बीच में छोड़ने का हिसाब

ULIP Surrender Value Calculator

बंद करने का साल और शुल्क डालिए: अनुमानित फंड वैल्यू, कटौती और हाथ में आने वाली रकम देखिए।

  • बंद करने पर मिलने वाली रकम
  • लॉक-इन का असर
  • Discontinuance शुल्क
  • भरे प्रीमियम से तुलना
  • साल दर साल तालिका
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहलॉक-इन के भीतर बंद करने पर रकम तुरंत नहीं मिलती और अक्सर भरे प्रीमियम से कम बैठती है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

ULIP बीच में बंद करें तो क्या होता है?

  • ULIP में लॉक-इन अवधि होती है। उससे पहले बंद करने पर आम तौर पर फंड वैल्यू में से discontinuance शुल्क कटता है और रकम लॉक-इन ख़त्म होने के बाद ही मिलती है।
  • शुरू के सालों में allocation और अन्य शुल्क पहले ही कट चुके होते हैं, इसलिए फंड वैल्यू भरे प्रीमियम से कम रह सकती है।
  • लॉक-इन, शुल्कों की दर और भुगतान के नियम पॉलिसी और समय के अनुसार बदलते हैं। यहाँ सब इनपुट हैं और दिए गए मान उदाहरण हैं।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Fund value is built year by year: fund = (fund + premium − allocation − admin×12 − mortality) × (1 + gross return) × (1 − FMC%). Surrender amount = fund value × (1 − charge%), using the discontinuance charge inside the lock-in and the post-lock-in surrender charge after it. Lock-in, charges and returns are inputs with example defaults. Growth of a discontinued fund while waiting for lock-in to end is not modelled.

फंड वैल्यू साल-दर-साल बनती है: फंड = (फंड + प्रीमियम − allocation − admin×12 − mortality) × (1 + मान्य रिटर्न) × (1 − FMC%)। Surrender रकम = फंड वैल्यू × (1 − शुल्क%); लॉक-इन के भीतर discontinuance शुल्क और उसके बाद का surrender शुल्क लिया जाता है। लॉक-इन, शुल्क और रिटर्न इनपुट हैं और उनके मान उदाहरण हैं। लॉक-इन ख़त्म होने तक बंद फंड की बढ़त का मॉडल नहीं है।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 14 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Educational illustration. Lock-in, discontinuance charges and fund returns are inputs with example defaults; actual rules are in your policy document. Not a surrender quote, not advice. Nothing you enter is stored. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह शैक्षणिक उदाहरण है। लॉक-इन, discontinuance शुल्क और फंड का रिटर्न इनपुट हैं और उनके मान उदाहरण हैं; असली नियम आपके पॉलिसी दस्तावेज़ में हैं। यह कोई surrender quote या सलाह नहीं है। आपकी डाली जानकारी कहीं संग्रहित नहीं होती। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • ULIP बीच में बंद करें तो फंड वैल्यू में से शुल्क कटकर रकम मिलती है; लॉक-इन के भीतर बंद करने पर रकम आम तौर पर लॉक-इन ख़त्म होने के बाद मिलती है।
  • शुरू के सालों में allocation और अन्य शुल्क पहले ही कट चुके होते हैं, इसलिए फंड वैल्यू भरे प्रीमियम से कम या मामूली ज़्यादा रह सकती है।
  • जितने ज़्यादा साल निभाएँगे, शुरुआती शुल्कों का बोझ उतना फैलेगा और रकम भरे प्रीमियम से उतनी आगे जा सकती है, बशर्ते बाज़ार साथ दे।
  • लॉक-इन, शुल्क और रिटर्न इनपुट हैं और उदाहरण हैं। असली नियम पॉलिसी दस्तावेज़ में देखें; कुछ भी संग्रहित नहीं होता।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

रवि: दो साल में हार मान ली

रवि ने ₹1,00,000 सालाना भरा और 2 साल बाद पॉलिसी बंद की। (उदाहरण: फंड रिटर्न 8%, allocation 6% फिर 2%, FMC 1.35%, admin ₹100 प्रति माह, mortality ₹1,500, discontinuance 2%, लॉक-इन 5 साल)

कुल भरा प्रीमियम
₹2,00,000
फंड वैल्यू
लगभग ₹2,00,909
discontinuance शुल्क
लगभग ₹4,018
हाथ में आने वाली रकम
लगभग ₹1,96,891
भरे प्रीमियम से अंतर
लगभग −₹3,109

