कर्ज़ चुकाने की चतुर रणनीति

Debt Payoff Planner (Snowball vs Avalanche)

कई लोन / क्रेडिट कार्ड एक साथ हों तो अतिरिक्त पैसा किसे दें? अपने कर्ज़ डालें और देखें कि Avalanche और Snowball में कब कर्ज़-मुक्त होंगे और कितना ब्याज बचेगा।

  • Avalanche बनाम Snowball
  • कर्ज़-मुक्त होने का महीना
  • कुल ब्याज की तुलना
  • अतिरिक्त रकम का असर
  • हर कर्ज़ बंद होने का क्रम
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहस्नोबॉल में छोटा कर्ज़ पहले, एवलांच में ऊँचे ब्याज वाला पहले चुकाते हैं। दोनों आज़माएँ।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

Snowball और Avalanche

  • Avalanche: सबसे ऊँचे ब्याज वाले कर्ज़ पर अतिरिक्त रकम लगाएँ। कुल ब्याज सबसे कम बनता है।
  • Snowball: सबसे छोटे बकाये वाला कर्ज़ पहले चुकाएँ। जल्दी एक कर्ज़ बंद होने से हौसला बना रहता है, पर ब्याज थोड़ा ज़्यादा लग सकता है।
  • जैसे ही कोई कर्ज़ बंद होता है, उसकी किस्त अगले कर्ज़ पर लग जाती है (यही "लुढ़कती गेंद" है)। सभी कर्ज़ों की न्यूनतम किस्तें हमेशा भरी जाती हैं।
  • ब्याज हर महीने बकाये × सालाना दर ÷ 12 से जुड़ता है। प्री-पेमेंट शुल्क या लेट फ़ीस शामिल नहीं हैं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Each month interest = balance × annual rate ÷ 12 is added; every debt gets its minimum payment; the extra money plus the minimums freed by closed debts go to the priority debt (highest rate for Avalanche, smallest balance for Snowball) until all are cleared.

हर महीने ब्याज = बकाया × सालाना दर ÷ 12 जुड़ता है; हर कर्ज़ की न्यूनतम किस्त भरी जाती है; अतिरिक्त रकम और बंद हुए कर्ज़ों की किस्तें प्राथमिकता वाले कर्ज़ (Avalanche: ऊँची दर, Snowball: छोटा बकाया) को जाती हैं।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 8 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Prepayment charges, late fees and changing interest rates are not included. This is an educational estimate, not advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। प्री-पेमेंट शुल्क, लेट फ़ीस और बदलती ब्याज दरें शामिल नहीं हैं। यह कैलकुलेटर सीखने और अनुमान के लिए है, सलाह नहीं। असल नतीजे आपके बैंक / कंपनी की शर्तों, शुल्क और कर से अलग हो सकते हैं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • सभी कर्ज़ों की न्यूनतम किस्त हर महीने भरी जाती है। अतिरिक्त रकम एक चुने हुए कर्ज़ पर जाती है: Avalanche में सबसे ऊँचे ब्याज वाले पर, Snowball में सबसे छोटे बकाये वाले पर।
  • जैसे ही कोई कर्ज़ बंद होता है, उसकी किस्त अगले कर्ज़ पर लग जाती है। इसी लुढ़कती गेंद से अतिरिक्त रकम शून्य होने पर भी समय घटता है।
  • ब्याज हर महीने बकाये × सालाना दर ÷ 12 से जुड़ता है। प्री-पेमेंट शुल्क, लेट फ़ीस और बदलती दर शामिल नहीं हैं।
  • सारी संख्याएँ उदाहरण हैं। अपने कर्ज़ का असली बकाया, दर और न्यूनतम किस्त स्टेटमेंट से लें।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

राजीव: पेज का शुरुआती उदाहरण

राजीव के तीन कर्ज़ हैं: ₹1,00,000 (11%, किस्त ₹4,000), ₹4,00,000 क्रेडिट कार्ड (36%, किस्त ₹15,000), ₹8,00,000 (14%, किस्त ₹15,000)। वह हर महीने ₹5,000 अतिरिक्त देता है।

Avalanche
48 महीने (4 साल), ब्याज ₹5,49,377
Snowball
49 महीने, ब्याज ₹5,87,164
फ़र्क़
Avalanche में ₹37,787 कम ब्याज
सिर्फ़ न्यूनतम किस्त
84 महीने (7 साल), ब्याज ₹8,89,758
अतिरिक्त रकम से बचत
₹3,40,381

