corpus से कितनी पेंशन

Annuity & Pension Calculator

रिटायरमेंट corpus से एन्युटी में कितनी मासिक पेंशन मिलेगी, मनचाही पेंशन के लिए कितना corpus चाहिए और ख़ुद संभालें तो पैसा कितने साल चलेगा - देखिए।

  • एन्युटी से मासिक पेंशन
  • मनचाही पेंशन के लिए corpus
  • ख़ुद संभालने पर कितने साल चले
  • महँगाई से बढ़ती निकासी
  • बचा corpus का चार्ट
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहएन्युटी की पेंशन पक्की होती है पर अक्सर महँगाई के साथ नहीं बढ़ती - इसलिए कई लोग corpus का कुछ हिस्सा ही एन्युटी में लगाते हैं।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

एन्युटी और पेंशन का हिसाब कैसे लगता है?

  • एन्युटी में आप एक बार corpus बीमा कंपनी को देते हैं और वह जीवन भर (या तय अवधि तक) मासिक पेंशन देती है। यहाँ पेंशन = corpus × एन्युटी दर ÷ 12 मानी गई है, यानी सादी (flat) पेंशन जो समय के साथ बढ़ती नहीं।
  • ख़ुद संभालने (self-managed) वाले रास्ते में corpus निवेश में रहता है, आप हर महीने कुछ रकम निकालते हैं जो महँगाई के साथ हर साल बढ़ती है, और बचा corpus रिटर्न कमाता रहता है। पैसा कितने साल चलेगा, यह निकासी, रिटर्न और सालाना बढ़ोतरी तीनों पर निर्भर है।
  • एन्युटी में पेंशन पक्की होती है पर आम तौर पर महँगाई के साथ नहीं बढ़ती और corpus वापस नहीं मिलता (कुछ विकल्पों में purchase price वापस मिलता है, तब पेंशन कम होती है)। self-managed में लचीलापन है पर बाज़ार का जोखिम और लंबी उम्र का जोखिम आपके पास रहता है।
  • एन्युटी की असली दरें बीमा कंपनी और विकल्प के हिसाब से अलग होती हैं; यहाँ आप अपनी दर डालते हैं। पेंशन पर आपके slab के हिसाब से टैक्स लगता है।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Annuity pension per month = corpus × annuity rate ÷ 12 (flat, no return of purchase price). Corpus needed = desired pension × 12 ÷ annuity rate. Self-managed: each month balance = (balance − withdrawal) × (1 + return ÷ 12); the withdrawal rises once a year by the step-up; the corpus lasts until the balance is exhausted.

एन्युटी से मासिक पेंशन = corpus × एन्युटी दर ÷ 12 (सादी, purchase price वापस नहीं)। ज़रूरी corpus = मनचाही पेंशन × 12 ÷ एन्युटी दर। self-managed: हर महीने बैलेंस = (बैलेंस − निकासी) × (1 + रिटर्न ÷ 12); निकासी साल में एक बार step-up % से बढ़ती है; corpus तब तक चलता है जब तक बैलेंस ख़त्म न हो।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 10 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Illustrative estimate using the annuity rate and return you enter. Actual annuity rates differ by insurer, age and option, and market returns are not guaranteed. Tax on pension is not included. Not financial advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह आपके डाले गए एन्युटी दर और रिटर्न पर आधारित उदाहरण-स्वरूप अनुमान है। असली एन्युटी दरें बीमा कंपनी, उम्र और विकल्प के हिसाब से अलग होती हैं, और बाज़ार रिटर्न गारंटीड नहीं है। पेंशन पर टैक्स शामिल नहीं है। यह वित्तीय सलाह नहीं है। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • सादी एन्युटी में corpus × एन्युटी दर ÷ 12 हर महीने मिलती है। रकम आम तौर पर बढ़ती नहीं और मूल रकम वापस नहीं आती।
  • मनचाही पेंशन के लिए ज़रूरी corpus = पेंशन × 12 ÷ एन्युटी दर। दर जितनी कम, उतना बड़ा corpus चाहिए।
  • ख़ुद संभालने में आप हर महीने निकासी करते हैं, जो साल-दर-साल महँगाई के हिसाब से बढ़ती है, और बाक़ी रकम पर माना हुआ रिटर्न चलता है। रिटर्न का जोखिम आपका है।
  • एन्युटी दर और रिटर्न दोनों आपके भरे उदाहरण हैं। असली दर बीमा कंपनी/योजना से लें, टैक्स भी इसमें नहीं घटा।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज का शुरुआती उदाहरण

