अगर अभी-अभी UPI, card, net banking या किसी फ़र्ज़ी कॉल या लिंक के ज़रिए आपके पैसे कट गए हैं, तो सबसे पहले एक बात: यह आपकी कमज़ोरी नहीं है। ठग पेशेवर होते हैं, वे जान-बूझकर घबराहट और जल्दबाज़ी का माहौल बनाते हैं, और बहुत समझदार लोग भी इसमें फँस जाते हैं। इस पेज में पहले घंटे के कदम, बाद की शिकायत की सीढ़ी, सबूत की सूची, बैंक के नियम और क्या न करें, सब सरल भाषा में हैं।
साइबर ठगी की राष्ट्रीय helpline 1930 है, और national police helpline 112 है। ये दोनों नंबर cybercrime.gov.in पोर्टल पर दिए गए हैं। पैसा जितनी जल्दी रिपोर्ट होता है, उसे रोकने की गुंजाइश उतनी बेहतर रहती है, इसलिए बाकी पेज बाद में पढ़ा जा सकता है। cybercrime.gov.in
पहला घंटा: कदम-दर-कदम
- गहरी साँस लें, और संपर्क बंद करें – ठग का फ़ोन, चैट या लिंक आगे न खोलें। उनके कहने पर कोई ऐप install न करें, कोई और पैसा न भेजें। यह भी पक्का कर लें कि आपके पास transaction का सबूत है।
- 1930 पर कॉल करें – यह cyber crime helpline है। कॉल पर transaction की तारीख, राशि, UPI ID या खाता संख्या और transaction ID बताने के लिए तैयार रहें। पोर्टल के निर्देशों के अनुसार शिकायत दर्ज होने पर acknowledgement संख्या SMS या email से मिलती है।
- बैंक या UPI ऐप को तुरंत बताएँ – अपने बैंक के 24x7 कस्टमर केयर, app या website से unauthorised transaction की सूचना दें। RBI के नियम के अनुसार बैंकों को ग्राहकों को रिपोर्ट करने के कई चैनल देने होते हैं, जैसे website, phone banking, SMS, email, IVR और toll-free helpline।
- card, net banking और UPI रोकें – बैंक से card block कराएँ, ज़रूरत हो तो net banking और UPI बंद कराएँ। पासवर्ड, PIN और UPI PIN किसी भरोसेमंद device से बदलें।
- cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें – पोर्टल पर ‘Financial Fraud’ का विकल्प है। मोबाइल नंबर, बैंक या wallet का नाम, खाता या UPI ID, transaction ID और तारीख, तथा screenshots चाहिए होते हैं।
- सबूत सुरक्षित करें – कुछ भी delete न करें: SMS, कॉल लॉग, चैट, लिंक, ईमेल और screenshots जैसे हैं वैसे रखें।
- बैंक को लिखित में दें – branch या email से लिखित शिकायत भी दें और उसकी रसीद या reference संख्या लें। नीचे ‘क्या लिखें’ में एक उदाहरण है।
- पुलिस के पास जाने की तैयारी – नज़दीकी थाने या cyber cell में जाकर FIR की बात करें। अगर कोई सीधे FIR न ले, तो ऊपर के अधिकारी से मिलें। इसकी बारीकियाँ आपके राज्य पर निर्भर कर सकती हैं।
पहले ये सबूत इकट्ठा करें
- ठगी का समय, तारीख और कुल राशि का एक छोटा नोट
- transaction ID या UTR, और bank statement की वह लाइन
- जिस खाते, UPI ID या मोबाइल नंबर पर पैसा गया, उसका ब्योरा
- आपके मोबाइल पर आए SMS, कॉल लॉग, WhatsApp या दूसरी चैट के screenshots
- ठग द्वारा भेजा गया लिंक, ऐप का नाम या फ़र्ज़ी website का पता (खोलें नहीं, सिर्फ़ screenshot रखें)
- card या खाते की जानकारी (आख़िरी चार अंक तक ही दूसरों को बताएँ, पूरा नंबर या PIN कभी नहीं)
- बैंक को दी गई शिकायत की रसीद, reference या ticket नंबर
- cybercrime.gov.in या 1930 से मिला acknowledgement नंबर
National Cyber Crime Reporting Portal official
भारत सरकार (गृह मंत्रालय) की साइबर अपराध रिपोर्ट करने की साइट।
- यहाँ क्या कर सकते हैं: financial fraud और दूसरे cyber crime की शिकायत, शिकायत की स्थिति देखना, और suspect के नंबर, ईमेल या खाते जैसी पहचान की जानकारी साझा करना।
- पहले से तैयार रखें: मोबाइल नंबर, बैंक या wallet का नाम, खाता या UPI ID, transaction ID और तारीख, screenshots। पोर्टल की निर्देश-शीट के अनुसार, शिकायत मिलने पर नामित पुलिस अधिकारी जाँच के बाद संबंधित बैंक या wallet को पैसा रोकने के लिए सूचित करता है।
