्ट ऑफ़िस TD बैंक FD जैसी योजना है जो भारत सरकार की गारंटी पर चलती है। इसमें 1, 2, 3 और 5 साल की अवधि मिलती है। ब्याज हर तिमाही गिना जाता है, इसलिए यहाँ मैच्योरिटी की रकम तिमाही चक्रवृद्धि मानकर निकाली गई है। दरें सरकार हर तिमाही तय करती है और जमा करते समय की दर पूरी अवधि के लिए लागू रहती है। 5 साल वाली TD पर पुरानी कर-व्यवस्था में धारा 80C की छूट मिल सकती है।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Maturity = P × (1 + r/400)^(4 × years): interest is added to the deposit every quarter. The rate is the Government-notified rate for the selected term unless you enter your own.

मैच्योरिटी = P × (1 + r/400)^(4 × साल): ब्याज हर तिमाही जमा में जुड़ता है। दर चुनी हुई अवधि की सरकार द्वारा अधिसूचित दर है, जब तक आप अपनी दर न डालें।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 9 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: अक्टूबर–दिसंबर 2026 तिमाही की दरें

Estimate only, for learning — not advice. Post Office rates are set by the Government every quarter and the rates in this tool may be out of date; check the latest rate with India Post. Interest is taxable. The maturity amount assumes interest compounds quarterly and is not withdrawn before maturity. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। पोस्ट ऑफ़िस की दरें सरकार हर तिमाही तय करती है और इस टूल की दरें पुरानी हो सकती हैं; ताज़ा दर India Post से जाँच लें। ब्याज कर-योग्य है। मैच्योरिटी की रकम यह मानती है कि ब्याज तिमाही जुड़ता है और अवधि से पहले नहीं निकाला जाता। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • मैच्योरिटी = जमा × (1 + दर ÷ 400)^(4 × साल)। ब्याज हर तिमाही जमा में जुड़ता माना गया है।
  • तिमाही जुड़ने से असली सालाना रिटर्न घोषित दर से थोड़ा ऊपर निकलता है। जैसे 7.5% की घोषित दर पर यह लगभग 7.71% बनता है।
  • पेज में हर अवधि की जो दर भरी है वह एक उदाहरण है। सरकार दरें हर तिमाही तय करती है, इसलिए ताज़ा दर India Post से जाँचें या "अपनी दर" में डालें।
  • ब्याज कर-योग्य है। यहाँ का नतीजा कर से पहले की रकम है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

कमला: 5 साल की जमा (शुरुआती संख्याएँ)

कमला ₹1,00,000 पाँच साल के लिए जमा करती है। पेज की उदाहरण दर 7.5%।

जमा की रकम
₹1,00,000
लागू दर
7.5% सालाना
असली सालाना रिटर्न
7.71%
कुल ब्याज
लगभग ₹44,995
मैच्योरिटी पर रकम
लगभग ₹1,44,995

पाँच साल में रकम लगभग 1.45 गुना हुई। तिमाही जुड़ने से घोषित 7.5% की जगह असली रिटर्न 7.71% रहा।

रमेश: सिर्फ़ 1 साल के लिए

रमेश के पास बोनस के ₹5,00,000 हैं जो उसे एक साल बाद चाहिए। पेज की उदाहरण दर 6.9%।

जमा की रकम
₹5,00,000
लागू दर
6.9% सालाना
असली सालाना रिटर्न
7.08%
कुल ब्याज
लगभग ₹35,403
1 साल बाद रकम
लगभग ₹5,35,403

कम अवधि में दर थोड़ी कम होती है, पर पैसा जल्दी वापस मिल जाता है। लक्ष्य की तारीख़ देखकर अवधि चुनें।

सरोज: अपनी दर डालकर 3 साल का हिसाब

सरोज ₹3,00,000 तीन साल के लिए जमा करना चाहती है। "अपनी दर" में वह 7.1% डालती है (उदाहरण)।

जमा की रकम
₹3,00,000
लागू दर
7.1% सालाना
असली सालाना रिटर्न
7.29%
कुल ब्याज
लगभग ₹70,523
3 साल बाद रकम
लगभग ₹3,70,523

