इस पेज में निवेश, शेयर बाज़ार और निवेशक के व्यवहार (behaviour) पर 9 जानी-मानी किताबों का परिचय है। हर किताब के साथ लिखा है कि वह किसके लिए है, उससे क्या सीखा जा सकता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। ये पेज उन पाठकों के लिए है जो SIP या बचत से आगे बढ़कर बाज़ार को समझना चाहते हैं।
यहाँ वे 5 शुरुआती किताबें दोहराई नहीं गई हैं जो शुरुआत के लिए personal finance की किताबें वाले पेज पर हैं। सभी किताबें मूल रूप से अंग्रेज़ी में हैं। हिंदी संस्करण का ज़िक्र हमने सिर्फ़ वहीं किया है जहाँ उसकी पुष्टि हुई है। इस पेज की किताबों के लिए हम हिंदी संस्करण की पुष्टि नहीं कर पाए। इसका मतलब यह नहीं कि वह है या नहीं है, बस इतना कि हम कोई दावा नहीं कर रहे। हिंदी और भारतीय लेखकों की किताबों के लिए हिंदी और भारतीय finance किताबें देखें।
किताबें पढ़ने का तरीका
- पहले सवाल तय करें – "मुझे बाज़ार की चाल समझनी है या अपनी आदतें?" सवाल साफ़ हो तो सही किताब चुनना आसान होता है।
- हर अध्याय के बाद 3 बातें लिखें – अपने शब्दों में लिखने से बात याद रहती है, और जो समझ नहीं आया वह भी दिखता है।
- प्रकाशन का साल देखें – पुरानी किताब में विचार टिकते हैं, पर नियम, tax और आँकड़े बदल जाते हैं। इन्हें हमेशा official पेज पर जाँचें।
- अलग सोच की दो किताबें साथ पढ़ें – जैसे index की बात करने वाली और चुनिंदा शेयरों की बात करने वाली। दोनों तरफ़ के तर्क देखने से तस्वीर पूरी होती है।
- लेखक के उदाहरण को अपनी सलाह न मानें – किताब में किसी का अनुभव सब पर लागू नहीं होता। उदाहरण समझने के लिए हैं, नक़ल के लिए नहीं।
9 किताबें: शुरुआती से मध्यम स्तर तक
1. A Random Walk Down Wall Street — Burton G. Malkiel (पहला प्रकाशन: 1973)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी। इसके कई संशोधित संस्करण आ चुके हैं, इसलिए ताज़ा संस्करण देखें।
- किसके लिए: शुरुआती से मध्यम पाठक, जो जानना चाहते हैं कि बाज़ार को "हराना" कितना मुश्किल माना जाता है।
- क्या सीखेंगे: लेखक का मुख्य तर्क है कि शेयर की कीमतें काफ़ी हद तक random तरीके से चलती हैं, इसलिए लगातार बाज़ार से आगे निकलना मुश्किल है। किताब technical और fundamental analysis की कमज़ोरियाँ दिखाती है और बताती है कि कम खर्च वाले index तरीके कई निवेशकों के लिए क्यों तर्कसंगत माने जाते हैं।
- ध्यान रखें: उदाहरण मुख्य रूप से अमेरिकी बाज़ार के हैं। इस विचार से सब सहमत नहीं हैं, इसलिए इसे एक पक्ष की तरह पढ़ें।
2. The Little Book of Common Sense Investing — John C. Bogle (2007)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी; Wiley द्वारा प्रकाशित।
- किसके लिए: बिल्कुल शुरुआती पाठक, जो costs और index fund का तर्क सरल भाषा में पढ़ना चाहते हैं।
- क्या सीखेंगे: किताब बताती है कि निवेश पर लगने वाला खर्च समय के साथ रिटर्न को कैसे खा जाता है। लेखक का मत है कि पूरे बाज़ार को कम लागत में रखना ज़्यादातर निवेशकों के लिए सबसे सीधा रास्ता है। साथ में dividend, कमाई की वृद्धि और बाज़ार की अपेक्षाओं का फ़र्क भी समझाया गया है।
- ध्यान रखें: उदाहरण अमेरिकी फंड और बाज़ार के हैं। भारत में फंड के प्रकार, expense ratio और tax के नियम अलग हैं।
