Results are estimates for educational use only — not financial, tax or investment advice. नतीजे सिर्फ़ शैक्षणिक अनुमान हैं — वित्तीय, कर या निवेश सलाह नहीं।
FIRE क्या है और FIRE number कैसे निकलता है?
FIRE (Financial Independence, Retire Early) का मतलब है इतना corpus जमा करना कि उसके ब्याज/रिटर्न से बाक़ी ज़िंदगी का ख़र्च चल जाए और नौकरी करना मजबूरी न रहे।
FIRE number = रिटायरमेंट के समय का सालाना ख़र्च ÷ सुरक्षित निकासी दर (SWR)। 4% दर का मतलब है कि corpus का 4% पहले साल निकालें और हर साल उसे महँगाई से बढ़ाएँ — यानी corpus ≈ 25 गुना सालाना ख़र्च।
भारत में महँगाई ज़्यादा है और रिटायरमेंट लंबा हो सकता है (जल्दी रिटायर होने पर 40-50 साल), इसलिए कई लोग 3% से 3.5% की सावधान दर चुनते हैं — इससे corpus बड़ा बनता है पर जोखिम कम रहता है।
आज का ख़र्च महँगाई से बढ़कर रिटायरमेंट तक काफ़ी बड़ा हो जाता है। इसीलिए यहाँ ख़र्च को महँगाई से आगे बढ़ाकर ही FIRE number निकाला जाता है।
Coast FIRE number वह रकम है जो आज इतनी हो कि आगे और बचत न भी करें तो वह रिटायरमेंट की उम्र तक बढ़कर FIRE number बन जाए।
For education only; verify with official sources. / सिर्फ़ शिक्षा के लिए; आधिकारिक स्रोतों से जाँच लें।
How this is calculated / यह कैसे निकाला गया
Expense at retirement = monthly expense × 12 × (1 + inflation)^years to retirement. FIRE number = that yearly expense ÷ withdrawal rate. Projected corpus = current savings × (1 + return)^years + SIP future value (monthly compounding, instalment at the start of each month). Required SIP = (FIRE number − future value of current savings) ÷ SIP future-value factor. Coast FIRE number = FIRE number ÷ (1 + return)^years. The year-wise chart moves the target up with inflation every year and shows the first year the corpus is at least the target.
रिटायरमेंट पर ख़र्च = मासिक ख़र्च × 12 × (1 + महँगाई)^रिटायरमेंट तक के साल। FIRE number = वह सालाना ख़र्च ÷ निकासी दर। अनुमानित corpus = मौजूदा बचत × (1 + रिटर्न)^साल + SIP की भविष्य की वैल्यू (मासिक कंपाउंडिंग, किस्त हर महीने की शुरुआत में)। ज़रूरी SIP = (FIRE number − मौजूदा बचत की भविष्य की वैल्यू) ÷ SIP का future-value factor। Coast FIRE number = FIRE number ÷ (1 + रिटर्न)^साल। साल-दर-साल चार्ट में लक्ष्य हर साल महँगाई के साथ बढ़ता है और दिखाता है कि corpus पहली बार किस साल लक्ष्य के बराबर या ऊपर हुआ।
Reviewed on / समीक्षा की तारीख़: 11 Oct 2026
Estimate only, for learning — not advice. FIRE planning depends on returns, inflation, taxes and expenses that nobody can predict. The safe-withdrawal rule is a thumb rule from other markets, not a guarantee for India. Keep an emergency fund and health insurance, and speak to a SEBI-registered adviser before you retire early. Returns are not guaranteed and actual results will differ; this is not investment, tax or financial advice. Please speak to a SEBI-registered adviser or a qualified professional before you decide.
