कटौतियों का नक्शा

Tax Saver Planner

देखिए हर सेक्शन में कितनी सीमा है, आपने कितनी इस्तेमाल की और कितनी बची है — और Old व New Regime में टैक्स का फ़र्क़ कितना बैठता है।

  • हर सेक्शन में सीमा और बची गुंजाइश
  • Old बनाम New Regime का टैक्स
  • 80C, NPS, हेल्थ इंश्योरेंस
  • होम लोन ब्याज और बचत ब्याज
  • सीनियर सिटिज़न की अलग सीमा
  • सीमा पूरी भरने पर टैक्स का उदाहरण
आशुग्या की सलाहटैक्स बचाने के लिए निवेश सिर्फ़ टैक्स देखकर नहीं, अपने लक्ष्य और नकदी की ज़रूरत देखकर भी चुनें।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

New Regime में नहीं मिलतीं
  • 80C / 123 (EPF, PPF, ELSS, LIC आदि)
  • 80CCD(1B) / 124(3) - NPS के ₹50,000
  • 80D / 126 - हेल्थ इंश्योरेंस
  • खुद के घर के होम लोन ब्याज की कटौती (24(b) / 22)
  • 80TTA / 80TTB (153) - बचत / FD ब्याज
  • HRA जैसी कई छूटें
  • 80E (शिक्षा लोन ब्याज), 80G (दान) और ज़्यादातर बाकी Chapter VI-A कटौतियाँ
New Regime में मिलती हैं
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000
  • नियोक्ता का NPS योगदान 80CCD(2) / 124 (14% तक)
  • किराये पर दिए घर के होम लोन ब्याज की कटौती
  • अग्निवीर कॉर्पस फंड 80CCH

ये सीमाएँ FY 2026-27 के लिए हैं। नियम बदल सकते हैं - आधिकारिक पेज पर जाँच लें। Income-tax Act 2025 (1 अप्रैल 2026 से लागू) में धाराओं के नए नंबर हैं।

कटौती की सीमा, इस्तेमाल और बची हुई गुंजाइश - एक जगह

Old Regime में कई सेक्शन अलग-अलग सीमा के साथ कटौती देते हैं - जैसे 80C (नया नंबर 123) में ₹1.5 लाख, NPS के अतिरिक्त ₹50,000 और हेल्थ इंश्योरेंस की 80D (नया नंबर 126) की सीमाएँ। New Regime में स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 मिलता है और ज़्यादातर कटौतियाँ नहीं मिलतीं, पर टैक्स की दरें कम हैं।

यह टूल आपकी आय, उम्र-वर्ग और आपकी अब तक की कटौतियाँ लेकर हर सेक्शन की सीमा, इस्तेमाल और बची हुई गुंजाइश दिखाता है, फिर दोनों रिजीम में अनुमानित टैक्स का अंतर बताता है। यह कोई सलाह नहीं है और किसी रिजीम या प्रोडक्ट का सुझाव नहीं देता।

छोटे अक्षरों में: टूल में सरचार्ज, HRA जैसी छूटें, कैपिटल गेन और विशेष दर वाली आय शामिल नहीं हैं, इसलिए नतीजा सिर्फ़ मोटा अनुमान है। असली टैक्स आपकी पूरी आय पर निर्भर करता है; ITR भरते समय या CA से जाँच लें।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

For each deduction the tool shows the statutory annual limit, the amount you say you have already used, and the room left (limit minus used, never below zero). Taxable income is then worked out twice. Old regime: income minus standard deduction (Rs 50,000) minus the deductions you entered, each capped at its limit. New regime: income minus standard deduction (Rs 75,000), where only the employer NPS contribution is allowed as a further deduction. Tax is computed on the slab rates for each regime and age group, the section 87A / 156 rebate is applied when taxable income is within its limit (old Rs 5 lakh; new Rs 12 lakh), and 4% cess is added. The difference between the two totals is shown as a plain number, not a recommendation. Surcharge, HRA and special-rate incomes are left out.

