छोटे कारोबार के लिए अनुमानित कर

Presumptive Tax Calculator (44AD / 44ADA)

फ्रीलांसर, डॉक्टर, कंसल्टेंट या छोटे दुकानदार हैं? देखें कि अनुमानित (presumptive) योजना में कर कितना बनेगा और असली खर्च दिखाने से कितना फ़र्क़ पड़ेगा।

  • 44ADA पेशेवर
  • 44AD छोटा कारोबार
  • अनुमानित बनाम असली खर्च
  • डिजिटल और नक़द प्राप्ति
  • सीमा की जाँच
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहअनुमानित कर की सीमाएँ और शर्तें हर साल देखें; नियम बदलते रहते हैं।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

Presumptive योजना क्या है?

  • 44AD (कारोबार): कुल बिक्री का 8% (बैंक / डिजिटल से मिली रकम पर 6%) मुनाफ़ा मान लिया जाता है। सीमा ₹2 करोड़ की बिक्री; नक़द प्राप्ति 5% या उससे कम हो तो ₹3 करोड़।
  • 44ADA (पेशेवर): कुल प्राप्ति का 50% मुनाफ़ा मान लिया जाता है। सीमा ₹50 लाख; नक़द प्राप्ति 5% या उससे कम हो तो ₹75 लाख। यह योग्य पेशेवरों (जैसे डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, कंसल्टेंट) के लिए है।
  • इस योजना में आम तौर पर विस्तृत बही-खाते रखने की ज़रूरत नहीं होती। अगर आप अनुमानित मुनाफ़े से कम आय दिखाना चाहें (या योजना छोड़ें), तो बही-खाते और ऑडिट की शर्तें लग सकती हैं, और 44AD छोड़ने पर आगे 5 साल दोबारा चुनने पर रोक हो सकती है।
  • नया Income-tax Act 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू है; धाराओं की संख्या बदली हो सकती है, पर नियम का सार वही चला आ रहा है। अंतिम निर्णय से पहले incometax.gov.in या अपने CA से जाँच लें। सीमाएँ और प्रतिशत इस पेज की सेटिंग से बदले जा सकते हैं।
  • कर नई कर-व्यवस्था की स्लैब से निकाला गया है (मानक कटौती सिर्फ़ वेतन पर होती है, इसलिए यहाँ नहीं)। पुरानी व्यवस्था, अग्रिम कर पर ब्याज और अन्य कटौतियाँ शामिल नहीं हैं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

44AD: deemed profit = 6% of digital receipts + 8% of cash receipts (turnover up to ₹2 crore, ₹3 crore if cash receipts are 5% or less). 44ADA: deemed profit = 50% of gross receipts (up to ₹50 lakh, ₹75 lakh if cash receipts are 5% or less). Tax uses the new-regime slabs on the site, 4% cess, and rebate with marginal relief.

44AD: अनुमानित मुनाफ़ा = डिजिटल प्राप्ति का 6% + नक़द प्राप्ति का 8% (बिक्री ₹2 करोड़ तक, नक़द 5% या कम हो तो ₹3 करोड़)। 44ADA: अनुमानित मुनाफ़ा = कुल प्राप्ति का 50% (₹50 लाख तक, नक़द 5% या कम हो तो ₹75 लाख)। कर साइट की नई-व्यवस्था की स्लैब, 4% सेस और रिबेट (marginal relief समेत) से निकला है।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 8 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: 2026-10-08

