काटा गया TDS, आपका एडवांस टैक्स

TDS Calculator

सैलरी पर महीने का TDS या ब्याज, किराया, प्रोफ़ेशनल फ़ीस, कॉन्ट्रैक्टर जैसे भुगतानों पर TDS — दर और सीमा के साथ।

  • सैलरी पर मासिक TDS
  • अन्य भुगतान पर TDS
  • 14 सेक्शन की दरें
  • सीमा (threshold) की जाँच
  • PAN न होने पर बढ़ी दर
  • पाने वाले को असल रकम
आशुग्या की सलाहTDS कटने का मतलब टैक्स पूरा होना नहीं है - Form 26AS / AIS में अपना TDS मिलाएँ और रिटर्न में क्लेम करें।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Salary: yearly tax for the chosen regime (slabs, rebate, 4% cess as set on this site) ÷ 12 = monthly TDS. Other payments: if the threshold for the section is not crossed the TDS is nil; otherwise TDS = base × rate, where the base is the full amount (the part above the threshold for sections that work that way). When the earlier payments of the year had already crossed the threshold, only the current payment is the base. Without PAN the rate becomes the higher of twice the rate and 20% (section 206AA).

सैलरी: चुने regime का सालाना टैक्स (slab, rebate और 4% cess इस साइट की सेटिंग से) ÷ 12 = मासिक TDS। अन्य भुगतान: सेक्शन की सीमा पार न हो तो TDS शून्य; वरना TDS = आधार × दर, जहाँ आधार पूरी रकम है (जिन सेक्शन में ऐसा है वहाँ सीमा से ऊपर की रकम)। अगर साल के पिछले भुगतानों से सीमा पहले ही पार हो चुकी है तो सिर्फ़ मौजूदा भुगतान आधार है। PAN न हो तो दर दोगुनी और 20% में से जो ज़्यादा हो (धारा 206AA)।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 11 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: FY 2026-27

An estimate for learning. TDS rates and limits change with the Finance Act, and the Income-tax Act, 2025 renumbers the sections from 1 April 2026. Confirm the rate and threshold for your payment on the Income Tax Department portal or with a CA before deducting or filing. Not tax advice.
सीखने के लिए अनुमान। TDS की दरें और सीमाएँ Finance Act के साथ बदलती हैं, और Income-tax Act, 2025 में 1 अप्रैल 2026 से धाराओं के नंबर बदल गए हैं। काटने या रिटर्न भरने से पहले अपने भुगतान की दर और सीमा आयकर विभाग के पोर्टल या CA से जाँच लें। यह टैक्स सलाह नहीं है।

TDS क्या है?

TDS (Tax Deducted at Source) का मतलब है कि भुगतान करने वाला व्यक्ति या कंपनी पैसा देते समय ही टैक्स का हिस्सा काटकर सरकार को जमा कर देती है। जिसका TDS कटा है उसे Form 26AS / AIS में यह दिखता है और वह रिटर्न भरते समय अपने टैक्स से इसे घटा सकता है। सैलरी पर TDS अनुमानित सालाना टैक्स ÷ 12 के रूप में हर महीने कटता है।

PAN न देने पर ज़्यादातर भुगतानों पर TDS दोगुनी दर से या कम से कम 20% की दर से कटता है। भुगतान एक सीमा से कम हो तो TDS नहीं कटता — पर सीमा पार होते ही आम तौर पर पूरी रकम पर कटता है (सेक्शन 194Q में सिर्फ़ सीमा से ऊपर की रकम पर)।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Salary: yearly tax for the chosen regime (slabs, rebate, 4% cess as set on this site) ÷ 12 = monthly TDS. Other payments: if the threshold for the section is not crossed the TDS is nil; otherwise TDS = base × rate, where the base is the full amount (the part above the threshold for sections that work that way). When the earlier payments of the year had already crossed the threshold, only the current payment is the base. Without PAN the rate becomes the higher of twice the rate and 20% (section 206AA).