हर कटौती के लिए टूल कानूनी सालाना सीमा, आपकी बताई इस्तेमाल की गई रकम और बची गुंजाइश (सीमा घटा इस्तेमाल, शून्य से नीचे नहीं) दिखाता है। फिर कर-योग्य आय दो बार निकाली जाती है। Old Regime में: आय घटा स्टैंडर्ड डिडक्शन (₹50,000) घटा आपकी डाली हुई कटौतियाँ, हर एक अपनी सीमा तक। New Regime में: आय घटा स्टैंडर्ड डिडक्शन (₹75,000), और आगे सिर्फ़ नियोक्ता का NPS योगदान गिना जाता है। हर रिजीम और उम्र-वर्ग की स्लैब दरों पर टैक्स निकलता है, कर-योग्य आय सीमा के अंदर हो तो 87A / 156 की छूट लगती है (Old: ₹5 लाख तक, ₹12,500; New: ₹12 लाख तक, ₹60,000), फिर 4% सेस जुड़ता है। दोनों कुल रकम का अंतर सिर्फ़ एक संख्या के रूप में दिखता है, यह सुझाव नहीं है। सरचार्ज, HRA, बाकी छूटें और विशेष दर वाली आय शामिल नहीं हैं।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 5 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: Oct 2026

Illustration only, not tax advice. This planner uses the limits and slab rates in force for FY 2026-27 as read from the Income Tax Department site, and ignores surcharge, HRA, capital gains and other incomes. It does not recommend a tax regime or any product. Rules can change; verify on incometax.gov.in or with a qualified tax professional before you file.
सिर्फ़ उदाहरण, टैक्स सलाह नहीं। यह प्लानर FY 2026-27 की सीमाएँ और स्लैब इनकम टैक्स विभाग की साइट के अनुसार इस्तेमाल करता है, और सरचार्ज, HRA, कैपिटल गेन व बाकी आय को नहीं गिनता। यह किसी टैक्स रिजीम या प्रोडक्ट की सलाह नहीं देता। नियम बदल सकते हैं - फ़ाइल करने से पहले incometax.gov.in पर या किसी योग्य टैक्स प्रोफ़ेशनल से जाँच लें।
संक्षेप में
  • पेज हर कटौती की सालाना सीमा, आपकी बताई इस्तेमाल की गई रकम और बची गुंजाइश (सीमा − इस्तेमाल) एक तालिका में दिखाता है।
  • वही आय दोनों रिजीम पर लगाकर अनुमानित टैक्स (cess सहित) दिखता है। यह सिर्फ़ गणित है, किसी रिजीम का सुझाव नहीं।
  • कटौतियाँ मुख्य रूप से Old Regime में काम आती हैं। New Regime में ज़्यादातर नहीं मिलतीं (पेज की सूची में दिखाया गया है)।
  • सरचार्ज, HRA जैसी छूट, कैपिटल गेन और विशेष दर वाली आय शामिल नहीं हैं, इसलिए असली टैक्स अलग हो सकता है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज का डिफ़ॉल्ट: ₹15 लाख की आय

वेतनभोगी (60 से कम) की सालाना आय ₹15,00,000 है। 80C में ₹1,00,000, हेल्थ इंश्योरेंस ₹15,000 और बचत-ब्याज ₹5,000 बताया गया है।

Old Regime: गिनी गई कटौती
₹1,20,000
Old Regime: कर-योग्य आय
₹13,30,000
Old Regime: अनुमानित टैक्स
₹2,19,960
New Regime: कर-योग्य आय
₹14,25,000
New Regime: अनुमानित टैक्स
₹97,500
Old Regime में बची गुंजाइश (80C + NPS + 80D)
₹1,35,000

इन संख्याओं पर New Regime में टैक्स कम बैठा। फ़ैसला सिर्फ़ टैक्स से नहीं, आपकी बचत की योजना और अन्य बातों से भी होता है।

सीमाएँ पूरी भर देने पर

वही ₹15 लाख की आय, पर 80C ₹1,50,000, NPS अतिरिक्त ₹50,000, हेल्थ इंश्योरेंस ₹25,000 (खुद) और ₹25,000 (माता-पिता), होम लोन ब्याज ₹2,00,000 और बचत-ब्याज ₹5,000।

गिनी गई कुल कटौती
₹4,55,000
Old Regime: कर-योग्य आय
₹9,95,000
Old Regime: अनुमानित टैक्स
₹1,15,960
New Regime: अनुमानित टैक्स
₹97,500
दोनों का अंतर
₹18,460

हर कटौती भरने पर भी इन संख्याओं में New Regime का टैक्स कम रहा, पर अंतर घटकर ₹18,460 रह गया। हर किसी के लिए नतीजा अलग होगा।

₹10 लाख की आय: rebate का असर

वेतनभोगी की आय ₹10,00,000 है; बाक़ी वही डिफ़ॉल्ट (80C ₹1,00,000, हेल्थ ₹15,000, बचत-ब्याज ₹5,000)।

Old Regime: कर-योग्य आय
₹8,30,000
Old Regime: अनुमानित टैक्स
₹81,640
New Regime: कर-योग्य आय
₹9,25,000
New Regime: अनुमानित टैक्स
₹0 (rebate सीमा के भीतर)
Old में बची सीमा पूरी भरें तो Old का टैक्स
₹53,560

