सुनीता के कार्डों की कुल सीमा ₹2,00,000 है और बकाया ₹90,000। वह statement बनने से पहले ₹30,000 चुकाती है और इस बीच ₹5,000 का नया ख़र्च करती है। कोई सीमा-बढ़ोतरी नहीं। उसका लक्ष्य 30% है। पिछले 12 महीनों में 0 देर, 6 महीनों में 1 नया आवेदन, सबसे पुराना खाता 4 साल का, और उसके पास कार्ड व लोन दोनों हैं।
- अभी का उपयोग = 90,000 ÷ 2,00,000 × 100 = 45%।
- भुगतान और नए ख़र्च के बाद बकाया = 90,000 − 30,000 + 5,000 = ₹65,000।
- बाद में उपयोग = 65,000 ÷ 2,00,000 × 100 = 32.5%। यह लक्ष्य (30%) से थोड़ा ऊपर है।
- लक्ष्य की रकम = 30% × 2,00,000 = ₹60,000। इसलिए लक्ष्य तक और चुकाना = 65,000 − 60,000 = ₹5,000।
- नया ख़र्च और सीमा-बढ़ोतरी न हो तो ज़रूरी भुगतान = 90,000 − 60,000 = ₹30,000।
- आदतें: भुगतान 0 देर, ठीक। उपयोग 32.5%, यानी लक्ष्य से ऊपर पर 50% तक, इसलिए "ध्यान दें"। खाते की उम्र 4 साल, "ध्यान दें"। आवेदन 1, ठीक। मेल दोनों, ठीक। कुल 3 ठीक, 0 जोखिम।
नतीजा: सुनीता का भुगतान सही दिशा में है। अगर वह इस बीच नया ₹5,000 का ख़र्च न करती, तो पूरा ₹30,000 का भुगतान उपयोग को ठीक 30% पर ले आता। यह calculator यह नहीं कहता कि इससे उसका score कितना बढ़ेगा।
अब हेमंत को देखिए: सीमा ₹1,00,000, बकाया ₹85,000, कोई भुगतान नहीं। पिछले साल 3 देर, 6 महीनों में 5 आवेदन, खाता 1 साल पुराना और सिर्फ़ कार्ड। उपयोग 85% है, लक्ष्य तक पहुँचने के लिए ₹55,000 चुकाने होंगे, और चार आदतें "जोखिम" में हैं। यहाँ सबसे पहला काम समय पर भुगतान को पक्का करना और नए आवेदन रोकना है।