पैसे की सेहत का चेकअप

Financial Health Ratios Calculator

अपनी आमदनी, संपत्ति, लोन और ख़र्च डालिए — 5 ज़रूरी ratio से जानिए कि आपकी वित्तीय सेहत कैसी है।

  • 5 ratio एक साथ
  • बचत और EMI का हिस्सा
  • Net worth कितने साल की आमदनी
  • क़र्ज़ बनाम net worth
  • अच्छा / ठीक-ठाक / सुधार चाहिए
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहEMI आमदनी के 30-40% के अंदर और बचत 20% के आसपास रहे तो वित्तीय सेहत आम तौर पर आरामदायक मानी जाती है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

ये 5 ratio क्या बताते हैं?

  • Savings to Income = (आमदनी − EMI − बाक़ी ख़र्च) ÷ आमदनी। आमदनी का कितना हिस्सा हर महीने बचता है। आम तौर पर 20% या ज़्यादा अच्छा माना जाता है।
  • Debt-to-Income = EMI ÷ आमदनी। आमदनी का कितना हिस्सा EMI में जाता है। आम तौर पर 30% तक आरामदायक और 40% से ऊपर जोखिम भरा माना जाता है।
  • Net worth to Income = (संपत्ति − लोन) ÷ सालाना आमदनी। यानी आपकी net worth कितने साल की आमदनी के बराबर है। यह उम्र के साथ बढ़ना चाहिए।
  • Liability to Net worth = लोन ÷ net worth। आपकी net worth के मुक़ाबले कितना क़र्ज़ बाक़ी है। जितना कम, उतना बेहतर।
  • Core Expenses = बाक़ी घरेलू ख़र्च ÷ आमदनी। रोज़मर्रा के ज़रूरी ख़र्च (EMI छोड़कर) कितना हिस्सा खा रहे हैं। 50% तक आरामदायक माना जाता है।
  • ये सीमाएँ सिर्फ़ मोटे अंदाज़े (rules of thumb) हैं। आपकी उम्र, परिवार और लक्ष्यों के हिसाब से आपके लिए सही सीमा अलग हो सकती है।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Savings = income − EMI − other expenses. Savings % = savings ÷ income. DTI = EMI ÷ income. Net worth = assets − loan outstanding; Net worth to Income = net worth ÷ (income × 12). Liability to Net worth = loan ÷ net worth. Core expenses % = other expenses ÷ income. Status bands are common rules of thumb set in the config.

बचत = आमदनी − EMI − बाक़ी ख़र्च। बचत % = बचत ÷ आमदनी। DTI = EMI ÷ आमदनी। Net worth = संपत्ति − बाक़ी लोन; Net worth to Income = net worth ÷ (आमदनी × 12)। Liability to Net worth = लोन ÷ net worth। Core ख़र्च % = बाक़ी ख़र्च ÷ आमदनी। स्थिति की सीमाएँ आम अंदाज़े हैं।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 10 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Educational tool using common rules of thumb; healthy ranges differ by age, family and goals. Not financial advice. For personal planning consult a SEBI-registered investment adviser. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह शैक्षिक टूल आम अंदाज़ों (rules of thumb) पर चलता है; सही सीमाएँ उम्र, परिवार और लक्ष्यों के हिसाब से बदलती हैं। यह वित्तीय सलाह नहीं है। निजी योजना के लिए SEBI-रजिस्टर्ड सलाहकार से मिलें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • पाँच संख्याएँ (मासिक आमदनी, संपत्ति, बाक़ी लोन, मासिक EMI, बाक़ी घरेलू ख़र्च) से पाँच अनुपात निकलते हैं: बचत, EMI का बोझ, net worth, क़र्ज़ बनाम net worth और रोज़ के ज़रूरी ख़र्च।
  • पेज की सीमाएँ: बचत 20% या ज़्यादा, EMI 30% तक, ज़रूरी ख़र्च 50% तक और क़र्ज़ net worth का 50% तक अच्छे माने गए हैं। ये मोटे अंदाज़े हैं, नियम नहीं।
  • शुरुआती संख्याओं (आमदनी ₹1,00,000, संपत्ति ₹25 लाख, लोन ₹15 लाख, EMI ₹25,000, ख़र्च ₹40,000) पर चार में से तीन ratio अच्छे आते हैं, पर क़र्ज़ net worth का 150% है।
  • Net worth ऋणात्मक हो या हर महीने घाटा हो, तो पेज चेतावनी दिखाता है। यह कोई निजी सलाह नहीं, सिर्फ़ एक आईना है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