New Regime में कर-योग्य आय rebate सीमा के भीतर आने से टैक्स शून्य दिखा, जबकि Old Regime में सीमाएँ भरने के बाद भी कुछ टैक्स बचा।

पेज में इस्तेमाल हुई सीमाएँ (FY 2026-27, Old Regime)

पेज में इस्तेमाल हुई सीमाएँ (FY 2026-27, Old Regime)
कटौतीसालाना सीमाटिप्पणी
80C / 123₹1,50,000EPF, PPF, ELSS, बीमा आदि का जोड़
NPS में अतिरिक्त (80CCD(1B) / 124(3))₹50,00080C से अलग
80D / 126: खुद, जीवनसाथी, बच्चे₹25,000 (सीनियर: ₹50,000)हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम
80D / 126: माता-पिता₹25,000 (सीनियर माता-पिता: ₹50,000)अलग सीमा
होम लोन ब्याज (24(b) / 22), खुद का घर₹2,00,000पेज में नियम के अनुसार
बचत / FD ब्याज (80TTA / 80TTB)₹10,000 (सीनियर: ₹50,000)
नियोक्ता का NPS (80CCD(2) / 124)Basic+DA का 10% (निजी) / 14% (सरकारी); New Regime में 14%Old Regime की सीमा नियोक्ता के प्रकार पर निर्भर

सीमाएँ वही हैं जो पेज इस्तेमाल करता है। नियम बदल सकते हैं, इसलिए incometax.gov.in पर जाँच लें।

आय के साथ टैक्स (वही कटौती-प्रोफ़ाइल: 80C ₹1.5 लाख, NPS ₹50,000, हेल्थ ₹25,000, बचत-ब्याज ₹5,000)

आय के साथ टैक्स (वही कटौती-प्रोफ़ाइल: 80C ₹1.5 लाख, NPS ₹50,000, हेल्थ ₹25,000, बचत-ब्याज ₹5,000)
सालाना आयOld Regime टैक्स (≈)New Regime टैक्स (≈)
₹8,00,000₹17,160₹0
₹10,00,000₹58,760₹0
₹12,00,000₹1,00,360₹0
₹15,00,000₹1,85,640₹97,500
₹20,00,000₹3,41,640₹1,92,400
₹25,00,000₹4,97,640₹3,19,800

वेतनभोगी, 60 से कम उम्र, cess सहित, सरचार्ज/HRA/कैपिटल गेन के बिना। यह गणित का उदाहरण है, सुझाव नहीं।

त्वरित संदर्भ: Tax Saver Planner

त्वरित संदर्भ: Tax Saver Planner
बची गुंजाइशसीमा − आपकी बताई रकम (कभी शून्य से कम नहीं)
सीमा से ऊपर की रकमगिनी नहीं जाती; पेज बताता है कि कितनी रकम बाहर रही
Old Regime कर-योग्य आयआय − standard deduction − गिनी गई कटौतियाँ
New Regime कर-योग्य आयआय − standard deduction − नियोक्ता का NPS (सीमा तक)
Standard deduction (पेज में)Old ₹50,000, New ₹75,000 (वेतनभोगी/पेंशनर)
Cessटैक्स पर 4% (पेज की सेटिंग)
सरचार्जआय ₹50 लाख से ऊपर हो तो लगता है, पर पेज में शामिल नहीं
इस पेज में क्या नहींसरचार्ज, HRA, कैपिटल गेन, विशेष दर की आय, अन्य कटौतियाँ

Tax Saver Planner क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

हर साल जनवरी-मार्च के आसपास बहुत से लोग घबराकर निवेश और बीमा की रसीदें इकट्ठा करते हैं, फिर भी पक्का पता नहीं होता कि किस धारा में कितनी गुंजाइश बाक़ी है। Tax Saver Planner इसी उलझन को सुलझाता है। यह पेज एक सीधा सवाल पूछता है: "Old Regime में अलग-अलग कटौतियों की सीमा कितनी है, मैंने अब तक कितनी इस्तेमाल की है, और अभी कितनी जगह बाक़ी है?"

