प्रॉपर्टी रजिस्ट्री का ख़र्च

Stamp Duty & Registration Calculator

घर ख़रीदने पर stamp duty और registration fee का अंदाज़ा — राज्य, प्रॉपर्टी की क़ीमत और ख़रीदार (पुरुष / महिला / संयुक्त) के हिसाब से।

  • राज्य चुनें या अपनी दर डालें
  • पुरुष, महिला, संयुक्त ख़रीदार
  • Registration fee की सीमा
  • Slab वाले राज्य
  • ख़रीद की कुल लागत
  • क़ीमत बनाम duty का pie chart
आशुग्या की सलाहस्टाम्प ड्यूटी की दर राज्य, लिंग और प्रॉपर्टी के प्रकार के हिसाब से बदलती है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

Stamp duty और registration fee क्या होती है?

प्रॉपर्टी ख़रीदने पर राज्य सरकार को दो तरह के शुल्क देने पड़ते हैं: stamp duty (दस्तावेज़ पर स्टांप शुल्क) और registration fee (रजिस्ट्री का शुल्क)। दोनों प्रॉपर्टी की क़ीमत के प्रतिशत में लगते हैं और दरें हर राज्य में अलग होती हैं; कई राज्यों में महिला या संयुक्त ख़रीदार के लिए दर अलग हो सकती है, और कुछ में registration fee की ऊपरी सीमा होती है। नीचे राज्य चुनकर अंदाज़ा देखें; सूची में न दिखने वाले राज्य के लिए "Custom" में अपनी दरें डाल सकते हैं। ध्यान रहे कि कई राज्य circle rate / गाइडलाइन वैल्यू और सौदे की क़ीमत में से जो ज़्यादा हो उस पर शुल्क लेते हैं — इसलिए सही प्रॉपर्टी वैल्यू सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पूछें।

इस calculator में इस्तेमाल हुई दरें (as of Oct 2026 · verify)

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Stamp duty = property value x the stamp-duty % for the selected state and buyer type (for slab states, the % of the slab the value falls in). Registration fee = property value x the registration %, limited to the state's cap where one is set. Total cost to buy = property value + stamp duty + registration fee. The state rates are stored in the page settings with an "as of" date; they are indicative and some are contested between sources.

Stamp duty = प्रॉपर्टी की क़ीमत x चुने गए राज्य और ख़रीदार-प्रकार का stamp duty % (slab वाले राज्यों में उस slab का % जिसमें क़ीमत आती है)। Registration fee = प्रॉपर्टी की क़ीमत x registration %, जहाँ राज्य ने ऊपरी सीमा तय की है वहाँ उस सीमा तक। ख़रीदने की कुल लागत = प्रॉपर्टी की क़ीमत + stamp duty + registration fee। राज्यों की दरें पेज की सेटिंग में "as of" तारीख़ के साथ रखी हैं; वे सिर्फ़ संकेत हैं और कुछ पर स्रोतों में मतभेद है।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Indicative only: please verify the rates, the value on which duty is charged (circle rate / guideline value) and any concession with the sub-registrar office or the state stamps & registration website before relying on these figures. Rates change and our preset figures come from secondary sources. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। सिर्फ़ संकेत के लिए: इन आँकड़ों पर भरोसा करने से पहले दरें, जिस मूल्य पर शुल्क लगता है (circle rate / गाइडलाइन वैल्यू) और कोई भी छूट सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर या राज्य की stamps & registration वेबसाइट से ज़रूर जाँचें। दरें बदलती रहती हैं और हमारी प्रीसेट दरें द्वितीयक स्रोतों से ली गई हैं। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • प्रॉपर्टी ख़रीदने पर क़ीमत के अलावा stamp duty और registration fee लगती है। दोनों राज्य के नियम पर निर्भर हैं और ख़रीदार के प्रकार से बदल सकती हैं।
  • कुछ राज्यों में दर एक-सी रहती है, कुछ में क़ीमत के slab पर बदलती है, और कुछ में registration fee की ऊपरी सीमा होती है।
  • पेज की राज्य-दरें संकेतात्मक हैं (दिखाई गई तारीख़ तक, जाँचने लायक़)। अपने राज्य की ताज़ा दर रजिस्ट्रार दफ़्तर या सरकारी पोर्टल से पक्की करें।
  • सूची में आपका राज्य न हो तो "Custom" चुनकर अपनी दरें डालें।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