हर महीने सिर्फ़ ₹5,000 अतिरिक्त देने से तीन साल पहले कर्ज़-मुक्ति और साढ़े तीन लाख के क़रीब ब्याज की बचत दिखी।

सुमन: दो कर्ज़, जब दोनों तरीक़े बराबर निकले

सुमन के दो कर्ज़ हैं: ₹60,000 (24%, किस्त ₹3,000) और ₹1,50,000 (18%, किस्त ₹5,000)। अतिरिक्त ₹3,000 हर महीने।

Avalanche
23 महीने, ब्याज ₹41,794
Snowball
23 महीने, ब्याज ₹41,794
सिर्फ़ न्यूनतम किस्त
41 महीने, ब्याज ₹68,167
अतिरिक्त रकम से बचत
₹26,373

यहाँ छोटा कर्ज़ ही सबसे ऊँचे ब्याज का है, इसलिए दोनों तरीक़ों का क्रम और नतीजा एक-सा रहा।

अरुण: अतिरिक्त रकम शून्य, फिर भी फ़र्क़

अरुण के वही तीन कर्ज़ (राजीव वाले) हैं, पर वह कोई अतिरिक्त रकम नहीं दे सकता। फिर भी बंद हुए कर्ज़ की किस्त आगे लगाता है।

किस्तें आगे लुढ़काने पर
62 महीने, ब्याज ₹7,89,533
किस्तें न लुढ़कें तो
84 महीने, ब्याज ₹8,89,758
लुढ़काने से बचत
₹1,00,225 और 22 महीने

नई रकम न हो तब भी बंद हुए कर्ज़ की किस्त अगले कर्ज़ पर लगाने की आदत ब्याज में लाख रुपये के क़रीब बचाती है।

अतिरिक्त रकम बदलने पर (राजीव के तीन कर्ज़)

अतिरिक्त रकम बदलने पर (राजीव के तीन कर्ज़)
अतिरिक्त (₹/माह)Avalanche: महीनेAvalanche: ब्याज (₹)Snowball: महीनेSnowball: ब्याज (₹)
0627,89,533627,89,533
5,000485,49,377495,87,164
10,000404,30,699414,68,346
15,000343,58,486353,91,863

सिर्फ़ न्यूनतम किस्त (कोई लुढ़कना नहीं) पर 84 महीने और ₹8,89,758 ब्याज बनता है।

कौन-सा कर्ज़ किस महीने बंद (राजीव, अतिरिक्त ₹5,000)

कौन-सा कर्ज़ किस महीने बंद (राजीव, अतिरिक्त ₹5,000)
कर्ज़शुरुआती बकाया / दरAvalanche: महीनाSnowball: महीना
कर्ज़ 1₹1,00,000 / 11%2912
कर्ज़ 2₹4,00,000 / 36%3132
कर्ज़ 3₹8,00,000 / 14%4849

Snowball में पहला कर्ज़ जल्दी बंद होता है, जो मनोबल बढ़ाता है। Avalanche में महँगा कर्ज़ पहले ख़त्म होता है, इसलिए कुल ब्याज कम।

त्वरित संदर्भ: कर्ज़ चुकाने की योजना

त्वरित संदर्भ: कर्ज़ चुकाने की योजना
Avalancheअतिरिक्त रकम सबसे ऊँचे ब्याज दर वाले कर्ज़ पर।
Snowballअतिरिक्त रकम सबसे छोटे बकाये वाले कर्ज़ पर।
न्यूनतम किस्तहर कर्ज़ की न्यूनतम किस्त हर महीने भरी जाती है, जब तक वह बंद न हो।
मासिक ब्याजबकाया × सालाना दर ÷ 12
लुढ़कती गेंदबंद हुए कर्ज़ की किस्त अगले कर्ज़ पर जुड़ जाती है।
कितने कर्ज़चार तक; ज़रूरत न हो तो बकाया 0 रखें।
सीमा600 महीने तक का हिसाब। किस्त ब्याज से कम हो तो कर्ज़ कभी चुकता नहीं होगा और calculator चेतावनी देता है।
इस पेज में क्या नहींप्री-पेमेंट शुल्क, लेट फ़ीस, बदलती दर, नया कर्ज़ और कर।

Debt Payoff Planner (Snowball बनाम Avalanche) क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

