ब्याज, सीधे गणित से

Simple Interest Calculator

साधारण ब्याज (Simple Interest): रकम, दर और समय डालें — ब्याज और कुल रकम तुरंत देखें।

  • साधारण ब्याज और कुल रकम
  • साल और महीने दोनों
  • हर साल का ब्याज
  • चक्रवृद्धि से तुलना
  • साल-दर-साल तालिका
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहसाधारण ब्याज में ब्याज पर ब्याज नहीं लगता, इसलिए लंबी अवधि में चक्रवृद्धि से रकम कम बनती है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

साधारण ब्याज कैसे निकलता है?

साधारण ब्याज = मूलधन × दर × समय ÷ 100। इसमें ब्याज हमेशा सिर्फ़ शुरुआती मूलधन पर लगता है, पुराने ब्याज पर नहीं, इसलिए हर साल एक जितना ब्याज जुड़ता है। चक्रवृद्धि (compound) ब्याज में ब्याज पर भी ब्याज लगता है और रकम तेज़ी से बढ़ती है। कुछ छोटे कर्ज़, उधार और कुछ बॉन्ड साधारण ब्याज पर चलते हैं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Simple interest = P × r × t ÷ 100, where t is in years (months ÷ 12). The comparison row uses yearly compound interest, P × (1 + r/100)^t.

साधारण ब्याज = P × r × t ÷ 100, जहाँ t साल में है (महीने ÷ 12)। तुलना वाली पंक्ति सालाना चक्रवृद्धि ब्याज, P × (1 + r/100)^t, से निकाली गई है।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 9 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Simple interest is calculated on the original principal only. Most bank deposits and investments use compound interest, so use a compound-interest calculator for those. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। साधारण ब्याज सिर्फ़ शुरुआती मूलधन पर लगता है। ज़्यादातर बैंक जमा और निवेश चक्रवृद्धि ब्याज पर चलते हैं, उनके लिए चक्रवृद्धि ब्याज वाला calculator इस्तेमाल करें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • साधारण ब्याज = मूलधन × दर × समय ÷ 100, जहाँ समय साल में है (महीने ÷ 12)। ब्याज हर साल बराबर जुड़ता है।
  • कुल रकम = मूलधन + ब्याज। हर साल का ब्याज = मूलधन × दर ÷ 100, जो पूरी अवधि में नहीं बदलता।
  • पेज उसी दर पर सालाना चक्रवृद्धि का नतीजा भी दिखाता है, ताकि फ़र्क़ समझ आए। लंबी अवधि में यह फ़र्क़ बहुत बढ़ जाता है।
  • यहाँ की दरें उदाहरण हैं। असली दर अपने कर्ज़ या जमा के दस्तावेज़ से लें; कर और शुल्क शामिल नहीं हैं।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

शकुंतला: पेज का शुरुआती उदाहरण

शकुंतला ने ₹1,00,000 की रकम 3 साल के लिए 8% साधारण ब्याज पर दी। (दर उदाहरण)

कुल साधारण ब्याज
₹24,000
कुल रकम (मूलधन + ब्याज)
₹1,24,000
हर साल का ब्याज
₹8,000
इसी दर पर चक्रवृद्धि में रकम
₹1,25,971
चक्रवृद्धि में अतिरिक्त फ़ायदा
₹1,971

3 साल में फ़र्क़ छोटा है, इसलिए छोटी अवधि के निजी उधार में साधारण और चक्रवृद्धि का अंतर बहुत नहीं दिखता।

दिनेश: साल और महीने का उधार

दिनेश ने दोस्त को ₹50,000 डेढ़ साल (1 साल 6 महीने) के लिए 12% साधारण ब्याज पर दिए। (दर उदाहरण)

कुल साधारण ब्याज
₹9,000
कुल रकम
₹59,000
हर साल का ब्याज
₹6,000
चक्रवृद्धि में रकम
₹59,265
अतिरिक्त फ़ायदा
₹265

डेढ़ साल का ब्याज 18 महीनों पर निकला: ₹50,000 × 12 × 1.5 ÷ 100 = ₹9,000। महीनों को साल में बदलकर ही हिसाब चलता है।

अमन: 1 साल से कम का कर्ज़

अमन ₹20,000 का कर्ज़ 8 महीने के लिए 18% साधारण ब्याज पर लेता है। (दर उदाहरण)