पेज का डिफ़ॉल्ट: दिल्ली, ₹1 करोड़

अर्जुन दिल्ली में ₹1,00,00,000 की प्रॉपर्टी ख़रीदते हैं। पेज की दरें: पुरुष 6%, महिला 4%, संयुक्त 5%, और registration 1%।

पुरुष ख़रीदार: stamp duty (6%)
₹6,00,000
Registration fee (1%)
₹1,00,000
कुल duty + fee
₹7,00,000 (7%)
ख़रीद की कुल लागत
₹1,07,00,000
महिला ख़रीदार पर कुल (4% + 1%)
₹5,00,000
संयुक्त ख़रीदार पर कुल (5% + 1%)
₹6,00,000

ख़रीदार का प्रकार बदलने से ही ₹1 से ₹2 लाख का फ़र्क़ बन गया। पेज की तालिका तीनों को साथ दिखाती है।

महाराष्ट्र (मुंबई): registration fee की सीमा

विनय मुंबई में ₹80,00,000 का फ़्लैट ख़रीदते हैं। पेज की दरें: कुल stamp duty 6% (5% + 1% metro cess), registration 1% पर अधिकतम ₹30,000।

Stamp duty (6%)
₹4,80,000
Registration fee: 1% होता तो
₹80,000
Registration fee: सीमा लगने पर
₹30,000
कुल duty + fee
₹5,10,000 (6.375%)
ख़रीद की कुल लागत
₹85,10,000

सीमा की वजह से registration fee ₹80,000 की जगह ₹30,000 रह गई। पेज यह अलग से दिखाता है कि सीमा लगी।

कर्नाटक: slab वाले राज्य में ₹50 लाख

दीपा कर्नाटक में ₹50,00,000 की प्रॉपर्टी लेती हैं। पेज के slab: ₹20 लाख तक 2%, ₹45 लाख तक 3%, उससे ऊपर 5% (पूरी क़ीमत पर), और registration 2%।

लागू slab
₹45 लाख से ऊपर: 5%
Stamp duty (5%)
₹2,50,000
Registration fee (2%)
₹1,00,000
कुल duty + fee
₹3,50,000 (7%)
ख़रीद की कुल लागत
₹53,50,000

पेज के slab नियम में पूरी क़ीमत पर एक दर लगती है। इसलिए slab की सीमा पार करते ही कुल duty अचानक कूद सकती है।

₹1 करोड़ की प्रॉपर्टी, पुरुष ख़रीदार: पेज की राज्य-दरें

₹1 करोड़ की प्रॉपर्टी, पुरुष ख़रीदार: पेज की राज्य-दरें
राज्य (पेज के प्रीसेट)Stamp dutyRegistration feeकुल duty + fee
Delhi6% = ₹6,00,0001% = ₹1,00,000₹7,00,000
Maharashtra (Mumbai)6% = ₹6,00,000₹30,000 (सीमा)₹6,30,000
Karnataka5% = ₹5,00,0002% = ₹2,00,000₹7,00,000
Uttar Pradesh7% = ₹7,00,0001% = ₹1,00,000₹8,00,000
Telangana (urban)5.5% = ₹5,50,0000.5% = ₹50,000₹6,00,000
Gujarat4.9% = ₹4,90,0001% = ₹1,00,000₹5,90,000
Haryana (urban)7% = ₹7,00,0001% = ₹1,00,000₹8,00,000
Madhya Pradesh7.5% = ₹7,50,0003% = ₹3,00,000₹10,50,000
Kerala8% = ₹8,00,0002% = ₹2,00,000₹10,00,000

ये पेज की संकेतात्मक दरें हैं (Oct 2026 तक, जाँच लें)। इन्हें अपने राज्य की आधिकारिक दर का विकल्प न मानें।

