कुछ अलग-अलग काल्पनिक स्थितियाँ, ताकि छहों विकल्प साफ़ हो जाएँ:
1. X का Y%: किराये की बढ़ोतरी
मकान मालिक किराया ₹84,000 सालाना से 7.5% बढ़ाना चाहता है। विकल्प "X का Y%" चुनें, प्रतिशत 7.5 और संख्या 84,000 डालें। नतीजा ₹6,300 आएगा, यानी नया सालाना किराया ₹90,300 होगा।
2. X, Y का कितना %: बचत का अनुपात
मीना हर महीने ₹38,000 कमाती हैं और ₹9,500 बचाती हैं। "X, Y का कितना %" में भाग 9,500 और पूरा 38,000 डालें। नतीजा 25% आएगा और बाक़ी 75% खर्च है।
3. प्रतिशत बदलाव: वेतन
किसी की तनख़्वाह ₹32,000 से ₹35,200 हुई। पुरानी 32,000 और नई 35,200 डालें। नतीजा +10%, अंतर ₹3,200। "बदलाव उलटने के लिए ज़रूरी %" की पंक्ति लगभग −9.09% दिखाएगी, यानी अगर ₹35,200 से वापस ₹32,000 पर आना हो तो 9.09% की गिरावट काफ़ी है। बढ़ोतरी का प्रतिशत और वापसी का प्रतिशत अलग हैं, यही बात इस पंक्ति से समझ आती है।
4. X में Y% जोड़ना
एक छोटे कारीगर का सामान ₹15,000 का बना है और वह 12% मुनाफ़ा जोड़ना चाहता है। नतीजा ₹16,800।
5. X में से Y% घटाना
₹2,499 की चीज़ पर 30% छूट हो तो छूट के बाद ₹1,749.30 बैठेगा। छूट की रकम ₹749.70 है।
6. पूरी संख्या ढूँढना
एक कर्मचारी के खाते में ₹4,500 कटे हैं और यह उसकी तनख़्वाह का 18% है। "पूरी संख्या" विकल्प में भाग 4,500 और प्रतिशत 18 डालें। पूरी संख्या ₹25,000 निकलेगी।
ऊपर की सारी संख्याएँ सिर्फ़ गणित सिखाने के उदाहरण हैं। किसी असली कर या छूट की दर के लिए आधिकारिक स्रोत देखें।