जब एक ही व्यक्ति पर कई तरह के कर्ज़ हों, जैसे क्रेडिट कार्ड का बकाया, पर्सनल लोन, बाइक या फ़ोन की EMI और कभी-कभी किसी परिचित से लिया उधार, तो सबसे बड़ा सवाल यह नहीं होता कि कर्ज़ कितना है। असली उलझन यह होती है कि अगर मेरे पास हर महीने थोड़ी अतिरिक्त रकम बच रही है, तो उसे किस कर्ज़ में डालूँ? यही सवाल Debt Payoff Planner हल करता है।

यह एक योजना-सिम्युलेटर है। आप अधिकतम चार कर्ज़ डालते हैं: हर एक का बकाया, सालाना ब्याज दर और न्यूनतम मासिक किस्त। साथ में बताते हैं कि हर महीने न्यूनतम किस्तों के ऊपर कितनी अतिरिक्त रकम दे सकते हैं और कौन-सा तरीक़ा चुनना चाहते हैं। फिर calculator महीने-दर-महीने आगे बढ़कर बताता है कि आप कब कर्ज़-मुक्त होंगे, कुल कितना ब्याज देंगे, और दूसरे तरीक़े से तुलना में कितना फ़र्क पड़ता है।

दो तरीक़े हैं:

  • Avalanche (हिमस्खलन): अतिरिक्त रकम सबसे ऊँची ब्याज दर वाले कर्ज़ में डालिए। गणित के हिसाब से कुल ब्याज सबसे कम बनता है।
  • Snowball (बर्फ़ का गोला): अतिरिक्त रकम सबसे छोटे बकाये वाले कर्ज़ में डालिए। एक कर्ज़ जल्दी बंद होता है तो मन को राहत और हौसला मिलता है, पर ब्याज थोड़ा ज़्यादा लग सकता है।

किसके काम का है

  • जिसके पास क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन और दूसरे कर्ज़ एक साथ चल रहे हैं और जो समझ नहीं पा रहा कि कहाँ से शुरू करे।
  • वह परिवार जो बोनस, टैक्स रिफ़ंड या किसी अतिरिक्त आमदनी से कर्ज़ घटाना चाहता है।
  • फ़्रीलांसर या छोटा दुकानदार, जिसकी आमदनी हर महीने बदलती है और जो अलग-अलग अतिरिक्त रकम पर नतीजे देखना चाहता है।
  • वह व्यक्ति जो पहले कर्ज़ चुकाए या निवेश करे, इस दुविधा में है और पहले यह देखना चाहता है कि कर्ज़ कितनी जल्दी ख़त्म हो सकता है।
  • जो मनोवैज्ञानिक कारणों से Snowball पसंद करता है और जानना चाहता है कि उसकी क़ीमत कितनी है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर कुल 14 खाने हैं। चार कर्ज़ों में से हर एक के तीन-तीन:

  • कर्ज़ का बकाया (₹): अभी जितना चुकाना बाक़ी है, यानी outstanding principal (क्रेडिट कार्ड में कुल बकाया)। बैंक के ऐप, स्टेटमेंट या लोन खाते में दिखता है। अगर कोई कर्ज़ नहीं है तो 0 डालिए।
  • सालाना ब्याज %: उस कर्ज़ की वार्षिक दर। क्रेडिट कार्ड में अक्सर महीने की दर लिखी होती है, उसे 12 से गुणा करके सालाना बनाइए। लोन के खाते में दर साफ़ लिखी होती है।
  • न्यूनतम मासिक किस्त (₹): हर महीने कम से कम कितना देना ही पड़ता है। लोन में यह EMI है, क्रेडिट कार्ड में "minimum due"।

इनके अलावा दो खाने और हैं:

  • हर महीने अतिरिक्त रकम (₹): न्यूनतम किस्तों के ऊपर आप जितना और दे सकते हैं। शुरुआती मान ₹5,000 है। 0 रखने पर भी calculator चलता है।
  • तरीक़ा: Avalanche या Snowball।

शुरुआती मान में तीन कर्ज़ भरे हुए दिखते हैं (कर्ज़ 4 खाली है): ₹1,00,000 पर 11%, ₹4,00,000 पर 36% और ₹8,00,000 पर 14%। ये सिर्फ़ नमूना हैं। उन्हें अपने आँकड़ों से बदलिए।