Slab की सीमा के आर-पार: कर्नाटक के पेज-नियम में

Slab की सीमा के आर-पार: कर्नाटक के पेज-नियम में
प्रॉपर्टी की क़ीमतStamp duty दरStamp dutyRegistration (2%)कुल
₹20,00,0002%₹40,000₹40,000₹80,000
₹21,00,0003%₹63,000₹42,000₹1,05,000
₹45,00,0003%₹1,35,000₹90,000₹2,25,000
₹46,00,0005%₹2,30,000₹92,000₹3,22,000

पेज में slab "पूरी क़ीमत पर" लगते हैं। स्रोतों में इस पर मतभेद हो सकता है; पेज इसे "slab कैसे लगाए जाते हैं" के रूप में दिखाता है।

त्वरित संदर्भ: Stamp Duty और Registration

त्वरित संदर्भ: Stamp Duty और Registration
Stamp dutyक़ीमत × दर (राज्य या ख़रीदार-प्रकार या slab के अनुसार)
Registration feeक़ीमत × दर, कुछ राज्यों में ऊपरी सीमा के साथ
कुल duty + feestamp duty + registration fee
ख़रीद की कुल लागतप्रॉपर्टी की क़ीमत + duty + fee (पेज का हिसाब)
ख़रीदार का प्रकारपुरुष/अन्य, महिला, संयुक्त; सभी राज्यों में अलग दर हो ज़रूरी नहीं
Custom विकल्पअपनी stamp duty %, registration % और वैकल्पिक सीमा डालें
आधारसौदे की क़ीमत या सरकारी मूल्य (circle rate), जो राज्य के नियम में लागू हो
इस पेज में क्या नहींGST, कानूनी/ब्रोकर शुल्क, लोन के दस्तावेज़ का stamp, cess की स्थानीय बारीकियाँ

Stamp Duty और Registration Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

घर या फ्लैट ख़रीदते समय लोग अक्सर सिर्फ़ मकान की क़ीमत और होम लोन की EMI के बारे में सोचते हैं। असल में रजिस्ट्री के दिन एक और बड़ी रकम राज्य सरकार को देनी पड़ती है: stamp duty और registration fee। यह calculator एक ही सवाल का अनुमानित जवाब देता है: "अगर मैं इस राज्य में इतनी क़ीमत की प्रॉपर्टी ख़रीदूँ, तो मुझे लगभग कितना stamp duty और registration fee देना होगा, और कुल लागत कितनी बैठेगी?"

आप राज्य, प्रॉपर्टी की क़ीमत और ख़रीदार का प्रकार (पुरुष / अन्य, महिला या संयुक्त) चुनते हैं। calculator राज्य की दर लगाकर stamp duty, registration fee, दोनों का जोड़, कुल शुल्क का प्रतिशत और प्रॉपर्टी की क़ीमत सहित कुल लागत दिखाता है। साथ ही एक तालिका में वही प्रॉपर्टी तीनों तरह के ख़रीदारों के लिए अलग-अलग दिखाई जाती है।

ज़रूरी बात: इस calculator की राज्य-वार दरें संकेत के लिए हैं। पेज खुद बताता है कि दरें द्वितीयक स्रोतों से ली गई हैं, कुछ जगह उनमें मतभेद है, और असली दरें बदल सकती हैं। रजिस्ट्री से पहले हमेशा sub-registrar office या राज्य के stamps और registration विभाग की वेबसाइट से पुष्टि करें।

किसके काम का है

  • पहला घर ख़रीदने वाले परिवार: जो डाउन पेमेंट के अलावा रजिस्ट्री के खर्च का बजट बनाना चाहते हैं।
  • फ्लैट बुक कराने वाले नौकरीपेशा लोग: जिन्हें बिल्डर का दिया कुल हिसाब देखकर जाँचना है कि सरकारी शुल्क का अंदाज़ा सही है या नहीं।
  • पति-पत्नी: जो देखना चाहते हैं कि प्रॉपर्टी किसके नाम पर हो तो शुल्क में कितना अंतर पड़ सकता है (जहाँ राज्य में ऐसा प्रावधान बताया जाता हो)।
  • निवेशक या दुकान ख़रीदने वाले: जो अलग-अलग राज्यों में लागत की मोटी तुलना करना चाहते हैं। ध्यान रखें कि यह calculator आवासीय ख़रीद के लिए बना है।
  • होम लोन की योजना बना रहे लोग: जो कुल बजट में प्रॉपर्टी की क़ीमत के ऊपर लगने वाला यह खर्च जोड़ना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