सैलरी: चुने regime का सालाना टैक्स (slab, rebate और 4% cess इस साइट की सेटिंग से) ÷ 12 = मासिक TDS। अन्य भुगतान: सेक्शन की सीमा पार न हो तो TDS शून्य; वरना TDS = आधार × दर, जहाँ आधार पूरी रकम है (जिन सेक्शन में ऐसा है वहाँ सीमा से ऊपर की रकम)। अगर साल के पिछले भुगतानों से सीमा पहले ही पार हो चुकी है तो सिर्फ़ मौजूदा भुगतान आधार है। PAN न हो तो दर दोगुनी और 20% में से जो ज़्यादा हो (धारा 206AA)।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 11 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: FY 2026-27

Estimate only, for learning — not advice. Rates and thresholds in this tool are for general learning and can differ for special cases (lower-deduction certificates, tax-treaty rates, non-residents, surcharge). Verify with the Income Tax Department or a CA before acting. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। इस टूल की दरें और सीमाएँ सामान्य सीखने के लिए हैं; विशेष मामलों (lower-deduction certificate, tax-treaty, non-resident, surcharge) में अलग हो सकती हैं। कुछ भी करने से पहले आयकर विभाग या CA से जाँच लें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • TDS भुगतान करने वाला व्यक्ति या कंपनी देते समय ही काटकर जमा करती है। यह आपके टैक्स का अग्रिम हिस्सा है, अंतिम टैक्स नहीं।
  • सैलरी में चुने regime का सालाना टैक्स (4% cess सहित) ÷ 12 मासिक TDS है। New regime में स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद ₹12 लाख कर-योग्य आय तक टैक्स शून्य है।
  • ब्याज, फ़ीस, किराया, कमीशन जैसे भुगतानों में सेक्शन के हिसाब से दर और सीमा अलग हैं। सीमा पार न हो तो TDS शून्य।
  • PAN न दिया हो तो दर दोगुनी और 20% में से जो ज़्यादा हो (पेज के नियम के अनुसार)। विशेष मामलों (lower-deduction certificate, non-resident, surcharge) में असली TDS अलग हो सकता है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

सरिता: ₹15 लाख की सैलरी, New regime

सरिता की सालाना gross सैलरी ₹15,00,000 है, New regime में। कोई अलग कटौती नहीं गिनी जाती।

कर-योग्य आय (₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद)
₹14,25,000
सालाना टैक्स + cess
₹97,500
मासिक TDS
₹8,125
टैक्स के बाद सालाना सैलरी
₹14,02,500

कर-योग्य आय ₹12 लाख से ऊपर है, इसलिए टैक्स लगा। ₹97,500 के सालाना टैक्स को 12 महीनों में बाँटने पर हर महीने ₹8,125 कटेगा।

सरिता वही सैलरी, Old regime में कटौतियों के साथ

वही ₹15,00,000 की gross सैलरी, पर Old regime में HRA छूट, 80C, 80D आदि मिलाकर कुल कटौतियाँ ₹3,00,000 सालाना।

कर-योग्य आय (₹50,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन + ₹3,00,000)
₹11,50,000
सालाना टैक्स + cess
₹1,63,800
मासिक TDS
₹13,650
कटौती न होती तो मासिक TDS
लगभग ₹21,450

इस मिसाल में कटौतियाँ ₹3 लाख होने पर भी New regime से TDS ज़्यादा रहा। कटौतियाँ जितनी बढ़ती हैं, Old regime का पलड़ा भारी होता है। अपनी असली कटौतियाँ डालकर देखें।

दिनेश: फ़्रीलांस फ़ीस और PAN का असर

दिनेश को एक क्लाइंट से ₹1,00,000 की प्रोफ़ेशनल फ़ीस (सेक्शन 194J) मिलनी है। साल में इस सेक्शन में पहले कुछ नहीं मिला।

सीमा
₹50,000 सालाना (पार हो गई)
PAN देने पर दर और TDS
10% → ₹10,000, हाथ में ₹90,000
PAN न देने पर दर और TDS
20% → ₹20,000, हाथ में ₹80,000

PAN न देने से TDS दोगुना कट गया और ₹10,000 की अतिरिक्त रकम फँस गई। कटा हुआ TDS रिटर्न में समायोजित हो सकता है, पर पैसा तब तक रुका रहता है।

सैलरी पर मासिक TDS (New regime, कोई अलग कटौती नहीं, उदाहरण-आँकड़े)

