87A की छूट

Section 87A Rebate Calculator

अपनी आय डालिए: 87A से कितनी छूट मिली, कितना टैक्स बचा और छूट की सीमा के आसपास आपकी जगह कहाँ है।

  • New और Old regime दोनों
  • Marginal relief की सीमा
  • छूट-सीमा के आसपास तालिका
  • cess सहित कुल टैक्स
  • छूट से पहले-बाद का चार्ट
  • PDF रिपोर्ट
आशुग्या की सलाहसीमा से थोड़ा ऊपर जाने पर पूरा टैक्स नहीं लगता: marginal relief बीच का रास्ता देती है।
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Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice.
नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।

धारा 87A की छूट कैसे काम करती है?

  • यह छूट सिर्फ़ भारत के निवासी व्यक्ति को मिलती है। New regime में कर-योग्य आय तय सीमा या उससे कम हो तो पूरा slab टैक्स माफ़ हो जाता है; Old regime में एक तय अधिकतम रकम तक की छूट है।
  • New regime में सीमा से थोड़ी ऊपर की आय पर marginal relief मिलती है: टैक्स उतना ही लगता है जितनी आय सीमा से ऊपर है, उससे ज़्यादा नहीं।
  • छूट slab वाले टैक्स पर लगती है, और cess छूट के बाद के टैक्स पर लगता है। यहाँ विशेष दर वाली आय (जैसे कुछ पूँजीगत लाभ) शामिल नहीं है।

For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।

How this is calculated / यह कैसे निकाला गया

New regime: taxable income = income - standard deduction (if salaried). Slab tax is worked out; if taxable income is within the rebate limit the tax is nil, otherwise tax = lower of slab tax and (taxable income - limit) (marginal relief). Old regime: tax after slabs is reduced by the rebate (up to the maximum) when taxable income is within the limit. 4% cess is then added. Slabs, limits and rebate figures mirror the site's Income Tax calculator data for FY 2026-27. Nothing is stored.

New regime: कर-योग्य आय = आय - standard deduction (वेतनभोगी हों तो)। slab टैक्स निकलता है; कर-योग्य आय छूट-सीमा के भीतर हो तो टैक्स शून्य, वरना टैक्स = slab टैक्स और (कर-योग्य आय - सीमा) में से कम (marginal relief)। Old regime: कर-योग्य आय सीमा के भीतर हो तो slab टैक्स में से छूट (अधिकतम रकम तक) घटती है। फिर 4% cess जुड़ता है। slab, सीमा और छूट की रकम साइट के Income Tax calculator के FY 2026-27 आँकड़ों के अनुसार हैं। कुछ भी सहेजा नहीं जाता।

Sources / स्रोत

Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 14 Oct 2026 Rules as of / नियम किस तारीख़ तक के: FY 2026-27

Estimate only, for learning — not advice. Educational tool. Slabs and limits follow the site's FY 2026-27 data (shown in the table); verify on the income-tax portal. Special-rate income, surcharge and TDS are not included. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। यह शैक्षणिक टूल है। slab और सीमाएँ साइट के FY 2026-27 के आँकड़ों से हैं; आयकर पोर्टल पर जाँच लें। विशेष दर की आय, surcharge और TDS शामिल नहीं हैं। आपका डेटा सहेजा नहीं जाता। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
  • छूट कर-योग्य आय पर देखी जाती है, कुल आय पर नहीं। पहले standard deduction (और Old regime में दूसरी कटौतियाँ) घटती हैं।
  • New regime में कर-योग्य आय सीमा तक हो तो slab का पूरा टैक्स माफ़; सीमा से थोड़ा ऊपर marginal relief टैक्स को बढ़ी हुई आय तक सीमित रखती है।
  • Old regime में छूट की एक अधिकतम रकम है और सीमा पार करते ही पूरी छूट चली जाती है।
  • छूट सिर्फ़ निवासी व्यक्ति को है और cess छूट के बाद के टैक्स पर लगता है।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।

उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात

नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।

अंजलि: वेतन ₹12,75,000, New regime

अंजलि वेतनभोगी है, कुल आय ₹12,75,000 और कोई अलग कटौती नहीं।

standard deduction
₹75,000
कर-योग्य आय
₹12,00,000
slab टैक्स
₹60,000
87A छूट
₹60,000
कुल टैक्स
₹0

