किस्त चूकने से पहले हिसाब

Advance Tax Calculator

अनुमानित टैक्स और अब तक भरी किस्तें डालिए — हर किस्त कितनी बनती थी, कितनी कम रही और उस पर कितना ब्याज (धारा 234B / 234C) लग सकता है, देखिए।

  • चार किस्तों का हिसाब
  • धारा 234C ब्याज
  • धारा 234B ब्याज
  • Presumptive (44AD/44ADA) एक किस्त
  • किस्त-दर-किस्त कमी
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहAdvance tax की चार तारीख़ें हैं - 15 जून, 15 सितंबर, 15 दिसंबर और 15 मार्च। जितनी जल्दी कमी भरेंगे, ब्याज उतना कम बनेगा।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

Advance Tax कब और कितना भरना होता है?

  • अगर पूरे साल का आपका टैक्स (TDS/TCS घटाने के बाद) ₹10,000 या ज़्यादा बनता है, तो उसका एक हिस्सा साल के बीच में ही चार किस्तों में भरना होता है।
  • आम करदाता के लिए किस्तें: 15 जून तक कुल टैक्स का 15%, 15 सितंबर तक 45%, 15 दिसंबर तक 75% और 15 मार्च तक 100% (ये संचयी यानी cumulative आँकड़े हैं)।
  • धारा 44AD / 44ADA के presumptive करदाता पूरा advance tax एक ही किस्त में, 15 मार्च तक भर सकते हैं।
  • जो वरिष्ठ नागरिक (60+) कोई बिज़नेस या प्रोफ़ेशन नहीं चलाते, उन्हें advance tax नहीं भरना होता।
  • धारा 234C: किसी किस्त में कम भरने पर कमी की रकम पर 1% प्रति माह ब्याज (पहली तीन किस्तों के लिए 3 माह, आख़िरी के लिए 1 माह)। तय सीमा तक भरा हो तो (15 जून तक 12%, 15 सितंबर तक 36%) इन दो किस्तों पर ब्याज नहीं लगता।
  • धारा 234B: अगर 31 मार्च तक कुल टैक्स का 90% से कम भरा, तो बची रकम पर 1 अप्रैल से भरने की तारीख़ तक 1% प्रति माह ब्याज (अधूरा महीना पूरा गिना जाता है)।
  • नया Income-tax Act, 2025 अप्रैल 2026 से लागू है और इन प्रावधानों की धाराओं के नंबर बदले हैं; सटीक धारा के लिए आधिकारिक स्रोत देखें। यहाँ का हिसाब मोटा अनुमान है।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Net tax = estimated tax − TDS/TCS and other credits. Required cumulative amount = net tax × 15% / 45% / 75% / 100% (presumptive: 100% on 15 March). 234C interest per instalment = 1% × months (3, 3, 3, 1) × shortfall rounded down to ₹100; no interest if ≥12% was paid by 15 June / ≥36% by 15 September. 234B interest = 1% × months from 1 April × (net tax − advance tax paid by 31 March), if less than 90% was paid.

Net टैक्स = अनुमानित टैक्स − TDS/TCS व अन्य credit। किस्त तक ज़रूरी संचयी रकम = net टैक्स × 15% / 45% / 75% / 100% (presumptive: 15 मार्च पर 100%)। हर किस्त का 234C ब्याज = 1% × माह (3, 3, 3, 1) × कमी (₹100 तक घटाकर); 15 जून तक ≥12% या 15 सितंबर तक ≥36% भरा हो तो उन किस्तों पर ब्याज नहीं। 234B ब्याज = 1% × 1 अप्रैल से माह × (net टैक्स − 31 मार्च तक भरा advance tax), अगर 90% से कम भरा हो।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 10 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: 2026-10-10