Estimate only, for learning — not advice. Rules and limits are summarised and may change; the section numbers were renumbered under the Income-tax Act 2025. Confirm with the Income Tax Department or a chartered accountant before filing. This is an educational estimate, not advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। नियम और सीमाएँ सार रूप में हैं और बदल सकती हैं; Income-tax Act 2025 में धाराओं की संख्या बदली है। रिटर्न भरने से पहले आयकर विभाग या CA से पुष्टि करें। यह कैलकुलेटर सीखने और अनुमान के लिए है, सलाह नहीं। असल नतीजे आपके बैंक / कंपनी की शर्तों, शुल्क और कर से अलग हो सकते हैं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • 44ADA में कुल प्राप्ति का 50% मुनाफ़ा मान लिया जाता है। 44AD में डिजिटल प्राप्ति का 6% और नक़द का 8%। इसी अनुमानित मुनाफ़े पर कर बनता है।
  • पेज दो कर निकालता है: अनुमानित योजना में, और आपके असली खर्च (बही-खाते) के आधार पर। फ़र्क़ से दिखता है कि कौन-सा रास्ता सस्ता पड़ेगा।
  • कर नई कर-व्यवस्था की साइट-स्लैब और 4% सेस से निकला है, रिबेट और marginal relief समेत। पुरानी व्यवस्था और अन्य कटौतियाँ शामिल नहीं हैं।
  • सीमाएँ और प्रतिशत पेज की सेटिंग से हैं और बदल सकते हैं। रिटर्न भरने से पहले आयकर विभाग की साइट या अपने CA से पुष्टि करें।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

अपर्णा: पेज का शुरुआती 44ADA उदाहरण

अपर्णा कंसल्टेंट है। साल की प्राप्ति ₹24,00,000 है, सारी रकम बैंक से आई, और बही-खाते के अनुसार खर्च ₹9,00,000 है। अन्य आय नहीं।

लागू सीमा
₹75 लाख (नक़द 5% या कम)
अनुमानित मुनाफ़ा (50%)
₹12,00,000
अनुमानित योजना में कर
₹0
असली मुनाफ़ा (प्राप्ति − खर्च)
₹15,00,000
असली खर्च दिखाने पर कर
₹1,09,200
फ़र्क़
₹1,09,200

अनुमानित मुनाफ़ा ₹12 लाख रिबेट की सीमा पर आता है, इसलिए कर शून्य है। असली खर्च कम होने पर अनुमानित योजना सस्ती पड़ी।

जसवंत: 44AD, डिजिटल और नक़द का मिश्रण

जसवंत की दुकान की साल भर की बिक्री ₹50,00,000 है, जिसमें 70% रकम डिजिटल और 30% नक़द आई। असली खर्च ₹45,00,000।

लागू सीमा
₹2 करोड़ (नक़द 5% से ज़्यादा)
अनुमानित मुनाफ़ा
₹3,30,000 (डिजिटल पर 6%, नक़द पर 8%)
अनुमानित योजना में कर
₹0
असली मुनाफ़ा
₹5,00,000
असली खर्च पर कर
₹0

दोनों तरीक़ों में कर शून्य है, इसलिए यहाँ फ़ैसला बही-खातों की मेहनत पर टिका है। डिजिटल हिस्सा बढ़ने से अनुमानित प्रतिशत 8% से घटकर 6% की ओर जाता है।

रेवती: जब असली खर्च ज़्यादा हो

रेवती आर्किटेक्ट है, प्राप्ति ₹30,00,000, सारी रकम बैंक से, पर असली खर्च ₹20,00,000 है। अन्य आय नहीं।

अनुमानित मुनाफ़ा
₹15,00,000
अनुमानित योजना में कर
₹1,09,200
असली मुनाफ़ा
₹10,00,000
असली खर्च दिखाने पर कर
₹0
फ़र्क़
₹1,09,200 (असली खर्च में कम)

खर्च 50% से ज़्यादा हो तो असली खर्च दिखाना सस्ता पड़ सकता है, पर बही-खाते रखने और ऑडिट की शर्तें लग सकती हैं। इस पर CA से पूछें।

44ADA: प्राप्ति बढ़ने पर अनुमानित योजना में कर (सारी रकम डिजिटल, अन्य आय नहीं)

44ADA: प्राप्ति बढ़ने पर अनुमानित योजना में कर (सारी रकम डिजिटल, अन्य आय नहीं)
साल की प्राप्ति (₹)अनुमानित मुनाफ़ा (₹)कर, सेस समेत (₹)
22,00,00011,00,0000
24,00,00012,00,0000
25,00,00012,50,00052,000
26,00,00013,00,00078,000
30,00,00015,00,0001,09,200
50,00,00025,00,0003,43,200

रिबेट की सीमा के ठीक ऊपर marginal relief के कारण कर धीरे-धीरे चढ़ता है। स्लैब साइट की नई-व्यवस्था के हैं।