शुल्कों के कारण दो साल में भरे से कम मिला, और रकम भी लॉक-इन ख़त्म होने के बाद ही मिलेगी। यह शुरुआती छोड़ने का आम पैटर्न है।

सीमा: कमज़ोर बाज़ार में 3 साल पर

सीमा वही पॉलिसी 3 साल बाद बंद करती है, पर इस बार फंड का मान्य रिटर्न सिर्फ़ 4% है। (बाक़ी शुल्क ऊपर वाले)

कुल भरा प्रीमियम
₹3,00,000
फंड वैल्यू
लगभग ₹2,88,369
हाथ में आने वाली रकम
लगभग ₹2,82,601
भरे प्रीमियम से अंतर
लगभग −₹17,399

कम रिटर्न वाले बाज़ार में भरा हुआ प्रीमियम भी वापस नहीं निकला। यही कारण है कि जल्दी छोड़ना जोखिम भरा होता है।

अजय: 7 साल निभाए

अजय ने वही पॉलिसी 7 साल निभाई और फिर बंद की (लॉक-इन के बाद शुल्क 0 माना)। फंड रिटर्न 8%।

कुल भरा प्रीमियम
₹7,00,000
फंड वैल्यू और रकम
लगभग ₹8,38,910
भरे प्रीमियम से अंतर
लगभग +₹1,38,910
इस बीच असल सालाना रिटर्न
लगभग 4.53%

लॉक-इन के बाद शुल्क न कटने पर भी असल रिटर्न 8% की मान्यता से काफ़ी कम रहा, क्योंकि पहले सालों के शुल्क कट चुके थे।

अलग-अलग साल पर बंद करने का हिसाब (रकम शुल्क के बाद, 8% मान्यता)

अलग-अलग साल पर बंद करने का हिसाब (रकम शुल्क के बाद, 8% मान्यता)
कितने साल बादकुल भरा प्रीमियमशुल्क के बाद रकमभरे प्रीमियम से अंतर
1 साल₹1,00,000₹95,327−₹4,673
2 साल₹2,00,000₹1,96,891−₹3,109
3 साल₹3,00,000₹3,05,099+₹5,099
4 साल₹4,00,000₹4,20,386+₹20,386
5 साल₹5,00,000₹5,43,215+₹43,215
7 साल₹7,00,000₹8,38,910+₹1,38,910
10 साल₹10,00,000₹13,39,525+₹3,39,525

सारणी में 5वें साल तक 2% discontinuance शुल्क और उसके बाद 0% माना गया है; ये उदाहरण हैं।

3 साल पर बंद करने पर रिटर्न की मान्यता का असर

3 साल पर बंद करने पर रिटर्न की मान्यता का असर
मान्य रिटर्नफंड वैल्यूभरे प्रीमियम से अंतर (शुल्क के बाद)
0%₹2,66,571−₹38,760
4%₹2,88,369−₹17,399
6%₹2,99,700−₹6,294
8%₹3,11,326+₹5,099
10%₹3,23,249+₹16,784
12%₹3,35,476+₹28,766

ये सिर्फ़ संवेदनशीलता की संख्याएँ हैं; भविष्य का रिटर्न कोई नहीं जानता।

त्वरित संदर्भ: ULIP को बीच में बंद करना

त्वरित संदर्भ: ULIP को बीच में बंद करना
लॉक-इनवह शुरुआती अवधि जिसमें पूरी निकासी संभव नहीं; लंबाई पॉलिसी/नियम से देखें।
Discontinuanceलॉक-इन के भीतर बंद करने की स्थिति और उसका शुल्क।
Surrender रकमफंड वैल्यू − लागू शुल्क
फंड वैल्यूप्रीमियम − शुल्क, फिर रिटर्न और FMC के बाद बची इकाइयों का मूल्य।
भुगतान कबलॉक-इन के भीतर बंद करने पर आम तौर पर लॉक-इन ख़त्म होने पर; पॉलिसी की शर्त देखें।
विकल्पपॉलिसी चालू रखना, premium paying बंद करके paid-up करना (यदि उपलब्ध), या surrender।
असल रिटर्नIRR: भरे प्रीमियम बढ़कर surrender रकम के बराबर हों उस दर पर।
इस पेज में क्या नहींकर, GST, loyalty additions, paid-up का हिसाब, लॉक-इन के दौरान बंद फंड की बढ़त।