रिटायरमेंट पर corpus ₹50,00,000, एन्युटी दर 6%, मनचाही पेंशन ₹30,000, रिटर्न 8%, निकासी में सालाना 5% बढ़ोतरी, पैसा 30 साल चलना चाहिए।

एन्युटी से मासिक पेंशन
₹25,000
एन्युटी से सालाना पेंशन
₹3,00,000
₹30,000 के लिए ज़रूरी corpus
₹60,00,000
आपके corpus में कमी
₹10,00,000
ख़ुद संभालने पर corpus चलेगा
लगभग 18.67 साल

एन्युटी ₹25,000 देती है पर वह स्थिर रहती है। ख़ुद संभालने पर ₹30,000 से शुरू होकर निकासी हर साल बढ़ती है, इसलिए रकम 30 साल से पहले ख़त्म दिखती है।

सरिता: बड़ा corpus, मध्यम निकासी

corpus ₹1 करोड़, एन्युटी दर 6.5%, पेंशन ₹50,000, रिटर्न 8%, निकासी में 5% सालाना बढ़त, 30 साल।

एन्युटी से मासिक पेंशन
लगभग ₹54,167
₹50,000 के लिए ज़रूरी corpus
लगभग ₹92.31 लाख
आपके corpus में अधिकता
लगभग ₹7.69 लाख
ख़ुद संभालने पर corpus चलेगा
लगभग 24.17 साल

एन्युटी की स्थिर पेंशन ₹50,000 से ऊपर रही, पर उसमें महँगाई से बढ़त नहीं। ख़ुद संभालने पर निकासी बढ़ती है तो 30 साल पूरे नहीं होते, यानी दोनों में समझौते हैं।

हरीश: कम पेंशन चाहिए

corpus ₹50,00,000, एन्युटी दर 6%, पेंशन सिर्फ़ ₹15,000, रिटर्न 8%, निकासी में 5% बढ़त, 30 साल।

एन्युटी से मासिक पेंशन
₹25,000
₹15,000 के लिए ज़रूरी corpus
₹30,00,000
आपके corpus में अधिकता
₹20,00,000
30 साल बाद बचा corpus (ख़ुद संभालने पर)
लगभग ₹1.70 करोड़
30वें साल की मासिक निकासी
लगभग ₹61,742

कम निकासी पर corpus 30 साल बाद भी बचा रहता है। पर यह माने हुए 8% रिटर्न पर टिका है, जो पक्का नहीं।

एन्युटी दर बदलने पर (corpus ₹50 लाख, मनचाही पेंशन ₹30,000)

एन्युटी दर बदलने पर (corpus ₹50 लाख, मनचाही पेंशन ₹30,000)
एन्युटी दरमासिक पेंशन₹30,000 के लिए ज़रूरी corpus
5%≈ ₹20,833₹72.00 लाख
5.5%≈ ₹22,917≈ ₹65.45 लाख
6%₹25,000₹60.00 लाख
6.5%≈ ₹27,083≈ ₹55.38 लाख
7%≈ ₹29,167≈ ₹51.43 लाख
7.5%₹31,250₹48.00 लाख