बैंक को क्या करना होता है, और आपकी ज़िम्मेदारी कितनी
RBI के 6 जुलाई 2017 के सर्कुलर ‘Customer Protection – Limiting Liability of Customers in Unauthorised Electronic Banking Transactions’ में ये मुख्य बातें हैं:
- शून्य ज़िम्मेदारी: अगर गड़बड़ी बैंक की तरफ़ से हो (चाहे आपने रिपोर्ट की हो या नहीं), या गड़बड़ी न बैंक की हो न आपकी बल्कि सिस्टम में कहीं और हो और आप तीन working days में बैंक को बता दें।
- सीमित ज़िम्मेदारी: अगर गड़बड़ी सिस्टम में कहीं और हो पर आपने 4 से 7 working days में बताया, तो आपकी ज़िम्मेदारी लेन-देन की राशि या तय सीमा में से जो कम हो, उतनी तक रहती है। सीमा खाते के प्रकार के अनुसार 5,000, 10,000 या 25,000 रुपये है (BSBD खाते के लिए 5,000; आम बचत खाते, prepaid instruments आदि के लिए 10,000; कुछ अन्य खातों के लिए 25,000)।
- 7 working days के बाद: ज़िम्मेदारी बैंक की board-approved policy से तय होती है।
- अपनी लापरवाही का मामला: अगर credentials किसी को दे दिए गए (जैसे OTP या PIN बता दिया), तो रिपोर्ट करने तक का नुकसान ग्राहक पर रहता है। इसके बाद का नुकसान बैंक का रहता है। इसी वजह से तुरंत रिपोर्ट करना सबसे ज़्यादा मायने रखता है, चाहे आपको लगे कि गलती आपकी थी।
- 10 working days: सूचना मिलने पर बैंक को disputed राशि 10 working days के भीतर आपके खाते में shadow reversal के रूप में जमा करनी होती है, बीमा दावे के निपटारे का इंतज़ार किए बिना।
- 90 दिन: शिकायत का निपटारा और ग्राहक की ज़िम्मेदारी तय करने का काम बैंक की policy के अनुसार होना चाहिए, पर शिकायत मिलने से 90 दिन से ज़्यादा नहीं।
- SMS alerts: बैंक ग्राहकों से electronic transactions के लिए SMS alerts (और संभव हो तो email) के लिए रजिस्टर कराने को कहते हैं।
ऊपर की सारी बातें RBI के इस सर्कुलर (RBI/2017-18/15) के पाठ से ली गई हैं। पूरा पाठ RBI के पेज पर पढ़ा जा सकता है। rbi.org.in
कई समाचार स्रोतों के अनुसार RBI ने 24 जून 2026 को इस ढाँचे में संशोधन के निर्देश जारी किए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे (जैसे 5 calendar days में रिपोर्ट करने की शर्त और कुछ मामलों में 25,000 रुपये तक की भरपाई)। हम इन्हें RBI की साइट पर खोलकर verify नहीं कर पाए, इसलिए इन आँकड़ों पर भरोसा करने से पहले RBI की website पर संशोधित निर्देश देख लें। आज की तारीख में ऊपर लिखा 2017 का ढाँचा ही आधार माना जाता है।
UPI धोखाधड़ी में पहले कदम
NPCI के UPI dispute redressal पेज के अनुसार UPI से जुड़ी हर शिकायत सबसे पहले उस UPI ऐप (TPAP/PSP ऐप) में उस transaction को चुनकर उठानी चाहिए। उसके बाद की सीढ़ी का क्रम NPCI ने PSP बैंक, फिर आपका खाते वाला बैंक, फिर NPCI बताया है, और आख़िर में Ombudsman। ऐप में complaint की स्थिति भी ऐप पर ही अपडेट होनी चाहिए। साथ ही 1930 और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट अलग से करना न भूलें, क्योंकि पैसा रोकने की प्रक्रिया वहीं से शुरू होती है। npci.org.in
बाद की शिकायत की सीढ़ी
बैंक या UPI ऐप की शिकायत टीम
ऊपर बताए अनुसार लिखित शिकायत और reference संख्या। अगर आपके card या खाते के बारे में सूचना दी है, तो बैंक की तरफ़ से पुष्टि और कार्रवाई की स्थिति पूछते रहें।
बैंक के अंदर ऊपर के स्तर पर
जवाब न मिले या मना कर दिया जाए, तो बैंक की website पर दिए grievance officer या nodal officer को लिखें, और पुरानी शिकायत का संदर्भ जोड़ें। बैंक से पूछें कि आपका मामला RBI के 2017 के ढाँचे में किस श्रेणी का माना गया।
RBI Ombudsman: cms.rbi.org.in