योजनाओं की सीमा और अनुमानित प्रतिशत (पेज की सेटिंग के अनुसार)

योजनाओं की सीमा और अनुमानित प्रतिशत (पेज की सेटिंग के अनुसार)
योजनासामान्य सीमानक़द 5% या कम हो तो सीमामान लिया गया मुनाफ़ा
44ADA (पेशेवर)₹50 लाख₹75 लाखप्राप्ति का 50%
44AD (कारोबार)₹2 करोड़₹3 करोड़डिजिटल पर 6%, नक़द पर 8%

नियम और धाराओं की संख्या Income-tax Act 2025 में बदली हो सकती है। ताज़ा सीमाएँ आयकर विभाग की साइट पर जाँचें।

त्वरित संदर्भ: अनुमानित (presumptive) कर

त्वरित संदर्भ: अनुमानित (presumptive) कर
44ADAयोग्य पेशेवर (जैसे डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, कंसल्टेंट): कुल प्राप्ति का 50% मुनाफ़ा।
44ADछोटा कारोबार: डिजिटल प्राप्ति का 6% और नक़द प्राप्ति का 8%।
सीमा44ADA ₹50 लाख (नक़द ≤ 5% पर ₹75 लाख); 44AD ₹2 करोड़ (नक़द ≤ 5% पर ₹3 करोड़)।
नक़द हिस्सा100 − डिजिटल हिस्सा (%) और उसी से लागू सीमा तय होती है।
कर की गणनाअनुमानित मुनाफ़ा + अन्य आय पर नई-व्यवस्था की स्लैब, रिबेट और marginal relief, फिर 4% सेस।
तुलनादूसरी ओर असली मुनाफ़ा = प्राप्ति − असली खर्च, उसी स्लैब पर कर।
वेतन की मानक कटौतीसिर्फ़ वेतन पर होती है, इसलिए यहाँ नहीं जोड़ी गई।
इस पेज में क्या नहींपुरानी कर-व्यवस्था, अग्रिम कर पर ब्याज, अन्य कटौतियाँ, GST और ऑडिट का हिसाब।

Presumptive Tax Calculator (44AD / 44ADA) क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

बहुत से फ्रीलांसर, पेशेवर और छोटे दुकानदार हर साल एक ही उलझन में रहते हैं: क्या मुझे पूरे बही-खाते रखकर असली मुनाफ़े पर टैक्स देना चाहिए, या अनुमानित (presumptive) योजना चुननी चाहिए जिसमें सरकार पहले से मान लेती है कि आपका मुनाफ़ा कुल कमाई का एक तय हिस्सा है? Presumptive Tax Calculator इसी सवाल को संख्याओं में दिखाता है। आप अपनी साल भर की प्राप्ति, डिजिटल माध्यम से मिली रकम का हिस्सा, असली खर्च और अन्य आय डालते हैं। Calculator दोनों रास्तों का टैक्स निकालकर तुलना करता है और बताता है कि किसमें कम टैक्स बनता है।

दो योजनाएँ समझाई गई हैं। 44ADA योग्य पेशेवरों के लिए है, जैसे डॉक्टर, वकील, इंजीनियर, आर्किटेक्ट और कंसल्टेंट। 44AD छोटे कारोबार के लिए है।

किसके काम का है

  • फ्रीलांसर, जैसे ग्राफ़िक डिज़ाइनर, लेखक, अनुवादक, सॉफ़्टवेयर डेवलपर, जिन्हें क्लाइंट से बैंक के रास्ते पेमेंट आता है।
  • क्लिनिक चलाने वाले डॉक्टर, छोटे सलाहकार और वकील।
  • किराना, कपड़े या किसी अन्य सामान की दुकान चलाने वाले छोटे कारोबारी।
  • जो अभी तय कर रहे हैं कि इस साल कौन-सी योजना चुनें।
  • वे लोग, जिनके CA उन्हें विकल्प बता चुके हैं और जो खुद संख्याओं में फ़र्क़ देखना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर पाँच इनपुट हैं।