ये दरें सिर्फ़ उदाहरण हैं। असली दर बीमा कंपनी, योजना और उम्र पर निर्भर होती है।

निकासी बदलने पर ख़ुद संभालने की अवधि (corpus ₹50 लाख, रिटर्न 8%, निकासी में 5% बढ़त)

निकासी बदलने पर ख़ुद संभालने की अवधि (corpus ₹50 लाख, रिटर्न 8%, निकासी में 5% बढ़त)
शुरुआती मासिक निकासीcorpus चलेगा
₹15,00060 साल से ज़्यादा
₹20,000लगभग 34.75 साल
₹25,000लगभग 24.17 साल
₹30,000लगभग 18.67 साल
₹40,000लगभग 12.92 साल

निकासी में थोड़ी-सी कमी अवधि को बहुत बढ़ा देती है। यह रिटर्न 8% हर साल एक-सा मानकर है।

त्वरित संदर्भ: एन्युटी बनाम ख़ुद संभालना

त्वरित संदर्भ: एन्युटी बनाम ख़ुद संभालना
एन्युटी की मासिक पेंशनcorpus × एन्युटी दर ÷ 100 ÷ 12
ज़रूरी corpusमनचाही मासिक पेंशन × 12 × 100 ÷ एन्युटी दर
ख़ुद संभालने में हर महीनाबैलेंस = (बैलेंस − निकासी) × (1 + रिटर्न ÷ 12)
निकासी की बढ़तहर 12 महीने बाद निकासी × (1 + बढ़ोतरी %)
एन्युटी का स्वभावसादी एन्युटी में पेंशन आम तौर पर स्थिर, मूल रकम वापस नहीं
ख़ुद संभालने का स्वभावरकम बचती है और वारिस को जा सकती है, पर बाज़ार और लंबी उम्र का जोखिम आपका
मिलाजुला रास्ताज़रूरी खर्च के लिए एन्युटी, बाक़ी हिस्सा ख़ुद संभालना
इस पेज में क्या नहींपेंशन पर टैक्स, एन्युटी के अलग प्रकार (बढ़ती, purchase price वापसी), असली कंपनी के दाम।

Annuity & Pension Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

रिटायरमेंट की उम्र पर पहुँचकर ज़्यादातर लोगों के सामने एक ही सवाल होता है: जो बड़ी रकम (corpus) मैंने सालों में जोड़ी है, उससे मेरा हर महीने का खर्च कैसे चलेगा? इसके दो मोटे रास्ते हैं। पहला, उस corpus का कुछ या सारा हिस्सा बीमा कंपनी को देकर एन्युटी ख़रीद लेना, जिसके बदले कंपनी हर महीने पेंशन देती है। दूसरा, पैसा खुद निवेश में रखना और हर महीने कुछ रकम निकालते जाना।

Annuity & Pension Calculator इन दोनों रास्तों को एक ही पेज पर साथ-साथ दिखाता है। यह तीन सवाल हल करता है। एक, मेरे corpus पर एन्युटी से लगभग कितनी मासिक पेंशन बनेगी। दो, मुझे जितनी पेंशन चाहिए, उसके लिए एन्युटी में कितना corpus चाहिए। तीन, अगर मैं खुद संभालूँ और हर साल निकासी महँगाई के साथ बढ़ाता जाऊँ, तो पैसा कितने साल चलेगा और चुनी हुई उम्र तक कितना बचेगा।

यह टूल कोई उत्पाद नहीं बेचता और किसी बीमा कंपनी की असली दर नहीं बताता। एन्युटी की दर और रिटर्न आप खुद डालते हैं, और पेज उसी आधार पर साफ़ और सादा गणित दिखाता है।