कर-योग्य आय ठीक सीमा पर है, इसलिए पूरा टैक्स माफ़ है। कुल आय सीमा से ऊपर दिखती है पर मायने कर-योग्य आय रखती है।

राजेश: वेतन ₹13,00,000, सीमा से थोड़ा ऊपर

राजेश वेतनभोगी है और New regime चुना है।

कर-योग्य आय
₹12,25,000
slab टैक्स
₹63,750
सीमा से ऊपर की आय
₹25,000
टैक्स (marginal relief के बाद)
₹25,000
87A + relief मिलाकर बचत
₹38,750
cess सहित कुल टैक्स
₹26,000

आय सीमा से ₹25,000 ऊपर गई तो टैक्स भी लगभग ₹25,000 बना, ₹63,750 नहीं। यही marginal relief का काम है।

सुनीता: Old regime में ₹6,50,000

सुनीता की कुल आय ₹6,50,000 है, 80C आदि में ₹1,50,000 की कटौती और standard deduction लेकर वह Old regime में है।

standard deduction
₹50,000
कटौतियाँ
₹1,50,000
कर-योग्य आय
₹4,50,000
slab टैक्स
₹10,000
87A छूट
₹10,000
कुल टैक्स
₹0

कटौतियों से कर-योग्य आय छूट-सीमा के भीतर आ गई, इसलिए टैक्स शून्य। कटौती न होती तो कर-योग्य आय ₹6,00,000 होती और छूट न मिलती।

New regime, वेतनभोगी: कुल आय बनाम टैक्स (cess सहित)

New regime, वेतनभोगी: कुल आय बनाम टैक्स (cess सहित)
कुल आयकर-योग्य आयslab टैक्सटैक्स (छूट/relief के बाद)cess सहित
₹12,75,000₹12,00,000₹60,000₹0₹0
₹13,00,000₹12,25,000₹63,750₹25,000₹26,000
₹13,25,000₹12,50,000₹67,500₹50,000₹52,000
₹13,50,000₹12,75,000₹71,250₹71,250₹74,100
₹14,00,000₹13,25,000₹78,750₹78,750₹81,900

साइट के FY 2026-27 slab पर। इसमें surcharge, विशेष दर की आय और TDS शामिल नहीं हैं।

New और Old regime में 87A: मोटा फ़र्क़

New और Old regime में 87A: मोटा फ़र्क़
बातNew regimeOld regime
छूट की सीमा (कर-योग्य आय)₹12,00,000₹5,00,000
छूट की रकमपूरा slab टैक्स (₹60,000 तक)अधिकतम ₹12,500
सीमा से ऊपरmarginal relief मिलती हैपूरी छूट चली जाती है
standard deduction₹75,000₹50,000

आँकड़े साइट के Income Tax calculator के हैं। बजट के बाद बदल सकते हैं।

त्वरित संदर्भ: 87A की छूट

त्वरित संदर्भ: 87A की छूट
किसे मिलती हैभारत के निवासी व्यक्ति को, कर-योग्य आय सीमा के भीतर हो तब।
किस आय पर देखी जाती हैकर-योग्य आय (कटौतियाँ घटाने के बाद)।
New regimeसीमा तक पूरा slab टैक्स माफ़; ऊपर marginal relief।
Old regimeअधिकतम तय रकम तक की छूट; सीमा पार तो कुछ नहीं।
cessछूट के बाद के टैक्स पर 4%।
marginal relief का मतलबटैक्स = सीमा से ऊपर की आय, अगर वह slab टैक्स से कम हो।
अनिवासीछूट नहीं।
इस पेज में क्या नहींविशेष दर की आय (जैसे कुछ पूँजीगत लाभ), surcharge, TDS।

Section 87A Rebate Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?

