पैसे की समय-क़ीमत

Time Value of Money Calculator

आज के पैसे की भविष्य में क़ीमत, भविष्य के लक्ष्य के लिए आज कितना चाहिए, हर अवधि की किस्त, ज़रूरी रिटर्न या कितना समय लगेगा - एक ही calculator से निकालिए।

  • FV, PV, PMT, दर या समय
  • पाँच में से एक अज्ञात चुनें
  • किस्त शुरुआत या अंत में
  • सालाना से मासिक चक्रवृद्धि
  • रकम की बढ़त का ग्राफ़
  • कुल जमा बनाम कमाई
आशुग्या की सलाहआज के पैसे की क़ीमत भविष्य में अलग होती है - रिटर्न की दर और समय ही फ़र्क़ बनाते हैं।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

Time value of money क्या है?

  • आज का ₹1 भविष्य के ₹1 से ज़्यादा क़ीमती है, क्योंकि आज के पैसे को निवेश करके बढ़ाया जा सकता है। इसी विचार से भविष्य की क़ीमत (FV) और वर्तमान क़ीमत (PV) निकलती हैं।
  • इस calculator में पाँच में से कोई एक चीज़ निकाली जा सकती है - FV, PV, हर अवधि की किस्त (PMT), रिटर्न की दर या अवधि। जो निकालनी है उसे चुनें, बाक़ी भरें।
  • चक्रवृद्धि की बारंबारता (सालाना, छमाही, तिमाही या मासिक) और किस्त अवधि के अंत में है या शुरुआत में - दोनों नतीजे को थोड़ा बदलते हैं। शुरुआत में किस्त डालने पर थोड़ा ज़्यादा मिलता है।
  • सारी रकमें धनात्मक में डालें: PV आज की रकम, PMT हर अवधि जमा की रकम, FV भविष्य की रकम। रिटर्न स्थिर माना गया है, जो असल में नहीं होता।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

FV = PV × (1 + i)^n + PMT × [((1 + i)^n - 1) ÷ i] × (1 + i if payments are at the start), where i = annual rate ÷ periods per year and n = years × periods per year. The chosen unknown is solved from this equation (directly, or by bisection for rate and period).

FV = PV × (1 + i)^n + PMT × [((1 + i)^n - 1) ÷ i] × (किस्त शुरुआत में हो तो (1 + i)), जहाँ i = सालाना दर ÷ साल में अवधियाँ और n = वर्ष × साल में अवधियाँ। चुनी हुई अज्ञात चीज़ इसी समीकरण से निकलती है (दर और अवधि के लिए bisection से)।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 10 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Illustrative calculation assuming a constant rate of return. Actual returns vary and are not guaranteed; taxes and inflation are not included. Not financial advice. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह स्थिर रिटर्न मानकर बनाया उदाहरण-स्वरूप हिसाब है। असली रिटर्न बदलता है और गारंटीशुदा नहीं है; टैक्स और महँगाई शामिल नहीं हैं। यह वित्तीय सलाह नहीं है। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • आज का ₹1 और भविष्य का ₹1 बराबर नहीं होते, क्योंकि पैसा लगाने पर बढ़ सकता है। यह पेज उसी रिश्ते का हिसाब है।
  • पाँच चीज़ें आपस में जुड़ी हैं: आज की रकम (PV), किस्त (PMT), भविष्य की रकम (FV), दर और समय। इनमें से जो चाहें वह निकालिए।
  • किस्त अवधि की शुरुआत में जमा हो तो वह थोड़ा और बढ़ती है; चक्रवृद्धि जितनी बार, नतीजा उतना ऊँचा।
  • दर यहाँ स्थिर और उदाहरण मानी गई है। असली रिटर्न बदलता है और गारंटीशुदा नहीं है; टैक्स और महँगाई शामिल नहीं हैं।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

अनीता: भविष्य की रकम निकालना (FV)

अनीता के पास आज ₹1,00,000 हैं और वह हर महीने ₹5,000 जोड़ेगी। 10% सालाना की उदाहरण-दर, मासिक चक्रवृद्धि, 10 साल, किस्त अवधि के अंत में।