ULIP Surrender Value Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

ULIP लेने वाले हर व्यक्ति के मन में कभी न कभी यह सवाल आता है: "अगर मैं बीच में पॉलिसी बंद कर दूँ तो हाथ में कितना आएगा?" कभी आमदनी घट जाती है, कभी कोई बड़ा खर्च आ जाता है, और कभी लगता है कि पॉलिसी उम्मीद के मुताबिक़ नहीं चल रही। ULIP Surrender Value Calculator इसी सवाल का अनुमानित जवाब देता है।

आप सालाना प्रीमियम, कितने साल भरकर बंद करना है, लॉक-इन की अवधि, लॉक-इन के भीतर बंद करने का discontinuance शुल्क, उसके बाद का surrender शुल्क, फंड का मान्य रिटर्न और ULIP के अन्य शुल्क डालते हैं। calculator साल-दर-साल फंड वैल्यू बनाता है, चुने हुए साल पर लागू शुल्क काटता है और बताता है कि अनुमानित surrender रकम कितनी बनेगी, भरे प्रीमियम से कितनी कम या ज़्यादा है, और इस बीच आपका असल सालाना रिटर्न क्या रहा।

साथ में एक तालिका और चार्ट मिलता है, जो अलग-अलग सालों पर बंद करने के नतीजे दिखाते हैं। इससे आप देख पाते हैं कि कब बंद करना भारी पड़ता है और कब बोझ हल्का होने लगता है।

यह calculator कोई surrender quote नहीं है। लॉक-इन, शुल्कों की दर और भुगतान के नियम पॉलिसी और समय के अनुसार बदलते हैं, इसलिए ये सब आपके डालने वाले इनपुट हैं और दिए गए मान सिर्फ़ उदाहरण हैं। असली रकम के लिए पॉलिसी का स्टेटमेंट देखें या बीमाकर्ता से पूछें। आपकी डाली गई कोई जानकारी कहीं संग्रहित नहीं होती।

किसके काम का है

  • वे पॉलिसीधारक जो ULIP बंद करने के बारे में सोच रहे हैं और पहले उसका असर समझना चाहते हैं।
  • वे लोग जिन्हें लगता है कि उनकी पॉलिसी में पैसा "फँस" गया है और वे जानना चाहते हैं कि कितनी रकम कब तक रुकी रहेगी।
  • वे परिवार जिन्हें किसी ने कहा है कि "पुरानी बंद करके नई ले लो"। ऐसे में बंद करने की असली क़ीमत जानना ज़रूरी है।
  • नई ULIP ख़रीदने से पहले सोचने वाले लोग, जो जानना चाहते हैं कि अगर बाद में निभाना मुश्किल हुआ तो क्या स्थिति बनेगी।
  • वित्तीय सलाह की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी, जिन्हें शुल्कों और लॉक-इन का असर देखना है।
  • दफ़्तर की ग्रुप योजना या बैंक की सलाह पर ULIP लेने वाले कर्मचारी।

अगर आप पूरी अवधि का हिसाब देखना चाहते हैं तो ULIP Returns Calculator बेहतर रहेगा। अगर किसी और विकल्प से तुलना करनी है तो ULIP vs Mutual Fund Calculator देखें।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