शिखा और अमित: पेज की शुरुआती संख्याएँ

मासिक आमदनी ₹1,00,000, संपत्ति ₹25,00,000, बाक़ी लोन ₹15,00,000, EMI ₹25,000 और बाक़ी ख़र्च ₹40,000।

हर महीने की बचत
₹35,000 (35%) : अच्छा
EMI का हिस्सा
25% : अच्छा
Net worth
₹10,00,000 (लगभग 0.8 गुना सालाना आमदनी)
क़र्ज़ ÷ net worth
150% : सुधार चाहिए
ज़रूरी ख़र्च
40% : अच्छा
पेज का नतीजा
4 में से 3 ratio अच्छे

आमदनी, बचत और EMI ठीक हैं, पर घर का लोन net worth से बड़ा है। जैसे-जैसे लोन घटेगा और संपत्ति बढ़ेगी, यह ratio सुधरेगा।

रेखा: खिंची हुई गृहस्थी

रेखा की मासिक आमदनी ₹45,000, संपत्ति ₹3,00,000, बाक़ी लोन ₹2,00,000, EMI ₹15,000 और बाक़ी ख़र्च ₹24,000 है।

हर महीने की बचत
₹6,000 (लगभग 13.3%) : ठीक-ठाक
EMI का हिस्सा
लगभग 33.3% : ठीक-ठाक
Net worth
₹1,00,000 (लगभग 0.2 गुना सालाना आमदनी)
क़र्ज़ ÷ net worth
200% : सुधार चाहिए
ज़रूरी ख़र्च
लगभग 53.3% : ठीक-ठाक

कोई ratio बहुत ख़राब नहीं, पर सब सीमा के पास हैं। एक अप्रत्याशित ख़र्च आए तो बचत लगभग ख़त्म हो सकती है, इसलिए आपातकालीन निधि बनाना पहली प्राथमिकता है।

मुकेश: हर महीने घाटा

मुकेश की आमदनी ₹50,000, संपत्ति ₹12,00,000, बाक़ी लोन ₹8,00,000, EMI ₹20,000 और बाक़ी ख़र्च ₹35,000 है।

हर महीने की बचत
−₹5,000 (−10%) : सुधार चाहिए
EMI का हिस्सा
40% : ठीक-ठाक
Net worth
₹4,00,000
क़र्ज़ ÷ net worth
200% : सुधार चाहिए
ज़रूरी ख़र्च
70% : ठीक-ठाक
पेज का संदेश
EMI और ख़र्च आमदनी से ज़्यादा हैं

हर महीने ₹5,000 का घाटा किसी और कर्ज़ से ही पूरा होता है। पहले ख़र्च या EMI घटाने के रास्ते देखना बाक़ी ratio सुधारने से ज़्यादा ज़रूरी है।

पेज के पाँच ratio और उनकी सीमाएँ

पेज के पाँच ratio और उनकी सीमाएँ
Ratioक्या मापता हैअच्छाठीक-ठाकसुधार चाहिए
Savings to Incomeआमदनी का बचत वाला हिस्सा20% या ज़्यादा10% से 20% से कम10% से कम
Debt-to-Incomeआमदनी का EMI वाला हिस्सा30% तक30% से ऊपर, 40% तक40% से ऊपर
Core Expensesआमदनी का ज़रूरी ख़र्च वाला हिस्सा50% तक50% से ऊपर, 70% तक70% से ऊपर
Liability to Net worthnet worth के मुक़ाबले क़र्ज़50% तक50% से ऊपर, 100% तक100% से ऊपर
Net worth to Incomenet worth कितने साल की आमदनी के बराबरसिर्फ़ जानकारीसिर्फ़ जानकारीसिर्फ़ जानकारी

ये पेज की सीमाएँ हैं, नियम नहीं। उम्र, परिवार और लक्ष्य के हिसाब से आपके लिए सही सीमा अलग हो सकती है।

एक बदलाव, उसका असर (शुरुआती संख्याओं पर)