सिर्फ़ अनुमान, सीखने के लिए — सलाह नहीं। FIRE की योजना रिटर्न, महँगाई, टैक्स और ख़र्च पर निर्भर है जिनका अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता। सुरक्षित निकासी का नियम दूसरे बाज़ारों का मोटा नियम है, भारत के लिए गारंटी नहीं। इमरजेंसी फंड और हेल्थ इंश्योरेंस रखें, और जल्दी रिटायर होने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात करें। रिटर्न की कोई गारंटी नहीं है और असली नतीजे अलग होंगे; यह निवेश, कर या वित्तीय सलाह नहीं है। फ़ैसला लेने से पहले SEBI-पंजीकृत सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से बात करें।
संक्षेप में
FIRE number = रिटायरमेंट के समय का सालाना ख़र्च ÷ सुरक्षित निकासी दर। आज का ख़र्च पहले महँगाई से रिटायरमेंट तक बढ़ाया जाता है।
निकासी दर जितनी कम, corpus उतना बड़ा चाहिए। जल्दी रिटायरमेंट में पैसे को लंबे समय चलना होता है, इसलिए दर कम रखना सावधानी का रास्ता है।
ज़रूरी SIP, Coast FIRE number और "FIRE कब" भी साथ में दिखते हैं, ताकि लक्ष्य दूर लगे तो उम्र, ख़र्च या बचत में से कुछ बदलकर देखा जा सके।
रिटर्न, महँगाई और निकासी दर मानी हुई हैं। असली रिटर्न बदलता है और गारंटीशुदा नहीं। हेल्थ इंश्योरेंस, इमरजेंसी फंड और टैक्स इसमें शामिल नहीं हैं।
खुलने वाली विंडो में “PDF के रूप में सेव करें” चुनें। रिपोर्ट में आपके डाले हुए आँकड़े, नतीजा और चार्ट आते हैं।
उदाहरण: तीन अलग-अलग हालात
नीचे के पात्र और संख्याएँ काल्पनिक हैं; मक़सद सिर्फ़ यह दिखाना है कि अलग हालात में नतीजा कैसे बदलता है।
रवि: पेज का डिफ़ॉल्ट मामला
रवि 30 साल का है और 45 पर रिटायर होना चाहता है। आज का मासिक ख़र्च ₹50,000, महँगाई 6%, निकासी दर 3.5%। अब तक ₹5,00,000 की बचत, ₹30,000 की मासिक SIP, मानी हुई रिटर्न 11%।
रिटायरमेंट पर मासिक ख़र्च
लगभग ₹1,19,828
FIRE number
लगभग ₹4.11 करोड़
अनुमानित corpus
लगभग ₹1.62 करोड़
कमी
लगभग ₹2.49 करोड़
लक्ष्य के लिए ज़रूरी SIP
लगभग ₹84,322 महीना
Coast FIRE number (आज)
लगभग ₹85.87 लाख
इसी रफ़्तार से FIRE
61 की उम्र में (31 साल बाद)
आज का ₹50,000 का ख़र्च 15 साल में लगभग ₹1.2 लाख महीने का हो जाता है, और यही FIRE number को बड़ा बनाता है। मौजूदा रफ़्तार पर लक्ष्य 61 की उम्र में पूरा होता दिख रहा है।
प्रिया: कम ख़र्च और ज़्यादा बचत
प्रिया 35 की है और 50 पर रिटायरमेंट चाहती है। आज का ख़र्च ₹40,000 महीना, महँगाई 6%, निकासी दर 4%। बचत ₹15,00,000, SIP ₹40,000, मानी हुई रिटर्न 11%।
रिटायरमेंट पर मासिक ख़र्च
लगभग ₹95,862
FIRE number
लगभग ₹2.88 करोड़
अनुमानित corpus
लगभग ₹2.55 करोड़
कमी
लगभग ₹32.28 लाख
लक्ष्य के लिए ज़रूरी SIP
लगभग ₹47,034 महीना
इसी रफ़्तार से FIRE
52 की उम्र में (17 साल बाद)
लक्ष्य थोड़ा ही दूर रहा। रिटायरमेंट दो साल खिसकाने से या SIP लगभग ₹7,000 बढ़ाने से बात बन सकती है। ध्यान रहे कि निकासी दर 4% ज़्यादा जोखिम वाली मान्यता है।
इमरान: बीस साल का सफ़र
इमरान 28 का है और 48 पर रिटायर होना चाहता है। आज का ख़र्च ₹30,000 महीना, महँगाई 6%, निकासी दर 3.5%। बचत ₹2,00,000, SIP ₹25,000, मानी हुई रिटर्न 11%।