3. One Up On Wall Street — Peter Lynch, John Rothchild के साथ (1989)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी।
- किसके लिए: शुरुआती से मध्यम पाठक, जो कंपनियों को रोज़मर्रा के अनुभव से समझना चाहते हैं।
- क्या सीखेंगे: लेखक का विचार है कि आम निवेशक अपने आसपास के नए उत्पाद और कंपनियाँ बड़े संस्थानों से पहले देख सकता है। किताब शेयरों को छह प्रकारों में बाँटती है, जैसे slow growers, fast growers, cyclicals और turnarounds, और कहती है कि सिर्फ़ अनुभव नहीं, कमाई और valuation की जाँच भी ज़रूरी है।
- ध्यान रखें: किताब 1980 के दशक के अमेरिका की है। "जो जानते हैं उसमें लगाएँ" का विचार अच्छा है, पर इससे जोखिम ख़त्म नहीं होता।
4. Common Stocks and Uncommon Profits — Philip A. Fisher (1958)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी। यह क्लासिक किताब कई संस्करणों में मिलती है।
- किसके लिए: मध्यम स्तर के पाठक, जो कंपनी की गुणवत्ता को गहराई से परखना सीखना चाहते हैं।
- क्या सीखेंगे: फ़िशर नवाचार और शोध पर टिकी कंपनियों को लंबे समय तक रखने की बात करते हैं। वे "scuttlebutt" तरीका बताते हैं, यानी ग्राहकों, सप्लायरों और प्रतिस्पर्धियों से बात करके कंपनी की असली तस्वीर जुटाना। किताब कंपनी परखने के बिंदु भी देती है।
- ध्यान रखें: यह गुणात्मक (qualitative) किताब है और उदाहरण पुराने हैं। इतनी पूछताछ एक आम निवेशक के लिए आसान नहीं होती।
5. The Little Book That Beats the Market — Joel Greenblatt (2005)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी; Wiley द्वारा प्रकाशित (बाद में अपडेटेड संस्करण भी आया)।
- किसके लिए: शुरुआती से मध्यम पाठक, जो नियम-आधारित stock चुनने का एक उदाहरण पढ़ना चाहते हैं।
- क्या सीखेंगे: किताब "magic formula" समझाती है, जिसमें कंपनी की कमाई की तुलना उसकी कीमत से और पूँजी पर मुनाफ़े से की जाती है। इससे earnings yield और return on capital जैसे विचार आसान भाषा में समझ आते हैं।
- ध्यान रखें: फ़ॉर्मूला पुराने अमेरिकी आँकड़ों पर आधारित है। जानकारों के अनुसार इसमें कम अवधि में उतार-चढ़ाव बहुत हो सकता है। पिछला प्रदर्शन आगे की गारंटी नहीं है।
6. The Dhandho Investor — Mohnish Pabrai (2007)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी; Wiley द्वारा प्रकाशित।
- किसके लिए: मध्यम स्तर के पाठक, जो value investing के विचार को कहानी-शैली में पढ़ना चाहते हैं।
- क्या सीखेंगे: लेखक भारतीय पटेल कारोबारियों के पूँजी लगाने के सिद्धांतों को शेयर बाज़ार पर लागू करते हैं। "Heads, I win; tails, I don't lose much" का विचार, margin of safety और कम लेकिन सोच-समझकर लगाए गए दाँव जैसी अवधारणाएँ यहाँ मिलती हैं।
- ध्यान रखें: कुछ ही शेयरों में बड़ी रकम रखने की सोच जोखिम बढ़ा सकती है। इसे अपनाने से पहले diversification का विचार भी समझ लें।
7. Fooled by Randomness — Nassim Nicholas Taleb (2001)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी।
- किसके लिए: मध्यम पाठक, जो किस्मत, जोखिम और अपनी गलत धारणाओं पर सोचना चाहते हैं।