सरल व्याख्या

यह calculator क्या करता है

आयकर में कुछ ही चीज़ें इतनी सीधी और असरदार हैं जितनी धारा 87A की छूट। इस छूट के काम करने पर एक सीमा तक की आय वाले व्यक्ति का टैक्स शून्य हो जाता है, पर जैसे ही आय उस सीमा के पार जाती है, कुछ नियम बदल जाते हैं और अक्सर लोग उलझ जाते हैं। "मेरी आय ₹12 लाख से थोड़ी ऊपर है, अब क्या होगा?" या "Old regime में ₹5 लाख की सीमा कैसे काम करती है?" जैसे सवाल हर बजट के बाद घूमते हैं। Section 87A Rebate Calculator इन्हीं सवालों के जवाब आपकी अपनी संख्याओं से देता है।

आप सालाना कुल आय डालते हैं, बताते हैं कि आप वेतनभोगी या पेंशनर हैं या नहीं, कौन-सा regime चुना है, उम्र क्या है (Old regime के slab के लिए), Old regime में कुल कटौतियाँ कितनी हैं, और क्या आप भारत के निवासी (resident) व्यक्ति हैं। पेज बताता है कि आपकी कर-योग्य आय कितनी बनी, slab के हिसाब से टैक्स कितना बना, 87A की छूट कितनी मिली, छूट के बाद टैक्स और cess मिलाकर कुल टैक्स कितना है। साथ ही, छूट-सीमा के आसपास की आय की एक तालिका दिखती है, जिससे समझ आता है कि सीमा के ठीक पार जाने पर क्या होता है।

पेज की सबसे दिलचस्प बात New regime की marginal relief है। यह वह व्यवस्था है जिसमें आय सीमा से थोड़ी ऊपर जाए तो टैक्स उतना ही लगता है जितनी आय सीमा से ऊपर है, उससे ज़्यादा नहीं। यानी आय में ₹10,000 बढ़ने पर टैक्स में ₹10,000 से ज़्यादा नहीं बढ़ता। पेज यह भी बताता है कि यह राहत लगभग किस कर-योग्य आय तक चलती है। Old regime में ऐसी कोई नरमी नहीं है: सीमा पार करते ही पूरी छूट चली जाती है। यह फ़र्क़ पेज साफ़ दिखाता है।

सीमाएँ, slab और छूट की रकम साइट के FY 2026-27 के Income Tax calculator के आँकड़ों से ली गई हैं। यह शैक्षणिक टूल है और आपका डेटा कहीं जमा नहीं होता। विशेष दर की आय, surcharge और TDS इसमें शामिल नहीं हैं।

किसके काम का है

  • वेतनभोगी कर्मचारी, जिनकी आय ₹12-13 लाख के आसपास है और जो जानना चाहते हैं कि वे छूट के भीतर हैं या बाहर।
  • वे लोग जो New regime चुनने से पहले देखना चाहते हैं कि उनकी आय पर टैक्स शून्य रहेगा या नहीं।
  • Old regime में ₹5 लाख की सीमा के आसपास कमाने वाले, जिन्हें कटौतियाँ जोड़कर सीमा के भीतर आना है।
  • वरिष्ठ नागरिक और पेंशनर, जिनके slab उम्र के हिसाब से अलग हैं और जो छूट का हिसाब समझना चाहते हैं।
  • नई नौकरी का प्रस्ताव देख रहे लोग, जो जानना चाहते हैं कि वेतन में थोड़ी बढ़ोतरी से टैक्स कितना बढ़ेगा।
  • अनिवासी या शायद अनिवासी बनने जा रहे लोग, जिन्हें जानना है कि निवासी न रहने पर छूट का क्या होगा।
  • परिवार में माता-पिता का टैक्स देखने वाले बच्चे, जो छूट के नियमों को उदाहरण से समझना चाहते हैं।
  • शिक्षक और विद्यार्थी, जो "छूट" और "marginal relief" को एक ही पेज पर आज़माकर समझना चाहते हैं।

कौन-सी जानकारी डालनी होती है

पेज पर छह इनपुट हैं।

  • सालाना कुल आय (₹): वेतन या पेंशन की कुल सालाना आय, कटौतियों से पहले। शुरुआती मान ₹12,75,000।
  • वेतनभोगी / पेंशनर: चालू रहने पर standard deduction घटती है। साइट के आँकड़ों के अनुसार New regime में ₹75,000 और Old regime में ₹50,000। शुरुआती मान: चालू।
  • कौन-सा regime: New या Old। शुरुआती मान New।
  • उम्र (Old regime के slab के लिए): 60 साल से कम, 60-79 या 80+। New regime में इसका असर नहीं पड़ता।
  • Old regime: कुल कटौतियाँ (₹): 80C, 80D और दूसरी कटौतियों का जोड़। शुरुआती मान 0। New regime में इस खाने का कोई असर नहीं।
  • मैं भारत का निवासी व्यक्ति हूँ: चालू रहने पर छूट गिनी जाती है। बंद करने पर पेज बताता है कि अनिवासी को 87A की छूट नहीं मिलती और पूरा slab टैक्स लगता है।