कुल साधारण ब्याज
₹2,400
कुल रकम
₹22,400
हर साल का ब्याज
₹3,600
सालाना चक्रवृद्धि मानने पर रकम
₹22,333
चक्रवृद्धि में अतिरिक्त फ़ायदा
₹0

एक साल से कम में सालाना चक्रवृद्धि का सूत्र साधारण ब्याज से थोड़ा कम रकम देता है, इसलिए अतिरिक्त फ़ायदा शून्य दिखता है। अपने कर्ज़ में ब्याज कब जुड़ता है, यह शर्तों में देखें।

साधारण बनाम चक्रवृद्धि: अवधि के साथ फ़र्क़ (₹1,00,000, 8% उदाहरण)

साधारण बनाम चक्रवृद्धि: अवधि के साथ फ़र्क़ (₹1,00,000, 8% उदाहरण)
सालसाधारण ब्याज (₹)साधारण में कुल रकम (₹)चक्रवृद्धि में रकम (₹)अतिरिक्त फ़ायदा (₹)
18,0001,08,0001,08,0000
324,0001,24,0001,25,9711,971
540,0001,40,0001,46,9336,933
1080,0001,80,0002,15,89235,892
201,60,0002,60,0004,66,0962,06,096

साधारण ब्याज सीधी रेखा में बढ़ता है। चक्रवृद्धि में ब्याज पर भी ब्याज जुड़ने से बढ़त तेज़ होती जाती है।

दर बदलने का असर (₹1,00,000, 5 साल, उदाहरण)

दर बदलने का असर (₹1,00,000, 5 साल, उदाहरण)
दर (%)हर साल का ब्याज (₹)कुल साधारण ब्याज (₹)कुल रकम (₹)चक्रवृद्धि में रकम (₹)
66,00030,0001,30,0001,33,823
88,00040,0001,40,0001,46,933
1010,00050,0001,50,0001,61,051
1212,00060,0001,60,0001,76,234
1515,00075,0001,75,0002,01,136

साधारण ब्याज में दर दुगनी हो तो ब्याज भी ठीक दुगना होता है। चक्रवृद्धि में नहीं।

त्वरित संदर्भ: साधारण ब्याज

त्वरित संदर्भ: साधारण ब्याज
सूत्रब्याज = मूलधन × दर × समय ÷ 100
समयसाल + (अतिरिक्त महीने ÷ 12)। कम से कम 1 महीना।
कुल रकममूलधन + ब्याज
हर साल का ब्याजमूलधन × दर ÷ 100
मूलधन निकालनाब्याज × 100 ÷ (दर × समय)
दर निकालनाब्याज × 100 ÷ (मूलधन × समय)
समय निकालनाब्याज × 100 ÷ (मूलधन × दर)
इस पेज में क्या नहींकर, TDS, प्रोसेसिंग फ़ीस, देर से भुगतान का दंड और ब्याज जुड़ने की अलग शर्तें।

Simple Interest Calculator (साधारण ब्याज) क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

साधारण ब्याज ब्याज की सबसे पुरानी और सबसे सीधी गणना है। इसमें ब्याज सिर्फ़ शुरुआती रकम, यानी मूलधन, पर लगता है। जो ब्याज पहले साल बन गया, उस पर अगले साल ब्याज नहीं लगता। इसीलिए हर साल जुड़ने वाला ब्याज एक बराबर रहता है। यह calculator यही हिसाब करता है: आप मूलधन, सालाना दर और समय डालते हैं, और वह बताता है कि कुल ब्याज कितना बना और अंत में कुल रकम कितनी हुई।

इसकी एक ख़ास बात यह है कि यह सिर्फ़ साधारण ब्याज तक सीमित नहीं रहता। नतीजे में एक तुलना वाली पंक्ति भी आती है: अगर यही रकम उसी दर पर सालाना चक्रवृद्धि ब्याज पर लगी होती, तो अंत में कितनी बनती, और चक्रवृद्धि में कितना अतिरिक्त फ़ायदा होता। इस तरह आप एक ही पेज पर दोनों तरीकों का फ़र्क़ आँक लेते हैं।