- क्या सीखेंगे: लेखक बताते हैं कि हम संयोग से हुई बातों में भी कारण ढूँढ लेते हैं। survivorship bias, यानी सिर्फ़ सफल लोगों को देखकर नतीजा निकालना, और ऐसी स्थितियाँ जहाँ छोटे-छोटे फ़ायदे एक बड़ी दुर्लभ हानि को छिपा देते हैं, यहाँ उदाहरणों से समझाई गई हैं।
- ध्यान रखें: यह how-to किताब नहीं है। शैली घुमावदार और राय से भरी है, इसलिए धीरे और आलोचनात्मक ढंग से पढ़ें।
8. Thinking, Fast and Slow — Daniel Kahneman (2011)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी।
- किसके लिए: हर पाठक, जो पैसे के फ़ैसलों में अपने दिमाग़ की चालें समझना चाहता है। लेखक को 2002 में अर्थशास्त्र का नोबेल मिला था।
- क्या सीखेंगे: किताब सोच के दो तरीके बताती है, तेज़-सहज और धीमा-सोचा-समझा। anchoring, availability, loss aversion और planning fallacy जैसे पूर्वाग्रह (bias) उदाहरणों से समझ आते हैं, जो निवेश और खर्च दोनों में दिखते हैं।
- ध्यान रखें: यह सीधे निवेश की किताब नहीं, मनोविज्ञान की है। इसके कुछ शुरुआती शोध-दावों पर बाद में सवाल उठे हैं।
9. Coffee Can Investing — Saurabh Mukherjea, Rakshit Ranjan, Pranab Uniyal (2018)
- भाषा/उपलब्धता: मूल अंग्रेज़ी; Penguin India (Portfolio) द्वारा प्रकाशित। भारतीय बाज़ार के संदर्भ में लिखी गई है।
- किसके लिए: मध्यम पाठक, जो भारतीय कंपनियों के उदाहरणों के साथ लंबी अवधि की सोच पढ़ना चाहते हैं।
- क्या सीखेंगे: किताब "coffee can" तरीके को समझाती है, यानी अच्छी गुणवत्ता की कंपनियाँ चुनकर उन्हें लंबे समय तक बिना बार-बार बदले रखना। लेखकों के अनुसार इस तरीके में जोखिम को कम रखने की कोशिश होती है, और भारतीय आँकड़ों पर आधारित उनके अध्ययन का सार दिया गया है।
- ध्यान रखें: दिए गए रिटर्न पिछले आँकड़ों पर आधारित लेखकों के अध्ययन हैं, भविष्य के वादे नहीं। शेयर चुनने की प्रक्रिया मुश्किल है।
पढ़ने का क्रम: तीन तरह के पाठकों के लिए सुझाव
ये सिर्फ़ पढ़ने के क्रम के शैक्षिक सुझाव हैं, किसी निवेश की सलाह नहीं।
- बिल्कुल नए पाठक: Thinking, Fast and Slow के चुनिंदा अध्याय या The Little Book of Common Sense Investing से शुरू करना आसान रहता है। फिर A Random Walk Down Wall Street पढ़ी जा सकती है।
- जो SIP या म्यूचुअल फंड से परिचित हैं और शेयर समझना चाहते हैं: One Up On Wall Street, फिर The Little Book That Beats the Market, और उसके बाद Coffee Can Investing। अलग-अलग तरीके देखने के लिए Common Stocks and Uncommon Profits आगे रखी जा सकती है।
- जो अपनी आदतों और जोखिम की समझ पर काम करना चाहते हैं: Thinking, Fast and Slow, फिर Fooled by Randomness, और अंत में The Dhandho Investor, ताकि जोखिम का दूसरा पहलू भी दिखे।
किताब किसी एक लेखक की सोच और किसी एक दौर के अनुभव का निचोड़ होती है। आपकी आमदनी, ज़िम्मेदारियाँ, लक्ष्य और जोखिम सहने की क्षमता अलग हैं। इसलिए किताब से तरीके और सोच सीखें, पर कोई भी पैसे का फ़ैसला अपने हालात और आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही लें।
अच्छी किताब आपको सवाल पूछना सिखाती है, जवाब थमाती नहीं। नियम और tax बदलते रहते हैं, इसलिए पुरानी किताब के आँकड़े या नियम पढ़कर आगे न बढ़ें। official पेज पर जाँच लें। पढ़ना एक आदत है, जल्दी का सौदा नहीं।