पैसा किस-किस में बाँटें?

Asset Allocation Calculator (Sample Mix)

उम्र, जोखिम और समय के हिसाब से equity–debt–सोना–नकदी का एक नमूना मिश्रण देखें — शैक्षणिक उदाहरण, सलाह नहीं।

  • उम्र, जोखिम और समय से सैंपल मिक्स
  • इक्विटी, डेट, सोना, नकदी
  • रुपयों में बँटवारा
  • मिश्रित अनुमानित रिटर्न
  • एक काल्पनिक बुरे साल का झटका
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहजोखिम सहने की क्षमता और समय-सीमा देखकर बँटवारा तय करें, और साल में एक बार संतुलन जाँचें।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

संपत्ति का बँटवारा (asset allocation) क्या है?

अपना पैसा अलग-अलग तरह की संपत्तियों — शेयर (equity), बॉन्ड/FD (debt), सोना और नकदी — में बाँटने को asset allocation कहते हैं। लंबा समय और ज़्यादा जोखिम सहने की क्षमता हो तो equity का हिस्सा बड़ा रखा जाता है; लक्ष्य पास आए तो घटाया जाता है। यहाँ "100 − उम्र" वाला सरल नियम, आपके जोखिम-स्तर और निवेश-अवधि के हिसाब से थोड़ा ऊपर-नीचे करके एक नमूना मिश्रण दिखाया जाता है, ताकि आप विचार समझ सकें — यह आपके लिए सिफ़ारिश नहीं है।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

A rule-of-thumb split, not a prediction. Equity % = 100 − your age, adjusted by +10 or −10 points for each step of risk comfort above or below the middle, then limited to the minimum and maximum set on the page and capped lower when the money is needed within a few years. Gold and cash get small fixed shares (more cash for a short horizon or no emergency fund) and debt takes the rest. Blended return = sum of each share × the assumed return of that asset class listed on the page.

यह एक अंदाज़ा-नियम (rule of thumb) वाला बँटवारा है, भविष्यवाणी नहीं। Equity % = 100 − आपकी उम्र, फिर जोखिम सहने की क्षमता के बीच के स्तर से ऊपर या नीचे हर क़दम पर +10 या −10 अंक का बदलाव, उसके बाद पेज पर तय न्यूनतम-अधिकतम सीमा, और पैसा कुछ ही सालों में चाहिए तो और कम सीमा। Gold और cash को छोटे तय हिस्से मिलते हैं (कम समय या emergency fund न होने पर cash ज़्यादा) और बाक़ी debt में जाता है। मिश्रित रिटर्न = हर हिस्सा × पेज पर लिखा उस asset class का मान लिया गया रिटर्न, इनका जोड़।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. This split comes from a simple rule of thumb ("100 minus age", adjusted for risk comfort and time horizon) and fixed assumed returns (equity 12%, debt 7%, gold 8%, cash 4%) that are not predictions. It is a teaching illustration, not a recommended portfolio. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह बँटवारा एक सरल अंगूठा-नियम ("100 − उम्र", जोखिम और अवधि के हिसाब से बदला हुआ) और तय माने हुए रिटर्न (equity 12%, debt 7%, सोना 8%, नकदी 4%) से बना है, जो भविष्यवाणी नहीं हैं। यह सिखाने का उदाहरण है, सुझाया हुआ पोर्टफ़ोलियो नहीं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • इक्विटी का हिस्सा लगभग 100 − उम्र है, फिर जोखिम सहने के हर स्तर के साथ 10 अंक ऊपर या नीचे किया जाता है, और 10% से 90% के बीच रखा जाता है।
  • पैसे की ज़रूरत पास हो तो इक्विटी की सीमा घटती है: 3 साल से कम पर अधिकतम 15%, 5 साल से कम पर 35%, 7 साल से कम पर 55%।
  • सोना और नकदी के छोटे तय हिस्से होते हैं (आपातकालीन निधि न होने पर या लक्ष्य पास होने पर नकदी ज़्यादा), और बाक़ी डेट में जाता है।
  • रिटर्न (इक्विटी 12%, डेट 7%, सोना 8%, नकदी 4%) और काल्पनिक बुरे साल की गिरावट उदाहरण की संख्याएँ हैं। यह सैंपल है, सलाह या अनुमान नहीं।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