कुल जमा (PV + सारी किस्तें)
₹7,00,000
भविष्य की रकम (FV)
लगभग ₹12,94,929
रिटर्न से कमाई
लगभग ₹5,94,929
किस्त शुरुआत में हो तो FV
लगभग ₹13,03,464

जमा रकम ₹7 लाख थी, पर 10 साल में लगभग ₹12.95 लाख बना। किस्त महीने की शुरुआत में देने से भी लगभग ₹8,500 और जुड़े। यह पेज का डिफ़ॉल्ट उदाहरण है।

विजय: आज कितना चाहिए (PV)

विजय को 10 साल बाद ₹10,00,000 चाहिए। वह एकमुश्त रकम लगाना चाहता है, कोई किस्त नहीं। 8% सालाना की उदाहरण-दर, सालाना चक्रवृद्धि।

लक्ष्य (FV)
₹10,00,000
अवधि
10 वर्ष
आज की ज़रूरी रकम (PV)
लगभग ₹4,63,193
कमाई का हिस्सा
लगभग ₹5,36,807

आज के लगभग ₹4.63 लाख 8% की स्थिर दर पर 10 साल में ₹10 लाख बनते। दर 6% रहती तो यही लक्ष्य ज़्यादा रकम माँगता, 10% रहती तो कम।

सीमा: हर महीने कितनी किस्त (PMT)

सीमा को 15 साल में ₹50,00,000 चाहिए, आज कुछ नहीं है। 10% सालाना की उदाहरण-दर, मासिक चक्रवृद्धि, किस्त अवधि के अंत में।

लक्ष्य (FV)
₹50,00,000
अवधि
15 वर्ष (180 किस्तें)
हर महीने की किस्त (PMT)
लगभग ₹12,064
कुल जमा
लगभग ₹21.71 लाख
रिटर्न से कमाई
लगभग ₹28.29 लाख

लक्ष्य की आधी से कम रकम अपनी जेब से जाती है; बाक़ी कल्पित दर पर निर्भर है। दर 8% रहे तो किस्त लगभग ₹14,449 बैठती है, यानी अनुमानित दर बदलने से किस्त बहुत बदल जाती है।

₹10,00,000 की आज की क़ीमत, 10 साल बाद मिलने पर (सालाना चक्रवृद्धि, उदाहरण-दरें)

₹10,00,000 की आज की क़ीमत, 10 साल बाद मिलने पर (सालाना चक्रवृद्धि, उदाहरण-दरें)
मान ली गई दरआज की क़ीमत (PV)यानी 10 लाख का कितना हिस्सा
6%₹5,58,395लगभग 55.8%
8%₹4,63,193लगभग 46.3%
10%₹3,85,543लगभग 38.6%
12%₹3,21,973लगभग 32.2%

दर जितनी ऊँची मानेंगे, भविष्य के पैसे की आज की क़ीमत उतनी कम होगी। दरें सिर्फ़ उदाहरण हैं।

चक्रवृद्धि की आवृत्ति का असर (₹1,00,000, 10% सालाना, 10 साल, कोई किस्त नहीं)

चक्रवृद्धि की आवृत्ति का असर (₹1,00,000, 10% सालाना, 10 साल, कोई किस्त नहीं)
चक्रवृद्धिFV (≈ ₹)सालाना की तुलना में अतिरिक्त
सालाना2,59,3740
छमाही2,65,3305,956
तिमाही2,68,5069,132
मासिक2,70,70411,330

दर वही 10% नाममात्र है; सिर्फ़ चक्रवृद्धि की बारंबारता बदली है। असली स्कीम में तरीक़ा उसके नियम से तय होता है।

