NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) PFRDA की देखरेख वाली पेंशन योजना है, जिसमें पैसा बाज़ार से जुड़े फंडों में लगता है। EPF (कर्मचारी भविष्य निधि) EPFO की योजना है, जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता वेतन का 12% जमा करते हैं और हर साल ब्याज दर घोषित होती है।
यह पेज दोनों के नियम, निकासी और टैक्स का फर्क रखता है। यह नहीं बताता कि आपको कौन-सा चुनना चाहिए। कई लोगों के पास दोनों होते हैं, इसलिए इन्हें एक-दूसरे का विकल्प मानना ज़रूरी नहीं। नियम हाल में बदले हैं, इसलिए आधिकारिक पेज देख लें।
NPS vs EPF
NPS और EPF में योगदान, रिटर्न का तरीका, निकासी, रिटायरमेंट पर नियम और टैक्स की आसान हिंदी तुलना। केवल जानकारी, निवेश की सलाह नहीं।
समीक्षा की तारीख़: 5 Oct 2026
अगल-बगल तुलना
| पहलू | NPS | EPF |
|---|---|---|
| यह क्या है | PFRDA द्वारा नियंत्रित पेंशन योजना; पेंशन फंड मैनेजर पैसा बाज़ार से जुड़े साधनों में लगाते हैं। | EPFO की योजना। नौकरी में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों वेतन (बेसिक + DA) का 12% जमा करते हैं। |
| रिटर्न का तरीका | बाज़ार से जुड़ा और NAV आधारित। कोई तय या गारंटी वाला रिटर्न नहीं। | EPFO का केंद्रीय न्यासी बोर्ड हर साल दर सुझाता है, सरकार की मंज़ूरी के बाद लागू होती है। |
| मौजूदा दर ? | कोई घोषित दर नहीं। रिटर्न चुने गए एसेट-मिक्स और बाज़ार पर निर्भर। | वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बोर्ड ने 8.25% की सिफारिश की; मंज़ूरी की रिपोर्ट आई हैं। हर साल बदल सकती है। |
| योगदान | Tier I में न्यूनतम ₹500 प्रति बार और ₹1,000 सालाना; Tier II ₹250। कोई ऊपरी सीमा नहीं बताई गई। | वेतन का 12% कर्मचारी + 12% नियोक्ता। 17 सितंबर 2026 से अनिवार्य वेतन-सीमा ₹15,000 से बढ़कर ₹25,000। |
| बीच में निकासी | 5 साल का लॉक-इन हटा (All Citizen)। अपने योगदान के 25% तक लोन, खाते पर lien के साथ। | सिर्फ 12 महीने की सेवा पर आंशिक निकासी; 25% बैलेंस रखना ज़रूरी। नौकरी छूटने पर पूरी निकासी 12 महीने बाद। |
| रिटायरमेंट पर निकासी | सामान्य निकास पर 80% तक एकमुश्त, कम से कम 20% एन्युटी। कॉर्पस ₹8 लाख तक हो तो 100% निकाल सकते हैं। | 58 साल पर या स्थायी विकलांगता में पूरा पैसा; पेंशन (EPS) का हिस्सा अलग से। |
| जोखिम | बाज़ार का जोखिम; मूल्य घट सकता है। चुने गए विकल्प पर निर्भर। | बाज़ार जोखिम सीधे नहीं, पर दर हर साल बदल सकती है। |
| योगदान पर टैक्स | पुराने रिजीम में अपने योगदान पर ₹50,000 तक अतिरिक्त (80CCD(1B), नए Act में §124)। नए रिजीम में मुख्यतः नियोक्ता का योगदान (80CCD(2)) गिना जाता है। | कर्मचारी योगदान पुराने रिजीम में 80C (नए Act में §123) की ₹1.5 लाख सीमा में गिना जाता है; नए रिजीम में नहीं। |