ध्यान दें: यह पेज बाकी चार जमा वाले टूल (सेविंग्स अकाउंट, पैसा दोगुना होना, पोस्ट ऑफ़िस TD और RD) से अलग है। यहाँ कोई बैंक या योजना नहीं है, सिर्फ़ गणित का सूत्र है। इसलिए यह किसी भी ऐसे लेन-देन पर लागू होता है जहाँ ब्याज साधारण तरीके से तय हुआ हो।

किसके काम का है

  • निजी उधार देने-लेने वाले लोग, जैसे जब कोई रिश्तेदार या दोस्त "सालाना 12% साधारण ब्याज" पर पैसा दे। दोनों पक्ष एक ही संख्या से सहमत हो सकें, यह इसका मुख्य काम है।
  • छोटे दुकानदार और व्यापारी, जो उधार के बिलों या बकाया रकम पर ब्याज जोड़ते हैं।
  • स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी, जिन्हें "साधारण ब्याज" का अध्याय गणित में पढ़ना है और जो जवाब जाँचना चाहते हैं।
  • वे लोग जिन्हें किसी लोन-प्रस्ताव की शर्त समझनी है, जहाँ एजेंट कहता है कि "ब्याज सीधा है"। वे देख सकते हैं कि साधारण और चक्रवृद्धि में कितना अंतर पड़ता है।
  • शिक्षक और अभिभावक, जो बच्चों को ब्याज का पहला पाठ पढ़ाने के लिए एक चलता-फिरता उदाहरण चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर चार स्लाइडर हैं।

  1. मूलधन (₹): ₹1,000 से ₹10 करोड़ तक, ₹1,000 के कदम पर, शुरुआती मान ₹1,00,000। यह वह रकम है जो दी या ली गई।
  2. ब्याज दर (% सालाना): 1% से 36% तक, 0.1 के कदम पर, शुरुआती मान 8%। निजी उधार में दरें बैंक की दरों से बहुत अलग हो सकती हैं, इसलिए ऊँची सीमा 36% तक रखी गई है। ध्यान रखें कि कर्ज़ पर ब्याज की अधिकतम सीमा और नियम आपके कर्ज़दाता के प्रकार पर निर्भर करते हैं।
  3. समय (साल): 0 से 30 साल तक, शुरुआती मान 3।
  4. अतिरिक्त महीने: 0 से 11 तक। अगर अवधि ठीक साल में नहीं है, तो बचे हुए महीने यहाँ डालें, जैसे 2 साल 6 महीने के लिए साल 2 और अतिरिक्त महीने 6।

calculator कुल समय को महीनों में बदलता है और 12 से भाग देकर साल बनाता है। अगर कुल समय 1 महीने से कम हो, यानी साल 0 और महीने 0, तो वह कहता है कि समय कम से कम 1 महीना रखें।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

कुल रकम (मूलधन + ब्याज)

ऊपर का बड़ा आँकड़ा। उसके नीचे एक पंक्ति आती है, जैसे "₹75,000 पर 9% से 2 साल 6 महीने"। इससे आप जाँच सकते हैं कि आपने सही संख्याएँ डाली हैं।

नीचे की पाँच पंक्तियाँ

  • मूलधन: जो रकम आपने डाली।
  • कुल साधारण ब्याज: पूरी अवधि का ब्याज।
  • हर साल का ब्याज: मूलधन गुना दर, भाग 100। यह पूरी अवधि में एक जैसा रहता है, और यही साधारण ब्याज की पहचान है।
  • इसी दर पर चक्रवृद्धि (सालाना) में रकम: तुलना के लिए, यही रकम अगर सालाना चक्रवृद्धि पर होती।
  • चक्रवृद्धि में अतिरिक्त फ़ायदा: चक्रवृद्धि की रकम में से साधारण वाली कुल रकम घटाकर। यह कभी ऋणात्मक नहीं दिखाया जाता।

Pie chart, रेखा-चार्ट और तालिका

Pie chart में मूलधन और ब्याज का अनुपात दिखता है। रेखा-चार्ट सीधी रेखा में ऊपर चढ़ता है, क्योंकि हर साल बराबर ब्याज जुड़ता है। तालिका में हर साल का कुल ब्याज और उस साल तक की कुल रकम होती है। अगर समय पूरे साल में नहीं है, तो आख़िरी पंक्ति उस अधूरे साल तक का ही ब्याज दिखाती है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