RBI के Integrated Ombudsman Scheme के FAQ के अनुसार पहले संबंधित bank से शिकायत करें और 30 दिन तक जवाब न मिले या जवाब से असंतुष्ट हों, तो उसके बाद 90 दिन के भीतर RBI में शिकायत हो सकती है। यह online (cms.rbi.org.in), email crpc@rbi.org.in या चंडीगढ़ के पते पर हो सकती है। toll-free 14448 है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं। rbi.org.in
आगे के रास्ते (सामान्य जानकारी)
जो नतीजा न मिले, उसके लिए consumer commission या अदालत जैसे कानूनी रास्ते होते हैं। कौन-सा रास्ता और कितनी राशि पर, यह आपके मामले पर निर्भर करता है। यह पेज किसी रास्ते की सलाह नहीं देता।
क्या न करें
सबसे बड़ा जोखिम ठगी के बाद की दूसरी ठगी है। नीचे दी बातें आम सावधानी की सूची हैं।
- “recovery agent” को पैसा न दें। जो भी फ़ीस लेकर पैसा वापस दिलाने का वादा करे, वह अक्सर दूसरी ठगी होती है। असली प्रक्रिया 1930, cybercrime.gov.in, बैंक और पुलिस से होकर जाती है।
- OTP, PIN, CVV, पासवर्ड किसी को न बताएँ। बैंक या पुलिस के नाम से कॉल करने वाला असली व्यक्ति भी आम तौर पर यह नहीं माँगता।
- अनजान ऐप install न करें और screen share न करें, चाहे वे “refund” का वादा करें।
- इंटरनेट पर नंबर खोजकर फ़ोन न करें। फ़र्ज़ी customer care नंबर ठगों के आम तरीकों में से हैं। बैंक के card के पीछे या official ऐप-website में दिया नंबर इस्तेमाल करें।
- सबूत delete न करें, और खुद को दोष देकर रिपोर्ट करने में देरी न करें।
अगर ठगी किसी कॉल, SMS या WhatsApp संदेश से शुरू हुई, तो Sanchar Saathi पोर्टल का ‘Chakshu’ विकल्प संदिग्ध ठगी वाले संचार की रिपोर्ट के लिए है, जो आप 1930 वाली शिकायत के अलावा भी कर सकते हैं। sancharsaathi.gov.in
टाइमलाइन: कहाँ, क्या लगाएँ, कितना इंतज़ार
| कहाँ जाएँ | साथ में क्या लगाएँ | आम तौर पर इंतज़ार |
|---|---|---|
| 1930 और cybercrime.gov.in | मोबाइल नंबर, खाता या UPI ID, transaction ID, तारीख, screenshots | जितना जल्दी हो उतना बेहतर; कोई तय निपटान अवधि हम verify नहीं कर पाए |
| बैंक या UPI ऐप | transaction ID, statement, 1930 का acknowledgement | RBI 2017 ढाँचे में: shadow reversal 10 working days, निपटारा अधिकतम 90 दिन |
| RBI Ombudsman | बैंक से पहले की शिकायत और जवाब की कॉपी | बैंक से 30 दिन इंतज़ार, फिर 90 दिन के भीतर शिकायत |
क्या लिखें
बैंक को लिखित शिकायत में तारीख, राशि और माँग साफ़ लिखें। नीचे सिर्फ़ समझाने के लिए बनाया गया उदाहरण है; नाम, संख्या और राशियाँ काल्पनिक हैं।
विषय: Unauthorised UPI transaction की सूचना और तुरंत कार्रवाई का अनुरोध। महोदय/महोदया, 14 सितंबर को दोपहर लगभग 2:30 बजे मेरे बचत खाते (आख़िरी चार अंक 1234) से 18,000 रुपये एक अनजान UPI ID पर भेजे गए, जो मैंने नहीं भेजे (transaction ID XXXXXXXX, statement और screenshots संलग्न हैं)। मैंने उसी दिन 1930 पर रिपोर्ट की है (acknowledgement संख्या 000000) और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज की है। कृपया मेरा UPI और card तुरंत रोकें, संबंधित खाते पर रोक के लिए कार्रवाई करें, और RBI के नियमों के अनुसार मामले की स्थिति तथा लागू ज़िम्मेदारी लिखित में बताएँ। — नाम, खाता संख्या, मोबाइल।
बाद के फॉलो-अप
- शिकायत की संख्याएँ एक जगह लिखकर रखें और हर कुछ दिन में स्थिति पूछें।
- खाते की जाँच करें: नए खाते, लोन, linked ऐप या बदले हुए mobile या email तो नहीं।
- खाते और मेल के पासवर्ड बदलें और 2-step verification चालू करें।
- ज़रूरत लगे तो दोस्त या परिवार से भावनात्मक सहारा लें। इतना झटका लगना स्वाभाविक है, और आप अकेले नहीं हैं।
पहला घंटा रिपोर्ट के लिए सबसे अहम है: 1930, cybercrime.gov.in और बैंक या UPI ऐप। देर से पता चला हो तब भी रिपोर्ट करें, क्योंकि अभी भी रास्ते खुले होते हैं। नियम और नंबर बदल सकते हैं, इसलिए official साइटों पर पुष्टि कर लें। यह पेज कानूनी सलाह नहीं है।