सपने को संख्या दें

Goal Setting Calculator (with Inflation)

लक्ष्य की आज की क़ीमत डालें — महँगाई के बाद कितना लगेगा, और उसके लिए SIP या lumpsum कितना चाहिए।

  • आज की लागत से भविष्य की लागत
  • ज़रूरी मासिक SIP
  • या आज एकमुश्त रकम
  • अब तक की बचत घटाकर
  • लागत बनाम योजना का चार्ट
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहलक्ष्य लिखकर उसमें रकम और तारीख़ जोड़ें। बिना तारीख़ का लक्ष्य सिर्फ़ इच्छा रह जाता है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

लक्ष्य की क़ीमत महँगाई के साथ बढ़ती है

आज जो चीज़ ₹10 लाख की है, 10 साल बाद 6% महँगाई पर वह लगभग ₹17.9 लाख की होगी। इसलिए लक्ष्य तय करते समय आज की क़ीमत नहीं, भविष्य की क़ीमत देखनी चाहिए। यह calculator पहले महँगाई जोड़कर भविष्य की क़ीमत निकालता है, फिर बताता है कि उसे पाने के लिए हर महीने कितनी SIP या आज एक बार में कितनी रकम (lumpsum) लगेगी — आपकी अब तक की बचत घटाकर।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

Future cost = today's cost × (1 + inflation)^years. Your existing savings grow to savings × (1 + r)^years and the shortfall is the gap = future cost − that value. Monthly SIP = gap ÷ [((1+i)^n − 1) ÷ i × (1+i)], with i = annual return ÷ 12 ÷ 100 and n = years × 12. The one-time amount that would do the same job today = gap ÷ (1 + r)^years.

भविष्य की लागत = आज की लागत × (1 + महँगाई)^साल। आपकी मौजूदा बचत बढ़कर बचत × (1 + r)^साल हो जाती है और कमी = भविष्य की लागत − वह मूल्य। मासिक SIP = कमी ÷ [((1+i)^n − 1) ÷ i × (1+i)], जहाँ i = सालाना रिटर्न ÷ 12 ÷ 100 और n = साल × 12। यही काम आज एकमुश्त रकम से करना हो तो रकम = कमी ÷ (1 + r)^साल।

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 4 Oct 2026

Estimate only, for learning — not advice. Inflation for specific goals (education, weddings, homes) can differ a lot from general inflation, and the assumed return is not guaranteed. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। किसी ख़ास लक्ष्य (शिक्षा, शादी, घर) की महँगाई आम महँगाई से काफ़ी अलग हो सकती है, और माना हुआ रिटर्न गारंटीशुदा नहीं है। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • लक्ष्य की रकम आज की क़ीमत में नहीं, उस दिन की क़ीमत में चाहिए होगी। पहले महँगाई जोड़कर भविष्य की लागत निकलती है।
  • फिर उसमें से आपकी अब तक की बचत (जो बढ़कर बनेगी) घटाकर बची कमी निकलती है।
  • कमी पूरी करने का रास्ता दो तरह से दिखता है: हर महीने की SIP, या आज एक बार की रकम।
  • महँगाई और रिटर्न दोनों आपके अनुमान हैं। नतीजा गारंटी नहीं, योजना की शुरुआत भर है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

मीरा: ₹10 लाख का लक्ष्य, 10 साल दूर

मीरा के लक्ष्य की आज की लागत ₹10,00,000 है। महँगाई 6% और रिटर्न 12% (दोनों उदाहरण), पहले से कोई बचत नहीं।

10 साल बाद लागत
₹17,90,848
लागत में बढ़ोतरी
+₹7,90,848
ज़रूरी मासिक SIP
₹7,708
या आज एकमुश्त
₹5,76,605
SIP से कुल डालेंगे
₹9,24,949

लक्ष्य "₹10 लाख" था, पर 10 साल बाद ₹17.9 लाख चाहिए। अगर मीरा के पास पहले से ₹2 लाख की बचत हो तो SIP घटकर लगभग ₹5,034 रह जाती है।