दर बदलने पर वह खुद डालकर तुरंत नया नतीजा देख सकती है। यही तरीक़ा तब भी काम आता है जब तिमाही की दर बदल जाए।

₹1,00,000 की जमा: अवधि बनाम मैच्योरिटी (पेज की उदाहरण दरों पर)

₹1,00,000 की जमा: अवधि बनाम मैच्योरिटी (पेज की उदाहरण दरों पर)
अवधिउदाहरण दरकुल ब्याजमैच्योरिटी की रकम
1 साल6.9%₹7,081₹1,07,081
2 साल7.0%₹14,888₹1,14,888
3 साल7.1%₹23,508₹1,23,508
5 साल7.5%₹44,995₹1,44,995

दरें सिर्फ़ उदाहरण हैं और हर तिमाही बदल सकती हैं। ताज़ा दर India Post से जाँचें।

5 साल की जमा: दर बदलने का असर (₹1,00,000)

5 साल की जमा: दर बदलने का असर (₹1,00,000)
सालाना दरकुल ब्याजमैच्योरिटी की रकम
6.5%₹38,042₹1,38,042
7.0%₹41,478₹1,41,478
7.5%₹44,995₹1,44,995
8.0%₹48,595₹1,48,595
8.5%₹52,279₹1,52,279

आधा प्रतिशत दर का फ़र्क़ पाँच साल में ₹1 लाख पर लगभग ₹3,500 का अंतर बनाता है।

त्वरित संदर्भ: पोस्ट ऑफ़िस टाइम डिपॉज़िट

त्वरित संदर्भ: पोस्ट ऑफ़िस टाइम डिपॉज़िट
यह क्या हैडाकघर की तय अवधि वाली जमा योजना (बैंक FD जैसी), 1, 2, 3 या 5 साल।
मैच्योरिटी का सूत्रजमा × (1 + दर ÷ 400)^(4 × साल)
असली सालाना दर(1 + दर ÷ 400)^4 − 1
ब्याज का तरीक़ातिमाही चक्रवृद्धि मानी गई है
दर किसने तय कीसरकार तिमाही अधिसूचित करती है; पेज की दरें उदाहरण के तौर पर भरी हैं
अपनी दरस्लाइडर 0 पर रहे तो योजना की उदाहरण दर, वरना आपकी डाली दर
पाँच साल वाली TDपेज के अनुसार इस पर 80C की कटौती लागू हो सकती है (पुरानी कर-व्यवस्था में, सीमा के भीतर)
इस पेज में क्या नहींसमय से पहले निकासी, कर, ब्याज का भुगतान-विकल्प और जमा सीमा की शर्तें।

Post Office Time Deposit (TD) Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

पोस्ट ऑफ़िस टाइम डिपॉज़िट, यानी TD, बैंक की FD जैसी योजना है। इसमें आप एकमुश्त रकम तय अवधि के लिए जमा करते हैं और अवधि पूरी होने पर रकम ब्याज सहित वापस मिलती है। फ़र्क़ यह है कि यह भारत सरकार की गारंटी पर चलने वाली डाकघर की योजना है, और इसमें 1, 2, 3 और 5 साल की अवधियाँ मिलती हैं, हर अवधि की अपनी दर के साथ। यह calculator बताता है कि आपकी जमा रकम मैच्योरिटी पर कितनी हो जाएगी।

आप जमा की रकम और अवधि चुनते हैं। दर अपने-आप भर जाती है (या आप अपनी दर डाल सकते हैं)। calculator तिमाही चक्रवृद्धि मानकर मैच्योरिटी की रकम, कुल ब्याज, "असली सालाना रिटर्न", साल-दर-साल बैलेंस और एक चार्ट दिखाता है। साथ में यह भी लिखा आता है कि 80C का मुद्दा आपकी अवधि पर लागू हो सकता है या नहीं।

ध्यान दें: पोस्ट ऑफ़िस की दरें सरकार हर तिमाही तय करती है। इस पेज की दरें एक खास तिमाही (अक्टूबर से दिसंबर 2026) की मानी हुई हैं और पुरानी हो सकती हैं। निवेश से पहले India Post से ताज़ा दर ज़रूर पक्की करें।