दो पक्ष एक ही पेज देखें

उधार देने-लेने वाले दोनों लोग अपने सामने यही calculator खोल लें और संख्याएँ भरें। इससे बाद में "ब्याज इतना कैसे हुआ" वाला विवाद कम होता है। हाँ, लिखित समझौता अलग से ज़रूरी है।

दर बदलकर देखें

दर में हर 1 अंक का असर साफ़ दिखता है: ₹1,00,000 पर हर 1% की बढ़त हर साल ₹1,000 का फ़र्क़ बनाती है। इसलिए "थोड़ी ज़्यादा दर" को हल्के में न लें।

अवधि को टुकड़ों में काटें

अगर कर्ज़ बीच में आंशिक रूप से चुकाया जाना है, तो हर चरण के लिए अलग-अलग गणना करें: पहले चरण का ब्याज, फिर बचा हुआ मूलधन लेकर अगला चरण। हर चरण के लिए calculator चलाएँ।

साधारण और चक्रवृद्धि की तुलना सीखें

अवधि 1 साल रखें तो दोनों रकमें लगभग बराबर आती हैं। अवधि 10 या 20 साल करें तो अंतर आसमान छूने लगता है। यह प्रयोग बच्चों के साथ करना अच्छा तरीका है।

समय में सही बारीकी रखें

पूरे साल की जगह महीने भी डालें। "ढाई साल" लिखने की जगह साल 2 और महीने 6 डालें। इससे ग़लती कम होती है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • भ्रम: "बैंक भी साधारण ब्याज ही देता है।" ज़्यादातर बैंक जमा और निवेश चक्रवृद्धि पर चलते हैं। इस पेज का नतीजा उनके लिए सही नहीं होगा। उनके लिए Compound Interest Calculator देखें।
  • ग़लती: महीने को साल में बदलना भूलना। 6 महीने को 6 साल मान लेना बड़ी ग़लती है। यहाँ दो अलग स्लाइडर इसी कारण हैं।
  • ग़लती: मासिक दर को सालाना समझ लेना। अगर किसी ने कहा "2% महीना", तो सालाना दर 24% है, 2% नहीं। यहाँ दर हमेशा सालाना डालें।
  • भ्रम: "साधारण ब्याज हमेशा सस्ता है।" दर बहुत ऊँची हो तो साधारण ब्याज भी महँगा हो सकता है। 36% साधारण ब्याज भी भारी बोझ है।
  • ग़लती: बीच में चुकाए गए भुगतान को भूल जाना। पेज उन्हें नहीं गिनता, इसलिए आपको बचे हुए मूलधन पर हिसाब दोबारा लगाना होगा।
  • भ्रम: "ब्याज का हिसाब सिर्फ़ मौखिक भरोसे पर हो सकता है।" पैसे के लेन-देन में दर, अवधि और भुगतान के तरीके को लिखित रूप में रखना बेहतर है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

सूत्र:

  • साधारण ब्याज = मूलधन गुना दर गुना समय, भाग 100, जहाँ समय साल में है (महीने भाग 12)।
  • कुल रकम = मूलधन जमा ब्याज।
  • तुलना की चक्रवृद्धि रकम = मूलधन गुना (1 + दर भाग 100) की घात समय। यहाँ ब्याज साल में एक बार जुड़ता माना गया है, और अधूरे साल पर भी वही घात-सूत्र चलता है।

मान्यताएँ:

  • दर पूरे समय स्थिर रहती है।
  • ब्याज कब चुकाना है (हर साल, हर महीने या अंत में), इससे साधारण ब्याज की रकम नहीं बदलती, क्योंकि वह केवल मूलधन पर बनता है। बीच में चुकाई गई किस्तें इस calculator में नहीं गिनी जातीं।
  • कोई कर, शुल्क या जुर्माना नहीं जोड़ा जाता।
एक पूरा उदाहरण

उदाहरण 1: दोस्त को छोटा उधार

मान लीजिए मनोज ने अपने दोस्त को ₹75,000 उधार दिए, 9% सालाना साधारण ब्याज पर, 2 साल 6 महीने के लिए। यानी समय = 2.5 साल।