दिनेश: घर के डाउन पेमेंट की तैयारी

दिनेश के घर के डाउन पेमेंट की आज की लागत ₹30,00,000 है, 7 साल दूर। महँगाई 7%, रिटर्न 11% (उदाहरण), पहले से ₹5,00,000 जमा।

7 साल बाद लागत
₹48,17,344
मौजूदा ₹5 लाख बढ़कर
₹10,38,080
पूरी करने वाली कमी
₹37,79,264
ज़रूरी मासिक SIP
₹29,794
या आज एकमुश्त
₹18,20,314

मौजूदा बचत लागत का लगभग पाँचवाँ हिस्सा भर देती है। बाक़ी के लिए नियमित SIP या एकमुश्त रकम चाहिए।

फ़ातिमा: छोटा और पास का लक्ष्य

फ़ातिमा को 3 साल बाद यात्रा के लिए आज के हिसाब से ₹2,00,000 चाहिए। महँगाई 5% और रिटर्न 8% (उदाहरण)।

3 साल बाद लागत
₹2,31,525
ज़रूरी मासिक SIP
₹5,674
या आज एकमुश्त
₹1,83,792
SIP से कुल डालेंगे
₹2,04,258

कम समय में रिटर्न का सहारा कम मिलता है, इसलिए ज़्यादातर रकम आपकी जेब से जाती है। पास के लक्ष्य के लिए जोखिम भरे निवेश पर निर्भर न रहें।

आज के ₹10 लाख की भविष्य की लागत (महँगाई के हिसाब से)

आज के ₹10 लाख की भविष्य की लागत (महँगाई के हिसाब से)
महँगाई5 साल बाद10 साल बाद15 साल बाद20 साल बाद
4%₹12.17 लाख₹14.80 लाख₹18.01 लाख₹21.91 लाख
6%₹13.38 लाख₹17.91 लाख₹23.97 लाख₹32.07 लाख
8%₹14.69 लाख₹21.59 लाख₹31.72 लाख₹46.61 लाख

सूत्र: आज की लागत × (1 + महँगाई)^साल। लाख में दी गई संख्याएँ दो दशमलव तक गोल की गई हैं।

₹10 लाख (भविष्य की रकम) बनाने की मासिक SIP, पहले से कोई बचत नहीं

₹10 लाख (भविष्य की रकम) बनाने की मासिक SIP, पहले से कोई बचत नहीं
अनुमानित रिटर्न5 साल10 साल15 साल20 साल
8%₹13,520₹5,430₹2,871₹1,686
10%₹12,807₹4,841₹2,393₹1,306
12%₹12,123₹4,304₹1,982₹1,001

यह तालिका भविष्य की ₹10 लाख की रकम के लिए है। असली लक्ष्य की आज की लागत डालेंगे तो पेज पहले महँगाई जोड़कर यही गणित चलाता है।

त्वरित संदर्भ: लक्ष्य, महँगाई और SIP

त्वरित संदर्भ: लक्ष्य, महँगाई और SIP
भविष्य की लागतआज की लागत × (1 + महँगाई)^साल
मौजूदा बचत का भविष्य मूल्यबचत × (1 + रिटर्न)^साल
कमीभविष्य की लागत − बचत का भविष्य मूल्य (0 से कम नहीं)
मासिक SIPकमी ÷ [((1+i)^n − 1) ÷ i × (1+i)], जहाँ i = सालाना रिटर्न ÷ 12 ÷ 100 और n = साल × 12
एकमुश्त आज की रकमकमी ÷ (1 + रिटर्न)^साल
SIP की धारणाहर महीने की शुरुआत में बराबर किस्त, पूरी अवधि में
महँगाई के लिएख़ास लक्ष्य (शिक्षा, शादी, घर) की महँगाई आम महँगाई से ऊँची या नीची हो सकती है
इस पेज में क्या नहींकर, खर्च-अनुपात, step-up SIP, रिटर्न का उतार-चढ़ाव, किस्तों में आने वाला पैसा

Goal Setting Calculator (महँगाई के साथ) क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