किसके काम का है

  • सुरक्षित और सरल विकल्प चाहने वाले परिवार, जिन्हें शेयर बाज़ार के उतार-चढ़ाव से घबराहट होती है और जो सरकारी योजना में पैसा रखना पसंद करते हैं।
  • सेवानिवृत्त लोग, जो एकमुश्त रकम (जैसे ग्रेच्युटी या PF का पैसा) को कुछ साल के लिए सुरक्षित रखना चाहते हैं।
  • छोटे शहरों और गाँवों के लोग, जिनके लिए डाकघर बैंक से नज़दीक है।
  • बैंक FD से तुलना करने वाले, जो देखना चाहते हैं कि डाकघर TD से मैच्योरिटी पर कितना मिलेगा।
  • टैक्स-नियोजन में लगे लोग, जो जानना चाहते हैं कि 5 साल की TD पर पुरानी कर-व्यवस्था में 80C का मुद्दा क्या हो सकता है।
  • शादी, पढ़ाई या मकान की मरम्मत जैसी जानी-पहचानी अवधि की ज़रूरत वाले लोग, जो अवधि को तारीख़ से मिलाना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर तीन फ़ील्ड हैं।

  1. जमा की रकम (₹): ₹1,000 से ₹5 करोड़ तक, ₹1,000 के कदम पर, शुरुआती मान ₹1,00,000। अपनी असली जमा रकम डालें। याद रखें कि असली योजना के न्यूनतम और गुणांक के नियम अलग हो सकते हैं; डाकघर में पूछ लें।
  2. अवधि: एक ड्रॉप-डाउन, जिसमें चार विकल्प हैं और हर के साथ इस calculator की मानी हुई दर लिखी है: 1 साल (6.9%), 2 साल (7.0%), 3 साल (7.1%) और 5 साल (7.5%)। शुरुआती चयन 5 साल है।
  3. अपनी दर डालें (0 = योजना की दर): 0 से 10% तक, 0.05 के कदम पर, शुरुआती मान 0। अगर 0 रखें, तो चुनी हुई अवधि की योजना-दर इस्तेमाल होती है। अगर आप कोई और दर डालें (जैसे बदली हुई ताज़ा दर या तुलना के लिए कोई मान), तो वही दर लग जाती है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

मैच्योरिटी पर रकम

ऊपर का बड़ा आँकड़ा, और उसके नीचे लिखा आता है "X साल, Y% सालाना (तिमाही चक्रवृद्धि)"।

नीचे की पंक्तियाँ

  • जमा की रकम: जो आपने डाली।
  • कुल ब्याज: मैच्योरिटी रकम घटा जमा रकम।
  • लागू दर: योजना की या आपकी डाली हुई दर।
  • असली सालाना रिटर्न: दर सालाना कही जाती है, पर तिमाही चक्रवृद्धि के कारण साल भर में असल बढ़त थोड़ी ज़्यादा होती है। उदाहरण के तौर पर 7.5% की दर पर यह लगभग 7.71% बैठती है। इसी से आप बैंक की FD या किसी और विकल्प की सालाना बढ़त की सीधी तुलना कर सकते हैं।
  • 80C (सिर्फ़ 5 साल, पुरानी कर-व्यवस्था): 5 साल की अवधि चुनने पर यहाँ "लागू हो सकती है" लिखा आता है, बाकी अवधियों पर "लागू नहीं"। यह केवल संकेत है। अंतिम पात्रता, सीमा और शर्तें आयकर विभाग की आधिकारिक जानकारी से देखनी चाहिए।
  • दरें किस तिमाही की: बताता है कि कौन-सी तिमाही की दरें मानी गई हैं।

Pie chart, रेखा-चार्ट और तालिका

Pie chart जमा और ब्याज का अनुपात दिखाता है। रेखा-चार्ट सालों के साथ रकम की बढ़त दिखाता है। तालिका में हर साल का ब्याज और साल के अंत में रकम है, जिससे साफ़ दिखता है कि ब्याज हर साल बढ़ता क्यों है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

अवधि को अपनी ज़रूरत की तारीख़ से मिलाएँ

अगर 3 साल बाद आपको मकान की मरम्मत के लिए पैसा चाहिए, तो 3 साल की TD पर रकम देखें। अगर आप 5 साल की देखें और 3 साल पर ज़रूरत पड़ जाए, तो समय से पहले निकासी के नियम काम आएँगे, जो यहाँ नहीं हैं।