Estimate only, for learning — not advice. Estimate only. Actual interest depends on the exact dates of payment, the final assessed tax and special cases (capital gains, lottery income, etc.). Check the Income Tax Department's rules or consult a CA before paying. Not tax advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह सिर्फ़ अनुमान है। असली ब्याज भुगतान की सही तारीख़ों, अंतिम assessed टैक्स और विशेष मामलों (capital gains, लॉटरी आय आदि) पर निर्भर करता है। भुगतान से पहले Income Tax Department के नियम देखें या CA से सलाह लें। यह टैक्स सलाह नहीं है। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • Net टैक्स = पूरे साल का अनुमानित टैक्स (cess सहित) − TDS/TCS और अन्य credit। पेज के अनुसार net टैक्स ₹10,000 या अधिक हो तो advance tax की किस्तें बनती हैं।
  • आम करदाता के लिए संचयी रकम: 15 जून तक 15%, 15 सितंबर तक 45%, 15 दिसंबर तक 75%, 15 मार्च तक 100%। Presumptive (44AD / 44ADA) में 100% एक बार, 15 मार्च तक।
  • 234C: किस्त में कमी पर 1% प्रति माह (3, 3, 3 और 1 माह) और कमी ₹100 तक घटाकर गिनी जाती है। 234B: 31 मार्च तक 90% से कम भरा तो बची रकम पर 1 अप्रैल से भरने तक 1% प्रति माह।
  • पेज की शुरुआती संख्याओं पर net टैक्स ₹2,50,000 है और कुल अनुमानित ब्याज ₹6,800 आता है। यह अनुमान है, असली ब्याज तारीख़ों और अंतिम टैक्स पर निर्भर है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

सुमन: पेज की शुरुआती संख्याएँ

सुमन फ्रीलांसर है। अनुमानित टैक्स ₹3,00,000, TDS ₹50,000। उसने 15 जून तक ₹30,000, फिर 15 सितंबर तक ₹40,000, 15 दिसंबर तक ₹50,000 और 15 मार्च तक ₹60,000 अलग-अलग भरे। बाक़ी टैक्स वह 1 अप्रैल के 4 महीने बाद भरेगी।

Net टैक्स
₹2,50,000
अब तक कुल भरा
₹1,80,000
234C (जून: भरा ₹30,000 = 12% की सीमा, ब्याज नहीं)
₹0
234C (सितंबर: कमी ₹42,500)
₹1,275
234C (दिसंबर: कमी ₹67,500)
₹2,025
234C (मार्च: कमी ₹70,000)
₹700
234B (₹70,000 बाक़ी, 4 माह)
₹2,800
कुल अनुमानित ब्याज
₹6,800

जून की किस्त सीमा के अंदर रही इसलिए उसका ब्याज नहीं लगा। बाक़ी रकम जितनी जल्दी भरेगी, 234B का ब्याज उतना कम रहेगा।

दीपक: Presumptive करदाता, 15 मार्च तक एक किस्त

दीपक 44AD के तहत आय घोषित करता है। अनुमानित टैक्स ₹4,00,000, TDS ₹40,000। वह 15 मार्च से पहले पूरी रकम एक बार में भर देता है।

Net टैक्स
₹3,60,000
ज़रूरी: 15 जून / सितंबर / दिसंबर तक
₹0 (0%)
ज़रूरी: 15 मार्च तक
₹3,60,000 (100%)
भरा 15 मार्च तक
₹3,60,000
कुल अनुमानित ब्याज
₹0

Presumptive में सिर्फ़ एक ही तारीख़ ज़रूरी है, इसलिए 15 मार्च तक पूरा भर देने पर 234B/234C का ब्याज नहीं बनता।

फ़ातिमा: आख़िर तक इंतज़ार

फ़ातिमा का अनुमानित टैक्स ₹3,00,000, TDS ₹50,000 है। वह सारा टैक्स सिर्फ़ चौथी अवधि में, 16 दिसंबर से 15 मार्च के बीच, ₹2,25,000 भरती है।

Net टैक्स
₹2,50,000
234C (जून: कमी ₹37,500)
₹1,125
234C (सितंबर: कमी ₹1,12,500)
₹3,375
234C (दिसंबर: कमी ₹1,87,500)
₹5,625
234C (मार्च: कमी ₹25,000)
₹250
234B
₹0 (भरा 90% = ₹2,25,000)
कुल अनुमानित ब्याज
₹10,375

