मान लीजिए रेखा एक स्कूल शिक्षिका हैं। उन्होंने महँगाई 6%, रिटर्न 12% और कुल अलग रखी जा सकने वाली बचत ₹3,00,000 रखी। तीन लक्ष्य भरे: बेटे की पढ़ाई आज के ₹20 लाख, 10 साल दूर; बेटी की शादी की तैयारी आज के ₹6 लाख, 5 साल दूर; और नई गाड़ी आज के ₹15 लाख, 3 साल दूर। चौथा लक्ष्य छोड़ दिया।
क़दम 1: भविष्य की लागत
- पढ़ाई: 20,00,000 x 1.06^10 = लगभग ₹35,81,695
- शादी: 6,00,000 x 1.06^5 = लगभग ₹8,02,935
- गाड़ी: 15,00,000 x 1.06^3 = लगभग ₹17,86,524
- कुल: लगभग ₹61,71,155
क़दम 2: बचत का बँटवारा
₹3,00,000 को इन्हीं अनुपातों में बाँटा गया: पढ़ाई को लगभग ₹1,74,118, शादी को ₹39,033 और गाड़ी को ₹86,849।
क़दम 3 और 4: कमी और SIP
- पढ़ाई: ₹1,74,118 बढ़कर 12% पर 10 साल बाद लगभग ₹5.4 लाख होंगे। कमी लगभग ₹30,40,912। मासिक SIP लगभग ₹13,088।
- शादी: कमी लगभग ₹7,34,145, मासिक SIP लगभग ₹8,900।
- गाड़ी: कमी लगभग ₹16,64,508, मासिक SIP लगभग ₹38,258।
कुल मासिक SIP: लगभग ₹60,246।
नतीजा पढ़ना
तीन साल तक हर महीने क़रीब ₹60,246 चाहिए। गाड़ी के बाद, चौथे और पाँचवें साल सिर्फ़ ₹13,088 + ₹8,900 = ₹21,988 रह जाते हैं। शादी के बाद, छठे से दसवें साल केवल पढ़ाई की ₹13,088। यानी रेखा को शुरुआती तीन साल का बोझ बड़ा लग सकता है, इसलिए वे गाड़ी को 3 की जगह 6 साल दूर करके या उसकी रकम घटाकर देख सकती हैं। तुलना के लिए: अगर कोई मौजूदा बचत न हो, तो कुल SIP लगभग ₹66,212 बनती है। और अगर रिटर्न 12% की जगह 10% माना जाए (बचत ₹3 लाख के साथ), तो कुल SIP लगभग ₹64,293 हो जाती है। ये सब मान्यताओं पर टिके अनुमान हैं, असल रिटर्न और महँगाई अलग हो सकती हैं।