चारों अवधियों को एक-एक करके देखें

वही रकम डालकर चारों अवधियाँ बदलें। फिर हर के लिए "असली सालाना रिटर्न" देखें। इससे साफ़ होता है कि लंबी अवधि वाली दर क्या अतिरिक्त देती है।

सीढ़ी (ladder) बनाने की तैयारी

कुछ लोग रकम को बाँटकर अलग-अलग अवधि में रखते हैं। जैसे ₹6 लाख को 1, 2 और 3 साल की TD में ₹2-2 लाख करके। इस तरह हर साल कोई न कोई TD परिपक्व होती रहती है। हर हिस्से के लिए अलग-अलग गणना कर लें।

बैंक FD से तुलना करें

वही रकम और अवधि FD Calculator में डालकर देखें। दोनों जगह की दर अलग हो सकती है। सरकारी गारंटी और बैंक की प्रकृति का अंतर तो है, पर यह calculator केवल गणित का हिसाब देता है, गुणवत्ता का नहीं।

कर के बाद का अनुमान लगाएँ

ब्याज कर-योग्य है। नतीजे में आया ब्याज Interest Income Tax Calculator में डालकर अपने स्लैब के हिसाब से देखें कि हाथ में कितना बचेगा।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • भ्रम: "दर हमेशा वही रहेगी जो आज है।" दरें हर तिमाही बदल सकती हैं। खरीदते समय की दर उस जमा पर लागू होती है, पर आपका अगला निवेश नई दर पर होगा।
  • ग़लती: मैच्योरिटी रकम को आज के पैसे की ताक़त में पढ़ना। 5 साल बाद ₹4.35 लाख की ख़रीद-शक्ति महँगाई के कारण आज से कम होगी।
  • ग़लती: ब्याज को हर तिमाही निकाल लेने की उम्मीद। यह calculator मानता है कि ब्याज जमा में जुड़ता रहता है और अवधि के अंत में मिलता है।
  • भ्रम: "5 साल की TD में 80C हमेशा काम करेगा।" पेज ख़ुद इसे केवल पुरानी कर-व्यवस्था के संदर्भ में दिखाता है, और वह भी सीमा के भीतर। पात्रता और सीमा आधिकारिक नियम पर निर्भर है और बदल सकती है।
  • ग़लती: अपनी दर डालकर भूल जाना। अगर आपने तुलना के लिए कोई दूसरी दर डाली है और उसे 0 पर लौटाना भूल गए, तो पेज योजना की दर नहीं, आपकी दर पर चलेगा।
  • भ्रम: "सबसे लंबी अवधि हमेशा सबसे अच्छी है।" अपनी नकदी की ज़रूरत से मिलाए बिना यह नहीं कहा जा सकता।
  • ग़लती: ब्याज पर टैक्स भूल जाना। ब्याज आपकी आय में जुड़ता है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

सूत्र: मैच्योरिटी = जमा रकम गुना (1 + दर भाग 400) की घात (4 गुना साल)।

यानी ब्याज हर तिमाही जमा में जुड़ता है, और अगली तिमाही का ब्याज उस बढ़े हुए बैलेंस पर बनता है। 5 साल की अवधि में कुल 20 तिमाहियाँ होती हैं।

  • दर: चुनी हुई अवधि की मानी हुई दर, जब तक आप अपनी दर न डालें।
  • साल-दर-साल तालिका में हर साल के अंत का बैलेंस इसी सूत्र से निकलता है, उसी साल तक के लिए।
  • असली सालाना रिटर्न = (1 + दर भाग 400) की घात 4, घटा 1, गुना 100।

मान्यताएँ: ब्याज बीच में निकाला नहीं जाता, दर पूरी अवधि में वही रहती है और अवधि पूरी होने तक रकम बनी रहती है। समय से पहले बंद करने पर नियम अलग हो सकते हैं, जो यहाँ नहीं गिने जाते।

एक पूरा उदाहरण

उदाहरण 1: 5 साल की TD

मान लीजिए रमेश, एक सरकारी स्कूल के रिटायर्ड क्लर्क, ने ₹3,00,000 की रकम 5 साल के लिए रखने का सोचा। calculator की मानी हुई दर 7.5% है।