अंजलि: 32 साल, 10 साल का लक्ष्य (पेज की शुरुआती संख्याएँ)

अंजलि 32 साल की है, गिरावट में "बेचैन, पर टिका रहूँगी" वाला उत्तर चुनती है, ₹10,00,000 बाँटने हैं, पैसा 10 साल बाद चाहिए, आपातकालीन निधि पहले से है।

इक्विटी
68% (₹6,80,000)
डेट
22% (₹2,20,000)
सोना
5% (₹50,000)
नकदी
5% (₹50,000)
मिश्रित अनुमानित रिटर्न
10.3% सालाना
10 साल बाद मानी गई रकम
₹27,26,709
काल्पनिक बुरा साल (इक्विटी −30%)
लगभग −20.9%

अधिक हिस्सा इक्विटी में है, इसलिए मानी हुई वृद्धि ऊँची है, पर काल्पनिक बुरे साल में नुकसान भी बड़ा दिखता है। जोखिम और वृद्धि साथ चलते हैं।

हरीश: 55 साल, 5 साल में पैसा चाहिए, बिना अलग आपातकालीन निधि

हरीश 55 साल का है, गिरावट में "काफ़ी चिंतित" चुनता है, ₹20,00,000 बाँटने हैं, पैसा 5 साल बाद चाहिए, और उसके पास अलग आपातकालीन निधि नहीं है।

इक्विटी
35% (₹7,00,000)
डेट
40% (₹8,00,000)
सोना
10% (₹2,00,000)
नकदी
15% (₹3,00,000)
मिश्रित अनुमानित रिटर्न
8.4% सालाना
5 साल बाद मानी गई रकम
₹30,14,542
काल्पनिक बुरा साल
लगभग −11.2%

पास का लक्ष्य, कम जोखिम सहने की क्षमता और अलग निधि न होने से नकदी और डेट का हिस्सा बड़ा हो गया। वृद्धि की उम्मीद कम, झटके की संभावना भी कम।

इशिता: 26 साल, 20 साल का लक्ष्य, ऊँचा जोखिम सहने की इच्छा

इशिता 26 साल की है, गिरावट में "और निवेश करूँगी" चुनती है, ₹5,00,000 बाँटने हैं, पैसा 20 साल बाद चाहिए, आपातकालीन निधि है।

इक्विटी
90% (ऊपरी सीमा, ₹4,50,000)
डेट
0%
सोना
5% (₹25,000)
नकदी
5% (₹25,000)
मिश्रित अनुमानित रिटर्न
11.4% सालाना
20 साल बाद मानी गई रकम
₹45,12,134
काल्पनिक बुरा साल
लगभग −27.1%

यहाँ पेज की इक्विटी सीमा 90% काम में आई और डेट शून्य हो गया। इतने बड़े झटके सहने की तैयारी ज़रूरी है।

उम्र बदलने का असर (जोखिम स्तर 3, 10 साल का लक्ष्य, आपातकालीन निधि है)

उम्र बदलने का असर (जोखिम स्तर 3, 10 साल का लक्ष्य, आपातकालीन निधि है)
उम्रइक्विटी / डेट / सोना / नकदी (%)मिश्रित अनुमानित रिटर्नकाल्पनिक बुरा साल
2575 / 15 / 5 / 510.7%−22.9%
3268 / 22 / 5 / 510.3%−20.9%
4555 / 30 / 10 / 59.7%−17.4%
6040 / 45 / 10 / 58.9%−13.2%

यह सिर्फ़ पेज का सरल नियम है। किसी भी उम्र का सही मिश्रण आपकी ज़रूरत और जोखिम की स्थिति पर निर्भर है।

लक्ष्य की दूरी बदलने का असर (उम्र 32, जोखिम स्तर 3, आपातकालीन निधि है)

लक्ष्य की दूरी बदलने का असर (उम्र 32, जोखिम स्तर 3, आपातकालीन निधि है)
पैसा कितने साल बाद चाहिएइक्विटी / डेट / सोना / नकदी (%)मिश्रित अनुमानित रिटर्नकाल्पनिक बुरा साल
215 / 60 / 10 / 157.4%−5.6%
435 / 50 / 10 / 58.7%−11.8%
655 / 30 / 10 / 59.7%−17.4%
1068 / 22 / 5 / 510.3%−20.9%