एक बदलाव, उसका असर (शुरुआती संख्याओं पर)
बदलावकौन-सा ratio बदलापहलेबाद
EMI ₹25,000 से ₹15,000Debt-to-Income25%15%
EMI ₹25,000 से ₹15,000Savings to Income35%45%
बाक़ी ख़र्च ₹40,000 से ₹30,000Core Expenses40%30%
बाक़ी लोन ₹15,00,000 से ₹5,00,000Liability to Net worth150%25%
बाक़ी लोन ₹15,00,000 से ₹5,00,000Net worth (संपत्ति वही मानकर)₹10,00,000₹20,00,000

लोन घटाने वाला बदलाव तभी असली है जब वह रकम दूसरी संपत्ति बेचकर न चुकाई गई हो। यहाँ संपत्ति वही मानी गई है।

त्वरित संदर्भ: वित्तीय सेहत के ratio

त्वरित संदर्भ: वित्तीय सेहत के ratio
हर महीने की बचतआमदनी − EMI − बाक़ी ख़र्च
Savings to Incomeबचत ÷ आमदनी × 100
Debt-to-IncomeEMI ÷ आमदनी × 100
Net worthसंपत्ति − बाक़ी लोन
Net worth to Incomenet worth ÷ (आमदनी × 12) गुना
Liability to Net worthबाक़ी लोन ÷ net worth × 100
Core Expensesबाक़ी घरेलू ख़र्च ÷ आमदनी × 100
इस पेज में क्या नहींआपातकालीन निधि, बीमा, भविष्य की आमदनी, उम्र और परिवार की ज़िम्मेदारियाँ और संपत्ति की तरलता।

Financial Health Ratios Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

जैसे डॉक्टर बुखार, नब्ज़ और ब्लड प्रेशर जैसी कुछ सरल जाँचों से सेहत का मोटा अंदाज़ा लगा लेता है, वैसे ही आपकी आर्थिक सेहत का भी एक मोटा अंदाज़ा पाँच अनुपातों (ratio) से लगाया जा सकता है। Financial Health Ratios Calculator आपसे सिर्फ़ पाँच संख्याएँ माँगता है, यानी मासिक आमदनी, कुल संपत्ति, बाक़ी लोन, मासिक EMI और बाक़ी घरेलू ख़र्च। इनसे वह पाँच ratio निकालता है और हर एक को "अच्छा", "ठीक-ठाक" या "सुधार चाहिए" का निशान देता है। साथ ही यह भी बताता है कि सबसे ज़्यादा ध्यान किस पर देना चाहिए।

यह कोई अंकपत्र नहीं है जो आपको पास या फ़ेल करे। यह एक दर्पण है, जो आपकी मौजूदा तस्वीर दिखाता है ताकि आप खुद तय कर सकें कि कहाँ सुधार करना है।

किसके काम का है

  • नौकरीपेशा लोग, जिन्हें हर महीने तनख्वाह तो आती है पर महीने के अंत में हाथ खाली लगता है।
  • जिन्होंने हाल में लोन लिया है, या लेने की सोच रहे हैं, और जानना चाहते हैं कि EMI का बोझ कैसा है।
  • नवविवाहित दंपती, जो घर, गाड़ी और बच्चों की योजना बनाने से पहले अपनी स्थिति देखना चाहते हैं।
  • वे लोग, जो साल में एक बार अपनी आर्थिक "जाँच" करना चाहते हैं।
  • परिवार के मुखिया, जो बच्चों को वित्तीय सेहत का मतलब समझाना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर पाँच संख्या वाले डिब्बे हैं।

  • मासिक आमदनी (₹): हाथ में आने वाली (in-hand) कुल मासिक आमदनी। अगर पति-पत्नी दोनों कमाते हैं और पूरा घर साझा है, तो दोनों की आमदनी जोड़ सकते हैं, पर तब संपत्ति, लोन, EMI और ख़र्च भी साझा रखें। शुरुआती मान ₹1,00,000।
  • कुल संपत्ति / Assets (₹): आपके पास जो भी मूल्यवान है, उसकी आज की क़ीमत। इसमें बचत खाता, FD, म्यूचुअल फंड, शेयर, PF, सोना, घर या ज़मीन का बाज़ार मूल्य आ सकते हैं। शुरुआती मान ₹25,00,000।
  • बाक़ी लोन / Loan outstanding (₹): सभी लोन का कुल बकाया मूल, यानी होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड का बकाया। शुरुआती मान ₹15,00,000।
  • मासिक EMI (₹): सारे लोन की महीने की कुल किस्त। शुरुआती मान ₹25,000।
  • बाक़ी घरेलू ख़र्च / माह (₹): EMI छोड़कर रोज़मर्रा के ख़र्च, जैसे किराया, राशन, बिजली, बच्चों की फ़ीस, दवा, ईंधन और अन्य। शुरुआती मान ₹40,000। EMI को यहाँ दोबारा न जोड़िए, वरना उसका बोझ दो बार गिना जाएगा।