किसके काम का है

  • रिटायरमेंट के क़रीब पहुँचे लोग, जो तय करना चाहते हैं कि corpus का कितना हिस्सा नियमित पेंशन में बदलें।
  • NPS या EPF का पैसा निकलने वाला है और जिन्हें एन्युटी के विकल्प को समझना है।
  • रिटायर्ड व्यक्ति के बच्चे या जीवनसाथी, जो माता-पिता की मासिक आय की योजना बना रहे हैं।
  • वित्तीय योजना बनाने वाले, जो "कितना corpus चाहिए" का मोटा अंदाज़ा लेना चाहते हैं।
  • जो लोग जानना चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद की निकासी हर साल बढ़ाने पर पैसा कितनी देर टिकता है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर छह स्लाइडर हैं।

  • रिटायरमेंट पर corpus (₹): ₹1 लाख से ₹20 करोड़, शुरुआती मान ₹50 लाख। यह वह कुल रकम है जो रिटायरमेंट पर आपके पास होगी।
  • एन्युटी दर (% सालाना): 3% से 9%, कदम 0.25%, शुरुआती मान 6%। यह वह दर है जिस पर आप मानते हैं कि बीमा कंपनी corpus के बदले पेंशन देगी। असली दर कंपनी, आपकी उम्र और चुने विकल्प पर निर्भर होती है, इसलिए यहाँ अपनी जानकारी के हिसाब से डालिए।
  • मनचाही मासिक पेंशन / निकासी (₹): ₹2,000 से ₹5,00,000, शुरुआती मान ₹30,000। यह वह रकम है जो आप हर महीने चाहते हैं, आज की क़ीमत के हिसाब से शुरू होने वाली निकासी।
  • रिटायरमेंट के बाद corpus पर अनुमानित रिटर्न (% सालाना): 3% से 12%, कदम 0.5%, शुरुआती मान 8%। यह खुद संभालने वाले रास्ते में बचे हुए corpus पर माना गया रिटर्न है।
  • निकासी में सालाना बढ़ोतरी - महँगाई (%): 0% से 10%, कदम 0.5%, शुरुआती मान 5%। खुद संभालने वाले रास्ते में आपकी निकासी साल में एक बार इसी प्रतिशत से बढ़ती है।
  • कितने साल पैसा चलना चाहिए: 5 से 50 साल, शुरुआती मान 30। यह रिटायरमेंट की उम्र और अपेक्षित आयु पर निर्भर है। जिनके परिवार में लंबी उम्र की परंपरा है या जिन्हें जीवनसाथी के लिए भी इंतज़ाम करना है, वे लंबी अवधि रखें।
ध्यान दें: "मनचाही पेंशन" का मान दोनों रास्तों पर लागू होता है। एन्युटी वाले रास्ते में यह वह रकम है जिसके लिए corpus की ज़रूरत निकलती है, और खुद संभालने वाले रास्ते में यह पहले साल की मासिक निकासी है, जो आगे हर साल बढ़ती है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

मुख्य संख्या "एन्युटी से अनुमानित मासिक पेंशन" है, जिसके नीचे लिखा होता है कि यह कितने corpus और किस एन्युटी दर पर सादी (flat) पेंशन है। उसके नीचे सात पंक्तियाँ आती हैं।

  1. एन्युटी से मासिक पेंशन।
  2. एन्युटी से सालाना पेंशन (मासिक × 12)।
  3. मनचाही पेंशन के लिए एन्युटी में ज़रूरी corpus।
  4. आपके corpus में कमी / अधिकता: आपके corpus और ज़रूरी corpus का अंतर। अधिकता हरे रंग में और कमी लाल रंग में दिखती है।
  5. ख़ुद संभालने पर corpus चलेगा: कितने साल, या "60 साल से ज़्यादा" अगर इस लंबी अवधि तक पैसा ख़त्म न हो।
  6. चुने हुए साल बाद बचा corpus (ख़ुद संभालने पर): आपकी चुनी अवधि के अंत पर बचा हुआ पैसा।
  7. उस साल की मासिक निकासी (बढ़ोतरी के बाद)।