पैसा पास हो तो इक्विटी की सीमा घटती है, क्योंकि गिरावट से उबरने के लिए कम समय बचता है।

त्वरित संदर्भ: सैंपल मिक्स के नियम

त्वरित संदर्भ: सैंपल मिक्स के नियम
इक्विटी %100 − उम्र + (जोखिम उत्तर − 3) × 10, फिर 10% से 90% के बीच
लक्ष्य 3 साल से कमइक्विटी अधिकतम 15%
लक्ष्य 5 साल से कमइक्विटी अधिकतम 35%
लक्ष्य 7 साल से कमइक्विटी अधिकतम 55%
सोना5% अगर इक्विटी 60% या ज़्यादा, वरना 10%
नकदी15% अगर लक्ष्य 3 साल से कम या अलग आपातकालीन निधि नहीं; वरना 5%
डेटबाक़ी बचा हिस्सा (शून्य से कम हो तो इक्विटी घटाई जाती है)
इस पेज में क्या नहींकर, रीबैलेंसिंग का समय, फंड का चुनाव, असली संपत्ति, लक्ष्यों की संख्या और असली बाज़ार का उतार-चढ़ाव।

Asset Allocation Calculator (Sample Mix) क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

निवेश की बात चलते ही ज़्यादातर लोग पूछते हैं कि "कौन-सा फंड ख़रीदूँ?" पर अनुभवी लोग अक्सर पहले एक दूसरा सवाल पूछते हैं: "मेरा पैसा किन-किन तरह की संपत्तियों में बँटा होना चाहिए?" इसी को asset allocation यानी संपत्ति का बँटवारा कहते हैं। यह calculator आपकी उम्र, जोखिम सहने की भावना, पैसे की ज़रूरत का समय और रकम के आधार पर चार हिस्सों का एक नमूना मिश्रण दिखाता है: इक्विटी (शेयर), डेट (बॉन्ड, FD जैसे साधन), सोना और नकदी।

यह ध्यान में रखना ज़रूरी है कि इसका नाम ही "Sample Mix" है। यह कोई सिफ़ारिश या आपके लिए बनाया गया पोर्टफ़ोलियो नहीं है। यह एक सरल अंगूठा-नियम ("100 घटा उम्र") को आपके जवाबों के हिसाब से थोड़ा ऊपर-नीचे करके एक उदाहरण दिखाता है, ताकि आप अवधारणा समझ सकें और अपने सलाहकार से बेहतर सवाल पूछ सकें।

किसके काम का है

  • नए निवेशक, जो जानना चाहते हैं कि शेयर, FD और सोने के बीच संतुलन का विचार क्या होता है।
  • वे लोग जो एक से ज़्यादा लक्ष्य के लिए अलग-अलग निवेश करते हैं, जैसे दो साल बाद बेटी की शादी और बीस साल बाद रिटायरमेंट। वे दोनों लक्ष्यों के लिए अलग मिश्रण देख सकते हैं।
  • रिटायर होने वाले या हो चुके लोग, जो देखना चाहते हैं कि समय कम रह जाने पर जोखिम वाला हिस्सा कैसे घटता है।
  • विद्यार्थी और शिक्षक, जो वित्तीय साक्षरता के लिए एक चलता-फिरता उदाहरण चाहते हैं।
  • अपने मौजूदा पोर्टफ़ोलियो से तुलना करने वाले, जो देखना चाहते हैं कि उनका अपना बँटवारा उदाहरण से बहुत अलग तो नहीं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर पाँच इनपुट हैं।