सैलरी पर मासिक TDS (New regime, कोई अलग कटौती नहीं, उदाहरण-आँकड़े)
सालाना grossकर-योग्य आयसालाना टैक्स + cessमासिक TDS
₹12,00,000₹11,25,000₹0₹0
₹12,75,000₹12,00,000₹0₹0
₹13,00,000₹12,25,000₹26,000लगभग ₹2,167
₹15,00,000₹14,25,000₹97,500₹8,125
₹18,00,000₹17,25,000₹1,50,800लगभग ₹12,567
₹24,00,000₹23,25,000₹2,92,500₹24,375
₹30,00,000₹29,25,000₹4,75,800₹39,650

आँकड़े पेज में दर्ज FY 2026-27 slab, rebate और 4% cess पर आधारित हैं।

अन्य भुगतान: कुछ सेक्शन, दर और सीमा (पेज के डेटा के अनुसार)

अन्य भुगतान: कुछ सेक्शन, दर और सीमा (पेज के डेटा के अनुसार)
सेक्शनदरसीमा
194A बैंक/पोस्ट ऑफ़िस ब्याज10%₹50,000 सालाना
194A अन्य ब्याज10%₹10,000 सालाना
194C कॉन्ट्रैक्टर (व्यक्ति/HUF को)1%₹30,000 एक भुगतान / ₹1,00,000 सालाना
194C कॉन्ट्रैक्टर (कंपनी/फ़र्म को)2%₹30,000 एक भुगतान / ₹1,00,000 सालाना
194H कमीशन/ब्रोकरेज2%₹20,000 सालाना
194I(b) इमारत का किराया10%₹6,00,000 सालाना
194J प्रोफ़ेशनल फ़ीस10%₹50,000 सालाना
194J तकनीकी सेवा2%₹50,000 सालाना
194B लॉटरी/गेम की जीत30%₹10,000 प्रति भुगतान

यह तालिका पेज के भीतर दिए आँकड़ों का सार है, पूरी सूची नहीं। नियम बदल सकते हैं; आधिकारिक स्रोत से जाँचें।

त्वरित संदर्भ: TDS कैसे निकलता है

त्वरित संदर्भ: TDS कैसे निकलता है
सैलरी (New regime)(gross − ₹75,000) पर slab टैक्स; कर-योग्य आय ₹12 लाख तक शून्य, ऊपर marginal relief; × 1.04 cess ÷ 12
सैलरी (Old regime)(gross − ₹50,000 − आपकी बताई कटौतियाँ) पर slab टैक्स और rebate; × 1.04 cess ÷ 12
अन्य भुगतान का आधारसीमा पार हो तो भुगतान की पूरी रकम (पहले के भुगतान समेत, जहाँ सेक्शन ऐसा कहे)
सीमा पहले ही पार हो चुकी होतब सिर्फ़ मौजूदा भुगतान पर TDS (पेज के अनुसार)
PAN न होने परदोगुनी दर और 20% में से जो ज़्यादा; 194Q में 5%
पाने वाले को मिलने वाली रकमभुगतान − TDS
TDS का रिकॉर्डForm 26AS और AIS में दिखता है, और रिटर्न भरते समय टैक्स में घटता है।
इस पेज में क्या नहींLower-deduction certificate, surcharge, non-resident/treaty दरें, TCS और रिटर्न में अंतिम टैक्स का मिलान।

TDS Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

TDS यानी Tax Deducted at Source का मतलब है कि पैसा देने वाला ही टैक्स का एक हिस्सा काटकर सरकार को जमा कर देता है और बाक़ी रकम आपको देता है। कभी आपकी तनख़्वाह से, कभी बैंक के ब्याज से, कभी फ्रीलांस काम के भुगतान से। सवाल दोनों तरफ़ उठते हैं: पाने वाला जानना चाहता है कि "मेरी रकम में से कितना कटेगा?", और देने वाला जानना चाहता है कि "इस भुगतान पर कितना काटना है, और काटना भी है या नहीं?" यह calculator दोनों सवालों का अनुमान देता है।

इसमें दो अलग हिस्से हैं, जिन्हें पेज के ऊपर "किस पर TDS निकालना है?" वाले चुनाव से बदला जाता है:

  • सैलरी पर TDS (महीने का): आपकी सालाना gross सैलरी और टैक्स regime के हिसाब से नियोक्ता हर महीने लगभग कितना TDS काटेगा।
  • अन्य भुगतान पर TDS: बैंक का ब्याज, डिविडेंड, कॉन्ट्रैक्टर को भुगतान, कमीशन, किराया, प्रोफ़ेशनल फ़ीस और ऐसे दूसरे भुगतान, जिनमें हर प्रकार के लिए अपनी दर और सीमा होती है।
ध्यान दें: यह पेज सीखने के लिए अनुमान देता है। TDS की दरें और सीमाएँ Finance Act के साथ बदलती हैं, और Income-tax Act, 2025 में धाराओं के नंबर बदले हैं। पेज पर दिखी धाराएँ पुराने नंबरों (Income-tax Act, 1961) के हिसाब से हैं। काटने या रिटर्न भरने से पहले आयकर विभाग के पोर्टल पर या अपने CA से पुष्टि कर लें।

किसके काम का है

  • वेतनभोगी, जो समझना चाहते हैं कि हर महीने की तनख़्वाह में से कटौती क्यों बदलती है और regime बदलने पर कितना फ़र्क़ पड़ेगा।
  • फ्रीलांसर और पेशेवर, जिन्हें क्लाइंट से भुगतान मिलता है और जो जानना चाहते हैं कि क्लाइंट कितना काटेगा।
  • छोटे कारोबारी और दुकानदार, जो ठेकेदारों, कमीशन एजेंटों या मकान मालिकों को भुगतान करते हैं और जिन्हें पता करना है कि TDS बनता है या नहीं।
  • किरायेदार व्यक्ति, जो ऊँचा मासिक किराया देते हैं और जानना चाहते हैं कि उन पर TDS की ज़िम्मेदारी कब आती है।
  • बैंक ब्याज पाने वाले बुज़ुर्ग या निवेशक, जो देखना चाहते हैं कि ब्याज पर TDS किस सीमा के बाद कटता है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

सैलरी वाला हिस्सा

  • सालाना gross सैलरी (₹): टैक्स और कटौतियों से पहले की साल भर की कुल तनख़्वाह। ₹2 लाख से ₹2 करोड़ के बीच; शुरुआती मान ₹12 लाख।
  • टैक्स regime: New regime (डिफ़ॉल्ट) या Old regime।
  • Old regime की कुल कटौतियाँ (₹/साल): 80C, 80D, HRA की छूट, NPS जैसी सारी कटौतियों का जोड़, ₹0 से ₹15 लाख। शुरुआती मान 0। यह तभी काम आता है जब आपने Old regime चुना हो।

अन्य भुगतान वाला हिस्सा

  • भुगतान का प्रकार (सेक्शन): सूची में बैंक का ब्याज, अन्य ब्याज, डिविडेंड, कॉन्ट्रैक्टर (व्यक्ति या कंपनी को), कमीशन / ब्रोकरेज, मशीन और इमारत का किराया, व्यक्ति द्वारा किराया, प्रोफ़ेशनल फ़ीस, तकनीकी सेवा, सामान की ख़रीद, पार्टनर को भुगतान और लॉटरी / गेम की जीत जैसे विकल्प हैं। हर विकल्प के साथ उसकी दर और सीमा इस calculator की तालिका में रखी गई है।
  • इस बार का भुगतान (₹): जो रकम आप आज दे रहे हैं या पा रहे हैं।
  • इसी साल इसी सेक्शन में पहले दिया जा चुका कुल भुगतान (₹): सीमा जाँचने के लिए यह ज़रूरी है, क्योंकि कई सेक्शन में सीमा पूरे साल की कुल रकम पर देखी जाती है। नया खाता या पहला भुगतान हो तो 0।
  • पाने वाले ने PAN दिया है: हाँ/नहीं का स्विच। PAN न होने पर ज़्यादा दर लगती है।

जब आप एक हिस्सा चुनते हैं, तो दूसरे हिस्से के बॉक्स पेज पर छिप जाते हैं, ताकि उलझन न हो।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सैलरी का नतीजा

  • सैलरी पर मासिक TDS: बड़ी संख्या, और उसके नीचे सालाना टैक्स (cess सहित) लिखा होता है।
  • कर-योग्य आय (सालाना): gross में से स्टैंडर्ड डिडक्शन (और Old regime में आपकी कटौतियाँ) घटाने के बाद।
  • सालाना टैक्स + cess, मासिक TDS और टैक्स के बाद सालाना सैलरी।
  • पाई चार्ट में "टैक्स के बाद सैलरी" और "टैक्स" के टुकड़े, और नीचे regime के हिसाब से एक टिप्पणी। New regime की टिप्पणी में स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000 और ₹12 लाख कर-योग्य आय तक कोई टैक्स नहीं का ज़िक्र है; Old regime की टिप्पणी में ₹50,000 और आपकी बताई कटौतियाँ। ये इस साइट की मौजूदा सेटिंग हैं और बदल सकती हैं।