  • योजना: दो विकल्प हैं, "44ADA - पेशेवर / फ्रीलांसर" और "44AD - छोटा कारोबार"। शुरुआती चयन 44ADA है।
  • साल की कुल प्राप्ति / बिक्री (₹): पूरे वित्त वर्ष में हुई कुल कमाई, बिना खर्च घटाए। शुरुआती मान ₹24,00,000। इसमें GST को लेकर अपने CA से पूछिए कि प्राप्ति में क्या गिनना है।
  • डिजिटल / बैंक से मिली रकम का हिस्सा (%): कुल प्राप्ति का कितना प्रतिशत बैंक, UPI या अन्य डिजिटल माध्यम से आया। शेष हिस्सा नक़द माना जाता है। शुरुआती मान 100%। यह 44AD में सीधे दर तय करता है और दोनों योजनाओं में सीमा तय करता है।
  • असली खर्च (बही-खाते के अनुसार), ₹ - तुलना के लिए: आपका वास्तविक कारोबारी खर्च। यह सिर्फ़ तुलना वाले हिस्से में काम आता है। शुरुआती मान ₹9,00,000।
  • अन्य आय (ब्याज आदि), ₹: कारोबार या पेशे के बाहर की आय, जैसे बैंक का ब्याज। यह दोनों तरफ़ की कर-योग्य आय में जुड़ती है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

  • अनुमानित योजना में कर (बड़ी संख्या): अनुमानित मुनाफ़े और अन्य आय पर निकला कर, cess सहित। नीचे अनुमानित मुनाफ़ा और कुल कर-योग्य आय लिखी होती है।
  • लागू सीमा: आपकी प्राप्ति पर कौन-सी अधिकतम सीमा लगी है। यह सीमा नक़द के हिस्से पर निर्भर करती है।
  • सीमा के भीतर?: हाँ या नहीं। अगर "नहीं", तो योजना लागू नहीं होती और लाल रंग में चेतावनी दिखती है कि बही-खाते और ऑडिट की शर्तें लग सकती हैं।
  • अनुमानित मुनाफ़ा: योजना के हिसाब से माना गया मुनाफ़ा।
  • असली मुनाफ़ा (प्राप्ति − खर्च): आपके असली खर्च के हिसाब से मुनाफ़ा।
  • असली खर्च दिखाने पर कर: अगर आप योजना न लेकर असली मुनाफ़े पर टैक्स दें, तो कर।
  • फ़र्क़ और संदेश: दोनों के बीच अंतर और एक वाक्य कि किसमें कर कम है। संदेश तीन तरह के होते हैं: अनुमानित योजना में कम, असली खर्च दिखाने पर कम (पर बही-खाते रखने पड़ेंगे), या लगभग बराबर।
  • तुलना चार्ट: दो स्तंभ, अनुमानित योजना और असली खर्च, कर की रकम दिखाते हुए।
ध्यान दें: "कर कम" का मतलब हर बार "बेहतर" नहीं होता। अनुमानित योजना में बही-खाते का काम कम होता है, पर अगर आप असली मुनाफ़ा उससे कम मानकर आगे बढ़ना चाहें, तो अलग नियम लग सकते हैं। यह निर्णय अपने CA से पूछकर लीजिए।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • डिजिटल हिस्सा बदलकर देखिए। 44AD में डिजिटल हिस्सा 100% के क़रीब ले जाने पर अनुमानित मुनाफ़ा घटता है, और नक़द 5% तक आने पर सीमा भी बढ़ जाती है। इससे पता चलता है कि डिजिटल लेन-देन की आदत का टैक्स और सीमा, दोनों पर असर है।
  • असली खर्च ईमानदारी से डालिए। तुलना का मतलब तभी है जब आपका खर्च सही हो। रसीदें और बिल पास रखिए।
  • अन्य आय जोड़िए। अगर आपको बैंक ब्याज, किराया या अन्य आय है, तो उसे भी डालिए, वरना कर का अंदाज़ा कम आएगा।
  • दो-तीन साल का सोचिए। कुछ नियमों के कारण योजना छोड़ने पर आगे की शर्तें बदल सकती हैं। यह फ़ैसला सिर्फ़ इस साल के टैक्स पर नहीं, आगे के सालों पर भी असर डालता है, इसलिए CA से बात कीजिए।
  • अग्रिम कर का ध्यान रखिए। कर की रकम देखकर Advance Tax Calculator भी देखिए, ताकि समय पर भुगतान हो।
  • रिटर्न की तैयारी। ITR Checklist से देखिए कि फ़ाइल भरते समय कौन-से काग़ज़ चाहिए।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "अनुमानित योजना हमेशा सस्ती है।" नहीं। अगर आपका असली खर्च बहुत ज़्यादा है, तो असली मुनाफ़ा अनुमानित से कम हो सकता है।
  • पूरी प्राप्ति को कमाई समझ लेना। कर सिर्फ़ मुनाफ़े पर लगता है, पर योजना की सीमा कुल प्राप्ति पर लगती है।
  • नक़द और डिजिटल का फ़र्क़ अनदेखा करना। 44AD में दोनों की दरें अलग हैं और नक़द का हिस्सा सीमा बदल देता है।
  • सभी पेशे 44ADA में आ जाते हैं, यह मानना। यह सिर्फ़ तय योग्य पेशेवरों पर लागू होता है। अपने पेशे की योग्यता CA या आयकर विभाग से पक्की कीजिए।
  • सीमा पार होने पर भी योजना मान लेना। सीमा से ऊपर योजना नहीं मिलती और बही-खाते/ऑडिट लग सकते हैं।
  • पुरानी बनाम नई कर-व्यवस्था का सवाल भूल जाना। यह calculator केवल नई कर-व्यवस्था मानता है।
  • GST और आयकर को एक समझना। GST का पंजीकरण और रिटर्न अलग व्यवस्था है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