  • आपकी उम्र: 18 से 75 साल, शुरुआती मान 32। यही वह आधार है जिससे "100 घटा उम्र" वाला नियम चलता है।
  • जोखिम का सवाल: "अगर एक साल में आपका पोर्टफ़ोलियो 25% गिर जाए तो आपको कैसा लगेगा?" इसके पाँच जवाब हैं, "बहुत असहज, मैं बेच दूँगा" से लेकर "मैं और निवेश करूँगा" तक। शुरुआती जवाब तीसरा है: "बेचैन, पर मैं टिका रहूँगा"। यहाँ ईमानदार जवाब चुनें, वह नहीं जो सुनने में अच्छा लगे; बाज़ार गिरने पर असली व्यवहार ही मायने रखता है।
  • यह पैसा आपको कब चाहिए? (साल): 1 से 40 साल, शुरुआती मान 10। लक्ष्य जितना पास होगा, इक्विटी की ऊपरी सीमा उतनी कम होगी।
  • बाँटने के लिए रकम (₹): ₹1 लाख से ₹10 करोड़ तक, शुरुआती मान ₹10 लाख। रकम का असर बँटवारे के प्रतिशत पर नहीं पड़ता, सिर्फ़ रुपये के आँकड़ों पर पड़ता है।
  • मेरे पास पहले से अलग emergency fund है: हाँ/नहीं का स्विच। अगर आपके पास आपात ख़र्च के लिए अलग रकम पहले से रखी है, तो इस मिश्रण में नकदी का हिस्सा छोटा रहता है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

ऊपर का सार

सबसे ऊपर आपको "आपके लिए नमूना मिश्रण" दिखता है, जैसे "45% इक्विटी · 40% डेट", और उसके नीचे सोने व नकदी का प्रतिशत। यह मिश्रण हमेशा चारों हिस्सों को मिलाकर 100% होता है।

हर हिस्से की पंक्ति

हर संपत्ति के सामने उसका प्रतिशत और रुपयों में रकम लिखी होती है। इसके बाद तीन ख़ास पंक्तियाँ हैं:

  • माने गए रिटर्न पर मिश्रित रिटर्न: हर हिस्से का तय माना हुआ सालाना रिटर्न, उसके वज़न से गुणा करके जोड़ा गया। यह कोई भविष्यवाणी नहीं है; यह सिर्फ़ यह दिखाता है कि इस मिश्रण में इक्विटी का वज़न बढ़ने पर मिश्रित आँकड़ा कैसे ऊपर जाता है।
  • n साल बाद मूल्य (rebalancing के बिना): हर हिस्सा अपने मान लिए गए रिटर्न पर बढ़ाकर, बिना बीच में बँटवारा ठीक किए, अंतिम कुल मूल्य।
  • एक काल्पनिक बहुत बुरा साल: यहाँ मान लिया गया है कि इक्विटी −30%, डेट −2%, सोना −5% और नकदी +4% चलती है। इस मिश्रण में कुल नतीजा कितना गिरावट वाला रहेगा, यह इस पंक्ति में लाल रंग में दिखता है। यह पंक्ति सबसे उपयोगी है, क्योंकि यही बताती है कि आपके चुने बँटवारे में बुरे साल में कितना झटका लग सकता है।

पाई और स्टैक्ड चार्ट

पाई चार्ट मौजूदा बँटवारा दिखाता है। स्टैक्ड चार्ट साल-दर-साल हर हिस्से की बढ़त दिखाता है। ग़ौर करें कि समय के साथ इक्विटी का हिस्सा बिना rebalancing के अपने-आप बढ़ता जाता है, क्योंकि उसका मान लिया गया रिटर्न सबसे ऊँचा है। असल जीवन में लोग समय-समय पर बँटवारा सुधारते हैं, पर इस चार्ट में वह नहीं दिखाया गया।