इनके साथ एक चार्ट खुद संभालने वाले रास्ते में साल-दर-साल बचा corpus दिखाता है, और एक छोटी तुलना तालिका एन्युटी और खुद संभालने के तरीक़े को चार पहलुओं पर आमने-सामने रखती है: मासिक रकम, क्या वह बढ़ती है, क्या corpus वापस मिलता है और जोखिम कहाँ है। तालिका के अनुसार एन्युटी में पेंशन सादी रहती है और बढ़ती नहीं, corpus सामान्यतः वापस नहीं मिलता और जोखिम बीमा कंपनी पर निर्भरता व महँगाई का है। खुद संभालने में निकासी आपकी चुनी दर से बढ़ती है, बचा हिस्सा वारिस को मिल सकता है, और जोखिम बाज़ार तथा लंबी उम्र का है।

सबसे नीचे संदेश आता है। अगर corpus चुनी हुई अवधि तक चल जाता है, तो "ठीक दिखता है" का हरा संदेश आता है, पर साथ में याद दिलाया जाता है कि रिटर्न गारंटीड नहीं है। अगर पहले ख़त्म होता है, तो चेतावनी आती है कि निकासी घटाएँ, रिटर्न या बचत बढ़ाएँ या एन्युटी का एक हिस्सा लें।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

दोनों रास्ते साथ देखिए

सिर्फ़ ऊपर की संख्या मत देखिए। तुलना तालिका और "कितने साल चलेगा" को साथ पढ़ें। कई बार एन्युटी की मासिक रकम ज़्यादा लगती है पर महँगाई में कमज़ोर पड़ती है।

मिश्रित रणनीति आज़माएँ

कुल corpus को दो हिस्सों में सोचिए, जैसे आधा एन्युटी के लिए और आधा खुद संभालने के लिए। हर हिस्से के लिए अलग से calculator चलाएँ, इस तरह कि एन्युटी का हिस्सा बुनियादी ख़र्च ढके (किराया, राशन, दवा) और बाक़ी हिस्सा लचीले ख़र्च के लिए रहे।

निकासी और बढ़ोतरी के साथ खेलें

निकासी को 10% घटाकर देखिए कि कितने साल और चलता है। फिर बढ़ोतरी को 4%, 5% और 6% पर आज़माइए। छोटा बदलाव भी लंबे समय में बड़ा फ़र्क़ लाता है।

रिटर्न का सावधानी वाला मान

रिटायरमेंट के बाद पैसे को अक्सर कम जोखिम वाले साधनों में रखा जाता है। इसलिए 8% की जगह 6% या 7% डालकर भी योजना की जाँच करें।

अवधि लंबी रखें

अनुमानित आयु से कुछ साल ज़्यादा रखिए। लंबी उम्र का जोखिम (longevity risk) सबसे बड़ा जोखिम है, क्योंकि बचत ख़त्म हो जाने के बाद विकल्प कम रह जाते हैं।

जोड़ीदार का भी ध्यान रखें

अगर जीवनसाथी आप पर निर्भर है, तो अवधि दोनों की उम्र के हिसाब से रखें।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • एन्युटी दर को FD की दर जैसा मानना। दोनों अलग चीज़ें हैं और अलग शर्तों के साथ आती हैं।
  • पेंशन को महँगाई से सुरक्षित मान लेना। सादी एन्युटी की रकम स्थिर रहती है।
  • corpus का सारा हिस्सा एन्युटी में लगा देना या बिलकुल न लगाना। दोनों छोर में जोखिम है।
  • रिटर्न की मान्यता ऊँची रखना। इससे "कितने साल चलेगा" बढ़ा-चढ़ा दिखता है।
  • निकासी को स्थिर मान लेना। खर्च साल-दर-साल बढ़ते हैं; इसलिए बढ़ोतरी स्लाइडर शून्य पर मत छोड़िए।
  • टैक्स को भूल जाना। पेंशन आय आपके कर योग्य आय में जुड़ सकती है।
  • दवा और अस्पताल के खर्च को न गिनना। उम्र के साथ स्वास्थ्य खर्च बढ़ता है; इसके लिए बीमा और अलग फ़ंड सोचें।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