सिर्फ़ मासिक आमदनी का शून्य से ज़्यादा होना ज़रूरी है, वरना पेज संदेश दिखाता है कि आमदनी सही डालिए।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर बड़ी संख्या में दिखता है कि पाँच में से (या जितने ratio लागू हैं उनमें से) कितने ratio "अच्छे" हैं, और नीचे यह कि सबसे ज़्यादा ध्यान किस ratio पर देना है। अगर सब ठीक दिखें तो वहाँ लिखा आता है कि "सारे ratio ठीक दिख रहे हैं"।

1. Savings to Income

बचत = आमदनी − EMI − बाक़ी ख़र्च, और यह ratio बचत ÷ आमदनी है। पेज की सीमा के अनुसार 20% या उससे ज़्यादा "अच्छा", 10% से 20% के बीच "ठीक-ठाक" और 10% से कम "सुधार चाहिए" है। यह ratio बताता है कि हर ₹100 की कमाई में से कितना आपके भविष्य के लिए बचता है।

2. Debt-to-Income (EMI)

EMI ÷ आमदनी। 30% तक "अच्छा", 30 से 40% के बीच "ठीक-ठाक" और 40% से ऊपर "सुधार चाहिए" माना गया है। बैंक भी नया लोन देने से पहले लगभग इसी तरह का अनुपात देखते हैं, पर उनकी सीमाएँ अलग हो सकती हैं।

3. Net worth to Income

Net worth = संपत्ति − लोन। यह ratio net worth ÷ (मासिक आमदनी × 12) है, यानी आपकी net worth कितने साल की आमदनी के बराबर है। इसके लिए कोई "अच्छा या बुरा" निशान नहीं है, क्योंकि सही संख्या उम्र के साथ बदलती है। यह उम्र के साथ बढ़नी चाहिए। अगर net worth ऋणात्मक हो, तो यह ratio "लागू नहीं" दिखता है।

4. Liability to Net worth

लोन ÷ net worth। 50% तक "अच्छा", 50 से 100% के बीच "ठीक-ठाक" और 100% से ऊपर "सुधार चाहिए"। यह बताता है कि आपकी बची हुई पूँजी के मुक़ाबले कितना कर्ज़ है। जितना कम, उतना सुरक्षित।

5. Core Expenses

बाक़ी घरेलू ख़र्च ÷ आमदनी। 50% तक "अच्छा", 50 से 70% के बीच "ठीक-ठाक" और 70% से ऊपर "सुधार चाहिए"।

इसके अलावा नीचे "हर महीने की बचत" और "Net worth" की रकम भी दिखती है। एक पाई चार्ट भी बनता है, जिसमें EMI, बाक़ी ख़र्च और बचत का बँटवारा दिखता है (बचत शून्य या ऋणात्मक हो तो चार्ट नहीं बनता)। एक तालिका पाँचों ratio को एक नज़र में दिखाती है, साथ में सीमा और स्थिति।

अगर EMI और ख़र्च मिलकर आमदनी से ज़्यादा हों, तो लाल चेतावनी आती है कि हर महीने घाटा हो रहा है। और अगर लोन संपत्ति से ज़्यादा हो, यानी net worth ऋणात्मक हो, तो पीली चेतावनी आती है और net worth वाले दो ratio "लागू नहीं" दिखाए जाते हैं।