ग्यारह चीज़ें डालनी होती हैं।

  • सालाना प्रीमियम (₹): शुरुआती मान ₹1,00,000 उदाहरण है।
  • कितने साल भरकर बंद करेंगे: स्लाइडर 1 से 30 साल। शुरुआती मान 4 है। यह वह साल है जिसके अंत में बंद करने का हिसाब चाहिए।
  • लॉक-इन अवधि (वर्ष): शुरुआती मान 5 उदाहरण है। अपनी पॉलिसी और नियमों में देखकर डालें।
  • लॉक-इन के भीतर बंद करने का discontinuance शुल्क (%): फंड वैल्यू पर कटने वाला शुल्क। शुरुआती मान 2% उदाहरण है।
  • लॉक-इन के बाद का surrender शुल्क (%): शुरुआती मान 0%। कई पॉलिसियों में इसके बाद कोई शुल्क नहीं होता।
  • फंड का मान्य सालाना रिटर्न (शुल्क से पहले): शुरुआती मान 8% अनुमान है, वादा नहीं।
  • Premium allocation, पहले 5 साल (%) और छठे साल से (%): शुरुआती मान 6% और 2% उदाहरण हैं।
  • FMC (सालाना %): शुरुआती मान 1.35% उदाहरण है।
  • Policy administration (₹ प्रति माह): शुरुआती मान ₹100 उदाहरण है।
  • Mortality/बीमा शुल्क (₹ प्रति वर्ष): शुरुआती मान ₹1,500 उदाहरण है।
ध्यान दें: हर शुल्क, लॉक-इन और रिटर्न का शुरुआती मान उदाहरण है, किसी कंपनी का आँकड़ा नहीं। अपनी पॉलिसी के दस्तावेज़ से संख्याएँ लेकर डालें।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर बड़ी संख्या में अनुमानित surrender रकम है, साथ में कुल भरा प्रीमियम और उससे अंतर। नीचे छह पंक्तियाँ हैं।

  • फंड वैल्यू: चुने हुए साल के अंत में, सभी शुल्क और रिटर्न के बाद आपकी इकाइयों का मूल्य।
  • Discontinuance/Surrender शुल्क: अगर आपका चुना साल लॉक-इन के भीतर है तो discontinuance शुल्क, वरना surrender शुल्क। साथ में उसका प्रतिशत और रकम दिखती है।
  • हाथ में आने वाली रकम (अनुमान): फंड वैल्यू में से शुल्क घटाने के बाद।
  • कुल भरा प्रीमियम: सालाना प्रीमियम × चुने हुए साल।
  • भरे प्रीमियम से अंतर: हाथ में आने वाली रकम में से भरा प्रीमियम घटाने पर। ऋणात्मक (−) का मतलब है कि भरे से कम मिलेगा।
  • इस बीच असल सालाना रिटर्न (IRR): भरे प्रीमियम पर औसत सालाना दर, उस रकम तक पहुँचने के लिए। नकारात्मक आए तो इसका मतलब है कि पैसा बढ़ने की जगह घटा।