एन्युटी वाला रास्ता (सादा):

  • मासिक पेंशन = corpus × एन्युटी दर ÷ 100 ÷ 12।
  • ज़रूरी corpus = मनचाही मासिक पेंशन × 12 × 100 ÷ एन्युटी दर।
  • कमी या अधिकता = आपका corpus − ज़रूरी corpus।

ख़ुद संभालने वाला रास्ता: हर महीने के लिए बैलेंस = (बैलेंस − निकासी) × (1 + रिटर्न ÷ 12 ÷ 100)। हर 12 महीने के बाद निकासी सालाना बढ़ोतरी % से बढ़ जाती है। यह प्रक्रिया तब तक चलती है जब तक बैलेंस शून्य न हो जाए या अधिकतम 60 साल पूरे न हो जाएँ। इसी से "कितने साल चलेगा" और चुनी हुई अवधि के अंत का बचा हुआ corpus निकलता है।

इस implementation की मान्यताएँ:

  • एन्युटी "सादी" है: पेंशन स्थिर रहती है, और purchase price वापस मिलने जैसे विकल्प या जीवनसाथी को पेंशन जारी रखने का हिसाब इसमें नहीं है। पेज की टिप्पणी के अनुसार ऐसे विकल्पों में पेंशन कम होती है।
  • रिटर्न पूरे समय स्थिर है, जबकि असल में बाज़ार उतार-चढ़ाव दिखाता है।
  • निकासी महीने की शुरुआत में होती है, फिर बचे पैसे पर उस महीने का रिटर्न जुड़ता है।
  • पेंशन पर टैक्स शामिल नहीं है। टैक्स के नियम बदलते रहते हैं, इसलिए Income Tax Department की वेबसाइट या अपने सलाहकार से जाँचें।
  • एन्युटी की कोई असली दर पेज में नहीं मानी गई है। जो भी दर आप डालते हैं, वही चलती है।
एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए सुरेश जी एक सरकारी स्कूल से प्रिंसिपल पद से रिटायर हुए हैं। उनके पास कुल ₹80 लाख का corpus है। वे मानते हैं कि एन्युटी की दर 6.5% होगी, उन्हें हर महीने ₹40,000 चाहिए, बचे corpus पर रिटर्न 8% माना गया और निकासी में सालाना 5% की बढ़ोतरी (महँगाई के लिए)। वे चाहते हैं कि पैसा 30 साल चले।

एन्युटी का नतीजा:

  1. मासिक पेंशन = 80,00,000 × 6.5% ÷ 12 = लगभग ₹43,333। सालाना लगभग ₹5.2 लाख।
  2. ₹40,000 की पेंशन के लिए ज़रूरी corpus = 40,000 × 12 × 100 ÷ 6.5 = लगभग ₹73.85 लाख।
  3. उनका corpus इससे लगभग ₹6.15 लाख ज़्यादा है, इसलिए एन्युटी की गणना में वे अपनी माँग पूरी कर लेते हैं, पर यह पेंशन सादी है और महँगाई के साथ नहीं बढ़ेगी।

ख़ुद संभालने का नतीजा:

  • पहले महीने की निकासी ₹40,000 है, जो हर साल 5% बढ़ती है। 10वें साल में निकासी लगभग ₹62,000 प्रति माह और 24वें साल में लगभग ₹1.23 लाख प्रति माह हो जाती है।
  • बैलेंस 10 साल बाद लगभग ₹87.83 लाख और 20 साल बाद लगभग ₹48.76 लाख रहता है। यानी शुरू में 8% रिटर्न निकासी से ज़्यादा होने के कारण पैसा बढ़ता भी है, पर बाद में निकासी तेज़ी से बढ़ने के कारण बैलेंस गिरता है।
  • ये आँकड़े बताते हैं कि corpus लगभग 24.17 साल में ख़त्म हो जाता है, जो चुने हुए 30 साल से कम है। इसलिए पेज चेतावनी दिखाएगा।