हम अक्सर लक्ष्य आज की क़ीमत में सोचते हैं: "बेटी की शादी के लिए ₹10 लाख चाहिए", "घर की मरम्मत में ₹5 लाख लगेंगे", "विदेश यात्रा के लिए ₹8 लाख"। पर लक्ष्य आज पूरा नहीं होता, कुछ साल बाद होता है, और तब तक चीज़ों के दाम बढ़ चुके होते हैं। Goal Setting Calculator इसी खाई को भरता है। यह एक सीधा सवाल हल करता है: "मेरे लक्ष्य की आज की क़ीमत इतनी है, महँगाई के बाद वह कितने की हो जाएगी, और उसके लिए मुझे हर महीने कितनी SIP या आज एक बार में कितनी रकम लगानी होगी?"

इसकी ख़ास बात यह है कि इसमें दो अलग दरें हैं। एक है लक्ष्य की अपनी महँगाई, जो लक्ष्य की क़ीमत को बढ़ाती है। दूसरी है आपके निवेश पर अनुमानित रिटर्न, जो आपकी बचत को बढ़ाती है। नतीजा इन दोनों की दौड़ से निकलता है। साथ ही आप यह भी डाल सकते हैं कि इस लक्ष्य के लिए आपके पास पहले से कितनी रकम जमा है, तो calculator उसे भी हिसाब में लेता है।

किसके काम का है

  • वह माता-पिता जो बच्चे की पढ़ाई, शादी या विदेश में पढ़ाई के लिए रकम जोड़ना चाहते हैं।
  • वह परिवार जो कुछ सालों में घर की मरम्मत, गाड़ी का बड़ा खर्च या बड़ा समारोह करने वाला है।
  • वह नौकरीपेशा व्यक्ति जिसने कई लक्ष्य लिख रखे हैं पर यह नहीं जानता कि हर एक के लिए अलग से कितना बचाना है।
  • वह व्यक्ति जो किसी लक्ष्य के लिए पहले से कुछ पैसा रखे बैठा है और जानना चाहता है कि वह कितना आगे तक पहुँचाएगा।
  • जो आज का आँकड़ा देखकर सोचते हैं कि "अभी बहुत कम है", और असली दबाव समझना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर पाँच slider हैं। हर एक की सीमा और शुरुआती मान कॉन्फ़िगरेशन में तय हैं:

  • आज लक्ष्य की लागत (₹): लक्ष्य की आज की क़ीमत। slider ₹10,000 से ₹10 करोड़ तक चलता है, कदम ₹10,000 का है और शुरुआती मान ₹10 लाख है। इसमें वही रकम डालिए जो आज उस चीज़ के लिए देनी पड़ती। उदाहरण के लिए कॉलेज की आज की कुल फ़ीस, या आज के भाव से समारोह का बजट।
  • लक्ष्य तक के साल: 1 से 40 साल, शुरुआती मान 10 साल। यह वह समय है जब आपको रकम चाहिए।
  • इस लक्ष्य के लिए अनुमानित महँगाई (% सालाना): 0% से 15% तक, कदम 0.5%, शुरुआत में 6%। यहाँ ध्यान दें कि हर लक्ष्य की महँगाई अलग होती है। पढ़ाई, शादी या घर की चीज़ों के दाम आम महँगाई से अलग गति से बढ़ सकते हैं।
  • निवेश पर अनुमानित रिटर्न (% सालाना): 4% से 18% तक, कदम 0.5%, शुरुआत में 12%। यह वह दर है जो आप अपने निवेश पर मान रहे हैं। यह गारंटी नहीं, सिर्फ़ मान्यता है।
  • इस लक्ष्य के लिए पहले से जमा (₹): 0 से ₹5 करोड़ तक, शुरुआती मान 0। सिर्फ़ वही रकम डालिए जो आपने इसी लक्ष्य के लिए अलग रखी है, पूरी बचत नहीं।

सही महँगाई कैसे चुनें

  • आम घरेलू खर्च के लिए पिछले कुछ सालों का अपना अनुभव देखिए।
  • पढ़ाई के लिए अपने शहर के कॉलेजों की पिछले 5-10 साल की फ़ीस बढ़त देखकर अंदाज़ा लगाइए।
  • शादी या समारोह जैसे लक्ष्य में सामग्री, जगह और सेवाओं की बढ़त अलग हो सकती है, इसलिए थोड़ा ऊँचा मान रखना सावधानी का रास्ता है।
  • 0% का मतलब है कि क़ीमत नहीं बढ़ेगी, यह शायद ही कभी असली होता है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