नीचे के संदेश में बताया जाता है कि रकम भरे प्रीमियम से कितनी कम या ज़्यादा है। अगर चुना हुआ साल लॉक-इन के भीतर है तो यह भी लिखा आता है कि रकम आम तौर पर लॉक-इन ख़त्म होने के बाद मिलती है। तालिका साल 1 से 10 तक (और आपके चुने साल तक) फंड वैल्यू, शुल्क के बाद रकम और भरे प्रीमियम से अंतर देती है। चार्ट में भरे प्रीमियम की सीधी चढ़ती रेखा के सामने शुल्क के बाद की रकम की रेखा चलती है; जहाँ दूसरी रेखा पहली को पार करती है, वह बिंदु उस मान्यता पर "ब्रेक-ईवन" है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • पहले अपना लॉक-इन और शुल्क पक्का करें। पॉलिसी दस्तावेज़ से लॉक-इन, discontinuance और surrender शुल्क की दरें देखकर डालें, तभी नतीजा आपकी पॉलिसी के क़रीब आएगा।
  • कई सालों की तालिका पढ़ें। सिर्फ़ एक साल का आँकड़ा न देखें। तालिका में देखें कि 3, 5 और 7 साल पर रकम कैसे बदलती है। कई बार कुछ महीने और रुकने से तस्वीर बेहतर हो जाती है।
  • रिटर्न की तीन मान्यताएँ आज़माएँ। कम, मध्यम और अधिक। देखें कि बंद करने से होने वाला नुकसान किन हालात में बड़ा बन जाता है।
  • बंद करने का मतलब बीमा कवर का ख़त्म होना भी है। अगर परिवार की सुरक्षा इसी पॉलिसी पर टिकी है तो पहले उसका विकल्प सोचें। Term Insurance Calculator मदद करेगा।
  • दूसरे विकल्प पूछें। कुछ पॉलिसियों में प्रीमियम बंद करके paid-up करने जैसे विकल्प होते हैं। इन्हें बीमाकर्ता से पूछिए; यह calculator उनका हिसाब नहीं करता।
  • निकली रकम का इस्तेमाल पहले से तय रखें। पैसा हाथ में आने पर वह खर्चों में न बह जाए, इसलिए उसे कहाँ लगाना है यह पहले सोचें। Policy IRR Calculator से अपने किसी दूसरे विकल्प की दर से तुलना की जा सकती है।
  • पॉलिसी बदलने की सलाह पर सावधान रहें। "पुरानी बंद करके नई लो" वाली सलाह में नई पॉलिसी के शुल्क भी जोड़कर तुलना करें।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "फंड वैल्यू ही मेरी रकम है।" नहीं। बंद करने पर फंड वैल्यू में से लागू शुल्क कटता है, और लॉक-इन के भीतर रकम तुरंत नहीं भी मिलती।
  • "सारे भरे प्रीमियम वापस मिलेंगे।" शुरुआती सालों में अक्सर भरे से कम मिलता है, क्योंकि allocation, admin और mortality जैसे शुल्क पहले ही कट चुके होते हैं।
  • "लॉक-इन ख़त्म होते ही सब ठीक हो जाएगा।" लॉक-इन के बाद अतिरिक्त शुल्क कम होते हैं, पर फंड वैल्यू बाज़ार पर निर्भर रहती है, इसलिए रकम का आकार तब भी अनिश्चित है।
  • "बाज़ार बढ़ा है तो पक्का फ़ायदा होगा।" बाज़ार का रिटर्न गारंटी नहीं है। छोटी अवधि में बाज़ार गिर भी सकता है और तब नुकसान बढ़ता है।
  • "बंद करने से कवर पर कोई असर नहीं।" आम तौर पर बंद करने पर कवर ख़त्म होता है। इसका विकल्प पहले से सोचें।
  • "शुल्क सब पॉलिसियों में एक-से होते हैं।" नहीं। हर पॉलिसी के शुल्क और नियम अलग होते हैं। यहाँ का उदाहरण आपकी पॉलिसी का नहीं है।
  • "कर की चिंता बाद में देखेंगे।" कर के नियम आपकी स्थिति पर निर्भर करते हैं। यह calculator कर नहीं घटाता, इसलिए असली रकम अलग हो सकती है।
  • "जल्दी निकलना सबसे सुरक्षित है।" हमेशा नहीं। कुछ मामलों में जल्दी निकलना नुकसान को पक्का कर देता है, जबकि थोड़ा और रुकने से शुल्कों का बोझ हल्का हो सकता है। दोनों तरफ़ हिसाब देखें।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

हर साल का हिसाब:

  1. Allocation = प्रीमियम × allocation% (पहले 5 साल एक दर, फिर दूसरी)।
  2. आधार रकम = पिछले साल की फंड वैल्यू + प्रीमियम − allocation − (admin × 12) − mortality।
  3. बढ़ी हुई वैल्यू = आधार रकम × (1 + मान्य रिटर्न)।
  4. FMC = बढ़ी हुई वैल्यू × FMC%।
  5. फंड वैल्यू = बढ़ी हुई वैल्यू − FMC।

फिर चुने हुए साल n पर:

  1. लागू शुल्क% = discontinuance% (अगर n ≤ लॉक-इन) या surrender% (अगर n > लॉक-इन)।
  2. Surrender रकम = फंड वैल्यू × (1 − शुल्क%)।
  3. अंतर = surrender रकम − (प्रीमियम × n)।
  4. IRR वह दर है जिस पर हर साल की शुरुआत में भरे प्रीमियम बढ़कर surrender रकम के बराबर हों।

मान्यताएँ:

  • रिटर्न पूरे समय एक-सा माना गया है।
  • लॉक-इन के भीतर बंद करने पर रकम तभी मिलती है जब लॉक-इन ख़त्म हो; बीच के समय में उस रकम पर मिलने वाले ब्याज या वृद्धि का मॉडल नहीं जोड़ा गया है।
  • कर, GST, loyalty additions और आंशिक निकासी शामिल नहीं हैं।
एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए आप ₹1,00,000 सालाना भरते हैं और 4 साल बाद पॉलिसी बंद करना चाहते हैं। उदाहरण-मान: फंड रिटर्न 8%, allocation 6% (पहले 5 साल), FMC 1.35%, admin ₹100 प्रति माह, mortality ₹1,500, लॉक-इन 5 साल, discontinuance शुल्क 2%।