आख़िर में पूरा भरने से 234B बच गया, पर 234C का ब्याज तीन किस्तों में बन गया। किस्तों में भरना अंत में एकमुश्त भरने से सस्ता रहता है।

Net टैक्स ₹2,50,000 पर ज़रूरी संचयी रकम

Net टैक्स ₹2,50,000 पर ज़रूरी संचयी रकम
तारीख़ (FY 2026-27)आम करदाताPresumptive (44AD/44ADA)
15 जून 202615% = ₹37,500ज़रूरी नहीं
15 सितंबर 202645% = ₹1,12,500ज़रूरी नहीं
15 दिसंबर 202675% = ₹1,87,500ज़रूरी नहीं
15 मार्च 2027100% = ₹2,50,000100% = ₹2,50,000

ये पेज में रखी गई तारीख़ें और प्रतिशत हैं। आम करदाता के लिए 15 जून और 15 सितंबर पर क्रमशः 12% और 36% तक भरा हो तो 234C का ब्याज नहीं लगता।

₹1,00,000 की कमी पर ब्याज कैसे बनता है (1% प्रति माह)

₹1,00,000 की कमी पर ब्याज कैसे बनता है (1% प्रति माह)
स्थितिगिने जाने वाले माहब्याज
234C: जून, सितंबर या दिसंबर की किस्त में कमी3₹3,000
234C: मार्च की किस्त में कमी1₹1,000
234B: बची रकम 1 अप्रैल के 1 माह बाद भरी1₹1,000
234B: 2 माह बाद2₹2,000
234B: 4 माह बाद4₹4,000
234B: 6 माह बाद6₹6,000
234B: 12 माह बाद12₹12,000

कमी की रकम ₹100 के गुणांक तक घटाकर गिनी जाती है। 234B तभी लगता है जब 31 मार्च तक 90% से कम भरा हो।

त्वरित संदर्भ: Advance Tax

त्वरित संदर्भ: Advance Tax
Net टैक्सअनुमानित टैक्स (cess सहित) − TDS/TCS और अन्य credit
कब लागूnet टैक्स ₹10,000 या अधिक
आम करदाता की किस्तें15% / 45% / 75% / 100% (संचयी), 15 जून / 15 सितंबर / 15 दिसंबर / 15 मार्च
Presumptive (44AD/44ADA)100%, 15 मार्च तक एक किस्त
वरिष्ठ नागरिक (60+)बिना बिज़नेस या प्रोफ़ेशन आय हो तो advance tax ज़रूरी नहीं
234C1% प्रति माह × (3, 3, 3, 1) × कमी; 15 जून तक 12% और 15 सितंबर तक 36% भरा हो तो ब्याज नहीं
234B31 मार्च तक 90% से कम भरा हो तो बची रकम पर 1 अप्रैल से भरने तक 1% प्रति माह
इस पेज में क्या नहींआपके टैक्स की गणना, धारा 234A (देर से ITR), capital gains/लॉटरी जैसे विशेष मामले, भुगतान की सही तारीख़ और रिफ़ंड पर ब्याज।

Advance Tax Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

ज़्यादातर नौकरीपेशा लोगों का टैक्स तनख़्वाह से TDS के रूप में हर महीने कट जाता है और उन्हें अलग से कुछ भरना नहीं पड़ता। लेकिन जिनकी आय का बड़ा हिस्सा फ्रीलांसिंग, कारोबार, किराए, पूँजीगत लाभ या ब्याज से आता है, उनके लिए टैक्स साल के अंत में एक साथ भरने की बजाय साल के बीच में चार किस्तों में भरना पड़ सकता है। इसे advance tax कहते हैं। अगर किस्त समय पर या पूरी न भरी जाए, तो आयकर क़ानून में ब्याज लगता है, जिसे आम बोलचाल में धारा 234B और 234C का ब्याज कहा जाता है।