ध्यान दें: ये सीमाएँ सिर्फ़ आम अंदाज़े (rules of thumb) हैं। 25 साल के किसी व्यक्ति की सही सीमा और 55 साल के व्यक्ति की सही सीमा अलग होती है। निशानों को आदेश की तरह नहीं, संकेत की तरह पढ़िए।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • साल में एक बार जाँचिए। हर साल एक ही तारीख़ को वही पाँच संख्याएँ डालकर देखिए कि ratio सुधरे या बिगड़े। लिंक या सारांश सहेजकर तुलना कर सकते हैं।
  • "अगर" वाले प्रयोग कीजिए। ख़र्च ₹5,000 घटाकर या EMI में से एक लोन चुकाकर देखिए कि ratio कैसे बदलते हैं।
  • नया लोन लेने से पहले। जो नया लोन सोच रहे हैं, उसकी अनुमानित EMI को मौजूदा EMI में जोड़कर देखिए कि DTI कहाँ पहुँचता है। EMI Calculator से किस्त निकाल सकते हैं।
  • संपत्ति की ईमानदार क़ीमत। अपने घर या गहनों की क़ीमत बहुत बढ़ा-चढ़ाकर न डालिए। बेचने लायक़ क़ीमत के क़रीब रखिए।
  • बचत ऋणात्मक हो तो। सबसे पहले ख़र्च या आय पर काम कीजिए, Budget Calculator या Expense Tracker से बारीकी से देखिए।
  • आपातकालीन निधि से जोड़िए। अगर बचत अच्छी है पर आपातकालीन निधि नहीं है, तो पहले वह बनाइए।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "सारे ratio हरे हैं तो मैं सुरक्षित हूँ।" ये पाँच ratio बीमा, आपातकालीन निधि, रिटायरमेंट और लक्ष्यों की स्थिति नहीं दिखाते।
  • EMI दो बार गिनना। बाक़ी ख़र्च में EMI न जोड़िए।
  • घर को पूरी तरह तरल संपत्ति मानना। अगर आप उसी घर में रहते हैं, तो उसे बेचकर कर्ज़ चुकाना हमेशा संभव नहीं।
  • एक महीने की संख्या से निष्कर्ष निकालना। अगर किसी महीने ख़र्च असामान्य रहा हो, तो औसत संख्या लीजिए।
  • सीमाओं को सबके लिए एक जैसा मानना। परिवार के आकार, उम्र और शहर के हिसाब से सही सीमा बदल सकती है।
  • Net worth को सिर्फ़ बढ़ने की दौड़ समझना। अगर यह बढ़ रही है पर बचत घट रही है, तो कारण समझिए।
  • बचत को निवेश मान लेना। बचा हुआ पैसा खाते में पड़ा रहे तो ratio अच्छा दिखेगा, पर महँगाई उसे घटाती रहती है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है
  • बचत = आमदनी − EMI − बाक़ी ख़र्च।
  • Savings % = बचत ÷ आमदनी × 100।
  • DTI % = EMI ÷ आमदनी × 100।
  • Net worth = संपत्ति − बाक़ी लोन।
  • Net worth to Income = net worth ÷ (आमदनी × 12), "गुना" में।
  • Liability to Net worth % = लोन ÷ net worth × 100, तभी जब net worth शून्य से ज़्यादा हो।
  • Core Expenses % = बाक़ी ख़र्च ÷ आमदनी × 100।

हर ratio को ऊपर बताई सीमाओं से जाँचा जाता है। "अच्छे" ratio की गिनती में सिर्फ़ वे ratio आते हैं जिन्हें निशान मिलता है, यानी Net worth to Income इस गिनती में शामिल नहीं है। इसलिए अगर चारों निशान वाले ratio लागू हों, तो नतीजा "4 में से कितने अच्छे" की शक्ल में आता है।

मान्यताएँ:

  • सारी संख्याएँ मासिक हैं, सिवाय संपत्ति और लोन के जो आज की रकम हैं।
  • आमदनी एक जैसी मानी गई है; अनियमित आमदनी वाले लोग औसत मासिक आमदनी डालें।
  • बचत वह है जो EMI और ख़र्च के बाद बचे, चाहे वह वास्तव में अलग रखी गई हो या नहीं।
  • ratio की सीमाएँ पेज के सेटिंग में तय हैं और आम अंदाज़ों पर आधारित हैं।
एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए एक दंपती की कुल मासिक आमदनी ₹85,000 है। उनकी कुल संपत्ति ₹18,00,000 है, बाक़ी लोन ₹9,00,000, मासिक EMI ₹22,000 और बाक़ी घरेलू ख़र्च ₹38,000 है। (यह सिर्फ़ उदाहरण है।)