पहला साल

  1. आधार रकम = 1,00,000 − 6,000 − 1,200 − 1,500 = ₹91,300।
  2. 8% बढ़ने पर = 91,300 × 1.08 ≈ ₹98,604।
  3. FMC ≈ ₹1,331। फंड वैल्यू ≈ ₹97,273।

दूसरा साल

  1. आधार रकम = 97,273 + 91,300 = ₹1,88,573।
  2. 8% बढ़ने पर ≈ ₹2,03,659।
  3. FMC ≈ ₹2,749। फंड वैल्यू ≈ ₹2,00,909।

इसी तरह तीसरे साल के अंत में फंड वैल्यू लगभग ₹3,11,326 और चौथे साल के अंत में लगभग ₹4,28,965 बनती है।

चौथे साल बंद करने पर

  1. चौथा साल लॉक-इन (5 साल) के भीतर है, इसलिए discontinuance शुल्क 2% लगेगा।
  2. शुल्क = 4,28,965 × 2% ≈ ₹8,579।
  3. Surrender रकम = 4,28,965 − 8,579 ≈ ₹4,20,386।
  4. कुल भरा प्रीमियम = 1,00,000 × 4 = ₹4,00,000।
  5. अंतर = 4,20,386 − 4,00,000 = +₹20,386।
  6. असल सालाना रिटर्न (IRR) लगभग 2%।
आम ग़लतियाँ और भ्रम
बातनतीजा
4 साल बाद फंड वैल्यूलगभग ₹4,28,965
discontinuance शुल्क (2%)लगभग ₹8,579
हाथ में आने वाली रकमलगभग ₹4,20,386
कुल भरा प्रीमियम₹4,00,000
भरे प्रीमियम से अंतर+₹20,386
असल सालाना रिटर्नलगभग 2%

इसे ऐसे पढ़ें: 8% की अच्छी मान्यता पर भी चार साल बाद असल रिटर्न केवल लगभग 2% है, और रकम लॉक-इन ख़त्म होने (पाँचवें साल) के बाद ही मिलेगी। अगर यही पॉलिसी दूसरे साल में बंद की जाए तो रकम लगभग ₹1,96,891 आती है, जो भरे ₹2,00,000 से कम है। तीसरे साल पर फंड रिटर्न केवल 4% हो तो रकम लगभग ₹2,82,601 और अंतर लगभग −₹17,399 होता है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता

यह शैक्षणिक उदाहरण है, कोई surrender quote नहीं। इसमें नीचे की बातें शामिल नहीं हैं।

  • आपकी पॉलिसी के असली शुल्क और नियम। शुल्क की संरचना और लॉक-इन के नियम पॉलिसी के अनुसार अलग हो सकते हैं।
  • लॉक-इन के दौरान बंद फंड की बढ़त। कई पॉलिसियों में यह रकम लॉक-इन ख़त्म होने तक कुछ ब्याज कमाती है। वह यहाँ नहीं जोड़ा गया।
  • कर और GST। दोनों शामिल नहीं हैं।
  • Loyalty additions और bonus यूनिट। जिन पॉलिसियों में ये मिलते हैं, उनका असर यहाँ नहीं है।
  • Paid-up और अन्य विकल्प। premium बंद करके पॉलिसी चालू रखने जैसे विकल्पों का हिसाब नहीं है।
  • बीच में फंड बदलना या आंशिक निकासी। इनका असर यहाँ नहीं जोड़ा गया।
  • बाज़ार की असली चाल। रिटर्न हर साल एक-सा माना गया है, जबकि असल में उतार-चढ़ाव होता है।

इसलिए नतीजे को अंतिम रकम न मानें। निर्णय से पहले अपनी पॉलिसी का स्टेटमेंट और बीमाकर्ता से पुष्टि ज़रूर लें।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • ULIP Returns Calculator: पूरी अवधि निभाने पर शुल्क के बाद का रिटर्न।
  • ULIP vs Mutual Fund Calculator: वही रकम ULIP और म्यूचुअल फंड में लगाने की तुलना।
  • Policy IRR Calculator: किसी भी पॉलिसी का असल सालाना रिटर्न।
  • Term Insurance Calculator: शुद्ध बीमा कवर कितना चाहिए।
  • Protection Check Calculator: परिवार की सुरक्षा कितनी पूरी है।
  • Emergency Fund Calculator: इमरजेंसी के लिए अलग रखी जाने वाली रकम, ताकि पॉलिसी बीच में छोड़नी न पड़े।