कटौतियों वाला खाना केवल Old regime के लिए है। अगर आपकी कटौतियाँ अलग-अलग हैं, तो पहले उन्हें जोड़िए और जोड़ यहाँ डालिए। एक-एक कटौती के असर के लिए Old vs New regime calculator बेहतर है।

नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें

  • 87A से मिली छूट (बड़ी संख्या): छूट की रकम। नीचे cess सहित कुल टैक्स लिखा होता है।
  • कर-योग्य आय: कुल आय में से standard deduction (और Old regime में कटौतियाँ) घटाने पर बची आय। छूट इसी पर देखी जाती है, कुल आय पर नहीं।
  • slab के हिसाब से टैक्स (छूट से पहले): कर-योग्य आय पर slab लगाकर बना टैक्स।
  • 87A छूट: छूट की रकम।
  • छूट के बाद टैक्स: slab टैक्स − छूट।
  • 4% cess: छूट के बाद बचे टैक्स पर cess। टैक्स शून्य हो तो cess भी शून्य।
  • कुल टैक्स: छूट के बाद का टैक्स + cess।
  • कर-योग्य आय की छूट-सीमा: आपके चुने regime की सीमा।
  • संदेश: चार तरह का हो सकता है। सीमा के भीतर हों तो पूरा टैक्स माफ़ (New) या छूट लगकर टैक्स घटा (Old)। सीमा से थोड़ा ऊपर हों और New regime हो तो marginal relief का संदेश, जिसमें बताया जाता है कि राहत लगभग किस आय तक चलेगी। सीमा से बहुत ऊपर हों तो पूरा slab टैक्स। अनिवासी हों तो बिना छूट का टैक्स।
  • तालिका: सीमा के आसपास छह कर-योग्य आय (सीमा से ₹1,00,000 कम, सीमा पर, और ₹10,000, ₹25,000, ₹50,000, ₹1,00,000 ऊपर) पर slab टैक्स, छूट, छूट के बाद का टैक्स और cess सहित टैक्स।
  • चार्ट: छूट से पहले और बाद का टैक्स (दोनों cess सहित)।
ध्यान दें: तालिका आपके चुने regime के अनुसार बनती है। इसलिए New और Old की तुलना के लिए regime बदलकर दोबारा देखिए।

इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके

  • पहले अपनी कर-योग्य आय निकालिए, फिर सीमा से तुलना कीजिए। छूट कुल आय पर नहीं, कर-योग्य आय पर देखी जाती है। इसलिए standard deduction का फ़र्क़ बड़ा मायने रखता है।
  • सीमा के नीचे वाली तालिका पढ़िए। ₹10,000-₹25,000 ऊपर वाली पंक्तियाँ दिखाती हैं कि थोड़ी-सी वृद्धि का टैक्स पर क्या असर होता है। इससे बोनस या ओवरटाइम का हिसाब लगाना आसान होता है।
  • Old regime में कटौतियाँ सीमा तक पहुँचाने के लिए जोड़िए। अगर आपकी आय ₹5 लाख की सीमा से थोड़ी ऊपर है, तो कुछ और कटौती (निवेश या बीमा) डालकर देखिए कि क्या सीमा के भीतर आ सकते हैं। पर कटौतियाँ वास्तविक और पात्र होनी चाहिए।
  • दोनों regime से आज़माइए। अपनी आय एक बार New और एक बार Old (अपनी कटौतियों के साथ) में डालिए। फिर Old vs New calculator से पूरा हिसाब कीजिए।
  • marginal relief की सीमा याद रखिए। अगर आपकी आय ₹12.7 लाख के आसपास है, तो relief लगभग ख़त्म होने वाली है। उसके बाद आय बढ़ने पर टैक्स असली दर से बढ़ेगा।
  • निवासी की स्थिति पक्की कीजिए। निवासी होने के नियम अलग से तय होते हैं। पेज इसे सिर्फ़ टॉगल से लेता है। पक्का जानने के लिए अपने CA से पूछिए।
  • सीमाएँ आधिकारिक स्रोत से जाँचिए। सीमाएँ और रकम बजट के बाद बदल सकती हैं। पेज के आँकड़े FY 2026-27 के हैं; आयकर पोर्टल पर ताज़ा जाँच कर लीजिए।