सबसे ऊपर बड़े अक्षरों में ज़रूरी मासिक SIP दिखता है। उसके नीचे छोटी पंक्ति में लिखा होता है कि कितने साल में कितनी रकम बनाने के लिए। अगर आपकी पहले से जमा रकम ही बढ़कर भविष्य की लागत से ज़्यादा हो जाए, तो उस पंक्ति में लिखा आता है कि "आपकी मौजूदा बचत ही काफ़ी है" और SIP शून्य दिखती है।

नीचे की पंक्तियाँ हर कदम को अलग करके दिखाती हैं:

  • N साल बाद लक्ष्य की लागत (महँगाई के बाद): लाल रंग में। यह वह रकम है जो उस दिन चाहिए होगी।
  • लागत में बढ़ोतरी: भविष्य की लागत और आज की लागत का फ़र्क। यह दिखाता है कि सिर्फ़ इंतज़ार करने की क़ीमत कितनी है।
  • आपकी मौजूदा बचत बढ़कर होगी: पहले से जमा रकम अवधि के अंत में कितनी हो सकती है।
  • पूरी करने वाली कमी: भविष्य की लागत और बढ़ी हुई बचत का फ़र्क। असली लक्ष्य यही कमी भरना है।
  • या आज एक बार निवेश करें (lumpsum): हरे रंग में। अगर आप SIP की जगह आज एक ही बार रकम लगा सकें, तो उस कमी को भरने के लिए कितनी रकम काफ़ी होगी।
  • SIP से आप कुल डालेंगे: मासिक SIP को कुल महीनों से गुणा करने पर आपकी जेब से जाने वाली कुल रकम।

नीचे एक रेखा चार्ट है। लाल रेखा लक्ष्य की बढ़ती लागत दिखाती है और हरी रेखा आपकी योजना यानी पुरानी बचत और SIP का मिला-जुला बढ़ना। अंत में हरी रेखा का लाल रेखा से मिल जाना योजना का पूरा होना है।

नतीजे से मिलने वाले संकेत

  • अगर SIP आपकी मासिक आमदनी के हिसाब से बहुत भारी है, तो समय बढ़ाइए, लक्ष्य की क़ीमत घटाइए, या कुछ हिस्सा पहले से जमा करके शुरू कीजिए।
  • अगर lumpsum और SIP दोनों अलग तरीके से कमी भरते हैं, तो आप देख सकते हैं कि कौन-सा आपके हालात से मेल खाता है।
  • "लागत में बढ़ोतरी" की संख्या अक्सर चौंकाती है। यही लक्ष्य जल्दी शुरू करने की वजह बनती है।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

तीन परिदृश्य बनाइए

हर लक्ष्य के लिए "सावधान", "सामान्य" और "आशावादी" तीन अलग मान्यताएँ बनाइए। सावधान में महँगाई ज़्यादा और रिटर्न कम रखिए। फिर देखिए कि सबसे कठिन स्थिति में भी SIP आपकी पहुँच में है या नहीं। अगर है, तो योजना मज़बूत है।

हर लक्ष्य को अलग-अलग चलाइए

घर की मरम्मत, बच्चे की पढ़ाई और यात्रा, सबकी महँगाई और अवधि अलग है। हर एक के लिए अलग हिसाब लगाइए, फिर सारी SIP का जोड़ अपने बजट से मिलाइए। कई लक्ष्यों को एक साथ देखना हो तो Composite Goal Planner उपयोगी है।

समय बढ़ाकर देखिए

अवधि 10 से 14 साल करके देखिए। हर अतिरिक्त साल में लागत भी बढ़ती है, पर निवेश को बढ़ने के लिए भी ज़्यादा समय मिलता है। आम तौर पर रिटर्न अगर महँगाई से ऊपर है, तो ज़्यादा समय के साथ मासिक बोझ घटता है।