रिटायरमेंट पर मासिक ख़र्च
लगभग ₹96,214
FIRE number
लगभग ₹3.30 करोड़
अनुमानित corpus
लगभग ₹2.35 करोड़
कमी
लगभग ₹95.36 लाख
लक्ष्य के लिए ज़रूरी SIP
लगभग ₹35,916 महीना
Coast FIRE number (आज)
लगभग ₹40.92 लाख
कम ख़र्च वाले को भी महँगाई के बाद बड़ा corpus चाहिए। अवधि लंबी हो तो SIP में छोटा इज़ाफ़ा भी समय के साथ बड़ा फ़र्क़ बनाता है।
निकासी दर बदलने का असर (30 साल, रिटायरमेंट 45, ख़र्च ₹50,000, SIP ₹30,000, रिटर्न 11%)
निकासी दर बदलने का असर (30 साल, रिटायरमेंट 45, ख़र्च ₹50,000, SIP ₹30,000, रिटर्न 11%)
निकासी दर
FIRE number
ज़रूरी मासिक SIP
इसी रफ़्तार से FIRE की उम्र
3.0%
₹4.79 करोड़
₹99,244
64
3.5%
₹4.11 करोड़
₹84,322
61
4.0%
₹3.59 करोड़
₹73,130
58
4.5%
₹3.20 करोड़
₹64,425
56
बाक़ी मान्यताएँ वही रखी गई हैं। निकासी दर कोई गारंटी नहीं, एक सावधानी का नियम है।
रिटायरमेंट की उम्र बदलने का असर (उम्र 30, ख़र्च ₹50,000, निकासी दर 3.5%, SIP ₹30,000, रिटर्न 11%)
रिटायरमेंट की उम्र बदलने का असर (उम्र 30, ख़र्च ₹50,000, निकासी दर 3.5%, SIP ₹30,000, रिटर्न 11%)
रिटायरमेंट उम्र
FIRE number
अनुमानित corpus
ज़रूरी मासिक SIP
40
₹3.07 करोड़
₹79.89 लाख
₹1,33,709
45
₹4.11 करोड़
₹1.62 करोड़
₹84,322
50
₹5.50 करोड़
₹3.02 करोड़
₹58,322
55
₹7.36 करोड़
₹5.45 करोड़
₹41,986
60
₹9.85 करोड़
₹9.64 करोड़
₹30,744
जल्दी रिटायर होने पर लक्ष्य कम समय में पूरा करना पड़ता है, इसलिए ज़रूरी SIP तेज़ी से बढ़ती है। आँकड़े गणित के उदाहरण हैं।
त्वरित संदर्भ: FIRE के सूत्र
त्वरित संदर्भ: FIRE के सूत्र
रिटायरमेंट पर ख़र्च
आज का मासिक ख़र्च × 12 × (1 + महँगाई)^साल
FIRE number
रिटायरमेंट के समय का सालाना ख़र्च ÷ निकासी दर
अनुमानित corpus
मौजूदा बचत × (1 + रिटर्न)^साल + SIP की भविष्य की वैल्यू
ज़रूरी SIP
(FIRE number − मौजूदा बचत की भविष्य की वैल्यू) ÷ SIP का future-value factor
Coast FIRE number
FIRE number ÷ (1 + रिटर्न)^साल, यानी आज की वह रकम जो बिना और जोड़े लक्ष्य तक पहुँच जाए
निकासी दर के नियम
4% आम नियम; भारत की महँगाई और लंबी रिटायरमेंट के लिए 3-3.5% ज़्यादा सावधान माना जाता है (पेज की सलाह)
FIRE कब
वह पहला साल जब corpus, महँगाई से बढ़ते लक्ष्य के बराबर या ऊपर हो
इस पेज में क्या नहीं
हेल्थ इंश्योरेंस, इमरजेंसी फंड, टैक्स, पेंशन/किराये की आय और बाज़ार की गिरावट का क्रम (sequence risk)।
FIRE Calculator क्या करता है और कैसे काम आता है?
सरल व्याख्या
यह calculator क्या करता है
FIRE का मतलब है Financial Independence, Retire Early, यानी इतना पैसा जमा कर लेना कि नौकरी करना मजबूरी न रहे और निवेश से बना corpus आपके ख़र्च चलाता रहे। यह एक सपना जैसा लगता है, पर इसकी शुरुआत एक सीधे सवाल से होती है: "अगर मैं 45, 50 या 55 की उम्र में काम छोड़ना चाहूँ, तो उस दिन मेरे पास कितनी रकम होनी चाहिए?" FIRE Calculator इसी सवाल का हिसाब लगाता है।