यह सिर्फ़ गिनती है, सलाह नहीं। यानी यह आपको यह नहीं बताएगा कि कहाँ पैसा लगाइए। यह बस हर सेक्शन के लिए तीन संख्याएँ दिखाता है: सालाना सीमा, आपकी बताई इस्तेमाल की हुई रकम और बची हुई गुंजाइश। साथ में नीचे Old Regime और New Regime का अनुमानित टैक्स आमने-सामने रखता है, ताकि आप देख सकें कि इन्हीं संख्याओं पर दोनों में फ़र्क़ कितना बैठता है।

पेज पर इस्तेमाल हुए नियम, स्लैब और सीमाएँ इस वेबसाइट की सेटिंग में FY 2026-27 के लिए रखे गए हैं। कर की दरें, कटौती की सीमाएँ और धाराओं के नंबर बजट या नए Income-tax Act से बदल सकते हैं, इसलिए आख़िरी फ़ैसले से पहले आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाँच ज़रूर लें।

किसके काम का है

  • वेतनभोगी कर्मचारी, जो साल के बीच में जानना चाहते हैं कि 80C और अन्य कटौतियों में अभी कितनी जगह बची है।
  • पहली नौकरी वाले युवा, जिन्हें कटौतियों के नाम तो सुने हैं पर सीमाएँ नहीं पता।
  • सीनियर सिटिज़न और पेंशनर, जिनके लिए स्वास्थ्य बीमा और ब्याज की सीमाएँ अलग हैं।
  • वे लोग, जो Old Regime और New Regime में उलझे हैं और एक मोटा-मोटा गणित चाहते हैं।
  • माता-पिता का स्वास्थ्य बीमा लेने वाले परिवार, जिन्हें उसकी अलग सीमा समझनी है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

इस पेज पर 13 इनपुट हैं। ज़्यादातर स्लाइडर हैं।

  • सालाना कुल आय (₹): ₹3 लाख से ₹1 करोड़ तक। शुरुआती मान ₹15 लाख। यह आपकी कर-योग्य आय से पहले की कुल सालाना आय है, यानी वेतन और अन्य।
  • उम्र: तीन विकल्प: 60 साल से कम, 60 से 79 साल (सीनियर सिटिज़न), और 80+ साल। उम्र के हिसाब से Old Regime के स्लैब और कुछ सीमाएँ बदलती हैं।
  • वेतनभोगी या पेंशनर (toggle): चालू रहने पर स्टैंडर्ड डिडक्शन दोनों रिजीम में घटाया जाता है।
  • सालाना Basic + DA (₹): सिर्फ़ नियोक्ता के NPS योगदान की सीमा निकालने के लिए। वेतन पर्ची से देखें।
  • नियोक्ता: प्राइवेट कंपनी या सरकारी नियोक्ता। इससे NPS में नियोक्ता के योगदान की सीमा का प्रतिशत बदलता है।
  • नियोक्ता का NPS योगदान (₹): अगर कंपनी आपके NPS में अपनी तरफ़ से जमा करती है।
  • 80C में अब तक का निवेश-खर्च (₹): EPF, PPF, ELSS, बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फ़ीस, होम लोन का मूलधन आदि का जोड़। शुरुआती मान ₹1,00,000।
  • NPS में अपना अतिरिक्त योगदान (80CCD(1B)): आपका अपना अतिरिक्त NPS योगदान।
  • हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, खुद और परिवार: आपने भरा हुआ प्रीमियम।
  • हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम, माता-पिता: माता-पिता के लिए अलग प्रीमियम।
  • माता-पिता सीनियर सिटिज़न हैं (toggle): इससे उनकी सीमा बदल जाती है।
  • होम लोन का ब्याज, खुद रहने वाला घर: ब्याज के रूप में चुकाई गई रकम।
  • बचत खाते या FD से मिला ब्याज: साल भर में मिला कुल ब्याज।
ध्यान दें: "गिनी गई रकम" हर सेक्शन में सीमा तक ही गिनी जाती है। अगर आप सीमा से ज़्यादा रकम डालते हैं, तो पेज ऊपर की रकम को अलग से "नहीं गिना गया" लिखकर दिखाता है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर एक बड़ा आँकड़ा है: "Old Regime में अभी बची कुल गुंजाइश (80C + NPS + 80D)"। यह उन सेक्शनों की बची हुई जगह का जोड़ है, जहाँ आप ख़ुद अपनी मर्ज़ी से रकम भर सकते हैं। नीचे लिखा आता है कि यह सिर्फ़ गिनती है, सुझाव नहीं।

उसके बाद एक रंगीन टिप्पणी बॉक्स आता है, जो बताता है कि इन संख्याओं पर किस रिजीम में अनुमानित टैक्स कम बैठ रहा है और कितना कम, या दोनों लगभग बराबर हैं। यह भी साफ़ लिखा होता है कि यह केवल गणित है।