त्वरित संदर्भ: TVM के पाँच पुर्ज़े

त्वरित संदर्भ: TVM के पाँच पुर्ज़े
PV (आज की रकम)आज जो रकम आपके पास है या आज की क़ीमत में गिनी जा रही है।
PMT (किस्त)हर अवधि में एक-सी जमा होने वाली रकम; इस पेज में बराबर किस्तें मानी गई हैं।
FV (भविष्य की रकम)अंत में बनने वाली या चाहिए वाली रकम।
दरसालाना नाममात्र दर; अवधि की दर = सालाना दर ÷ साल में अवधियाँ।
अवधियाँ (n)वर्ष × साल में अवधियाँ। मासिक पर 10 साल = 120 अवधियाँ।
सूत्र (अंत में किस्त)FV = PV × (1+i)^n + PMT × [((1+i)^n − 1) ÷ i]
किस्त शुरुआत मेंकिस्त वाला हिस्सा (1 + i) से गुणा हो जाता है, यानी हर किस्त को एक अवधि ज़्यादा बढ़ने का समय मिलता है।
इस पेज में क्या नहींटैक्स, महँगाई, बदलती दर, अलग-अलग आकार की किस्तें और शुल्क।

Time Value of Money Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

अगर आपसे कहा जाए कि आज ₹1 लाख ले लीजिए या पाँच साल बाद ₹1 लाख, तो ज़्यादातर लोग आज वाला चुनेंगे। वजह सीधी है: आज का पैसा निवेश होकर बढ़ सकता है, जबकि बाद में मिलने वाले पैसे की क़ीमत महँगाई की वजह से घट सकती है। इसी विचार को Time Value of Money, यानी पैसे का समय-मूल्य, कहते हैं। वित्त की लगभग हर गणना, चाहे SIP हो, EMI हो, रिटायरमेंट corpus हो या बीमा, इसी विचार पर बनी है।

यह calculator इस विचार का एक आम औज़ार है। इसमें पाँच चीज़ें आपस में जुड़ी हैं: आज की रकम (PV), हर अवधि की किस्त (PMT), भविष्य की रकम (FV), रिटर्न की दर और अवधि। आप चुनते हैं कि इनमें से कौन-सी चीज़ निकालनी है और बाक़ी चार भरते हैं। calculator पाँचवीं निकाल देता है। यानी एक ही पन्ने पर पाँच अलग सवाल हल हो सकते हैं: भविष्य में कितना होगा, लक्ष्य के लिए आज कितना चाहिए, हर महीने कितना डालना होगा, किस दर की ज़रूरत पड़ेगी, या कितना समय लगेगा।

किसके काम का है

  • विद्यार्थी, जो FV, PV, PMT जैसे शब्दों को संख्याओं से समझना चाहते हैं।
  • जिनके पास कोई तय लक्ष्य है: जैसे पाँच साल में गाड़ी, दस साल में बच्चे की पढ़ाई। वे जानना चाहते हैं कि हर महीने कितना डालना होगा।
  • निवेशक, जो जानना चाहते हैं कि उनके पास पहले से जो रकम है वह किस दर पर कितने साल में लक्ष्य तक पहुँचेगी।
  • शिक्षक और प्रशिक्षक, जो कक्षा में compounding और annuity का प्रदर्शन करना चाहते हैं।
  • सौदे की जाँच करने वाले लोग: कोई कहे कि "इतना जमा करो और इतना मिलेगा", तो वे जाँच सकते हैं कि इस वादे में कौन-सी दर छिपी है।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पन्ने पर सबसे ऊपर एक चुनाव है क्या निकालना है? इसके पाँच विकल्प हैं: भविष्य की क़ीमत (FV), आज की रकम (PV), हर अवधि की किस्त (PMT), रिटर्न की दर, और कितना समय लगेगा। जिस चीज़ को निकालने के लिए चुना जाए, उसका इनपुट खाना अपने आप छिप जाता है, ताकि आप उसे भरने की ग़लती न करें। बाक़ी खाने ये हैं।