यह calculator तीन सवालों का अनुमान देता है: मेरी हर किस्त तक कितनी रकम बननी चाहिए थी, मैंने कितनी भरी और कमी कितनी रही, और उस कमी या देरी के कारण लगभग कितना ब्याज बन सकता है। आप अनुमानित सालाना टैक्स, TDS, और हर अवधि में भरी गई रकम डालते हैं; पेज किस्त-दर-किस्त तालिका बनाता है और कुल अनुमानित ब्याज दिखाता है।

इसमें दी गई तारीख़ें और प्रतिशत इस पेज के वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रखे गए हैं। पेज के नोट में यह भी लिखा है कि नया Income-tax Act, 2025 अप्रैल 2026 से लागू है और प्रावधानों की धाराओं के नंबर बदले हैं। इसलिए इस लेख में आगे जहाँ भी धारा या प्रतिशत का ज़िक्र है, उसे "इस calculator में माना गया है" की तरह पढ़ें और सटीक नियम Income Tax Department की वेबसाइट पर जाँच लें।

किसके काम का है

  • फ्रीलांसर, सलाहकार, डॉक्टर, वकील जैसे पेशेवर, जिनके क्लाइंट सीधे भुगतान करते हैं और TDS कम या नहीं कटता।
  • छोटे कारोबारी और दुकानदार, ख़ासकर वे जो presumptive कर योजना (44AD या 44ADA) में आते हैं।
  • मकान मालिक और निवेशक, जिन्हें किराए, ब्याज, लाभांश या शेयर/म्यूचुअल फंड बिक्री से बड़ी आय होती है।
  • वे लोग जिनकी तनख़्वाह के साथ कोई दूसरी बड़ी आय है और TDS पूरा टैक्स नहीं ढकता।
  • जो CA के पास जाने से पहले मोटा अंदाज़ा लेना चाहते हैं कि कोई किस्त चूकी है तो उसकी क़ीमत क्या होगी।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर नौ इनपुट हैं।

  • आप किस श्रेणी में हैं? तीन विकल्प: आम करदाता (4 किस्तें), presumptive 44AD / 44ADA (एक किस्त, 15 मार्च तक) और वरिष्ठ नागरिक (60+) बिना बिज़नेस आय के।
  • पूरे साल का अनुमानित टैक्स (₹, cess सहित): आपकी अनुमानित कुल कर देनदारी। इसे आप आय-कर के calculator या अपने CA के अनुमान से ले सकते हैं।
  • TDS / TCS और अन्य credit (₹): जितना टैक्स पहले ही कट चुका है या जिसकी क्रेडिट मिलेगी। इसे Form 26AS या AIS में देखा जा सकता है।
  • भरा: 15 जून 2026 तक (₹): पहली अवधि में आपने जितना advance tax भरा।
  • भरा: 16 जून – 15 सितंबर 2026 (₹): दूसरी अवधि की रकम।
  • भरा: 16 सितंबर – 15 दिसंबर 2026 (₹): तीसरी अवधि की रकम।
  • भरा: 16 दिसंबर 2026 – 15 मार्च 2027 (₹): चौथी अवधि की रकम।
  • भरा: 16 – 31 मार्च 2027 (₹): 15 मार्च के बाद 31 मार्च तक भरी रकम। यह 234C की किस्त में नहीं गिनी जाती, पर कुल भरे हुए advance tax में जुड़ती है, जो 234B के लिए मायने रखता है।
  • बचा टैक्स 1 अप्रैल से कितने महीने बाद भरेंगे? 0 से 12 महीने का स्लाइडर। यह 234B के ब्याज के महीने तय करता है।
ध्यान दें: हर अवधि का खाना उसी अवधि में भरी रकम का है, कुल संचयी रकम का नहीं। पेज खुद संचयी जोड़ लेता है। इसलिए अगर आपने 15 जून तक ₹20,000 और अगली अवधि में ₹70,000 भरे, तो दूसरे खाने में 70,000 ही लिखें, 90,000 नहीं।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर "अनुमानित ब्याज (234B + 234C)" दिखता है। अगर ब्याज नहीं बनता तो वहाँ "कोई ब्याज नहीं बनता" लिखा होता है। उसके नीचे छह पंक्तियाँ आती हैं।