अनुमानित मुनाफ़ा

  • 44AD: डिजिटल प्राप्ति के हिस्से पर 6% और नक़द हिस्से पर 8% मुनाफ़ा माना जाता है, यह इस calculator की मान्यता है।
  • 44ADA: कुल प्राप्ति का 50% मुनाफ़ा माना जाता है।

सीमा की जाँच

इस calculator में 44AD के लिए ₹2 करोड़ की सीमा, और नक़द प्राप्ति 5% या उससे कम होने पर ₹3 करोड़ की सीमा माना गया है। 44ADA के लिए ₹50 लाख, और नक़द 5% या उससे कम होने पर ₹75 लाख। ये संख्याएँ इस पेज की मान्यताएँ हैं, और ऐसे नियम बदल सकते हैं। पेज यह भी बताता है कि Income-tax Act 2025 में धाराओं की संख्या बदली है, पर नियम का सार वही है। अंतिम निर्णय से पहले आयकर विभाग की वेबसाइट या अपने CA से जाँच ज़रूर कीजिए।

कर की गणना

अनुमानित मुनाफ़े में अन्य आय जोड़कर कुल कर-योग्य आय बनती है। फिर उस पर नई कर-व्यवस्था की स्लैब, rebate और 4% cess लगाकर कर निकलता है। असली मुनाफ़े के रास्ते के लिए प्राप्ति में से असली खर्च घटाकर, उसमें अन्य आय जोड़कर वही गणना होती है। यहाँ स्लैब की संख्याएँ पेज के भीतर साझा कर-सेटिंग से आती हैं, और इस लेख में उन्हें नहीं दोहराया गया क्योंकि वे बदलती रहती हैं।

मान्यताएँ:

  • नई कर-व्यवस्था की स्लैब। पुरानी व्यवस्था, अग्रिम कर पर ब्याज और अन्य कटौतियाँ शामिल नहीं हैं।
  • मानक कटौती सिर्फ़ वेतन पर होती है, इसलिए यहाँ नहीं जोड़ी गई।
  • असली खर्च वही माना गया है जो आपने डाला, उसकी जाँच या वैधता का आकलन calculator नहीं करता।
एक पूरा उदाहरण

उदाहरण 1: फ्रीलांस डिज़ाइनर (44ADA)

मान लीजिए एक फ्रीलांस डिज़ाइनर की साल भर की प्राप्ति ₹18,00,000 है, सारी बैंक के रास्ते (100% डिजिटल)।