आप अपनी उम्र, रिटायर होने की उम्र, आज का मासिक ख़र्च, महँगाई, सुरक्षित निकासी दर, अब तक की बचत, हर महीने की बचत और अपेक्षित रिटर्न डालते हैं। calculator बताता है कि आपका FIRE number क्या है, यानी चुनी हुई उम्र पर कितना corpus चाहिए। साथ ही यह भी कि मौजूदा बचत और SIP से आप तब तक कितना जमा कर लेंगे, कितनी कमी या अतिरिक्त रकम रहेगी, लक्ष्य के लिए कितनी मासिक SIP चाहिए, Coast FIRE number क्या है, और इसी रफ़्तार से चलें तो FIRE किस उम्र में मिलेगा।
ध्यान दें: FIRE कोई गारंटी नहीं, एक योजना का ढाँचा है। पेज पर चेतावनी है कि जल्दी रिटायरमेंट में हेल्थ इंश्योरेंस, इमरजेंसी फंड और टैक्स का हिसाब अलग से जोड़ना होगा, क्योंकि यह calculator इन्हें शामिल नहीं करता।
किसके काम का है
25-45 साल के वे लोग, जो सोचते हैं कि 50 के आसपास काम की मजबूरी से आज़ादी मिल जाए।
जो सामान्य रिटायरमेंट (60 साल) से पहले कारोबार, शौक या सामाजिक काम की ओर जाना चाहते हैं।
जिनके पति-पत्नी दोनों कमाते हैं और बचत की दर बढ़ाकर लक्ष्य जल्दी पाना चाहते हैं।
जो जानना चाहते हैं कि अब तक की बचत "कितनी दूर" तक पहुँचा चुकी है।
ऐसे लोग भी, जो पूरी तरह रिटायर नहीं होना चाहते पर कम आय वाला काम चुनने की आज़ादी चाहते हैं (इसे Coast FIRE वाली सोच कहते हैं)।
कौन-सी जानकारी डालनी होती है
पेज पर आठ स्लाइडर हैं।
आपकी उम्र (साल): 18 से 70, शुरुआती 30।
कितनी उम्र में रिटायर होना है (साल): 30 से 70, शुरुआती 45। यह आपकी मौजूदा उम्र से बड़ी होनी चाहिए, वरना calculator कहता है कि रिटायरमेंट की उम्र आपकी उम्र से बड़ी रखें।
आज का मासिक ख़र्च (₹): ₹5,000 से ₹5 लाख, ₹1,000 के कदम में, शुरुआती ₹50,000। इसमें किराया या EMI, खाना, बिजली, बच्चों का खर्च, घूमना-फिरना, सब आता है। रिटायरमेंट के बाद जो खर्च ख़त्म होंगे (जैसे बचत या EMI), उन्हें घटाकर और जो बढ़ेंगे (जैसे इलाज), उन्हें जोड़कर सोचें।
महँगाई (% सालाना): 3% से 10%, 0.5 के कदम में, शुरुआती 6%।
सुरक्षित निकासी दर, SWR (% सालाना): 2% से 6%, 0.25 के कदम में, शुरुआती 3.5%। पेज की टिप में लिखा है कि 4% आम नियम है और भारत के लिए 3-3.5% ज़्यादा सावधान माना जाता है।
अब तक की बचत और निवेश (₹): ₹0 से ₹10 करोड़, ₹50,000 के कदम में, शुरुआती ₹5 लाख। इसमें उतना ही जोड़ें जो सचमुच निवेश है और जिसे आप रिटायरमेंट के लिए रखेंगे। रहने का घर इसमें नहीं गिना जाता।
हर महीने की बचत / SIP (₹): ₹0 से ₹10 लाख, ₹1,000 के कदम में, शुरुआती ₹30,000।
निवेश पर अनुमानित सालाना रिटर्न (%): 4% से 18%, 0.5 के कदम में, शुरुआती 11%। यह कोई वादा नहीं है, एक मान्यता है।
नतीजे में क्या दिखता है और उसे कैसे पढ़ें
सबसे ऊपर आपका FIRE number है, और नीचे लिखा होता है "X साल बाद (Y की उम्र) · मासिक ख़र्च तब करीब Z"। उसके बाद की पंक्तियाँ:
रिटायरमेंट पर मासिक ख़र्च (महँगाई के साथ) और सालाना ख़र्च: आज का खर्च महँगाई से बढ़कर उस दिन कितना होगा।
आपकी बचत और SIP से अनुमानित corpus: चुनी उम्र तक जमा होने वाली रकम।
कमी (FIRE number तक) या FIRE number से ज़्यादा: अनुमानित corpus और लक्ष्य का फ़र्क़। कमी हो तो लाल, अतिरिक्त हो तो हरा।