नीचे छह पंक्तियाँ हैं।

  1. Old Regime की कर-योग्य आय।
  2. Old Regime का अनुमानित टैक्स (cess समेत)।
  3. New Regime की कर-योग्य आय।
  4. New Regime का अनुमानित टैक्स (cess समेत)।
  5. दोनों का अंतर।
  6. अगर बची सीमा पूरी इस्तेमाल हो, तो Old Regime का टैक्स कितना होगा। यह सिर्फ़ गणित का उदाहरण है, कोई सुझाव नहीं।

सबसे नीचे एक टेबल है, जिसमें हर सेक्शन के लिए सालाना सीमा, गिनी गई रकम और बची गुंजाइश दिखती है। हर पंक्ति के नीचे एक प्रगति पट्टी (progress bar) है, जो हरी, नीली या नारंगी होकर दिखाती है कि सीमा कितनी भरी है। सीमा पूरी भर जाने पर पट्टी नीली हो जाती है।

सातों पंक्तियों में चार पंक्तियाँ ऐसी हैं जो आपकी इच्छा से भरी जा सकती हैं (80C, NPS का अतिरिक्त ₹50,000, और 80D की दो पंक्तियाँ), इसलिए इन्हीं की बची जगह ऊपर वाले बड़े आँकड़े में जुड़ती है। होम लोन का ब्याज, बचत ब्याज की कटौती और नियोक्ता का NPS आपके ख़र्च या नियोक्ता की व्यवस्था पर निर्भर हैं, इसलिए उन्हें "आपके खर्च पर निर्भर" लिखकर अलग रखा गया है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

साल के बीच में चलाएँ, आख़िरी हफ़्ते में नहीं

अगर आप जून-जुलाई में देख लें कि 80C में कितना बाक़ी है, तो आप साल भर में किस्तों में निवेश कर सकते हैं, बजाय आख़िरी महीने में जल्दबाज़ी में फ़ैसले लेने के।

पहले जो है उसे गिनें

आपके EPF का योगदान, बच्चों की ट्यूशन फ़ीस और होम लोन का मूलधन पहले से 80C में गिने जाते हैं। इसलिए अलग से निवेश करने से पहले इन्हें जोड़कर ही 80C वाला स्लाइडर भरें।

"सीमा से ऊपर नहीं गिने" संदेश पर ध्यान दें

अगर पेज बताए कि आपकी रकम सीमा से ऊपर है, तो अतिरिक्त निवेश से इस कटौती का कोई फ़ायदा नहीं होगा, चाहे निवेश करने के और कारण हों।

दोनों रिजीम की तुलना हर साल दोबारा करें

आय, कटौतियाँ और नियम हर साल बदल सकते हैं। पिछले साल जो रिजीम बेहतर दिखा, ज़रूरी नहीं कि इस साल भी वही रहे।

माता-पिता का toggle न भूलें

माता-पिता सीनियर हैं या नहीं, इस toggle से 80D की सीमा बदलती है। यह छोटी बात नतीजे में स्पष्ट फ़र्क़ ला सकती है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "जितना ज़्यादा निवेश, उतना बेहतर": कटौती सिर्फ़ सीमा तक ही मिलती है, और निवेश आपकी असली ज़रूरत, जोखिम और अवधि से तय होना चाहिए, कर बचाने से नहीं।
  • New Regime में भी 80C चलता है: इस calculator में New Regime में 80C, 80D जैसी ज़्यादातर कटौतियाँ नहीं मानी गई हैं। पेज के ऊपर दोनों सूचियाँ साफ़ दी गई हैं।
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन भूल जाना: वेतनभोगी और पेंशनर के लिए यह स्वतः लगता है। toggle बंद कर देंगे तो टैक्स ज़्यादा दिखेगा।
  • HRA, पूँजीगत लाभ और अन्य आय को शामिल मान लेना: इस tool में ये शामिल नहीं हैं। इसलिए आपका असली टैक्स अलग हो सकता है।
  • बचत ब्याज की कटौती को अपनी इच्छा से भरी जाने वाली मानना: यह आपके ब्याज की रकम पर निर्भर है, इसलिए इसे "बची गुंजाइश" वाले कुल योग में नहीं जोड़ा गया।
  • नियोक्ता के योगदान को अपने 80C में गिन लेना: नियोक्ता का NPS अलग श्रेणी में आता है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है
  • हर सेक्शन के लिए: गिनी गई रकम = इस्तेमाल की गई रकम और सीमा में जो कम हो। बची गुंजाइश = सीमा − गिनी गई रकम, शून्य से नीचे नहीं।
  • इस calculator में माना गया है: 80C की सीमा ₹1.5 लाख, NPS अतिरिक्त ₹50,000, 80D में खुद और परिवार के लिए ₹25,000 (सीनियर के लिए ₹50,000) तथा माता-पिता के लिए ₹25,000 (सीनियर माता-पिता के लिए ₹50,000), खुद के घर के होम लोन ब्याज पर ₹2 लाख, और बचत ब्याज पर ₹10,000 (सीनियर के लिए ₹50,000)। ये सीमाएँ बदल सकती हैं।
  • Old Regime की कर-योग्य आय = कुल आय − स्टैंडर्ड डिडक्शन (वेतनभोगी हो तो) − गिनी गई कुल कटौतियाँ। फिर उम्र के अनुसार स्लैब पर कर, rebate की शर्त पूरी हो तो उसका लाभ, और अंत में 4% cess।
  • New Regime की कर-योग्य आय = कुल आय − स्टैंडर्ड डिडक्शन − नियोक्ता का NPS (सीमा तक)। बाक़ी कटौतियाँ New Regime में नहीं मानी गई हैं। उसके बाद नई स्लैब पर कर, rebate और cess।
  • नियोक्ता के NPS की सीमा Basic + DA का एक प्रतिशत है, जो नियोक्ता के प्रकार और रिजीम पर निर्भर करता है।

