नई कार का सपना बहुत लोगों के लिए लोन से ही पूरा होता है। पर शोरूम में बताई गई कीमत और आपकी जेब से जाने वाली कुल रकम में बड़ा अंतर होता है। यहाँ कुल लागत समझने का एक सरल तरीका है।
ऑन-रोड कीमत में क्या जुड़ता है
- एक्स-शोरूम कीमत
- रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन (राज्य के अनुसार अलग)
- बीमा (पहले साल का)
- एक्सेसरीज़, एक्सटेंडेड वारंटी, फास्टैग आदि
लोन देने वाले अक्सर ऑन-रोड कीमत के एक हिस्से तक लोन देते हैं। बीमा, एक्सेसरीज़ आदि को लोन में जोड़ने पर ब्याज भी उन पर लगता है।
एक काल्पनिक उदाहरण
मान लें ₹8 लाख का लोन 9% सालाना पर 5 साल (60 महीने) के लिए लिया:
- मासिक EMI लगभग ₹16,607
- कुल भुगतान लगभग ₹9.96 लाख, यानी ब्याज लगभग ₹1.96 लाख
- प्रोसेसिंग शुल्क (मान लीजिए 1% + GST) अलग से
अगर यही लोन 3 साल के लिए लेते, तो EMI बढ़ती पर कुल ब्याज काफ़ी घटता। अवधि कम = EMI ज़्यादा, पर ब्याज कम।
20/4/10 का मोटा नियम
बहुत से वित्तीय योजनाकार यह नियम बताते हैं (हालाँकि यह कड़ा क़ानून नहीं, बस दिशा है): कम-से-कम 20% डाउन पेमेंट, लोन अधिकतम 4 साल और कार का कुल मासिक खर्च (EMI, ईंधन, बीमा, रखरखाव) आय का लगभग 10%। हर किसी की स्थिति में यह फ़िट न हो, पर यह सोचने का ढांचा देता है।
लोन से जुड़े शुल्क और शर्तें
- प्रोसेसिंग शुल्क: लोन राशि का कुछ प्रतिशत, ऊपर से GST।
- फोरक्लोज़र/प्रीपेमेंट: शर्त लेंडर के अनुसार; करार में पढ़ें।
- ब्याज दर: फ्लैट बनाम घटते शेष पर; घटते शेष पर दर की तुलना करें। "फ्लैट रेट" दिखने में कम पर असल में काफ़ी महँगी होती है।
- बीमा/ऐड-ऑन: ज़रूरत न हो तो न जोड़ें।
पूरा होने के बाद
लोन चुकता होने पर लेंडर से NOC लें और RC से हाइपोथेकेशन हटवाने की प्रक्रिया पूरी करें, वरना बाद में कार बेचने में अड़चन आती है।
बचत के तरीके
- कम-से-कम 3 जगह से दरें और शर्तें तुलना करें।
- डाउन पेमेंट बढ़ाएँ, ताकि लोन और ब्याज घटे।
- याद रखें कि कार समय के साथ मूल्य खोती है, इसलिए बड़ी कार के लिए ज़रूरत से ज़्यादा उधार न लें।
अपने आँकड़े डालकर EMI कैलकुलेटर से कुल ब्याज देखें।
आधिकारिक स्रोत
यह लेख केवल शैक्षणिक जानकारी के लिए है, वित्तीय, कर या कानूनी सलाह नहीं। नियम और दरें बदल सकती हैं; निर्णय से पहले आधिकारिक स्रोत देखें। अंतिम समीक्षा: अक्टूबर 2026।
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