इस पेज में demat account खोलने के लिए आम तौर पर लगने वाले दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट है, हर दस्तावेज़ क्यों माँगा जाता है, online और offline तरीके, और जिन गलतियों से form अटकता है। यह उन लोगों के लिए है जो पहली बार demat account खोलने की तैयारी कर रहे हैं। अलग-अलग broker या DP (depository participant) के form थोड़े अलग हो सकते हैं, इसलिए आख़िरी सूची अपने DP से मिला लें।
किसके लिए है यह पेज
भारत के निवासी वयस्क व्यक्ति, जो अपने नाम पर single demat account खोलना चाहते हैं। नाबालिग और NRI के खाते में अतिरिक्त शर्तें होती हैं; उनके लिए नीचे सिर्फ़ छोटा नोट है।
दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट
- PAN card – SEBI की investor-education सामग्री में PAN को अनिवार्य दस्तावेज़ और पहचान का प्रमाण, दोनों बताया गया है। नाम और जन्मतिथि बाकी दस्तावेज़ों से मिलनी चाहिए।
- पहचान का प्रमाण (OVD) – जैसे Aadhaar, passport, driving licence, voter ID। SEBI की सूची में MGNREGA job card और NPR पत्र भी officially valid documents में गिने गए हैं।
- पते का प्रमाण – ऊपर वाले OVD में से कोई, जिसमें मौजूदा पता हो। utility bill जैसे कुछ दस्तावेज़ पते के लिए तभी चलते हैं जब वे दो महीने से ज़्यादा पुराने न हों।
- बैंक खाते का प्रमाण – पिछले 6 महीने का bank statement, नाम छपा cancelled cheque, या IFSC वाली passbook में से कोई एक।
- Signature – form या e-sign पर आपके हस्ताक्षर। ऐसे हस्ताक्षर करें जो बैंक में दिए हस्ताक्षर जैसे हों।
- Photograph – passport size फोटो, या online process में selfie/video verification।
- अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल – transaction के SMS और ई-मेल alert इन्हीं पर आते हैं। SEBI के अनुसार ऐसी ई-मेल id न बनवाएँ जो broker ने खुद बनाई हो।
- Income proof (सिर्फ़ F&O के लिए) – derivatives में trade करना हो तो salary slip, Form 16, ITR की पावती या CA का net-worth certificate माँगा जाता है। सिर्फ़ शेयर या fund खरीदने के लिए आम तौर पर ज़रूरी नहीं।
हर दस्तावेज़ क्यों माँगा जाता है
PAN से आपकी पहचान और टैक्स रिकॉर्ड जुड़ते हैं। OVD और पते का प्रमाण KYC के लिए है। बैंक proof इसलिए कि आपका पैसा सिर्फ़ आपके अपने खाते से आए और जाए। Signature और photo से बाद में किसी विवाद में आपकी पहचान जाँची जा सकती है।
खाता खोलने के तरीके
Online (e-KYC) – आम चरण
- Form भरें – broker की वेबसाइट या app पर नाम, PAN, मोबाइल और ई-मेल OTP से verify करें।
- पहचान verify कराएँ – आम तरीके हैं Aadhaar OTP (UIDAI के ज़रिए), या DigiLocker से दस्तावेज़ लाना। PAN की जाँच income tax database से होती है।
- बैंक खाते की जाँच – कई जगह "penny drop" होता है, यानी बैंक में छोटी रकम भेजकर नाम, खाता और IFSC मिलाया जाता है।
- Video IPV – SEBI की सामग्री के अनुसार Aadhaar आधारित KYC या DigiLocker से verified online KYC में अलग से in-person verification की छूट दी गई है; बाकी मामलों में video IPV हो सकता है।
- e-Sign – दस्तावेज़ों पर Aadhaar e-sign या डिजिटल हस्ताक्षर करें।
- Account activation – जाँच पूरी होने पर account चालू होता है।
Offline (कागज़ी) – आम चरण
- Broker या DP के ऑफ़िस जाएँ – account opening form (AOF) लें।
- Self-attested photocopy – SEBI की सामग्री के अनुसार original न हों तो self-attested copy चल सकती है, पर original दिखाने को कहा जा सकता है।
- पूरा पढ़कर sign करें – कोई भी खाली field या खाली कागज़ पर sign न करें; जो field भरनी नहीं, उसे काट दें।
- Welcome kit का इंतज़ार – post या e-mail से मिलता है।
SEBI की investor-education सामग्री के अनुसार Power of Attorney (PoA) और running account authorisation वैकल्पिक हैं; broker या DP को इन पर ज़ोर नहीं देना चाहिए। साथ में दिए अधिकार ध्यान से पढ़ें।
Nomination: नए नियम की जानकारी