  • हर साल का ब्याज = 75,000 गुना 9 भाग 100 = ₹6,750।
  • कुल ब्याज = 6,750 गुना 2.5 = ₹16,875।
  • कुल रकम = 75,000 जमा 16,875 = ₹91,875।
  • चक्रवृद्धि पर वही रकम = 75,000 गुना 1.09 की घात 2.5 = लगभग ₹93,031।
  • चक्रवृद्धि में अतिरिक्त फ़ायदा = लगभग ₹1,156।

छोटी रकम और ढाई साल की अवधि में फ़र्क़ बहुत छोटा है।

उदाहरण 2: लंबी अवधि में फ़र्क़ बड़ा हो जाता है

अब मान लीजिए एक छोटे कारोबारी ने ₹2,00,000 चार साल के लिए 12% पर लिए। साधारण ब्याज पर:

  • हर साल का ब्याज = ₹24,000।
  • कुल ब्याज = ₹96,000।
  • कुल रकम = ₹2,96,000।
  • सालाना चक्रवृद्धि पर वही रकम = लगभग ₹3,14,704।
  • अंतर = लगभग ₹18,704।

अगर यही चार साल की जगह दस साल होते, तो अंतर कई गुना बढ़ जाता। यही कारण है कि लंबी अवधि के कर्ज़ में यह पूछना ज़रूरी है कि ब्याज साधारण है या चक्रवृद्धि।

उदाहरण 3: महीनों वाला हिसाब

₹50,000 पर 18% सालाना साधारण ब्याज, केवल 9 महीने के लिए। साल 0 और अतिरिक्त महीने 9 रखें। 9 महीने = 0.75 साल। ब्याज = 50,000 गुना 18 गुना 0.75 भाग 100 = ₹6,750। कुल रकम = ₹56,750।

उदाहरण: तीनों उदाहरणों में सिर्फ़ तीन संख्याएँ बदलीं: मूलधन, दर और समय। सूत्र एक ही रहा। इसी कारण साधारण ब्याज को हाथ से भी जाँचा जा सकता है।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह चक्रवृद्धि का पूरा हिसाब नहीं करता। केवल सालाना चक्रवृद्धि की एक तुलना देता है।
  • यह किस्तों में चुकाए जाने वाले कर्ज़ (EMI) का हिसाब नहीं करता। उसके लिए EMI Calculator देखें।
  • यह दर में बदलाव, जुर्माना, प्रोसेसिंग शुल्क और कर नहीं जोड़ता।
  • यह कानूनी रूप से मान्य दरों या सीमा के बारे में कुछ नहीं बताता। निजी उधार पर ब्याज के कानूनी नियम राज्य और स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं।
  • महँगाई का असर इसमें शामिल नहीं है।
  • पूर्णांकन के कारण रुपये-दो-रुपये का फ़र्क़ आ सकता है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Compound Interest Calculator से चक्रवृद्धि का विस्तार से हिसाब लगाएँ।
  • EMI Calculator से किस्तों में चुकाए जाने वाले कर्ज़ का हिसाब देखें।
  • Flat vs Reducing Rate Calculator से समझें कि "फ्लैट दर" असल में कितनी महँगी पड़ती है।
  • Double Your Money Calculator से जानें कि किसी दर पर पैसा कितने साल में दोगुना होगा।
  • Inflation Calculator से देखें कि ब्याज महँगाई के सामने कितना टिकता है।
  • Percentage Calculator से प्रतिशत के आसान हिसाब करें।

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है। यह वित्तीय, कर या कानूनी सलाह नहीं है, और ऊपर के उदाहरण केवल गणित समझाने के लिए हैं। किसी भी लेन-देन से पहले शर्तें लिखित में तय करें और ज़रूरत हो तो योग्य सलाहकार से पूछें।

6 काम की बातें याद रखें

1
दर और अवधि की इकाई मिलाएँ

दर सालाना है तो समय भी साल में डालें। महीनों का हिसाब "अतिरिक्त महीने" में डालें।

2
लिखित में तय करें

निजी उधार में दर, अवधि और ब्याज कब चुकाना है, यह लिखित में रखें ताकि बाद में विवाद न हो।

3
चक्रवृद्धि वाली पंक्ति देखें

अगर आपके साधन में ब्याज पर ब्याज लगता है तो साधारण ब्याज का नतीजा कम बैठेगा। तुलना वाली पंक्ति में फ़र्क़ देखें।

