कविता
Finance पर आधारित कविताएं — पढ़ो और सीखो
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सपनों की सीढ़ी
हर महीने की एक छोटी बूँद,
बन जाती है सागर, धीरे-धीरे मूँद-मूँद।
न जल्दी की चाह, न डर कोई,
सिर्फ भरोसा, और थोड़ी नींद।
समय के साथ चलता जो रहेगा,
Compounding का जादू वो ही देखेगा।
आज बचाया एक-एक रुपैया,
कल बन जाएगा सपनों का साया।