आम ग़लतियाँ और भ्रम

  • "आय ₹12 लाख से एक रुपया भी ऊपर गई तो पूरा टैक्स लगेगा।" New regime में नहीं। marginal relief की वजह से टैक्स सिर्फ़ सीमा से ऊपर की रकम तक सीमित रहता है।
  • "यही नियम Old regime में भी है।" नहीं। Old regime में सीमा पार करते ही पूरी छूट चली जाती है। ऊपर का उदाहरण देखिए।
  • कुल आय को कर-योग्य आय समझ लेना। छूट कर-योग्य आय पर लगती है। ₹12.75 लाख की कुल आय भी सीमा के भीतर हो सकती है।
  • "छूट मतलब कमाई पर टैक्स कभी नहीं।" यह छूट सिर्फ़ slab वाले टैक्स पर है। विशेष दर की आय (जैसे कुछ पूँजीगत लाभ) पर इसका असर अलग हो सकता है, जो यह पेज नहीं गिनता।
  • अनिवासी को भी छूट मान लेना। पेज की मान्यता के अनुसार यह छूट सिर्फ़ निवासी व्यक्ति को मिलती है।
  • cess भूल जाना। cess छूट के बाद के टैक्स पर लगता है। टैक्स शून्य हो तो cess भी शून्य।
  • सोचना कि बड़ी छूट सबके लिए हमेशा बेहतर regime है। छूट अपनी जगह है, पर कटौतियों की भारी रकम Old regime को फिर भी सस्ता बना सकती है। कुल टैक्स की तुलना ज़रूरी है।
  • पुराने साल की सीमा पर निर्णय लेना। सीमाएँ बदलती रहती हैं। हर वित्त वर्ष में ताज़ा सीमा देखिए।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है

कर-योग्य आय:

  • New regime: कुल आय − standard deduction (वेतनभोगी हों तो)।
  • Old regime: कुल आय − standard deduction (वेतनभोगी हों तो) − कुल कटौतियाँ।

छूट (अगर आप निवासी हैं):

  • New regime: अगर कर-योग्य आय ₹12,00,000 या उससे कम हो तो slab का पूरा टैक्स माफ़। अगर उससे ऊपर हो तो टैक्स = min(slab टैक्स, कर-योग्य आय − ₹12,00,000)। यही marginal relief है।
  • Old regime: अगर कर-योग्य आय ₹5,00,000 या उससे कम हो तो छूट = min(slab टैक्स, ₹12,500)। इससे ऊपर कोई छूट नहीं।

cess = छूट के बाद के टैक्स का 4%। कुल टैक्स = टैक्स + cess।

Marginal relief कहाँ तक चलती है: New regime में राहत तब तक चलती है जब तक (कर-योग्य आय − ₹12,00,000) slab टैक्स से कम रहे। यह बिंदु तब आता है जब slab टैक्स ₹60,000 से बढ़कर आय के बढ़े हुए हिस्से के बराबर हो जाए। पेज इसे कदम-दर-कदम चलकर निकालता है।

आम ग़लतियाँ और भ्रम
चीज़New regimeOld regime
सीमा₹12,00,000₹5,00,000
सीमा के भीतरपूरा slab टैक्स माफ़slab टैक्स में से अधिकतम ₹12,500 माफ़
सीमा से ऊपरmarginal reliefकोई छूट नहीं
standard deduction₹75,000₹50,000

ये संख्याएँ साइट के FY 2026-27 के आँकड़ों से हैं। बजट के बाद बदल सकती हैं।

एक पूरा उदाहरण

यह पेज की शुरुआती संख्याओं का उदाहरण है। सुनील वेतनभोगी है, कुल आय ₹12,75,000, New regime, निवासी।

  1. कर-योग्य आय = 12,75,000 − 75,000 = ₹12,00,000।
  2. Slab टैक्स: ₹4-8 लाख पर 5% = ₹20,000; ₹8-12 लाख पर 10% = ₹40,000। जोड़ = ₹60,000।
  3. कर-योग्य आय ₹12,00,000 की सीमा के बराबर है, यानी सीमा के भीतर। इसलिए पूरा slab टैक्स माफ़: छूट = ₹60,000।
  4. छूट के बाद टैक्स = ₹0। cess = ₹0। कुल टैक्स = ₹0।