ध्यान दें: सिर्फ़ उन्हीं कर्ज़ों को डालिए जिनमें हर महीने आपको भुगतान करना पड़ता है और जिन पर ब्याज चलता है। घर या गाड़ी का लोन भी डाल सकते हैं, पर तब सोचिए कि उसमें समय से पहले भुगतान पर बैंक कोई शुल्क तो नहीं लेता।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर कर्ज़-मुक्त होने में कितने महीने (और कितने साल-महीने) लगेंगे यह दिखता है, और उसके नीचे कुल ब्याज। यह आपके चुने हुए तरीक़े का नतीजा है। उसके बाद ये पंक्तियाँ आती हैं:

  • चुना हुआ तरीक़ा: कुल ब्याज।
  • Avalanche: कुल ब्याज / महीने और Snowball: कुल ब्याज / महीने। दोनों तरीक़ों की सीधी तुलना, चाहे आपने कोई भी चुना हो।
  • सिर्फ़ न्यूनतम किस्त (अतिरिक्त के बिना): ब्याज / महीने। अगर आप कोई अतिरिक्त रकम न दें और जैसे चल रहा है वैसे ही चलाएँ, तब कितना ब्याज और कितना समय लगेगा। अगर इन किस्तों से कर्ज़ कभी चुकता ही न हो, तो यहाँ "कभी चुकता नहीं" लिखा आता है।
  • अतिरिक्त रकम से बचत (ब्याज में): सिर्फ़ न्यूनतम किस्त वाले रास्ते की तुलना में ब्याज कितना बचा।

नीचे एक छोटा वाक्य बताता है कि Avalanche में Snowball से कितना कम ब्याज लगा, या दोनों लगभग बराबर हैं। फिर "किस कर्ज़ का अंतिम महीना" तालिका है, जिसमें हर कर्ज़ का शुरुआती बकाया और वह किस महीने चुकता होगा लिखा है, चुकता होने के क्रम में। और एक रेखा चार्ट है जिसमें कुल बकाया महीना-दर-महीना घटता दिखता है, आपकी योजना और केवल न्यूनतम किस्त वाली रेखा, दोनों।

नतीजे से क्या समझें

  • अगर कर्ज़ "कभी चुकता नहीं होगा" का संदेश आए, तो इसका मतलब है कि किसी कर्ज़ की किस्त उसके मासिक ब्याज से भी कम है। किस्त या अतिरिक्त रकम बढ़ाइए।
  • अगर दोनों तरीक़ों का फ़र्क छोटा है, तो वही तरीक़ा चुनिए जिसे आप आसानी से निभा सकें।
  • अगर फ़र्क बड़ा है, तो ऊँची दर वाले कर्ज़ को जल्दी निपटाने की वजह साफ़ दिखती है।
  • तालिका देखकर यह भी तय कीजिए कि कौन-सा कर्ज़ पहले बंद होगा, ताकि उसके बाद आप अपनी बचत की योजना बना सकें।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

अतिरिक्त रकम की अलग-अलग मात्रा आज़माइए

₹0, ₹2,000, ₹5,000, ₹10,000 जैसे कई मान डालकर देखिए। अक्सर शुरुआती कुछ हज़ार रुपये ही सबसे बड़ा फ़र्क डालते हैं। इससे आप तय कर सकते हैं कि खर्चों में कटौती का प्रयास कितना मायने रखता है।

दोनों तरीक़ों के बीच फ़र्क पढ़िए

अगर ब्याज का फ़र्क ₹5,000 जैसा छोटा है और Snowball से आपकी प्रेरणा बनी रहती है, तो Snowball चुनना भी तर्कसंगत है। अगर फ़र्क ₹50,000 जैसा बड़ा है, तो Avalanche की ओर झुकना समझदारी है।

सबसे महँगे कर्ज़ की पहचान

क्रेडिट कार्ड और कुछ ऐप-आधारित छोटे कर्ज़ की दरें बहुत ऊँची होती हैं। कई बार सस्ता कर्ज़ लेकर महँगा कर्ज़ चुकाना (consolidation) विकल्प होता है, पर उसमें प्रोसेसिंग शुल्क और शर्तें देखनी पड़ती हैं। उसके लिए Loan Comparison Calculator काम आ सकता है।

किसी कर्ज़ के प्री-पेमेंट का असर अलग से

किसी एक लोन में एकमुश्त रकम चुकाने का असर Loan Prepayment Calculator में ज़्यादा विस्तार से दिखता है।