  1. बचत = 85,000 − 22,000 − 38,000 = ₹25,000 प्रति माह।
  2. Savings to Income = 25,000 ÷ 85,000 = लगभग 29.4%। यह 20% से ऊपर है, इसलिए "अच्छा"।
  3. Debt-to-Income = 22,000 ÷ 85,000 = लगभग 25.9%। यह 30% के अंदर है, इसलिए "अच्छा"।
  4. Net worth = 18,00,000 − 9,00,000 = ₹9,00,000। Net worth to Income = 9,00,000 ÷ (85,000 × 12) = 9,00,000 ÷ 10,20,000 = लगभग 0.9 गुना। इसमें कोई निशान नहीं।
  5. Liability to Net worth = 9,00,000 ÷ 9,00,000 = 100%। यह पेज की सीमा के हिसाब से "ठीक-ठाक" है, क्योंकि 100% तक ठीक-ठाक की श्रेणी में आता है। पर यह साफ़ संकेत है कि लोन उनकी बची पूँजी के बराबर है।
  6. Core Expenses = 38,000 ÷ 85,000 = लगभग 44.7%। यह 50% के अंदर है, इसलिए "अच्छा"।

नतीजा: चार निशान वाले ratio में से तीन "अच्छे" हैं, और सबसे ज़्यादा ध्यान Liability to Net worth पर चाहिए। इसका सरल मतलब है कि इस परिवार की दैनिक हालत मज़बूत है, पर संपत्ति के मुक़ाबले कर्ज़ का हिस्सा बड़ा है। उन्हें नया कर्ज़ लेने से बचना और मौजूदा कर्ज़ घटाने पर विचार करना चाहिए।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह उम्र, परिवार, बीमा, रिटायरमेंट या लक्ष्यों को नहीं देखता।
  • यह संपत्ति के प्रकार या तरलता में अंतर नहीं करता; ₹5 लाख का सोना और ₹5 लाख का बचत खाता इसके लिए एक जैसे हैं।
  • यह कर्ज़ की ब्याज दर या अवधि नहीं देखता। दो लोगों का EMI एक जैसा हो सकता है पर बोझ बहुत अलग।
  • सीमाएँ सामान्य अंदाज़े हैं, आधिकारिक मानक नहीं।
  • यह भविष्य की आमदनी में बदलाव, नौकरी जाने या बीमारी जैसे जोखिम नहीं दिखाता।
  • यह वित्तीय सलाह नहीं है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Net Worth Calculator: संपत्ति और देनदारी का विस्तार से हिसाब देखने के लिए।
  • Budget Calculator: ख़र्च का बँटवारा समझने और बचत बढ़ाने के लिए।
  • EMI Calculator: किसी लोन की किस्त और कुल ब्याज निकालने के लिए।
  • Emergency Fund Calculator: अचानक संकट के लिए कितना कोष चाहिए, यह देखने के लिए।
  • Debt Payoff Planner: कई कर्ज़ों को चुकाने का क्रम तय करने के लिए।
  • Protection Check Calculator: बीमा सुरक्षा की कमी जाँचने के लिए।

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, निजी वित्तीय सलाह नहीं। अपनी विशेष स्थिति के लिए किसी SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से परामर्श लीजिए।

6 काम की बातें याद रखें

1
संपत्ति में सिर्फ़ असली क़ीमत जोड़ें

घर, गाड़ी या ज़ेवर की मौजूदा बाज़ार क़ीमत डालें, ख़रीद की क़ीमत नहीं। बढ़ा-चढ़ाकर डालने पर नतीजा झूठा दिलासा देगा।

2
EMI में सब किस्तें गिनें

होम, कार, पर्सनल और क्रेडिट कार्ड की मासिक किस्त सब जोड़ें, वरना EMI का हिस्सा कम दिखेगा।

3
सबसे ख़राब ratio से शुरू करें

पेज "सबसे ज़्यादा ध्यान" वाला ratio बताता है। पहले उसी पर काम करना सबसे असरदार रहता है।

4
साल में एक बार दोहराएँ

हर साल एक ही तारीख़ पर संख्याएँ डालकर देखें कि ratio सुधर रहे हैं या नहीं, यह ज़्यादा काम की बात है, एक बार का नतीजा नहीं।

5
बचत के साथ आपातकालीन निधि भी देखें

अच्छी बचत का मतलब यह नहीं कि जरूरत के समय पैसा तुरंत मिलेगा। कुछ महीनों के ख़र्च जितनी निधि अलग रखें।