इसमें surcharge, HRA, पूँजीगत लाभ, विशेष दर वाली आय और अन्य स्रोतों की आय नहीं जोड़ी जाती। अगर आपकी आय ₹50 लाख से ऊपर है, तो पेज एक चेतावनी भी दिखाता है कि surcharge लगेगा और वह इसमें शामिल नहीं है।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए हरप्रीत एक निजी कंपनी में काम करने वाला 35 साल का इंजीनियर है। उसकी सालाना कुल आय ₹14,00,000 है, वह वेतनभोगी है और किसी के लिए कोई अलग NPS या नियोक्ता योगदान नहीं है। ये सब सिर्फ़ उदाहरण के आँकड़े हैं।

उसने अब तक ये रकमें डाली हैं: 80C में ₹1,20,000, हेल्थ इंश्योरेंस (अपना और परिवार) ₹18,000, माता-पिता का प्रीमियम 0, और बचत खाते का ब्याज ₹6,000। होम लोन नहीं है।

बची गुंजाइश

  • 80C: सीमा ₹1,50,000, इस्तेमाल ₹1,20,000, बची ₹30,000।
  • NPS अतिरिक्त: सीमा ₹50,000, इस्तेमाल 0, बची ₹50,000।
  • 80D (खुद और परिवार): सीमा ₹25,000, इस्तेमाल ₹18,000, बची ₹7,000।
  • 80D (माता-पिता): सीमा ₹25,000, इस्तेमाल 0, बची ₹25,000।
  • कुल बची गुंजाइश (इन चारों में) = 30,000 + 50,000 + 7,000 + 25,000 = ₹1,12,000।

Old Regime

  • गिनी गई कटौतियाँ = 1,20,000 + 18,000 + 6,000 = ₹1,44,000।
  • कर-योग्य आय = 14,00,000 − 50,000 − 1,44,000 = ₹12,06,000।
  • स्लैब पर कर = ₹2.5 लाख तक 0, अगले ₹2.5 लाख पर 5% यानी ₹12,500, अगले ₹5 लाख पर 20% यानी ₹1,00,000, और ऊपर के ₹2,06,000 पर 30% यानी ₹61,800। कुल ₹1,74,300।
  • cess के साथ = ₹1,81,272।

New Regime

  • कर-योग्य आय = 14,00,000 − 75,000 = ₹13,25,000।
  • स्लैब पर कर: ₹4 से ₹8 लाख पर 5% यानी ₹20,000, ₹8 से ₹12 लाख पर 10% यानी ₹40,000, और ₹12 से ₹13.25 लाख पर 15% यानी ₹18,750। कुल ₹78,750।
  • cess के साथ = ₹81,900।

इन संख्याओं पर New Regime में टैक्स लगभग ₹99,372 कम है।

अगर बची गुंजाइश पूरी भर जाती

अगर हरप्रीत उन चारों सेक्शन में बची पूरी ₹1,12,000 की गुंजाइश भर देता, तो Old Regime में कर-योग्य आय ₹10,94,000 होती और टैक्स cess के साथ लगभग ₹1,46,328 आता। फिर भी New Regime का ₹81,900 कम ही रहता। यानी इन संख्याओं पर कटौतियाँ भरने से Old Regime का टैक्स घटता है, पर इतना नहीं कि New Regime से आगे निकल जाए।

उदाहरण का सबक: कटौतियाँ कम करती हैं कर, पर किसी रिजीम की बेहतरी आपकी आय और असली कटौतियों पर निर्भर करती है। अपने आँकड़े डालकर ही देखें, किसी और के नतीजे को अपना न मानें।