  1. Net टैक्स (TDS आदि घटाकर): अनुमानित टैक्स − TDS/TCS और क्रेडिट।
  2. Advance tax अब तक भरा (31 मार्च तक): पाँचों अवधियों में भरी रकम का जोड़।
  3. धारा 234C का ब्याज (किस्तों में कमी)।
  4. धारा 234B का ब्याज (90% से कम भरा)।
  5. कुल अनुमानित ब्याज।
  6. बाक़ी टैक्स + ब्याज (ITR से पहले भरने को): अभी भी चुकाने के लिए बची कुल रकम का अनुमान।

पाई चार्ट में "भरा हुआ" और "कमी" का अनुपात दिखता है। उसके बाद "किस्त-दर-किस्त हिसाब" तालिका है: हर तारीख़ पर ज़रूरी संचयी रकम और उसका प्रतिशत, भरी हुई संचयी रकम, कमी और उस किस्त का 234C ब्याज। अगर कमी तय सीमा के भीतर हो तो "सीमा के अंदर" लिखा आता है और उस किस्त पर ब्याज शून्य रहता है। नीचे या तो हरा संदेश "इन आँकड़ों पर कोई ब्याज नहीं बनता" आता है या पीला चेतावनी संदेश जो कहता है कि बची रकम जल्दी भरने से 234B का ब्याज रुकता है।

कुछ स्थितियों में पेज ब्याज की जगह जानकारी वाला संदेश देता है:

  • वरिष्ठ नागरिक (बिना बिज़नेस आय) को advance tax भरना ज़रूरी नहीं, इसलिए ब्याज शून्य।
  • अगर net टैक्स ₹10,000 से कम है (इस calculator में यही सीमा मानी गई है), तो advance tax लागू नहीं माना जाता और बाक़ी टैक्स ITR भरते समय चुकाने की बात कही जाती है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

साल की शुरुआत में अनुमानित टैक्स तय करें

साल के बीच में आय बदलती है, इसलिए हर तिमाही पर अपना अनुमानित टैक्स दोबारा निकालें और calculator में अपडेट करें। इस बार की किस्त पिछली कमी भी पूरी कर सकती है।

किस्त चूक जाए तो क्या देखें

इस calculator में किसी चूकी हुई किस्त का 234C ब्याज उसी किस्त की कमी पर गिना जाता है, इसलिए बाद में कमी भरने से वह किस्त वाला ब्याज पूरी तरह नहीं मिटता। पर 31 मार्च तक भरा कुल advance tax 234B की जाँच में गिना जाता है, इसलिए उस तारीख़ तक कुल रकम बढ़ाना काम आता है। स्लाइडर के महीने 0 से 12 तक बदलकर देखिए कि बचा टैक्स जल्दी भरने से 234B ब्याज कैसे घटता है।

TDS का हिसाब रखें

TDS/TCS की रकम AIS में दिखती है, पर कभी-कभी देरी से अपडेट होती है। सही net टैक्स के लिए पहले उसे जाँचें।

श्रेणी बदलकर तुलना

अगर आप 44AD/44ADA के पात्र हैं, तो श्रेणी "presumptive" चुनकर देखें कि एक किस्त में भुगतान का क्या असर होता है। पात्रता आपके कारोबार और आय पर निर्भर है और नियम बदल सकते हैं; पक्का होने के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।

चालान से पहले रकम गोल करें

भरने से पहले अपने CA से अंतिम रकम की पुष्टि करें, और भुगतान की रसीद (चालान) सुरक्षित रखें।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • सिर्फ़ तनख़्वाह वाले को लगता है कि उनके लिए लागू नहीं। अगर अतिरिक्त आय पर TDS पूरा नहीं कटता और net टैक्स सीमा पार कर जाए तो लागू हो सकता है।
  • 15 मार्च तक सब भरना काफ़ी मान लेना। आम करदाता के लिए चारों किस्तें अलग मायने रखती हैं; अंत में सब एक साथ भरने से 234C बनता है।
  • TDS घटाना भूल जाना। इससे ज़रूरी किस्तें ज़्यादा दिखती हैं।
  • संचयी और अवधि-वार रकम में उलझना। इस पेज में अवधि-वार रकम डाली जाती है।
  • सिर्फ़ ब्याज की गणना को पूरी देनदारी समझना। ब्याज के अलावा मूल टैक्स बाक़ी रहता है।
  • वरिष्ठ नागरिक को सब छूट मान लेना। छूट तब है जब बिज़नेस या पेशे की आय न हो।
  • पुराने साल के नियम पर चलना। तारीख़ें और धाराएँ बदल सकती हैं।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