अब बदलकर देखें। अगर सुरेश जी की मासिक माँग ₹30,000 हो, तो वही 8% रिटर्न और 5% बढ़ोतरी पर पैसा लगभग 39.17 साल चलता है। अगर माँग ₹40,000 ही रहे और बढ़ोतरी 0% कर दी जाए (यानी निकासी स्थिर), तो ब्याज निकासी से ज़्यादा रहता है और पैसा चुने हुए 60 साल की सीमा तक भी ख़त्म नहीं होता। पर महँगाई 0% मानना यथार्थवादी नहीं है, इसलिए इसे बस सीमा की जाँच की तरह देखें।

उदाहरण: एन्युटी में ₹43,333 की पेंशन पहले दिन से पक्की दिखती है, पर 20 साल बाद उसकी ख़रीदने की ताक़त काफ़ी घट सकती है। खुद संभालने में पहली निकासी वही है पर वह महँगाई के साथ बढ़ती है, इसीलिए जोखिम भी ज़्यादा है। सच्चाई अक्सर दोनों के मिश्रण में होती है।

ये सब अनुमान हैं, किसी असली बीमा दर या बाज़ार रिटर्न की गारंटी नहीं।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता

यह calculator किसी बीमा कंपनी की असली एन्युटी दर नहीं बताता, न ही यह कि आप उसे किस उम्र पर किस विकल्प के साथ ख़रीद सकते हैं। यह जीवन-बीमा के विकल्पों जैसे purchase price की वापसी, जीवनसाथी को पेंशन, या बढ़ती पेंशन का हिसाब नहीं रखता। टैक्स, फंड के शुल्क और मेडिकल जैसे अचानक खर्च शामिल नहीं हैं। निकासी हर महीने एक-सी तारीख़ पर मानी गई है और रिटर्न स्थिर है, जबकि असल बाज़ार में शुरुआती सालों के बुरे दौर (sequence risk) का असर बहुत ज़्यादा हो सकता है। एन्युटी और पेंशन से जुड़े नियम, जैसे NPS या अन्य योजनाओं में कितना हिस्सा एन्युटी में जाना ज़रूरी है, समय-समय पर बदलते हैं, इसलिए PFRDA, IRDAI और अपने प्रदाता की आधिकारिक जानकारी देखें। इन आँकड़ों को योजना की रूपरेखा मानें, अंतिम निर्णय नहीं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

सही सवाल यह नहीं कि एन्युटी अच्छी है या खुद संभालना, बल्कि यह कि आपकी ज़रूरतों के लिए दोनों का कौन-सा मेल ठीक बैठता है। यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी है, कोई निवेश, कर या बीमा सलाह नहीं; निर्णय से पहले किसी योग्य सलाहकार और आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
ज़रूरी खर्च और एन्युटी का मिलान

किराना, बिजली, दवाइयों जैसे पक्के खर्च जितनी पेंशन पक्की रखने का विकल्प सोचें, ताकि बाज़ार गिरने पर भी घर चलता रहे।

2
महँगाई को कम न आँकें

30 साल में दाम कई गुना हो सकते हैं। निकासी में सालाना बढ़ोतरी का प्रतिशत शून्य न रखें।

3
रिटर्न कम रखकर परखें

रिटायरमेंट के बाद जोखिम सहने की क्षमता घटती है। रिटर्न को 8% से कम रखकर भी अवधि देखें।