आमदनी बदलने पर दोबारा चलाइए

हर बार जब बोनस, वेतन-वृद्धि या कोई नया खर्च आए, तो अतिरिक्त रकम बदलकर योजना दोबारा देखिए।

उदाहरण: अगर आपकी अतिरिक्त रकम ₹3,000 है और दोनों तरीक़ों में ब्याज का फ़र्क बहुत कम दिखे, तो दोनों में से वह चुनिए जिससे आप पहला कर्ज़ जल्दी बंद कर पाएँ और उसकी किस्त का पैसा अगले कर्ज़ में डालते रहें।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • सिर्फ़ न्यूनतम किस्त देते रहना: क्रेडिट कार्ड की न्यूनतम किस्त मुख्य रूप से ब्याज चुकाती है। बकाया बहुत धीरे घटता है।
  • दर की जगह महीने की दर डालना: कार्ड पर अक्सर 3% महीना लिखा होता है। यहाँ सालाना दर चाहिए, यानी 36%।
  • बंद हुए कर्ज़ की किस्त को ख़र्च कर देना: लुढ़कती गेंद का जादू तभी चलता है जब बंद हुए कर्ज़ की किस्त अगले कर्ज़ में लगती रहे।
  • नए कर्ज़ लेते जाना: calculator मानता है कि नया कर्ज़ नहीं जुड़ेगा। उधारी बढ़ती रहे तो पूरी योजना बेकार हो जाती है।
  • आपात निधि भूल जाना: बिना किसी बफ़र के सारा पैसा कर्ज़ में लगा देने पर अचानक ख़र्च में फिर कार्ड पर निर्भर होना पड़ सकता है। Emergency Fund Calculator देखिए।
  • प्री-पेमेंट शुल्क को अनदेखा करना: कुछ लोन में समय से पहले भुगतान पर शुल्क लगता है। यह यहाँ शामिल नहीं है।
  • Snowball को "बेकार" मान लेना या Avalanche को "सही" मान लेना: दोनों के अपने फ़ायदे हैं। जो तरीक़ा आप सालों तक निभा सकें वही आपके लिए बेहतर है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

Calculator हर महीने का अलग-अलग हिसाब चलाता है:

  1. हर चालू कर्ज़ पर उस महीने का ब्याज जुड़ता है: ब्याज = बकाया × सालाना दर ÷ 12 ÷ 100।
  2. हर कर्ज़ की न्यूनतम किस्त भरी जाती है। अगर बकाया किस्त से कम बचा है तो बस उतना ही भरा जाता है।
  3. कुल मासिक बजट = सभी न्यूनतम किस्तों का जोड़ + अतिरिक्त रकम। इसमें से न्यूनतम किस्तें भरने के बाद जो बचता है, वह प्राथमिकता वाले कर्ज़ में जाता है।
  4. Avalanche में प्राथमिकता वाला कर्ज़ वह है जिसकी ब्याज दर सबसे ऊँची हो (बराबर होने पर छोटा बकाया)। Snowball में सबसे छोटा बकाया।
  5. जैसे ही कोई कर्ज़ बंद होता है, उसकी न्यूनतम किस्त का पैसा अगले महीने से बजट में बना रहता है और प्राथमिकता वाले अगले कर्ज़ को जाता है। इसे "लुढ़कती गेंद" कहते हैं।
  6. यह तब तक चलता है जब तक सारे कर्ज़ शून्य न हो जाएँ, या 600 महीने (50 साल) न बीत जाएँ।

तुलना के लिए calculator चार बार चलता है: आपका चुना तरीक़ा, Avalanche, Snowball और बिना अतिरिक्त रकम का आधार (baseline)।

मान्यताएँ: ब्याज दरें पूरी अवधि में स्थिर रहती हैं, कोई नया कर्ज़ नहीं जुड़ता, हर महीने बजट वही रहता है, और प्री-पेमेंट शुल्क या लेट फ़ीस शामिल नहीं हैं। क्रेडिट कार्ड की ब्याज गणना असल में रोज़ के आधार पर और ग्रेस पीरियड के नियमों के साथ होती है। यहाँ उसका मासिक सरल रूप लिया गया है।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए मीना एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं और उन पर तीन कर्ज़ हैं। (ये सिर्फ़ काल्पनिक आँकड़े हैं।)