दूसरा छोटा उदाहरण

अब मान लीजिए रेखा की कुल आय ₹8,50,000 है। वह 80C में पूरे ₹1.5 लाख, NPS में ₹50,000, हेल्थ बीमा में ₹25,000 और बचत ब्याज की ₹10,000 की कटौती लगाती है, यानी कुल ₹2,35,000। Old Regime में कर-योग्य आय ₹5,65,000 बनती है और अनुमानित टैक्स लगभग ₹26,520 आता है। New Regime में कर-योग्य आय ₹7,75,000 है, जहाँ स्लैब के हिसाब से बना कर rebate की सीमा के भीतर होने के कारण शून्य दिखता है। मतलब कम आय पर New Regime में कर शून्य आ सकता है, चाहे Old में कितनी भी कटौतियाँ हों।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह कोई टैक्स रिजीम या कोई प्रोडक्ट नहीं सुझाता।
  • Surcharge, HRA जैसी छूटें, पूँजीगत लाभ और विशेष दर वाली आय शामिल नहीं हैं।
  • 87A की rebate केवल निवासी भारतीयों पर लागू होती है, और marginal relief जैसी बारीकियाँ पूरी तरह नहीं दिखतीं।
  • Old Regime की सभी कटौतियाँ (जैसे शिक्षा लोन ब्याज, दान) शामिल नहीं हैं, केवल सात मुख्य पंक्तियाँ हैं।
  • पूरे साल की आय को एक संख्या मानता है; साल के बीच में नौकरी बदलने या बोनस जैसी बातें अलग से नहीं दिखतीं।
  • नियम और सीमाएँ बदल सकती हैं, और नतीजा केवल अनुमान है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Income Tax Calculator: दोनों रिजीम में पूरे विवरण के साथ कर का अंदाज़ा।
  • HRA Exemption Calculator: किराये पर मिलने वाली छूट की गणना।
  • NPS Calculator: NPS की रकम कितनी बढ़ सकती है।
  • ELSS Calculator: ELSS निवेश की बढ़त का अनुमान।
  • Home Loan Tax Benefit Calculator: होम लोन से जुड़ी कर कटौतियाँ।
  • ITR Checklist: ITR भरने से पहले ज़रूरी दस्तावेज़ों की सूची।

यह लेख केवल शैक्षिक जानकारी है, निवेश, कर या क़ानूनी सलाह नहीं है। कर की सीमाएँ और नियम बदल सकते हैं, इसलिए आयकर विभाग की वेबसाइट या योग्य कर सलाहकार से पुष्टि करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
निवेश का ख़र्च सिर्फ़ टैक्स के लिए न करें

पहले देखें कि उत्पाद आपके लक्ष्य, लॉक-इन और जोखिम से मेल खाता है या नहीं। टैक्स बचत एक फ़ायदा है, उत्पाद चुनने का अकेला कारण नहीं।

2
साल की शुरुआत में योजना बनाएँ

आख़िरी महीनों में हड़बड़ी से निवेश करने की जगह पूरे साल में बाँटकर किस्तें चुनें।

3
नियोक्ता से सही घोषणा करें

अपने नियोक्ता को रिजीम की जानकारी देते समय सही चुनाव करें, क्योंकि उसी के आधार पर TDS कटता है। रिटर्न भरते समय रिजीम बदला जा सकता है या नहीं, यह नियम देखें।

4
माता-पिता के हेल्थ इंश्योरेंस की सीमा अलग है

माता-पिता के प्रीमियम की सीमा आपके अपने परिवार की सीमा से अलग गिनी जाती है। इसके लिए पेज में अलग स्लाइडर है।

5
बचत-ब्याज की कटौती मत भूलें

बचत या FD से मिले ब्याज की कटौती की सीमा भी है, जिसे पेज "गिनी गई" में अलग से दिखाता है।

6
अंतिम गणना किसी जानकार से मिलाएँ

आपकी स्थिति में HRA, कैपिटल गेन, सरचार्ज जैसी बातें हों तो इस पेज का नतीजा अधूरा होगा। कर सलाहकार या आधिकारिक कैलकुलेटर से मिलाएँ।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Old Regime में स्लैब दरें ऊँची हैं पर 80C, 80D, NPS जैसी कई कटौतियाँ मिलती हैं। New Regime में दरें कम हैं और स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 है, पर ज़्यादातर कटौतियाँ नहीं मिलतीं। आज के नियम में New Regime डिफ़ॉल्ट है; कौन-सा आपके लिए बैठता है, यह आपकी आय और कटौतियों पर निर्भर है - यह टूल कोई चुनाव नहीं सुझाता।