4
लंबी उम्र को ध्यान में रखें

योजना में 85-90 की उम्र तक पैसा चलाने का सोचें, उससे पहले नहीं।

5
एन्युटी की शर्तें पढ़ें

मूल रकम वापसी, पति/पत्नी को पेंशन जैसे विकल्प दर घटा देते हैं। दर देखने के साथ शर्तें भी देखें।

6
टैक्स का असर अलग जोड़ें

पेंशन और ब्याज आमदनी में गिने जाते हैं। इस पेज के आँकड़े टैक्स से पहले के हैं।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सादे हिसाब से मासिक पेंशन = corpus × एन्युटी दर ÷ 12। असली पेंशन बीमा कंपनी, आपकी उम्र और चुने विकल्प (जैसे purchase price वापसी) पर निर्भर है।

एन्युटी रूट में ज़रूरी corpus = मनचाही मासिक पेंशन × 12 ÷ एन्युटी दर। जैसे 6% दर पर ₹30,000 की मासिक पेंशन के लिए लगभग ₹60 लाख।

एन्युटी में पेंशन पक्की रहती है पर आम तौर पर बढ़ती नहीं और corpus वापस नहीं मिलता; ख़ुद संभालने में लचीलापन है पर बाज़ार और लंबी उम्र का जोखिम आप पर रहता है। कई लोग दोनों का मिश्रण चुनते हैं।

हाँ, आम तौर पर पेंशन आपकी आय में जुड़कर आपके slab के हिसाब से टैक्सेबल होती है। इस calculator में टैक्स शामिल नहीं है।

ऐसी एन्युटी जिसमें हर महीने तय रकम मिलती है और जीवन भर चलती है। इस पेज में वह बिना बढ़त और बिना मूल रकम वापसी के मानी गई है।

बीमा कंपनी या योजना की दर तालिका से, जो उम्र और विकल्प के अनुसार बदलती है। पेज में दर आप ख़ुद भरते हैं, कोई तय दर नहीं मानी गई।

आपके corpus और मनचाही पेंशन के लिए एन्युटी में चाहिए corpus का अंतर। कमी हो तो उतना और चाहिए।

हर महीने पहले निकासी घटती है, फिर बाक़ी बैलेंस पर उस महीने का रिटर्न जुड़ता है। निकासी साल में एक बार बढ़ती है।

पेज अधिकतम 60 साल तक देखता है। उतने समय में भी corpus ख़त्म न हो तो यही लिखा जाता है।

आपके चुने हुए "कितने साल चलना चाहिए" तक, साल-दर-साल बचे corpus के साथ।

तब पेज चेतावनी दिखाता है। निकासी घटाने, एन्युटी का हिस्सा लेने या ज़्यादा बचत करने जैसे रास्ते सोचने होंगे।

एन्युटी पक्की रकम देती है पर महँगाई में असर घटता है। ख़ुद संभालना लचीला है पर बाज़ार का जोखिम आपका है। कोई एक जवाब सबके लिए नहीं है।

कुछ विकल्पों में हो सकती है, पर उनकी शुरुआती दर कम होती है। यह पेज सिर्फ़ सादी एन्युटी का हिसाब लगाता है।

नहीं। सारे आँकड़े टैक्स से पहले के हैं। पेंशन और ब्याज आपकी आमदनी में जुड़कर slab के अनुसार कर देते हैं।

मोटा अंदाज़ा मिलेगा, पर NPS के अपने नियम और दरें हैं। उसके लिए NPS से जुड़े calculator भी देखें।

नहीं। संयुक्त जीवन या मूल रकम वापसी वाली एन्युटी की दर अलग होती है, जिसे आपको दर के खाने में ख़ुद डालना होगा।

नहीं। पेज हर साल एक-सा रिटर्न मानता है। असल में शुरू के सालों की गिरावट corpus पर ज़्यादा भारी पड़ सकती है।

नहीं, यह शैक्षणिक अनुमान है। रिटायरमेंट जैसे बड़े फ़ैसले से पहले पंजीकृत सलाहकार की राय लें।

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