राज्य

drop-down में Delhi, Maharashtra (Mumbai), Karnataka, Uttar Pradesh, Telangana (urban), Gujarat, Haryana (urban), Madhya Pradesh और Kerala के साथ एक Custom (% डालें) विकल्प है। हर राज्य के लिए calculator में एक तय दर रखी गई है और उसके साथ "as of Oct 2026" की तारीख़ दिखती है।

प्रॉपर्टी की क़ीमत (₹)

स्लाइडर ₹5 लाख से ₹20 करोड़ तक चलता है, ₹10,000 के कदम से, और शुरू में ₹1 करोड़ चुना रहता है। यह वह रकम है जिस पर शुल्क निकलेगा। ध्यान दें कि असल में शुल्क कई राज्यों में सौदे की क़ीमत और सरकारी circle rate या guideline value में से बड़ी रकम पर लगता है। अगर आपके इलाके का circle rate सौदे की क़ीमत से ज़्यादा है, तो यहाँ वही ऊँची रकम डालकर देखना समझदारी है।

ख़रीदार

तीन विकल्प हैं: पुरुष / अन्य ख़रीदार, महिला और संयुक्त। कई राज्यों में इसी आधार पर दर अलग मानी गई है। अगर चुने हुए राज्य के लिए calculator में उस ख़रीदार-प्रकार की अलग दर नहीं है, तो पेज एक नोट दिखाता है कि सामान्य दर इस्तेमाल हुई है।

Custom के तीन बॉक्स

अगर आपका राज्य सूची में नहीं है, तो राज्य में Custom चुनें। तब ये तीन बॉक्स काम करते हैं (बाकी राज्यों के लिए इनका कोई असर नहीं):

  • Custom: stamp duty (%): 0 से 20 के बीच, शुरू में 6।
  • Custom: registration fee (%): 0 से 10 के बीच, शुरू में 1।
  • Custom: registration fee की ऊपरी सीमा (₹): 0 डालने का मतलब कोई सीमा नहीं। अगर आपके राज्य में registration fee पर कोई अधिकतम रकम तय है, तो उसे यहाँ लिखें।

अपने राज्य के सही प्रतिशत के लिए राज्य के stamps और registration विभाग की साइट, या sub-registrar से पूछना सबसे भरोसेमंद है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

  1. मुख्य नतीजा: "Stamp duty + registration fee" का कुल जोड़, और उसके नीचे यह कि वह प्रॉपर्टी की क़ीमत का कितना प्रतिशत है।
  2. प्रॉपर्टी की क़ीमत: आपकी डाली हुई रकम।
  3. लगाई गई दर: यहाँ stamp duty का प्रतिशत दिखता है। slab वाले राज्य में यह भी लिखा होता है कि आपकी क़ीमत कौन-से slab में आई।
  4. Stamp duty और Registration fee अलग-अलग। अगर fee की ऊपरी सीमा लगी है, तो पंक्ति में दोनों रकम दिखती हैं: सीमित रकम और बिना सीमा की रकम।
  5. कुल शुल्क का %: इससे राज्यों और क़ीमतों की तुलना आसान होती है।
  6. प्रॉपर्टी + शुल्क को मिलाकर कुल लागत।
  7. दर किस तारीख़ की है: calculator में दर की तारीख़ दिखती है, ताकि पता रहे कि जानकारी कब की है।
  8. विवादित बातें: कुछ राज्यों में जहाँ स्रोत आपस में सहमत नहीं हैं (जैसे महिला छूट या cess), वहाँ एक पंक्ति बताती है कि कौन-सा हिस्सा अनिश्चित है।
  9. Pie chart: प्रॉपर्टी की क़ीमत, stamp duty और registration का अनुपात।
  10. ख़रीदार-वार तालिका: पुरुष, महिला और संयुक्त के लिए दर, stamp duty, registration और कुल।
  11. पेज के नीचे राज्य-वार दरों की तालिका और "verify" बॉक्स: चुने हुए राज्य की जाँच-टिप्पणी और जहाँ उपलब्ध हो वहाँ आधिकारिक लिंक।

