अस्पताल का एक बड़ा बिल पूरे परिवार की बचत को हिला सकता है। इसीलिए हेल्थ इंश्योरेंस ज़रूरी है। पर परिवार में बच्चे और बुज़ुर्ग माता-पिता दोनों हों तो सही संरचना चुनना थोड़ा जटिल हो जाता है। यहाँ सब कुछ सरल भाषा में है। (हमारा "हेल्थ इंश्योरेंस लेने की 5 बड़ी गलतियाँ" लेख भी इसके साथ पढ़ें।)
फैमिली फ्लोटर बनाम इंडिविजुअल पॉलिसी
फैमिली फ्लोटर
एक ही बीमा राशि पूरे परिवार (पति-पत्नी और बच्चे) के बीच साझा होती है। किसी एक सदस्य को ज़रूरत पड़े तो पूरी राशि उपलब्ध हो सकती है। प्रीमियम आम तौर पर अलग-अलग पॉलिसियों से कम होता है, और प्रीमियम सबसे बड़े सदस्य की उम्र के आधार पर तय होता है।
इंडिविजुअल पॉलिसी
हर सदस्य की अपनी बीमा राशि। एक सदस्य का क्लेम दूसरों की राशि को नहीं घटाता, पर कुल प्रीमियम बढ़ जाता है।
माता-पिता के लिए अलग पॉलिसी क्यों?
अगर माता-पिता को अपने फ्लोटर में जोड़ें, तो उनकी उम्र की वजह से पूरे परिवार का प्रीमियम बढ़ जाता है, और बीमारियों के क्लेम से बच्चों के लिए बची राशि भी घट सकती है। इसलिए उनके लिए अलग पॉलिसी लेना अक्सर समझदारी है, जिसमें सीनियर सिटीज़न के लिए प्लान की शर्तें (जैसे सह-भुगतान और कमरे का किराया) ध्यान से पढ़ें।
सुपर टॉप-अप क्या है?
मान लीजिए आपके पास ₹10 लाख का बेस कवर है। उसके ऊपर ₹40 लाख का सुपर टॉप-अप, जिसकी "डिडक्टिबल" ₹10 लाख हो, कम प्रीमियम में कुल कवर ₹50 लाख तक पहुँचा देता है। बेस पॉलिसी की राशि पूरी होने के बाद टॉप-अप काम आता है। इस तरह बड़े अस्पताल खर्चों के लिए कम लागत में सुरक्षा मिलती है।
वेटिंग पीरियड
- शुरुआती प्रतीक्षा: पॉलिसी लेने के बाद आम तौर पर पहले 30 दिन बीमारी के क्लेम नहीं (दुर्घटना को छोड़कर)।
- पहले से मौजूद बीमारी (PED): IRDAI के नियमों के अनुसार अधिकतम 3 साल।
- विशिष्ट बीमारियाँ: मोतियाबिंद, घुटना बदलना आदि के लिए कंपनी द्वारा तय अवधि, जो अब अधिकतम 3 साल तक रखी जा सकती है।
- मोराटोरियम: लगातार 5 साल प्रीमियम भरने के बाद कंपनी आम तौर पर केवल कुछ सीमित आधारों पर ही क्लेम खारिज कर सकती है।
(नियम समय-समय पर बदलते हैं; पॉलिसी लेते समय अपडेटेड शर्तें ज़रूर जाँचें।)
बच्चों के लिए ध्यान रखें
- नवजात शिशु के कवर की शर्तें पॉलिसी में देखें (कई प्लान में पहले दिन से या कुछ दिन बाद)।
- टीकाकरण और सामान्य खर्च अक्सर कवर में नहीं होते।
टैक्स छूट (पुरानी कर-व्यवस्था)
धारा 80D में अपनी, जीवनसाथी और बच्चों के प्रीमियम पर सीमित छूट, और माता-पिता के प्रीमियम पर अतिरिक्त छूट मिलती है (सीनियर सिटीज़न के लिए ज़्यादा सीमा)। पर सीमाएँ बदल सकती हैं; ताज़ा सीमा आयकर विभाग से जाँचें। सितंबर 2025 से व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST से छूट भी लागू हुई है।
यह लेख शैक्षणिक है। पॉलिसी चुनने से पहले शर्तें पढ़ें और ज़रूरत हो तो लाइसेंस प्राप्त सलाहकार से मिलें।
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