मान लीजिए अनुराधा, 52 साल की सरकारी स्कूल की शिक्षिका, को रिटायरमेंट से पहले एक बड़ी रकम में से ₹8,00,000 निवेश के लिए मिले हैं। वे पूरी रकम एक साथ इक्विटी में लगाने से झिझक रही हैं और STP देखना चाहती हैं।
इनपुट: एकमुश्त ₹8,00,000; हर महीने ट्रांसफ़र; 12 महीनों में पूरा; स्रोत रिटर्न 6.5%; लक्ष्य रिटर्न 12%; कुल अवधि 5 साल।
चरण 1: हर किस्त = 8,00,000 ÷ 12 = लगभग ₹66,667, कुल 12 ट्रांसफ़र।
चरण 2: पाँच साल बाद नतीजे (मान्य दरों पर):
- STP: लगभग ₹13,70,231
- सीधा एकमुश्त: लगभग ₹14,09,873
- सिर्फ़ स्रोत में: लगभग ₹10,96,069
चरण 3: अंतर = STP − सीधा एकमुश्त = लगभग −₹39,642। यानी इस मान्यता पर सीधा एकमुश्त लगभग ₹39,600 आगे है।
साल-दर-साल तालिका के अंश: साल 1 के अंत में STP ≈ ₹8,75,204, सीधा ≈ ₹8,96,000, स्रोत में ≈ ₹8,52,000; साल 3 के अंत में STP ≈ ₹10,94,959, सीधा ≈ ₹11,23,942।
अनुराधा इसे कैसे पढ़ती हैं? वे देखती हैं कि एक साल तक किस्तों में भेजने की "क़ीमत" इस मॉडल में लगभग ₹40,000 है। यह वही रकम है जो उन्होंने बाज़ार में एक साथ न उतरने की "बीमा-क़ीमत" के रूप में चुकाई होगी। अगर इस दौरान बाज़ार अचानक गिरता, तो STP का असल फ़ायदा दिखता, पर यह calculator इस घटना को नहीं मॉडल करता।
अब वे कुछ बदलाव आज़माती हैं:
- ट्रांसफ़र 6 महीने में: STP का अंतिम मूल्य लगभग ₹13,91,398 हो जाता है, यानी सीधे एकमुश्त से अंतर घटकर लगभग −₹18,476 रह जाता है। जल्दी पूरा करने पर "रुके हुए पैसे" का नुक़सान कम होता है।
- लक्ष्य रिटर्न 6% (स्रोत से कम): STP लगभग ₹10,73,523 और सीधा एकमुश्त लगभग ₹10,70,580, यानी STP लगभग ₹2,943 आगे। जब लक्ष्य फंड का मान्य रिटर्न स्रोत से कम हो, तो किस्तों में भेजना गणित में भी आगे दिख सकता है।
- साप्ताहिक ट्रांसफ़र, 6 महीने में, 3 साल की अवधि: लगभग 26 ट्रांसफ़र (हर एक लगभग ₹30,769), अंतिम STP ≈ ₹11,08,362 बनाम सीधा ≈ ₹11,23,942।