सेक्शन 80C, जो Income-tax Act 2025 में सेक्शन 123 है, Schedule XV में गिनाए गए निवेश और खर्चों पर साल में कुल ₹1,50,000 तक की कटौती देता है। इसमें EPF, PPF, ELSS, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फीस, होम लोन का मूलधन और 5 साल का टैक्स-सेवर FD जैसी चीज़ें आती हैं। यह कटौती सिर्फ़ Old Regime में मिलती है।

NPS में अपने योगदान पर 80CCD(1B) (नया नंबर 124(3)) के तहत ₹1.5 लाख वाली सीमा के ऊपर अलग से ₹50,000 तक की कटौती मिल सकती है। यह भी सिर्फ़ Old Regime में है। नियोक्ता का NPS योगदान (80CCD(2)) अलग चीज़ है, जो New Regime में भी मिलता है।

नहीं। New Regime में 80C / 123, 80D / 126 और खुद के घर के होम लोन ब्याज जैसी ज़्यादातर कटौतियाँ नहीं मिलतीं। इनके अपवाद हैं नियोक्ता का NPS योगदान, स्टैंडर्ड डिडक्शन और किराये पर दिए घर के ब्याज की कटौती। इसलिए 80C में निवेश करने का टैक्स-लाभ तभी दिखेगा जब आप Old Regime में टैक्स भरें।

साल के दौरान नियोक्ता TDS काटने के लिए आपसे रिजीम पूछता है; न बताने पर वह डिफ़ॉल्ट New Regime मानता है। लेकिन व्यापार या पेशे की आय न हो तो अंतिम चुनाव आप ITR भरते समय, तय तारीख तक, हर साल बदल सकते हैं। व्यापार की आय वाले लोगों के लिए Form 10-IEA और अलग शर्तें हैं। विवरण इनकम टैक्स पोर्टल पर देख लें।

हेडलाइन में सिर्फ़ 80C, NPS के अतिरिक्त ₹50,000 और 80D (खुद व माता-पिता) की बची रकम जुड़ती है। होम लोन ब्याज और बचत-ब्याज "आपके खर्च पर निर्भर" दिखते हैं।

क्योंकि वह निवेश नहीं, आपके लोन की असली ब्याज रकम है। उसे बढ़ाया नहीं जा सकता, इसलिए "बची गुंजाइश" में नहीं गिना गया।

पेज में Old Regime के स्लैब अलग हो जाते हैं, हेल्थ इंश्योरेंस की सीमा (खुद) ₹50,000 और बचत-ब्याज की सीमा ₹50,000 हो जाती है।

यह माता-पिता के प्रीमियम की सीमा ₹25,000 से ₹50,000 कर देता है।

Old Regime में Basic+DA के निजी नियोक्ता के लिए 10% और सरकारी के लिए 14% तक। New Regime में 14% तक, जैसा पेज में सेट है।

अगर हेडलाइन वाली बची गुंजाइश पूरी भर दी जाए तो Old Regime का टैक्स कितना होता। यह सिर्फ़ गणित का उदाहरण है, निवेश की सलाह नहीं।

आपने किसी सेक्शन में सीमा से ज़्यादा रकम बताई। पेज सिर्फ़ सीमा तक की रकम गिनता है और ऊपर की रकम बाहर रखता है।

तब standard deduction नहीं घटाया जाता। स्व-रोज़गार या गैर-वेतनभोगी आय के लिए यह उपयोगी है, पर उनके और भी नियम हो सकते हैं।

पेज की सेटिंग के अनुसार New Regime में कर-योग्य आय ₹12,00,000 तक टैक्स शून्य और उससे ऊपर marginal relief; Old Regime में कर-योग्य आय ₹5,00,000 तक ₹12,500 तक की छूट।

हाँ, तब पेज चेतावनी दिखाता है कि सरचार्ज लगेगा और वह नतीजे में शामिल नहीं है।

नहीं। HRA और ऐसी कई अन्य छूटें पेज में शामिल नहीं हैं, इसलिए किराये पर रहने वालों का Old Regime टैक्स असल में कम हो सकता है।

नहीं। पेज एक कुल सालाना आय पर सामान्य स्लैब लगाता है। कैपिटल गेन और विशेष दर की आय अलग से गिनी जानी चाहिए।

नहीं। पेज सिर्फ़ दोनों का अनुमानित टैक्स दिखाता है। चुनाव आपकी पूरी स्थिति, भविष्य के निवेश और नियमों पर निर्भर है।

नहीं। शिक्षा लोन का ब्याज (80E), दान (80G) और अन्य कटौतियाँ पेज में नहीं हैं।

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