  • तिमाही दर = 7.5 भाग 4 = 1.875%।
  • 5 साल में 20 तिमाहियाँ।
  • मैच्योरिटी = 3,00,000 गुना (1.01875 की घात 20) = लगभग ₹4,34,984।
  • कुल ब्याज = लगभग ₹1,34,984।
  • असली सालाना रिटर्न = लगभग 7.71%।

साल-दर-साल बैलेंस: पहले साल के अंत में लगभग ₹3,23,141, दूसरे में ₹3,48,067, तीसरे में ₹3,74,915, चौथे में ₹4,03,834 और पाँचवें में ₹4,34,984।

अगर रमेश अपनी दर 7.8% डालकर "क्या होगा" देखे, तो मैच्योरिटी लगभग ₹4,41,434 आएगी। यानी दर में 0.3 अंक का फ़र्क़ पाँच साल में लगभग ₹6,450 का अंतर देता है।

उदाहरण 2: छोटी अवधि

एक युवा फ्रीलांसर ने ₹1,00,000 की रकम 1 साल के लिए रखी, दर 6.9%। मैच्योरिटी लगभग ₹1,07,081, ब्याज लगभग ₹7,081, और असली सालाना रिटर्न लगभग 7.08%। यहाँ 80C की पंक्ति में "लागू नहीं" दिखेगा।

उदाहरण 3: 3 साल की अवधि

एक गृहिणी ने ₹4,50,000, 3 साल के लिए, 7.1% पर रखे। मैच्योरिटी लगभग ₹5,55,784, ब्याज लगभग ₹1,05,784, असली सालाना रिटर्न लगभग 7.29%।

उदाहरण: तीनों उदाहरणों में दर भले 6.9% से 7.5% के बीच हो, असली सालाना रिटर्न 7.08%, 7.29% और 7.71% आया। तुलना करते समय "असली सालाना रिटर्न" वाली पंक्ति देखना ज़्यादा ईमानदार तुलना है।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह ताज़ा सरकारी दरें नहीं बताता और खुद दरें अपडेट नहीं करता। जो दरें दिखती हैं वे एक तिमाही की मानी हुई हैं।
  • यह समय से पहले निकासी का जुर्माना या घटी हुई दर नहीं गिनता।
  • यह कर, TDS या सरचार्ज का हिसाब नहीं करता।
  • यह महँगाई के बाद की असली रकम नहीं दिखाता।
  • यह नामांकन, संयुक्त खाते और खाता-स्थानांतरण जैसी प्रक्रियाओं पर कुछ नहीं कहता।
  • यह मानता है कि ब्याज तिमाही जुड़ता है। असल में ब्याज के भुगतान और जुड़ने का तरीका योजना के नियमों के अनुसार हो सकता है।
  • न्यूनतम जमा, गुणांक और अधिकतम सीमा जैसे नियम यहाँ पूरी तरह नहीं गिने गए हैं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है। यह निवेश, कर या कानूनी सलाह नहीं है, और ऊपर के सभी आँकड़े उदाहरण भर हैं। दरें और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए निवेश से पहले India Post की आधिकारिक जानकारी देखें।

6 काम की बातें याद रखें

1
जमा से पहले ताज़ा दर देखें

दरें हर तिमाही बदल सकती हैं और जमा के समय की दर पूरी अवधि पर लागू होती है, इसलिए खाता खोलने से पहले ताज़ा दर पक्की करें।

2
अवधि को ज़रूरत की तारीख़ से जोड़ें

जिस तारीख़ को पैसा चाहिए, उसी के क़रीब की अवधि चुनें। समय से पहले निकासी में शर्तें और कटौती लग सकती हैं।

3
कर के बाद की कमाई सोचें

ब्याज कर-योग्य है। अपनी कर-श्रेणी के हिसाब से हाथ में आने वाला ब्याज कम होगा।

4
बैंक FD से तुलना कर लें

बैंक की FD दर और अवधि भी देखें। यहाँ की डाली गई दर बदलकर तुलना आसान हो जाती है।

5
जमा को टुकड़ों में बाँटने की सोचें

अलग-अलग तारीख़ों पर पूरी होने वाली कई छोटी जमाएँ लें तो ज़रूरत के हिसाब से पैसा खुलता रहता है।