सुनील की आय ₹12.75 लाख है, फिर भी टैक्स शून्य है, क्योंकि standard deduction के बाद वह ठीक सीमा पर पहुँचता है।

अब आय थोड़ी बढ़ाते हैं। मान लीजिए आय ₹13,25,000 है। कर-योग्य आय = ₹12,50,000, यानी सीमा से ₹50,000 ऊपर।

  1. Slab टैक्स: 20,000 + 40,000 + (12,50,000 − 12,00,000) × 15% = 20,000 + 40,000 + 7,500 = ₹67,500।
  2. सीमा के भीतर नहीं हैं, इसलिए marginal relief: टैक्स = min(67,500, 12,50,000 − 12,00,000) = min(67,500, 50,000) = ₹50,000।
  3. छूट = 67,500 − 50,000 = ₹17,500।
  4. cess = 50,000 × 4% = ₹2,000। कुल टैक्स = ₹52,000।

देखिए, आय सीमा से ₹50,000 बढ़ी और टैक्स ₹0 से ₹50,000 (cess के पहले) हुआ। टैक्स ने कभी आय की बढ़त से ज़्यादा छलाँग नहीं मारी। यह राहत लगभग ₹12,70,600 कर-योग्य आय तक चलती है। उसके बाद, जैसे ₹13,00,000 पर, पूरा slab टैक्स ₹75,000 और कुल ₹78,000 लगता है।

तालिका की सीमा के पास की पंक्तियाँ भी देखिए: ₹12,10,000 पर slab टैक्स ₹61,500, टैक्स ₹10,000 और cess सहित ₹10,400। ₹12,25,000 पर टैक्स ₹25,000, cess सहित ₹26,000।

Old regime का उदाहरण: आय ₹6,50,000, वेतनभोगी, कटौतियाँ ₹1,00,000। कर-योग्य आय = 6,50,000 − 50,000 − 1,00,000 = ₹5,00,000, जो सीमा पर है। Slab टैक्स ₹12,500, छूट ₹12,500, कुल टैक्स ₹0। अब आय ₹6,60,000 हो जाए तो कर-योग्य आय ₹5,10,000 हो जाती है। सीमा पार होते ही पूरी छूट चली जाती है, slab टैक्स ₹14,500 और cess सहित ₹15,080 लगता है। यानी सिर्फ़ ₹10,000 की आय-वृद्धि से टैक्स ₹0 से ₹15,080 हो गया। Old regime में यह सीधी "चट्टान" (cliff) है।

अनिवासी का उदाहरण: शुरुआती आँकड़ों पर निवासी न होने से कर-योग्य आय ₹12,00,000 पर भी छूट नहीं मिलती और कुल टैक्स ₹62,400 हो जाता है।

सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
  • यह विशेष दर की आय (जैसे कुछ पूँजीगत लाभ या लॉटरी) और उस पर छूट के नियम नहीं गिनता।
  • surcharge और TDS/advance tax इसमें शामिल नहीं हैं।
  • Old regime की अलग-अलग कटौतियों के असर यह एक कुल जोड़ के रूप में लेता है; वे पात्र हैं या नहीं, यह नहीं जाँचता।
  • निवासी होने की क़ानूनी शर्तें यह नहीं जाँचता; आप ख़ुद टॉगल चुनते हैं।
  • यह सिर्फ़ व्यक्ति (individual) के लिए है; HUF, कंपनी या फ़र्म के नियम अलग हैं।
  • सीमाएँ और slab साइट के FY 2026-27 आँकड़ों के हैं। बजट के बाद बदलाव इसमें अपने आप नहीं दिखेंगे।
  • यह कर-सलाह नहीं है; आयकर पोर्टल या CA से पुष्टि कीजिए।

इसके साथ और कौन-से calculator देखें

  • Income Tax Calculator: पूरी आय का विस्तृत टैक्स हिसाब देखने के लिए।
  • Old vs New Tax Regime Calculator: दोनों regime की कटौतियों के साथ तुलना के लिए।
  • Section 80C Planner: Old regime में 80C की सीमा भरने की योजना बनाने के लिए।
  • Surcharge & Marginal Relief Calculator: ऊँची आय पर surcharge और उसकी राहत समझने के लिए।
  • TDS Calculator: आय पर स्रोत पर कटने वाले टैक्स का अंदाज़ा लगाने के लिए।
  • Advance Tax Calculator: अग्रिम कर की तारीख़ें और रकम समझने के लिए।

