कविता
Finance पर आधारित कविताएं — पढ़ो और सीखो
कंपनी जब पहली बार जनता के सामने आए,
आईपीओ कहलाए वो, जो शेयर बाज़ार में लाए,
समझो बिज़नेस, पढ़ो डीआरएचपी सारी,
तभी लगाना पैसा, यही है समझदारी।
सिर्फ हाइप में मत बहकर जाना,
ग्रे मार्केट प्रीमियम पर आँख मूंद मत भरोसा करना,
रिसर्च करो, वैल्यूएशन को परखो,
तभी आईपीओ में अपना पैसा तुम रखो।
शेयर बाज़ार ना जुआ है, ना रातों-रात अमीरी,
यहाँ चलती है धीरज की, नॉलेज की सवारी,
डीमैट खोलो, बेसिक्स सीखो, छोटी शुरुआत करो,
अच्छी कंपनियां में भरोसा रखो, डाइवर्सिफाई करो।
मार्केट गिरे तो घबराना मत यार,
लॉन्ग-टर्म सोच रखो, यही है सार,
समय के साथ बढ़े तुम्हारी दौलत सारी,
यही है शेयर बाज़ार की असली तैयारी।
बीमारी बिन बताए आती है यारो,
इसीलिए पहले से कवर बनाओ प्यारे,
सम इंश्योर्ड छोटा मत रखना,
वेटिंग पीरियड को कभी मत भूलना।
सिर्फ प्रीमियम देखकर मत चुनना पॉलिसी,
क्लेम सेटलमेंट रेशियो भी देखो साथी,
ऑनेस्ट जानकारी दो, ना छुपाओ कुछ भी,
हेल्थ इंश्योरेंस बने तुम्हारी सबसे बड़ी राहत-सी।
ना हो कभी वो दिन, पर तैयारी ज़रूरी है,
टर्म इंश्योरेंस है वो, जो देता मज़बूरी में सहारा,
थोड़े से प्रीमियम में, बड़ा है कवरेज,
अपनों की खुशियों का यही है सच्चा तराना।
सालाना इनकम का पंद्रह-बीस गुना कवर लो,
जल्दी शुरुआत करो, कम प्रीमियम का फायदा लो,
टर्म है प्रोटेक्शन, इन्वेस्टमेंट नहीं यह याद रखो,
अपनों की सुरक्षा को सबसे ऊपर तुम रखो।
नई राह है आसान, कम स्लैब का वादा,
पुरानी राह में छूट का है इरादा,
जिसने लिया हो होम लोन, किया हो निवेश,
पुरानी राह में शायद बचे ज़्यादा पैसा शेष।
बिना डिडक्शन वाला, सीधा-सादा हिसाब,
नई रिजीम चुने वो, जिसे ना हो झंझट का सवाब,
हर साल कैलकुलेट करो, दोनों को आज़माओ,
जो बचाए ज़्यादा पैसा, वही रिजीम अपनाओ।
डेढ़ लाख की छूट है सेक्शन अस्सी-सी में,
पीपीएफ, ईएलएसएस, बीमा सब इसी लिस्ट में,
समझदारी से चुनो, सिर्फ टैक्स के लिए मत लो,
अपने गोल्स के हिसाब से सही इंस्ट्रूमेंट चुनो।
मार्च के आखिरी हफ्ते में मत करो हड़बड़ी,
साल की शुरुआत से ही करो प्लानिंग अच्छी,
टैक्स बचे, पैसा भी बढ़े, यही असली समझदारी,
सेक्शन अस्सी-सी का सही इस्तेमाल है यही तैयारी।
मिनिमम ड्यू भरकर सोचा राहत मिल गई,
पर ब्याज़ की आग अंदर ही अंदर सुलग गई,
कार्ड का कर्ज़ा है मीठा ज़हर सा,
समय पर ना चुकाओ तो बने बड़ा कहर सा।
स्नोबॉल या अवलांच, कोई भी तरीका अपनाओ,
छोटे कर्ज़ से या ज़्यादा ब्याज़ से, राह बनाओ,
हर महीने थोड़ा ज़्यादा चुकाते जाओ,
आज़ादी की तरफ धीरे-धीरे बढ़ते जाओ।
ईंट-ईंट से बनता है घर का सपना,
पर लोन लेने से पहले समझो अपना गणित,
सिबिल स्कोर चेक करो, बैंकों को तौलो,
इंटरेस्ट रेट की तुलना करके ही आगे चलो।
डाउन पेमेंट जितना बड़ा हो सके करो,
ईएमआई आमदनी के हिसाब से ही धरो,
सपनों का घर बने, बोझ ना बने कर्ज़ा,
समझदारी से लिया लोन ही है असली मर्ज़ा।
पांच सौ रुपये से भी शुरू हो सकता है सफर,
म्यूचुअल फंड की दुनिया में रखो पहला कदम,
केवाईसी करो, डायरेक्ट प्लान चुनो,
रेगुलर के कमीशन से खुद को बचाओ।
गोल बनाओ, रिस्क को समझो,
चार-पांच अच्छे फंड्स में भरोसा रखो,
समय के साथ बढ़े पैसा तुम्हारा,
यही है कंपाउंडिंग का असली नज़ारा।
बूंद-बूंद से भरे घड़ा, यही एसआईपी का नाम,
हर महीने थोड़ा डालो, मिले बड़ा इनाम,
एक साथ पूरी रकम लगाना, कहलाए लंपसम,
सही समय पर सही चुनाव, है निवेश का मर्म।
बाज़ार ऊपर-नीचे डोले, घबराना मत यार,
एसआईपी से औसत निकले, यही है समझदार,
जब भी हो बड़ी रकम, थोड़ा सोच-विचार,
एसटीपी से बांट के डालो, यही सही तरीका सार।
अंधेरी रात में जो दीया जले,
वही इमरजेंसी फंड कहलाए,
नौकरी जाए या बीमारी आए,
यह फंड तुम्हें डूबने ना दे।
तीन से छह महीने का खर्च बचाओ,
हर महीने थोड़ा-थोड़ा जोड़ते जाओ,
मुश्किल घड़ी में यही सहारा,
बना देगा जीवन को किनारा।
आधा हिस्सा ज़रूरतों का,
तीस फीसद ख्वाहिशों का,
बीस बचत की राह पकड़े,
यही है पैसों का गणित सच्चा।
सैलरी आए, बंटवारा हो,
ना फिज़ूलखर्ची का शिकार हो,
पचास-तीस-बीस का ये नियम,
जीवन को दे नई दिशा और नियम।