पहले से जमा रकम का असर देखिए

"पहले से जमा" slider बदलकर देखिए। थोड़ी-सी शुरुआती रकम भी लंबे समय में SIP का बोझ काफ़ी हल्का कर देती है।

lumpsum और SIP में चुनाव

अगर आपके पास कोई बड़ी रकम है, तो lumpsum वाली संख्या दिखाती है कि कितनी रकम आज लगाना काफ़ी होगा। अगर नहीं है, तो SIP। दोनों का मिला-जुला रास्ता भी हो सकता है।

उदाहरण: अगर किसी लक्ष्य की SIP आपके बजट से बड़ी निकले, तो लक्ष्य छोड़ने से पहले तीन चीज़ें आज़माइए: समय बढ़ाना, आज की लागत थोड़ी घटाना, और पहले से जमा रकम बढ़ाना।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • आज की रकम को ही भविष्य का लक्ष्य मान लेना: यही सबसे बड़ी ग़लती है जिसे यह calculator पकड़ता है।
  • सब लक्ष्यों के लिए एक ही महँगाई मान लेना: शिक्षा, इलाज, शादी और घर की महँगाई अलग-अलग गति से चलती है।
  • रिटर्न की दर बहुत ऊँची रखना: 18% की ऊपरी सीमा slider में है, पर वह सामान्य मान्यता नहीं है।
  • पूरी बचत को एक लक्ष्य में गिन लेना: अगर वही पैसा दो लक्ष्यों में गिन लिया जाए, तो दोनों अधूरे रहेंगे।
  • एक बार हिसाब लगाकर भूल जाना: हर साल या बड़ी आमदनी बदलने पर दोबारा चलाइए।
  • सिर्फ़ SIP की रकम देखना: कुल जमा रकम, भविष्य की लागत और कमी भी पढ़िए, तभी पूरी तस्वीर बनती है।
  • आपातकालीन निधि के बिना शुरुआत: लक्ष्य के लिए निवेश करते-करते ज़रूरत पड़ने पर उसे तोड़ना पड़े तो योजना बिगड़ती है। पहले Emergency Fund Calculator देखना अच्छा रहता है।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

Calculator ये कदम लेता है:

  1. भविष्य की लागत = आज की लागत × (1 + महँगाई/100) की घात साल।
  2. पहले से जमा रकम का भविष्य = जमा × (1 + रिटर्न/100) की घात साल।
  3. कमी = भविष्य की लागत − जमा का भविष्य। अगर यह शून्य से कम आए, तो कमी को शून्य माना जाता है।
  4. मासिक SIP: कमी को SIP के भविष्य मूल्य के गुणक से भाग दिया जाता है। मासिक दर i = सालाना रिटर्न ÷ 12 ÷ 100, किस्तों की संख्या n = साल × 12, और गुणक = ((1+i)^n − 1) ÷ i × (1+i)। यहाँ (1+i) का गुणा इसलिए है कि हर किस्त महीने की शुरुआत में जमा मानी गई है।
  5. Lumpsum = कमी ÷ (1 + रिटर्न/100) की घात साल।
  6. चार्ट में हर साल के लिए लागत और योजना की वैल्यू निकाली जाती है।

मान्यताएँ: रिटर्न हर साल स्थिर है, महँगाई हर साल स्थिर है, SIP हर महीने बिना चूक जमा होती है, और कर या खर्च शामिल नहीं हैं।

ध्यान दें: इसमें लागत और बचत दोनों अलग-अलग दरों पर बढ़ती हैं। इसलिए अगर आपकी मान्यता वाली महँगाई रिटर्न से ज़्यादा हो जाए, तो असली मुश्किल दिखेगी। ऐसे में SIP का आँकड़ा तेज़ी से बढ़ता नज़र आएगा।
एक पूरा उदाहरण

मान लीजिए नेहा और राकेश एक सरकारी स्कूल के शिक्षक दंपती हैं। वे 12 साल बाद अपने बेटे की प्रोफ़ेशनल पढ़ाई के लिए रकम चाहते हैं। आज उस पढ़ाई की कुल लागत लगभग ₹25 लाख है। उन्होंने इसके लिए पहले से ₹2 लाख अलग रखे हैं। वे पढ़ाई की महँगाई 7% और निवेश पर रिटर्न 11% मानते हैं। ये सिर्फ़ मान्यताएँ हैं, असली संख्या अलग हो सकती है।