अन्य भुगतान का नतीजा

  • काटा जाने वाला TDS: बड़ी संख्या, उसके नीचे सेक्शन कोड और लागू दर। PAN न होने पर नीचे लिखा आता है कि दर बढ़ी हुई है।
  • सेक्शन, सीमा (threshold), लागू दर, जिस रकम पर TDS लगा, TDS, पाने वाले को असल में मिलने वाली रकम।
  • अगर सीमा पार नहीं हुई, तो "कोई TDS नहीं" और "सीमा पार नहीं हुई" का संदेश आता है।
  • नीचे सेक्शन के हिसाब से एक छोटी टिप्पणी, जैसे कौन-सी सीमा लागू है, और याद दिलाना कि पुराने भुगतानों का रिकॉर्ड देखकर ही सीमा जाँचें।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • सैलरी में दोनों regime आज़माएँ। New और Old दोनों में वही gross डालें और Old regime में अपनी कटौतियाँ भरें। देखिए कि मासिक TDS किसमें कम बैठता है। यह केवल मासिक कटौती है; असली देनदारी रिटर्न में तय होती है।
  • कटौतियाँ ईमानदारी से भरें। अगर नियोक्ता को कटौतियों के सबूत नहीं दिए, तो असली TDS इस अनुमान से ज़्यादा कटेगा।
  • पिछले भुगतान का रिकॉर्ड रखें। "इसी साल पहले दिया गया कुल भुगतान" वाला बॉक्स भरना सबसे आसान बात है जो भूली जाती है।
  • PAN स्विच बदलकर देखें। फ़र्क़ बड़ा दिखेगा, और यह पाने वाले को PAN देने के लिए बेहतर कारण है।
  • TDS को पाने वाले की नज़र से भी देखें। कटा हुआ TDS Form 26AS / AIS में दिखता है, और रिटर्न भरते समय अपने टैक्स से घटाया जा सकता है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "TDS कटा तो मेरा टैक्स पूरा हो गया।" ज़रूरी नहीं। TDS अग्रिम हिस्सा है। असली टैक्स ज़्यादा हो तो बाक़ी रिटर्न में भरना होता है, और कम हो तो रिफ़ंड।
  • सीमा से कम भुगतान पर भी TDS मान लेना। हर सेक्शन में सीमा अलग है। ऊपर के उदाहरणों में दिखा कि सीमा पार होने पर ही TDS बनता है।
  • सीमा पार होने पर सिर्फ़ ऊपर की रकम पर TDS मान लेना। ज़्यादातर सेक्शन में पूरी रकम पर बनता है; excess वाले सेक्शन (जैसे सामान की ख़रीद) अपवाद हैं।
  • पुराने सेक्शन नंबर पर भरोसा। नए Act में सेक्शन के नंबर बदले हैं। फ़ॉर्म भरते समय पोर्टल का मौजूदा नंबर देखें।
  • सैलरी का TDS ही पूरा टैक्स मान लेना। दूसरी आय, जैसे किराया, ब्याज या फ्रीलांस, इसमें शामिल नहीं है।
  • एक ही सेक्शन के भुगतान अलग-अलग खातों में जोड़ना भूल जाना। कई बैंक खातों का कुल ब्याज गिना जाता है, जैसा तालिका की टिप्पणी में भी बताया है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

सैलरी

  1. New regime: gross में से स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाकर कर-योग्य आय निकलती है। फिर साइट की सेटिंग वाले slab से टैक्स। अगर कर-योग्य आय rebate की सीमा तक हो तो टैक्स शून्य; सीमा से थोड़ा ऊपर हो तो टैक्स अधिकतम उतना जितना सीमा से ऊपर की रकम है (marginal relief जैसा असर)।
  2. Old regime: gross में से स्टैंडर्ड डिडक्शन और आपकी कुल कटौतियाँ घटती हैं, फिर slab, और rebate का नियम।
  3. टैक्स में 4% cess जोड़ा जाता है (साइट की सेटिंग)। कुल सालाना टैक्स ÷ 12 = मासिक TDS।