  1. अनुमानित मुनाफ़ा = 18,00,000 × 50% = ₹9,00,000।
  2. अगर उसका असली खर्च (किराया, सॉफ़्टवेयर, इंटरनेट आदि) ₹5,50,000 है, तो असली मुनाफ़ा = 18,00,000 − 5,50,000 = ₹12,50,000।
  3. यहाँ अनुमानित मुनाफ़ा (₹9 लाख) असली मुनाफ़े (₹12.5 लाख) से कम है। इसलिए अनुमानित योजना में कर कम बनेगा, और बही-खातों का झंझट भी कम।
  4. अगर इसके उलट असली खर्च ₹11,00,000 होता, तो असली मुनाफ़ा सिर्फ़ ₹7,00,000 बनता, जो अनुमानित ₹9 लाख से कम है। तब असली खर्च दिखाने पर कर कम आता, पर बही-खाते रखने पड़ते और ऑडिट की शर्तें लग सकती थीं।

इस उदाहरण में कर की रकम पेज पर नई कर-व्यवस्था की स्लैब से दिखेगी। ऊपर के मुनाफ़े के आँकड़े आप खुद जाँच सकते हैं।

उदाहरण 2: कपड़े का दुकानदार (44AD)

मान लीजिए एक दुकानदार की साल भर की बिक्री ₹1.2 करोड़ है, जिसमें 70% पैसा UPI या बैंक के रास्ते आया और 30% नक़द।

  1. डिजिटल हिस्सा: ₹1.2 करोड़ का 70% = ₹84 लाख, उस पर 6% = ₹5.04 लाख।
  2. नक़द हिस्सा: ₹36 लाख, उस पर 8% = ₹2.88 लाख।
  3. कुल अनुमानित मुनाफ़ा = ₹7.92 लाख।
  4. अगर पूरी बिक्री पर 8% मानते, तो ₹9.6 लाख बनता। डिजिटल हिस्सा ज़्यादा होने से अनुमानित मुनाफ़ा कम हुआ।
  5. सीमा की जाँच: इस उदाहरण में नक़द 30% है, जो 5% से ज़्यादा है, इसलिए पेज की मान्यता के अनुसार ₹2 करोड़ की सीमा लागू होगी, और ₹1.2 करोड़ उसके भीतर है।

अगर इसी दुकानदार की बिक्री ₹2.5 करोड़ होती और नक़द 30% ही रहता, तो पेज "नहीं - योजना लागू नहीं" दिखाता, क्योंकि ₹2.5 करोड़ ₹2 करोड़ से ऊपर है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह सिर्फ़ नई कर-व्यवस्था की स्लैब से गणना करता है। पुरानी व्यवस्था, अन्य कटौतियाँ और अग्रिम कर पर ब्याज शामिल नहीं हैं।
  • यह आपके पेशे या कारोबार की योग्यता की जाँच नहीं करता।
  • यह बही-खाते, ऑडिट की शर्तों और जुर्माने का विस्तार से हिसाब नहीं देता।
  • सीमाएँ और प्रतिशत पेज की मान्यताएँ हैं। वित्त अधिनियम या नए कानून से ये बदल सकती हैं।
  • यह GST, व्यावसायिक कर और राज्य के अन्य करों को नहीं गिनता।
  • नतीजा अनुमान है; आपका असली देय कर आपकी पूरी आय, कटौतियों और नियमों पर निर्भर है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Income Tax Calculator: पूरी आय पर कर की तुलना, पुरानी और नई व्यवस्था में।
  • Advance Tax Calculator: किस्तों में कर कब और कितना भरना है, यह देखने के लिए।
  • ITR Checklist: रिटर्न भरते समय काग़ज़ों की सूची के लिए।
  • Late ITR Penalty Calculator: देर से रिटर्न भरने के असर को समझने के लिए।
  • TDS Calculator: क्लाइंट द्वारा काटे गए TDS को समझने के लिए।
  • GST Calculator: बिलिंग में GST की गणना के लिए।

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है और कर या कानूनी सलाह नहीं है। रिटर्न भरने से पहले आयकर विभाग की वेबसाइट देखिए या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से पुष्टि कीजिए।