लक्ष्य के लिए ज़रूरी मासिक SIP: अगर लक्ष्य पाना हो तो मौजूदा बचत के अलावा हर महीने कितनी बचत चाहिए। अगर आप पहले से लक्ष्य पर हैं तो यह शून्य दिखता है।
Coast FIRE number (आज की रकम): वह रकम जो आज इतनी हो कि आगे एक रुपया भी न जोड़ें, तब भी रिटायरमेंट की उम्र तक बढ़कर FIRE number बन जाए।
इसी रफ़्तार से FIRE कब: अगर आप इसी SIP और बचत पर चलते रहें, तो किस उम्र में आपका corpus उस साल के लक्ष्य के बराबर हो जाएगा। चुनी उम्र से पहले मिल जाए तो "चुनी उम्र तक पहुँच जाएँगे" लिखा आता है।
एक हरा या पीला संदेश भी दिखता है: या तो "आप चुनी उम्र तक FIRE number तक पहुँचते दिख रहे हैं", या "corpus इतना कम रहेगा; हर महीने करीब इतनी SIP से लक्ष्य पूरा होगा"।
नीचे एक लाइन चार्ट है जिसमें दो रेखाएँ हैं: आपका corpus और FIRE लक्ष्य (जो हर साल महँगाई के साथ ऊपर चढ़ता है)। जहाँ पहली रेखा दूसरी को पार कर जाए, वहीं FIRE का बिंदु है। साल-दर-साल की तालिका में हर उम्र का अनुमानित corpus और लक्ष्य दिखता है।
पढ़ने का तरीका: सबसे पहले FIRE number को देखकर चौंकें नहीं। यह इसलिए बड़ा होता है कि वह उस दिन के खर्च पर बनता है, जो महँगाई के कारण आज से कई गुना हो सकता है। फिर "कमी" और "ज़रूरी SIP" पर ध्यान दें, यही कार्रवाई की संख्या है।
इसे समझदारी से इस्तेमाल करने के तरीके
पहले खर्च को सही तौलें
FIRE number का सबसे बड़ा हिस्सा आपका खर्च तय करता है। मासिक खर्च ₹10,000 घटाने से सालाना ₹1.2 लाख कम होता है, और 3.5% पर इससे FIRE number लगभग ₹34 लाख (आज की क़ीमत में) कम हो जाता है। इसलिए खर्च को ईमानदारी से परखें, ज़रूरत पड़े तो Expense Tracker या Budget Calculator से।
निकासी दर को सावधानी से चुनें
स्लाइडर पर 3%, 3.5% और 4% के नतीजे बगल-बगल देखें। हम यह नहीं कहते कि कौन-सी दर सही है, पर कम दर चुनने से corpus बड़ा बनता है और जोखिम घटता है, जबकि बड़ी दर चुनने से लक्ष्य जल्दी दिखता है पर पैसा ख़त्म होने का ख़तरा बढ़ता है। जितना लंबा रिटायरमेंट, उतनी सावधान दर।
रिटायरमेंट की उम्र को हिलाकर देखें
उम्र 45, 50, 55 और 60 पर FIRE number, कमी और ज़रूरी SIP देखें। अक्सर 5 साल की देरी से ज़रूरी SIP काफ़ी घट जाती है, और इससे समझ आता है कि कौन-सी उम्र वास्तविक है।
रिटर्न की संवेदनशीलता
रिटर्न को 2-3% कम करके दोबारा चलाएँ, जैसा ऊपर के उदाहरण में हुआ। जो योजना सिर्फ़ ऊँचे रिटर्न पर चलती है, उसे नाज़ुक मानें।
Coast FIRE को निशाना बनाएँ
अगर Coast FIRE number तक जल्दी पहुँच सकें, तो आगे आपको सिर्फ़ अपना मौजूदा खर्च चलाने लायक कमाना होगा। इससे आप कम तनाव वाला काम चुन सकते हैं। पर यह तभी चलता है जब आपका निवेश बाक़ी समय टिकाऊ रिटर्न दे।
वार्षिक समीक्षा करें
साल में एक बार अपनी असली बचत, खर्च और निवेश के मूल्य को डालकर दोबारा देखें। रास्ता सही है या नहीं, यह आपकी असली संख्याओं से पता चलता है।
आम ग़लतियाँ और भ्रम
महँगाई को भूल जाना। आज का ₹50,000 का खर्च 15 साल बाद लगभग ₹1.2 लाख होगा (6% पर)। FIRE number इसी बढ़े खर्च पर बनता है।
रिटायरमेंट के बाद खर्च बहुत घट जाएगा, ऐसा मानना। इलाज, यात्रा और घर के खर्च बढ़ भी सकते हैं।