  • आज की रकम, PV (₹): जो रकम अभी लगाई जा रही है। शुरुआती ₹1,00,000।
  • हर अवधि की किस्त, PMT (₹): नियमित किस्त। शुरुआती ₹5,000।
  • भविष्य की रकम, FV (₹): जो रकम चाहिए। शुरुआती ₹20,00,000।
  • रिटर्न की दर (% सालाना): 0 से 30 तक, शुरुआती 10। यह आपकी मान्यता है।
  • अवधि (वर्ष): 0.5 से 50 वर्ष, आधे वर्ष के कदम में। शुरुआती 10।
  • चक्रवृद्धि और किस्त कितनी बार: सालाना, छमाही, तिमाही या मासिक। शुरुआती मासिक।
  • किस्त कब जमा होती है: अवधि के अंत में या अवधि की शुरुआत में।

सभी रकमें धनात्मक में डालें। नोट में भी यही लिखा है कि रकमें धनात्मक हों, और रिटर्न स्थिर माना गया है।

ध्यान दें: चक्रवृद्धि और किस्त की बारंबारता एक ही चुनाव है। मासिक चुनने पर रिटर्न की दर भी महीने के हिसाब से लगती है और किस्त हर महीने जाती है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर उसी चीज़ का नाम और मान दिखता है जिसे आपने निकालने के लिए चुना: FV हो तो रकम, दर हो तो प्रतिशत, समय हो तो वर्ष। उसके नीचे सात पंक्तियाँ आपके सभी आँकड़ों का पूरा चित्र देती हैं:

  1. आज की रकम (PV)
  2. हर अवधि की किस्त (PMT)
  3. भविष्य की रकम (FV)
  4. रिटर्न की दर
  5. अवधि
  6. कुल जमा: PV + सारी किस्तें।
  7. रिटर्न से कमाई: FV − कुल जमा। हरा रंग लाभ में, लाल हानि में।

नीचे का चार्ट दो रेखाएँ दिखाता है: बैलेंस (नीली, ऊपर चढ़ती) और कुल जमा (भूरी, बिंदीदार)। दोनों के बीच की दूरी ही compounding की कमाई है। शुरू में दोनों लगभग साथ चलती हैं और बाद में फैलती जाती हैं।

अगर इनपुट ऐसे हों कि हल निकल ही न सके, मसलन FV कुल जमा से कम और दर निकालनी हो, तो चेतावनी आती है। ऐसे ही अगर PV और PMT दोनों शून्य हों, या FV शून्य हो जबकि आपको कुछ और निकालना हो, तो उसकी भी चेतावनी आती है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • लक्ष्य से उलटा सोचें: पहले FV चुनकर लक्ष्य रकम डालें और PMT निकलवाएँ। फिर अवधि और दर बदलकर देखें कि किस्त कितनी घट-बढ़ती है।
  • तीन अलग दरों पर चलाएँ: 8%, 10% और 12%। जो योजना सबसे कम दर पर भी चलती है, वह ज़्यादा मज़बूत है।
  • दर निकालने वाला विकल्प 'ईमानदारी जाँच' के रूप में लें: अगर आपको किसी स्कीम में कहा गया हो कि "इतना डालो, इतना मिलेगा", तो सारे आँकड़े डालकर देखें कि वादे के पीछे कौन-सी दर छिपी है। अगर बहुत ऊँची दर निकले तो सावधान हो जाएँ।
  • अवधि के आख़िर बनाम शुरुआत: दोनों चलाकर देखें कि किस्त का समय कितना फ़र्क लाता है।
  • दो पहलू मिलाएँ: निकले हुए FV को Inflation Calculator से आज की क़ीमत में बदलकर देखें, और बाक़ी विस्तृत गणनाओं के लिए SIP Calculator, Lumpsum Calculator या Goal SIP Calculator का साथ लें।
  • लोन पर भी लगाएँ: EMI वाली बात भी इसी सूत्र का उलटा रूप है, जिसे EMI Calculator सीधे निकालता है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • बारंबारता और किस्त के अंतराल को अलग समझना: यहाँ दोनों एक ही चुनाव हैं। अगर किस्त मासिक है तो मासिक चुनें, वरना गणना असली से अलग आएगी।
  • दर को मासिक रूप में डाल देना: दर हमेशा सालाना डालें। मासिक रूप में बदलने का काम calculator करता है।
  • PV और PMT दोनों शून्य रखना: तब दर या समय निकल ही नहीं सकता।
  • FV को आज की क़ीमत मान लेना: FV भविष्य की रकम है। महँगाई घटाने पर उसकी ख़रीदने की ताक़त कम होगी।
  • ऋणात्मक रकमें डालना: यह calculator रकमें धनात्मक में माँगता है। भुगतान और प्राप्ति के चिह्न का फ़र्क यहाँ नहीं करना है।
  • ऊँची दर को लक्ष्य मानना: जब दर निकालने पर 20% से ऊपर की संख्या आए तो इसका मतलब लक्ष्य या अवधि अव्यावहारिक है, न कि आपको ऐसा रिटर्न मिलेगा।
  • सोचना कि इसमें कर शामिल है: नहीं है, जैसा नोट में लिखा है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