पढ़ने का तरीका: कुल शुल्क का प्रतिशत देखकर पहले अंदाज़ा लगाएँ कि प्रॉपर्टी के ऊपर कितना अतिरिक्त पैसा चाहिए, फिर इस रकम को अपने डाउन पेमेंट और होम लोन के बजट में जोड़ें।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

कुल बजट बनाते समय जोड़ें

घर का बजट बनाने के लिए प्रॉपर्टी की क़ीमत, stamp duty और registration, बिल्डर या ब्रोकर का शुल्क, मेंटेनेंस जमा और इंटीरियर, सबको एक सूची में रखें। यह calculator पहले दो का अंदाज़ा देता है।

Circle rate के साथ भी चलाएँ

एक बार सौदे की क़ीमत डालें और एक बार अपने इलाके का circle rate। दोनों के नतीजे की तुलना से आपको सबसे बुरी स्थिति का अंदाज़ा मिलता है।

ख़रीदार-वार तालिका देखें

नीचे की तालिका एक नज़र में बता देती है कि पति, पत्नी या दोनों के नाम पर रजिस्ट्री होने पर क्या अंतर रहेगा। पर यह सिर्फ़ शुल्क का पहलू है; स्वामित्व, लोन और कर के पहलू भी अलग से सोचने होते हैं।

राज्य बदलकर तुलना

अगर आप दो शहरों के बीच दुविधा में हैं, तो एक ही क़ीमत पर दोनों राज्य चुनकर कुल शुल्क का % देखें। ध्यान रखें कि दरें ही नहीं, प्रॉपर्टी के भाव भी अलग होते हैं।

Custom में सटीक जानकारी डालें

अपने राज्य की ताज़ा दर विभाग की साइट से लेकर Custom में डालें, ख़ासकर तब जब सूची की तारीख़ पुरानी लगे।

सुविधाजनक नकद योजना

शुल्क रजिस्ट्री के समय देना होता है और आमतौर पर होम लोन में शामिल नहीं होता। इसलिए इसे अपनी बचत से देने की योजना पहले बना लें। यह जानकारी सामान्य है; बैंक की नीति अलग हो सकती है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "दर सब जगह एक जैसी होती है" मान लेना: हर राज्य की दर, छूट और ऊपरी सीमा अलग होती है।
  • सिर्फ़ stamp duty गिनना: registration fee अलग से लगती है और कुछ राज्यों (जैसे इस calculator में Madhya Pradesh के लिए रखी गई दर) में काफ़ी ऊँची हो सकती है।
  • सौदे की क़ीमत और circle rate में फ़र्क़ न समझना: कम क़ीमत पर रजिस्ट्री करवाने की कोशिश कानूनी जोखिम पैदा कर सकती है। हमेशा सही और पूरी क़ीमत पर वैध रजिस्ट्री कराएँ।
  • पुरानी दर पर भरोसा: राज्य सरकारें बजट या अधिसूचना से दरें बदलती हैं। पेज पर दी तारीख़ ज़रूर देखें।
  • महिला छूट को पक्का मान लेना: कई जगह यह छूट शर्तों के साथ होती है, जैसे प्रॉपर्टी की क़ीमत की सीमा या केवल एकल नाम। calculator में कुछ राज्यों के लिए इसे "विवादित" बताया गया है।
  • लागत में यही दो शुल्क समझ लेना: GST, ब्रोकरेज, कानूनी सलाह, सोसायटी और बिजली-पानी के कनेक्शन जैसे खर्च अलग हैं।
  • Slab के किनारे पर चौंकना: क़ीमत थोड़ी ऊपर-नीचे होने पर शुल्क में बड़ा अंतर दिख सकता है, जैसा ऊपर उदाहरण में दिखा।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है
  • Stamp duty = प्रॉपर्टी की क़ीमत × stamp duty %। राज्य और ख़रीदार के अनुसार प्रतिशत बदलता है। कई राज्यों में stamp duty के साथ उपकर, surcharge या transfer duty जैसे हिस्से अलग से होते हैं, पर calculator इन्हें जोड़कर एक कुल प्रतिशत की तरह लेता है।
  • Slab वाले राज्य (जैसे Karnataka): क़ीमत जिस slab में आती है, उसी slab की दर पूरी क़ीमत पर लगाई जाती है। यह calculator की एक मान्यता है, क्योंकि अलग-अलग जगह इसमें मतभेद मिलता है। कुछ व्यवस्थाओं में हर slab की दर सिर्फ़ उसी slab के भीतर के हिस्से पर लगती है (marginal)। असली तरीका राज्य के विभाग से पूछें।
  • Registration fee = प्रॉपर्टी की क़ीमत × registration %, और अगर राज्य में ऊपरी सीमा हो तो उससे ज़्यादा नहीं।
  • कुल शुल्क = Stamp duty + Registration fee, और कुल लागत = प्रॉपर्टी की क़ीमत + कुल शुल्क।