इस calculator में माने गए नियम ये हैं (नियम बदलते हैं, आधिकारिक स्रोत से जाँचें):

  1. Net टैक्स = अनुमानित टैक्स − TDS/TCS और अन्य क्रेडिट, शून्य से कम नहीं।
  2. ज़रूरी संचयी रकम: आम करदाता के लिए 15 जून तक net टैक्स का 15%, 15 सितंबर तक 45%, 15 दिसंबर तक 75% और 15 मार्च तक 100%। Presumptive करदाता के लिए केवल 15 मार्च पर 100%।
  3. 234C का ब्याज हर किस्त के लिए: कमी (₹100 के गुणज में नीचे की ओर गोल) × 1% प्रति माह × महीनों की संख्या। महीनों की संख्या पहली तीन किस्तों के लिए 3, 3, 3 और आख़िरी के लिए 1 माना गया है। कमी = ज़रूरी संचयी रकम − अब तक का भरा संचयी।
  4. सीमा की छूट: आम करदाता को पहली किस्त पर अगर net टैक्स का कम-से-कम 12% और दूसरी किस्त तक कम-से-कम 36% भरा है, तो इन दो किस्तों पर 234C ब्याज नहीं लगता (Presumptive के लिए यह छूट नहीं लगाई गई)।
  5. 234B का ब्याज: अगर 31 मार्च तक भरा कुल advance tax net टैक्स के 90% से कम है, तो बची रकम (₹100 के गुणज में नीचे) × 1% × आपके चुने महीनों की संख्या।
  6. कुल ब्याज = 234C + 234B। बाक़ी देय = (net टैक्स − भरा) + कुल ब्याज।

मान्यताएँ: ब्याज की दर 1% प्रति माह और अधूरे महीने को पूरा गिनने का नियम सरल रूप में रखा गया है। भुगतान की सटीक तारीख़ के हिसाब से दिनों का अंतर नहीं गिना जाता। इसमें अंतिम assessed टैक्स, विशेष आय (जैसे लॉटरी या कुछ पूँजीगत लाभ जिनकी किस्तों के अलग नियम हो सकते हैं) और 234A, 234F जैसी देरी की धाराएँ शामिल नहीं हैं।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए अनीता एक फ्रीलांस आर्किटेक्ट हैं (आम करदाता)। उनका पूरे साल का अनुमानित टैक्स ₹4,20,000 है, और ₹60,000 TDS पहले ही कट चुका है। उन्होंने साल में यह भरा: 15 जून तक ₹20,000, अगली अवधि में ₹70,000, फिर ₹60,000 और 15 मार्च तक की अवधि में ₹90,000। 16–31 मार्च में कुछ नहीं भरा। बचा टैक्स वे 1 अप्रैल के 3 महीने बाद भरने की सोचती हैं।

  1. Net टैक्स = 4,20,000 − 60,000 = ₹3,60,000।
  2. ज़रूरी संचयी: 15% = ₹54,000; 45% = ₹1,62,000; 75% = ₹2,70,000; 100% = ₹3,60,000।
  3. भरा संचयी: ₹20,000; ₹90,000; ₹1,50,000; ₹2,40,000।
  4. कमी: ₹34,000; ₹72,000; ₹1,20,000; ₹1,20,000।
  5. सीमा की जाँच: पहली किस्त की 12% सीमा = ₹43,200 है, पर उन्होंने ₹20,000 भरे, इसलिए छूट नहीं। दूसरी की 36% सीमा = ₹1,29,600, उन्होंने ₹90,000 भरे, तो छूट नहीं।
  6. 234C: पहली किस्त 34,000 × 1% × 3 = ₹1,020; दूसरी 72,000 × 1% × 3 = ₹2,160; तीसरी 1,20,000 × 1% × 3 = ₹3,600; चौथी 1,20,000 × 1% × 1 = ₹1,200। जोड़ ₹7,980।
  7. 234B: कुल भरा ₹2,40,000, जबकि net टैक्स का 90% ₹3,24,000 है, इसलिए लागू। बची रकम 1,20,000 × 1% × 3 महीने = ₹3,600।
  8. कुल अनुमानित ब्याज = 7,980 + 3,600 = ₹11,580।
  9. बाक़ी देय = 1,20,000 + 11,580 = ₹1,31,580।