6
सीमाओं को अपने हिसाब से पढ़ें

किराया, बच्चों की पढ़ाई या माता-पिता का ख़र्च जैसे कारक आपकी सीमाएँ बदल सकते हैं। इन्हें मोटा संकेत समझें, फ़ैसला नहीं।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

ये आपकी आमदनी, ख़र्च, संपत्ति और क़र्ज़ से निकले अनुपात हैं, जो बताते हैं कि आप कितना बचा रहे हैं, EMI का कितना बोझ है और क़र्ज़ आपकी net worth के मुक़ाबले कितना है।

आम अंदाज़ा है कि आमदनी का 20% या उससे ज़्यादा बचाना अच्छा है। यह सिर्फ़ एक मोटा नियम है; आपकी उम्र, ज़िम्मेदारियों और लक्ष्यों के हिसाब से सही प्रतिशत अलग हो सकता है।

आम तौर पर सभी EMI मिलाकर आमदनी के 30-40% के अंदर रहें तो आराम रहता है। बैंक अक्सर 40-50% तक की सीमा मानते हैं, पर उससे ऊपर जाने पर बचत और इमरजेंसी फंड पर दबाव बढ़ता है।

Net worth = कुल संपत्ति − बाक़ी लोन। इस calculator में संपत्ति में अपने निवेश, बचत, प्रॉपर्टी जैसी चीज़ों की मौजूदा क़ीमत जोड़ें और कुल बाक़ी लोन घटाएँ।

किराया, राशन, बिजली, बच्चों की फ़ीस, यात्रा आदि वे सब ज़रूरी ख़र्च, जिनमें EMI शामिल नहीं है। EMI अलग खाने में जाती है।

हाँ, अगर वह हर महीने जाती है तो उसे बाक़ी ख़र्च में जोड़ें। सालाना क़िस्त हो तो उसे 12 से भाग देकर महीने का हिस्सा डालें।

पिछले 6 से 12 महीने का औसत मासिक आमदनी डालें। कम आमदनी वाले महीनों का ध्यान रखें, क्योंकि EMI तब भी उतनी ही रहती है।

SIP जैसे निवेश बचत हैं। उन्हें ख़र्च में न डालें, वरना बचत का ratio कम दिखेगा। पेज में बचत वही बचती है जो आमदनी में से EMI और ख़र्च घटाने के बाद रहे।

तब पेज चेतावनी दिखाता है और net worth वाले दो ratio "लागू नहीं" दिखाता है। इसका मतलब लोन आपकी संपत्ति से ज़्यादा है।

यह उम्र के साथ बदलता है। 25 साल के व्यक्ति के लिए 0.5 गुना भी ठीक हो सकता है और 50 साल के लिए नहीं, इसलिए पेज इसे सिर्फ़ जानकारी के रूप में दिखाता है।

हाँ, मौजूदा बाज़ार क़ीमत जोड़ें और उसी का बाक़ी लोन "बाक़ी लोन" में डालें। रहने वाला घर बेचा नहीं जा सकता, इसलिए तरलता के हिसाब से इसे अलग से भी सोचें।

नहीं। बैंक क्रेडिट स्कोर, नौकरी और अपने पैमाने से फ़ैसला करते हैं। ये ratio आपके अपने समझने के लिए हैं।

नहीं। उसके लिए Emergency Fund Calculator देखें।

नहीं। जीवन या स्वास्थ्य बीमा की ज़रूरत इस पेज से तय नहीं होती। उसके लिए Protection Check जैसे calculator देखें।

पेज की सीमाएँ तय हैं। आप चाहें तो अपनी स्थिति के हिसाब से उन्हें मन में कड़ा या ढीला मान सकते हैं।

नहीं। पेज सबके लिए एक जैसी सीमाओं पर चलता है। आपकी उम्र, आश्रित और लक्ष्य अलग हों तो नतीजा उतना ही अनुमान है।

नहीं, डाली गई संख्याएँ सहेजी नहीं जातीं। पर PDF या स्क्रीनशॉट अपने पास साझा करते समय सावधानी रखें।

नहीं। यह शैक्षणिक औज़ार है। निजी योजना के लिए SEBI-पंजीकृत सलाहकार की राय लें।

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