6 काम की बातें याद रखें

1
डिजिटल प्राप्ति को प्राथमिकता दें

बैंक या डिजिटल माध्यम से रकम लेने पर 44AD में अनुमानित प्रतिशत कम लगता है और सीमा भी ऊँची रह सकती है।

2
असली खर्च का हिसाब भी रखें

अनुमानित योजना में भी अपने खर्च जानना ज़रूरी है, ताकि दोनों रास्तों की तुलना कर सकें।

3
योजना छोड़ने के नतीजे समझें

अनुमानित योजना छोड़ने पर बही-खाते और ऑडिट की शर्तें लग सकती हैं, और 44AD में आगे 5 साल रोक हो सकती है। CA से पूछें।

4
अन्य आय जोड़ना न भूलें

ब्याज, किराया जैसी अन्य आय भी कुल कर-योग्य आय में जुड़ती है। उसे "अन्य आय" में डालें।

5
अग्रिम कर का समय देखें

कर बनने पर अग्रिम कर की तारीख़ों और ब्याज का ध्यान रखें। उसके लिए Advance Tax calculator साथ में देखें।

6
सीमा के पास सावधान रहें

प्राप्ति सीमा के आसपास हो तो नक़द हिस्से का थोड़ा-सा फ़र्क़ भी लागू सीमा बदल सकता है।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

योग्य पेशेवरों (जैसे डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट, इंजीनियर, कंसल्टेंट) के लिए, जिनकी कुल प्राप्ति तय सीमा तक हो। इसमें 50% आय मानकर कर लगता है।

बैंक / डिजिटल माध्यम से मिली रकम पर 6% और नक़द पर 8% मुनाफ़ा माना जाता है।

योजना में आम तौर पर विस्तृत बही-खाते की ज़रूरत नहीं होती। फिर भी अपना खर्च जानना तुलना के लिए काम आता है। नियम की पुष्टि CA से करें।

पेज के अनुसार तब बही-खाते और ऑडिट की शर्तें लग सकती हैं। इसलिए यह निर्णय सोच-समझकर और सलाह से लें।

यह पेज सिर्फ़ सीमा और प्रतिशत का हिसाब देता है। कौन पात्र है, यह विस्तार से आयकर विभाग के नियमों में देखें।

यह सिर्फ़ शुरुआती उदाहरण है। अपनी असली डिजिटल और नक़द प्राप्ति का अनुपात डालें।

नक़द प्राप्ति 5% या कम हो तो सीमा ₹50 लाख से बढ़कर ₹75 लाख मानी जाती है। 44AD में ₹2 करोड़ से ₹3 करोड़।

पेज कहता है योजना लागू नहीं है और बही-खाते व ऑडिट लागू होंगे। फिर भी कर का अंदाज़ा दिखाया जाता है, पर वह इस योजना का नहीं माना जाएगा।

रिबेट की सीमा तक कर शून्य है। उसके ठीक ऊपर कर इतना ही लगता है कि सीमा से ऊपर की आय से ज़्यादा न बने, जिससे अचानक छलाँग नहीं लगती।

हाँ, पेज की सेटिंग के 4% सेस के साथ कर निकाला गया है।

नहीं। केवल नई कर-व्यवस्था की स्लैब से हिसाब है। दोनों व्यवस्थाओं की तुलना के लिए Old vs New Regime calculator देखें।

पेज में वेतन का अलग ख़ाना नहीं है। वेतन जैसी अन्य आय को "अन्य आय" में डालें, पर वेतन पर मानक कटौती यहाँ नहीं जुड़ी है।

नहीं। प्राप्ति GST के बिना की डालें। GST की गणना के लिए अलग calculator देखें।

क्योंकि यह calculator सिर्फ़ साल के कुल कर की तुलना करता है। अग्रिम कर और ब्याज के लिए अलग calculator चाहिए।

नहीं। यह सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान है। रिटर्न भरने से पहले आयकर विभाग या अपने CA से पुष्टि करें।

तब असली मुनाफ़ा शून्य माना जाता है, और असली खर्च वाला कर शून्य दिखता है। घाटे का आगे समायोजन यहाँ शामिल नहीं।

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