इसमें वकील की फ़ीस, ब्रोकरेज, GST (अगर निर्माणाधीन प्रॉपर्टी पर लागू हो), सोसायटी ट्रांसफर शुल्क या दूसरे खर्च शामिल नहीं हैं।

एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए बेंगलुरु में काम करने वाले एक दंपति, अंकिता और राजेश, ₹60 लाख का फ्लैट ख़रीदना चाहते हैं। वे Karnataka चुनते हैं। calculator में Karnataka के लिए slab और दरें इस तरह रखी गई हैं: ₹20 लाख तक 2%, ₹20 से 45 लाख तक 3%, ₹45 लाख से ऊपर 5%, और registration 2%। (ये दरें इस calculator में संकेत के लिए मानी गई हैं, असल दर विभाग से जाँचें।)

  • ₹60 लाख ₹45 लाख से ऊपर है, इसलिए 5% लगा।
  • Stamp duty = 60,00,000 × 5% = ₹3,00,000
  • Registration fee = 60,00,000 × 2% = ₹1,20,000
  • कुल शुल्क = ₹4,20,000, जो क़ीमत का 7% है।
  • कुल लागत = ₹64,20,000

Slab का असर: यह calculator पूरी क़ीमत पर slab की दर लगाता है, इसलिए एक रुपये का भी फ़र्क़ बड़ा अंतर कर सकता है। ₹45,00,000 पर 3% के हिसाब से stamp duty ₹1,35,000 होगी, जबकि ₹45,10,000 पर 5% के हिसाब से ₹2,25,500 हो जाएगी, यानी ₹10,000 की क़ीमत बढ़ने पर शुल्क लगभग ₹90,500 बढ़ गया। अगर किसी राज्य में marginal तरीका चलता हो, तो ₹60 लाख पर stamp duty सिर्फ़ ₹1,90,000 होती (2% पहले 20 लाख पर, 3% अगले 25 लाख पर और 5% बाकी 15 लाख पर)। इसलिए इस बात की जाँच ज़रूर करें।

दूसरा उदाहरण, ख़रीदार बदलकर: Delhi चुनकर ₹1 करोड़ की प्रॉपर्टी देखें। calculator में Delhi के लिए पुरुष 6%, महिला 4% और संयुक्त 5% माना गया है, साथ में 1% registration। तब stamp duty क्रमशः ₹6,00,000, ₹4,00,000 और ₹5,00,000 बनती है, registration हर बार ₹1,00,000, और कुल शुल्क ₹7,00,000, ₹5,00,000 और ₹6,00,000। यानी ख़रीदार-प्रकार से ₹2 लाख तक का अंतर दिख सकता है।

तीसरा, ऊपरी सीमा का असर: Maharashtra (Mumbai) में ₹80 लाख पर 6% stamp duty = ₹4,80,000, और registration 1% = ₹80,000 होती है, पर calculator ₹30,000 की सीमा लगाता है। तब कुल शुल्क ₹5,10,000।