यहाँ surcharge शामिल नहीं है, और उम्र के हिसाब से अलग slab भी नहीं लिए गए; यह सबसे आम स्थिति (कम उम्र की सामान्य श्रेणी) का सरल अनुमान है।

अन्य भुगतान

सेक्शन के प्रकार के हिसाब से सीमा चार तरह से देखी जाती है:

  • सालाना कुल (agg): साल में उस सेक्शन के कुल भुगतान की सीमा पार होते ही आम तौर पर पूरी रकम पर TDS बनता है। अगर पहले से सीमा पार हो चुकी थी तो सिर्फ़ मौजूदा भुगतान पर।
  • 194C जैसा नियम: एक भुगतान ₹30,000 से ऊपर हो या साल का कुल ₹1,00,000 से ऊपर हो।
  • एक भुगतान या मासिक किराये की सीमा: सीमा से ऊपर होते ही पूरी रकम पर।
  • सिर्फ़ सीमा से ऊपर की रकम (excess): जैसे सामान की ख़रीद के सेक्शन में सिर्फ़ ₹50 लाख से ऊपर के हिस्से पर।

फिर TDS = जिस रकम पर TDS लगा × दर ÷ 100। PAN न होने पर दर दोगुनी और 20% में से जो ज़्यादा हो, जब तक सेक्शन की अपनी अलग दर तय न हो। पाने वाले को मिलने वाली रकम = भुगतान − TDS।

एक पूरा उदाहरण

सारे आँकड़े काल्पनिक हैं और इस calculator की मौजूदा तालिका के हिसाब से हैं।

उदाहरण 1: फ्रीलांस सलाहकार। आरती एक स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार है और एक कंपनी उसे ₹80,000 का प्रोफ़ेशनल फ़ीस भुगतान कर रही है, पहले इस साल कुछ नहीं दिया गया। इस calculator में प्रोफ़ेशनल फ़ीस की दर 10% और सीमा ₹50,000 सालाना है। रकम सीमा से ऊपर है, इसलिए पूरी ₹80,000 पर TDS: 80,000 × 10% = ₹8,000। आरती को मिलेंगे ₹72,000। अगर उसने PAN न दिया होता तो दर बढ़कर 20% हो जाती: TDS ₹16,000, और हाथ में ₹64,000।

उदाहरण 2: ठेकेदार को किस्तों में भुगतान। एक दुकानदार किसी व्यक्ति-ठेकेदार को पहले ₹70,000 दे चुका है। अब ₹25,000 और देना है। एक भुगतान ₹30,000 से कम है और कुल 70,000 + 25,000 = ₹95,000 है, जो ₹1,00,000 से कम, इसलिए TDS शून्य। अगली किस्त ₹20,000 की है और अब तक ₹95,000 दिए जा चुके हैं। कुल बनता है ₹1,15,000, यानी ₹1,00,000 से ऊपर। इस calculator की गणना में TDS पूरी ₹1,15,000 पर बनता है, व्यक्ति के लिए दर 1%: ₹1,150, और ठेकेदार को ₹18,850 मिलेंगे। उसके बाद अगर ₹10,000 और दिए जाएँ तो सीमा पहले ही पार है, इसलिए सिर्फ़ उसी भुगतान पर 1% यानी ₹100।

उदाहरण 3: बैंक का ब्याज। एक रिटायर्ड शिक्षक के ब्याज में सीमा ₹50,000 सालाना है (calculator की तालिका के अनुसार, और टिप्पणी में बुज़ुर्गों के लिए ऊँची सीमा का भी ज़िक्र है)। ₹62,000 का ब्याज आने पर 10% के हिसाब से TDS ₹6,200।

उदाहरण 4: सामान की बड़ी ख़रीद। किसी बड़े कारोबार को एक विक्रेता से ₹70 लाख का माल ख़रीदना है। इस सेक्शन में सिर्फ़ ₹50 लाख से ऊपर के हिस्से पर TDS लगता है, यानी ₹20 लाख पर, 0.1% की दर से ₹2,000। अगर विक्रेता का PAN न हो तो इस सेक्शन की अपनी दर 5% है, यानी ₹1,00,000।