4% नियम को पक्का वादा समझना। यह दूसरे बाज़ारों के आँकड़ों से निकला मोटा नियम है, भारत के लिए गारंटी नहीं।
घर की क़ीमत को corpus में गिनना। जिस घर में आप रहते हैं, वह खर्च चलाने के लिए नक़द नहीं देता।
हेल्थ इंश्योरेंस और इमरजेंसी फंड छोड़ देना। FIRE के बाद कोई नियोक्ता बीमा नहीं देता। इसकी व्यवस्था अलग से करें।
टैक्स और निवेश के खर्च को भूलना। निकासी पर कर और fund के खर्च से असली हाथ में आने वाली रकम घटती है।
SIP को हमेशा एक जैसी मान लेना। असल में आय बढ़ती-घटती है और SIP भी। इस calculator में SIP स्थिर मानी गई है।
सिर्फ़ FIRE number के पीछे भागना। लक्ष्य का मक़सद ज़िंदगी की गुणवत्ता है, केवल एक संख्या नहीं।
विस्तृत गणना (पढ़ने के लिए खोलें)
गणना कैसे होती है
कोड के सूत्र इस तरह हैं:
साल = रिटायरमेंट की उम्र − आज की उम्र। महीने n = साल × 12।
रिटायरमेंट पर मासिक ख़र्च = आज का मासिक ख़र्च × (1 + महँगाई)^साल। सालाना = इसका 12 गुना।
FIRE number = सालाना ख़र्च ÷ निकासी दर। 4% का मतलब 25 गुना, 3.5% का मतलब लगभग 28.6 गुना, 3% का लगभग 33.3 गुना।
मौजूदा बचत की भविष्य की वैल्यू = बचत × (1 + रिटर्न)^साल।
SIP की भविष्य की वैल्यू = मासिक SIP × [ ((1 + r)^n − 1) ÷ r ] × (1 + r), जहाँ r = मासिक रिटर्न = सालाना ÷ 12 ÷ 100। किस्त हर महीने की शुरुआत में मानी गई है।
अनुमानित corpus = ऊपर के दोनों का जोड़। कमी = FIRE number − अनुमानित corpus।
ज़रूरी SIP = (FIRE number − बचत की भविष्य की वैल्यू) ÷ SIP का फ़ैक्टर। अगर संख्या नकारात्मक हो तो शून्य।
Coast FIRE number = FIRE number ÷ (1 + रिटर्न)^साल।
"FIRE कब" के लिए हर साल y पर corpus (बचत + SIP की वैल्यू) की तुलना उस साल के लक्ष्य से की जाती है, जहाँ लक्ष्य हर साल महँगाई से बढ़ता है; पहली बार जब corpus लक्ष्य के बराबर या ऊपर हो, वही साल दिखता है। अधिकतम 60 साल तक देखा जाता है।
मान्यताएँ: रिटर्न और महँगाई पूरी अवधि में स्थिर हैं, SIP हर साल एक जैसी रहती है (आमदनी के साथ नहीं बढ़ती), और कोई टैक्स या निवेश का खर्च नहीं कटता।
एक पूरा उदाहरण
मान लीजिए मीरा 35 साल की फ़्रीलांस आर्किटेक्ट हैं और 50 की उम्र में पूरा समय अपने डिज़ाइन स्टूडियो या सामाजिक काम को देना चाहती हैं। उनका आज का मासिक ख़र्च ₹60,000 है। उन्होंने रखा: महँगाई 6%, निकासी दर 3.5%, अब तक की बचत ₹25 लाख, मासिक SIP ₹40,000, रिटर्न 10% (यह केवल मान्यता है)।
साल = 50 − 35 = 15।
रिटायरमेंट पर मासिक ख़र्च = 60,000 × 1.06^15 ≈ ₹1,43,793। सालाना ≈ ₹17,25,522।
FIRE number = 17,25,522 ÷ 3.5% ≈ ₹4.93 करोड़ (₹4,93,00,626)।
मौजूदा बचत की वैल्यू = 25,00,000 × 1.10^15 ≈ ₹1,04,43,120।
SIP की भविष्य की वैल्यू ≈ ₹1,67,16,971 (अनुमानित corpus − बचत की वैल्यू), कुल अनुमानित corpus ≈ ₹2.72 करोड़ (₹2,71,60,091)।
कमी ≈ ₹2,21,40,535, यानी लगभग ₹2.21 करोड़।
ज़रूरी SIP ≈ ₹92,977 प्रति माह, यानी मौजूदा से ₹52,977 ज़्यादा।
Coast FIRE number ≈ ₹1.18 करोड़। मीरा के पास अभी ₹25 लाख हैं, इसलिए वे अभी Coast FIRE में नहीं पहुँचीं।