ध्यान दें: "बुरे साल" की पंक्ति देखकर अपने आप से पूछिए, "क्या मैं इतनी गिरावट पर भी निवेश बनाए रख पाऊँगा?" अगर जवाब नहीं है, तो जोखिम वाले सवाल पर कम जवाब चुनकर मिश्रण दोबारा देखें।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • हर लक्ष्य के लिए अलग से चलाएँ। रिटायरमेंट के लिए 25 साल, बच्चे की फ़ीस के लिए 5 साल, और अगले साल की गाड़ी के लिए 1 साल डालकर देखिए कि मिश्रण कैसे बदलता है।
  • जोखिम वाले सवाल के पाँचों जवाब आज़माएँ। आपको दिखेगा कि हर एक पायदान इक्विटी को 10 अंक खिसकाता है और बुरे साल की गिरावट कितनी बढ़ती है।
  • emergency fund का स्विच बदलकर देखें। इससे नकदी का हिस्सा 5% से 15% पहुँच सकता है और डेट घट सकता है। यह दिखाता है कि आपात निधि अलग रखने का सीधा फ़ायदा क्या है।
  • अपने मौजूदा पोर्टफ़ोलियो से मिलाएँ। अगर आपका असली बँटवारा इस उदाहरण से बहुत अलग है, तो कारण समझने की कोशिश करें, पर ज़रूरी नहीं कि वह ग़लत हो।
  • साल में एक बार जाँचें। बाज़ार चढ़ने-गिरने से बँटवारा खिसकता है; समय-समय पर उसे सही करना rebalancing कहलाता है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "100 घटा उम्र" को पत्थर की लकीर मानना। यह केवल शुरुआती अंदाज़ा है। कुछ लोग लंबी उम्र को देखते हुए इसे 110 या 120 से भी बदलते हैं, और कुछ लोग नियम को बिल्कुल नहीं मानते।
  • माने हुए रिटर्न को असली वादा समझना। इक्विटी का 12% कोई गारंटी नहीं है; कई साल रिटर्न शून्य या ऋणात्मक भी रहे हैं।
  • जोखिम सहने की क्षमता और इच्छा को एक समझना। आप जोखिम उठाने की इच्छा रख सकते हैं पर आपकी वित्तीय स्थिति (नौकरी की स्थिरता, ज़िम्मेदारियाँ) उसकी इजाज़त न दे, या उलटा।
  • एक ही लक्ष्य के लिए अलग-अलग जगह एक ही चीज़ ख़रीद लेना। जैसे तीन फंड जो असल में एक ही तरह के शेयर रखते हैं। संपत्ति-वर्ग का विविधीकरण और फंड की गिनती दो अलग बातें हैं।
  • सोने को हमेशा सुरक्षित मान लेना। इस calculator में बुरे साल में सोने को −5% माना गया है, यानी वह भी गिर सकता है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

इस calculator के नियम पेज के कोड से ये हैं:

  1. इक्विटी: 100 घटा उम्र, फिर जोखिम के जवाब के हिसाब से +10 या −10 अंक। जवाब 3 (बीच का) हो तो कोई बदलाव नहीं; 4 पर +10, 5 पर +20, 2 पर −10, 1 पर −20। नतीजा कम से कम 10% और ज़्यादा से ज़्यादा 90% के बीच रखा जाता है।
  2. समय की सीमा: अगर पैसा 3 साल से कम में चाहिए तो इक्विटी अधिकतम 15%; 5 साल से कम में अधिकतम 35%; 7 साल से कम में अधिकतम 55%।
  3. सोना: इक्विटी 60% या उससे ऊपर हो तो 5%, वरना 10%।
  4. नकदी: पैसा 3 साल से कम में चाहिए तो 15%। इसके बाद अगर अलग emergency fund है तो 5%, नहीं है तो 15%।
  5. डेट: बाक़ी सब, यानी 100 में से बाक़ी तीनों घटाकर। अगर यह घटाव ऋणात्मक आ जाए, तो डेट को शून्य करके इक्विटी उतनी घटा दी जाती है।
  6. माने हुए रिटर्न: इक्विटी 12%, डेट 7%, सोना 8%, नकदी 4% सालाना। ये भविष्यवाणी नहीं, सिर्फ़ गणना के लिए तय किए गए मान हैं, और वास्तविक रिटर्न बहुत अलग हो सकता है।
  7. मिश्रित रिटर्न = हर हिस्से का प्रतिशत × उसका माना हुआ रिटर्न, सबका जोड़। n साल बाद मूल्य हर हिस्से की रकम को उसके रिटर्न पर चक्रवृद्धि से बढ़ाकर जोड़ा जाता है, बिना टैक्स, बिना शुल्क और बिना rebalancing के।
एक पूरा उदाहरण

तीन काल्पनिक लोगों से तीन तस्वीरें:

मीना, 45 साल, ज़रा सावधान स्वभाव। वह जोखिम का जवाब 2 ("काफ़ी चिंतित") चुनती है, पैसा 8 साल बाद चाहिए, रकम ₹25 लाख, और emergency fund अलग है। इक्विटी = 100 − 45 − 10 = 45%। सोना 10% (क्योंकि इक्विटी 60% से कम है), नकदी 5% और डेट 100 − 45 − 10 − 5 = 40%। रकमें: इक्विटी ₹11.25 लाख, डेट ₹10 लाख, सोना ₹2.5 लाख, नकदी ₹1.25 लाख। मिश्रित रिटर्न लगभग 9.2% सालाना। 8 साल बाद माने हुए रिटर्न पर मूल्य लगभग ₹51.37 लाख। काल्पनिक बुरे साल में लगभग −14.6%।

शर्मा जी, 62 साल, पैसा 2 साल में चाहिए। जोखिम का जवाब 3, रकम ₹15 लाख, अलग emergency fund नहीं। 100 − 62 = 38% बनता है, पर 3 साल से कम समय की सीमा इसे 15% पर रोक देती है। सोना 10%, नकदी 15% (कम समय है) और डेट 60%। मिश्रित रिटर्न लगभग 7.4% और बुरे साल का झटका लगभग −5.6%।

आदित्य, 26 साल, 20 साल का लक्ष्य। जोखिम का जवाब 4, रकम ₹5 लाख, emergency fund अलग। इक्विटी = 100 − 26 + 10 = 84%, सोना 5%, नकदी 5%, डेट 6%। मिश्रित रिटर्न लगभग 11.1% और बुरे साल में लगभग −25.4%। यानी जोखिम वाला मिश्रण ऊँचा रिटर्न दिखाता है, पर साथ ही गहरी गिरावट का भी डर दिखाता है। 20 साल बाद माने हुए रिटर्न पर मूल्य लगभग ₹43.39 लाख। ये सब केवल गणना के उदाहरण हैं।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता

यह calculator नहीं बताता कि किस फंड या शेयर में पैसा लगाएँ। यह आपकी आमदनी, ज़िम्मेदारियाँ, मौजूदा कर्ज़ या बीमा नहीं देखता। इसमें टैक्स, महँगाई, शुल्क, exit load और रियल एस्टेट या अन्य संपत्तियाँ शामिल नहीं हैं। चार ही वर्ग हैं, और हर वर्ग का रिटर्न तय किया हुआ है; असली बाज़ार में हर साल रिटर्न अलग होते हैं। "बुरा साल" एक काल्पनिक, सरल परिदृश्य है, इससे भी बुरे साल संभव हैं। रकम का असर प्रतिशतों पर नहीं पड़ता, इसलिए बहुत बड़ी या बहुत छोटी रकम के लिए भी वही बँटवारा आएगा। इसलिए इसे सिखाने वाला उदाहरण समझें, पोर्टफ़ोलियो की सिफ़ारिश नहीं। असली योजना के लिए SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार जैसे योग्य पेशेवर से बात करें।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Financial Plan Builder: लक्ष्यों, बचत और निवेश की पूरी तस्वीर बनाने के लिए।
  • SIP Calculator: इक्विटी वाले हिस्से में मासिक निवेश का असर देखने के लिए।
  • Retirement Corpus Calculator: लंबे समय के लक्ष्य के लिए ज़रूरी रकम जानने के लिए।
  • Emergency Fund Calculator: नकदी का हिस्सा तय करने से पहले आपात निधि का आकार देखने के लिए।
  • Investment Scenario Comparison: अलग-अलग निवेश परिदृश्यों की तुलना के लिए।
  • Net Worth Calculator: आपकी मौजूदा संपत्ति किन वर्गों में बँटी है, यह देखने के लिए।

यह लेख और calculator सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए हैं; नतीजे अनुमान हैं, और इन्हें निवेश, कर या वित्तीय सलाह न समझें। निवेश से जुड़े फ़ैसले लेने से पहले अपनी स्थिति के अनुसार किसी योग्य सलाहकार से परामर्श करें।

6 काम की बातें याद रखें

1
इसे शुरुआती बिंदु मानें

यह सैंपल है। इसे विचार शुरू करने के लिए काम में लें और अपने सलाहकार या अपनी स्थिति से मिलाएँ।