मान लें अवधि-दर i = सालाना दर ÷ 100 ÷ बारंबारता, और अवधियों की संख्या n = वर्ष × बारंबारता।

  • FV = PV × (1 + i)^n + PMT × [((1 + i)^n − 1) ÷ i]। अगर किस्त शुरुआत में जाती है तो किस्त वाला हिस्सा (1 + i) से गुणा हो जाता है।
  • PV = (FV − किस्तों का भविष्य-मूल्य) ÷ (1 + i)^n।
  • PMT = (FV − PV का भविष्य-मूल्य) ÷ [((1 + i)^n − 1) ÷ i]।
  • दर और समय का कोई सीधा सूत्र नहीं होता, इसलिए calculator बार-बार अनुमान आधा करता हुआ सही मान तक पहुँचता है (bisection)। दर के लिए खोज-सीमा तय है, और अगर लक्ष्य उस सीमा में न आए तो हल नहीं निकलता।
  • दर शून्य हो तो FV = PV + PMT × n।

इस calculator में माना गया है कि दर स्थिर है, किस्त हर अवधि में बराबर है, और कर, महँगाई या शुल्क नहीं घटाए गए। जब आप "अवधि के अंत में" चुनते हैं तो सूत्र वही है जिसे वित्त की भाषा में ordinary annuity कहते हैं, और "शुरुआत में" चुनने पर annuity due।

एक पूरा उदाहरण

इसे पाँच अलग सवालों से समझते हैं। सभी में मान लें कि रिटर्न स्थिर है (यह केवल मान्यता है)।

1. भविष्य की क़ीमत (FV)

एक स्नातक विद्यार्थी के पास ₹50,000 हैं और वह हर महीने ₹3,000 जोड़ती है। रिटर्न 9% सालाना, मासिक चक्रवृद्धि, 8 साल, किस्त महीने के अंत में। कुल जमा = 50,000 + 3,000 × 96 = ₹3,38,000। FV लगभग ₹5,22,015। रिटर्न से कमाई लगभग ₹1,84,015। अगर किस्त महीने की शुरुआत में जाए, तो FV लगभग ₹5,25,161 हो जाता है, यानी हर किस्त को एक महीना अतिरिक्त मिलने का छोटा-सा फ़ायदा।

2. आज की रकम (PV)

किसी को 7 साल बाद ₹10,00,000 चाहिए और बीच में कोई किस्त नहीं। सालाना चक्रवृद्धि पर 8% मानें तो आज लगभग ₹5,83,490 चाहिए। वही 8% मासिक चक्रवृद्धि पर लगभग ₹5,72,272। दूसरा उदाहरण: 15 लाख का लक्ष्य, 10 साल में, हर महीने ₹4,000 की किस्त के साथ और 9% पर, तो आज की रकम लगभग ₹2.96 लाख चाहिए।

3. किस्त (PMT)