4
शर्तें पूछें

कर्ज़ में कई बार साधारण ब्याज के साथ शुल्क और दंड भी होते हैं। कुल लागत पूछ लें।

5
EMI वाले लोन के लिए अलग calculator

बैंक लोन में ब्याज घटते बकाये पर लगता है। उसके लिए EMI calculator इस्तेमाल करें।

6
कर का हिसाब अलग रखें

मिलने वाले ब्याज पर आपकी आय के अनुसार कर लग सकता है। यह calculator कर नहीं जोड़ता।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

साधारण ब्याज = मूलधन × दर × समय ÷ 100, जहाँ समय साल में होता है। जैसे ₹1,00,000 पर 8% सालाना से 3 साल का ब्याज 1,00,000 × 8 × 3 ÷ 100 = ₹24,000 होगा और कुल रकम ₹1,24,000।

साधारण ब्याज सिर्फ़ शुरुआती मूलधन पर लगता है, इसलिए हर साल एक जितना ब्याज जुड़ता है। चक्रवृद्धि ब्याज में पिछला ब्याज भी मूलधन में जुड़ जाता है और अगले साल उस पर भी ब्याज लगता है, इसलिए लंबी अवधि में रकम ज़्यादा तेज़ी से बढ़ती है।

समय साल और अतिरिक्त महीनों में डाल सकते हैं। कैलकुलेटर महीनों को 12 से भाग देकर साल में बदल लेता है, जैसे 1 साल 6 महीने यानी 1.5 साल।

कुछ छोटे कर्ज़ों, निजी उधार, कुछ बॉन्ड और सरकारी योजनाओं के हिसाब में साधारण ब्याज इस्तेमाल हो सकता है। ज़्यादातर बैंक FD, RD और बचत खाते चक्रवृद्धि ब्याज पर चलते हैं।

वह शुरुआती रकम जिस पर ब्याज गिना जाता है, यानी जो रकम उधार दी या ली गई या जमा की गई।

क्योंकि ब्याज हर बार सिर्फ़ शुरुआती मूलधन पर गिना जाता है। पिछले सालों का ब्याज उस पर नहीं जुड़ता।

साल वाले ख़ाने में पूरे साल और "अतिरिक्त महीने" में बचे महीने डालें। कुल समय महीने ÷ 12 साल गिना जाता है।

कम से कम 1 महीना। शून्य साल और शून्य महीने पर त्रुटि का संदेश आएगा।

पूरे साल में जुड़ने वाली ब्याज की रकम, मूलधन × दर ÷ 100, जो पूरी अवधि में एक-सी रहती है।

उसी दर पर सालाना चक्रवृद्धि: मूलधन × (1 + दर ÷ 100)^समय। असली साधन में compounding का अंतराल अलग हो सकता है।

एक साल की अवधि में दोनों बराबर होते हैं। उससे कम अवधि में सालाना चक्रवृद्धि का सूत्र थोड़ा कम रकम देता है, इसलिए फ़ायदा शून्य दिखाया जाता है।

निजी उधार और कुछ छोटे कर्ज़ों में ऊँची दरें होती हैं। पर दर जितनी ऊँची, कर्ज़ उतना भारी; ऐसे ऑफ़र की शर्तें ध्यान से पढ़ें।

आम तौर पर नहीं। ज़्यादातर बैंक जमा में चक्रवृद्धि चलती है। अपने बैंक की शर्त देखें और उसके लिए FD calculator इस्तेमाल करें।

नहीं। ब्याज पर आपकी आय के अनुसार कर लग सकता है, जो यहाँ नहीं जुड़ा है।

तब मूलधन वही रहता है और हर महीने का ब्याज निश्चित रहता है। कुल ब्याज की रकम फिर भी यही सूत्र देता है।

नहीं। देरी का शुल्क अलग से समझौते में तय होता है, जो इस calculator में शामिल नहीं है।

नहीं। यह सिर्फ़ शैक्षणिक गणना है। कोई लेन-देन करने से पहले शर्तें लिखित में लें और ज़रूरत हो तो सलाहकार से पूछें।

यह calculator साल और महीने पर चलता है। दिनों के हिसाब के लिए समय को साल के अनुपात में बदलना होगा, जैसे 90 दिन ≈ 90 ÷ 365 साल।

आपके काम के और कैलकुलेटर

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घर और प्रॉपर्टी

बीमा और सुरक्षा

अब आगे क्या करें?

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