  • कर्ज़ 1: क्रेडिट कार्ड, बकाया ₹60,000, ब्याज 36% सालाना, न्यूनतम किस्त ₹3,000
  • कर्ज़ 2: पर्सनल लोन, बकाया ₹2,50,000, ब्याज 15%, किस्त ₹8,000
  • कर्ज़ 3: बाइक लोन, बकाया ₹40,000, ब्याज 11%, किस्त ₹3,000

वे हर महीने ₹4,000 अतिरिक्त दे सकती हैं। कुल मासिक बजट = 3,000 + 8,000 + 3,000 + 4,000 = ₹18,000।

आधार: बिना अतिरिक्त रकम। अगर वे सिर्फ़ न्यूनतम किस्तें देती रहें (और बंद होने वाले कर्ज़ की किस्त आगे नहीं घुमाएँ), तो सारे कर्ज़ चुकने में लगभग 40 महीने और कुल ब्याज लगभग ₹1,04,847 लगता है।

Avalanche। अतिरिक्त ₹4,000 पहले क्रेडिट कार्ड (36%) पर जाता है। कार्ड 11वें महीने में बंद होता है, बाइक लोन 15वें महीने में और पर्सनल लोन 23वें महीने में। कुल समय 23 महीने और कुल ब्याज लगभग ₹59,898।

Snowball। अतिरिक्त रकम पहले सबसे छोटे बकाये, यानी बाइक लोन (₹40,000), पर जाती है। वह 6वें महीने में बंद होता है, क्रेडिट कार्ड 12वें महीने में और पर्सनल लोन 24वें महीने में। कुल समय 24 महीने, कुल ब्याज लगभग ₹64,246।

तुलना। Avalanche, Snowball से लगभग ₹4,348 कम ब्याज और एक महीना कम लेता है। आधार की तुलना में अतिरिक्त ₹4,000 महीना देने से ब्याज में लगभग ₹44,949 की बचत और लगभग 17 महीने की जल्दी दिखती है।

इस नतीजे से तीन बातें निकलती हैं। पहली: सबसे ज़्यादा फ़र्क इस बात से पड़ा कि अतिरिक्त रकम दी गई, न कि तरीक़े से। दूसरी: बाइक लोन 6ठे महीने में बंद होने से मीना को एक ठोस जीत मिलती, जो Snowball का मनोवैज्ञानिक फ़ायदा है। तीसरी: उनके पास क्रेडिट कार्ड का 36% वाला कर्ज़ है, जो सबसे महँगा है, इसलिए Avalanche तर्क के हिसाब से स्वाभाविक चुनाव है।

अगर यही अतिरिक्त रकम ₹10,000 हो जाए, तो Avalanche में कर्ज़-मुक्ति लगभग 17 महीने में और ब्याज लगभग ₹41,517 हो जाता है। यानी रकम दोगुनी से ज़्यादा करने पर समय छह महीने और घटता है। हर अतिरिक्त रुपये का असर देखने के लिए कई बार खाना बदलकर देखिए।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह अधिकतम चार कर्ज़ संभालता है।
  • ब्याज दर पूरी अवधि में स्थिर मानी गई है। फ्लोटिंग दर वाले लोन में असल नतीजा बदल सकता है।
  • लेट फ़ीस, प्री-पेमेंट शुल्क, प्रोसेसिंग शुल्क और बीमा जैसी लागतें शामिल नहीं हैं।
  • क्रेडिट कार्ड की रोज़ की ब्याज गणना, ग्रेस पीरियड और जुर्माने यहाँ सरल रूप में हैं।
  • कर लाभ (जैसे होम लोन या शिक्षा लोन के ब्याज पर कटौती) शामिल नहीं हैं। कर नियम बदलते रहते हैं, इसलिए आयकर विभाग की वेबसाइट देखिए।
  • आपके क्रेडिट स्कोर पर कर्ज़ बंद करने के असर का हिसाब नहीं है।
  • यह नहीं बताता कि आपके लिए कितनी अतिरिक्त रकम निकालना व्यावहारिक है। वह आपके बजट पर निर्भर है।
  • अगर किसी कर्ज़ की किस्त ब्याज से कम है तो calculator चेतावनी देता है, पर रास्ता आपको ख़ुद ढूँढना होगा।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। अपने कर्ज़ों की शर्तें लोन देने वाले संस्थान से पक्की करें, और बड़ा फ़ैसला लेने से पहले ज़रूरत हो तो योग्य सलाहकार से पूछें।