इसी रफ़्तार से corpus लक्ष्य को 28 साल बाद, यानी 63 की उम्र में पार करता है।
अब एक-एक मान्यता बदलें:
निकासी दर 4%: FIRE number ≈ ₹4.31 करोड़, ज़रूरी SIP ≈ ₹78,232, और FIRE की उम्र 60।
निकासी दर 3%: FIRE number ≈ ₹5.75 करोड़, ज़रूरी SIP ≈ ₹1,12,638, और FIRE की उम्र 66। यानी सावधानी की क़ीमत सीधे बड़ी SIP या देरी है।
रिटर्न 8%: अनुमानित corpus घटकर ≈ ₹2.19 करोड़, ज़रूरी SIP ≈ ₹1,18,762 और FIRE की उम्र 79। यानी रिटर्न सिर्फ़ 2% कम मानने पर ही लक्ष्य बहुत दूर चला गया; यह योजना की नाज़ुकता दिखाता है।
रिटायरमेंट 55 की उम्र: साल 20, FIRE number ≈ ₹6.60 करोड़, अनुमानित corpus ≈ ₹4.74 करोड़, कमी ≈ ₹1.85 करोड़, ज़रूरी SIP ≈ ₹64,199। FIRE की उम्र फिर भी 63 रहती है, क्योंकि "FIRE कब" की गणना में corpus की रेखा और महँगाई से बढ़ते लक्ष्य की रेखा वही रहती हैं; रिटायरमेंट की उम्र बदलने से वे नहीं बदलतीं।
दूसरी तरफ़ शुरुआती मानों (30 की उम्र, 45 में रिटायरमेंट, ₹50,000 खर्च, ₹5 लाख की बचत, ₹30,000 SIP, 11% रिटर्न) पर FIRE number ≈ ₹4.11 करोड़ है, अनुमानित corpus ≈ ₹1.62 करोड़, ज़रूरी SIP ≈ ₹84,322, और FIRE 61 की उम्र में। यह पेज के शुरुआती मान दिखाने के लिए है, किसी की सलाह नहीं।
सीमाएँ: यह calculator क्या नहीं बताता
यह नहीं बताता कि पैसा कहाँ और कैसे लगाएँ, या वह रिटर्न मिलेगा भी या नहीं।
रिटायरमेंट के बाद का निवेश-पोर्टफ़ोलियो कैसे बदलेगा, इसका हिसाब नहीं है। यह केवल निकासी दर से लक्ष्य निकालता है।
टैक्स, हेल्थ इंश्योरेंस का खर्च, इमरजेंसी फंड, बच्चों की पढ़ाई और शादी जैसे बड़े खर्च शामिल नहीं हैं (पेज का नोट यही कहता है)।
आय बढ़ने के साथ बढ़ती SIP (step-up) और बीच में आने वाली एकमुश्त रकम का हिसाब नहीं है।
बाज़ार में लंबी गिरावट के "क्रम का जोखिम" (sequence risk) को नहीं दिखाता।
वास्तविक रिटर्न अलग-अलग साल में बहुत अलग होते हैं। यहाँ औसत मानकर सीधी रेखा खींची गई है।
यह लेख केवल शिक्षा और जानकारी के लिए है। यह निवेश, टैक्स या कानूनी सलाह नहीं है, और नतीजे अनुमान हैं। जल्दी रिटायर होने से पहले अपनी पूरी स्थिति देखें और ज़रूरत हो तो SEBI-पंजीकृत सलाहकार से बात करें।
6 काम की बातें याद रखें
1
ख़र्च पहले घटाकर देखें
ख़र्च का हर ₹10,000 घटना FIRE number को लाखों-करोड़ों में बदल देता है। ख़र्च का स्लाइडर हिलाकर देखें।
2
निकासी दर कम रखकर चलें
लंबी रिटायरमेंट के लिए 3-3.5% पर हिसाब लगाएँ और सुविधानुसार 4% पर भी देखें। फ़र्क़ से अपनी सहनशीलता समझ आती है।
3
रिटर्न को पूरे भरोसे से न मानें
11% की जगह 8-9% मानकर भी चलाएँ। बुरे दौर में भी योजना खड़ी रहे तो वह ज़्यादा मज़बूत है।
4
स्वास्थ्य बीमा और इमरजेंसी फंड अलग
FIRE number में स्वास्थ्य ख़र्च तो शामिल है ही नहीं, इसलिए बड़े अस्पताल-ख़र्च के लिए अलग इंतज़ाम रखें।
5
Coast FIRE से राहत समझें
Coast FIRE number छू लेने के बाद बाक़ी बचत पर दबाव घट सकता है, बशर्ते रिटर्न की मान्यता ठीक बैठे।
6
साल में एक बार दोबारा चलाएँ
आय, ख़र्च, बचत और महँगाई बदलती रहती हैं। हर साल नए आँकड़े डालकर रास्ते की जाँच करें।