उदाहरण: ये सभी आँकड़े केवल समझाने के लिए हैं और calculator की मानी हुई दरों पर आधारित हैं। असली दरें, छूट और नियम आपके राज्य और तारीख़ के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • राज्य-वार दरें द्वितीयक स्रोतों से ली गई हैं और अलग-अलग स्रोतों में मतभेद है, इसलिए नतीजे केवल संकेत हैं।
  • यह नहीं बताता कि आपकी प्रॉपर्टी पर कौन-सी विशेष छूट, शहर या नगर-निगम के अलग उपकर या ग्रामीण-शहरी अंतर लागू होता है। उदाहरण के लिए पेज खुद बताता है कि एक ही राज्य में अलग शहरों की दरें अलग हो सकती हैं।
  • यह सिर्फ़ आवासीय ख़रीद का अंदाज़ा देता है। किराए पर देने, उपहार, विरासत या वाणिज्यिक प्रॉपर्टी के लिए अलग दरें होती हैं।
  • इसमें डिजिटल भुगतान, ई-स्टांपिंग शुल्क, दस्तावेज़ों की नकल या अन्य छोटे सरकारी शुल्क शामिल नहीं हैं।
  • यह आयकर में किसी छूट या कटौती का हिसाब नहीं करता। नियम बदलते हैं, इसलिए Income Tax Department की ताज़ा जानकारी देखें।
  • Slab के तरीके (पूरी क़ीमत बनाम marginal) के बारे में एक मान्यता ली गई है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Home Loan EMI Calculator: घर का लोन लेने पर किस्त का अंदाज़ा पाने के लिए।
  • Home Loan Eligibility Calculator: आपकी आमदनी पर कितना लोन मिल सकता है, यह देखने के लिए।
  • Home Loan Affordability Calculator: अपने बजट में कितनी क़ीमत का घर सही बैठता है, यह जानने के लिए।
  • Rent vs Buy Calculator: घर ख़रीदने या किराए पर रहने की तुलना के लिए।
  • Home Loan Tax Benefit Calculator: होम लोन पर मिल सकने वाले कर लाभ का अंदाज़ा देखने के लिए।
  • Rental Yield Calculator: निवेश के लिए ख़रीदी प्रॉपर्टी की किराया-कमाई समझने के लिए।

आख़िर में

घर ख़रीदना ज़िंदगी के सबसे बड़े वित्तीय फ़ैसलों में से एक होता है और stamp duty इसकी लागत का एक पक्का हिस्सा है। यह calculator आपको पहले से एक मोटा अंदाज़ा देता है ताकि रजिस्ट्री के दिन चौंकना न पड़े। अंतिम रकम हमेशा राज्य के आधिकारिक विभाग या sub-registrar से तय करवाएँ।

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, यह निवेश, कर, कानूनी या किसी भी तरह की व्यक्तिगत सलाह नहीं है।

6 काम की बातें याद रखें

1
राज्य की ताज़ा दर पोर्टल से देखें

दरें और छूट सरकार बदलती रहती है। पेज की संख्याएँ संकेत हैं; अंतिम रकम सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर या राज्य पोर्टल से पक्की करें।

2
Circle rate भी देखें

कई जगह duty सौदे की क़ीमत और सरकारी मूल्य में से जो ज़्यादा हो उस पर लगती है। इसलिए दोनों से मिलान करें।

3
ख़रीदार का प्रकार बदलकर तुलना करें

पेज तीनों प्रकार की तालिका साथ दिखाता है। पर रजिस्ट्री का नाम सिर्फ़ कर बचाने के लिए तय न करें; स्वामित्व और क़ानूनी असर भी सोचें।

4
बजट में duty को पहले जोड़ें

घर की क़ीमत के अलावा duty, फ़र्नीचर और अन्य खर्च जोड़कर कुल बजट बनाएँ, तब down payment तय करें।

5
Slab की सीमा के पास सावधान

जहाँ slab पूरी क़ीमत पर लगते हैं, वहाँ सीमा पार करते ही duty में बड़ा उछाल आ सकता है। अपने राज्य का नियम पक्का करें।

6
Custom में पूरा नियम भरें

अपने राज्य की सूची में कमी हो तो Custom में stamp duty, registration और सीमा सब भरें, ताकि नतीजा आपके नियम जैसा बने।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Stamp duty प्रॉपर्टी के दस्तावेज़ पर राज्य सरकार को दिया जाने वाला शुल्क है और registration fee रजिस्ट्री दर्ज कराने का शुल्क। दोनों आम तौर पर प्रॉपर्टी की क़ीमत के प्रतिशत में लगते हैं, पर दरें राज्य के हिसाब से अलग होती हैं और कुछ राज्यों में registration fee की ऊपरी सीमा भी होती है।