SEBI के 29 मई 2026 के सर्कुलर (समाचार और कानूनी साइटों की रिपोर्ट के अनुसार) में demat accounts और mutual fund folios की nomination के नियम बदले गए हैं, जो 1 सितंबर 2026 से लागू बताए गए हैं।
- 1 सितंबर 2026 या उसके बाद खुलने वाले single-holder demat account और MF folio में nomination देना होगा, या "opt-out" declaration देना होगा।
- Joint accounts में nomination वैकल्पिक रहता है; nomination देने या बदलने में सभी joint holders की सहमति चाहिए।
- अधिकतम 3 nominees रखे जा सकते हैं। हिस्सा न लिखा हो तो बराबर बाँटा जाता है।
- ज़रूरी जानकारी: nominee का नाम और रिश्ता। नाबालिग nominee हो तो जन्मतिथि।
- Online nomination DSC, e-sign या two-factor authentication से होता है। कागज़ी nomination में witness की ज़रूरत नहीं, सिर्फ़ अँगूठे के निशान पर दो witness चाहिए।
- Nomination बाद में कितनी भी बार बदला या रद्द किया जा सकता है।
हम सर्कुलर का मूल पाठ सीधे नहीं पढ़ पाए; ऊपर की बातें कई रिपोर्टों पर आधारित हैं। सही शब्दों के लिए SEBI की वेबसाइट पर सर्कुलर देखें और अपने DP से पूछें।
sebi.gov.inKYC status: KRA और CKYC
Demat खोलते समय आपका KYC रिकॉर्ड किसी KYC Registration Agency (KRA) में दर्ज होता है। रिपोर्टों के अनुसार status "Validated", "Registered" या "On hold" जैसे दिख सकते हैं, और PAN का Aadhaar से लिंक न होना status अटका सकता है। CKYC (CERSAI की केंद्रीय रजिस्ट्री) अलग है; सिर्फ़ CKYC हो तो भी DP KRA वाली प्रक्रिया माँग सकता है। अपना KYC status broker, AMC या KRA की वेबसाइट पर देखा जा सकता है।
Bank और UPI से पैसा
SEBI की सामग्री के अनुसार पैसा और securities सिर्फ़ आपके registered bank account और demat account से ही भेजें या मँगाएँ। UPI या net banking से पैसा डालते समय जाँच लें कि खाता वही है जो form में दिया था। Broker का UPI/bank mandate आम तौर पर आपके अपने खाते से जुड़ा होता है; किसी तीसरे व्यक्ति के खाते या id से भुगतान न करें।
खाता खुलने के बाद क्या मिलना चाहिए
- Trading account number (UCC), user ID और login की जानकारी; password अलग से या सुरक्षित तरीके से।
- Demat account number और linked bank की जानकारी।
- Brokerage और charges की सूची (tariff sheet) और शिकायत के संपर्क।
- Client master (जिसमें nominee और पता दिखता है)।
- Welcome e-mail, और हर लेन-देन पर SMS/ई-मेल alert। SEBI की सामग्री के अनुसार हस्ताक्षरित KYC की कॉपी भी 7 दिन में मिलनी चाहिए।
आम गलतियाँ
- PAN और Aadhaar में नाम या जन्मतिथि अलग होना।
- PAN का Aadhaar से लिंक न होना (ITR की चेकलिस्ट में भी यही सावधानी आती है)।
- बैंक में दिया signature और form का signature अलग होना।
- Aadhaar से जुड़ा मोबाइल बंद होना, इसलिए OTP न आना।
- किसी और का मोबाइल या ई-मेल देना।
- खाली field पर sign करना।
नाबालिग और NRI
नाबालिग के नाम पर खाता अभिभावक के ज़रिए खुलता है; ज़रूरी दस्तावेज़ DP के हिसाब से अलग हो सकते हैं (जैसे जन्म प्रमाणपत्र और अभिभावक का KYC)। NRI के लिए अलग नियम और खाते के प्रकार होते हैं। इस पेज में दोनों की पूरी सूची नहीं दी गई; अपने DP से पूछें।
दस्तावेज़ → क्यों → आम गलती
| दस्तावेज़ | क्यों | आम गलती |
|---|---|---|
| PAN | पहचान और टैक्स रिकॉर्ड के लिए | नाम या जन्मतिथि Aadhaar से अलग |
| Aadhaar / OVD | पहचान और पता, e-KYC के लिए | मोबाइल लिंक न होने से OTP नहीं आता |
| बैंक proof | पैसे का आना-जाना अपने खाते से | पुराना statement या नाम कटा cheque |
| Signature | दस्तावेज़ों की वैधता | बैंक के signature से अलग |
| Nomination | आपके बाद securities नामित व्यक्ति तक पहुँचें | opt-out का मतलब समझे बिना चुन लेना, या बाद में बदलना भूल जाना |
| Income proof (F&O) | derivatives segment के लिए | पुराने साल का proof देना |
दस्तावेज़ों में नाम, जन्मतिथि और signature एक जैसे रखें, और सिर्फ़ अपने मोबाइल, ई-मेल और बैंक खाते का इस्तेमाल करें। Nomination के नए नियम official सर्कुलर से मिला लें। SEBI के registered intermediary से ही खाता खोलें।