अब वही हालत लें, अगर अनीता सही समय पर पूरी किस्तें भरतीं: ₹54,000, ₹1,08,000, ₹1,08,000, ₹90,000 (अवधि-वार), तो संचयी रकम ज़रूरी रकम से बराबर बैठती और ब्याज शून्य आता। दोनों हालात का फ़र्क़ ₹11,580 ब्याज का है, जो सिर्फ़ किस्तों के समय का है।

Presumptive का उदाहरण: एक दुकानदार का net टैक्स ₹3,00,000 है और उसने 15 मार्च तक की अवधि में सिर्फ़ ₹1,50,000 भरे। 234C = 1,50,000 × 1% × 1 = ₹1,500। 234B (6 महीने बाद भरने पर) = 1,50,000 × 1% × 6 = ₹9,000। कुल ₹10,500 और बाक़ी देय ₹1,60,500। ये सब अनुमान हैं, असली रकम चालान भरते समय या CA से जाँचें।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता

यह calculator आपका टैक्स खुद नहीं निकालता; आपको अनुमानित टैक्स देना होता है। यह भुगतान की सटीक तारीख़ के दिनों के आधार पर नहीं, पूरी अवधि के हिसाब से अनुमान लगाता है। पूँजीगत लाभ, लॉटरी या कुछ विशेष आय में किस्तों के अलग नियम हो सकते हैं, जो यहाँ मॉडल नहीं किए गए। देरी से ITR भरने के जुर्माने, 234A, ब्याज की छूट के आवेदन और असली assessed टैक्स भी शामिल नहीं हैं। चूँकि पेज के नोट के अनुसार धाराओं के नंबर बदले हैं और तारीख़ें हर वर्ष की अधिसूचना पर निर्भर करती हैं, इसलिए Income Tax Department की वेबसाइट या अपने CA से अंतिम पुष्टि ज़रूर करें।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

Advance tax को समय पर भरना बाद के ब्याज और हड़बड़ी दोनों से बचाता है। यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी है, कोई कर, क़ानूनी या निवेश सलाह नहीं; भुगतान से पहले Income Tax Department के नियम देखें या किसी योग्य CA से सलाह लें।

6 काम की बातें याद रखें

1
पहले अनुमानित टैक्स निकालें

यह पेज आपका टैक्स नहीं निकालता, केवल किस्तें और ब्याज बताता है। टैक्स की रकम के लिए Income Tax Calculator इस्तेमाल करके यहाँ डालें।

2
TDS का हिसाब Form 26AS या AIS से मिलाएँ

net टैक्स तभी सही निकलेगा जब TDS/TCS की सही रकम घटाई जाए। पोर्टल पर दिखने वाली क्रेडिट से मिलान करके डालें।

3
हर तिमाही में छोटी किस्त भरें

आख़िर में एक बार भरने के बजाय हर किस्त पर लगभग निर्धारित हिस्सा भरना 234C के ब्याज से बचाता है।

4
आय का अनुमान बदले तो किस्त बदलें

साल के बीच में आमदनी बहुत बढ़ जाए या घट जाए तो अनुमानित टैक्स बदलकर नई कमी जाँचें, ताकि अगली किस्त सही बने।

5
महीने की गिनती पर ध्यान दें

234B में अधूरा महीना भी पूरा गिना जाता है, इसलिए बची रकम नए महीने के शुरू होने से पहले भर देना एक पूरे महीने का ब्याज बचा सकता है।