6 काम की बातें याद रखें

1
स्टेटमेंट से असली संख्या लें

हर कर्ज़ का बकाया, दर और न्यूनतम किस्त ताज़ा स्टेटमेंट से भरें। पुरानी संख्या से योजना ग़लत बनेगी।

2
क्रेडिट कार्ड का बकाया अक्सर सबसे महँगा

ऊँची दर वाले कर्ज़ के लिए Avalanche देखें और ब्याज की बचत गिनें।

3
मनोबल भी गिनें

अगर पूरी योजना टिकाए रखने के लिए जल्दी एक कर्ज़ बंद होना ज़रूरी लगे तो Snowball चुनना भी समझदारी हो सकती है।

4
बंद हुई किस्त को आगे लगाएँ

कर्ज़ बंद होते ही उसकी किस्त अपने खर्च में न मिलाएँ। उसे अगले कर्ज़ में भेजना सबसे बड़ी बचत देता है।

5
प्री-पेमेंट शुल्क पहले पूछें

कुछ लोन जल्दी चुकाने पर शुल्क लेते हैं। वह यहाँ शामिल नहीं, इसलिए उसे अलग से जोड़कर निर्णय लें।

6
नया कर्ज़ न जोड़ें

योजना के दौरान नया क्रेडिट कार्ड ख़र्च जोड़ने से सारा हिसाब बदल जाता है। नई उधारी रोकना योजना का हिस्सा है।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

गणित में Avalanche कुल ब्याज कम रखता है। Snowball मनोवैज्ञानिक रूप से आसान है क्योंकि छोटे कर्ज़ जल्दी बंद होते हैं। यह कैलकुलेटर दोनों का फ़र्क़ रुपयों में दिखाता है।

क्योंकि बंद हुए कर्ज़ की किस्त आगे लगाई जाती है। उदाहरण में यही लुढ़कना अकेले महीनों और ब्याज को घटाता है।

हर कर्ज़ अपनी ही किस्त से चुकता है, बंद होने पर किस्त आगे नहीं जाती। इसी से अतिरिक्त रकम और लुढ़कने की बचत की तुलना होती है।

तब बकाया घटता नहीं बढ़ता है। calculator चेतावनी देता है कि कर्ज़ कभी चुकता नहीं होगा। किस्त या अतिरिक्त रकम बढ़ानी होगी।

Avalanche में बराबर दर पर छोटे बकाये वाला पहले जाता है। नतीजे में ज़्यादा फ़र्क़ नहीं पड़ता।

नहीं। अगर छोटा कर्ज़ ही सबसे ऊँचे ब्याज का हो, या अतिरिक्त रकम न हो, तो दोनों बराबर आ सकते हैं।

ग्राफ़ आपके चुने तरीक़े से कुल बकाया का महीना-दर-महीना घटना दिखाता है और उसके साथ सिर्फ़ न्यूनतम किस्त की रेखा।

क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन, गाड़ी या उपकरण का लोन जैसे कर्ज़ डाल सकते हैं जिनमें ब्याज बकाये पर लगता है। असली शर्तें अपने लोन-दस्तावेज़ में देखें।

हाँ, बकाया, दर और EMI भरकर। पर होम लोन में कर-लाभ जैसे पहलू होते हैं जो यहाँ नहीं हैं। उसे अलग से सोचें।

नहीं। देर से भुगतान का शुल्क और जुर्माना शामिल नहीं हैं। भरपूर बजट रखें ताकि किस्त न चूके।

नहीं। कुछ लोन में जल्दी चुकाने पर शुल्क लगता है, जो असली बचत को घटाएगा।

यहाँ हर कर्ज़ की दर स्थिर मानी गई है। असली floating दर बदलती है, इसलिए नतीजा सिर्फ़ अनुमान है।

हाँ, यह हिसाब मानता है कि नया बकाया नहीं जुड़ेगा। नया ख़र्च जुड़ने पर समय और ब्याज दोनों बढ़ेंगे।

यह एक अलग रणनीति है। पहले Debt Consolidation calculator में नई दर, शुल्क और अवधि के साथ तुलना करें।

नहीं। यह सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान है। कर्ज़ चुकाने की योजना अपनी आय और ज़रूरतें देखकर बनाएँ।

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