दिन 19: अपने 'wants' की एक सीमा सोचिए
सीमा तय होने से मन में अपराध-बोध के बिना खर्च किया जा सकता है।
Reviewed by ASHA PaisaGyan Editorial Team
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Last Updated: 31 Oct 2026
Key Takeaways
- कभी-कभी की खुशियों के लिए भी कुछ हिस्सा रखना ठीक रहता है।
आज का छोटा काम
पिछले हफ़्तों की खर्च सूची देखिए और इच्छाओं (बाहर खाना, घूमना, शॉपिंग) पर महीने में कितना जाता है, उसे जोड़िए। फिर सोचिए कि क्या उसकी एक सीमा तय करना आपको ठीक लगेगा। यहाँ कोई सही या गलत जवाब नहीं है।
यह क्यों
सीमा तय होने से मन में अपराध-बोध के बिना खर्च किया जा सकता है।
सुझाव
कभी-कभी की खुशियों के लिए भी कुछ हिस्सा रखना ठीक रहता है।
काम के पेज
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