एक दुकानदार के पास आज ₹1,00,000 हैं और उसे 7 साल में ₹20,00,000 चाहिए। रिटर्न 10% सालाना, मासिक चक्रवृद्धि। किस्त महीने के अंत में जाए तो हर महीने लगभग ₹14,876 चाहिए। शुरुआत में जाए तो लगभग ₹14,753।

4. रिटर्न की दर

किसी के पास ₹2,00,000 हैं, हर महीने ₹5,000 डालता है और 10 साल बाद ₹20,00,000 चाहता है। सवाल: किस सालाना दर की ज़रूरत है? जवाब लगभग 13.35%। यह जानना काम का है, क्योंकि ऐसी दर पाने की संभावना और जोखिम पर अलग से सोचना पड़ेगा। अगर वह दर आपके लिए ज़्यादा लगे, तो किस्त या अवधि बढ़ाएँ।

5. कितना समय लगेगा

किसी के पास ₹1,00,000 हैं, हर महीने ₹10,000 डालता है, और ₹25,00,000 चाहता है। रिटर्न 12% सालाना, मासिक। जवाब लगभग 116.3 महीने, यानी लगभग 9.7 वर्ष।

पन्ने की शुरुआती संख्याएँ (₹1 लाख, ₹5,000 मासिक, 10%, 10 साल, मासिक) देने पर FV लगभग ₹12.95 लाख आता है जबकि कुल जमा ₹7 लाख है। यानी कमाई लगभग ₹5.95 लाख। ये सब मान लिए गए आँकड़े हैं, असल रिटर्न अलग होंगे।

उदाहरण: बारंबारता सालाना से मासिक करने पर नतीजा थोड़ा बदलता है। 9 साल के लिए ₹1 लाख पर 8% की सालाना चक्रवृद्धि ₹1.99 लाख देती है, जबकि मासिक चक्रवृद्धि ₹2.05 लाख।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता

यह स्थिर दर और बराबर किस्त मानता है। असल में दरें बदलती हैं, किस्तें घटती-बढ़ती हैं और पैसा बीच में निकाला भी जाता है। इसमें कर, महँगाई, शुल्क और जोखिम शामिल नहीं हैं। किस्त की रकम समय के साथ बढ़ाने (step-up) या अनियमित निवेश-तारीख़ों का विकल्प यहाँ नहीं है, इसके लिए अन्य औज़ार देखें। दर और समय वाले हल अनुमानित तरीक़े से निकलते हैं, इसलिए मामूली अंतर संभव है, और कुछ संयोजनों में हल मौजूद ही नहीं होता। नतीजा केवल सीखने और अंदाज़े के लिए है, भविष्य की गारंटी नहीं।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • SIP Calculator — मासिक किस्त पर भविष्य की क़ीमत
  • Goal SIP Calculator — लक्ष्य से SIP निकालने के लिए
  • Compound Interest Calculator — चक्रवृद्धि ब्याज का सीधा हिसाब
  • CAGR Calculator — शुरू और अंत की रकम से सालाना दर
  • Inflation Calculator — भविष्य की रकम की आज की क़ीमत
  • Financial Calculator — और विस्तृत वित्तीय गणनाएँ

यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं।

6 काम की बातें याद रखें

1
एक बार में एक ही चीज़ निकालें

ऊपर के चुनाव से जो अज्ञात है उसे चुनें; बाक़ी चार जानकारी भरें। जो चुनी गई है उसका बॉक्स अपने आप छिप जाता है।

2
दर को सँभलकर मानें

भविष्य की दर किसी के हाथ में नहीं है। लक्ष्य की योजना कम और ज़्यादा दो दरों पर देखें।

3
लक्ष्य को महँगाई से जोड़ें

आज के ₹50 लाख और 15 साल बाद के ₹50 लाख की ख़रीदने की ताक़त अलग होगी। इसलिए FV चुनते समय महँगाई का अंदाज़ा भी जोड़ें।

4
किस्त के समय का फ़र्क़ देखें

अपनी असली स्कीम में किस्त महीने के शुरू में कटती है या अंत में, यह देखकर चुनाव सही रखें।