कुछ राज्यों में महिला या संयुक्त ख़रीदार के लिए दर कम बताई जाती है (जैसे दिल्ली, हरियाणा), जबकि कई राज्यों में कोई अलग दर नहीं है। इस calculator में सिर्फ़ वहीं अलग दर लगाई गई है जहाँ हमारे स्रोतों में उसका ज़िक्र है, और कुछ जगह स्रोतों में मतभेद है, इसलिए सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पुष्टि करें।

कई राज्यों में शुल्क सौदे की क़ीमत और circle rate / गाइडलाइन वैल्यू में से जो ज़्यादा हो उस पर लगता है। इस calculator में आप जो प्रॉपर्टी वैल्यू डालते हैं उसी पर गणना होती है, इसलिए सही मूल्य के लिए अपने सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर या राज्य की वेबसाइट देखें।

राज्य में "Custom (enter %)" चुनें और अपने राज्य की stamp duty और registration fee का प्रतिशत (और ज़रूरत हो तो registration की ऊपरी सीमा) ख़ुद डालें। दरें राज्य की आधिकारिक stamps & registration वेबसाइट या सब-रजिस्ट्रार दफ़्तर से पक्की कर लें।

पेज में registration fee 1% है, पर ऊपर से ₹30,000 की सीमा रखी गई है। इसलिए बड़ी क़ीमत पर भी fee ₹30,000 से ऊपर नहीं जाती।

पेज में slab के हिसाब से एक दर चुनी जाती है और वह पूरी क़ीमत पर लगती है। इसलिए ₹45 लाख से ऊपर जाते ही पूरी क़ीमत पर 5% लगता है।

कि इस राज्य की कुछ बातों (जैसे महिला की छूट या cess) पर अलग-अलग स्रोत अलग बताते हैं। ऐसे में आधिकारिक दफ़्तर से पक्का करना और ज़रूरी है।

तब कोई सीमा नहीं मानी जाती और registration fee क़ीमत का पूरा प्रतिशत होती है।

क्योंकि उस राज्य में पेज में अलग दर दर्ज नहीं है। तब पेज सामान्य दर लगाकर बताता है कि ख़रीदार-प्रकार के लिए अलग दर सूचीबद्ध नहीं है।

पेज में UP में महिला के लिए कम दर सिर्फ़ ₹1 करोड़ तक की प्रॉपर्टी पर लगती है, उससे ऊपर सामान्य दर। पेज के नोट देखें और असली नियम जाँचें।

नहीं। कुल लागत = प्रॉपर्टी की क़ीमत + stamp duty + registration fee। लोन का ख़र्च अलग calculator में देखें।

नहीं। ये खर्च अलग हैं और इस पेज में नहीं गिने गए। अपने बजट में अलग से जोड़ें।

कई जगह duty दस्तावेज़ और राज्य के नियम पर बनती है, ख़रीद-बिक्री पर लगती है। पेज इसमें भेद नहीं करता, इसलिए अपने मामले में जाँच लें।

पेज के हिसाब से संयुक्त (पुरुष + महिला) की अलग दर दर्ज हो तो वही लगती है। सह-स्वामित्व के क़ानूनी असर के लिए वकील/रजिस्ट्रार से सलाह लें।

सिर्फ़ उतना जितना राज्य की दर में पेज ने शामिल किया है (जैसे metro cess)। स्थानीय बारीकियाँ और बदलाव छूट सकते हैं।

नहीं। पेज सिर्फ़ प्रॉपर्टी ख़रीद की stamp duty और registration fee का अनुमान देता है।

नहीं, सूची सीमित है। बाक़ी के लिए Custom चुनकर अपने राज्य की दर ख़ुद डालें।

नहीं। यह शिक्षा के लिए अनुमान है। रजिस्ट्री से पहले राज्य के आधिकारिक स्रोत या वकील से पक्का कर लें।

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