6
भुगतान की रसीद सँभालें

हर किस्त की चालान रसीद (BSR कोड, तारीख़ और रकम) रखें। ITR भरते समय उसी से मिलान होता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

अगर TDS/TCS घटाने के बाद पूरे साल का आपका टैक्स ₹10,000 या ज़्यादा बनता है तो advance tax देना होता है। बिना बिज़नेस आय वाले 60+ वरिष्ठ नागरिकों को यह नहीं भरना होता।

आम करदाता: 15 जून तक 15%, 15 सितंबर तक 45%, 15 दिसंबर तक 75% और 15 मार्च तक 100% (संचयी)। धारा 44AD/44ADA वाले करदाता पूरा advance tax 15 मार्च तक एक किस्त में भर सकते हैं।

234C हर किस्त में कमी पर लगता है (1% प्रति माह, 3 माह या आख़िरी किस्त पर 1 माह)। 234B तब लगता है जब 31 मार्च तक कुल टैक्स का 90% से कम भरा हो; तब बची रकम पर 1 अप्रैल से भरने की तारीख़ तक 1% प्रति माह ब्याज लगता है।

जितनी जल्दी हो सके बची रकम भर दें, क्योंकि ब्याज हर महीने बढ़ता है। इस calculator में अब तक भरी किस्तें डालकर अनुमानित ब्याज देखें, और असली रकम चालान भरते समय या अपने CA से जाँच लें।

अगर नियोक्ता TDS से पूरा टैक्स काट देता है तो net टैक्स छोटा रहता है और अक्सर advance tax नहीं बनता। किराया, पूँजीगत लाभ या अन्य आय हो तो net टैक्स अलग से देखें।

हाँ। "वरिष्ठ नागरिक (60+), बिना बिज़नेस आय" चुनने पर पेज बताता है कि advance tax ज़रूरी नहीं और ब्याज शून्य दिखाता है।

पेज बताता है कि advance tax लागू नहीं है और बाक़ी टैक्स ITR भरते समय चुकाना होगा।

अगर 15 जून तक कुल टैक्स का 12% और 15 सितंबर तक 36% भरा जा चुका है तो उन किस्तों में 234C का ब्याज नहीं लगता, भले ही पूरा 15% या 45% न भरा हो।

ताकि पता चले कि हर रकम किस अवधि में भरी गई। 234C हर किस्त की संचयी कमी पर बनता है, इसलिए भुगतान की अवधि मायने रखती है।

यह 234B के ब्याज के लिए माह गिनता है। 0 रखने पर 234B नहीं जुड़ेगा और महीने बढ़ाने पर वह बढ़ेगा।

पेज में कमी के हिसाब से ब्याज शून्य रहेगा। अधिक भरी हुई रकम ITR में रिफ़ंड के रूप में माँगी जा सकती है, जिसका हिसाब यह पेज नहीं करता।

नहीं। 234A देर से ITR भरने से जुड़ा है। उसके लिए Late ITR Penalty Calculator देखें।

हाँ, इनके लिए अलग व्यवस्था हो सकती है। पेज में इनका अलग हिसाब नहीं है, इसलिए ऐसी आय पर CA या आधिकारिक नियम से पुष्टि करें।

नहीं। पेज किस्त-अवधि और आपके दिए माह से मोटा हिसाब लगाता है। सटीक रकम तारीख़ों और विभाग की गणना पर निर्भर है।

हाँ, फ़ील्ड का लेबल "cess सहित" कहता है। cess छोड़ने पर net टैक्स और किस्तें कम दिखेंगी।

तब पेज में advance tax लागू नहीं दिखेगा और ब्याज शून्य रहेगा। रिफ़ंड का हिसाब ITR में होता है।

पेज के अनुसार प्रावधानों की धाराओं के नंबर बदले हैं। सटीक धारा के लिए आधिकारिक स्रोत देखें; यह पेज मोटा अनुमान ही देता है।

नहीं। यह शैक्षणिक अनुमान है। भुगतान से पहले आयकर विभाग के नियम देखें या CA से राय लें।

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