सैलरी का उदाहरण: अगर आप New regime चुनकर gross ₹12,75,000 डालते हैं, तो स्टैंडर्ड डिडक्शन घटाकर कर-योग्य आय ₹12,00,000 बनती है। पेज की टिप्पणी के अनुसार इतनी आय तक कोई टैक्स नहीं, तो मासिक TDS शून्य (या उसके आसपास) दिखना चाहिए। ऊपर की सैलरी पर आपको calculator ही सही संख्या दिखाएगा, क्योंकि slab साइट की सेटिंग से आते हैं।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता

यह calculator सामान्य स्थिति मानता है। इसमें lower-deduction certificate, tax-treaty की दरें, non-resident का मामला, surcharge, और उम्र के अनुसार अलग slab शामिल नहीं हैं। सैलरी का हिस्सा सिर्फ़ नियोक्ता के मासिक TDS का अनुमान है, असली गणना आपकी घोषणाओं और नियोक्ता की प्रक्रिया पर निर्भर करती है, और अन्य आय या कटौतियाँ बाद में बदल सकती हैं। अन्य भुगतान के हिस्से में हर सेक्शन के लिए अलग दर और सीमा सेट की गई है, पर दर, सीमा और शर्तें समय-समय पर बदलती हैं और कई सेक्शन में अपवाद होते हैं। इसलिए ये अंक सिर्फ़ इस calculator की मान्यताएँ हैं, आधिकारिक नियम नहीं। जमा करने की तारीख़, TDS रिटर्न, प्रमाणपत्र जारी करने और देरी के दंड भी इसमें शामिल नहीं हैं। असली नियम के लिए आयकर विभाग का पोर्टल या अपना CA देखें।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Income Tax Calculator: पूरे साल का टैक्स और New/Old regime की तुलना देखने के लिए।
  • Salary Calculator: gross से इन-हैंड तनख़्वाह तक का रास्ता समझने के लिए।
  • Advance Tax Calculator: जब TDS से टैक्स पूरा न हो, तब अग्रिम कर के लिए।
  • Interest Income Tax Calculator: बैंक और FD के ब्याज पर टैक्स की समझ के लिए।
  • Presumptive Tax Calculator: फ्रीलांसर और छोटे कारोबारी के लिए।
  • ITR Documents Checklist: TDS प्रमाणपत्र और रिटर्न के काग़ज़ों की तैयारी के लिए।

यह लेख और calculator सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए हैं; नतीजे अनुमान हैं, और इन्हें कर, क़ानूनी या वित्तीय सलाह न समझें। दर और सीमाएँ बदलती हैं, इसलिए काटने या भरने से पहले आयकर विभाग की साइट देखें या किसी योग्य CA से पुष्टि करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
सैलरी वाले: पहले regime तय करें

अपने नियोक्ता को सही regime बताने से हर महीने का TDS बदलता है। Old regime लें तो कटौतियों के सबूत समय पर जमा करें।

2
Form 26AS / AIS से मिलान करें

अपने नाम से जमा हुए TDS की जाँच 26AS और AIS में करें। भुगतानकर्ता ने ग़लत जमा किया हो तो समय रहते सुधार का अनुरोध करें।

3
PAN समय पर दें

ब्याज, फ़ीस या किराया पाने से पहले अपना PAN भुगतानकर्ता को दें, ताकि बढ़ी हुई दर पर TDS न कटे।

4
सीमा का हिसाब रखें

कई बैंक खातों या कई भुगतानों का कुल देखें; सीमा "प्रति खाते" नहीं, अक्सर कुल पर लगती है। पुराने भुगतान "पहले दिया गया" बॉक्स में डालें।

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TDS कटा मतलब टैक्स पूरा नहीं

आपकी कुल आय पर असली टैक्स TDS से ज़्यादा हो सकता है। अंतर रिटर्न भरते समय चुकाना पड़ता है।

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कम आय पर रिफ़ंड देखें

आपकी कुल कर-योग्य आय छूट-सीमा से कम हो तो कटा हुआ TDS रिटर्न भरकर वापस पाया जा सकता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

TDS (Tax Deducted at Source) में भुगतान करने वाला व्यक्ति या कंपनी (जैसे नियोक्ता, बैंक, किरायेदार) पैसा देते समय ही टैक्स का एक हिस्सा काटकर सरकार को जमा करता है। यह रकम आपके Form 26AS / AIS में दिखती है और रिटर्न भरते समय आपके टैक्स से घट जाती है।