5
नतीजे को कर से पहले का मानें

दिखाई गई कमाई टैक्स से पहले की है। असली हाथ में आने वाली रकम कम हो सकती है।

6
लंबी अवधि में छोटा बदलाव भी बड़ा

दर में 1-2% का फ़र्क़ या कुछ साल की देरी अंतिम रकम को काफ़ी बदल देती है। स्लाइडर हिलाकर यह महसूस करें।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

यह विचार कि आज का पैसा भविष्य के उसी पैसे से ज़्यादा क़ीमती है, क्योंकि आज के पैसे को निवेश कर बढ़ाया जा सकता है।

PV (present value) आज की क़ीमत है और FV (future value) भविष्य की क़ीमत। दोनों रिटर्न की दर और अवधि से जुड़े हैं।

हाँ, शुरुआत में जमा होने वाली किस्त को एक अवधि ज़्यादा रिटर्न मिलता है, इसलिए FV थोड़ा ज़्यादा आता है।

ऐसा तब होता है जब FV और जमा रकम का मेल बेतुका हो - जैसे FV कुल जमा से भी कम। तब आँकड़े जाँचें।

तब सिर्फ़ एकमुश्त रकम बढ़ेगी, जैसे किसी FD या lumpsum निवेश में। नतीजा सीधे चक्रवृद्धि का होगा।

जिस स्कीम से तुलना कर रहे हैं उसके नियम के हिसाब से। पेज में यही विकल्प किस्त की आवृत्ति भी तय करता है, इसलिए दोनों एक साथ बदलते हैं।

तब कोई कमाई नहीं होगी और FV बस जमा रकम का जोड़ रहेगा: PV + किस्तें × अवधियाँ।

सालाना नाममात्र दर है, जिसे चक्रवृद्धि की अवधियों में बाँटा जाता है। मासिक पर 10% नाममात्र का असरदार सालाना रिटर्न लगभग 10.47% बनता है।

यह रिटर्न से हुई कमाई है। वही चक्रवृद्धि का हिस्सा है जो समय के साथ बढ़ता जाता है।

तब दर नकारात्मक आएगी या हल निकलेगा ही नहीं, इसलिए पेज संदेश देता है कि FV, PV और किस्त जाँचें।

पेज बस गणित बताता है। जैसे ₹1 लाख और ₹5,000 मासिक से 10 साल में ₹20 लाख चाहिए तो लगभग 16.3% दर चाहिए, जो मान लेना जोखिम भरा है। लक्ष्य, किस्त या समय बदलकर देखें।

क्योंकि सटीक हल अवधियों की पूरी संख्या पर नहीं पड़ता। जैसे 13.18 वर्ष का मतलब लगभग 13 साल 2 महीने। असली स्कीम में किस्तें पूरी गिनती में ही जमा होती हैं।

यह जमा करके बढ़ाने का हिसाब है। EMI के लिए EMI Calculator ज़्यादा सटीक है, जिसमें कर्ज़ की किस्त और ब्याज का पूरा ब्योरा मिलता है।

नहीं। FV नाममात्र रुपये में है। महँगाई से असली ख़रीदने की ताक़त कितनी घटेगी, इसके लिए Inflation Calculator देखें।

नहीं। कमाई पर लगने वाला कर इसमें नहीं गिना गया। निवेश की क़िस्म के हिसाब से कर के नियम अलग होते हैं।

नहीं। यहाँ सारी किस्तें बराबर मानी गई हैं। बढ़ती किस्त के लिए Step-Up SIP Calculator देखें।

नहीं। यह एक सरल गणितीय मॉडल है। किसी स्कीम की असली रकम उसकी शर्तों, शुल्कों और बाज़ार पर निर्भर होती है।

नहीं, रकमें धनात्मक और बराबर किस्त वाली मानी जाती हैं। अनियमित नकदी के लिए XIRR या IRR Calculator बेहतर हैं।

जो आपने ऊपर "क्या निकालना है?" में चुना है, उसका बॉक्स छिप जाता है, क्योंकि उसका मान पेज निकालेगा।

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