चरण 1: भविष्य की लागत। 25,00,000 × (1.07) की घात 12 = लगभग ₹56,30,479। यानी लागत में लगभग ₹31,30,479 की बढ़ोतरी।

चरण 2: पुरानी बचत का भविष्य। 2,00,000 × (1.11) की घात 12 = लगभग ₹6,99,690।

चरण 3: कमी। 56,30,479 − 6,99,690 = लगभग ₹49,30,789।

चरण 4: मासिक SIP। मासिक दर 11 ÷ 12 ÷ 100 और 144 किस्तों के गुणक से कमी को भाग देने पर मासिक SIP लगभग ₹16,460 आती है।

चरण 5: कुल जमा। 16,460 × 144 = लगभग ₹23.7 लाख। यानी बाक़ी रकम निवेश की बढ़त से आने की मान्यता है।

चरण 6: lumpsum विकल्प। अगर वे SIP की जगह आज एक बार रकम लगाएँ, तो 49,30,789 ÷ (1.11) की घात 12 = लगभग ₹14,09,421 काफ़ी होगी।

अब ये बदलाव आज़माइए। अगर महँगाई 5% हो, तो SIP लगभग ₹12,652 रह जाती है। अगर महँगाई 9% हो, तो SIP लगभग ₹21,138 हो जाती है। और अगर महँगाई 7% रहे पर रिटर्न 9% ही मिले, तो SIP लगभग ₹19,519 चाहिए। यानी सिर्फ़ मान्यताएँ बदलने से सुझाई गई मासिक रकम में ₹8,000 से ज़्यादा का फ़र्क आ गया। इसीलिए एक अकेले नतीजे पर टिके रहना ठीक नहीं।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह कर नहीं गिनता। निवेश पर बने लाभ पर कर लग सकता है, और नियम बदलते रहते हैं, इसलिए आयकर विभाग की वेबसाइट देखिए।
  • महँगाई और रिटर्न दोनों को हर साल एक जैसा माना गया है, जबकि असल ज़िंदगी में दोनों ऊपर-नीचे होते हैं।
  • लक्ष्य की रकम के बीच में कोई बदलाव (जैसे फ़ीस का ढाँचा बदलना) हिसाब में नहीं आता।
  • SIP को हर साल बढ़ाने की सुविधा इस पेज पर नहीं है। इसके लिए Goal Top-up SIP Calculator देखें।
  • निवेश का जोखिम नहीं बताता। कम समय के लक्ष्य के लिए ऊँचे रिटर्न वाली मान्यता ठीक नहीं बैठती।
  • नतीजे गोल किए हुए अनुमान हैं, असली राशि इनसे अलग हो सकती है।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी के लिए है, निवेश या वित्तीय सलाह नहीं। निर्णय से पहले अपनी स्थिति देखें और ज़रूरत हो तो योग्य सलाहकार से पूछें।

6 काम की बातें याद रखें

1
हर लक्ष्य की अपनी महँगाई रखें

शिक्षा और इलाज अक्सर आम महँगाई से तेज़ बढ़ते हैं। एक ही 6% सब पर लगाने से पहले उस लक्ष्य का पिछला रुझान देखें।

2
पास के लक्ष्य के लिए सुरक्षित रिटर्न मानें

3-4 साल दूर के लक्ष्य पर ऊँचा रिटर्न मानना जोखिम भरा है। ऐसे में कम रिटर्न डालकर SIP बढ़ती देखें और सँभलकर चलें।

3
साल में एक बार योजना को दोहराएँ

आमदनी बढ़े तो SIP बढ़ाएँ, लक्ष्य की लागत बदले तो नई संख्या डालें। एक बार की गणना पुरानी पड़ जाती है।