6
मैच्योरिटी की तारीख़ याद रखें

तारीख़ को कैलेंडर में डाल दें, ताकि रकम बिना ब्याज के खाते में पड़ी न रहे या अगली योजना का मौक़ा न छूटे।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

पोस्ट ऑफ़िस TD 1, 2, 3 और 5 साल की अवधि के लिए मिलता है। हर अवधि की ब्याज दर अलग होती है और जमा के समय की दर पूरी अवधि के लिए लागू रहती है। दरें सरकार हर तिमाही तय करती है।

ब्याज हर तिमाही गिना जाता है। यह कैलकुलेटर मानता है कि ब्याज हर तिमाही जमा में जुड़ता रहता है और अवधि से पहले नहीं निकाला जाता, इसलिए मैच्योरिटी की रकम तिमाही चक्रवृद्धि से निकलती है।

5 साल वाली TD में जमा की गई रकम पर पुरानी कर-व्यवस्था में धारा 80C के तहत कटौती मिल सकती है (सीमा के भीतर)। मिलने वाला ब्याज कर-योग्य है। नियम बदल सकते हैं, इसलिए ताज़ा क़ानून देखें।

दरें हर तिमाही बदल सकती हैं। कैलकुलेटर में अक्टूबर–दिसंबर 2026 की तिमाही की दरें रखी गई हैं। चाहें तो "अपनी दर डालें" स्लाइडर से ताज़ा दर डालकर हिसाब देख सकते हैं।

थोड़ा। 7.5% की दर पर तिमाही जुड़ने से असली रिटर्न लगभग 7.71% बनता है, जबकि सालाना जुड़ने पर वह 7.5% ही रहता।

तब पेज चुनी हुई अवधि की उदाहरण दर इस्तेमाल करता है। 0 से ऊपर कुछ भी डालें तो वही दर लागू होती है।

पाँच साल में ₹1,00,000 पर 7.5% और 8% के बीच लगभग ₹3,600 का फ़र्क़ आता है। रकम और अवधि बड़ी हो तो फ़र्क़ बढ़ता है।

यह पेज मानता है कि ब्याज मैच्योरिटी तक जमा में ही जुड़ता रहता है। भुगतान के विकल्प और समय-सारणी की जानकारी डाकघर से लें।

नहीं। यह मानता है कि जमा पूरी अवधि चली। समय से पहले निकासी में अलग दर या कटौती लग सकती है, इसके लिए डाकघर से नियम पूछें।

नहीं। ब्याज और मैच्योरिटी की रकम कर से पहले की है। कर आपकी आय के हिसाब से अलग बनेगा।

नहीं। स्लाइडर में कोई भी रकम चुनी जा सकती है, पर असली योजना की शर्तें अलग हो सकती हैं। जमा करने से पहले डाकघर से पुष्टि करें।

आम तौर पर जमा के समय की दर पूरी अवधि के लिए लागू रहती है। नियम बदल सकते हैं, इसलिए अपने खाते की शर्तें पढ़ें।

योजना भारत सरकार की ओर से चलती है, यानी जमा पर सरकार की जवाबदेही रहती है। इसका मतलब बढ़ती महँगाई में रकम की ख़रीद-शक्ति की गारंटी नहीं है।

नहीं। मैच्योरिटी की रकम रुपयों में है। महँगाई के बाद की असली बढ़त जानने के लिए Inflation Calculator देखें।

दर, अवधि और जुड़ने के तरीक़े पर निर्भर है। बैंक की दर यहाँ "अपनी दर" में डालकर सीधे तुलना कर सकते हैं।

यह योजना 1, 2, 3 और 5 साल में ही चलती है, इसलिए पेज में यही चार विकल्प हैं।

यह पेज मैच्योरिटी तक ही हिसाब देता है। उसके बाद की व्यवस्था डाकघर के नियमों पर निर्भर है, इसलिए पहले से पता कर लें।

नहीं। यह सिर्फ़ शैक्षणिक गणना है। जमा करने से पहले ताज़ा दरें और शर्तें डाकघर से पक्की करें।

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