यह लेख सिर्फ़ शैक्षणिक जानकारी है। सीमाएँ और slab साइट के FY 2026-27 आँकड़ों पर आधारित हैं और बदल सकते हैं। निर्णय से पहले आयकर पोर्टल या CA से पुष्टि कीजिए।

6 काम की बातें याद रखें

1
सीमा के पास हों तो हिसाब दो बार देखें

सीमा से थोड़ा ऊपर की आय पर relief मिलती है, पर आय और बढ़े तो relief खत्म होकर पूरा टैक्स लगने लगता है।

2
कर-योग्य आय देखें, कुल आय नहीं

नौकरी में standard deduction के बाद की आय सीमा से तुलना होती है।

3
Old regime में कटौतियाँ सीमा के भीतर लाती हैं

कर-योग्य आय ₹5,00,000 के पास हो तो 80C जैसी कटौती छूट पाने का रास्ता बन सकती है।

4
दोनों regime की तुलना करें

छूट अलग-अलग तरह की है। Income Tax Calculator में दोनों का कुल टैक्स आमने-सामने देखें।

5
विशेष दर की आय अलग देखें

कुछ पूँजीगत लाभ पर छूट के नियम अलग हैं। उनके लिए अपने CA या पोर्टल की गणना देखें।

6
रिटर्न में छूट अपने-आप लगती है

ITR भरते समय छूट सॉफ़्टवेयर लगाता है; आपको अलग से दावा नहीं करना पड़ता।

इसके साथ ये लेख भी पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सिर्फ़ भारत के निवासी व्यक्ति (individual) को, और तभी जब कर-योग्य आय तय सीमा के भीतर हो। कंपनी या अनिवासी को नहीं।

New regime में आय सीमा से थोड़ी ऊपर जाए तो टैक्स उतना ही लगता है जितनी आय सीमा से ऊपर है, ताकि थोड़ी आय बढ़ने पर पूरा टैक्स अचानक न लगे।

कर-योग्य आय पर, यानी standard deduction (और Old regime में दूसरी कटौतियाँ) घटाने के बाद की आय पर।

Deduction आय घटाता है, जबकि rebate टैक्स की रकम में से सीधे घटती है। 87A टैक्स पर लगती है।

cess छूट के बाद बचे टैक्स पर लगता है। टैक्स शून्य हो तो cess भी शून्य।

New regime में कर-योग्य आय ₹12 लाख तक हो तो इस calculator के नियमों पर slab टैक्स माफ़ है। यह कर-योग्य आय है, कुल आय नहीं।

जब slab टैक्स सीमा से ऊपर की आय के बराबर या कम हो जाए। default slab पर यह कर-योग्य आय लगभग ₹12,70,600 पर आता है।

हाँ, अगर निवासी हैं और कर-योग्य आय सीमा के भीतर है। Old regime में उनके slab अलग होते हैं, जो यहाँ उम्र चुनकर लिए जाते हैं।

नहीं। यह सिर्फ़ निवासी व्यक्ति के लिए है। इसलिए यहाँ एक विकल्प रखा है।

नहीं, यह व्यक्ति (individual) के लिए है।

New regime में नहीं, marginal relief आड़े आती है। Old regime में सीमा पार करते ही छूट नहीं मिलती।

नहीं। यह सिर्फ़ सामान्य slab वाली आय के लिए है।

नहीं। surcharge ऊँची आय पर लगता है और 87A का दायरा उससे बहुत नीचे है।

अगर छूट के बाद टैक्स शून्य है और TDS कटा था, तो रिटर्न भरकर उसे वापस पाया जा सकता है। यह calculator रिफ़ंड नहीं निकालता।

बजट में बदल सकती हैं। यहाँ साइट के FY 2026-27 आँकड़े इस्तेमाल हुए हैं, पोर्टल पर ताज़ा नियम जाँचें।

नहीं, यह शैक्षणिक गणना है। जटिल स्थिति में CA की सलाह लें।

नहीं, कुछ भी सहेजा नहीं जाता।

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