4
अब तक की बचत सिर्फ़ उसी लक्ष्य के लिए डालें

जो पैसा किसी और काम के लिए रखा है, उसे यहाँ न जोड़ें। वरना कमी कम दिखेगी और लक्ष्य अधूरा रह सकता है।

5
SIP और एकमुश्त दोनों का मिश्रण

अगर थोड़ी रकम अभी है और बाक़ी आमदनी से आती है, तो आधी-आधी रणनीति भी बन सकती है। दोनों संख्याएँ पेज पर साथ दिखती हैं।

6
अलग-अलग रिटर्न पर कई बार चलाएँ

एक बार 12%, एक बार 8% डालें। दोनों में SIP का फ़र्क़ देखकर तय करें कि बीच का रास्ता कितना ठीक है।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

क्योंकि जब पैसे की ज़रूरत पड़ेगी तब चीज़ें आज से महँगी होंगी; आज की क़ीमत पर बचत करने से कमी रह जाती है।

आम खर्च के लिए 5–6%, शिक्षा/चिकित्सा के लिए 8–10% तक। यह अनुमान है — समय-समय पर बदलें।

हाँ, पर वास्तविक जीवन में लागत लगभग हमेशा बढ़ती है। 0 सिर्फ़ तुलना के लिए ठीक है, योजना बनाने के लिए नहीं।

सिर्फ़ वह रकम जो इसी लक्ष्य के लिए अलग रखी है, जैसे इसी काम का FD या फ़ंड। आपातकालीन निधि या दूसरे लक्ष्यों की रकम न जोड़ें।

तब पेज "आपकी मौजूदा बचत ही काफ़ी है" बताता है और SIP शून्य दिखाता है। फिर भी रिटर्न कम रहने की स्थिति का जोखिम सोच लें।

अगर आज बड़ी रकम है तो एकमुश्त; अगर आमदनी से रोज़ का निवेश करना है तो SIP। दोनों संख्याएँ अलग-अलग तरीक़ों की हैं, इन्हें जोड़ें नहीं।

मासिक SIP × कुल महीने। यह आपकी जेब से जाने वाली कुल रकम है; भविष्य की लागत और इसका अंतर माने हुए रिटर्न से आता है, जो पक्का नहीं है।

समय बढ़ने पर लागत भी महँगाई से बढ़ती है, पर कंपाउंडिंग को ज़्यादा समय मिलता है, इसलिए SIP आम तौर पर घटती है। ऊपर की तालिका में यह साफ़ दिखता है।

नहीं। इस पेज में SIP पूरी अवधि में बराबर रहती है। हर साल बढ़ाने के हिसाब के लिए Step-up SIP calculator देखें।

नहीं। माना गया रिटर्न शुद्ध रिटर्न की तरह इस्तेमाल होता है। फ़ंड की लागत और कर के बाद असली रिटर्न कम हो सकता है, इसलिए रिटर्न थोड़ा संभलकर डालें।

नहीं। पेज सिर्फ़ गणित है। किसी फ़ंड या स्कीम की सलाह नहीं, और बाज़ार का रिटर्न बदलता रहता है।

तब लक्ष्य पूरा करने के लिए SIP बढ़ानी पड़ेगी या समय बढ़ाना पड़ेगा। इसीलिए एक सुरक्षित रिटर्न पर भी योजना को परखना अच्छा रहता है।

लाल रेखा लक्ष्य की बढ़ती लागत है और हरी रेखा आपकी योजना का बढ़ता मूल्य है (मौजूदा बचत और SIP मिलाकर)। अंत में दोनों मिलनी चाहिए।

हर लक्ष्य के लिए अलग से चलाएँ, या चार तक के लिए Composite Goal Planner से कुल SIP निकालें। बचत को लक्ष्यों में बाँटकर डालें।

एकमुश्त रकम का लक्ष्य हो तो हाँ। पर रिटायरमेंट के बाद हर महीने के ख़र्च का हिसाब अलग होता है, इसके लिए Retirement Corpus या FIRE calculator बेहतर हैं।

पेज पूरी अवधि में एक-सी दर मानता है। असल में कुछ साल तेज़ और कुछ धीमी रहती है, इसलिए नतीजे को अंदाज़ा समझें।

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