FIRE number = रिटायरमेंट के समय का सालाना ख़र्च ÷ सुरक्षित निकासी दर। जैसे रिटायरमेंट पर सालाना ख़र्च ₹20 लाख और दर 4% हो तो corpus ₹5 करोड़ चाहिए। आज के ख़र्च को पहले महँगाई से रिटायरमेंट तक बढ़ाना पड़ता है।
4% अमेरिकी आँकड़ों से निकला आम नियम है। भारत में महँगाई ज़्यादा है और जल्दी रिटायरमेंट लंबा होता है, इसलिए कई लोग 3% से 3.5% रखते हैं। दर कम रखने से corpus बड़ा चाहिए पर पैसा ख़त्म होने का जोखिम घटता है।
Coast FIRE वह स्थिति है जब आपके पास आज इतना निवेश हो कि आगे एक भी रुपया न जोड़ें तब भी वह रिटायरमेंट की उम्र तक बढ़कर FIRE number बन जाए। तब आप सिर्फ़ अपना मौजूदा ख़र्च चलाने लायक कमाकर भी काम कर सकते हैं।
बचत की दर। जितना बड़ा हिस्सा आप बचाते हैं, उतना कम ख़र्च चलाना पड़ेगा (जिससे FIRE number छोटा होगा) और उतना बड़ा corpus बनेगा। साथ में हेल्थ इंश्योरेंस और इमरजेंसी फंड ज़रूर रखें।
FIRE में रिटायरमेंट की उम्र आम तौर पर बहुत जल्दी रखी जाती है, इसलिए बचत की दर बहुत ऊँची और corpus का हिसाब ज़्यादा सख़्त होता है।
सीधे नहीं। निकासी दर के ज़रिए माना गया है कि corpus लंबे समय चलेगा। कितने साल चलेगा, यह बाज़ार और ख़र्च के क्रम पर निर्भर है।
पेज इसे गिनता नहीं। पार्ट-टाइम काम या किराये की आय से निकासी की ज़रूरत कम होगी, यानी असली FIRE number छोटा हो सकता है।
नहीं। निकासी दर एक सावधानी का नियम है, लंबी उम्र, महँगाई के उतार-चढ़ाव और बाज़ार की गिरावट में कोई गारंटी नहीं देता।
क्योंकि इन आँकड़ों पर लक्ष्य चुनी उम्र तक पूरा नहीं होता। पेज वह उम्र बताता है जिस साल corpus पहली बार बढ़ते लक्ष्य के बराबर या ऊपर हो।
इन मान्यताओं पर 60 साल के हिसाब में भी corpus लक्ष्य को नहीं छूता। बचत बढ़ाइए, ख़र्च घटाइए या रिटर्न की मान्यता जाँचिए।
पेज में SIP स्थिर मानी गई है। हर साल बढ़ने वाली SIP का असर Step-Up SIP Calculator में देखें, जो आय बढ़ने पर काम का अनुमान देता है।
नहीं। निकासी और रिटर्न पर कर इसमें शामिल नहीं हैं। असल में हाथ आने वाला corpus इससे कम हो सकता है।
हाँ, एक ही दर सबके लिए। असल में शिक्षा और इलाज की महँगाई आम महँगाई से अलग चलती है, इसलिए उन ख़र्चों के लिए अलग से योजना बनाएँ।
पेज इन्हें अलग से नहीं गिनता। जो आज के मासिक ख़र्च में शामिल है वही आधार बनता है। बड़े लक्ष्यों के लिए Child Education Planner या Composite Goal Planner देखें।
अगर रिटायरमेंट पर भी EMI चलती रहेगी तो आज के मासिक ख़र्च में जोड़ें। अगर लोन उससे पहले ख़त्म होगा तो उसे हटाकर चलाएँ।
यह आज की वह रकम है जो बिना कुछ और जोड़े मानी हुई रिटर्न पर रिटायरमेंट तक FIRE number बन जाएगी। आपकी बचत उससे ऊपर हो तो मान्यता के अनुसार आप बचत की गति धीमी कर सकते हैं।
कम समय में बदलने वाले आँकड़े जैसे रिटर्न की मान्यता नतीजे को बहुत बदलते हैं। इसलिए एक संख्या पर नहीं, कई परिदृश्यों के दायरे पर भरोसा करें।
नहीं। यह शैक्षणिक अनुमान है। अपने निवेश और रिटायरमेंट के बड़े फ़ैसलों से पहले अपने हालात देखें और ज़रूरत हो तो पंजीकृत सलाहकार से बात करें।