नियोक्ता साल भर की अनुमानित कर-योग्य आय पर चुने regime के हिसाब से टैक्स निकालता है और उसे 12 महीनों में बाँटकर हर महीने काटता है। New regime में स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद ₹12 लाख कर-योग्य आय तक टैक्स नहीं लगता।

ज़्यादातर भुगतानों पर दर दोगुनी हो जाती है, पर कम से कम 20% (धारा 206AA)। इसलिए पाने वाले को PAN देना चाहिए।

ज़रूरी नहीं। TDS बस आपके टैक्स का अग्रिम हिस्सा है। अगर आपका असली टैक्स TDS से ज़्यादा है तो बाक़ी रिटर्न में भरना होता है; कम है तो रिफ़ंड मिलता है।

सैलरी पर TDS पूरे साल के अनुमानित टैक्स से निकलता है, जबकि बाक़ी भुगतानों पर सेक्शन के अनुसार तय दर लगती है। दोनों का हिसाब अलग है, इसलिए पेज दो मोड देता है।

यह पेज सिर्फ़ TDS पर केंद्रित है। PF, PT और in-hand सैलरी के लिए Salary Calculator देखें।

आप HRA छूट, 80C, 80D, NPS जैसी कटौतियों का कुल सालाना जोड़ एक संख्या में डालते हैं। पेज अलग से हर कटौती की सीमा नहीं जाँचता, इसलिए अपने नियम की सीमा खुद देख लें।

पेज एक नियोक्ता और पूरे साल की सैलरी मानता है। दो नियोक्ताओं की सैलरी जुड़ने से अंतिम टैक्स और TDS अलग हो सकते हैं।

सैलरी के ही हिस्से की तरह उसे साल की कुल आय में जोड़कर टैक्स निकलता है। पेज में बोनस जोड़ना हो तो उसे सालाना gross में जोड़ दें।

कुछ सेक्शन में सालाना कुल रकम पर सीमा देखी जाती है (जैसे प्रोफ़ेशनल फ़ीस), कुछ में हर भुगतान पर (जैसे लॉटरी की जीत)। पेज की तालिका में हर सेक्शन की सीमा का रूप दिया है।

क्योंकि सालाना सीमा पुराने और नए भुगतानों को जोड़कर देखी जाती है। इसके बिना यह पता नहीं चलता कि इस बार सीमा पार हुई या नहीं।

उस सेक्शन में साल का कुल भुगतान ₹1,00,000 से ऊपर चला जाए तो भी TDS लगता है। पेज इसी नियम से कुल रकम पर आधार निकालता है।

पेज के डेटा के अनुसार यह 0.1% है और सिर्फ़ ₹50 लाख से ऊपर की रकम पर, ऐसे ख़रीदार पर लगता है जिसका कारोबार ₹10 करोड़ से ज़्यादा है। आम तौर पर व्यक्तिगत लोग इसके दायरे में नहीं आते।

नहीं। यहाँ केवल आयकर के TDS का हिसाब है। TCS और GST के नियम अलग हैं और पेज में शामिल नहीं हैं।

पेज बैंक ब्याज की सीमा ₹50,000 मानता है और नोट में बताता है कि senior citizen के लिए सीमा अलग है। अगर आप senior citizen हैं तो उस सीमा का फ़र्क़ खुद ध्यान में रखें।

नहीं। यह सामान्य जानकारी के लिए अनुमान देता है। TDS जमा करने और रिटर्न भरने की प्रक्रिया भुगतानकर्ता की ज़िम्मेदारी है।

अंतिम टैक्स आपकी कुल आय से तय होता है, इसलिए कम कटे TDS की भरपाई रिटर्न के समय या अग्रिम कर के रूप में करनी पड़ सकती है।

नहीं। यह केवल गणना है। जमा हुआ या नहीं, यह Form 26AS या AIS में अपने रिकॉर्ड से देखा जाता है।

दर और सीमा दोनों बदल जाएँगी। कोई भुगतान किस सेक्शन में आता है, यह भुगतान की प्रकृति और अनुबंध से तय होता है, इसलिए शंका हो तो कर सलाहकार से पूछें।

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