2
गिरावट वाले सवाल का ईमानदार उत्तर दें

जो आप सच में कर सकेंगे वही चुनें। गिरावट में घबराकर बेचना सबसे बड़ा नुकसान बनाता है।

3
अलग-अलग लक्ष्यों के लिए अलग हिसाब

हर लक्ष्य की अपनी दूरी होती है। एक बड़े पोर्टफ़ोलियो के लिए एक ही मिश्रण अक्सर ठीक नहीं बैठता।

4
आपातकालीन निधि पहले

पेज अलग निधि न होने पर नकदी का हिस्सा बढ़ाता है। बेहतर है कि निधि अलग बनाकर रखें।

5
साल में एक बार जाँचें

बाज़ार के घटने-बढ़ने से हिस्से बदल जाते हैं। हर साल देखें कि मिश्रण अपनी योजना के क़रीब है या नहीं।

6
रिटर्न की संख्याओं को वादा न समझें

पेज की रिटर्न दरें उदाहरण हैं। असली रिटर्न बहुत अलग हो सकते हैं, और अलग-अलग साल में बहुत बदलते भी हैं।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

एक सरल अंगूठा-नियम: equity का हिस्सा लगभग 100 में से अपनी उम्र घटाकर। यह सिर्फ़ शुरुआती विचार है; आपका जोखिम सहने का स्वभाव और लक्ष्य की अवधि भी मायने रखते हैं।

समय के साथ जो हिस्सा तेज़ बढ़ता है वह मिश्रण बिगाड़ देता है। तय अवधि पर उसे वापस मूल अनुपात में लाना rebalancing कहलाता है।

उत्तर 1 से 5 तक गिना जाता है। बीच का (3) तटस्थ है। हर कदम ऊपर इक्विटी में 10 अंक जोड़ता है और हर कदम नीचे 10 अंक घटाता है।

ताकि मिश्रण पूरी तरह एक ही संपत्ति में न चला जाए। यह पेज की सरल सीमा है।

क्योंकि गिरावट आई तो ठीक होने का समय कम बचता है। पास के लक्ष्य के लिए स्थिर साधन ज़्यादा उचित माने जाते हैं।

इक्विटी ज़्यादा हो तो सोना 5% और कम हो तो 10% रखा जाता है। यह पेज का सरल नियम है।

जब लक्ष्य 3 साल से कम दूर हो, या आपके पास अलग आपातकालीन निधि न हो। तब नकदी 15% रखी जाती है।

तब इक्विटी की सीमा भी कम होकर कुल 100% पूरा होता है। पेज इसे अपने आप सँभालता है।

हर संपत्ति की मानी हुई रिटर्न को उसके हिस्से से गुणा करके जोड़ा गया औसत। रिटर्न उदाहरण हैं, इसलिए यह भी अनुमान है।

एक मान्यता कि इक्विटी −30% गिरे और बाक़ी संपत्तियाँ भी अपनी मानी हुई चाल से बदलें। यह दिखाता है कि मिश्रण में झटका कितना बड़ा हो सकता है, यह भविष्यवाणी नहीं।

हाँ। यह सिर्फ़ एक उदाहरण परिदृश्य है, इससे बुरा भी हो सकता है।

हर संपत्ति की रकम को उसकी मानी हुई रिटर्न पर चक्रवृद्धि कराकर जोड़ा जाता है। बीच में कोई जोड़ या निकासी नहीं मानी गई।

नहीं। यह सिर्फ़ संपत्ति वर्ग (इक्विटी, डेट, सोना, नकदी) के सैंपल हिस्से दिखाता है।

नहीं। रिटर्न की संख्याओं में कर, खर्च और रीबैलेंसिंग की लागत शामिल नहीं है।

पेज चार बुनियादी वर्ग ही लेता है। अन्य संपत्ति आप अपनी योजना में अलग से जोड़ सकते हैं।

इच्छा आपकी भावना है, क्षमता आपकी आमदनी, ज़िम्मेदारी और समय की स्थिति। पेज इच्छा का सवाल पूछता है, इसलिए क्षमता को भी अलग से सोचें।

नहीं। यह शैक्षणिक सैंपल है। असली निवेश से पहले अपनी स्थिति देखें और योग्य सलाहकार से बात करें।

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