मान लीजिए रोहित 28 साल का है और एक आईटी कंपनी में काम करता है। वह ₹7,000 की मासिक SIP, 11% का माना हुआ सालाना रिटर्न और 30 साल का लक्ष्य रखता है। वह सोच रहा है कि SIP 4 साल बाद शुरू करे, क्योंकि अभी बहन की शादी का ख़र्च है। नतीजे काल्पनिक रिटर्न पर हैं।
- अभी शुरू: 360 महीने, कोष लगभग ₹1,98,11,595 (करीब ₹1.98 करोड़)।
- 4 साल बाद शुरू: 312 महीने, कोष लगभग ₹1,25,11,667 (करीब ₹1.25 करोड़)।
- कमी = लगभग ₹72,99,928, यानी करीब ₹73 लाख।
- लगाई रकम: अभी शुरू करने पर 7,000 × 360 = ₹25,20,000; देर से 7,000 × 312 = ₹21,84,000। यानी सिर्फ़ ₹3,36,000 कम, जो लगभग 13% कम है।
- पर अंतिम कोष लगभग 37% कम। रकम 13% कम लगी, पर नतीजा 37% कम।
- देरी पाटने के लिए चाहिए मासिक SIP लगभग ₹11,084, यानी ₹4,084 ज़्यादा, लगभग 58% बढ़ोतरी।
दूसरी ओर अगर देरी सिर्फ़ 2 साल होती तो कोष लगभग ₹1.58 करोड़ रहता, और 8 साल की देरी पर लगभग ₹78 लाख। एक और काल्पनिक उदाहरण: एक शिक्षिका मीरा ₹3,000 की SIP, 12% और 20 साल के लक्ष्य पर 3 साल की देरी करती है। अभी शुरू करने पर कोष लगभग ₹29.97 लाख, देर से लगभग ₹20.04 लाख, कमी लगभग ₹9.94 लाख (33%), और पाटने के लिए SIP लगभग ₹4,488, यानी लगभग ₹1,488 ज़्यादा।