| निकासी और ब्याज पर टैक्स ? | कॉर्पस का 60% तक कर-मुक्त (आयकर विभाग)। 80% एकमुश्त में बाकी 20% पर टैक्स साफ नहीं; एन्युटी पेंशन आय मानी जाती है। | 5 साल की सेवा के बाद निकासी कर-मुक्त। साल में ₹2.5 लाख (नियोक्ता न दे तो ₹5 लाख) से ऊपर के योगदान का ब्याज कर-योग्य। |
| आम तौर पर कौन देखता है | जो रिटायरमेंट के लिए अलग से बचत करना चाहते हैं और बाज़ार जोखिम समझते हैं; नौकरीपेशा और स्वरोज़गार दोनों। | संगठित क्षेत्र के कर्मचारी, जिनके वेतन से यह नौकरी के साथ अपने-आप जुड़ता है; ऊँचे वेतन वालों के लिए स्वैच्छिक। |
| नौकरी बदलने और नॉमिनी ? | एक PRAN पर खाता चलता है; नॉमिनी की सुविधा है। विवरण NPS पोर्टल पर देखें। | एक स्थायी UAN; ई-नॉमिनेशन, पासबुक और खाता ट्रांसफर ऑनलाइन (UMANG/पोर्टल)। |
? = पक्का नहीं — जाँच लें
- दिसंबर 2025 के बदलावों के बाद गैर-सरकारी सब्सक्राइबर 80% तक एकमुश्त निकाल सकते हैं (कम से कम 20% एन्युटी)।
- ₹8 लाख तक के कॉर्पस पर 100% एकमुश्त का विकल्प है।
- Tier I में कोई ऊपरी सीमा नहीं बताई गई; न्यूनतम राशि बहुत छोटी है।
- टैक्स की स्थिति रिजीम और निकासी के हिस्से पर निर्भर करती है, इसलिए आधिकारिक पेज देखना ज़रूरी है।
- ब्याज दर साल में एक बार घोषित होती है और सालों-साल बदल सकती है।
- कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का 12% जमा होता है; नियोक्ता का हिस्सा EPF, EPS और EDLI में बँटता है।
- आंशिक निकासी के नियम 2025 में सरल हुए और 25% न्यूनतम बैलेंस रखना ज़रूरी हुआ।
- वेतन-सीमा ₹25,000 होने से ₹15,000 से ₹25,000 कमाने वालों पर अनिवार्य कवरेज लागू हुआ।
यह तुलना सिर्फ़ जानकारी के लिए है। यह नहीं बताती कि आपको कौन-सा चुनना चाहिए — वह आपके लक्ष्य, समय, जोखिम और टैक्स की स्थिति पर निर्भर है।
अपने आँकड़ों से देखें (सिर्फ़ गणित)
EPF की 8.25% वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बोर्ड की सिफारिश है और आगे के सालों में बदल सकती है, इसलिए इसे भी आप बदल सकते हैं। NPS की 9% सिर्फ एक मानी हुई दर है, गारंटी या अनुमान नहीं। NPS में 60% तक कर-मुक्त मानें; 80% एकमुश्त का बाकी 20% टैक्स की स्थिति साफ नहीं है, इसलिए उसे कर-योग्य माना गया है। नतीजे सिर्फ उदाहरण हैं।
आम भ्रम और सच
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
काम के पेज
स्रोत
- PIB: Key amendments in PFRDA (Exits and Withdrawals under the NPS) Regulations
- NPS CRA: Contribution FAQ
- Income Tax Dept: Section 124 (Income-tax Act 2025)
- Income Tax Dept: Taxability of Retirement Benefits
- Income Tax Dept: Rule 9D (taxable PF interest)
- EPFO: EPF Scheme
- PIB: CBT EPF 239th meeting (EPF interest 2025-26)
- PIB: CBT EPF 238th meeting (withdrawal reforms)
- PIB: EPFO wage ceiling raised to Rs 25,000
Deep Dives
Latest Articles
Quick Poll
IPO में निवेश करने से पहले आप क्या करते हैं?