6 काम की बातें याद रखें

1
छोड़ने से पहले सारे विकल्प पूछें

कई पॉलिसियों में premium बंद करके paid-up करने या अवधि बदलने जैसे विकल्प होते हैं। निर्णय से पहले ये सब पूछ लें।

2
लॉक-इन ख़त्म होने की तारीख़ देखें

अगर लॉक-इन के कुछ ही महीने बचे हैं तो थोड़ा रुककर देखना अक्सर बेहतर होता है।

3
शुल्कों की सूची हाथ में रखें

पॉलिसी दस्तावेज़ और benefit illustration से सही discontinuance और अन्य शुल्क यहाँ डालें।

4
बाज़ार की मान्यता कई तरह से आज़माएँ

एक रिटर्न पर फ़ैसला न करें। कम, मध्यम और अधिक तीनों पर रकम देखें।

5
पैसा निकालने से पहले योजना बनाएँ

निकली रकम का कहाँ उपयोग होगा, यह तय कर लें ताकि वह खर्च में न बह जाए। बीमा कवर भी साथ ख़त्म होता है, उसका विकल्प सोचें।

6
एजेंट पर दबाव में निर्णय न लें

बंद करने के बाद नई पॉलिसी बेचने की सलाह हो तो उसके शुल्क और शर्तें अलग से तौलें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

वह अवधि जिसके भीतर आप पूरा पैसा निकाल नहीं सकते। उसकी लंबाई और नियम पॉलिसी दस्तावेज़ में और प्रचलित नियमों में देखें।

आम तौर पर रकम लॉक-इन ख़त्म होने के बाद ही मिलती है। पक्का समय पॉलिसी की शर्तों में देखें।

लॉक-इन के भीतर पॉलिसी बंद करने पर फंड वैल्यू में से कटने वाला शुल्क। उसकी दर और सीमा पॉलिसी के अनुसार अलग हो सकती है।

शुरुआती सालों में अक्सर ऐसा होता है, क्योंकि शुल्क पहले ही कट चुके होते हैं। इस calculator में अलग-अलग सालों की तुलना है।

लॉक-इन के भीतर बंद करने को discontinuance कहा जाता है, लॉक-इन के बाद बंद करने को surrender। दोनों के शुल्क और भुगतान के नियम अलग हो सकते हैं।

आम तौर पर लॉक-इन ख़त्म होने के बाद। सही तरीक़ा पॉलिसी की शर्तों में देखें।

हाँ, आम तौर पर बंद करने पर बीमा कवर भी ख़त्म होता है। इसलिए पहले कवर का दूसरा इंतज़ाम सोचें।

कुछ पॉलिसियों में प्रीमियम बंद करके पॉलिसी चालू रखने का विकल्प होता है, पर शर्तों के साथ। यह calculator उसका हिसाब नहीं करता।

नहीं। surrender रकम फंड वैल्यू में से लागू शुल्क काटने के बाद बचती है।

सिर्फ़ उदाहरण के लिए। असली शुल्क पॉलिसी, साल और प्रीमियम के अनुसार अलग होता है; अपनी पॉलिसी का मान डालें।

कई पॉलिसियों में बंद फंड पर न्यूनतम ब्याज मिलता है। यहाँ उस वृद्धि का मॉडल नहीं है, इसलिए असली रकम थोड़ी ज़्यादा हो सकती है।

नहीं। कर के नियम इसमें शामिल नहीं हैं और वे आपकी स्थिति पर निर्भर करते हैं।

नहीं। आंशिक निकासी या फंड-बदलाव इस सरल मॉडल में शामिल नहीं हैं।

नहीं। यह एक अनुमान है। असली रकम बीमाकर्ता से पूछकर या अपने पॉलिसी स्टेटमेंट से लें।

प्रीमियम की जगह अपनी असली रकम डालें। नतीजा उसी अनुपात में बदलेगा।

यह calculator हर साल एक-सा प्रीमियम मानता है। बदलाव हो तो नतीजा केवल मोटा अनुमान है।

नहीं। यह शैक्षणिक गणना है। छोड़ने या चलाने का निर्णय लेने से पहले पॉलिसी की शर्तें देखें।

नहीं। यहाँ डाली गई कोई जानकारी कहीं संग्रहित नहीं की जाती।

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